सपा-कांग्रेस से सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा : योगी

CM Yogi Barabanki Speech

CM Yogi Barabanki Speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी की धरा से प्रदेशवासियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी विरासत, विकास, गांव-गरीब, किसानों, नौजवानों और महिलाओं की जन्मजात विरोधी हैं। इनसे सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे अन्यथा जैसे ही इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा। सीएम ने बुजुर्गों से अपील की कि युवाओं को सपा की गुंडागर्दी, उपद्रव, सरकारी धन की डकैती व लूट के बारे में बताइए। मुख्यमंत्री ने लोधेश्वर महादेव के सामने से जाने वाली सड़क को टूलेन से फोरलेन बनाने और गेट को भव्य बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी में रामनगर व दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 542 करोड़ से अधिक की 82 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने साहित्यिक विभूतियों, खिलाड़ियों, किसानों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सीमा की सुरक्षा करने वाले युवाओं आदि का नाम लेकर बाराबंकी को विरासत, आध्यात्मिकता, साहित्य, समर्पण, युवा शक्ति से ओतप्रोत, स्वतंत्रता आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान वाली प्रतिभाशाली व समृद्ध धरा बताया। 

 

कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल तक तो विकास की लौ पहुंची लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर पर ध्यान नहीं दिया गया

सीएम ने कहा कि बाराबंकी को लोधेश्वर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त है। सोमवार को बाबा का दर्शन कर अंतःकरण से आनंद की अनुभूति हुई। यहां अगल-बगल के कई जनपदों से श्रद्धालु आते हैं, फिर भी मंदिर जीर्ण-शीर्ण ही रहा। आजादी के बाद भी आपके पैसे से विकास की लौ कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल तक तो पहुंची, लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर, केडी सिंह बाबू की हवेली, पारिजात के महाभारत कालीन वृक्ष के संरक्षण, महादेवा, अयोध्या, काशी विश्वनाथ, गोला गोकर्णनाथ, महापुरुषों, वीरांगनाओं आदि के नाम पर योजनाओं के लिए पैसा नहीं मिला।

 

हमारी सरकार भगवान लोधेश्वर महादेव का कॉरिडोर बना रही है, जिससे देश-प्रदेश के हर कोने से यहां आने वाला श्रद्धालु अभिभूत होगा और बाराबंकीवालों को आशीर्वाद व धन्यवाद देकर जाएगा। सरकार गोला गोकर्णनाथ में भी भव्य कॉरिडोर बना रही है। विंध्यवासिनी मंदिर का कॉरिडोर बन गया। पहले काशी में गंदगी थी और गलियां संकरी थीं लेकिन अब वह भी दिव्य-भव्य बन गई है। देश से जो भी काशी व अयोध्या आता है, हमें भी धन्यवाद देकर जाता है। 

केडी सिंह बाबू की हवेली बिक जाए, हमारी सरकार यह कतई स्वीकार नहीं करेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी में 36 वर्ष बाद भारतीय टीम ने ओलंपिक में पदक जीता लेकिन उससे पहले मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू के समय भारत ने लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीता था। जिस खिलाड़ी ने हॉकी को पूरा जीवन दिया, उन केडी सिंह बाबू की हवेली बिक जाए, हमारी सरकार यह कतई स्वीकार नहीं करेगी। हमने तय किया कि वहां संग्रहालय का निर्माण होगा। सीएम ने अमेरिका के न्यू जर्सी में हुए फीफा विश्वकप का भी जिक्र करते हुए कहा कि स्पेन व अर्जेंटीना के मैच को देखकर लोगों में गजब का उत्साह था। ऐसे ही जब हॉकी चलती है तो भारत की निगाहें उस पर रहती हैं। मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू ने इसे नई ऊंचाई दी थी। 

सनातन सुरक्षित तो सब सुरक्षित

सीएम ने कहा कि विरासत के संरक्षण व सनातन मूल्यों के रक्षा के लिए महापुरुषों ने योगदान दिया। राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी, बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह ने देश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए योगदान दिया। सुहेलदेव ने जहां सालार मसूद को मारा था, हमारी सरकार ने बहराइच में वहीं उनका भव्य स्मारक बनाया है। लखनऊ में वीरांगना उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई, बदायूं में अवंती बाई के नाम पर पीएसी बटालियन, बांदा में महारानी दुर्गावती, औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई मेडिकल कॉलेज, अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, निषादराज नाम पर रैनबसेरा का निर्माण किया है। देश के लिए योगदान व सनातन के लिए समर्पण देने वाले महापुरुषों को सरकार ने सम्मान दिया है। सनातन की सुदृढ़ नींव पर ही हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। सनातन सुरक्षित है तो हम सभी सुरक्षित हैं। सनातन पर खतरा आया तो कोई बच नहीं पाएगा। लोगों को बांटने वाले इन सपाइयों व कांग्रेसियों के नमूनों के मुंह संकट के समय बंद हो जाते हैं। 

