जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने जालौन और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का आधार तैयार किया। जिन लोगों के काले कारनामों के कारण जालौन दस्यु प्रभावित क्षेत्र घोषित हो गया था, उन्हें भी याद करने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को अभाव और सूखे के कारण पलायन के लिए मजबूर करने वाले भी वे ही लोग थे। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर नौजवानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 

 

उन्होंने सवाल किया कि यमुना, बेतवा और पहूज जैसी पावन नदियों की त्रिवेणी वाले क्षेत्र को आखिर क्यों पिछड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और हर योजना में यह क्षेत्र पीछे क्यों दिखाई देता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में शनिवार को जालौन के उरई, माधौगढ़ व कालपी विधानसभा क्षेत्रों में 1275 करोड़ रुपए की 375 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उरई के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट/चेक/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन और पूरा बुंदेलखंड अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। आज बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ से बड़े क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीडा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी का आधार जालौन बन रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी ने जालौन की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब यह क्षेत्र बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

कालपी का कागज बना ग्लोबल ब्रांड

सीएम योगी ने कहाकि जालौन के कालपी में तैयार होने वाला हस्तशिल्प कागज अब स्थानीय पहचान से निकलकर वैश्विक ब्रांड बन रहा है। कालपी के इस पारंपरिक कागज को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और बाजार दोनों का विस्तार हुआ है। आज कालपी का कागज देश की सीमाओं को पार कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों तक पहुंच रहा है। कालपी के कागज की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी पहचान है। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है और इससे स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

कोंच की रामलीला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास हमें इस बात का आगाह करता है। महर्षि वेदव्यास ने यहां जन्म लिया इस पावन धारा में और कहते हैं भगवान कृष्ण के पौत्र सांब ने प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भी यहीं पर करवाया था। याद करिए कोंच की रामलीला ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यानी रामलीला का इतिहास कैसे होना चाहिए। ऐसी उरई, माधवगढ़ और कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी धरा पर आज 1275 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के लिए मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

सीएम योगी ने आदिशक्ति मां भगवती जालौन माता और बैरागढ़ की शारदा माता के श्रीचरणों में नमन करते हुए महर्षि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि और इसी जालौन की तपोभूमि को कोटि-कोटि नमन किया। जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहेब पेशवा की समर भूमि के रूप में जो धरती जानी जाती हो, कालपी का हैंडमेड कागज और यहां की विश्व विख्यात मटर इस जनपद को एक नई पहचान दिलाते हैं।

अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का नौजवान देश-दुनिया में सीना चौड़ा कर चल रहा है और उसके सामने पहचान का संकट नहीं है। योगी ने कहा कि सपा शासन में बुंदेलखंड के संसाधनों का माफिया ने जमकर दोहन किया और विकास के नाम पर वसूली होती थी। बुंदेलखंड के विकास के लिए आने वाला पैसा सैफई में फिल्मी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता था। आज यही धन फोरलेन कनेक्टिविटी, युवाओं के रोजगार और किसानों के हित में खर्च हो रहा है।

 

गरीबों को राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रहीं हैं। किसी बेटी से छेड़छाड़ या व्यापारी का उत्पीड़न करने वाले अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। आज व्यापारी निर्भय होकर कारोबार और बेटियां स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जालौन में सड़क-पेयजल परियोजनाओं को रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि जालौन जिले में सड़क, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गोहन-माधौगढ़ से मध्य प्रदेश सीमा तक जिला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बंगरा-जगम्मनपुर मार्ग पर रामपुरा, निनावली, नारोल, राठौर और अनपुरा होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक टू-लेन सड़क का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी दी गई। 

 

एट-बंगरा-बीकेपुर तथा कालपी-मदारीपुर संपर्क मार्ग भी तैयार हो चुके हैं। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की नगरपालिका परिषद उरई, कोटा-मस्तकिल ग्राम पेयजल परियोजना और सलाघाट वाटर सप्लाई ग्रामीण पेयजल योजना पर काम जारी है। सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था नीति का जिक्र करते हुए कहा कि संगठित अपराध में शामिल माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नकल माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जालौन में आएंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी और चित्रकूट में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का लाभ जालौन को भी मिलेगा। जालौन से होकर कनेक्टिविटी विकसित होने के साथ यहां 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जालौन में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत आधुनिक तकनीक के विकास के लिए डेटा सेंटर महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों को यूपी एग्रीज योजना में शामिल किया गया है। महिला शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बैलैनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं की क्षमता की सराहना की।

