Aashadh Gupt Navratri 2026: जुलाई में इस दिन से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें सभी 10 महाविद्याओं के नाम और महत्व

Aashadh Gupt Navratri 2026: आषाढ़ का महिना चंद्र मास आधारित हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। इसी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूरे साल में आने वाली 4 नवरात्रि पर्व में से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस समय में शक्ति की उपासना बेहद फलदायी मानी जाती है। साल में चार बार आने वाली नवरात्रि में चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, लेकिन माघ और आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि भी धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को शाकंबरी नवरात्रि या शाकंबरी उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। यह नवरात्रि मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि को साधना, मंत्र जाप और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए जाना जाता है। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान देवी की 10 महाविद्याओं की पूजा की जाएगी और भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत एवं उपासना करेंगे।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि और मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 15 जुलाई 2026 को होगा। इसी दिन घट स्थापना की जाएगी। घट स्थापना का शुभ समय सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक रहेगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी।

10 महाविद्याओं के नाम

मां काली : शत्रुओं पर विजय और भय से मुक्ति के लिए मां काली की आराधना की जाती है।

मां तारा : आर्थिक उन्नति, मोक्ष और ज्ञान की प्राप्ति के लिए तारा देवी की पूजा फलदायी है।

मां त्रिपुर सुंदरी (ललिता): सुख-समृद्धि, सुंदरता और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन के लिए इनकी साधना की जाती है।

मां भुवनेश्वरी : संतान सुख और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भुवनेश्वरी देवी की कृपा अनिवार्य है।

मां छिन्नमस्ता : मानसिक शक्ति और सोची हुई कामनाओं की तत्काल पूर्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

मां त्रिपुर भैरवी : आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए भैरवी माता का पूजन करें।

मां धूमावती : संकटों के नाश और दुर्भाग्य को दूर करने के लिए धूमावती देवी की आराधना की जाती है।

मां बगलामुखी : अदालती मामलों, वाद-विवाद और विरोधियों को शांत करने के लिए इनकी पूजा अचूक मानी जाती है।

मां मातंगी : वैवाहिक जीवन की समस्याओं को सुलझाने और कला के क्षेत्र में सफलता के लिए इनकी साधना करें।

मां कमला : धन की देवी मां लक्ष्मी का ही रूप हैं। पूर्ण ऐश्वर्य और धन प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्रि का महत्व

चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि में सार्वजनिक उत्सव नहीं होते, बल्कि इसमें साधकों द्वारा तंत्र-मंत्र और गुप्त साधनाएं की जाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से मनोवांछित फल की प्राप्ति, शत्रुओं पर विजय और आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए उत्तम माना जाता है।

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EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स इस महीने के आखिर तक यूपीआई और एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। इससे पैसे निकालने के लिए मुश्किल प्रक्रिया से सब्सक्राइबर्स को छुटकारा मिल जाएगा। ईपीएफओ एक डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह बैंक सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा। यह भीम और दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा।

सब्सक्राइबर्स 75 फीसदी तक पैसे निकाल सकेंगे

ईपीएफओ की यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ में जमा 75 फीसदी तक पैसे निकाल सेकेंगे। अभी ईपीएफओ बुक्स में करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। लेकिन, एक्टिव कंट्रिब्यूशन वाले मेंबर्स की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। ईपीएफओ करीब 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है।

पैसे निकालने से पहले टैक्स के नियमों की समझ जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की सुविधा से सब्सक्राइबर्स को काफी आसानी हो जाएगी। लेकिन, उन्हें टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होगा। टैक्स के नियमों को समझे बगैर एटीएम या यूपीआई से ईपीएफ का पैसा निकालने पर सब्सक्राइबर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी 5 साल से कम तो विड्रॉल पर चुकाना होगा टैक्स 

टैक्स के नियम के मुताबिक, अगर किसी सब्सक्राइबर की नौकरी के लगातार 5 साल पूरे हो गए हैं तो पीएफ के पैसे निकालने पर उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। दिक्कत उन लोगों को होती है, जो नौकरी के 5 साल पूरे होने के पहले पीएफ से पैसे निकालते हैं।

