Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।” नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

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Q2 की ग्रीन शुरुआत, Sensex में 444 अंकों का उछाल, ढाई लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty Closes Green: शेयर मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ग्रीन रही। दो दिनों की गिरावट के बाद आज 1 जुलाई को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ग्रीन रहे। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया था तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर अच्छा माहौल दिखा और मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज ऑटो, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर से अच्छा सपोर्ट मिला। निफ्टी रियल्टी 3% से अधिक तो निफ्टी एफएमसीजी 2% और निफ्टी ऑटो 1% से अधिक मजबूत हुआ। मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने दबाव डालने की काफी कोशिश की और सेंसेक्स के टॉप 3 लूजर इसी सेक्टर से रहे तो निफ्टी आईटी भी 2% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी मेटल भी 1% कमजोर हुआ तो निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस मिल-जुले माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 631.41 प्वाइंट्स चढ़कर 77,110.08 और निफ्टी 50 भी 184.15 प्वाइंट्स उछलकर 24,049.90 तक पहुंचा था।

₹2.93 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 30 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,73,57,184.467 करोड़ था। आज यानी 1 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,50,197.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,93,013.483 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 22 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 22 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की पैरेंट एटर्नल, एशियन पेंट्स और एचयूएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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174 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4447 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2276 शेयर आज मजबूत हुए तो 1995 में गिरावट रही जबकि 176 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 174 शेयर एक साल के हाई और 92 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Income Tax Refund: पूरा इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला? ये 7 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Income Tax Refund: ITR फाइल करने के बाद ज्यादातर लोगों को 4 से 5 हफ्तों में टैक्स रिफंड मिल जाता है। लेकिन कई बार खाते में उतनी रकम नहीं आती, जितनी आपने क्लेम की थी। इसकी वजह यह है कि इनकम टैक्स विभाग रिटर्न प्रोसेस करते समय आपकी जानकारी का दोबारा मिलान करता है। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है, तो रिफंड की रकम कम हो सकती है।

पूरा रिफंड क्यों नहीं मिलता?

रिटर्न प्रोसेस करते समय इनकम टैक्स विभाग Form 26AS, AIS, TIS, TDS स्टेटमेंट और दूसरी जानकारियों का मिलान करता है। अगर इनमें अंतर मिलता है, तो रिफंड कम हो सकता है। इसके लिए ये 7 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • TDS या TCS की जानकारी में गड़बड़ी
  • बैंक ब्याज या कैपिटल गेन जैसी टैक्स योग्य आय छूट जाना
  • गलत टैक्स छूट (Deduction) का दावा
  • एडवांस टैक्स या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स की गलत जानकारी
  • टैक्स के कैलकुलेशन में गलती
  • धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज लगना
  • पुराने असेसमेंट ईयर की बकाया टैक्स डिमांड

अगर विभाग कोई बदलाव करता है, तो धारा 143(1) के तहत इंटिमेशन भेजता है। इसमें रिफंड कम होने की वजह भी बताई जाती है।

रिफंड की रकम कैसे तय होती है?

इनकम टैक्स विभाग आपकी आय, टैक्स छूट और टैक्स क्रेडिट का मिलान करता है। इसके लिए वह कंपनी, बैंक और दूसरी वित्तीय संस्थाओं से मिली जानकारी का इस्तेमाल करता है।

इसके बाद आपकी कुल टैक्स देनदारी दोबारा निकाली जाती है। फिर TDS, TCS, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स को एडजस्ट किया जाता है। अगर आपने जरूरत से ज्यादा टैक्स जमा किया है, तो बची हुई रकम रिफंड के रूप में मिलती है। अगर पुराने साल का कोई टैक्स बकाया है, तो उसे भी रिफंड से एडजस्ट किया जा सकता है।

पुराने टैक्स बकाया का क्या होगा?

अगर किसी पुराने असेसमेंट ईयर का टैक्स बकाया है, तो इनकम टैक्स विभाग उसे आपके रिफंड से एडजस्ट कर सकता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले विभाग ई-फाइलिंग पोर्टल पर सूचना देता है।

टैक्सपेयर्स को डिमांड स्वीकार करने, आंशिक रूप से मानने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलता है। तय समय तक जवाब नहीं मिलने या जवाब पर फैसला होने के बाद ही एडजस्टमेंट किया जाता है।

ब्याज भी घटा सकता है रिफंड

अगर आपने ITR देर से फाइल की है, एडवांस टैक्स कम भरा है या उसकी किस्त समय पर जमा नहीं की है, तो धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज देना पड़ सकता है।

