Lock Upp 2: ‘डॉक्टरों ने मुझसे कहा था कि मैं छह महीने में मर सकता हूं’, राम कपूर ने लॉकअप में अपना सबसे बड़ा राज खोला

Lock Upp 2: राम कपूर ने ‘लॉक अप’ में अपना तीसरा और एक और चौंकाने वाला राज खोला है। ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ की शूटिंग के दौरान मोटापे से जूझ रहे इस एक्टर ने बताया कि उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि वे डिप्रेशन में चले गए थे और डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि वे सिर्फ छह महीने में मर सकते हैं।

अपनी पत्नी और बच्चों समेत सबसे छिपाकर रखा गया एक राज़ बताते हुए राम कपूर ने कहा, “मैंने दुनिया से एक राज छिपाकर रखा है। यहां तक कि मेरी पत्नी को भी इसके बारे में नहीं पता। शो (‘बड़े अच्छे लगते हैं’) के दौरान, मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे बुरे डिप्रेशन से गुजरा। अपने वजन की वजह से मुझे बहुत प्यार मिला और मेरी इतनी चर्चा हुई कि कुछ समय के लिए मैं सबसे ज़्यादा रेटिंग वाला टीवी स्टार बन गया था।”

एक्टर ने आगे बताया कि कैसे उनका वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा था। फिर उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई, “मेरे डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि मैं अस्वस्थ हो गया हूं और छह महीने में मेरी मौत भी हो सकती है। मुझे डायबिटिक स्ट्रोक हो सकता था क्योंकि मैं दिन में तीन बार इंसुलिन ले रहा था। मेरा शुगर लेवल 400 से 600 के बीच रहता था और मैं दिन में 14 घंटे काम करता था। मैं इस बारे में कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे बहुत प्यार और पैसा मिल रहा था। मैं यह सब कैसे छोड़ सकता था? मैं बहुत बदसूरत इंसान बन गया था।”

यह बताते हुए कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए खुद को कैसे बदला, राम ने कहा, “अगर मेरे बच्चे नहीं होते, तो मैं भी वही करता जो हर्षद ने किया था। जब आपके बच्चे होते हैं, तो आप उनके लिए जीते हैं और अपनी ज़िंदगी खत्म करने का हक आपको नहीं होता। बस इसी बात ने मुझे बचाया। यही वजह है कि मैं आज ज़िंदा हूं। 10 साल से ज़्यादा हो गए हैं, और आज मैं एक इंसान के तौर पर बहुत खुश हूं। गौतमी और मेरे बच्चों को भी अभी इस बारे में पता चल रहा होगा।”

इससे पहले राम कपूर ने एक बहुत ही इमोशनल राज़ का खुलासा किया था, जिसे सुनकर घर के सभी लोग रो पड़े थे। एक्टर ने बताया, “मैंने अपने पिता की मौत की प्लानिंग में उनकी मदद की थी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता एक बार पैंक्रियाटिक कैंसर से लड़ चुके थे, लेकिन 73 साल की उम्र में जब कैंसर दोबारा हुआ, तो वे फिर से इलाज नहीं करवाना चाहते थे; राम उनके साथ खड़े रहे और उनके फैसले का समर्थन किया।

Voda Idea को मिला ₹26.8 करोड़ का नोटिस, अब 3 अगस्त को शेयर फोकस में

Voda Idea Share Price: टेलीकॉम विभाग ने वोडाफोन आइडिया को ₹26.83 करोड़ का लिक्विडेटेड डैमेज यानी हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया। ऐसे में अब इसका असर सोमवार 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को इसके शेयर पॉजिटिव मार्केट सेंटिमेंट में बीएसई पर 1.09% की बढ़त के साथ ₹13.01 के भाव पर बंद हुए। शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) 166.49 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 78,094.64 और निफ्टी 0.27% यानी 66.45 प्वाइंट्स के उछाल के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ था।

