ऑपरेशन के बीच में ही आ गया होश…! 10 साल की बहन को खोने वाले इन्फ्लुएंसर भाई ने यूपी के अस्पताल का खौफनाक हाल सुनाया

कंटेंट क्रिएटर और ऑन्टोप्रेन्योर यश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी 10 साल की बहन की मौत हो गई। यश ने बताया कि उनकी बहन का टॉन्सिल का ऑपरेशन रायबरेली के शाश्वत अस्पताल में डॉ. अमित सिंह की देखरेख में कराया गया था। उनके अनुसार, यह एक सामान्य सर्जरी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो गई।

वीडियो में यश अपने परिवार के साथ बहन का शव घर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया था कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। यश का आरोप है कि ऑपरेशन के समय बच्ची को दिए गए एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि सर्जरी के बीच में ही उनकी बहन को होश आ गया और वह दर्द से चिल्लाने लगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

10 साल की बच्ची की मौत पर परिवार ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

यश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बहन की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर परिवार के सभी लोग ऑपरेशन थिएटर के बाहर पहुंच गए। उनका दावा है कि डॉक्टर बच्ची को बिना स्ट्रेचर के बाहर लेकर आए, जबकि वह दर्द से रो रही थी। यश के अनुसार, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उसकी धड़कन और सांसें रुक गईं और उसकी आंखें पलट गईं।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर (CPR) देकर बच्ची को बचाने की कोशिश की। इसके बाद परिवार को बताया गया कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखना होगा और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा। यश के मुताबिक, उनकी बहन सात दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना अस्पताल की मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की है कि इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करें।

सोशल मीडिया पर उठी जांच और कार्रवाई की मांग

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “टॉन्सिल के ऑपरेशन से किसी की मौत होने की बात कभी नहीं सुनी। अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और यूपी पुलिस को टैग करते हुए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

एक और व्यक्ति ने लिखा कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि अगर मेडिकल लापरवाही साबित होती है तो ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

वीरांगना रानी अवंतीबाई ने देश की रक्षा व आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर किया : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi said that brave queen Avantibai sacrificed her all for defense and freedom of country

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का किया अनावरण

– मुख्यमंत्री ने कहा- 'जब अच्छे नेता चुने जाते हैं, तब महापुरुषों को मिलता है सम्मान

– योगी ने कहा- 'वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है यह सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : वीरांगना रानी अवंती बाई ने भारत की आन-बान-शान की रक्षा और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान और त्याग आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा जिले के कालू कुआं चौराहे पर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए अपने संबोधन में यह कहा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए गौरव का विषय है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वीरों-वीरांगनाओं और राष्ट्र नायकों को बांदा के महत्वपूर्ण स्थलों पर सम्मान देकर वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक नया आदर्श प्रस्तुत किया है।

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गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लगभग तीन वर्ष पहले भी उन्हें बांदा में दो महत्वपूर्ण प्रतिमाओं के अनावरण का अवसर मिला था। आज वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा के अनावरण से यह गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बांदा का सिटी डेवलपमेंट प्लान, विकसित होती सड़कें और अन्य विकास कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाबद्ध विकास किस प्रकार किसी शहर की पहचान बदल सकता है।

 

मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया बलिदान

मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पूरे देश में आजादी की प्रबल इच्छा थी। बैरकपुर में मंगल पांडे ने क्रांति की चिंगारी जलाई, मेरठ में धन सिंह गुर्जर ने उसका नेतृत्व किया, कानपुर के बिठूर में तात्या टोपे ने उसे आगे बढ़ाया और झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई ने वीरता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी महान परंपरा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी ने भी राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मानते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका साहस, संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थापना से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करते हैं।

 

वीरांगना अवंती बाई को किया नमन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कि जब अच्छे नेता चुने जाते हैं, तो महापुरुषों को ऐसे ही सम्मान मिलता है। यह सम्मान उन नायकों-नायिकाओं और वीरों-वीरांगनाओं के प्रति कृतज्ञता है, जिनके लिए राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि था और उसके लिए बलिदान दिया। इसी परम्परा में वीरांगना अवंती बाई लोधी का नाम भी आता है। मुख्यमंत्री