कट्टा- बम बनवाने वाले कराते थे गुर्गों से वसूली

सीएम ने कहा कि कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाने और कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा, दुर्गापूजा के पंडाल पर प्रतिबंध लगाना सपा के लिए निरपेक्षता का मानक था। हमें ऐसे धर्मनिरपेक्षता को उखाड़ फेंककर सनातन की सुदृढ़ भूमि पर सुरक्षित भारत का निर्माण करना होगा। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर सनातन को अपमानित करने वाले लोग त्योहारों के पहले उपद्रव और गुर्गों से वसूली कराते थे। इन लोगों ने गांवों- शहरों में कट्टा-बम बनवाना शुरू कर दिया, जिससे व्यापारी व बेटी की इज्जत से खिलवाड़ होता था। अब लखनऊ में बने ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान व उसके आका बाप-बाप कहकर चिल्लाते हैं। निवेश आने से अब यूपी में ही युवाओं को नौकरी मिल रही है। 

बुजुर्गों से बोले- युवाओं को सपा की गुंडागर्दी, उपद्रव व लूट के बारे में बताइए

सीएम ने कहा कि समाजवादी जाति से जाति को लड़ा रही है। एक समय कहावत थी कि देख सपाई, बिटिया घबराई। सीएम ने बुजुर्गों से अपील की कि युवाओं को इनकी गुंडागर्दी, उपद्रव, डकैती, अराजकता, लूट के बारे में बताइए। उन्होंने कहा कि सैफई घराना ने आमजन के पैसे पर लूट मचाई थी। सपा जिस जेपीएनआईसी को बना रही थी, उसकी कीमत 200 करोड़ थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च होने के बावजूद भी बिल्डिंग अधूरी थी। हमारी सरकार से पहले सपा ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया। सीएम ने यहां भी उनके घोटाले को उजागर किया। कहाकि जिसके लिए वे 15,200 करोड़ का एस्टिमेट बनाए थे। दो वर्ष बाद जमीन आने पर हमने प्रधानमंत्री जी से इसका शिलान्यास कराया और 11,800 करोड़ रुपये में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाया। गोमती रिवर फ्रंट का कुल एस्टिमेट 167 करोड़ रुपये था, लेकिन 1700 करोड़ खर्च होने के बावजूद वह अधूरा ही रहा।

CM Yogi Barabanki Speech

डबल इंजन सरकार ने रोकी सपा की डकैती और कांग्रेस की लूट 

सीएम ने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने तो कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर यहां तक कह दिया कि 100 में से 15 पैसे ही नीचे आम जनता तक जाता है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती और कांग्रेस की लूट को रोका। इस पैसे से अब नौजवान को छात्रवृत्ति, बेटी की शादी, कन्या सुमंगला योजना का लाभ, टैबलेट, किसानों को सम्मान निधि, गरीबों को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है। जिस पैसे से यह कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बना रहे थे, उस पैसे का हमने मुंह घुमा दिया और अब इससे कॉरिडोर बन रहा है। सैफई सिडिंकेट का युवाओं की नौकरी पर कब्जा था। नौकरियों की नीलामी होती थी, लेकिन अब बाराबंकी के युवाओं को भी निष्पक्ष रूप से सरकारी नौकरी मिल रही है। 

सनातन विरोधी है सपा-कांग्रेस का चरित्र

मुख्यमंत्री ने विपक्षियों (सपा-कांग्रेस) के वास्तविक चरित्र को सनातन विरोधी बताया, कहा कि य़ह जनता के हक, विकास की परियोजनाओं पर डकैती डालते थे। इनके कारनामों से यूपी के सामने पहचान का संकट था। देश में यूपी टॉप-3 इकॉनमी बन गया है। अब बाढ़ बचाव का स्थायी समाधान और गोमती नदी का सुंदरीकरण-पुनरुद्धार हो रहा है। लखनऊ व अयोध्या के बीच स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल बाराबंकी का विकास कोई रोक नहीं सकता।  