एंप्लॉयी के टैक्स-स्लैब के हिसाब से चुकाना होगा टैक्स

अगर कोई सब्सक्राइबर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसे निकालता है तो पूरा अमाउंट इनकम माना जाता है। फिर इस पर एंप्लॉयी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसमें एंप्लॉयर का कंट्रिब्यूशन, एक्युमलेटेड इंटरेस्ट और एंप्लॉयी के हिस्से का कंट्रिब्यूशन होता है, जिस पर उसने सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया होता है। इसका मतलब है कि पहले मिला टैक्स बेनेफिट रिवर्स हो जाता है।

ज्यादा इनकम तो चुकाना होगा विड्रॉल पर ज्यादा टैक्स

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद पीएफ से पैसे निकालता है। विड्रॉल के समय ईपीएफओ 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट करेगा। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये डिडक्ट हो जाएंगे। यह तब होगा जब ईपीएफओ के पास एंप्लॉयी के पैन की डिटेल होगी। यह डिडक्शन फाइनल टैक्स नहीं है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन की डिटेल ईपीएफओ के पास नहीं होने पर टीडीएस का रेट 34.60 फीसदी लागू होता है।

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टीडीएस का पैसा कुल टैक्स लायबिलिटी में एडजस्ट होगा

जब एंप्लॉयी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो 5 लाख रुपये का पूरा अमाउंट उसकी सालाना इनकम में जुड़ जाती है। अगर एंप्लॉयी 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेच में आता है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर 1 लाख रुपये का टैक्स बनता है। चूंकि, 50,000 टीडीएस पहले काटा जा चुका है, जिससे आपको सिर्फ बाकी 50,000 रुपये टैक्स का पेमेंट करना होगा। अगर एंप्लॉयी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है तो कुल टैक्स 1.5 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयी को बाकी 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा।

Cocktail 2 box office collection day 1: शाहिद, कृति और रश्मिका की फिल्म ने की शानदार शुरुआत, 5 करोड़ का आंकड़ा किया पार

Cocktail 2 box office collection day 1: होमी अदजानिया की रोमांटिक ड्रामा ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है और मिली-जुली प्रतिक्रिया के बावजूद, इसने ज़बरदस्त शुरुआत की है। शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर इस फ़िल्म को इस साल बॉलीवुड में रोमांटिक फ़िल्मों के लिए एक बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।

महामारी के बाद से बॉक्स ऑफ़िस पर रोमांटिक फ़िल्मों की सफलता दर काफ़ी कम रही है, इसलिए ‘कॉकटेल 2’ जैसी फ़िल्मों से काफ़ी उम्मीदें हैं। अपने पहले ही दिन, ‘कॉकटेल 2’ की घरेलू नेट कमाई के मामले में अपनी पिछली फ़िल्म को पीछे छोड़ने और डबल-डिजिट का आंकड़ा पार करने के लिए तैयार है।

ट्रेड एक्सपर्ट्स के अनुसार, ‘कॉकटेल 2’ भारत भर में 3000 से ज़्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई, जो इस जॉनर की फ़िल्म के लिए एक बड़ी रिलीज़ है। शुक्रवार को, यानी थिएटर्स में इसके पहले दिन, शाम 5 बजे तक फ़िल्म ने भारत में ₹5.44 करोड़ (नेट) की कमाई कर ली है। एक रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म के लिए यह एक अच्छा आंकड़ा है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले 5-6 सालों में ऐसी फ़िल्मों के लिए माहौल अच्छा नहीं रहा है।

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ के पहले दिन के लिए एडवांस बुकिंग में 1.6 लाख से ज़्यादा टिकट बिके, जिससे ₹5.57 करोड़ (ग्रॉस) की अच्छी कमाई हुई। अगर इसमें ब्लॉक की गई सीटों (जो स्पॉट बुकिंग के दौरान बिकती हैं) को जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा ₹8 करोड़ से ज़्यादा हो जाता है।

इसका मतलब है कि स्पॉट बुकिंग जोड़ने के बाद, ‘कॉकटेल’ के ओपनिंग डे पर भारत में ₹10 करोड़ (नेट) का आंकड़ा पार करने की संभावना है। फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के एक हिस्से से मिले-जुले रिव्यूज़ के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर ‘वर्ड ऑफ़ माउथ’ (लोगों की राय) पर पड़ना तय है। हालांकि, अब तक दिन भर फ़िल्म की ऑक्यूपेंसी लगातार बढ़ रही है, और मेकर्स को उम्मीद है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा।