यह ब्याज आपकी कुल टैक्स देनदारी में जुड़ जाता है। ऐसे में TDS पूरा कटा होने पर भी रिफंड कम मिल सकता है।

अगर रिफंड कम मिले तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि रिफंड गलत तरीके से कम किया गया है, तो सबसे पहले धारा 143(1) के तहत मिला इंटिमेशन पढ़ें। उसमें पूरी वजह लिखी होती है।

अगर कोई गलती दिखे, तो रेक्टिफिकेशन के लिए आवेदन करें। Form 16, Form 16A, Form 26AS, AIS, TIS, टैक्स चालान, निवेश के दस्तावेज, कैपिटल गेन का हिसाब, ITR की कॉपी और पुराने टैक्स रिकॉर्ड संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर यही दस्तावेज काम आएंगे।

रिफंड कम होने से कैसे बचें?

ITR फाइल करने से पहले Form 26AS, AIS और TIS का अच्छी तरह मिलान करें। बैंक ब्याज, कैपिटल गेन और दूसरी सभी टैक्स योग्य आय जरूर शामिल करें। सही ITR फॉर्म चुनें। टैक्स छूट और टैक्स क्रेडिट का दावा दस्तावेजों के आधार पर ही करें।

बैंक अकाउंट पहले से प्री-वैलिडेट रखें। ITR फाइल करने के बाद समय पर ई-वेरिफिकेशन करें। रिटर्न सबमिट करने से पहले एक बार पूरी जानकारी जरूर जांच लें। इससे रिफंड में कटौती या देरी की संभावना काफी कम हो जाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Which Tata Sierra EV variant should you buy?

Tata Sierra EV variants

The new Tata Sierra EV is positioned right between the Curvv and Harrier electric SUVs in Tata Motors’ ever expanding EV lineup. Sharing a lot of features and even mechanical underpinnings with the Harrier EV, it is Tata’s second car to now get an optional all-wheel drive (AWD) system. In this feature, we break down what each Sierra EV variant offers and explain which one makes the most sense to buy.

Tata Sierra EV prices and powertrain specs

Tata Sierra EV variant-wise prices (Rs lakh)*

Trim63kWh75kWh
Pure18.79
Pure S19.99
Adventure20.9922.19
Empowered22.7923.79
Empowered A24.79
Empowered A AWD 25.99

*7.2kW home charger and its installation cost an extra Rs 49,000.

The Sierra EV is priced towards the higher end of the midsize electric SUV segment, sitting close to the Mahindra BE 6, which is priced between Rs 18.9 lakh and Rs 26.9 lakh. The Sierra EV is available with 63kWh and 75kWh battery pack options, and both get a rear-mounted electric motor producing 315Nm. The 63kWh variants develop 238hp, while the 75kWh versions produce 209hp. The larger battery is also available with a dual-motor AWD option, which adds a 140hp front motor; combined torque output from this AWD setup is rated at 504Nm. With Boost Mode activated, the AWD version can sprint from 0-100kph in a claimed 5.8 seconds.

Tata Motors claims an MIDC-certified range of 665km for the 75kWh RWD variants, 624km for the 75kWh AWD version and 535km for the 63kWh variants. Using a 120kW DC fast charger, the battery can gain up to 263km of range in 15 minutes, while a 20-80 percent charge takes around 26 minutes. Using a 7.2kW AC charger, the 63kWh battery takes 8.9 hours to charge from 10-100 percent, while the 75kWh battery takes 10.5 hours.

Tata Sierra EV colour options

Tata Sierra EV colours

The Tata Sierra EV is offered in seven monotone colour options: Rishikesh Rapids, Nainital Nocturne, Coorg Clouds, Pure Grey, Pristine White, Andaman Adventure and Bengal Rouge. Of these, Rishikesh Rapids and Nainital Nocturne are exclusive to the Sierra EV, while the remaining colours are also available on the ICE-powered Sierra.

The entry-level Pure trim is available in Coorg Clouds, Pure Grey and Pristine White. The Adventure trim adds Andaman Adventure and Bengal Rouge, while the top-spec Empowered variant also gets Rishikesh Rapids. Nainital Nocturne is reserved exclusively for the Sierra EV AWD.

