Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट; IMD ने 60 kmph की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया

Delhi Weather Today: दिल्ली के लोगों को शनिवार, 20 जून को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, शहर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और खासकर दोपहर और शाम के समय बहुत हल्की या हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है।

शाम को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना

IMD ने 40-50 KMPH की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की गतिविधि का अनुमान लगाया है, और मौसम के खराब होने पर हवा की गति 60 KMPH तक पहुंच सकती है।

मौसम की ये स्थितियां उत्तर भारत में चल रही प्री-मानसून गतिविधि के कारण होने की उम्मीद है, जिसके चलते पिछले एक हफ्ते से दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर बारिश और धूल भरी आंधी चल रही है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान, खासकर दोपहर और शाम के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

तापमान 40°C से नीचे रहेगा

अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C के बीच रहने की संभावना है। यह अनुमान इस महीने की शुरुआत में पड़ी भीषण गर्मी की तुलना में तापमान में काफी गिरावट का संकेत देता है, जब शहर के कई हिस्सों में तापमान 44°C के पार चला गया था।

IMD के अनुसार, ठंडे मौसम से गर्मी की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वीकेंड के दौरान तापमान 40°C से नीचे ही रहेगा।

यह तब हुआ है जब शुक्रवार को दिल्ली में गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था। मौसम केंद्रों में, रिज (Ridge) में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद पालम और अयानगर में 39.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 0.5 डिग्री कम था, जबकि दिन भर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे।

सुहावना मौसम बना रहेगा

IMD के अनुमान के मुताबिक, 21 जून को भी मौसम का हाल ऐसा ही रह सकता है; राजधानी में हल्की बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, 22 जून से आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है, जबकि दिन का तापमान 36°C से 38°C के बीच रहने की संभावना है, जो दिल्ली के लिए मॉनसून-पूर्व के सुहावने मौसम का संकेत है।

बता दें कि यह स्थिति दिल्ली में प्री-मानसून के दौरान अपेक्षाकृत सुहावना और राहत भरा मौसम दर्शाती है।

दिल्ली का AQI

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 143 दर्ज किया गया। ध्यान दें कि

101 से 200 के बीच का AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है और इससे संवेदनशील लोगों-जैसे बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सांस लेने में थोड़ी परेशानी हो सकती है।

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Gold Price Today: सोना हुआ और सस्ता, मुंबई में ₹145850 पर आया 24 कैरेट; दिल्ली समेत दूसरे बड़े शहरों में ये है भाव

देश में सोने की कीमत और नीचे आई है। 20 जून की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,840 रुपये टूटकर 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुख्य रूप से डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। डॉलर सूचकांक एक साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,148.45 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 148030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली133840146000
मुंबई133690145850
अहमदाबाद133740145900
चेन्नई135690148030
कोलकाता133690145850
हैदराबाद133690145850
जयपुर133840146000
भोपाल133740145900
लखनऊ133840146000
चंडीगढ़133840146000

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणियों से संकेत मिला है कि अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो वर्ष 2026 में ब्याज दरों में एक बार बढ़ोतरी हो सकती है। यह सोने जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर है। जून की मीटिंग में फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर स्थिर रखा।

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चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 20 जून को कीमत घटकर 249900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.73 डॉलर प्रति औंस पर है।

HSSC CET Group D Recruitment 2026: हरियाणा में ग्रुप डी की भर्ती के लिए आज से करें अप्लाई, जानें आवेदन की लास्ट डेट

HSSC CET Group D Recruitment 2026: हरियाणा में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने ग्रुप डी पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत हरियाणा सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट के तहत ग्रुप डी पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन एक कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के जरिए किया जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन मोड से अप्लाई करने की तैयारी कर सकते हैं।

एचएसएससी सीईटी ग्रुप डी भर्ती 2026 पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी अपने आवेदन फॉर्म 03 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे) तक जमा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क भुगतान विंडो 06 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी। इसके बाद, उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म में बदलाव करने के लिए 07 जुलाई से 09 जुलाई 2026 तक एक करेक्शन विंडो भी मिलेगी। कमीशन ने कहा है कि पदवार और श्रेणीवार पदों का विभाजन सहित वैकेंसी की विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी। वर्तमान स्तर पर पदों की संख्या अभी तय नहीं है और इसे बाद में ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा।

चयन प्रक्रिया

ग्रुप डी पदों के लिए सीईअी के जरिए भर्ती की जा रही है। उम्मीदवारों को सीईटी में प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। चयन प्रक्रिया सीईटी स्कोर का 100% वेटेज होगा। ज्यादातर पदों के लिए अलग से कोई मेन एग्जाम नहीं बताया गया है। क्वेश्चन पेपर 10वीं कक्षा के स्तर पर आधारित होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और कैंडिडेट्स को अप्लाई करने से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन ?