Voda Idea को क्यों मिला है नोटिस

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वोडा आइडिया को ₹26.83 करोड़ का हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। टेलीकॉम कंपनी को यह नोटिस साल 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय मिनिमम रोलआउट ऑब्लिगेशन्स को पूरा नहीं करने के आरोप में मिला है। कंपनी का कहना है कि वह 31 जुलाई को मिले इस नोटिस को अभी रिव्यू कर रही है जिसके बाद आगे क्या करना है, इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि कंपनी का यह कहना है कि इस नोटिस की उसकी सेहत और कारोबार पर असर नहीं होगा। कंपनी को यह नोटिस इस बात के लिए मिला है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद नेटवर्क के रोलआउट के लिए जो न्यूनतम शर्तें हैं, टेलीकॉम कंपनी ने उसका पालन नहीं किया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वोडा आइडिया के शेयरों ने एक साल के निचले स्तर से शानदार रिकवरी की है और निवेशकों का पैसा फटाफट ढाई गुना हो गया। पिछले साल 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹6.12 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 150.82% चढ़कर 15 जून 2026 को ₹15.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से शेयर फिलहाल 15% से अधिक नीचे आ चुके हैं लेकिन अब भी यह एफपीओ प्राइस से 18% से अधिक ऊपर हैं। इसके ₹18 हजार करोड़ के एफपीओ के तहत निवेशकों को ₹11 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।

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Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

बारिश के मौसम में समोसे खाने की छोटी सी ख्वाहिश सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई। X पर एक यूजर ने Swiggy से किए गए अपने ऑर्डर का अनुभव साझा किया, जिसमें कम कीमत ने सभी का ध्यान खींच लिया। पोस्ट में किए गए मजाकिया कमेंट के बाद यूजर्स ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के डिस्काउंट, रेस्टोरेंट ऑफर्स और ऑनलाइन ऑर्डर की असली कीमत को लेकर बहस शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने इसे शानदार डील बताया, तो कुछ ने कंपनियों के बिजनेस मॉडल और ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर पर सवाल उठाए। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।

₹104 का बिल देख यूजर रह गई हैरान

X यूजर नलिनी उनागर ने बताया कि बारिश के दौरान उन्होंने Swiggy से 8 बड़े समोसे ऑर्डर किए। पूरे ऑर्डर का बिल सिर्फ ₹104 आया, जिसे देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर Swiggy ऐसे ही भारी छूट देता रहा तो एक दिन दिवालिया हो जाएगा।

पोस्ट के साथ शेयर किया बिल

पोस्ट के साथ उन्होंने समोसों की तस्वीर और ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। बिल में बारिश के कारण ₹5 रेन फीस, GST और अन्य शुल्क भी शामिल थे। इसके बावजूद कुल कीमत कई लोगों को काफी कम लगी।

यूजर्स बोले- ‘डिस्काउंट Swiggy नहीं, रेस्टोरेंट देता है’

पोस्ट वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने कहा कि यह छूट Swiggy नहीं बल्कि रेस्टोरेंट की ओर से दी जाती है, जबकि प्लेटफॉर्म अपना कमीशन अलग से लेता है। कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि अगर कंपनी की इतनी चिंता है तो डिस्काउंट वापस कर देना चाहिए।

किसी ने तारीफ की, किसी ने उठाए सवाल

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि कम कीमत की वजह पुराना स्टॉक हो सकता है, हालांकि पोस्ट करने वाली यूजर ने जवाब दिया कि समोसे बिल्कुल गर्म और ताजा थे। वहीं कुछ लोगों ने Swiggy की सर्विस पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए दिवालिया होने वाली बात को महज मजाक बताया।

बहस पहुंची सेहत और जेब तक

चर्चा सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं रही। कुछ लोगों ने रात में समोसे खाने को सेहत के लिए ठीक नहीं बताया, जबकि कई यूजर्स का कहना था कि अगर यही समोसे सीधे दुकान से खरीदे जाते तो कीमत आधी से भी कम होती। इस तरह एक साधारण फूड ऑर्डर ने इंटरनेट पर कीमत, डिस्काउंट और ग्राहक अनुभव को लेकर दिलचस्प बहस छेड़ दी।

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Vish Yog 2026: 3 राशियों के लिए भारी होगा अगस्त का महीना, चंद्रमा करेगा खतरनाक ग्रहण और विष योग का निर्माण

Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

क्या है विष और ग्रहण योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

इन उपायों से मिलेगी राहत

चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।

इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

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Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