Tata Sierra EV variant-wise features

Pure

Rs 18.79 lakh

  • 6 airbags
  • All-wheel disc brakes
  • Electronic stability program (ESP)
  • Rain-sensing wipers
  • Hill hold control
  • Hill descent control
  • Traction control system (TCS)
  • Electronic parking brake with auto hold
  • Electronic brakeforce distribution (EBD)
  • Antilock braking system (ABS)
  • Central lock
  • Tyre pressure monitoring system (TPMS)
  • Tyre repair kit
  • Rear wiper and washer
  • Rear camera
  • Push button start/ stop
  • 10.25-inch driver’s display
  • 12.3-inch touchscreen
  • Wireless Android Auto and Apple CarPlay
  • 8 speakers
  • Amazon Alexa voice assistant
  • Connected car tech
  • Over the air (OTA) updates
  • 2 front USB Type-C ports (15W multimedia and 65W charging)
  • 2 rear 65W USB Type-C ports
  • Tilt and telescopic adjustment for the steering wheel
  • Steering mounted controls
  • Paddle shifters for regenerative braking
  • Cruise control
  • Manually adjustable front seats
  • Manual IRVM
  • Height-adjustable front seatbelts
  • Front armrest with storage
  • Cooled glovebox
  • Automatic AC
  • PM 2.5 air purifier
  • Drive modes: Economy, City and Sports
  • Valet mode
  • Power windows
  • EV route planner for Android Auto
  • Adjustable headrests at the front and rear
  • Rear AC vents
  • Rear window sunshade
  • Automatic LED projector headlamps
  • LED DRLs and tail lamps
  • 18-inch alloy wheels
  • Electrically adjustable ORVMs with turn indicators
  • Shark-fin type antenna with GPS

Pure S

Rs 19.99 lakh

In addition to Pure

  • Front parking sensors
  • Acoustic vehicle alerting system (AVAS)
  • Auto-folding ORVMs
  • Vehicle to load (V2L) charging
  • Vehicle to vehicle (V2V) charging
  • Voice-assisted panoramic sunroof
  • Frunk
  • Roof rails
  • Front LED fog lamps with cornering function

Adventure

Rs 20.99 lakh-22.19 lakh

In addition to Pure S

  • 360-degree camera with blind spot
  • Rear defogger
  • Wireless charger
  • AirConsole remote gaming support
  • Boss mode
  • Auto dimming IRVM
  • Ambient lights
  • Leatherette-wrapped steering wheel
  • Thigh support extender at the front
  • Front seatback pockets
  • 12 JBL Black speakers
  • Dolby Atmos
  • Arcade.ev suite
  • DrivePay
  • Terrain modes: Normal, Wet/Rain, Rough, Custom
  • Drift mode

Empowered

Rs 22.79 lakh-23.79 lakh

In addition to Adventure

  • 12.3-inch front passenger screen
  • Front ventilated seats
  • 6-way powered driver’s seat with memory function
  • Dual zone AC
  • Leatherette upholstery
  • 60:40 split rear seats with recline
  • Rear centre armrest with cup holders
  • Adjustable rear centre headrest
  • Sequential turn indicators
  • LED headlamps
  • Rear fog lamps
  • Gesture-controlled tailgate
  • NFC card entry
  • Puddle lamps

Empowered A

Rs 24.79 lakh

In addition to Empowered

  • Level 2+ ADAS
  • Auto park assist
  • 540-degree camera
  • 19-inch alloy wheels
  • Powered co-driver’s seat
  • HUD
  • Cabin ioniser

Empowered A AWD

Rs 25.99 lakh

In addition to Empowered A

  • Boost mode
  • 6 terrain modes: Normal, Grass/ Snow, Mudruts/ Gravel, Sand, Rock Crawl, Custom
  • Off-road Assist

Which Tata Sierra EV variant should you consider buying?

We recommend the Rs 19.99 lakh-Pure S trim, which packs passenger convenience features such as a panoramic sunroof, a 10.25-inch digital driver’s display, a 12.3-inch touchscreen, wireless Android Auto and Apple CarPlay, an eight-speaker audio system, automatic climate control and cruise control. It comes only with the 63kWh battery pack, which offers a real-world range of 440-460km, according to Tata’s C75 tests (represents a real-world range figure that can be expected by buyers). This should be more than sufficient for daily office commutes as well as highway trips.

However, if your budget allows, the Rs 22.19 lakh-Adventure trim with the 75kWh battery pack is worth considering. It’s the most affordable Sierra EV variant with the larger 75kWh battery pack, which increases the claimed real-world range to 510-530km, as per Tata’s C75 tests. Besides the longer range, it also adds features such as a 360-degree camera with blind-spot view, Boss mode, a wireless phone charger, a 12-speaker JBL Black audio system, Dolby Atmos, AirConsole remote gaming support and more.