उम्र सीमा : आवेदकों की उम्र पंजीकरण की आखिरी तारीख तक 18 से 42 साल के बीच होनी चाहिए। हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणी को उम्र में छूट दी जाएगी।

शैक्षिक योग्यता : कैंडिडेट्स को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन (10वीं क्लास) पास होना चाहिए। उन्होंने मैट्रिक लेवल पर हिंदी या संस्कृत एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ा हो। हालांकि, यह शर्त स्वीपर और चौकीदार जैसी कुछ पोस्ट पर लागू नहीं होती है।

एचएसएससी ग्रुप डी भर्ती 2026 कैसे करें आवेदन?

  • ऑफिशियल वन टाइम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाएं: onetimeregn.haryana.gov.in।
  • अगर आप नए यूजर हैं तो रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स ध्यान से भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर अपलोड करें।
  • फाइनल सबमिशन से पहले सभी डिटेल्स चेक करें।
  • ऑनलाइन मोड से एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • फॉर्म सबमिट करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए एक कॉपी डाउनलोड करें।

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Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: पानी पीने के ये नियम जानने के बाद ही करें निर्जला एकादशी व्रत करने का फैसला, जानें किन लोगों को है पानी पीने की छूट

Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी व्रत माना जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। जैसा कि नाम से ही समझ में आ रहा है कि इस व्रत को करने वाले भक्त बिना और जल के उपवास करते हैं। इसलिए यह व्रत पूरे साल आने वाली 24 एकादशियों में सबसे कठिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मात्र इस एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशी का पुण्य मिल जाता है। आइए जानें इस व्रत में पानी से जुड़ा यह अहम नियम और किसे होती है निर्जला एकादशी में पानी पीने की छूट?

निर्जला एकादशी में इसलिए नहीं पीते पानी

निर्जला एकादशी व्रत में अन्न, जल, फल, दूध आदि कुछ नहीं लेते हैं। प्रात:काल में व्रत प्रारंभ के समय आचमन करते हैं, व्रत और पूजा का संकल्प करके उपवास प्रारंभ करते हैं तो अगले दिन सूर्योदय तक जल नहीं ग्रहण करते हैं। तभी आपको सालभर के सभी 24 एकादशी व्रतों का पुण्य लाभ और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग पी सकते हैं पानी

निर्जला एकादशी के व्रत में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को छूट है। निर्जला एकादशी व्रत के समय आपको स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या है तो आप जल ग्रहण कर सकते हैं। आप बिना जल के व्रत नहीं रख सकते हैं तो फलाहार करके व्रत रहें और पूजा करें।

निर्जला एकादशी में इस तरह पीएं पानी

निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों के सामने कभी-कभी ऐसी स्थिति आ सकती है, जब बिना पानी के प्राणों पर संकट आ जाए या गला बिलकुल सूख जाए, तो इस स्थिति में क्या करें? पानी कैसे पिएं? इस मामले में धर्म विशेषज्ञों का मानना है कि निर्जला एकादशी के दिन भोर में आप उठकर स्नान आदि कर लें और विधि विधान से श्रीहरि की पूजा करें। सूर्यास्त हो जाए तो उसके 2 घंटे बाद जल पी लें। इससे आपको कम से कम 12 एकादशी व्रत का पुण्य मिल सकता है।

हालांकि कुछ जगहों पर यह बताया गया है कि निर्जला एकादशी के दिन प्राणों की संकट की स्थिति में आप पीतल या चांदी के बर्तन में गंगाजल और स्वच्छ जल भर दें। फिर अपने दोनों हाथों और घुटनों को जमीन पर टिकाकर पशु के समान जल पी सकते हैं। उससे पहले आपको ओम नमो नारायणाय मंत्रका जाप 21 बार करना होगा। इसमें दोष नहीं माना जाएगा। कुछ लोग निर्जला एकादशी को देर रात 12 बजे के बाद थोड़ा सा जल ग्रहण कर लेते हैं।

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सफर उनका साथ तुम्हारा, सीनियर सिटीजन के साथ घूमने की हेल्थ से होटल तक की चेकलिस्ट!