‘कॉकटेल 2’ की अच्छी शुरुआत का सबसे बड़ा कारण ‘कॉकटेल’ की अच्छी इमेज और शाहिद, रश्मिका और कृति जैसी स्टार पावर है। 2012 में रिलीज़ हुई ‘कॉकटेल’ को इम्तियाज़ अली ने लिखा था और होमी अदजानिया ने डायरेक्ट किया था। इसमें सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी ने काम किया था।

बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही इस फ़िल्म ने ₹10.47 करोड़ की ओपनिंग की थी, और उम्मीद है कि इसका सीक्वल इस आंकड़े को पार कर लेगा। हालाँकि, यह बात बिना महंगाई को ध्यान में रखे कही जा रही है। टिकट बिक्री और महंगाई को ध्यान में रखते हुए, ‘कॉकटेल 2’ को अपनी पिछली फ़िल्म से ज़्यादा कमाई करने के लिए लगभग ₹18-19 करोड़ कमाने होंगे, जिसकी संभावना कम है। 2012 की फ़िल्म ने दुनिया भर में ₹125 करोड़ की ग्रॉस कमाई की थी।

Ram Mandir: ‘प्रोफेशनल सिस्टम ही समाधान…’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से नकदी और अन्य वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगे हैं। इस मामले पर योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं मामले में निर्माण समिति के अध्यक्ष और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, मंदिर प्रबंधन का पूरा मैनेजमेंट स्ट्रक्चर, अनुभवी लोगों के हाथ में सौंप दिया जाए।

मंदिर की व्यवस्था को बदलने की मांग

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि अब मंदिर के संचालन में केवल वॉलंटियर्स पर आधारित व्यवस्था के बजाय प्रोफेशनल और व्यवस्थित प्रबंधन अपनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि राम मंदिर में दान को लेकर सामने आए कथित विवाद ने प्रशासन और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी कई अहम चिंताओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं बड़ी मात्रा में लोगों का दान और रोजमर्रा के कामकाज संभालती हैं, वे लंबे समय तक अनौपचारिक तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकतीं। ऐसी संस्थाओं में स्पष्ट जिम्मेदारियां, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही का साफ सिस्टम होना बेहद जरूरी है, ताकि कामकाज पारदर्शी और प्रभावी तरीके से चल सके।

की जाए मजबूत निगरानी व्यवस्था 

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर की पूरी प्रबंधन व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की जरूरत है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इस बारे में कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है, लेकिन अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी है। उनका मानना है कि मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी और प्रोफेशनल लोगों को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में गतिविधियां होती हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में जिम्मेदारियों का स्पष्ट और व्यवस्थित बंटवारा नहीं है। ऐसे में बेहतर प्रबंधन, स्पष्ट भूमिकाओं और मजबूत निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि सभी काम सुचारू और पारदर्शी तरीके से चल सकें।

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि फिलहाल मंदिर का प्रबंधन काफी हद तक वॉलंटियर्स के भरोसे चल रहा है। उन्होंने बताया कि वहां काम करने वाले लोगों को मौखिक रूप से उनकी जिम्मेदारियां समझा दी जाती हैं, लेकिन उनके लिए कोई लिखित आदेश, स्पष्ट जिम्मेदारियां बताई नहीं जाती। उन्होंने कहा कि मंदिर में विभिन्न कार्यों के लिए करीब 1,500 लोग काम कर रहे हैं। इतनी बड़ी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक औपचारिक प्रबंधन प्रणाली और मजबूत निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, हाल ही में सामने आया विवाद उनके लिए भी निराशाजनक है, क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ है जब मंदिर का निर्माण अपने अंतिम चरण में है। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं भक्तों के विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है और इससे लोगों को दुख पहुंचा है।

यह बयान राम मंदिर में दान के पैसों के हिसाब-किताब में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बीच आया है। मंदिर के एक कर्मचारी के घर से नकदी मिलने के बाद 7 करोड़ रुपये और उससे भी बड़ी रकम से जुड़े कई दावे सामने आए, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया और जांच की मांग तेज हो गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। यह टीम रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

कल का मौसम 20 जून: IMD ने 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली समेत इन राज्यों में आंधी तूफान- Weather update

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जून (शनिवार) के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है । मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है, तो कहीं धूलभरी आंधी और तेज तूफान लोगों को परेशान कर सकता है । इसके साथ ही, कुछ राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी (हीटवेव) का प्रकोप जारी रहेगा ।

इन राज्यों में होगी ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश

मौसम विभाग ने देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है:

असम और मेघालय तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन इलाकों के लिए मौसम विभाग ने बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है । यहां कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश आफत बन सकती है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल: इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा में आंधी-तूफान का अलर्ट