Ex-showroom prices mentioned above are as of July 1, 2026.

Tax Refund: टैक्स रिफंड जल्दी चाहते हैं? जानिए किन 5 गलतियों से बचना है जरूरी

Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी देने या किसी जरूरी प्रक्रिया को छोड़ने पर आपका रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। इसके चलते टैक्स रिफंड आने में भी देरी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि ITR भरते वक्त किन 5 बातें का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपका टैक्स रिफंड जल्दी आ सके। साथ ही, रिफंड स्टेटस चेक करने का तरीका भी जानेंगे।

1. PAN-Aadhaar लिंक और प्रोफाइल अपडेट

अगर आप पहली दफा ITR फाइल कर रहे हैं, तो सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर Taxpayer के तौर पर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद सुनिश्चित करें कि आपका PAN और Aadhaar लिंक हो।

साथ ही नाम, जन्मतिथि, जेंडर जैसी जानकारी PAN रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए। मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पता भी अपडेट रखें, ताकि टैक्स विभाग जरूरत पड़ने पर आपसे संपर्क कर सके।

2. बैंक अकाउंट वैलिडेट करें और सही ITR फॉर्म चुनें

अगर आपका टैक्स रिफंड बनता है, तो वह सीधे बैंक खाते में आएगा। इसके लिए बैंक अकाउंट का इनकम टैक्स पोर्टल पर वैलिडेशन जरूरी है।

बैंक अकाउंट PAN से लिंक होना चाहिए, IFSC और बैंक की जानकारी सही होनी चाहिए। PAN और बैंक खाते में दर्ज नाम एक जैसा होना चाहिए। इसके साथ ही अपनी इनकम के सोर्स के हिसाब से सही ITR फॉर्म चुनें। गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न और रिफंड में देरी हो सकती है।

3. टैक्स छूट और TDS की जानकारी का मिलान करें

अगर आप किसी टैक्स छूट या डिडक्शन का दावा कर रहे हैं, तो उससे जुड़े दस्तावेज जरूर जांच लें। साथ ही Form 26AS, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टोटल इनकम स्टेटमेंट (TIS) में दर्ज TDS, TCS और अन्य टैक्स क्रेडिट का मिलान जरूर करें।

किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। अगर आप उसे समय रहते सुधार लेंगे, तो परेशानी से बच जाएंगे।

4. ITR समय से पहले फाइल करें

आखिरी तारीख का इंतजार करने से बचें। समय रहते ITR फाइल करने पर आपको सभी जानकारियां दोबारा जांचने और गलती सुधारने का मौका मिल जाता है। इससे रिटर्न रिजेक्ट होने या प्रोसेसिंग में देरी की आशंका भी कम रहती है।

5. फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन न भूलें

ITR फाइल करना आखिरी कदम नहीं है। रिटर्न अपलोड करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन भी करना जरूरी है।

यह काम Aadhaar OTP, डिजिटल सिग्नेचर या अन्य उपलब्ध माध्यमों से किया जा सकता है। अगर तय समय में ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो ITR अमान्य माना जाएगा। ऐसे में टैक्स रिफंड भी जारी नहीं होगा।

ऐसे चेक करें ITR रिफंड का स्टेटस

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के e-Filing Portal पर लॉग इन करें।
  • e-File मेन्यू में जाकर Income Tax Returns पर क्लिक करें।
  • View Filed Returns विकल्प चुनें।
  • जिस असेसमेंट ईयर का रिफंड देखना है, उसे चुनें।
  • वहां आपको ITR का स्टेटस, प्रोसेसिंग की स्थिति और रिफंड से जुड़ी जानकारी दिखाई दे जाएगी।

या फिर आप NSDL/TIN के रिफंड ट्रैकिंग पोर्टल पर PAN और असेसमेंट ईयर दर्ज करके भी रिफंड का स्टेटस देख सकते हैं।

ITR Filing Deadline: बदल गई ITR फाइल करने की आखिरी तारीख! सैलरीड क्लास और बिजनेसमैन के लिए आ गया नया कैलेंडर, देखें पूरी लिस्ट

Trading Strategy : जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव, 24050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बन सकता है बुलेट ट्रेन