Zepto IPO: दिग्गज क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो आईपीओ से पहले अपने शेयरहोल्डर्स के साथ एक एग्रीमेंट किया है। कंपनी ने शनिवार को ऐलान किया कि यह एग्रीमेंट प्री-आईपीओ इक्विटी प्लेसमेंट को लेकर हुआ है। इसका उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करना है। कंपनी का कहना है कि इस नई फंडिंग से उसके मौजूदा ₹5,681 करोड़ के कैश रिजर्व में और बढ़ोतरी होगी। साथ ही कंपनी ने यह दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक उस पर कोई कर्ज नहीं था। कंपनी का कहना है कि पब्लिक मार्केट इंवेस्टर्स से बोर्ड और फाउंडर्स को कंपनी की लिस्टिंग का प्रस्ताव मिला और उन्होंने दिलचस्पी दिखाई लेकिन फिलहाल कंपनी का फोकस कारोबार पर है।

तो क्या नहीं आएगा Zepto IPO?

मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए जेप्टो का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान अपने कारोबार के प्रभावी एग्जेक्यूशन पर है। हालांकि इसमें कहीं भी ये बात नहीं कही गई है कि आईपीओ में कोई देरी होगी। कंपनी ने सिर्फ इतना स्पष्ट किया है कि अभी उसकी प्राथमिकता अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने और विस्तार करने की है। कंपनी का कहना है कि आने वाली तिमाही में नए ऑपरेटिंग रिजल्ट और फाइनेंशियल के साथ आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया जाएगा और अपडेटेड ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद सेबी के नियमों के हिसाब से तय समय के भीतर लिस्ट होगी।

आईपीओ को लेकर क्या है जेप्टो की योजना

जेप्टो लगभग $450 करोड़ (करीब ₹42,925 करोड़) के वैल्यूएशन पर फंड जुटाने की तैयारी में है। इसमें घरेलू घरेलू निवेशक मुख्य रूप से शामिल होंगे, जिससे कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी करीब 40% के मौजूदा स्तर से अधिक हो जाएगी। हालांकि वैल्यूएशन की बात करें तो यह अक्टूबर 2025 में इसकी $700 करोड़ के वैल्यूएशन से कम है, जब कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई वाले राउंड में $45.0 करोड़ जुटाए थे। जेप्टो ने दिसंबर 2025 में गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए आईपीओ का शुरुआती ड्राफ्ट फाइल किया था। जून 2026 में फाइल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर के अनुसार कंपनी नए शेयर जारी करके ₹8,010 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स भी 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे।

कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ऑपरेशंस से ₹22,624 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24,816 करोड़ का NRV (नेट रिसीवेबल्स वैल्यू) हासिल हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में हर दिन इसने औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस किए और मार्च तिमाही में तो यह आंकड़ा हर दिन औसतन 23.3 लाख हो गया। मार्च 2026 तक इसके 1,189 स्टोर्स चल रहे थे और इसका सालाना ट्रांजैक्टिग यूजर बेस करीब 4.8 करोड़ था।

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आंदोलन के बाद छत्रपति संभाजीनगर लौटे CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party

Abhijit Deepke health news: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में आंदोलन का झंडा बुलंद करने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अचानक अस्वस्थ हो गए हैं। शनिवार को अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर समर्थकों और लोगों से मुलाकात के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच कर उन्हें पूरी तरह से आराम करने की सख्त सलाह दी है।

क्या हुआ था उस वक्त?

शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे अभिजीत दीपके अपने घर के पार्किंग एरिया में उनसे मिलने पहुंचे लोगों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तेज बेचैनी महसूस हुई और वे अचानक बातचीत छोड़कर घर के पिछले हिस्से में चले गए, जहां उन्हें उल्टी हुई। इसके बाद वे मीडियाकर्मियों से बिना बातचीत किए सीधे अपने कमरे में चले गए। दीपके के पिता भगवान दीपके ने स्थिति को देखते हुए तुरंत डॉक्टरों की टीम को बुलाया। ALSO READ: बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

 