 ने उनकी स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र सम्मान अर्पित किया।

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इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, पीडब्ल्यूडी के राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहे।

जिन्हें कब्रस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी की जनता से अपील- नकारात्मक व विकास विरोधी सोच वालों को खारिज कीजिए

– मुख्यमंत्री योगी ने 9 साल पहले के बुंदेलखंड की दुर्दशा और अब आए परिवर्तन का भी किया जिक्र 

– योगी ने कहा- बांदा के विधायक विकास में रुचि लेते हैं और बबेरू वाले गरीबों को प्रताड़ित करने में

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा व सनातन को कोसना जीवन का ध्येय बनाया है। वे वैभवशाली व विकसित भारत नहीं देखना चाहते। हमारी सरकार जो पैसा मंदिरों के विकास व धामों के सुंदरीकरण के लिए देती है, समाजवादी पार्टी के समय यही पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए जाता था। उन्हें कब्रस्तान प्यारा है, इसलिए वे राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा व कांग्रेस वाले भाजपा के प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों को पचा नहीं पाते।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जिनकी सोच नकारात्मक व विकास विरोधी है, उन्हें खारिज कीजिए। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गईं कई योजनाओं को गिनाकर इसका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

 

कभी डकैतों व माफिया का था आतंक, आज प्रगति देखकर होती है प्रसन्नता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की दुर्दशा के दौर को भी बयां किया। बताया कि मुख्यमंत्री

 बनने के बाद प्रधानमंत्री जी ने मुझसे कहा था कि पहला दौरा बुंदेलखंड का हो और वहां के लिए कुछ किया जाए। नौ- साढ़े 9 साल पहले जब आया तो देखा कि पिछड़ापन यहां का पर्याय था। पलायन और प्यास बुंदेलखंड की पहचान बन गई थी। खनन, लैंड, सैंड, वन, भूमाफिया व डकैतों का ऐसा आतंक था, जिससे किसान भी खेत में जाने से डरता था।

पाठा का यह क्षेत्र डकैतों के लिए फिरौती व वसूली का माध्यम बन गया था। कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार नहीं था। थाने में एफआईआर तक नहीं होती थी। बुंदेलखंड अस्तित्व के लिए जूझ रहा था परंतु अब बुंदेलखंड की प्रगति को देखकर अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। हर किसी को 9 वर्ष पहले और आज के बांदा में परिवर्तन दिखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास व विरासत के संरक्षण के लिए शासन के संज्ञान में जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसे लागू कर बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। 

 

भाजपा सरकार ने हर वर्ग के सपनों को किया साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने जब देश की बागडोर संभाली तो आशा की किरण जगी। 2017 में यूपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद यहां भी कनेक्टिविटी, पेयजल, हर खेत को पानी और बांदा के युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सभी के सपनों को साकार किया है। 

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

वर्ष 2017 के पहले जिसे रखवाली की जिम्मेदारी मिली, वही प्रदेश को लूटते थे 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता ने श्रीप्रकाश द्विवेदी, रामकेश निषाद व ओममणि वर्मा जैसे अच्छे जनप्रतिनिधियों को जिताया है तो यहां विकास की परियोजनाएं आ रही हैं। बुंदेलखंड भी डकैत, माफिया, कर्फ्यू, उपद्रव व दंगामुक्त हो गया। अब यहां महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सचेत किया कि यदि भूमाफिया व डकैत चुनाव जीतेगा तो व्यापारी का अपहरण करेगा, गरीबों को उजाड़ेगा और नौजवानों-गरीबों की योजनाओं पर डकैती डालेगा। वर्ष 2017 के पहले उप्र में यही होता था। जिसे प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपी, वही प्रदेश को लूटते थे। गरीबों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलती थीं। आवास की सुविधा उन्हें ही मिलती थी, जो समाजवादी पार्टी के थे परंतु अब ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