सीनियर सिटीजन (बुजुर्गों) के साथ ट्रेवलिंग करना एक खूबसूरत एक्सपीरियंस हो सकता है, लेकिन उनके आराम, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी और तैयारी की जरूरत होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर वापसी तक, आपको उनका स्पेशल ध्यान रखना होता है। सीनियर सिटीजन के साथ ट्रैवल करते समय इन 10 बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है:

1. आरामदायक और आसान ट्रैवल प्लान 

An Elderly Woman Enjoys Her Book While Waiting For A Flight In The Airport Termi by videophilia - Stock Video | Motion Array

उनके लिए हमेशा ऐसा प्लान बनाएं जिसमें ज्यादा भाग-दौड़ न हो। कोशिश करें कि हर दिन सिर्फ 1–2 जगह ही घूमी जाए। जगहों के बीच की दूरी कम रखें ताकि लंबा सफर न करना पड़े। अगर संभव हो तो सुबह देर से शुरू करें और शाम को जल्दी वापस आ जाएं ताकि उन्हें सही आराम मिल सके।

2. हेल्थ और मेडिकल तैयारी सबसे पहले

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सीनियर सिटीजन के साथ ट्रैवलिंग से पहले उनका पूरा मेडिकल चेकअप करवाना बहुत जरूरी है। डॉक्टर से यह भी सलाह लें कि वे किस तरह की ट्रिप कर सकते हैं और किन चीज़ों से बचना चाहिए। उनकी सभी दवाइयां ट्रिप की पूरी अवधि से ज्यादा मात्रा में साथ रखें ताकि किसी भी देरी या इमरजेंसी में दिक्कत न हो। साथ ही एक मेडिकल फाइल रखें जिसमें उनकी पुरानी बीमारियों, एलर्जी और डॉक्टर की सलाह लिखी हो।

3. सही मौसम और समय चुनना

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सीनियर सिटिजन के लिए मौसम बहुत बड़ा फैक्टर होता है। बहुत ज्यादा गर्मी, ठंड या बारिश में ट्रैवल करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। हल्के और सुखद मौसम जैसे विनेटर का शुरुआती समय या बसंत सबसे बेहतर माना जाता है। इससे थकान कम होती है और वे ट्रिप का आनंद अच्छे से ले पाते हैं।4. आरामदायक रहने की जगह

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होटल चुनते समय यह देखें कि वहां लिफ्ट, रैंप और आसान एंट्री हो। ग्राउंड फ्लोर या कम सीढ़ियों वाला कमरा लेना सबसे बेहतर होता है। बाथरूम साफ, सेफ और स्लिप-फ्री होना चाहिए। साथ ही हॉस्पिटल या मेडिकल स्टोर पास में होना भी जरूरी है।

5. चलने-फिरने में मदद

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अगर उन्हें चलने में थोड़ी भी परेशानी है तो व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक या सपोर्ट के लिए साथी जरूर रखें। बहुत लंबी दूरी पैदल न चलवाएं और बीच-बीच में बैठने व आराम करने की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। किसी भी जगह जल्दीबाजी बिल्कुल न करें।

6. सही खान-पान का ध्यान

Pay attention to how you eat

उनका खाना हल्का, ताज़ा और आसानी से डाइजेस्ट वाला होना चाहिए। ज्यादा तेल, मसाले या बाहर का अनहेल्दी खाना अवॉयड करें। समय पर भोजन देना भी बहुत जरूरी है क्योंकि देर से खाना उनकी सेहत पर असर डाल सकता है। हमेशा साफ पानी और हाइड्रेशन का ध्यान रखें।

7. दवाइयों और इमरजेंसी किट का इंतजाम

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एक छोटी ट्रैवल मेडिकल किट हमेशा साथ रखें जिसमें बुखार, दर्द, गैस, एलर्जी और फर्स्ट एड की दवाइयाँ हों। इसके अलावा ORS, बैंडेज और सैनिटाइज़र भी जरूर रखें। किसी भी इमरजेंसी के लिए नजदीकी हॉस्पिटल की लोकेशन पहले से सेव कर लें।

