Market Outlook : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण 8 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL शामिल रहे।, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ONGC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, सभी अहम इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि वोलैटिलिटी इंडिया VIX में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे-मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और इसके चलते ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 76 डॉलर तक पहुंचने से मार्केट एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में आ गया है। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और इसके क्या नतीजे होंगे, यह अभी अनिश्चित है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफ़ायर खत्म होने के बयान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बयान के बाद डेली चार्ट पर, निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और इसमें 30 मार्च, 2026 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की। ADX इंडिकेटर में, DI- ने DI+ को पार कर लिया है, जिससे पता चलता है कि बेचने वालों ने खरीदने वालों पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, RSI में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो मंदी के रुझान के बढ़ने का संकेत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप सीज़फायर खत्म होने के बयान के बाद इन्वेस्टर्स ने जोखिम से दूर रहने की नजरिया अपना लिया, जिससे निफ्टी इंडेक्स 500 अंक से ज्यादा गिर गया। ऊपर की ओर कंसोलिडेशन के बाद इंडेक्स में गिरावट आई, जिससे हालिया उत्साह कम हो गया। हालांकि, इसे 23,070 से 24,348 तक की पिछली रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,800 के आसपास है) के पास सपोर्ट मिला।

आगे यह देखना अहम होगा कि क्या निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर यह 23,800 के नीचे टूटता है, तो जारी करेक्शन का दौर और लंबा खिंच सकता है। वहीं, अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो निकट भविष्य में अच्छी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज सेशन में घरेलू शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव हो गया, जिससे हालिया बढ़त खत्म हो गई। इसकी वजह वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना रहा। महंगाई की चिंताएं भी फिर से बढ़ गईं हैं। इससे भारत और अमेरिका, दोनों जगह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा और इंडिया VIX में जबरदस्त उछाल आया। हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। यह मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों से रिस्क लेने से बचने के ट्रेंड का संकेत है। साथ ही, पहली तिमाही के कमजोर अनुमानों के कारण नतीजों से पहले की घबराहट ने भी बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आने वाले नतीजे शायद अकेले दम बाजार में बड़ी उठापटक न कर पाएं, लेकिन निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या दूसरी तिमाही में भी कमजोर नतीजे जारी रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो FY27 में घरेलू नतीजों और बाजार के प्रदर्शन में सुधार में देरी हो सकती है।

आगे चलकर बाजार की दिशा तय करने में फेड की जुलाई पॉलिसी मीटिंग के नतीजों, अमेरिका के मौजूदा आपसी टैरिफ समझौते की समय-सीमा खत्म होने के असर और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के स्तर की अहम भूमिका होगी।

 

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से दबाव में बाजार, कमजोर मार्केट में भी इन दो शेयरों में होगी बंपर कमाई

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन फिर बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में ईरान की ओर से तीन टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने भी जवाबी हवाई हमले किए हैं। US ने ईरान के ग्लोबल मार्केट में तेल बेचने पर दी गई छूट भी वापस ले ली है। कच्चा तेल 4% उछलकर 76 डॉलर के करीब पहुंच गया है। पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल में उछाल से ग्लोबल बाजारों का मूड खराब हो गया है। गिफ्ट निफ्टी में 200 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट है। वहीं FIIs की कैश में लगातार तीसरे दिन खरीदारी हुई है। FIIs ने थोड़े शॉर्ट्स भी कवर किए हैं।

एशिया में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। कल की भारी गिरावट के बाद KOSPI में हल्की रिकवरी है। US इंडेक्सों में भी ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली दिखी है। डॉलर इंडेक्स 101 के पार निकल गया है। US बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल दिखा है। इधर FOMC मिनट्स से पहले सोने और चांदी में भी गिरावट है। चांदी 3 फीसदी फिसली है।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24424-24477/531 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24571-24589/623 पर है। इसके लिए पहला बेस 24261-24193 पर और बड़ा बेस 24139-24088/24011 पर है। एक्सपायरी पर आखिरी घंटे में हल्की बिकवाली दिखी। निफ्टी 200 DMA के अहम लेवल से लौटा। FIIs की कैश खरीदारी हुई। निफ्टी में खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग भी हुई। जियोपॉलिटिकल टेशंन से कच्चा तेल 76 डॉलर के पार चला गया है। AI थीम में अब भी दबाव जारी है। 24,400-24,600 जोन में भारी कॉल राइटिंग हुई। सपोर्ट पर नजर बनाए रखें। फिलहाल निफ्टी की चाल को समझने में समय लगेगा।