डॉ. विशाल लहाने ने दीपके के आवास पर जाकर उनका मेडिकल चेकअप किया। जांच के बाद डॉ. लहाने ने बताया कि उनका रक्तचाप (BP) सामान्य से थोड़ा कम (100/60) पाया गया है। दरअसल, अत्यधिक तनाव और घबराहट की वजह से उन्हें जी मिचलाने, बार-बार उल्टी और दस्त की समस्या हुई है।  डॉक्टरों ने उन्हें ड्रिप (ग्लूकोज) चढ़ाई है। फिलहाल उन्हें बुखार नहीं है और उन्हें पूरी तरह से आराम करने को कहा गया है। यदि सेहत में सुधार नहीं होता है, तो ब्लड टेस्ट कराए जाएंगे। ALSO READ: धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

कौन हैं अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले एक चर्चित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक एवं प्रमुख हैं। अपने अनोखे और लीक से हटकर विरोध प्रदर्शनों के कारण वे सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति में काफी चर्चा में रहते हैं।

 

जुलाई के आखिरी हफ्ते में (25 जुलाई के आसपास) दीपके दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे थे। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने बताया था कि वे टाइफाइड से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। दिल्ली के उग्र आंदोलन, लगातार भागदौड़ और टाइफाइड के बावजूद आराम न करने की वजह से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।

स्कूल के बाद हर माता-पिता को अपने बच्चे से पूछने चाहिए ये 5 सवाल, बढ़ेगा आत्मविश्वास

ज़्यादातर माता-पिता पूछते हैं, “आज स्कूल कैसा रहा?”—और जवाब अक्सर होता है, “ठीक-ठाक।” अगर आप अपने बच्चे को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं और उनके साथ मज़बूत रिश्ता बनाना चाहते हैं, तो ऐसे सोच-समझकर सवाल पूछें जिनसे बातचीत, आत्मविश्वास और भावनाओं को जाहिर करने को बढ़ावा मिले।

“आज का सबसे अच्छा पल कौन सा था?” यह आसान सा सवाल आपके बच्चे को अच्छे पलों को फिर से जीने और छोटी-छोटी कामयाबियों का जश्न मनाने में मदद करता है। खुशियों भरे अनुभवों के बारे में बात करने से सकारात्मक सोच बढ़ती है और उन्हें उन चीज़ों पर ध्यान देने की याद दिलाता है जो अच्छी रहीं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

“क्या आज किसी बात से तुम्हें बुरा लगा?” स्कूल का हर दिन आसान नहीं होता। चाहे दोस्त से अनबन हो, पढ़ाई का दबाव हो या क्लासरूम में कोई मुश्किल पल, बच्चे को अपनी चिंताओं के बारे में बात करने के लिए सुरक्षित माहौल देने से उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनी जा रही है और उन्हें भावनात्मक सहारा मिल रहा है।

“आज तुमने क्या नई चीज़ सीखी?” अपने बच्चे को कुछ नया सीखने या खोजने के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करें—चाहे वह क्लास का कोई सबक हो, कोई हुनर ​​हो या कोई दिलचस्प बात। रोज़ाना कुछ नया सीखने पर ध्यान देने से जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने के प्रति लगाव बढ़ता है।

“क्या आज तुमने किसी की मदद की, या किसी ने तुम्हारी मदद की?” यह सवाल सहानुभूति सिखाता है और बच्चों को याद दिलाता है कि दयालुता और टीमवर्क मायने रखते हैं। इससे उन्हें यह समझने में भी मदद मिलती है कि मदद मांगना भी उतना ही ज़रूरी है जितना कि मदद करना।

“कल के लिए तुम किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हो?” चाहे दोस्त से मिलना हो, कोई खेल खेलना हो या कुछ रोमांचक सीखना हो, कल के बारे में बात करने से उत्सुकता बढ़ती है और बच्चे भविष्य के बारे में सकारात्मक रूप से सोचने के लिए प्रेरित होते हैं।

ये सवाल क्यों ज़रूरी हैं?