Trading Strategy : जून सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी निचले स्तरों से 80 अंक सुधरकर 23900 के ऊपर दिख रहा है। मिडकैप अच्छी तेजी के साथ आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX से भी पॉजिटिव संकेत हैं। IT शेयरों ने आज पूरे बाजार पर दबाव बनाया है। आईटी इंडेक्स तीन साल के निचले स्तरों पर पहुंचा गया है। TCS, WIPRO और टेक महिंद्रा, निफ्टी के टॉप लूजर बने हैं। FMCG और सरकारी बैंकों में भी दबाव है।

केमिकल,रियल्टी और डिफेंस शेयरों में आज जोरदार तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। सोलार इंडस्ट्रीज डिफेंस में 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोचिन शिपयार्ड भी 4% उछला है।

बाजार: रेंज का सम्मान

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी ने Buy या Sell जोन,दोनों में अच्छी ट्रेड दी है। आज का हाईलाइट है,मिडकैप का आउटपरफॉर्मेंस। 3-4 दिनों के बाद मिडकैप में रौनक लौटी है। इंडिया VIX अभी भी कंफर्ट जोन में कायम है। आज के इक्के मारुति ने कमाल किया है। आयशर मोटर्स में भी आज उम्मीद के मुताबिक ही कामकाज हुआ। पहले यह 6% तक गिरा और फिर बॉरगेन खरीदारी आई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एक्सपायरी ऑप्शन राइटर के रेंज के बाहर होगी? दूसरा बड़ा सवाल है कि जुलाई सीरीज के लिए क्या टेक्स्चर है?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी में 23,800-23,850 लक्ष्मण रेखा है। इसके ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड ऊपर है। 24,050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बुलेट ट्रेन बन सकता है। निफ्टी के चलने के लिए 2-3 बड़े शेयरों को चलना होगा। RIL,HDFC Bank, Infosys, L&T पर नजर रखें। जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव ही है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,850-23,950 पर सपोर्ट और 24,050-24,150 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में आज सिर्फ और सिर्फ एक्सपायरी वाला मूव है। अभी के लिए न्यूट्रल रहें,चाहें तो जुलाई मंथ एंड कॉल्स लें।

 

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

एक साल में 8 लाख रुपये से सीधे 25 लाख का हो गया पैकेज! टेक प्रोफेशनल ने बताया 1 साल में कैसे 3 गुना बढ़ी सैलरी

कई प्रोफेशनल्स अपनी सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद में सालों बिता देते हैं, लेकिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए, सिर्फ़ 12 महीनों में करियर से जुड़े कुछ फैसलों ने उनकी सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी। रेडिट पर अपनी कहानी शेयर करते हुए, इस टेक प्रोफेशनल ने बताया कि कैसे नई नौकरी के लिए दूसरी जगह जाने के मुश्किल फैसले ने आखिरकार उनकी सालाना कमाई को लगभग तीन गुना करने में मदद की।

करीब 5 साल के अनुभव वाले जावा फुल स्टैक डेवलपर, इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) में ‘निंजा’ प्रोफ़ाइल के साथ की थी। पीछे मुड़कर देखने पर, उन्होंने अपने पहले प्रोजेक्ट को जावा, स्प्रिंग बूट, AWS, एंगुलर और पायथन जैसी टेक्नोलॉजीज़ का अनुभव दिलाने का श्रेय दिया।

एक ही प्रोजेक्ट पर लगभग चार साल बिताने और बेहतरीन परफॉर्मेंस रेटिंग पाने के बावजूद, उन्हें लगा कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी सीमित ही रही। अपनी रेडिट पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन डिजिटल एग्ज़ाम (विंग्स 1) पास करने और अच्छे बैंड (A – 2022, B – 2023, A – 2024) पाने के बाद भी, मेरा CTC सिर्फ़ 7.8 LPA था।”

जुलाई 2025 में जब उन्होंने अपनी पहली नौकरी बदली, तब उनकी ज़िंदगी में एक अहम मोड़ आया। उस समय उनके पास कई ऑफ़र थे। एक ऑफ़र में रिमोट वर्क (घर से काम करने) की सुविधा थी, लेकिन सैलरी कम थी। दूसरे ऑफ़र में सबसे ज़्यादा पैकेज मिल रहा था, लेकिन उसके लिए बेंगलुरु जाना ज़रूरी था। तीसरा ऑफ़र घर के पास था और उसमें बेंगलुरु वाली नौकरी से थोड़ी कम सैलरी मिल रही थी।