 

सरकार को उपद्रव पसंद नहीं, माने तो ठीक वरना यमराज के घर का रास्ता खोल दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती। सरकार को उपद्रव, कर्फ्यू, गुंडागर्दी पसंद नहीं है। सरकार बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों को चेतावनी देती है और न मानने वालों के लिए यमराज के घर जाने का रास्ता भी खोल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार आने पर भी यहां कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया था। आज भी अवंती बाई लोधी की दिव्य-भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है। 

 

वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान देता है बांदा

मुख्यमंत्री ने बांदा की सड़कों व चौराहों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। कहा कि शहर के लोग जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यवस्थित सिटी का मॉडल बना सकते हैं। बांदा वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान दे रहा है। यहां महापुरुषों के नाम पर पार्क बन रहे हैं। कालिंजर का अजेय दुर्ग विजय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहां विराजमान नीलकंठ महादेव का आशीर्वाद हर किसी को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार है तो भारत की विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट व बुंदेलखंड की स्मृतियों में हैं। 

 

सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, हमने ब्रह्मोस दिया, जिसे देख बाप-बाप चिल्लाता है पाकिस्तान

मुख्यमंत्री योगी ने फिर तंज कसा कि सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, नौकरी की बजाय नौजवानों को तमंचे दिए, जबकि हमारी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया और डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का हब बनाया। यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल को जब भारत दागता है तो पाकिस्तान भी बाप-बाप करते हुए चिल्लाता है। भारत के जवानों के इस शौर्य, पराक्रम का केंद्र बिंदु बुंदेलखंड बन रहा है। 

 

बांदा के विधायक विकास करते हैं, बबेरू के विधायक को रुचि कहीं और 

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समर्पित और जनता-जनार्दन को योजनाओं से जोड़ने वाला होना चाहिए। बांदा के विधायक रुचि लेते हैं तो यहां विकास है, लेकिन बबेरू के सपा विधायक को विकास में रुचि नहीं है। उनके लिए विकास गरीबों की जमीन पर कब्जा, गरीबों को प्रताड़ित करना ही है। ऐसी उद्दंडता व गरीबों के हकों पर पड़ने वाली डकैती को रोकना पड़ेगा। कांग्रेस व सपा के समय में अवंती बाई लोधी, महाराणा प्रताप की मूर्ति, तीर्थों का पुनरुद्धार, मंदिरों का सुंदरीकरण, कनेक्टिविटी के बेहतरीन कार्य नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी रुचि नहीं थी। 

 

सपा के माफियाओं से खाली कराई गई 64 हजार एकड़ भूमि 

उन्होंने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने दो बातें कही थीं कि अवैध स्लाटर हाउस बंद होंगे और गरीबों-व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया 24 घंटे में खाली कर दें, अन्यथा हमें खाली कराना आता है। सपा से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ लैंड जमीन खाली कराई गई जिसमें अब निवेश हो रहा है और इससे नौजवानों को नौकरी मिल रही है। बुंदेलखंड के नौजवान को अब घर में ही कार्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी व रोजगार से जुड़े युवाओं की संख्या का भी जिक्र किया। 

 

कीमती पत्थरों में हो रही ‘शजर’ की गिनती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद के यूनिक प्रॉडक्ट को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने बांदा के शजर पत्थर के सजावट की भी तारीफ की, कहा कि यहां के ‘शजर’ की गिनती कीमती पत्थरों में हो रही है। अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नग की जगह शजर पत्थर को मंगा रहीं हैं। यह पीएम मोदी के विजन-ओडीओपी के कारण हो पाया है। एमएसएमई को सम्मान, सुरक्षा का वातावरण बना तो प्रदेश में निवेश भी आया। 

 

अब देश-दुनिया के लोग नौकरी मांगने आएंगे बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर के निर्माण को बढ़ा रहे हैं। बीडा के रूप में बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर देने जा रहे हैं। पहले शासकीय उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के लोग पलायन करते थे, लेकिन हमारा संकल्प है कि अब देश-दुनिया के नौजवान यहां नौकरी मांगने आएंगे। 