बातचीत सिर्फ़ खामोशी को भरने से कहीं ज़्यादा काम करती है—ये आपके बच्चे की भावनात्मक सेहत को मज़बूत करती है। जब बच्चे बिना किसी जजमेंट के अपनी बात कहते और सुने जाते हैं, तो वे ज़्यादा सुरक्षित और मज़बूत महसूस करते हैं और अपने विचार व भावनाएं साझा करने के लिए तैयार रहते हैं।

बेहतर पेरेंटिंग

बच्चों को हमेशा सलाह की ज़रूरत नहीं होती—उन्हें ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो उनकी बात सच में सुने। हर दिन बस कुछ मिनट सही सवाल पूछने में बिताने से आपका रिश्ता मज़बूत हो सकता है, बातचीत बेहतर हो सकती है और आप एक खुशमिज़ाज और ज़्यादा आत्मविश्वास वाले बच्चे की परवरिश कर सकते हैं।

Surya Grahan 2026 August: हरियाली अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण, करियर, सेहत और संपत्ति को लेकर 4 राशियां रहें सावधान

Surya Grahan 2026 August: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय रूप से भी अहम माना जाता है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी में लगा था, जबकि दूसरा सूर्य ग्रहण सावन के महीने में हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रहण चंद्रमा की राशि कर्क राशि में लगेगा, जिसका नकारात्मक प्रभाव मेष, कर्क, तुला और मकर राशि पर देखने को मिलेगा। खास बात ये है कि साल के दूसरे और अंतिम सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु कर्क राशि में होंगे, जिससे चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा।

अंतिम सूर्य ग्रहण 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन आमवस्या तिथि 12 अगस्त को मध्यरात्रि 01:52 बजे से लेकर रात 11:06 बजे तक है। उदया तिथि के अनुसार, श्रावणी अमावस्या 12 अगस्त को होगी। इसी दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इसका समय रात में 9 बजकर 4 मिनट पर लगेगा। इसका समापन या मोक्ष 13 अगस्त को प्रात: 4 बजकर 25 मिनट पर होगा।

कब से कब तक रहेगा सूतक काल

ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ समय से 12 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। इस आधार पर सूर्य ग्रहण का सूतक काल सुबह में 09:04 बजे से लगना चाहिए, लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। इस वजह इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा।

सूर्य ग्रहण पर सतर्क रहें 4 राशियां 

सूर्य ग्रहण भारत में नहीं लग रहा है और उसका सूतक काल नहीं मान्य होगा। लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा। यह सूर्य ग्रहण 4 राशिवालों के लिए मुश्किल हो सकता है। सूर्य ग्रहण का अशुभ प्रभाव मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों पर होने की आशंका है। इन राशियों के जातकों को 12 अगस्त से लेकर 12 जनवरी तक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इन्हें अपनी सेहत, करियर, मान-सम्मान, धन-संपत्ति को लेकर सावधान रहना चाहिए। धन हानि, प्रॉपर्टी विवाद, बीमारी, अपयश, तनाव आदि से आप लोग परेशान हो सकते हैं।

सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभावों से बचने के उपाय

इन चार राशि के लोगों को 12 अगस्त से 6 माह तक भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। हर सोमवार के दिन आप भगवान शिव का जलाभिषेक करें। शिव जी की कृपा से सभी ग्रह, दोष और संकट दूर होंगे।

Sawan 2026 Rahu Gochar: मंगल के धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करने वाला है राहु, 4 राशियों के जीवन में होगा धमाल और चमकेगी किस्मत

Friendship Day 2026:: अपने बेस्ट फ्रेंड के लिए 5 यूनिक गिफ्ट आइडिया, नया ट्रेंड हो रहा वायरल

Friendship Day 2026:  फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों को गिफ्ट देना अपनी भावनाएं और प्यार जताने का एक खूबसूरत जरिया है। समय के साथ गिफ्टिंग का ट्रेंड भी बदल चुका है। अब साधारण या पारंपरिक कार्ड्स और मग्स की जगह पर्सनलाइज्ड, यूजफुल और एक्सपीरिएंस-बेस्ड (अनुभव से जुड़े) उपहारों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यहाँ फ्रेंडशिप डे 2026 के लिए 5 सबसे यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्ट आइडियाज दिए गए हैं, जो आपके दोस्तों के चेहरे पर तुरंत मुस्कान ले आएंगे।

 

फ्रेंडशिप डे 2026 के 5 यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्‍ट

1. डिजिटल फ्रेंडशिप मेमोरी फ्रेम या ऑडियो-क्यूआर फ्रेम (Audio-QR Frame)