वे खुद को इंट्रोवर्ट मानते थे, इसलिए किसी नए शहर में बसने का विचार उन्हें ज्यादा उत्साहित नहीं कर रहा था। उन्होंने माना कि वे सुरक्षित विकल्प चुनने की सोच रहे थे, लेकिन तभी एक कलीग ने उन्हें लंबे समय के फायदों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने लिखा, “मैं आखिरी वाला ऑफर एक्सेप्ट करने की सोच रहा था, क्योंकि एक इंट्रोवर्ट होने के नाते, मुझे नए दोस्त बनाने में मुश्किल होती है और मुझे दूसरी जगह बसना बिल्कुल पसंद नहीं था।” “लेकिन मेरे एक कलीग ने मुझसे कहा कि मुझे बेंगलुरु वाला ऑफर स्वीकार कर लेना चाहिए और वहां चले जाना चाहिए, क्योंकि यह मेरे करियर के लिए बेहतर होगा।”

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आखिरकार उन्होंने उस सलाह को माना और बेंगलुरु चले गए। उन्होंने बताया कि यह बदलाव उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। उन्हें बजट के अंदर रहने की जगह मिल गई, नए दोस्त बने और वे शहर की ज़िंदगी में घुल-मिल गए। करीब छह महीने तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा। लेकिन, जल्द ही लागत कम करने के उपायों का असर उनकी टीम पर पड़ा। कई साथियों को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया, जबकि एक और साथी का काम खत्म हो गया। इन हालात ने उन्हें फिर से नए मौकों की तलाश शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

उन्हें सबसे पहले एक फिनटेक कंपनी से ऑफर मिला, जिसके लिए उन्होंने एक ही दिन में इंटरव्यू के सभी राउंड पास कर लिए थे। हालांकि, सैलरी में जो बढ़ोतरी ऑफर की गई थी, वह उनके मौजूदा पैकेज से सिर्फ़ 22% ज़्यादा थी। अपने नोटिस पीरियड के दौरान, वे कई कंपनियों के साथ इंटरव्यू देते रहे, जिनमें फिलिप्स, डेल्टा एयरलाइंस, AMEX GBT और दूसरी सर्विस-बेस्ड कंपनियां शामिल थीं। जहां AMEX GBT ने 50% बढ़ोतरी का ऑफर दिया, वहीं डेल्टा एयरलाइंस ने 75% बढ़ोतरी की उनकी मांग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह कंपनी के बजट से बाहर है।

आखिरकार, उन्होंने AMEX GBT का ऑफर स्वीकार कर लिया और इसी महीने कंपनी जॉइन कर ली। अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए, डेवलपर ने कहा कि उन्होंने TCS में 3.3 LPA के पैकेज के साथ अपना करियर शुरू किया था। समय के साथ, लगातार अच्छा प्रदर्शन और स्किल्स में सुधार की वजह से उनका पैकेज बढ़कर 7.8 LPA हो गया। हालांकि, कंपनी बदलने और दूसरी जगह जाकर काम करने के लिए तैयार होने के बाद उन्हें बड़ी बढ़त मिली। बाद में उन्होंने कमेंट सेक्शन में बताया, “मेरा मौजूदा CTC 24.8 LPA है।”

क्या आपने निपटा लिए टैक्स से जुड़े ये 5 जरूरी काम? जेब पर भारी पड़ सकती है जरा सी भी देरी, ये है डेडलाइंस

ITR Filing 2026: नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और कंपनियों के लिए जुलाई 2026 का महीना टैक्स और कंप्लायंस के लिहाज से बेहद व्यस्त रहने वाला है। इस महीने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने से लेकर TDS जमा करने जैसी कई महत्वपूर्ण तारीखें आ रही हैं। अगर आप इनमें से किसी भी डेडलाइन को चूक जाते हैं, तो आपको भारी पेनाल्टी, लेट फीस और ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है।

अपनी जेब को नुकसान से बचाने के लिए टैक्स से जुड़ी इन 5 बड़ी डेडलाइंस को पहले ही नोट कर लें और समय रहते अपना काम पूरा करें।

1. 31 जुलाई: ITR फाइल करने की आखिरी तारीख

जुलाई महीने की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण डेडलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं को 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न हर हाल में दाखिल करना होगा। इस तारीख के बाद रिटर्न भरने पर भारी लेट फीस देनी होगी और आप अपने नुकसान को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड भी नहीं कर पाएंगे।

2. 7 जुलाई: टीडीएस जमा करने की डेडलाइन

महीने की शुरुआत में ही 7 जुलाई को एक बड़ा कंप्लायंस आ रहा है। जिन करदाताओं या संस्थाओं को असेसिंग ऑफिसर से तिमाही टीडीएस जमा करने की मंजूरी मिली हुई है, उन्हें अप्रैल-जून तिमाही का टीडीएस 7 जुलाई तक जमा करना होगा। इसके अलावा, जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान मिले विशेष डिक्लेरेशन और फॉर्म्स को अपलोड करने की आखिरी तारीख भी यही है।