8. सेफ्टी और सिक्योरिटी का ध्यान रखें

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भीड़ वाली जगहों पर उन्हें अकेला बिल्कुल न छोड़ें। उनके पास हमेशा कोई न कोई परिवार का सदस्य रहे। उनके मोबाइल में जरूरी नंबर सेव हों और फोन हमेशा चार्ज रहे। उनके डॉक्यूमेंट्स और पैसे सुरक्षित जगह पर रखें ताकि कोई परेशानी न हो।

9. ट्रैवल टाइमिंग 

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बहुत सुबह या देर रात की ट्रैवल से बचें क्योंकि उस समय थकान ज्यादा होती है। हर कुछ घंटे बाद ब्रेक जरूर लें। उन्हें जल्दबाजी में कहीं न ले जाएं क्योंकि उनकी गति के अनुसार चलना सबसे जरूरी है।10. मानसिक आराम और खुशी का ध्यान

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उनके साथ ट्रैवल करते समय उनका मूड अच्छा रखना सबसे जरूरी है। उन्हें ऐसा महसूस कराएं कि यह ट्रिप उनके लिए खास बनाई गई है। उनकी पसंद की जगहें शामिल करें, उनसे बातें करें और उन्हें पूरा आराम दें ताकि वे स्ट्रेस-फ्री रहकर ट्रिप का आनंद ले सकें।

सीनियर सिटिजन के साथ ट्रैवल सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और प्यार से भरा एक्सपीरियंस होता है। सही प्लानिंग और देखभाल के साथ यह उनके लिए बेहद आरामदायक और सेफ बन सकता है। उनकी जरूरतों और आराम का ध्यान रखना इस ट्रिप को खास बनाता है। धैर्य और समझदारी से की गई ट्रिप उन्हें खुशी और सुकून देती है। ऐसी ट्रिप उनके लाइफ की सबसे यादगार जर्नी में से एक बन सकती है।

Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्च पर दें ज्यादा ध्यान, जानें कैसा होगा आपका आज का पूरा दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक को आर्थिक अवसर आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए अच्छा है। जल्दबाजी में कोई आर्थिक फैसला न लें। अपने बजट के अनुसार चलें और भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए खर्च करें। अनुशासन बनाए रखने से आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करनी चाहिए। बचत और निवेश पर ध्यान दें तथा फिजूलखर्ची से बचें। किसी भी बड़े खर्च से पहले उसकी जरूरत और प्रभाव को अच्छी तरह समझ लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो वित्तीय मामलों में आज नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। निवेश, बचत योजनाओं और आर्थिक अवसरों पर नजर बनाए रखें। हालांकि किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी जुटाना जरूरी होगा। बजट में लचीलापन बनाए रखें ताकि अचानक आने वाले खर्चों को संभाला जा सके।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में बहकर खरीदारी करने से बचें और जरूरत के अनुसार खर्च करें। अपने मासिक बजट को व्यवस्थित रखें ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आपकी प्रबंधन क्षमता काम आएगी। खर्चों की सूची बनाकर उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करें। साथ ही बचत और निवेश के नए विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। सही योजना भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय प्रबंधन के लिए अनुकूल है। अपनी आय, खर्च और बचत का पूरा हिसाब रखें। छोटी-छोटी बचत भी आगे चलकर बड़ा लाभ दे सकती है। अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने से बचें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। लंबी अवधि की योजनाएं बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक रणनीति तैयार करने के लिए अच्छा है। निवेश और बजट की समीक्षा करें और अपने लक्ष्यों के अनुसार बदलाव करें। धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने से सफलता मिलने की संभावना है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने खर्चों और बचत की समीक्षा करें और लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में लाभ दिला सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

क्या अमेरिका के इस टॉप साइंटिस्ट ने वुहान लैब को दिए थे पैसे, जहां से फैली थी Covid-19 महामारी? इस ‘खुलासे’ से दुनिया में मचा तहलका!