सपा चट कर जाती थी राशन

सीएम ने कहा कि हमने दरियाबाद के विधायक सतीश चंद्र शर्मा को खाद्य व रसद राज्यमंत्री बनाया तो वे यहां के साथ ही अन्य जनपदों का भी विकास कर रहे हैं। सपा गरीब का राशन चट कर जाती थी, लेकिन अब हर गरीब का राशन उसे ही मिलता है। धांधली करने वालों पर कार्रवाई होती है। सपा व कांग्रेस के समय गरीब को पेंशन, छात्रों को छात्रवृत्ति दिए जाने से पहले घूस लिया जाता है। आज सीधे अकाउंट में पैसा जाता है, बीच में घूसखोरी नहीं चल सकती। रामनगर ने जिन्हें 2022 और बाराबंकी ने जिन्हें 2024 में चुना, उन्हें विकास की चर्चा करने की फुर्सत नहीं है। इन लोगों ने एक बार भी विकास के प्रस्ताव नहीं दिए। यदि रामनगर विधानसभा और बाराबंकी लोकसभा में कमल खिला होता तो यह क्षेत्र भी विकास की बुलंदियों को छू रहा होता। 

 

इस अवसर पर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, खाद्य व रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा, दिनेश रावत, विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह, इंजी. अवनीश कुमार सिंह, जिला पंचायत प्रशासक राजरानी रावत, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रियंका रावत, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा आदि मौजूद रहे।

यूपी में जीरो पॉवर्टी अभियान के पात्र परिवारों का बने अंत्योदय कार्ड : CM योगी

Yogi Government Zero Poverty Campaign: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में प्रदेश में संचालित प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की विशेष टीम गठित कर पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड बनवाया जाए और उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास सहित सभी पात्र योजनाओं से चरणबद्ध रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए।

 

बैठक में बताया गया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें लगभग 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए हैं, जबकि लगभग 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाभान्वित किया जाना है। इसके अतिरिक्त 6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं हैं। इनमें से लगभग 5 लाख लोगों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण हो चुका है, जबकि शेष पात्र परिवारों का पंजीकरण कराया जा रहा है। साथ ही 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विषयों में संवाद सीधे भूमिस्वामियों से स्थापित किया जाए। बैठक में लखनऊ नाइट सफारी परियोजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 15 जुलाई को उच्चतम न्यायालय से इसके क्रियान्वयन की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर परियोजना को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

 

ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा के दौरान बैठक में बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है। लॉजिस्टिक पार्क के लिए पांच कंपनियों ने पंजीकरण कराया है और आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधनों को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।

 

लखनऊ में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि परियोजना की आधारभूत संरचना तेजी से विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी बनाए रखते हुए इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना तथा कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र से पनकी ताप विद्युत संयंत्र को जलापूर्ति उपलब्ध कराने वाली परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के साथ जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का कठोर अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला चिकित्सालयों तथा होटलों में वैध फायर एनओसी की समीक्षा करते हुए जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ऐसे सभी स्थलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विद्युत फीडरों का विस्तृत विश्लेषण कर बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, हानि-लाभ तथा ओवरलोड की स्थिति के आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी दक्षता, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता सुविधा को समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की गति बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णयों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

 

डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस निधि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। सांसद निधि एवं विधायक निधि से स्वीकृत विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित कार्य स्थानीय आवश्यकताओं से सीधे जुड़े होते हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

 

'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण एवं सूक्ष्म सिंचाई को कृषि विकास की रणनीति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया तथा किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने इस कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश में चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

Uttar Pradesh government's public welfare schemes are bringing about positive changes in people's lives

– योगी सरकार की पहल बनी आर्थिक कमजोर परिवारों का सहारा, 1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य

– प्रति बेटी 20 हजार रुपए की मिलती है सहायता, दिव्यांग, विधवा और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता

– इस वित्तीय वर्ष में 14,717 पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 29.43 करोड़ रुपए

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बेटियों के विवाह में बड़ी आर्थिक राहत बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के महज कुछ महीनों में ही इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।

रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त होने के साथ ही अब तक 14 हजार से अधिक पात्र बेटियों को योजना का लाभ भी मिल चुका है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से पात्र पाए गए 14,717 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसके लिए 29.43 करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा गया है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के कारण लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के समय पर सहायता मिल रही है।

 

1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य 

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार पात्र आवेदकों को शादी अनुदान योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है।

सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराकर बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक परेशानियों को कम किया जाए। बेटी की शादी अक्सर सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना इन परिवारों के लिए संबल बनकर सामने आई है। 

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प्रति बेटी 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपए तक है।

इसके अलावा विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

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सभी पात्र लाभार्थियों को दिया जा रहा लाभ

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। मात्र कुछ महीनों में ही 82 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। जिसमें पात्र आवेदकों को लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है तथा योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उत्तर प्रदेश बनेगा गो आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र, हर जिले में लगेंगे 1000 से अधिक बायोगैस प्लांट

In line with Chief Minister Yogi Adityanath's vision Uttar Pradesh will become hub for cow based economy

– मुख्यमंत्री योगी के विजन के अनुरूप बड़े पैमाने पर फिक्स के साथ-साथ पोर्टेबल प्लांट लगाने की तैयारी

– प्रति प्लांट 25 से 40 हजार तक आएगा खर्च, 15 अग्रणी कंपनियों ने परियोजना से जुड़ने में दिखाई रुचि

– आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक यूपी के युवाओं को बनाएंगे टेक्नीशियन, बड़े पैमाने पर मिलेगा रोजगार

– योगी सरकार ग्रामीणों को प्लांट लगाने के लिए अनुदान देने की रूपरेखा भी कर रही तैयार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गो आधारित ग्रीन इकोनॉमी का सबसे बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में एक हजार से अधिक घरों में मिनी बायोगैस प्लांट लगाने की योजना तैयार की गई है। इसमें फिक्स के साथ पोर्टेबल प्लांट भी लगाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में आईआईटी दिल्ली तकनीकी साझेदार की भूमिका निभाएगा, जबकि इस क्षेत्र में कार्य कर रही 15 से अधिक अग्रणी कंपनियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस परियोजना से जुड़ने में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही ग्रामीणों को प्लांट लगाने के लिए अनुदान देने की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।

 

गाय बनेंगी गांवों की नई अर्थव्यवस्था का आधार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की गोशालाओं को 'रूरल रिसोर्स एंड एनर्जी हब' के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गोबर से बायोगैस, बायो-सीएनजी, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर और भविष्य में कार्बन क्रेडिट तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य गो आधारित उत्पादों को आय, ऊर्जा और रोजगार का स्थायी स्रोत बनाना है।

आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र का अनुभव गांवों तक पहुंचेगा

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी ताकत तकनीकी और औद्योगिक सहयोग है। आईआईटी दिल्ली प्लांट की तकनीक, संचालन, रखरखाव और युवाओं के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालेगा।

वहीं इस क्षेत्र में कार्यरत 15 से अधिक बड़ी कंपनियां प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में परियोजना के क्रियान्वयन और विस्तार में भागीदारी के लिए आगे आई हैं। इससे आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र के अनुभव का लाभ गांवों तक पहुंचेगा।

 

ग्रीन टेक्नीशियन की नई पीढ़ी तैयार होगी

आईआईटी दिल्ली के प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर के युवाओं को बायोगैस प्लांट की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रीन टेक्नीशियन की नई पीढ़ी तैयार होगी। वहीं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

 

एलपीजी पर निर्भरता घटेगी, जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

प्लांट से तैयार गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों का रसोई गैस खर्च कम होगा। वहीं, प्लांट से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली ऑर्गेनिक खाद के रूप में खेतों में इस्तेमाल होगी। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

 

ग्रामीण आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेगा मॉडल

गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना है। प्लांट लगाने के लिए ग्रामीणों को अनुदान देने की योजना भी तैयार की जा रही है। आने वाले समय में यह मॉडल उत्तर प्रदेश को देश की गो आधारित ग्रीन इकोनॉमी का अग्रणी राज्य बनाएगा।

अपार आईडी निर्माण में यूपी नंबर-1, स्कूल और उच्च शिक्षा में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

UP ranks first in APAAR ID: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। डिजिटल इंडिया के तहत अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों श्रेणियों में देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

 

विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, उच्च शिक्षा में उत्तर प्रदेश ने 73,20,603 अपार आईडी बनाकर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र (55,52,064) और तीसरे स्थान पर राजस्थान (42,16,422) हैं। वहीं स्कूल शिक्षा में भी उत्तर प्रदेश ने 2,95,90,359 अपार आईडी तैयार कर देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। महाराष्ट्र (2,09,53,061) दूसरे और बिहार (1,58,86,050) तीसरे स्थान पर हैं।

