Bhadra Rajyog 2026: खुद की राशि मिथुन में गोचर कर रहे बुध ग्रह ने बनाया भद्र राजयोग, 5 राशियों के जातकों को मिलेगा इस गोचर का फायदा

Bhadra Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में भद्र राजयोग को पंचमहापुरुष योगों में से एक बेहद शुभ और शक्तिशाली योग माना गया है। यह योग मुख्य रूप से बुद्धि, व्यापार और संचार के कारक ग्रह बुध से संबंधित है। जब कुंडली में बुध ग्रह स्वयं की राशि मिथुन या अपनी उच्च राशि कन्या में स्थित होकर कुंडली के केंद्र भावों पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में बैठा हो, तब ‘भद्र राजयोग’ का निर्माण होता है। कुंडली के अलावा, यह योग गोचर ग्रहों की स्थिति में भी बनता है।

जब भी बुध ग्रह गोचर करते हुए मिथुन या कन्या राशि में प्रवेश करता है और वह समय किसी लग्न राशि के केंद्र भाव में आता है, तब ब्रह्मांड में भद्र राजयोग का निर्माण होता है। इस दौरान देश-दुनिया और विशेषकर संबंधित राशियों पर इसका शुभ प्रभाव देखने को मिलता है। इस साल 7 जुलाई को बुध ग्रह ने स्वराशि मिथुन में प्रवेश किया है, जहां वे 5 अगस्त 2026 रहने वाले हैं।

5 राशियों को होगा इस राजयोग का लाभ

वृषभ राशि : यह गोचर आपकी राशि के द्वितीय यानी धन और वाणी के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आपको उत्तम भोजन, आभूषण व भौतिक सुख-साधनों का पूरा आनंद मिलेगा। अपनी संचार शैली से आप लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे।

सिंह राशि : आपकी राशि के एकादश यानी लाभ भाव में यह गोचर होने जा रहा है। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए अत्यंत श्रेष्ठ रहने वाला है। व्यापार में बड़े मुनाफे के योग बन रहे हैं और नौकरीपेशा जातकों को मनचाही सफलता हासिल होगी। आपको मित्रों और भाइयों का भरपूर सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि : यह गोचर आपकी राशि के अष्टम भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अष्टम भाव का यह गोचर आपके लिए कई सुखद आश्चर्य लेकर आ सकता है। आपको पैतृक संपत्ति या किसी गुप्त मार्ग से अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा।

मकर राशि : आपकी राशि के छठे यानी शत्रु व रोग भाव में यह गोचर होने जा रहा है। यदि आप लेखन, कला, साहित्य या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो यह समय आपको बड़ी ख्याति दिलाएगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। इसके अलावा, इस अवधि में आपको किसी कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।

मीन राशि : यह गोचर आपकी राशि के चतुर्थ यानी सुख और माता के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में खुशहाली और शांति का वातावरण रहेगा। आपको माता जी का पूरा स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे।

Mahalaxmi Rajyog: कर्क राशि में सूर्य-गुरु बनाएंगे नवपंचम और महालक्ष्मी राजयोग, 3 राशि वालों की लगेगी लॉटरी

Guru Pushya Yoga: गुरु ने किया पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, सेहत, पैसा और करियर को लेकर सावधान रहें ये 3 राशियां

Guru Pushya Yoga: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का अहम स्थान है। बृहस्पति को संतान, संपन्नता और सम्मान का कारक माना जाता है। इनकी शुभ स्थिति का विचार सभी मांगलिक कार्यों के लिए किया जाता है। यह ग्रह इस समय कर्क राशि में गोचर कर रहा है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। कर्क राशि में गुरु का गोचर 12 सालों के बाद हुआ है और इस राशि में गुरु उच्च के होते हैं, यानी वह काफी शक्तिशाली होते हैं। वहीं, पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। शनि को ज्योतिष शास्त्र में न्यायप्रिय ग्रह और कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है।

गुरु के पुष्य नक्षत्र में प्रवेश को ज्योतिष शास्त्र में बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि इसे नक्षत्रों का राजा माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति ने आज, 18 जून को पुष्य नक्षत्र में प्रवेश किया है और 18 अगस्त तक यहीं रहेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति का यह गोचर तीन राशियों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है। इन राशियों को इस अवधि में पैसा, करियर और सेहत के मामले में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

इन 3 राशियों के लिए अच्छा नहीं गोचर

सिंह राशि : गुरु आपकी राशि से 12वें घर में जा रहे हैं। इसके प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है। हालांकि, यह पैसा किसी अच्छे या धार्मिक काम में लग सकता है, फिर भी अपना बजट बनाकर चलना ठीक रहेगा। कहीं भी बड़ा निवेश करने से पहले दो बार सोचें।

कुंभ राशि : गुरु का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है। इस दौरान आपको अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखें। आपको पेट की दिक्कतें या वजन बढ़ने की समस्या परेशान कर सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में तो जीत मिलेगी, लेकिन पीठ पीछे दुश्मनों से सावधान रहें। फिलहाल किसी को बड़ा उधार देने की गलती न करें।

तुला राशि : आपके 10वें घर में गुरु का आना ऑफिस में आपकी जिम्मेदारियां और वर्कलोड दोनों बढ़ा देगा, जिससे थोड़ा मेंटल स्ट्रेस हो सकता है। बॉस या सीनियर्स से बात करते समय अपने ईगो को साइड में रखें, नहीं तो बेवजह की बहसबाजी में फंस सकते हैं।

गोचर के अशुभ असर से बचने के लिए उपाय

गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर के अशुभ प्रभावों को कम करने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए नियमित रूप से “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें। गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित करना भी अच्छा रहेगा। माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं। गुरुवार के दिन मंदिर में पीली वस्तुओं का करें दान।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Budh Shukra Yuti: जून में इस तारीख को कर्क राशि में होगा बुध का गोचर और शुक्र के साथ बनेगी युति, जिनें किन राशियों को होगा खुब फायदा