अमेरिका की राजनीति और खुफिया विभाग से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका की निवर्तमान डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन कुछ ऐसे सीक्रेट दस्तावेज जारी किए हैं, जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। गबार्ड ने सीधे तौर पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार रहे डॉ. एंथनी फाउची पर कोरोना महामारी (COVID-19) के सच को दबाने और अमेरिका की संसद से झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है।

गबार्ड के दफ्तर से जारी बयान के मुताबिक, डॉ. फाउची ने चीन की उसी वुहान लैब (WIV) को पैसे दिए थे, जहां से कोरोना वायरस के लीक होने का दावा पूरी दुनिया में किया जाता है।

चीनी लैब को दिए अमेरिकी टैक्सपेयर्स के करोड़ों डॉलर

तुलसी गबार्ड ने अपने आखिरी दिन “पहले कभी न देखे गए” खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए सनसनीखेज दावे किए हैं:

खतरनाक रिसर्च की फंडिंग: डॉ. फाउची ने अमेरिकी जनता के टैक्स के लाखों-करोड़ों डॉलर चीन के ‘वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ (WIV) को दिए थे। इस पैसे का इस्तेमाल चमगादड़ों के कोरोना वायरस पर बेहद खतरनाक ‘गेन-ऑफ-फंक्शन’ (वायरस की ताकत और फैलने की क्षमता बढ़ाने वाली) रिसर्च के लिए किया गया था।

सच्चाई को दबाया: जब 2020 की शुरुआत में कोरोना महामारी फैली, तो फाउची ने खुफिया एजेंसियों के कुछ बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर इस बात को पूरी तरह दबा दिया कि यह वायरस चीन की लैब से लीक (Lab-Leak) हुआ था।

‘डीप स्टेट’ का हथकंडा: खुफिया एजेंसियों को मोहरा बनाया

गबार्ड के दफ्तर द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 85 वर्षीय डॉ. फाउची, जो 38 सालों तक अमेरिका की प्रमुख स्वास्थ्य संस्था (NIAID) के हेड रहे, उन्होंने बड़ी-बड़ी फार्मा कंपनियों (दवा निर्माताओं) के फायदे और ट्रिलियन डॉलर के वैक्सीन बाजार के चक्कर में इस खतरनाक रिसर्च को बढ़ावा दिया।

पीछे से घुमाई पूरी बाजी

बयान के मुताबिक, फाउची ने पर्दे के पीछे से खेल रचा। उन्होंने अपने पसंदीदा वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों पर दबाव डाला कि वे जनता के सामने यही कहें कि कोरोना वायरस किसी लैब से नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से जानवरों के जरिए फैला है। उन्होंने एक फर्जी रिसर्च पेपर भी तैयार करवाया ताकि लैब-लीक थ्योरी को झुठलाया जा सके। जो भी वैज्ञानिक या अधिकारी फाउची की बात से असहमत होता था, उसे नौकरी से हटाने या करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाती थीं।

“संसद के सामने कसम खाकर बोला झूठ”

तुलसी गबार्ड, जिन्होंने हाल ही में अपने बीमार पति की देखभाल के लिए डोनाल्ड ट्रंप की इंटेलिजेंस चीफ का पद छोड़ने का फैसला किया था, उन्होंने कहा कि फाउची के ये पैंतरे सीधे तौर पर ‘डीप स्टेट’ (पर्दे के पीछे से सरकार चलाने वाले सीक्रेट नेटवर्क) जैसे हैं।

गबार्ड ने बताया कि जून 2024 में जब अमेरिकी संसद की सुनवाई के दौरान फाउची से कसम खिलवाकर पूछा गया था कि— “क्या उन्होंने महामारी के पहले या बाद में एफबीआई (FBI), सीआईए (CIA) या किसी अन्य खुफिया एजेंसी से वायरस रिसर्च को लेकर कोई बात की थी?” तो फाउची ने सवालों से बचते हुए साफ झूठ बोल दिया कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं है। जबकि नए दस्तावेज गवाही दे रहे हैं कि वे लगातार खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थे।

अमेरिकी जनता को चाहिए इंसाफ

तुलसी गबार्ड ने भावुक होते हुए कहा, “कोविड-19 महामारी ने लाखों अमेरिकी नागरिकों और दुनिया भर के अनगिनत लोगों को असहनीय दर्द और तकलीफें दी हैं। सालों के झूठ, सेंसरशिप और सच को छुपाने के खेल के बाद, अब अमेरिकी जनता पारदर्शिता, सच्चाई और इंसाफ की हकदार है।”

गबार्ड के इन बेहद संगीन और सीधे आरोपों पर फिलहाल डॉ. एंथनी फाउची या उनके करीबियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है। लेकिन इस खुलासे ने दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक संकट यानी कोरोना वायरस के जन्म को लेकर एक बार फिर महासंग्राम छेड़ दिया है।

फिर बंद कर दिया होर्मुज? ईरान ने बताई पूरी सच्चाई, लेबनान पर इजरायल के हमले से बढ़ा तनाव!