CM Yogi Adityanath Jalaun

सीएम योगी ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक वितरित किया 

  • गीता, रेनू, शकीला खातून और ममता (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13,14,30000 का चेक)
  • उमेदा (मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पत्र)
  • आस्था ( कन्या सुमंगला योजना के तहत चेक)
  • शैलेंद्र सिंह सेंगर (कृषि यंत्र)
  • शिवा त्रिपाठी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलार रूफ टॉप यंत्र, पत्र) 
  • विनय राजपूत (प्रधानमंत्री स्वनिध योजना के तहत पत्र)
  • रानी देवी (प्रधानमंत्री शहरीय आवास योजना के तहत पत्र)
  • समर सिंह (कुक्कुट योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण पत्र)
  • कुशाग्र गुप्ता (एआईएफ के तहत 4 करोड़ रुपए का चेक)
  • अंबदा रहमान (आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड)।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी, विधायक गौरी शंकर वर्मा, विधायक मूलचंद निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबू लाल तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बाबा बालक दास, कोऑपरेटिव बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू, अपना दल के अध्यक्ष अनिल कोदारी, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद उरई की अध्यक्ष गिरिजा चौधरी, नगर पालिका परिषद कोंच के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष नेहा पुनीत आदि मौजूद रहे।

 

उच्च शिक्षा के 1.28 लाख शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मुख्यमंत्री योगी रविवार को आगरा में करेंगे योजना का शुभारंभ

– प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी, 1900 से अधिक उपचार पैकेज होंगे शामिल

– पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेंगी अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं

– सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस उपचार का लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 जुलाई को आगरा में उच्च शिक्षा विभाग की 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू का भी आदान-प्रदान होगा। 

 

योजना के लागू होने के बाद पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण इलाज का आर्थिक भार शिक्षकों को स्वयं वहन करना पड़ता है। नई व्यवस्था से उन्हें समय पर बेहतर उपचार और आर्थिक सुरक्षा दोनों मिलेंगी। 

 

योगी सरकार का मानना है कि शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच देने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी। यह पहल शिक्षक कल्याण और उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। 

 

प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर

योजना के अंतर्गत पात्र प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। कार्ड बनने के बाद पहले दिन से ही निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत वहन किया जाएगा। 

 

एमओयू से मिलेगा अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा कवच

कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के साथ होने वाले एमओयू के तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 1.50 करोड़ रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 3 करोड़ रुपए तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार रुपए तक का अस्पताल नकद लाभ तथा 12 लाख रुपए तक का टर्म लाइफ बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

1900 से अधिक उपचार पैकेज का मिलेगा लाभ

योजना के माध्यम से सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, जटिल सर्जरी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल है। योजना का संचालन साचीज (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा और आयुष्मान भारत की निर्धारित उपचार दरें लागू होंगी।

आगरा में विकास की नई रफ्तार, मेट्रो और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से उभर रहा इंडस्ट्रियल हब

बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगरा जनपद ने विकास की नई इबारत लिखी है। ताजनगरी अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से एक आधुनिक और औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हुई है।

 

योगी सरकार द्वारा इन 9 सालों में कई ऐतिहासिक परियोजनाएं धरातल पर उतारी गईं। इनमें शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बदलने वाला आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने वाली गंगाजल परियोजना सबसे प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त व्यवस्थित शहरी विस्तार के लिए 5,142 करोड़ रुपये की लागत वाली 'ग्रेटर आगरा' (10 हाई-टेक टाउनशिप) और 'अटलपुरम' जैसी महात्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं की शुरुआत की गई है।

 

बेहतर ग्लोबल कनेक्टिविटी के लिए आगरा सिविल एन्क्लेव (एयरपोर्ट) के नए टर्मिनल का निर्माण, छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम, ओडीओसी योजना से पेठा, गजक, आगरा का पराठा से आगरा के व्यंजनों और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत लेदर व हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई संजीवनी दी गई है। इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज के आधुनिकीकरण और सीएम ग्रिड रोड जैसी सुविधाओं ने आगरा को पश्चिमी यूपी का एक प्रमुख आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बना दिया है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। 