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा:

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड: दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी और बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall) चल सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट है।

राजस्थान में धूलभरी आंधी: राजस्थान के कुछ हिस्सों (खासकर पश्चिमी राजस्थान) में शनिवार को तेज आंधी के साथ-साथ धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के पहाड़ी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने (Hailstorm) की भी संभावना है।

झारखंड, बिहार और दक्षिण भारत का हाल

बिहार और झारखंड: झारखंड में शनिवार को 50-60 km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झंझावात (Thundersquall) आ सकता है । वहीं बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आंधी आ सकती है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी बिजली चमकने और 40-50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।

सावधान! कुछ इलाकों में अभी भी सताएगी ‘लू’

भले ही कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भट्टी की तरह तपेंगे । मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में शनिवार को भी लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में दोपहर के समय लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है ।

मछुआरों के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने समुद्र में चल रही तेज हवाओं के कारण मछुआरों को सलाह दी है कि वे शनिवार को अरब सागर (सोमालिया और ओमान तट के पास) और बंगाल की खाड़ी (मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर) की तरफ न जाएं।

Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

 

SEBI ने ओपन मार्केट बायबैक फिर से शुरू करने की इजाजत दी, 1 अगस्त से नए नियम लागू

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ओपन मार्केट शेयर बायबैक दोबारा शुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शेयर बायबैक के इस तरीके को अप्रैल 2025 में बंद कर दिया था। टैक्स के नियमों में बदलाव के बाद ऐसा किया गया था। 1 अगस्त से शेयर बायबैक का यह तरीका फिर से शुरू हो जाएगा।

ओपन मार्केट बायबैक एक अतिरिक्त विकल्प होगा

ओपन मार्केट बायबैक को 66 दिनों में पूरा करना होता है। बायबैक के लिए एलॉटेड कम से कम 40 फीसदी फंड का इस्तेमाल होना जरूरी है। सेबी ने कहा है कि स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ओपन मार्केट बायबैक पहले से मौजूद बायबैक फ्रेमवर्क के तहत एक अतिरिक्त विकल्प होगा।

टैक्स को लेकर अब बायबैक के तरीकों में फर्क नहीं रह गया है

रेगुलेटर ने यह भी कहा है कि बायबैक के अलग-अलग तरीकों के बीच टैक्स को लेकर फर्क अब खत्म हो गया है। टैक्स के संसोधित नियमों में इस फर्क को दूर कर दिया गया है। इससे उन कंपनियों को शेयर बायबैक का ऐलान करने में आसानी होगी, जिनके पास पर्याप्त कैश है। वे अपने शेयरहोल्डर्स को बायबैक ऑफर कर सकती हैं।

बायबैक के वैकल्पिक तरीके का दुरूपयोग नहीं होने देगा सेबी

रेगुलेटर यह सुनिश्चित करेगा कि बायबैक के वैकल्पिक तरीके का दुरूपयोग नहीं किया जाए। इसके लिए बायबैक पीरियड के दौरान ISIN लेवल पर प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग्स फ्रिज कर दी जाएगी। हालांकि, टेंडर ऑफर के जरिए बायबैक में प्रमोटर्स को पार्टिसिपेट करने की इजाजत होगी। सेबी ने यह भी फैसला किया है कि शेयर बायबैक करने वाली कंपनी को पब्लिक अनाउंसमेंट के एक वर्किंग दिन के अंदर शेयरहोल्डर्स को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नोटिफाय करना होगा।

बायबैक के लिए अलग ट्रेडिंग विंडों की भी नहीं पड़ेगी जरूरत

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए होने वाले शेयर बायबैक के लिए अलग से ट्रेडिंग विंडो की जरूरत खत्म करने का भी फैसला किया है। पहले टैक्स के मामले में फर्क होने की वजह से अलग विंडो की शुरुआत की गई थी। सेबी का मानना है कि अब इसकी जरूरत नहीं रह गई है। अब बायबैक के ट्रांजेक्शंस स्टॉक एक्सचेंजों के रेगुलर ट्रेडिंग मैकेनिज्म के तहत पूरे होंगे।