फिर बंद कर दिया होर्मुज? ईरान ने बताई पूरी सच्चाई, लेबनान पर इजरायल के हमले से बढ़ा तनाव!

ईरान ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है। ईरान ने कहा कि 18 जून को अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते के तहत इस अहम जलमार्ग से कमर्शियल शिपिंग जारी है। सरकारी ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन दावों को “बेबुनियाद” और गलत बताया।

बघाई ने स्ट्रेट के बंद होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि MoU पर हस्ताक्षर के बाद, तेहरान ने सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही “फिलहाल सामान्य रूप से चल रही है”।

दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि ईरान की नौसेना ने अचानक एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान कर दिया। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को दोबारा पूरी तरह बंद कर दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने साफ कहा है कि जब तक इजरायल लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाता और अमेरिका इस इलाके को खाली नहीं करता, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा।

दावा- ईरान ने दी थी खुली धमकी!

इसमें बताया गया कि समुद्री रेडियो चैनलों पर ईरान के सबसे खतरनाक सैन्य संगठन इरेक्ट (IRGC – इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने एक बयान जारी कर अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच बुधवार को जो समझौता हुआ था, अमेरिका उसका पालन नहीं कर रहा है।

ईरानी सेना ने सख्त लहजे में चेतावनी दी, “क्योंकि लेबनान से इजरायल की वापसी, समुद्री नाकाबंदी को पूरी तरह हटाना और अमेरिकी आतंकवादी ताकतों का फारस की खाड़ी से बाहर निकलना हमारी मुख्य शर्तें थीं, इसलिए जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद रहेगा। सभी जहाजों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए इस रास्ते के पास न आएं। अगर किसी भी जहाज ने इस आदेश को मानने से इनकार किया, तो उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा (यानी उड़ा दिया जाएगा)।”

आपको बता दें कि दुनिया का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) तेल और गैस का व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद भी इसे बंद कर दिया गया था, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम आसमान पर पहुंच गए थे।

लेबनान पर इजरायल के हमले से नाराज हुआ ईरान!

बताया गया कि ईरान के इस गुस्से के पीछे इजरायल का लेबनान पर किया गया ताजा हमला है। अमेरिका-ईरान डील के तहत यह माना जा रहा था कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भी जंग रुक जाएगी। लेकिन कल आधी रात से इजरायल ने लेबनान के 11 शहरों पर भीषण हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए।

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कह दिया है कि उनकी सेना “जब तक जरूरी होगा” लेबनान में ही रहेगी। वहीं, इजरायल के धुर दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन ग्विर ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि “पूरे लेबनान को जल जाना चाहिए।” इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह किसी मामूली पागल का बयान नहीं है, बल्कि इजरायली सरकार के सुरक्षा मंत्री की सोच है। तेल अवीव (इजरायल) में बैठी यह सरकार पूरी मानवता के लिए खतरा है और इसका मकसद सिर्फ स्थायी युद्ध (Permanent War) करना है।”

अमेरिका का दावा: “हमने तो रास्ता खोल दिया था”

दूसरी तरफ, अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि उसने पिछले दो महीनों से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नाकाबंदी को आधिकारिक रूप से हटा लिया है। ऐसे में अमेरिका के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि ईरान किस अधूरी नाकाबंदी की बात कर रहा है।

यहां तक कि समुद्री जहाजों पर नजर रखने वाली एजेंसी ‘AXSMarine’ के मुताबिक, इस समझौते के तुरंत बाद गुरुवार को रिकॉर्ड 25 कमर्शियल जहाज इस रास्ते से सुरक्षित गुजरे थे, जो पिछले दो महीनों में सबसे बड़ी संख्या थी। लेकिन अब ईरान के इस नए कदम ने पूरी दुनिया को एक बार फिर महायुद्ध और भयंकर आर्थिक संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह में किया जाएगा देवशनी एकादशी का व्रत, जानें कब से बंद होंगे मांगलिक कार्य

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। हिंदू कैलेंडर की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान और पूरी आस्था से भगवान विष्णु का व्रत करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी व्रत का अहम स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु पाताल लोक में शयन करने चले जाते हैं। इस दिन से चार माह तक वह योग निद्रा में रहते और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है।