 

इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,  लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता ‘बासू’, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार

UP Forest Department: पौधरोपण महायज्ञ (12 जुलाई-2026) को 35 करोड़ व अन्य विशिष्ट आयोजनों पर पौधरोपण के लिए वन विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 पौधशाला, 499 निजी पौधशाला से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं। 

केंद्र सरकार के विभाग भी लगाएंगे पौधे 

केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। वहीं केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा। 

UP Forest Department

मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार) अदिति शर्मा ने कहा कि पौधरोपण महायज्ञ-2026 के लिए नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार हो गए हैं। 12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह महायज्ञ अभूतपूर्व होगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

CM योगी के हाथों योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

CM Yogi Adityanath Pratapgarh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों विभिन्न योजनाओं का लाभ पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। सीएम के हाथों इन्हें मिली सौगात… 

  • श्रद्धा पांडेय- बिहार लोकसेवा आयोग की बीपीएससी परीक्षा की टॉपर को आईपैड 
  • शिवम यादव- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • मीनू कुमारी- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • हेमलता सरोज- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
  • रीना देवी -मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
  • पूजा मिश्रा- रुक्मिणी सिंह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 26.53 करोड़ से अधिक का चेक 
  • बिंदु सिंह- कस्टम हायरिंग केंद्र की चाबी 
  • देवेश सिंह- फॉर्म मशीनरी बैंक के तहत कृषि यंत्र की चाबी 
  • बालकृष्ण तिवारी- पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी को प्रमाण पत्र 
  • पंकज भान सिंह- आयुष्मान कार्ड
  • मीना देवी- आयुष्मान कार्ड 
  • मंजू देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र 
  • सुमित्रा देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
  • इंद्रावती देवी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
  • राजेश कुमार- ओडीओपी ऋण योजना के तहत 10 लाख का चेक 
  • अंशिका सिंह- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीन 
  • आशा देवी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चाबी 
  • राजेश कुमार- पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • सावित्री मिश्रा- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 5.90 लाख का चेक व स्वीकृति पत्र।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

राम मंदिर ट्रस्ट बैठक Breaking: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, इनकी जगह बजरंग बागड़ा बनाए जाएंगे महासचिव, कौन हैं ये?

Ram Mandir Chadawa Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में विवाद के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। उनके स्थान पर बजरंग बागड़ा को नया महासचिव बनाए जाने की तैयारी है। फिलहाल ट्रस्ट की बैठक जारी है, जिसमें इस बदलाव पर अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

मीटिंग में लिए गए फैसले पर जल्दी ही आधिकारिक बयान जारी होने की उम्मीद है।अहम बैठक से ऐन पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह इस घटना से बहुत आहत हैं।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पाप में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे। राम जन्मभूमि परिसर के अंदर अतिथिगृह में चल रही इस बैठक में मंदिर से चढ़ावा की कथित चोरी की जांच और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे के मुद्दों पर अहम चर्चा होने हो रही है।

‘यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं’: CM योगी का बड़ा बयान, 464 करोड़ की प्रशासनिक अकादमी का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार

सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

 

नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

 

अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है।

 

मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।

 

तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है।

 

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

यूपी में मानसिक मंदित संवासियों के भरण-पोषण के लिए अनुदान राशि 2000 से बढ़ाकर 3000

yogi adityanath in rampur

CM Yogi Decision for Divyangjan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों एवं हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति संवासी अनुदान राशि 2000 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। समय के साथ आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत को देखते हुए संवासियों के भरण-पोषण की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट तथा उपचार के बाद पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक एवं शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं तथा शासकीय भवनों में बाधारहित वातावरण विकसित करने के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती की जाए। नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा तब तक ऐसी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

 

बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम, बचपन डे-केयर सेंटर, विशेष विद्यालय, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा सहित अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए, जबकि 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को 43,689 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया तथा चालू वित्तीय वर्ष में 68 जनपदों से 335 बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है।

 

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 तक जहां 10 जनपदों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, वहीं वर्तमान में 25 जनपदों में इनका संचालन किया जा रहा है तथा 28 अन्य जनपदों में स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2017 तक 16 विशेष विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 28 हो गई है। इन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से बच्चों को परोसा भोजन, किताब-कॉपी पाकर खिल उठे नौनिहालों के चेहरे

Chief Minister Yogi served food to children with his own hands

– मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान

– मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों का कराया अन्नप्राशन, कक्षाओं में जाकर बच्चों से किया संवाद

– प्रदर्शनी का अवलोकन कर मुख्यमंत्री योगी ने जाना बच्चों का नवाचार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किताब-कॉपी, बैग, स्टेशनरी किट पाकर नौनिहालों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि स्कूल आओगे, इस पर सभी बच्चों ने मुस्कुराकर स्कूल आने का वादा किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों के नवाचार को भी जाना। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदर्शनी में शामिल बच्चों के आत्मविश्वास की भी सराहना की। परिषदीय विद्यालयों की बच्चियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल और मंच पर बच्चों से संवाद किया तथा उन्हें चॉकलेट भी दीं। 

 

भोजन मंत्र के उपरांत बच्चों ने किया भोजन 

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथ से भोजन परोसा। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी का साथ दिया। बच्चों ने भोजन ग्रहण करने से पहले मंत्रपाठ किया। प्रदेश के मुखिया को अपने लिए भोजन परोसते देखकर बच्चे आह्लादित हो उठे।

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मुख्यमंत्री योगी ने नन्हे-मुन्नों से किया परिचय

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री योगी क्लासरूम पहुंच गए। उन्होंने यहां एक-एक कर सभी बच्चों से नाम पूछा और उनसे बातचीत की। बच्चे भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी से उनसे बातचीत करते रहे। बच्चों ने मुख्यमंत्री के प्रश्नों के बालसुलभ निश्छल उत्तर दिए तो सभी खिलखिला उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट भी दीं।

 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए नन्हे-मुन्नों का अन्नप्राशन भी कराया। विपरीत मौसम के कारण क्लास रूम में ही यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को चंदन/टीका लगाकर खीर खिलाई और उपहारस्वरूप उन्हें खिलौने भी दिए। जिन बच्चों का अन्नप्राशन हुआ, वे मुख्यमंत्री की गोद में भी खेले।

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मुख्यमंत्री के हाथों 5 बच्चों को मिली कॉपी-किताबें, बैग व स्टेशनरी किट 

साक्षी – कक्षा-1, पीएम श्री विद्यालय, बडढ़ा खेड़ा विकास क्षेत्र सरसावा 

आरव – कक्षा-1, मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय, सढौली हरिया विकास क्षेत्र रामपुर मनिहारान

लव्यांश – कक्षा-1, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलपुर विकास क्षेत्र पुंवारका

अस्मिता – कक्षा-1, प्राथमिक विद्यालय, पानसर विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद

रविंद्र – कक्षा-4, पीएम श्री विद्यालय, दलहेडी विकास क्षेत्र नानौता 

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5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का सम्मान 

मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का भी सम्मान किया। सम्मान पाने वालों में निम्न प्रधानाध्यापक शामिल रहे।
 

इंदु बेस – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुतुबपुर लबडोला विकास क्षेत्र नागल

कुलदीप अरोड़ा – प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, सरसावा नंबर-1 विकास क्षेत्र सरसावा

अश्वनी कुमार शर्मा – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, तबर्रकपुर विकास क्षेत्र गंगोह

राज सिंह – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, घान्ना खंडी विकास क्षेत्र पुंवारका

मोहिनी पाल – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – कंपोजिट विद्यालय, खिड़का जुनारदार विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद 

अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

Deadline extended for SIT probe into Ayodhya pilgrimage site donation matter

Donation controversy in Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

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इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।