क्या है नया ट्रेंड: आज के डिजिटल दौर में केवल फोटो फ्रेम पुराना हो चुका है। अब ऐसा फोटो फ्रेम ट्रेंड में है जिसमें एक QR कोड लगा होता है।

क्यों है यूनिक: आपका दोस्त जैसे ही उस QR कोड को स्कैन करेगा, उसकी पसंदीदा म्यूजिक प्लेलिस्ट, आपकी और उसकी कोई पुरानी वॉयस नोट, या आपकी खूबसूरत यादों का एक वीडियो चलने लगेगा।

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2. एक्सपीरिएंस-आधारित गिफ्ट (Experience Pass / Concert Tickets)

क्या है नया ट्रेंड: कोई भौतिक वस्तु देने के बजाय साथ में वक्त बिताने और यादें बनाने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है।

क्यों है यूनिक: अपने दोस्त को उसकी पसंद के स्टैंड-अप कॉमेडी शो, म्यूजिक कॉन्सर्ट, एडवेंचर पार्क या किसी एस्केप रूम गेम के टिकट गिफ्ट करें। यह गिफ्ट उन्हें केवल सामान नहीं, बल्कि ताउम्र याद रहने वाला अनुभव देता है।

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3. कस्टम 'फ्रेंडशिप मैप' या स्टार मैप (Custom Star / Map Art)

क्या है नया ट्रेंड: वह स्थान जहाँ आप दोनों पहली बार मिले थे (कॉलेज, कैफे, ऑफिस) या वह तारीख जब आपकी पक्की दोस्ती शुरू हुई थी।

क्यों है यूनिक: उस खास लोकेशन के नक्शे (Map) या उस रात के सितारों की स्थिति (Star Map) का सुंदर आर्ट फ्रेम तैयार करवाकर दें। यह गिफ्ट आपके रिश्ते के ऐतिहासिक पल को हमेशा के लिए संजो कर रखता है।

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4. पर्सनलाइज्ड सेल्फ-केयर और टेक किट (Customized Self-Care / Tech Organizer)

क्या है नया ट्रेंड: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत और उपयोगिता (Utility) का ध्यान रखना सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है।

क्यों है यूनिक: आप उनके नाम से कस्टमाइज्ड पावर बैंक, लेदर केबल्स ऑर्गनाइजर या फिर एक प्रीमियम एरोमाथेरेपी/स्पा सेट दे सकते हैं। यह गिफ्ट दिखाता है कि आप उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और मानसिक शांति का कितना ध्यान रखते हैं।

 

5. 'ओपन व्हेन' लेटर्स या कस्टमाइज्ड बुक (Open When… Letters)

क्या है नया ट्रेंड: भावनाओं को हाथ से लिखकर बयां करने का पुराना अंदाज नए रूप में वापस लौटा है।

क्यों है यूनिक: आप 5 से 6 लिफाफों का एक सेट बनाकर दे सकते हैं, जिन पर लिखा हो- “ओपन व्हेन यू आर सैड”, “ओपन व्हेन यू मिस मी”, या “ओपन व्हेन यू नीड ए लाफ”। हर लिफाफे में उनके लिए एक प्यारा सा मैसेज या पुरानी यादें होंगी, जो आपके दूर होने पर भी उन्हें आपकी मौजूदगी का अहसास कराएंगी।

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फ्रेंडशिप डे 2026 का नया ट्रेंड क्या है?

ट्रेड का मूल मंत्र: “कम सामान, ज्यादा भावनाएं!” (Less material, more emotion)

2026 में गिफ्टिंग का सबसे बड़ा ट्रेंड यह है कि लोग उपहार की कीमत देखने के बजाय उसकी पर्सनल वैल्यू और उपयोगिता को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ऐसा गिफ्ट जो आपके दोस्त के तनाव को कम करे, उसे हंसाए या उसकी किसी पुरानी याद को ताजा करे, वही इस साल सबसे सुपरहिट माना जा रहा है।

सिर्फ 10 रुपये में भरपेट खाना…, सिक्योरिटी गार्ड ने कंपनी की ओर से मिलने वाला सस्ता लंच दिखाया, इंटरनेट पर लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन

आजकल पेट भर खाना खाने का खर्च कितना होता है? कई लोगों के लिए तो बाहर साधारण खाना भी 100 रुपये या उससे अधिक का हो जाता है। ऐसे में जब एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उसे कंपनी का पूरा लंच सिर्फ 10 रुपये में मिलता है। इंटरनेट पर वीडियो चर्चा का विषय बन गया है।

यह वीडियो अब वायरल हो रहा है और इसे इंस्टाग्राम यूजर आनंद कुमार ने शेयर किया है, जो नियमित रूप से अपने ऑफिस में परोसे जाने वाले लंच और डिनर के वीडियो पोस्ट करते हैं। पोस्ट का कैप्शन था, “कंपनी का लंच सिर्फ 10 रुपये में।”

वीडियो में कुमार दर्शकों को दिखाते हैं कि उस दिन लंच में क्या परोसा गया था। वह कहते हैं, “तो दोस्तों, कंपनी का खाना आ गया। हमारी कंपनी सिर्फ 10 रुपये लेती है। लंच का समय हो रहा है। चलिए देखते हैं कि कंपनी ने आज क्या भेजा है।” फिर वह पैकेट खोलता है और एक-एक करके हर चीज दिखाता है। खाने में कुरकुरा पापड़, करेला भुजिया (भुना हुआ करेला), सोयाबीन की सब्जी, भरपूर चावल, दाल और प्याज का एक टुकड़ा शामिल है।

खाना देखने में तो सादा और पेट भरने वाला लग रहा था, लेकिन सबसे ज़्यादा हैरानी कीमत देखकर हुई। कुमार का कहना है कि पूरे खाने का बिल सिर्फ 10 रुपये आया। अपनी कंपनी को धन्यवाद देते हुए वह कहता है, “बाहर यही खाना 50 से 100 रुपये का मिलता है। यहां सिर्फ 10 रुपये का।

वीडियो को देखते ही देखते हज़ारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इतनी कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कंपनी की सराहना की। कई लोगों ने बताया कि इसी तरह का लंच किसी रेस्टोरेंट या यहां तक ​​कि सड़क किनारे के ढाबे पर भी आसानी से कई गुना अधिक महंगा पड़ेगा।

साथ ही, कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि इसे प्लास्टिक बैग में क्यों पैक किया गया था। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनी को दोबारा इस्तेमाल होने वाले लंच बॉक्स या फ़ूड-ग्रेड कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। एक यूज़र ने कमेंट किया, “कंपनी से कहें कि वे प्लास्टिक कंटेनर में खाना न परोसें। इससे सेहत से जुड़ी समस्याएं होती हैं।” एक और व्यक्ति ने कहा, “कृपया प्लास्टिक बैग की जगह लंच बॉक्स का इस्तेमाल करें।”

एक व्यक्ति ने यह भी लिखा, “कंपनी को पैकेजिंग में कुछ बदलाव करने चाहिए।” ऐसे ही एक कमेंट का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि वह कंपनी को इस सुझाव के बारे में बताएंगे और इस समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे। पैकेजिंग को लेकर चिंता के बावजूद, कई लोगों को लगा कि इतनी सस्ती कीमत पर खाना उपलब्ध कराने के लिए कंपनी तारीफ़ की हकदार है।

एक यूजर ने लिखा, “जो भी कंपनी है, उसे सलाम। सिर्फ 10 रुपये में किसी को खाना खिलाना। मेरा बहुत सम्मान है। यहां लोग पैकेजिंग को लेकर शिकायत कर रहे हैं! आइए हर छोटी बात पर इतना नकारात्मक न हों। आइए तारीफ करना सीखें।” इस पोस्ट पर यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कई प्रतिक्रियाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे भी उसी कंपनी में काम करना चाहते हैं।

एक यूजर ने लिखा, “कौन सी कंपनी? क्या वे CSE ग्रेजुएट को नौकरी पर रखेंगे?” एक और यूजर ने कमेंट किया, “भाई, प्लीज मुझे भी उसी कंपनी में नौकरी दिला दो।” कई यूजर्स ने कहा कि आज के समय में 10 रुपये में पूरा खाना मिलना लगभग नामुमकिन है।