डिजिटल शिक्षा अभियान को मिली नई गति

योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एकीकृत करने और भविष्य में प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा तथा रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से अपार आईडी निर्माण अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश दोनों श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

छात्र-छात्राओं की स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है अपार आईडी

अपार आईडी प्रत्येक छात्र-छात्राओं के लिए एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है। इसके माध्यम से छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है, जिससे स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सेवाओं में सुविधा मिलती है।

 

दरअसल, अभी हाल ही में हुई मुख्य सचिव की बैठक के दौरान बताया गया कि सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड (डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र आदि) को अपार आईडी से मैप किया जा रहा है। छात्र-केंद्रित सेवाओं को सक्षम करने के लिए एनएडी एवं एबीसी जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाना है। शैक्षणिक वर्ष 2025 के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड जुलाई 2026 तक समय पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

सभी परीक्षाओं एवं मूल्यांकनों के लिए निर्धारित 6 महीने की समयसीमा का सख्ती से पालन करें। लंबित कार्यों की निगरानी और समय पर अपलोड सुनिश्चित करने के लिए मजबूत आंतरिक निगरानी तंत्र स्थापित करें। अपार आईडी के साथ पूर्ण मैपिंग करें और सभी शैक्षणिक दस्तावेजों (मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र) को व्यापक रूप से अपलोड करना सुनिश्चित किया जा रहा है। उच्च शिक्षा में 73.20 लाख अपार आईडी (देश में प्रथम) और स्कूल शिक्षा में 2.95 करोड़ से अधिक अपार आईडी (देश में प्रथम) दोनों श्रेणियों में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

 

योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश में प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल अकादमिक पहचान उपलब्ध कराना है, ताकि नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा सके।

…तो बंद हो गया होता यूपी का चीनी उद्योग : सीएम योगी

CM Yogi Amroha rally: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले विकास, औद्योगिक निवेश व किसानों को गन्ना भुगतान संभव नहीं था। 2007 से 2017 के बीच सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। यदि वे सरकारें अभी होतीं तो अब तक यूपी का चीनी उद्योग बंद हो चुका होता। डबल इंजन की भाजपा सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। 3.23 लाख करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। गन्ना मूल्य भी बढ़कर 400 रुपए प्रति कुंतल हो गया है। यूपी अब चीनी, गन्ना, एथेनॉल उत्पादन करने वाला नंबर-वन राज्य है।

 

सीएम योगी शनिवार को वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 207 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर जनपद के आध्यात्मिक इतिहास व महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कह सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कहेगा। इसने हस्तशिल्प व कारीगरी के माध्यम से दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। ओडीओपी के जरिए अमरोहा के तबला व ढोलक की पहचान बनी है। यहां का किसान आम की उपज को वैश्विक बाजार में पहुंचा रहा है। मध्य गंगा नहर परियोजना भी पूरी हो रही है। गंगा एक्सप्रेसवे ने राह आसान कर दी है। 10 साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि अमरोहा से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज की दूरी कम हो पाएगी। अब अमरोहा से हरिद्वार की दूरी भी आसान बनाएंगे और किसानों को जमीन का अच्छा दाम देंगे। विकास के नए प्रतिमान पर स्थापित हो रहा अमरोहा अपनी नई पहचान बनाएगा। औद्योगिक विकास के लिए हसनपुर में बन रहा पार्क जनपद को नई ऊंचाई देगा। 

यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ बरस रही समृद्धि 

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में आगामी 50-100 वर्ष की योजना को लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। अब नौजवान बेरोजगार नहीं होगा, पलायन नहीं करेगा। 2017 के बाद से यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ समृद्धि बरस रही है। सरकार तिगरी व गढ़ के लिए काम कर रही है। मां गंगा तिगरी की तरफ कुछ बढ़ रही हैं, इसलिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया है कि गंगाजी को चैनलाइज कर तिगरी व गढ़ मेले के स्वरूप को और भव्य करो, जिससे यह पश्चिमी उप्र में माघ व कुंभ मेले की तरह चमकता दिखे। 

पहले आस्था पर होता था प्रहार, अब किसी त्योहार पर रोक नहीं 

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले आस्था पर प्रहार होता था। कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाई जाती थी। जयश्रीराम कहने पर लाठी-डंडे चलते थे और सरकारें मौन रहती थीं लेकिन अब किसी त्योहार पर रोक नहीं है, बल्कि सरकार आस्था का सम्मान करते हुए हरसंभव सहयोग करती है।

सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जेल या जहन्नुम जाएंगे 

सीएम ने जनपदवासियों से कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों के हर प्रस्ताव को धरातल पर उतार रही है। विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं है, लेकिन इसके लिए समय, सोच, संवेदना, नीति और नीयत चाहिए। पिछली सरकारों में हर जनपद में दंगे होते थे, लोग असुरक्षित थे। हमने कहा कि सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही जगह है। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया।

यहां के लोग कभी एक मंत्री से थे आतंकित

सीएम ने कहा कि यूपी अब सुरक्षा का मॉडल दे रहा है। सुरक्षा सुशासन लाती है। सुशासन निवेश और निवेश समृद्धि लेकर आता है। अब हर भर्ती में अमरोहा-धनौरा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र पाता है, लेकिन पहले रामपुर व सैफई का सिडिंकेट नौकरियों में डकैती डालता था। अब आपकी अपनी सरकार है, कोई हक पर डकैती नहीं डाल सकता। 2017 में महेंद्र खड़गवंशी के प्रचार में आया था तो लोग एक मंत्री के आतंक से भयभीत थे। तब मैंने कहा था कि भाजपा सरकार आएगी तो ये सभी दुम दबाकर बिल में घुसकर ही खुद को सुरक्षित कर पाएंगे। अब यहां किसी का भय या आतंक नहीं। 

सीएम ने चेतन चौहान को भी याद किया

मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेटर व पूर्व मंत्री चेतन चौहान को भी याद किया। कहा कि वह नौगावां सादात व जनपद में खेल, विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित थे। एनडीए सरकार चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही है। हर तबके को बिना भेदभाव सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि 2017 के पहले यह संभव नहीं था।

 

गरीबों के हक पर डकैती डालते थे सपा-कांग्रेस के लोग

सीएम ने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने अपनी लाचारगी जताते हुए कहा था कि 100 में से 85 पैसे ही नीचे जनता तक पहुंचते हैं। यह छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, गरीब के राशन, आवास, पेंशन, शौचालय का पैसा था, जिस पर सपा व कांग्रेस वाले डकैती डालते थे। अब डबल इंजन सरकार में गरीब को पूरी रकम सीधे उसके बैंक खाते में मिलती है। 

हर वर्ग के लिए योजनाएं लाई है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर वर्ग के लिए योजनाएं हैं। निराश्रितों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, गरीब, पिछड़ी व अनुसूचित जाति की बच्चियों के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। आज मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का शिलान्यास भी हो रहा है। बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने हाल में शिक्षकों के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपए के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।

शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपए किया गया है। हर शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक के लिए सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना भी लागू की गई। आपदा की चपेट में आने वाले शिक्षक के परिजनों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ की सहायता मिलेगी। शिक्षामित्र या अनुदेशक के साथ घटना-दुर्घटना होने पर परिवार वालों को 30 से 80 लाख रुपए तथा रसोइया के परिजनों को दो लाख रुपए का बीमा कवर मिलेगा। आपदा की चपेट में आने वाले किसानों के परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना में 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपए की सहायता दिलाई जाती है। 

विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं तरारा व खड़गवंशी, अमरोहा व नौगावां सादात वाले रजाई तानकर सोते हैं 

सीएम ने कहा कि किसानों-नौजवानों के हित में सरकारें आती हैं तो हर वर्ग के विकास के लिए कार्य होता है। जहां खानदान का कब्जा हो और एक ही परिवार सभी पदों पर काबिज हो, वहां विकास नहीं हो सकता। आपने राजीव तरारा व महेंद्र सिंह खड़गवंशी जैसे अच्छे विधायकों व कंवर सिंह तंवर को सांसद चुना तो विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे विधायक निरंतर विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं। अमरोहा सदर व नौगावां सादात वाले शासन में पैरवी नहीं करते, वे जीतने के बाद रजाई तानकर सो गए। जनता ने इन दोनों क्षेत्रों में भी कमल खिलाया होता तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती। सीएम ने अमरोहावासियों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार हर हित का ध्यान रखेगी। उन्होंने पैरोकारी के लिए अच्छे विधायक व सांसद चुनने की अपील करते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि जल्द ही वे नौगावां सादात व हसनपुर भी आएंगे।

 

इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, सांसद कंवर सिंह तंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक राजीव तरारा, महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधान परिषद सदस्य हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