 

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं राम

गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची। 

 

सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।  

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा

श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की। 

 

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

यूपी में 238 नए पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 714 चार्जर लगाने के प्रयास तेज

EV Charging Stations in UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव स्कीम और उत्तर प्रदेश की ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 के तहत प्रदेश में 238 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम तेज किया जा रहा है। यह पहल राज्य में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है। 

 

10 साल का मॉडल, 714 चार्जर होंगे स्थापित

प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में 238 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिन पर 714 चार्जर लगाए जाएंगे। इन स्टेशनों के संचालन के लिए 10 वर्ष का अनुबंध प्रस्तावित है। सरकारी भूमि पर स्थापित होने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग केवल ईवी चार्जिंग गतिविधियों के लिए होगा तथा संबंधित विभागों से ₹1 प्रति किलोवाट की दर से भूमि उपयोग शुल्क लिया जाएगा।

 

पीएम ई-ड्राइव के तहत मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। सरकारी कार्यालयों में स्थापित होने वाले स्टेशनों को अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवीएसई (चार्जिंग उपकरण) पर 100 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है, जबकि रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन, पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलग-अलग स्तर पर सब्सिडी का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ प्रमुख हाईवे पर भी चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। 

 

योगी सरकार की ईवी नीति को मिलेगा नया बल

प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और विकास का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके साथ ही व्यापक चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क विकसित करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना तथा ईवी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना भी प्रमुख उद्देश्य हैं। राज्य सरकार की नीति में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए पूंजीगत प्रोत्साहन और सरकारी भूमि उपलब्ध कराने जैसे प्रावधान पहले से मौजूद हैं।

 

इन शहरों में सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन 

प्रस्ताव के अनुसार सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन निम्न शहरों में प्रस्तावित हैं। गौतमबुद्ध नगर में 39, लखनऊ में 36, मेरठ में 35, गोरखपुर में 32, वाराणसी में 28, आगरा में 21, मथुरा में 14, प्रयागराज में 13, कानपुर नगर में 12, गाजियाबाद में 6, कानपुर देहात में 2 समेत कुल मिलाकर 238 स्थानों की पहचान की गई है। कई विभागों की जमीन होगी उपयोग में प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशन नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, विद्युत वितरण कंपनियों, यूपीएसआरटीसी, जिला प्रशासन तथा अन्य सरकारी विभागों की उपलब्ध भूमि पर स्थापित किए जाएंगे। इसमें नोएडा, लखनऊ नगर निगम, वाराणसी नगर निगम, मेरठ नगर निगम, गोरखपुर नगर निगम सहित अनेक सरकारी संस्थाओं की भूमि शामिल है।

 

शहर के अंदर और हाईवे पर योगी सरकार का बराबर फोकस

प्रस्ताव में शहर के अंदर और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। शहरों में लगभग 40–60 वर्गमीटर और हाईवे पर बड़े चार्जिंग हब के लिए 250–300 वर्गमीटर तक भूमि की आवश्यकता बताई गई है। हाईवे स्टेशनों पर बसों और ट्रकों के लिए उच्च क्षमता वाले डीसी फास्ट चार्जर लगाने का प्रस्ताव है।

 

मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग

हाल के दिनों में मुख्य सचिव स्तर पर विभिन्न विभागों से उपलब्ध सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा गया है ताकि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। इसका उद्देश्य राज्य में ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।

श्रीगोरखनाथ मंदिर में भव्य श्रीरामकथा गुरुवार से, सीएम योगी भी होंगे सम्मिलित

Shri Gorakhnath Temple Shri Ram Katha: गुरु पूर्णिमा सप्ताह के उपलक्ष्य में श्री गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार (23 जुलाई) से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराएंगे। कथा शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायंकाल 6 बजे तक होने वाली श्रीरामकथा का सजीव प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर भी होगा। श्रीरामकथा का विश्राम गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जुलाई को होगा। 

 

यह जानकारी श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने दी है। उन्होंने बताया कि सनातन परम्परा में गुरु-शिष्य का संबंध अद्वितीय शब्दों में परिभाषित करने से परे है। गुरु-शिष्य परम्परा की संवाहक श्रीगोरक्षपीठ की तरफ से इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई, गुरुवार से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन श्रीगोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जा रहा है। प्रयागराज से आए आचार्य श्री शांतनु जी महाराज कथा सुनाएंगे। 