बेस-1 टूटने पर पोजिशनल लॉन्ग से निकलने की सलाह होगी। बेस-1 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी। गिरावट पर खरीदारी के लिए बेस-1 का होल्ड होना जरूरी है। AI थीम में कमजोरी के बीच निफ्टी IT सबसे अहम है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए के लिए पहला रजिस्टेंस 58512-58640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58891-59067/59273 पर है। इसके लिए पहला बेस 58010-57810 पर और बड़ा बेस 57531-57410/338 पर है। 58,500 जोन पर कॉल राइटिंग से रेजिस्टेंस मजबूत है। PSU बैंकों के दबाव से बैंक निफ्टी पर असर है। पिछले 10-12 सत्रों से 10 DMA मजबूत सपोर्ट बना है। 58,000 जोन में पुट राइटर्स का मजबूत सपोर्ट है। बेस -1 के ऊपर बैंक निफ्टी में मजबूती बरकरार है। 57,810 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी।

Market cues : निफ्टी के 24500 के नीचे बने रहने तक बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी आज HDFC Life में 567 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 580 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, Jubliant food में 450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 470 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Experts View : 24400 की दीवार पार होने पर निफ्टी में 24750 का लेवल मुमकिन, 24150-24100 के जोन में तत्काल सपोर्ट

सुदीप शाह

निफ्टी आज गैप-अप के साथ खुला और ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में ही रहा,जिसमें 24370–24380 का ज़ोन एक मज़बूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। दूसरे हाफ में,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से नीचे आ गया और खुलने के समय बने गैप का एक छोटा हिस्सा भर दिया और आखिर में 0.39% की बढ़त के साथ 24271 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने 13 सेशन और 477 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। इससे अपट्रेंड के फिर से शुरू होने का संकेत मिल रहा है। RSI ने 60 का स्तर फिर से हासिल कर लिया है,जो बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है,जिससे पता चलता है कि बुल्स धीरे-धीरे बेयर्स पर बढ़त बना रहे हैं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। उसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर का नंबर रहा। दूसरी ओर,निफ्टी PSU बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसके बाद निफ्टी एनर्जी का नंबर रहा। स्टॉक्स की बात करें तो HCL टेक और मैक्स हेल्थ सबसे ज्यादा बढ़त वाले दो स्टॉक रहे,जबकि एक्सिस बैंक और SBI में गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिसने पिछले सेशन की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया। यह हालिया पुलबैक के बाद प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स की शुरुआत तो मज़बूत रही,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और धीरे-धीरे नीचे गिरकर फ्लैट नोट पर बंद हुआ।

ब्रॉडर मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो दिखाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूती से बना हुआ है।

दिन के आखिर में मार्केट की ब्रेथ मज़बूत रही,हालांकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो थोड़ा मंदडियों के पक्ष में झुका हुआ था। निफ्टी 500 इंडेक्स के कुल शेयरों में से 257 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे की बात करें तो,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24400-24450 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24750 तक जा सकता है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के मुकाबले कमजोर रहा। हालांकि इसकी शुरुआत अच्छी रही,लेकिन शुरुआती बढ़त पहली कैंडल में ही खत्म हो गई और पूरे सेशन के दौरान यह नीचे की ओर खिसकता रहा,अंत में 0.16% की गिरावट के साथ 57939 पर बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (आरआरजी) पर कमजोर होते क्वाड्रेंट में प्रवेश कर चुका है,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले रिलेटिव स्ट्रेंथ बनाए रखने के बावजूद गति में कमी का संकेत देता है। वहीं,आरएसआई साइडवेज बना हुआ है,जो मौजूदा कंसोलीडेशन फेज को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58400-58500 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 58900 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59300 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57500-57400 जोन में है।

 

सुदीप शाह SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं.