सपनों को मिले पंख, अमरोहा में CM योगी ने बांटी खुशियों की चाबी

CM Yogi Amroha visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अमरोहा दौरा जिले के विकास को एक नई रफ्तार देने के साथ-साथ आम जनमानस के जीवन में खुशियों का नया सवेरा लाया। शनिवार को श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने 207 करोड़ रुपए रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के 10 लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। किसी को पक्के मकान की चाबी मिली तो किसी को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण का चेक और किसी को डिजिटल शिक्षा के लिए लैपटॉप मिला। इन सरकारी प्रयासों से युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर मिला है।

महिलाओं को मिला अपना घर और स्वावलंबन का आधार

जनसभा में महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण की स्पष्ट झलक देखने को मिली। विकास खण्ड गजरौला के ग्राम कांकाठेर निवासी संगीता को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपकर उनका अपने घर का सपना पूरा किया गया। वहीं, स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ग्राम जब्दा की रहने वाली कंचन को सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत व्यापार के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का ऋण उपलब्ध कराते हुए ट्रैक्टर की चाबी दी गई। महिलाओं को संगठित कर मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत जाजरू की बेबी को 144 महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए 1.5 लाख रुपए प्रति समूह की दर से कुल 2 करोड़ 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया।

युवा उद्यमी और स्वरोजगार की नई उड़ान

युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के मुख्यमंत्री के विजन के तहत कई युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। ग्राम बस्तापुर (अमरोहा) निवासी रिकू चिकारा को मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत दुग्ध व्यापार को गति देने के लिए 10 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इसी योजना के अंतर्गत हसनपुर के ग्राम चौकनी निवासी दीपक कुमार को मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए के ऋण का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत माकनपुर शुमाली के सत्यम गोला को प्रिंटिंग मशीन के व्यापार के लिए 10 लाख रुपए और नरैना कला के सचिन चौधरी को रेस्टोरेंट खोलने के लिए 5 लाख रुपए के ऋण का चेक मुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किया गया।

कृषि, पशुपालन और डिजिटल शिक्षा से संवरता भविष्य

किसानों व छात्रों को आधुनिकता से जोड़ने के लिए भी विशेष लाभ दिए गए। ग्राम करनपुर माफी, हसनपुर के राजपाल सिंह को पशुपालन को बढ़ावा देने वाली मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (23.62 लाख रुपए की कुल लागत) में 11.80 लाख रुपए का अनुदान उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं, प्रगतिशील किसान उत्पादक संगठन के डायरेक्टर प्रेम सिंह आर्य को आधुनिक कृषि तकनीक के तहत 'किसान ड्रोन' के लिए 4.75 लाख रुपए का अनुदान प्रमाण पत्र सौंपा गया। शिक्षा को डिजिटल रूप देने की मुहिम के तहत मौहल्ला गढी, धनौरा की मेधावी छात्रा जीविका अग्रवाल को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लैपटॉप प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह है जेल या जहन्नुम में : योगी

Yogi Bulandshahr visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। उस समय बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे तथा कई परिवारों ने अपनी बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर व सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र में 574 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप/चेक/ चाबी/थर्मल प्रिंटर/आयुष्मान कार्ड/छात्रवृत्ति/सब्सिडी/टूलकिट एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। इससे पहले प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने छोटे बच्चों को खिलौना देकर दुलार किया।

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर भी पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वह बुलंदशहर आए थे, तब यहां भय और दहशत का माहौल था, लेकिन आज बुलंदशहर निर्भय होकर विकास की प्रक्रिया से मजबूती के साथ जुड़ चुका है। देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे बुलंदशहर से होकर गुजर रहा है, जिससे प्रयागराज तक की यात्रा करीब पांच घंटे में पूरी होगी। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को भी सरकार ने स्वीकार किया है।

बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बुलंदशहर औद्योगीकरण के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो चुका है और यह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की समृद्धि का आधार बनने जा रहा है। करीब 14 हजार एकड़ में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट एयरक्राफ्ट रिपेयर एंड मेंटिनेंस (एमआरओ) का बड़ा केंद्र बनने के साथ-साथ कार्गो संचालन तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने बुलंदशहर के लिए रिंग रोड की मांग रखी थी। उसी समय प्रस्ताव को तत्काल आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था और अब यह बताते हुए प्रसन्नता है कि रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है।

बुलंदशहर की पहचान, जय जवान और जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में विकास, सुरक्षा और समृद्धि एक साथ दिखाई देती है। खुर्जा की क्रॉकरी को वैश्विक पहचान मिली है, युवाओं को छात्रवृत्ति और रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धेय रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर से आ रहे हैं और बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे, इसलिए बुलंदशहर में 'जय जवान, जय किसान' का भाव साकार होता है।