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3. 15 जुलाई: इन संस्थाओं के लिए बड़ी रिपोर्टिंग

15 जुलाई की तारीख सरकारी दफ्तरों, स्टॉक एक्सचेंजों, ऑथराइज्ड डीलर्स, आईएफएससी यूनिट्स और गैर-निवासी भारतीय (NRI) निवेशकों के साथ काम करने वाले बिचौलियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन्हें इस तारीख तक अपनी जरूरी रिपोर्टिंग और टैक्स से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे।

4. 30 जुलाई: चालान-कम-स्टेटमेंट भरने की अंतिम तिथि

टैक्स कटौती करने वाले लोगों या संस्थाओं के लिए 30 जुलाई की तारीख अहम है। जून के महीने में की गई कुछ खास कैटेगरी की टैक्स कटौतियों से संबंधित चालान-कम-स्टेटमेंट को इस तारीख तक सबमिट करना अनिवार्य है।

5. 31 जुलाई: टीडीएस/टीसीएस रिटर्न और जरूरी फॉर्म्स की बाढ़

31 जुलाई सिर्फ आईटीआर के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े टैक्स कंप्लायंस के लिए भी साल का सबसे व्यस्त दिन है:

TDS/TCS तिमाही स्टेटमेंट: सैलरी से टैक्स काटने वाले एम्प्लॉयर्स और टीसीएस कलेक्ट करने वाली संस्थाओं को 30 जून को खत्म हुई तिमाही का रिटर्न 31 जुलाई तक फाइल करना होगा। इसके अलावा, अनिवासियों को किए गए गैर-सैलरी भुगतानों का तिमाही टीडीएस स्टेटमेंट भी इसी दिन तक देना है।

ये खास फॉर्म भरने की भी आखिरी तारीख: अगर आप टैक्स छूट या राहत का दावा करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई तक ये फॉर्म जरूर भरें:

  • Form 10E: एरियर या एडवांस सैलरी पर टैक्स रिलीफ पाने के लिए।
  • Form 10BA: धारा 80GG के तहत किराए के मकान पर डिडक्शन का दावा करने के लिए।
  • Form 10H: विदेशी आय पर डिडक्शन का दावा करने वाले लेखकों और पेटेंट धारकों के लिए।
  • Form 10CCE और Form 10CCD: रॉयल्टी से जुड़ी टैक्स छूट का लाभ लेने के लिए।

एक सबसे जरूरी सलाह ये है कि आखिरी दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल पर हैवी ट्रैफिक के कारण आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए आज ही अपने पेंडिंग टैक्स कंप्लायंस निपटा लें।

ITR Filing 2026: AI से फाइल कर रहे रिटर्न? एक्सपर्ट्स बोले- डेटा लीक होने से लेकर टैक्स नोटिस आने तक का खतरा

ITR Filing 2026: अब तकरीबन सभी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ईमेल लिखने से लेकर निवेश और टैक्स प्लानिंग तक में लोग AI टूल्स की मदद ले रहे हैं।

लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए केवल सामान्य AI चैटबॉट्स पर भरोसा करना महंगा पड़ सकता है। खासकर जब मामला कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति, क्रिप्टोकरेंसी या बिजनेस इनकम से जुड़ा हो।

AI पर पूरी तरह भरोसा करना क्यों गलत?

ClearTax के फाउंजर और CEO अर्चित गुप्ता का कहना है कि कई लोग अपना Form 16, सैलरी स्लिप और निवेश से जुड़ी जानकारी सीधे सार्वजनिक AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर रहे हैं। इससे टैक्स कैलकुलेशन में गलती होने का खतरा रहता है।

उनके मुताबिक, सामान्य AI टूल्स के पास टैक्स नियमों का तय ढांचा नहीं होता। यही वजह है कि एक ही Form 16 अपलोड करने पर अलग-अलग बार अलग टैक्स देनदारी दिख सकती है। अगर रिटर्न में कोई गलती होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टैक्सपेयर की होगी, AI टूल की नहीं।

डेटा लीक का भी खतरा

रिटर्न फाइल करने में AI के इस्तेमाल से डेटा लीक होने का खतरा भी रहता है। अर्चित गुप्ता के मुताबिक, सार्वजनिक AI प्लेटफॉर्म पर सैलरी स्लिप, PAN, बैंक डिटेल या दूसरे वित्तीय दस्तावेज अपलोड करना सुरक्षित नहीं है। इससे आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि यह कई कंपनियों की डेटा सिक्योरिटी पॉलिसी का उल्लंघन भी माना जा सकता है। कुछ मामलों में कर्मचारियों पर कार्रवाई तक की नौबत आ चुकी है।

AI कहां तक मददगार है?