मर्चेंट बैंकर्स की अनिवार्य नियुक्ति की जरूरत भी खत्म

रेगुलेटर ने बायबैक ट्रांजेक्शंस के लिए मर्चेंट बैंकर्स की अनिवार्य नियुक्ति की जरूरत भी खत्म कर दी है। अब प्रोसिजर से संबंधित कई जिम्मेदारियां लिस्टेड कंपनियों, स्टॉक एक्सचेंजों, कंप्लायंस ऑफिसर्स और सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स पर डाल दी गई है।

Janhvi Kapoor And Khushi Kapoor: जाह्नवी कपूर-खुशी कपूर ने मिनिमलिज़्म छोड़कर हेरिटेज स्टाइल में ढाया कहर, आप भी ले सकते हैं टिप्स

Janhvi Kapoor And Khushi Kapoor: जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन स्टाइल आइकॉन में से एक हैं। कपूर बहनों ने साड़ी पहनने के दो अलग-अलग लेकिन बेहद खूबसूरत अंदाज़ दिखाए—एक स्लीक और मॉडर्न, तो दूसरा पूरी तरह से पारंपरिक।

विरासत और आधुनिक फेमिनिज्म की इस रॉ में जाह्नवी कपूर और उनकी बहन खुशी कपूर ने इंडियन कल्चर का बेहतरीन एग्जाम्पल पेश किया। दोनों ने साड़ी को अपने-अपने खास, लेकिन अटरेक्टिव अंदाज में कैरी किया।

जाह्नवी कपूर ने मारवाड़ कॉउचर की चमकदार शैंपेन-गोल्ड सैटिन साड़ी पहनकर मॉडर्न मिनिमलिज़्म को अपनाया। बारीक कढ़ाई वाले बॉर्डर वाली इस लिक्विड-मेटल ड्रेप, जो बारीक मेटैलिक कढ़ाई वाले स्ट्रक्चर्ड काले वेलवेट ब्लाउज़ के साथ बहुत खूबसूरत लग रहा था।

मेगन कॉन्सेसियो और शुभ्रा शर्मा की स्टाइलिंग में, इस लुक को ‘चौलाज़ हेरिटेज ज्वेलरी’ के शानदार एंटीक पोल्की चोकर और कई चूड़ियों (स्टैक्ड बैंगल्स) ने और भी खास बना दिया। उनके स्लीक बन और सिंपल मेकअप ने पूरे लुक के और खास बनाया।

इसके उलट, खुशी कपूर ने निधि तांबी केजरीवाल की लाल रंग की लहंगा-साड़ी पहनकर क्लासिक और शानदार लुक अपनाया। शानदार ज़रदोज़ी के काम के साथ चमकीले मिंट-ग्रीन और फ़िरोज़ी रंग का ब्लाउज़ बहुत अच्छा लग रहा था। इस ब्लाउज़ में सजी-धजी कैप स्लीव्स और पीछे की तरफ़ गहरा स्कूप नेक डिज़ाइन था।

मोहित राय और शुभी कुमार की स्टाइलिंग में, उनके लुक में चार-चांद लगाने के लिए PC टोटुका एंड संस की पन्ना और हीरे की ज्वेलरी, मीरा महादेवा का शानदार पोटली क्लच और उनके जूड़े में लगे ताज़े चमेली के गजरे का रोमांटिक टच शामिल था।

दोनों बहनों ने मिलकर भारतीय एथनिक कपड़ों में जलवा दिखाया। जाह्नवी ने इसे मॉर्डन सिंपलसिटी और आकर्षक मिनिमलिज़्म के साथ नए अंदाज़ में पेश किया, जबकि खुशी ने शानदार भव्यता के साथ इसकी शाही विरासत का सम्मान किया। उनके अलग-अलग लेकिन एक-दूसरे से मेल खाते अंदाज़, कारीगरी, अनुपात और अपनी पसंद को ज़ाहिर करने की उनकी समझ को दिखाते हैं। ऐसी इंडस्ट्री में जहां अक्सर दिखावे की मांग होती है, कपूर बहनें यह साबित करती हैं कि असली स्टाइल सोच-समझकर चीज़ें चुनने और आत्मविश्वास में है।

194 साल से जिंदा है जोनाथन, एफिल टॉवर से भी ज्यादा पुराना…वैज्ञानिकों के लिए बना रहस्य!

