सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में 100 रुपये की तेजी, चांदी अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 अगस्त को बुलियन की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। सोने की कीमतें 100 रुपये चढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। चांदी की कीमतें बगैर बदलाव के 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम रहीं। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी।

इनवेस्टर्स मध्यपूर्व के हालात को देख बरत रहे सावधानी

ट्रेडर्स ने बताया कि सोने में सामान्य खरीदारी दिखी, जबकि चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी बातचीत के मद्देनजर इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इनवेस्टर्स जियोपॉलिटिकल स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी चढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.1 फीसदी चढ़कर 4,134.60 डॉलर प्रति औंस था। चांदी में तेजी दिखी। यह 2.6 फीसदी चढ़कर 59.7 डॉलर प्रति औंस थी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि इनवेस्टर्स को अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा का इंतजार है।

क्रूड में उछाल से सोने की कीमतों पर बढ़ा दबाव 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड अब भी लड़ाई से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है। अगर यह लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट को हाई बनाए रख सकता है। इसका सोने पर खराब असर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

रिकॉर्ड हाई लेवल से करीब 28 फीसदी गिरा है सोना

28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसका बुलियन की कीमतों पर खराब असर पड़ा। तब से सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रही हैं। इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। तब से सोना करीब 28 फीसदी गिर चुका है।

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अमेरिका-ईरान में जल्द समझौते की उम्मीद

अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के साथ जल्द समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द खुल जाता है तो इससे क्रूड की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना 300 रुपये महंगा, चांदी की कीमतें स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 31 जुलाई को 300 रुपये इजाफा हुआ। चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। रिटेलर्स और ज्वेलर्सी की खरीदारी से सोने को सपोर्ट मिला। सोने की कीमत 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.18 फीसदी गिरकर 4,055 डॉलर प्रति औंस था। चांदी भी 2 फीसदी की गिरावट के साथ 57.98 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने कहा, “गुरुवार रात के लेवल से कीमत में नरमी आई है। यह 4,060 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। सिल्वर में भी नरमी दिखी है।”

सोने की कीमतों पर दबाव की दो वजहें 

एनालिस्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा है। हालांकि, फरवरी के बाद जुलाई पहला महीना है, जब सोने की कीमतें चढ़ी हैं। स्वतंत्र विश्लेषक रॉस नॉरमैन ने कहा, “सोना चढ़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी यह कंसॉलिडेशन फेज में है।”

सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर दबाव में आएगा सोना

फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। इससे सोने को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, माना जा रहा है कि फेड सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है। क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हुआ है।

क्रूड में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ रहा

महंगाई को काबू में करने के लिए फेड सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता नहीं दिख रहा है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। 31 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.76 फीसदी चढ़कर 88.37 डॉलर पर चल रहा था। क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा

Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

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क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 5200 रुपये क्रैश

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी पर 28 जुलाई को बड़ा दबाव दिखा। देश और विदेश में दोनों की कीमतें गिर गईं। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 2,640 रुपये गिरकर 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 5,200 रुपये फिसलकर 2,24,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.26 फीसदी गिरकर 4,026 डॉलर प्रति औंस था, जबकि चांदी 1.72 फीसदी गिरकर 57.39 डॉलर प्रति औंस थी।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी गिरावट 

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी गिरावट देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,536 रुपये गिरकर 1,41,527 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.12 फीसदी यानी 4,792 रुपये गिरकर 2,16,3888 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। बीते तीन महीने में सिल्वर फ्यूचर्स करीब 14 फीसदी क्रैश कर चुका है।

फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी पर नजरें 

बुलियन ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 29 जुलाई को आने वाली फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी पर लगी हैं। फेडरल रिजर्व की एफओएमसी की बैठक 28 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक देर शाम में शुरू होगी। इसके नतीजे 29 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक देर रात आएंगे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए अपना रुख सख्त कर सकता है।

फेडरल रिजर्व रुख को सख्त बना सकता है

सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा सकता है। अगर वह 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाता है तो भी वह अपना रुख सख्त बनाएगा। ज्यादतर एनालिस्ट्स का मानना है कि फेड सितंबर की अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के अनुमान ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है।

डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर असर

उधर, अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिकी डॉलर 28 जुलाई को चार हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गया। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। बीते कुछ महीनों में डॉलर में मजबूती देखने को मिली है।

बुलियन पर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इसका असर मंगलवार को सोने की कीमतों पर दिखा।” हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है। लेकिन, इनवेस्टर्स का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

दिल्ली में सोना 2000 रुपये गिरा, चांदी 5000 रुपये फिसली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों में तेजी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोना 2000 रुपये गिरकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 5000 रुपये गिरकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह मुनाफावसूली बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन मे तेजी

ट्रेडर्स ने कहा कि बुलियन की कीमतों पर कमजोर सेंटिमेंट का भी असर पड़ा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। इससे भाव बढ़कर 4,063 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी 2 फीसदी के उछाल के साथ 58.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसकी वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों गिरावट है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। 24 जुलाई को इसमें गिरावट दिखी।

क्रूड में नरमी से विदेश में बुलियन में तेजी

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “ब्रेंट क्रूड में गिरावट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड करीह 4 फीसदी गिरा। इससे पहले पांच दिन में यह 12 फसदी चढ़ा था।” उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है। उसने लगातार 14वें रात ईरान पर हमले किए।

क्रूड में तेजी थमी तो सोने-चांदी में आएगी तेजी

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लगता है और अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है तो सोने और चांदी में तेजी दिख सकती है। सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस पर जा सकती है।

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शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन गिरावट 

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकती है। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।

दिल्ली में सोना 400 रुपये गिरा, चांदी में भी कमजोरी, क्रूड 100 डॉलर पार करने का असर

दिल्ली में गुरुवार यानी 23 जुलाई को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट आई। सोना 400 रुपये गिरकर 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 300 रुपये गिरकर 2,29,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने यह जानकारी दी।

क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर 

ट्रेडर्स ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से बुलियन में मुनाफावसूली हो रही है। क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर है। इससे दुनियाभर में केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी में सख्ती दिख सकती है। खासकर अमेरिका में फेडरल रिजर्व महंगाई को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

केंद्रीय बैंक बढ़ा सकते हैं इंटरेस्ट रेट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुलियन पर दबाव बढ़ने की वजह मिडिलईस्ट में चल रही लड़ाई है, जिससे क्रूड की कीमतें चढ़ रही हैं। इससे माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में सख्ती बरत सकता है।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में गिरावट 

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में गिरावट देखने को मिली। यह 38.92 डॉलर यानी 1 फीसदी गिरकर 4,091.17 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर भी करीब 2 फीसदी गिरकर 58.65 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ब्रेंट क्रूड का प्राइस बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह बीते छह हफ्तों में क्रूड का सबसे ज्यादा प्राइस है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोना दबाव में रहेगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहती हैं या और ऊपर जाती है तो गोल्ड दबाव में रहेगा। इस साल सोने की कीमत जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। अपने पीक से यह करीब 30 फीसदी गिर चुका है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।

Gold Silver Prices Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में गिरावट, क्रूड 98 डॉलर के पार जाने का असर

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में 23 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,103.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 1.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,106.40 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 1.3 फीसदी की गिरावट के साथ 58.90 डॉलर प्रति औंस था।

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर में 0.95 फीसदी यानी 1,329 रुपये गिरकर 1,44,351 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.03 फीसदी यानी 4,598 रुपये की गिरावट के साथ 2,22,220 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था।

सोने की कीमतें 22 जुलाई को 2 हफ्ते की उंचाई पर पहुंच गई थी। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड में बड़ी तेजी दिखी। यह 4.35 फीसदी यानी 4 डॉलर से ज्यादा तेजी के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। इससे इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। इससे डॉलर में कमजोरी का फायदा सोना को नहीं मिल रहा।” क्रूड ऑयल की कीमतें बीते छह हफ्तों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई हैं।

दो साल की की मैच्योरिटी अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 17 महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इसकी वजह क्रूड की कीमतों में उछाल है। महंगा क्रूड इनफ्लेशन बढ़ाएगा, जिससे फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, डॉलर में 0.1 फीसदी कमजोरी आई है। लेकिन, सोने की कीमतों को इसका फायदा नहीं मिला है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसलिए डॉलर में कमजोरी आने पर सोने की कीमतें चढ़ती हैं।

फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर सोने की चमक घटती है। हालांकि, अगले हफ्ते फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। लेकिन, फ्यूचर्स मार्केट का मानना है कि इस साल के अंत फेडरल रिजर्व कम से कम एक बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद का असर सोने की कीमतों पर दबाव बनाएगा।

दिल्ली में सोना 2 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा, चांदी एक दिन में 8500 रुपये उछली

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली। सोने का भाव 1,900 रुपये के उछाल के साथ दो हफ्ते की ऊंचाई यानी 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेतों और स्ट्रॉन्ग डिमांड की वजह से कीमतों को सपोर्ट मिला। चांदी में भी जबर्दस्त तेजी दिखी।

चांदी एक दिन में 8500 रुपये चढ़ी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को चांदी 8,500 रुपये की तेजी के साथ 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी में यह तेजी का लगातार छठा सत्र था। ट्रेडर्स ने कहा कि सोने में भी यह तेजी का लगातार तीसरा सत्र था। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के पॉजिटिव संकेतों के साथ ही स्ट्रॉन्ग लोकल डिमांड और पिछले हफ्ते कीमतों में गिरावट के बाद अच्छी खरीदारी का असर कीमतों पर पड़ा।

फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुधवार को सोने में तेजी रही। इससे कीमतें दो हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गई। इसमें फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी का भी हाथ है।” उन्होंने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी निवेश बढ़ा है। इससे यह संकेत मिलता है कि हालिया गिरावट के बाद सोने को लेकर सेंटिमेंट बदल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 1.16 फीसदी यानी 47 डॉलर के उछाल के साथ 4,125 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी में भी करीब 1 फीसदी की तेजी रही, जिससे यह 59.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बीते कुछ हफ्तों में सोने और चांदी पर काफी दबाव देखने को मिला था।

क्रूड ऑयल 5 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च के एवीपी कायनात चेनवाला ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन और क्रूड ऑयल की कीमतें पांच हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच जाने के बावजूद सोने और चांदी में तेजी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कूटनीति से मामले के समाधान के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका बातचीत शुरू करना चाहता है लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है। इससे इनवेस्टर्स ‘इंतजार करो और देखो’ की पॉलिसी अपना रहे हैं।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ेगी महंगाई

22 जुलाई को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 94 डॉलर प्रति बैरल को पार गई। अगर क्रूड में तेजी जारी रहती है या लंबे समय तक कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। अमेरिका में फेडरल रिजर्व उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है।

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में चांदी ₹8500 महंगी हुई, सोना ₹1.49 लाख के पार

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी की वजह से सोना ₹1,900 चढ़कर ₹1,49,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह करीब दो हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को सोना ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 7 जुलाई को इसकी कीमत ₹1,49,250 प्रति 10 ग्राम थी।

चांदी ने भी लगाई लंबी छलांग

चांदी ने लगातार छह दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया। इसकी कीमत ₹8,500 बढ़कर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई। एक दिन पहले यह ₹2,21,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

सोना-चांदी में तेजी क्यों आई?

बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। इसकी वजह सिर्फ एक नहीं है। विदेशी बाजार में मजबूती रही। घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी। हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने भी खरीदारी का मौका देखा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेत और फिजिकल डिमांड बढ़ने से सोना दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि गोल्ड ETF में दोबारा निवेश बढ़ने से भी बाजार को सहारा मिला है।

ग्लोबल मार्केट में क्या हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.16% बढ़कर 4,125.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 59.32 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने बताया कि कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 4,140 डॉलर प्रति औंस के दो हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद दोनों कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत की गुंजाइश तो है, लेकिन फिलहाल ईरान गंभीर नहीं दिख रहा। इसलिए निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

वहीं, Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि सोने को तीन चीजों से सहारा मिल रहा है। पहली, अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद। दूसरी, ट्रंप प्रशासन की ओर से फिर टैरिफ लगाने की शुरुआत। तीसरी, सोने का 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहना।

अब बाजार की नजर अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर जो संकेत मिलेंगे, वही आगे सोना और चांदी की चाल तय करेंगे।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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