चतुर्मास के बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु जब योगनिद्रा से बाहर आते हैं, तब मांगलिक और शुभ कार्य फिर से शुरू होते हैं। इस दिन देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरंभ हो जाता है। चातुर्मास चार महीनों तक रहता है और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य कोई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

कब है देवशयनी एकादशी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 25 जुलाई को दोपहर 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

देवशयनी एकादशी पारण समय

देवशयनी एकादशी का पारण 26 जुलाई के दिन किया जाएगा। 26 जुलाई को सुबह 05 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 22 मिनट के मध्य साधक स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण की पूजा करें। इसके बाद अन्न का दान कर एकादशी का पारण करें।

देवशयनी एकादशी शुभ योग

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर ब्रह्मऔर इंद्र योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। वहीं, देवशयनी एकादशी पर शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा।

विवाह मुहूर्त कब से शुरू होंगे?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विश्राम करने के लिए चले जाते हैं। भगवान विष्णु चार महीने बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। भगवान विष्णु के जागरण के बाद नवंबर में फिर से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। नवंबर में 21, 24, 25 और 26 तारीख को विवाह के शुभ योग बन रहे हैं। वहीं, दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 6 और 11 दिसंबर को भी विवाह के लिए अनुकूल तिथियां रहेंगी।

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पीएम मोदी को बड़े ग्लोबल लीडर के तौर पर क्यों पसंद करते हैं ट्रंप? खुद कही ये बात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के उन नेताओं में शामिल बताया है, जिनकी वह सबसे ज्यादा सराहना करते हैं। नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव पर बात करते हुए ट्रंप ने मोदी का नाम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ लिया। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के बाद समाचार वेबसाइट Axios को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ अपने संबंधों और वैश्विक राजनीति को लेकर अपने विचार साझा किए। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि वे किन विश्व नेताओं की सबसे अधिक प्रशंसा करते हैं, तो ट्रंप ने भारत और चीन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम लिया।

शी जिनपिंग और पीएम मोदी का लिया नाम

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन विश्व नेताओं में शामिल बताया, जिनकी वह सबसे अधिक प्रशंसा करते हैं। ट्रंप ने शी जिनपिंग को पूरी तरह काम पर केंद्रित नेता बताया, जबकि नरेंद्र मोदी को बेहद मजबूत और सख्त नेतृत्व वाला नेता कहा। हाल के दिनों में ट्रंप की ओर से पीएम मोदी के बारे में की गई सकारात्मक टिप्पणियों में यह एक और महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप और मोदी की 16 महीने से अधिक समय बाद पहली आमने-सामने मुलाकात हुई थी।

भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों पर जोर

बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में व्यापार, प्रतिबंधों और ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे मुद्दों पर कुछ मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा है। मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा, “हमारे संबंध बेहद अच्छे हैं। इससे ज्यादा करीबी रिश्ते शायद ही हो सकते हैं। हमारे देशों के बीच मजबूत साझेदारी है और इसकी शुरुआत हम दोनों नेताओं से होती है।” ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सख्त और कुशल वार्ताकार भी बताया। उन्होंने अपनी पहले की टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि मोदी बातचीत के दौरान मजबूती से अपनी बात रखते हैं। साथ ही ट्रंप ने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

ट्रेड डील पर कही ये बात

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के काफी करीब है। उन्होंने इस मौके पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। ट्रंप ने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली है और वह देखने में बहुत शांत और सौम्य लगते हैं। हालांकि, बातचीत और फैसलों के मामले में वह काफी मजबूत और सख्त नेता हैं। ट्रंप के अनुसार, मोदी अपनी बात मजबूती से रखते हैं और सामने वाले को अपने नेतृत्व शैली से प्रभावित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का शांत स्वभाव और दृढ़ नेतृत्व उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है।

इस सवाल से किया इनकार

Axios का यह इंटरव्यू मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान शांति प्रयासों के बाद डोनाल्ड ट्रंप की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव पर केंद्रित था। बातचीत के दौरान ट्रंप ने दुनिया के कई नेताओं के साथ अपने संबंधों और अनुभवों पर भी चर्चा की। हालांकि, जब उनसे उन नेताओं के बारे में पूछा गया जिन्हें वह कमजोर मानते हैं, तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस बात पर भी खेद जताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन G7 समूह का हिस्सा नहीं थे। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से वर्साय पैलेस में दिए गए स्पेशल स्टेट डिनर का भी जिक्र किया।