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

Gold-Silver ETFs : गोल्ड और सिल्वर ETF 3% तक भागे, US में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद ने भरा जोश

 

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GIFT निफ्टी 150 अंक उछला,सेंसेक्स और निफ्टी के लिए मजबूत शुरुआत के मिल रहे संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सपोर्ट

GIFT Nifty Trend : शुक्रवार सुबह GIFT निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की बढ़त हुई,जिससे भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मज़बूत शुरुआत करने के संकेत मिल रहे है। इस बढ़त के पीछे कई वजहें हैं। निकट भविष्य में US में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों में कमी,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से बाजार की सेंटीमेंट अच्छा हुआ है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी की वजह से ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के कुछ हिस्सों पर दबाव बना हुआ है। इसका फायदा हमारे बाजारों को मिल सकता है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 24,411 के आसापास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले क्लोजिंग लेवल से 153 अंक या 0.63 प्रतिशत ऊपर है। इससे संकेत मिलता है कि गुरुवार के सेशन में अच्छी बढ़त के साथ बंद होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में और तेजी आ सकती है। 2 जुलाई को ज़्यादातर सेक्टर में व्यापक खरीदारी के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 579.48 पॉइंट या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 169.85 पॉइंट या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ।

US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने से ब्याज दरों को लेकर चिंता कम हुई,लेकिन चिप शेयरों में गिरावट का असर दिखा। US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बाद वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। इन आंकड़ों से फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता कम हुई है। कल के कारोबार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंच गया और लगातार चौथे सेशन में बढ़त बनाए रखी। S&P 500 में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.80 प्रतिशत गिर गया क्योंकि सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट ने दूसरे सेक्टर की बढ़त को बेअसर कर दिया।

ऐपल के शेयर में 4.8 प्रतिशत की बढ़त हुई।  ऐसी खबरें हैं कि कंपनी पांच नए iPhone मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है। हालांकि,सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव बना रहा और फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में 5.4 प्रतिशत गिर गया। Nvidia के शेयर में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि SanDisk के शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि US-ईरान बातचीत में लगातार हो रही प्रगति से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है,जबकि US में उम्मीद से कमजोर जॉब्स डेटा ने फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करने की उम्मीदों को कम कर दिया है। हालांकि,उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि बाजार सतर्क बने रह सकते हैं क्योंकि मैक्रो-इकोनॉमिक हालात में सुधार के बावजूद विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सावधानी भरा रुख अपनाए हुए हैं।

 

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : बाजार में तेजी कायम, एक्सपर्ट के सुझाए इन दो शेयरों में हो सकती हैं अच्छी कमाई

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी 24100 पर वापस आ गया है। निफ्टी में इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज,TCS,टेक महिंद्रा ओर इटरनल टॉप गेनर्स में शामिल हैं। जबकि NTPC,पावर ग्रिड कॉर्प,बजाज फाइनेंस,भारती एयरटेल और ONGC टॉप लूजर्स में से हैं। पावर,कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। IT इंडेक्स लगभग 3% ऊपर है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24097-24128 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24176-24209/24261 पर है। इसके लिए पहला बेस 23859-23910 पर और बड़ा बेस 23719/23766-23809 पर है। जैसा कल कहा था,नई सीरीज के पहले दिन काउंटर चाल दिखी। निफ्टी रजिस्टेंस-1 (24038) तक पहुंचा। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली जारी रही। निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में भी बिकवाली रही। FIIs का नेट शॉर्ट 4000 बढ़कर 2.60 लाख हो गया। 24000 पर या 100DEMA के नीचे कंसोलिडेशन के संकेत हैं।

कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। फिलहाल रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच ट्रेडिंग रेंज संभव है। 24000 पर ऑप्शन राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 पर 20 DEMA और 50 DEMA है। रजिस्टेंस-1 पर 100 DEMA है। इस रेंज में ऊपर बेचें, नीचे खरीदने की रणनीति रखें। निफ्टी IT कमजोर है। जबकि बैंक निफ्टी मजबूत है। 24128 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट संभव है। 23809 के नीचे कमजोरी और बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58241-58423/58567 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58733-58839/59080 पर है। इसके लिए पहला बेस 57517 (10DEMA)-57710 पर है। बड़ा बेस 57710-57341 पर है। जैसा कहा था,बेस-1(10 DEMA)से शानदार रिवर्सल मिला। रेजिस्टेंस-1 का लक्ष्य भी हासिल हुआ। आखिरी घंटे में PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी दिखी। मूविंग एवरजेज के क्लस्टर से मजबूत रिवर्सल आया। कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बैंकिंग के लिए बड़ा पॉजिटिव है। IT में कमजोरी के बीच,बैंक निफ्टी सबसे सुरक्षित दांव हो सकता है। 58000 पर कॉल-पुट की मजबूत पोजिशनिंग है। फिलहाल इंडेक्स 57710-58241 की रेंज में रह सकता है। 58241 के ऊपर निकलते ही 58567 तक तेजी की उम्मीद है। 58567 पर मजबूती की अगली बड़ी परीक्षा होगी। 58567 के ऊपर टिका तो रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम है। 57517-57438 के नीचे ही कमजोरी बढ़ेगी।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनका अदाणी एंटरप्राइजेज के फ्यूचर्स में 3152-3153 रुपए के आसपास, 3125 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 3220 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। एटरनल (जोमैटो) में भी इनकी 281.60 रुपए के ऊपर, 277 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 290 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

Trading Plan : कुछ दिनों की प्रॉफिट बुकिंग के बाद पिछले सेशन में अच्छी रिकवरी के आई। निफ्टीअपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा। तेल की कीमतों में और गिरावट के साथ ही Nifty 50 के ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि,बाजार जानकारों का कहना है कि मोमेंटम इंडिकेटर पूरी तरह से इसके पक्ष में नहीं हैं और 24,200 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,900-23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500-58,700 के जोन में रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इस रेंज के ऊपर जाने पर ही 59,200-59,300 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए नीचे की तरफ,57,500 के लेवल पर सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी एक सीमित दायरे में ही बना रहा। यह इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन से यह 24,000 के स्तर के आसपास ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। दायरे में उतार-चढ़ाव के बावजूद,शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है और इंडेक्स ने पूरे सेशन के दौरान मजबूती दिखाई है।

हालांकि,तेजी की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। हालांकि, जब तक निफ़्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ,इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ने की चाल जारी रख सकता है और निकट भविष्य में 24,200 या उससे भी ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800

स्ट्रैटेजी: 7 जुलाई की एक्सपायरी वाली Nifty 24,000 कॉल 152 रुपये पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 120 रुपये और टारगेट 210 रुपये रखें।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

रूपक डे का कहना है कि बैंक निफ्टी ने बुधवार का सेशन बढ़त के साथ खत्म किया और एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाया। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाता है। इंडेक्स अभी भी एक कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है और अपने अहम मूविंग एवरेज (जैसे 20-दिन और 200-दिन के DMA) से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

अपट्रेंड के नए दौर की पुष्टि के लिए 58,500 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स मौजूदा दायरे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,800 और 57,500 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,500 और 58,700 पर दिख रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 58,700

अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500

स्ट्रैटेजी: जुलाई एक्सपायरी का Bank Nifty 58,500 कॉल 795 रुपए के ऊपर खरीदें। स्टॉप-लॉस 680 रुपए और टारगेट 1,000 रुपए रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market News: जून तिमाही में रिटेल निवेशकों ने इक्विटी में की जोरदार खरीदारी, बाजार में लगाए 35,328 करोड़ रुपये

Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।

2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।

buying

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।

जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।

बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।

FIIs रहे नेट सेलर

बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।

विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर

घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।