 

योगी कमलनाथ ने बताया कि गुरुवार को श्रीरामकथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं कथा व्यास शांतनु जी महाराज के सानिध्य में साधु-संतों, मुख्य यजमान, अन्य यजमानगण एवं 151 वेदपाठी विद्यार्थी शंख ध्वनि तथा बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा दोपहर बाद 2:45 बजे श्रीगोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थित कथा मंडप तक जाएगी। तत्पश्चात भव्य श्रीरामकथा का प्रारंभ होगा। 

 

योगी कमलनाथ ने सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि श्रीरामकथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 6 बजे तक होगी। इसका सीधा प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी किया जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर के सानिध्य में श्रीरामकथा का विश्राम व पूर्णाहुति 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे से 11:30 बजे होगी। गुरु पूर्णिमा के दिन श्री गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजन, आशीर्वचन, भजन व सहभोज का पारम्परिक आयोजन होगा। (फाइल फोटो)

UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

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उत्तर प्रदेश में ये 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हुए मंजूर, पूर्वांचल से विंध्य तक जबर्दस्त तरीके से बदलेगी कनेक्टिविटी

UP Expressway news: उत्तर प्रदेश के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के रोड नेटवर्क को मजबूती देने के लिए चार नए प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। इन मंजूरियों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले दो लिंक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक का एलाइनमेंट शामिल है।

आइए जानते हैं इन चारों नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से और यह भी समझते हैं कि कैसे ये स्टेट की सुपर डेवलपमेंट स्पीड को सपोर्ट कर सकते हैं-

12264 करोड़ रुपये से ज्यादा के 2 ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित और अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को मंजूरी दी है। इनकी कुल लागत 12,264 करोड़ रुपये से अधिक है। पहला है 50.98 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक। यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर होगा। इसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत करीब 4775.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

इसमें दूसरा है 90.84 किलोमीटर लंबाई वाला फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक। यह फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। यह 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड लिंक होगा। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में अनुमानित 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। डेवलपर्स के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। चुनी गई एजेंसियों को लगभग 36 महीनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक सड़क का रखरखाव करना होगा।

26315 करोड़ रुपये की लागत वाला ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’

कैबिनेट ने राज्य के दक्षिणी और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 26315 करोड़ रुपये होगी। यह 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा। इसे जरूरत पड़ने पर 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह प्रस्तावित कॉरिडोर प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के लिए आवागमन और सड़कोंकी कनेक्टिविटी को सीधे तौर पर बेहतर बनाएगा।

पूर्वांचल को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी है। यह करीब 9039 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट है। यह लिंक गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगा, जिससे पूर्वी यूपी के इन जिलों में सड़कों का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

एक्सप्रेसवे ग्रिड से मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा

राज्य सरकार के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को मिलाकर एक सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इस इंटिग्रेटेड नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल हो जाएगी। यात्रा के समय और ईंधन की खपत में भारी कमी आएगी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

वाराणसी में बनेगा 500 बेड का अत्याधुनिक कामकाजी महिला छात्रावास, कैबिनेट में भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को मिली मंजूरी

500 bed ultra-modern working women's hostel will be built in Varanasi

– 6000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को होगी नि:शुल्क हस्तांतरित

– 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' मॉडल पर संचालित होगी मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना

– शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से होगा छात्रावास का निर्माण 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 

यह भूमि हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है जिसे अब महिला कल्याण विभाग के पक्ष में स्थानांतरित किया जाएगा। इस छात्रावास का निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से किया जाएगा।

 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वाराणसी में 6000 वर्ग मीटर भूमि पर 500 क्षमता का एक छात्रावास बनाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। बजट में 7 छात्रावास बनाने का प्रावधान था, जिसमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। आज वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव आज पास किया गया है। 

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प्रदेश में निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही महिला कार्यबल की जरूरतों को देखते हुए महिला कल्याण विभाग कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती छात्रावासों का निर्माण करा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार के अधीन कार्यरत महिला कल्याण विभाग इस योजना का संचालन 'नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस' सिद्धांत पर करेगा। इसी सामाजिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में छात्रावास निर्माण के लिए सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जा रही है।