दुनिया में कुछ जानवर इंसानों की तुलना में बहुत लंबा जीवन जीते हैं, लेकिन एक कछुआ ऐसा है जो लगभग दो सदियों से जीवित है। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, सेंट हेलेना द्वीप पर रहने वाला सेशेल्स जायंट कछुआ जोनाथन दुनिया का सबसे उम्रदराज़ ज्ञात स्थलीय जानवर और अब तक का सबसे बुजुर्ग कछुआ माना जाता है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल है। माना जाता है कि उसका जन्म वर्ष 1832 के आसपास हुआ था। वह ब्रिटेन के विक्टोरियन युग, लंदन के प्रसिद्ध टॉवर ब्रिज और पेरिस के एफिल टॉवर से भी ज्यादा पुराना है।

जोनाथन की उम्र है 194 साल

सेशेल्स जायंट कछुए की इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम एल्डाब्राचेलिस गिगेंटिया होलोलिसा है। वर्तमान में जोनाथन दक्षिण अटलांटिक महासागर के सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है।इतनी अधिक उम्र होने के बावजूद जोनाथन की सेहत काफी अच्छी बताई जाती है। स्थानीय पशु चिकित्सकों के अनुसार वह आज भी स्वस्थ है और अच्छी तरह खाना खाता है। हालांकि, बढ़ती उम्र के कारण उसकी सूंघने की क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल

वैज्ञानिक जोनाथन के डीएनए पर भी शोध कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उसकी कोशिकाओं में इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं होते। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, इस अध्ययन से उम्र बढ़ने और लंबे जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण रहस्यों को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सेंट हेलेना के लोग उसे प्यार से “जोनो” कहकर बुलाते हैं। वह गवर्नर के आवास के बगीचे में रहने वाले तीन अन्य कछुओं के साथ शांतिपूर्ण जीवन बिताता है। जोनो को हरी घास खाना और धूप में आराम करना बेहद पसंद है। जोनाथन अपने जन्मदिन के खास जश्न के लिए भी मशहूर है। हर साल उसका जन्मदिन वीगन केक के साथ मनाया जाता है, जिसे वह बड़े चाव से खाता है।

Barun Sobti: ‘वह अजीब तरह से बात कर रहे हैं…’, फराह खान के व्लॉग में बरुन सोबती को देखकर फैंस हुए परेशान

Barun Sobti: फराह खान का कुकिंग व्लॉग एक बार फिर से चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह सिर्फ़ खाना नहीं है। फ़िल्ममेकर ने हाल ही में अपने YouTube चैनल पर एक्टर बरुण सोबती को बुलाया, जिन्हें टीवी फ़ैंस ‘इस प्यार को क्या नाम दूं?’ के अर्नव सिंह रायजादा के तौर पर जानते और पसंद करते हैं। जहां कई फ़ैंस एपिसोड में अपने “चाइल्डहुड क्रश” को देखकर बहुत खुश थे, वहीं कुछ दर्शकों ने व्लॉग के दौरान एक्टर के बर्ताव को लेकर भी तरह-तरह की बातें शुरू कर दीं।

बरुण, जिन्होंने सालों में टेलीविज़न और OTT पर अपनी ज़बरदस्त फ़ैन-फ़ॉलोइंग बनाई है, फ़राह के कुकिंग चैनल पर अपनी पत्नी पश्मीन मनचंदा के साथ नज़र आए। वीडियो के आते ही फ़ैंस कमेंट सेक्शन में उमड़ पड़े। कई लोगों ने एक्टर को इतने नॉर्मल माहौल में देखकर पुरानी यादें ताज़ा कीं और उत्साह ज़ाहिर किया।

बरुण की मौजूदगी की वजह से इस एपिसोड ने तुरंत सबका ध्यान खींच लिया। कई फ़ैन्स ने माना कि थंबनेल में उन्हें देखते ही उन्होंने वीडियो पर क्लिक कर दिया। एक यूज़र ने कमेंट किया, “किसी वीडियो पर इतनी जल्दी कभी क्लिक नहीं किया! फ़राह मैम, हमारे बचपन के क्रश को अपने चैनल पर लाने के लिए आपका शुक्रिया!”