मोबाइल निर्माण और उद्योग में यूपी नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में बाबू जी के नाम पर कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है। खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के साथ देश-दुनिया तक पहुंचेगी। जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी का भी विकास किया जा रहा है, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा। उत्तर प्रदेश आज मोबाइल निर्माण में देश में पहले स्थान पर है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं। प्रदेश चीनी मिलों के संचालन, गन्ना उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में भी देश में नंबर एक है।

बॉटम से टॉप पर पहुंचा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान टूटी सड़कों और अंधेरे से होती थी, जबकि अब यहां ग्लोबल स्टैंडर्ड के एक्सप्रेसवे और बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित हुआ है। बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय कम नहीं करते, बल्कि विकास और समृद्धि की गति भी बढ़ाते हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था तेज होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

 

बुलंदशहर के किसानों ने सरकार पर भरोसा करते हुए विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी। सरकार ने किसानों से किया गया वादा निभाते हुए उनका मुआवजा बढ़ाया है और बढ़ी हुई राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बुलंदशहर की जनता ने लोकसभा की दोनों सीटों और सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को समर्थन दिया है। बुलंदशहर की जनता का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है और हम विकास कार्यों के माध्यम से उसे ब्याज सहित चुकाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है यूपी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी नौकरियों में कोई सेंध नहीं लगाएगा। आज सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं और बुलंदशहर के युवा भी नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसी की सिफारिश या पैसे के आधार पर नियुक्ति नहीं होती और युवाओं के अधिकारों पर कोई डाका नहीं डाल सकता। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से युवा अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिल रही है।

 

प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बन रहे हैं।

टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है कि विकास हो रहा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों के पास जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों के लिए समय और संवेदनशीलता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आज प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।

बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। वर्तमान सरकार बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है और उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों और अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछली सरकारों ने किसानों और युवाओं का शोषण किया

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के हितों की अनदेखी की। किसानों और युवाओं का शोषण किया गया, महिलाओं की सुरक्षा से समझौता हुआ और व्यापारियों व उद्यमियों को भय के माहौल में काम करना पड़ा। इन परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन अब प्रदेश उस स्थिति से बाहर निकल चुका है।

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विरासत और विकास के समन्वय का उदाहरण बन चुका है। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है और इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनता के आशीर्वाद की आवश्यकता है। केवल बुलंदशहर सदर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों में ही लगभग पौने छह सौ करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले और क्षेत्र में अनेक अन्य विकास परियोजनाएं पहले से संचालित हैं।

सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुशासन का ऐसा मॉडल देगी, जिसकी कोई तुलना नहीं होगी और जो रामराज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। बुलंदशहर की जनता ने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं, जो क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लखनऊ और दिल्ली तक प्रभावी ढंग से पहुंचा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि क्षेत्र को लगातार नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सीएम ने बुलंदशहर सदर, सिकंदराबाद और जिले के सभी नागरिकों को विकास परियोजनाओं के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक/लैपटॉप/ स्वीकृत पत्र और चाबी 

  • पूजा शर्मा (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 4 लाख 25 हजार का चेक)
  • राजकुमार वर्मा (4 लाख का चेक)
  • महेंद्र प्रताप (टूल किट)
  • कविता शर्मा (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 33 करोड़ 60 हजार का चेक)
  • गीता रानी (विद्युत बिल संग्रहण के लिए थर्मल प्रिंटर)
  • ऋषि पाल (कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपए का अनुदान व चाबी)
  • अजय चौधरी (फार्म मशीनरी बैंक की चाबी) 
  • श्याम कुमार (5 लाख रुपए का आयुष्मान कार्ड)
  • मीनाक्षी (छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र)
  • तनुज शर्मा (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • डॉली (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • पूजा शर्मा (प्रधानमंत्री आवास योजना शहरीय के लिए स्वीकृत पत्र)
  • पूरन गुप्ता (प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिध योजना के अंतर्गत 50 हजार का चेक)
  • हेमलता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए चाबी)
  • कपिल चौधरी (मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 4 लाख 80 हजार रुपए से अधिक का चेक)

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, राज्य सभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, सांसद महेश शर्मा, सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, विधायक देवेंद्र सिंह लोधी, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक संजय शर्मा, विधायक सीपी सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद्र शर्मा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष विकास चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया आदि मौजूद रहे।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

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2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

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7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

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मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

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रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

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इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।