Deloitte India के पार्टनर तरुण गर्ग का कहना है कि AI को टैक्स फाइलिंग का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक टूल की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह टैक्स नियम समझाने, जरूरी दस्तावेजों की सूची तैयार करने और पुराने-नए टैक्स रिजीम की तुलना करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, AI से तैयार रिटर्न को अंतिम मानने के बजाय ड्राफ्ट की तरह देखें। रिटर्न फाइल करने से पहले सभी जानकारियों का मिलान आधिकारिक दस्तावेजों से जरूर करें।

रिटर्न भरने से पहले ये जांच जरूर करें

  • AIS, TIS और Form 26AS से सभी आय का मिलान करें।
  • सही ITR फॉर्म का चयन हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
  • पुराना या नया टैक्स रिजीम सही तरीके से चुना गया है या नहीं, यह जांचें।
  • TDS और TCS क्रेडिट का मिलान करें।
  • कैपिटल गेन, क्रिप्टो, विदेशी संपत्ति और अन्य जरूरी खुलासों की दोबारा जांच करें।
  • बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI टैक्स फाइलिंग को आसान जरूर बना सकता है, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी हमेशा टैक्सपेयर की ही रहती है। इसलिए ITR फाइल करते समय AI की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय आधिकारिक पोर्टल या टैक्स प्रोफेशनल की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

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Trading Strategy : यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें, चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके

Trading Strategy : बैंकिंग और IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 250 प्वाइंट उछलकर 24050 के पार निकल गया है। ICICI BANK, HDFC BANK, RIL और SBI ने बाजार में जोश भरा है। बैंक निफ्टी में भी 900 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया है। मिडकैप भी हरे निशान में आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसला है। IT और रियल्टी में जोरदार तेजी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़े हैं। टेक महिंद्रा 4% उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही TCS,परसिस्टेंट और कोफोर्ज में भी रौनक है। वहीं NBFCs में भी 1.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। लेकिन डिफेंस और कैपिटल गुड्स इंडेक्स में आज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: शानदार बाउंसबैक

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में कल की गिरावट के बाद शानदार रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में तो आज की बढ़त कल की गिरावट से ज्यादा दिख रही है। निफ्टी ने भी कल की लगभग पूरी गिरावट रिकवर कर ली है। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से सपोर्ट मिला है। सुबह यही नजरिया था कि एक दिन से ट्रेंड नहीं बदलता। सुबह बाजार ने एक गिरावट दी और फिर नहीं रुका। अब आज की क्लोजिंग सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। बैंक निफ्टी में अब वापस बड़ा वाला मूव शुरू हुआ है।

बाजार: अब क्या?

बाजार में बड़ा ट्रेंड नहीं बदला है। कल की गिरावट में भी यही बात हुई थी। अब लग रहा है कल की गिरावट जरुरत से ज्यादा थी। अब बाजार ने फिर से लॉन्ग ट्रेड्स को रिवॉर्ड किया है। 23,800-23,850 अब किसी भी लॉन्ग के लिए SL है। यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें। चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके हैं। अच्छी खबरों पर बाजार शानदार रिस्पॉन्स दे रहा है। कल सुबह हमने 8:30 बजे JSW इंफ्रा पर पॉजिटिव नजरिया लिया था। लॉजिक के साथ बताया था कि JSW इंफ्रा 10-20% रैली के लिए तैयार है और 2 दिनों में करीब 12% की रैली आई और वो भी पूरी स्क्रीन पर।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,100-24,150 और फिर 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-59,000 का रास्ता वापस खुला है।

कल के लिए रणनीति

आज की क्लोजिंग बढ़िया है। बैंक निफ्टी में काफी मजबूती है। लेकिन अगर रिस्क लग रहा है तो पोजीशन हेज करें। बेहतर है चुनिंदा शेयरों में पोजीशन लेकर जाएं।

Stock Market view : आगे बाजार में अच्छी तेजी की उम्मीद, बैंक और फार्मा शेयर दिखाएंगे कमाल