हालांकि, अच्छे कमेंट्स के साथ-साथ कुछ दर्शकों ने यह भी कहा कि वरुण व्लॉग में कुछ अलग लग रहे थे। कुछ यूज़र्स ने एपिसोड के दौरान उनकी एनर्जी और बातचीत के तरीके पर सवाल उठाए। एक ने लिखा, “चाहे उन्हें कुछ भी हुआ हो, हमें व्लॉग बहुत पसंद आया।”

एक और दर्शक ने पूछा, “क्या उन्होंने वीड लिया है?” वहीं एक कमेंट में लिखा था, “फराह खान के शो पर पहली बार किसी गेस्ट की एनर्जी इतनी अजीब लगी। एक तीसरे यूज़र ने लिखा, “उनके साथ कुछ तो गड़बड़ है। वे अजीब तरह से बात कर रहे हैं।” इन कमेंट्स के बाद एपिसोड को लेकर और भी चर्चा होने लगी। कुछ दर्शक इस बात पर बहस करने लगे कि क्या वरुण कैमरे पर बस रिलैक्स्ड और कैज़ुअल थे या फिर उनका व्यवहार वाकई अजीब लग रहा था।

वीडियो में बरुण की पत्नी पश्मीन मनचंदा भी दिखीं और कुछ दर्शकों को लगा कि वह व्लॉग के दौरान स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही थीं। एक यूज़र ने लिखा, “पत्नी के लिए बहुत बुरा लगा, यकीन नहीं होता कि उन्होंने व्लॉग कैसे बनाया। एक और यूज़र ने कमेंट किया, “मुझे उनकी पत्नी अच्छी लगीं कि वह स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही थीं।”

इन अटकलों के बावजूद, कई फ़ैन्स ने बरुण का बचाव किया और इस एपिसोड की तारीफ़ की क्योंकि इसमें उन्हें एक्टर की ज़िंदगी की एक निजी और बिना बनावट वाली झलक देखने को मिली। कई लोगों के लिए, फ़राह के चैनल पर उनका दिखना ही उनके टीवी के दिनों और दर्शकों के बीच उनके ज़बरदस्त क्रेज़ की यादें ताज़ा करने के लिए काफ़ी था।

बरुण सोबती भारतीय टेलीविज़न के सबसे पसंदीदा एक्टर्स में से एक बने हुए हैं। उन्होंने 2009 में ‘श्रद्धा’ शो से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की और बाद में ‘दिल मिल गए’ और ‘बात हमारी पक्की है’ में नज़र आए। हालांकि, 2011 में उनका करियर तब पूरी तरह बदल गया जब उन्होंने ‘इस प्यार को क्या नाम दूं?’ में सनाया ईरानी के साथ अर्णव सिंह रायज़ादा का रोल निभाया।

यह रोमांटिक ड्रामा बहुत सफल रहा और बरुण घर-घर में पहचाने जाने लगे। सनाया ईरानी के साथ उनकी जोड़ी को न सिर्फ़ भारत में बल्कि विदेशों में भी दर्शकों का बहुत प्यार मिला। शो खत्म होने के कई साल बाद भी, बरुण की पहचान अर्णव के किरदार से जुड़ी हुई है, जो भारतीय टेलीविज़न के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक लीड किरदारों में से एक है।

टेलीविज़न पर सफलता पाने के बाद, बरुण ने फ़िल्मों और स्ट्रीमिंग प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। उन्होंने ‘मेन और मिस्टर राइट’ से फ़िल्मों में डेब्यू किया और बाद में ‘तू है मेरा संडे’ और ’22 यार्ड्स’ में नज़र आए। OTT पर, कई प्रोजेक्ट्स के ज़रिए उन्हें नई पहचान और तारीफ़ मिली, जिससे वे अपनी रोमांटिक टेलीविज़न वाली छवि से आगे बढ़ पाए। वे ‘तन्हाइयां’, ‘द ग्रेट इंडियन डिसफंक्शनल फ़ैमिली’, ‘असुर’, ‘द मिसिंग स्टोन’, ‘हलाहल’, ‘बदतमीज़ दिल’, ‘कोहरा’ और ‘रात जवान है’ जैसे शोज़ में नज़र आए।

‘असुर’ में निखिल नायर और ‘कोहरा’ में अमरपाल गरूंडी के तौर पर उनके काम को दर्शकों और क्रिटिक्स से बहुत तारीफ़ मिली। इन दोनों किरदारों ने स्ट्रीमिंग स्पेस में गहरे और कई परतों वाले रोल निभाने में सक्षम एक्टर के तौर पर बरुण की जगह पक्की कर दी। हालांकि फ़राह खान के व्लॉग में उनके हालिया अपीयरेंस पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं, लेकिन इसने फ़ैन्स को यह भी याद दिलाया है कि अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच उन्हें कितना प्यार मिलता है।

“मुझसे फोटो के लिए गिड़गिड़ाई थीं मेलोनी”… ट्रंप के दावे पर भड़कीं इटली की पीएम, कहा- ‘हम कभी भी भीख नहीं मांगते’