 

248.30 लाख रुपए की लागत से तैयार होगा 112 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास

लखनऊ 21 जुलाई। उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में छात्राओं के लिए 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी।

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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह केंद्रीय विश्वविद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय का एक संघटक महाविद्यालय है। यह पिछले 112 वर्षों से अध्ययन के क्षेत्र में सेवा कर रहा है और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ चल रहा है। अब तक एक छात्रावास था। जिसमें 220 छात्राओं के लिए सुविधा थी। 

 

उन्होंने बताया कि एक 248.30 लाख रुपए की लागत से त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। यह छात्रावास 112 छात्राओं के लिए होगा।

योगी सरकार में बिना भेदभाव सभी जिलों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक की जा रही विद्युत आपूर्ति

2017 से पहले चंद जिलों तक सीमित थी बिजली की तय आपूर्ति, योगी सरकार ने आते ही समाप्त किया वीआईपी कल्चर

 

निर्बाध बिजली के लिए अब गर्मी, बारिश और तेज हवाओं के बीच भी फील्ड में डटे रहते बिजलीकर्मी

 

बरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी

 

लखनऊ 20 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। साल 2017 से पहले प्रदेश में घंटों बिजली कटौती आम बात थी, जबकि आज सभी 75 जिलों में शहरों से लेकर गांवों तक निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। भीषण गर्मी, उमस, तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद प्रदेशवासियों को लगातार बिजली मिल रही है, जिससे आम जनजीवन, कृषि, व्यापार और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

 

योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों स्तरों पर व्यापक सुधार किए गए हैं। परिणामस्वरूप प्रदेश में बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनी है। सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है।

 

*2017 से पहले चंद जिले थे वीआईपी, अन्य जिलों में तरसती रहती थी जनता*

 

2017 से पहले प्रदेश में जनपद मुख्यालयों पर औसतन 17 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 12 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 11 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान था। हालांकि तय किए गए समय में भी लंबी कटौती होती रहती थी। इतना ही नहीं, पिछली सरकारों के दौरान कुछ चुनिंदा वीआईपी जिलों में ही निर्बाध बिजली आपूर्ति होती थी, जबकि अधिकांश जिलों के लोग लंबे समय तक बिजली कटौती से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलते हुए पूरे प्रदेश में समान और बेहतर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लागू की। वर्तमान में जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। विशेष बात यह है कि गांव से लेकर महानगर तक में निर्धारित शेड्यूल से भी अधिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

 

*भीषण गर्मी के बीच योगी सरकार में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति*

 

प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वर्ष 2014 में जहां प्रदेश की अधिकतम पीक डिमांड 12,327 मेगावाट थी और वर्ष 2017 में यह 16,110 मेगावाट तक पहुंची थी, वहीं अब उत्तर प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 24 जून 2026 को प्रदेश में रिकॉर्ड 32,673 मेगावाट की पीक डिमांड की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई है। वहीं लगातार और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की टीमें प्रदेशभर में नियमित अनुरक्षण और निरीक्षण कार्य कर रहीं हैं। 

 

बिजली कर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ फील्ड में डटे

 

बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी बिजलीकर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ फील्ड में डटे हैं। उनका उद्देश्य किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली पहुंचाना है।

प्रदेशभर में वरिष्ठ अधिकारी लगातार उपकेंद्रों का निरीक्षण कर बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को हर परिस्थिति में गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाओं को कम करने के लिए बिजली लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की शाखाओं की नियमित कटाई-छंटाई कराई जा रही है, जिससे बरसात के मौसम में भी आपूर्ति बाधित न हो।

 

रात्रिकालीन मेंटेनेंस पर भी दिया जा रहा विशेष जोर

 

विभागीय बिजलीकर्मी रात के समय आवश्यक अनुरक्षण कार्य कर दिन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को कम से कम असुविधा होती है और बिजली व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी रहती है। बरसात के मौसम को देखते हुए बिजली विभाग ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी जारी किए हैं। सभी फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण पहनकर ही अनुरक्षण कार्य करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि वितरण क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए पूरी टीम बारिश, गर्मी में निरन्तर कार्य कर रही है। शत- प्रतिशत व्यक्तिगत समस्याओं तथा लाइन व फीडर की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।