अभी कुछ ही दिन पहले फ्रांस के एवियान (Evian) में हुए G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) (15 से 17 जून) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं। लेकिन अब इस दोस्ती में बहुत बड़ा धमाका हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा कर दिया कि जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बकायदा “भीख मांगी थी” (Begged)। इस दावे के बाद मेलोनी काफी ज्यादा भड़क गई हैं और उन्होंने ट्रंप को करारा जवाब दिया है।

ट्रंप का विवादित दावा: “तरस खाकर खिंचवाई फोटो”

इटली के एक न्यूज चैनल ‘La7 TV’ को दिए फोन इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ही धुन में मेलोनी का मजाक उड़ाते हुए कहा, “वह शायद खुश होंगी कि मैंने उनसे बात की, जबकि मुझे उनसे बात करने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने मेरे साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए मुझसे भीख मांगी थी। वह मेरे साथ फोटो खिंचवाने के लिए इतनी बेताब थीं कि पूछिए मत। मैं तो फोटो नहीं खिंचवाता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया, इसलिए मैं मान गया।”

मेलोनी का पलटवार: “ईश्वर गवाह है, इटली कभी भीख नहीं मांगता!”

ट्रंप के इस बयान के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर ट्रंप के दावों की धज्जियां उड़ा दीं।

मेलोनी ने वीडियो में साफ-साफ कहा, “डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा है। मैं सच में उनके इस व्यवहार से हैरान हूं। मुझे नहीं पता कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ही सहयोगियों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों करते हैं; वैसे यह कोई पहली बार नहीं है।”

मेलोनी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने ट्रंप की दुखती रग पर हाथ रखते हुए आगे कहा, “बड़े दुख की बात है कि ट्रंप अपनी यह आक्रामकता और तेवर पश्चिमी देशों या अमेरिका के असली दुश्मनों के खिलाफ नहीं दिखाते, बल्कि उनके सामने तो वह बेहद नरम पड़ जाते हैं। खैर, उन्हें एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए: मैं और मेरा देश इटली, कभी किसी के आगे भीख नहीं मांगते।”

इटली में भारी गुस्सा: डिप्टी पीएम ने रद्द किया अमेरिका दौरा

ट्रंप की इस टिप्पणी से पूरे इटली के नेताओं में गुस्सा उबल पड़ा है। इसे पूरे देश का अपमान माना जा रहा है।

इटली के डिप्टी पीएम एंटोनियो तायानी ने गुस्से में अपना 21 और 22 जून का अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा, “ट्रंप के ये शब्द पूरे इटली का अपमान हैं, इसलिए मैं अमेरिका नहीं जा रहा।”

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने कहा, “मैं तो बंदूक की नोक पर भी मेलोनी को किसी से फोटो के लिए भीख मांगते नहीं देख सकता। मेलोनी ने इटली और यूरोप के भले के लिए ट्रंप की पुरानी कड़वी बातों को भुलाकर उनसे मुलाकात की थी, लेकिन ट्रंप ने फिर से अपनी खराब तहज़ीब (Lapse in style) दिखा दी।”

कभी पक्के दोस्त थे, अब क्यों आई इतनी कड़वाहट?

आपको बता दें कि जॉर्जिया मेलोनी कभी डोनाल्ड ट्रंप की बहुत बड़ी समर्थक हुआ करती थीं। यहां तक कि साल 2025 में जब ट्रंप ने दोबारा राष्ट्रपति पद की शपथ ली, तो मेलोनी उस समारोह में शामिल होने वाली अकेली यूरोपीय नेता थीं।

लेकिन फिर रिश्ते क्यों बिगड़े?

दरअसल ट्रंप ने ईसाई धर्मगुरु पोप लियो (Pope Leo) पर कुछ विवादित टिप्पणियां की थीं, जिससे मेलोनी नाराज हो गईं। इस साल शुरू हुए ईरान युद्ध को लेकर दोनों के विचार बिल्कुल अलग हो गए और मेलोनी ने ट्रंप से दूरी बना ली।

हालांकि, इस G7 समिट में दोनों ने पैच-अप (रिश्ते सुधारने) की कोशिश की थी, लेकिन ट्रंप के इस एक बयान ने दोनों देशों के बीच एक नया ‘विवाद’ खड़ा कर दिया है।

मोजतबा खामेनेई का बड़ा दावा, ईरान डील के लिए ‘बेताब’ ट्रंप ने हर तरह के हथकंडे अपनाए