24000 के पार Nifty बंद, Sensex में 790 प्वाइंट्स का उछाल, डेढ़ लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सीनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव से झटका लगा जिससे अब ईरान पर हमला करने उनके लिए मुश्किल हो गया तो इसने मार्केट में काफी रौनक बढ़ा दी। ट्रंप को इस करंट से घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24100 के काफी करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रिकवरी आई और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन हो गए।

सेक्टरवाइज मेटल शेयरों ने जोरदार वापसी की कोशिश की और निफ्टी मेटल करीब 1% की गिरावट से रिकवर करते हुए ग्रीन हुआ लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिर 0.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी सेक्टर और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मिलकर मार्केट में शानदार रौनक बिखेरी और इनके निफ्टी इंडेक्स करीब 2% मजबूत हुए। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद पीएसयू बैंक में भी रिकवरी हुई और अब इसके निफ्टी इंडेक्स करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 790.54 प्वाइंट्स यानी 1.04% के उछाल के साथ 76,991.22 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 197.55 प्वाइंट्स यानी 0.83% की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 989.69 प्वाइंट्स उछलकर 77,190.37 और निफ्टी 265.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,090.05 तक पहुंच गया था।

₹1.86 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,59,448.771 करोड़ था। आज यानी 23 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,45,817.53 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,86,368.759 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 23 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 23 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और टेक महिंद्रा में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एनटीपीसी, टाटा स्टील और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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147 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4430 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2215 शेयर आज मजबूत हुए तो 2034 में गिरावट रही जबकि 181 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 147 शेयर एक साल के हाई और 63 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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ITR Filing 2026: फॉर्म 16 नहीं मिला? फिर भी आसानी से भर सकते हैं ITR, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का समय आते ही ज्यादातर नौकरीपेशा लोग Form 16 का इंतजार करने लगते हैं। यह दस्तावेज ITR फाइल करने का काम काफी आसान बना देता है। लेकिन कई बार नौकरी बदलने, कंपनी बंद हो जाने, कम सैलरी होने या किसी दूसरी वजह से Form 16 नहीं मिल पाता। ऐसे में कई लोगों को लगता है कि अब ITR भरना मुश्किल हो जाएगा।

लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपके पास Form 16 नहीं है, तब भी आप आसानी से अपना ITR फाइल कर सकते हैं। बस आपको अपनी कमाई, टैक्स कटौती और निवेश से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां जुटानी होंगी।

Form 16 आखिर होता क्या है?

Form 16 एक टैक्स सर्टिफिकेट होता है, जिसे कंपनी अपने कर्मचारियों को देती है। इसमें सालभर की सैलरी, TDS, टैक्स छूट और दूसरी जरूरी जानकारियां दर्ज होती हैं।

हालांकि Form 16 ITR भरने में मदद करता है, लेकिन ITR दाखिल करने के लिए इसका होना जरूरी नहीं है। आयकर विभाग ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है कि बिना Form 16 के रिटर्न नहीं भरा जा सकता।

बिना Form 16 के ITR कैसे भरें?

सबसे पहले सैलरी स्लिप जुटाएं

अगर Form 16 नहीं मिला है, तो सबसे पहले पूरे वित्त वर्ष की सैलरी स्लिप निकाल लें। इन स्लिप्स में आपकी बेसिक सैलरी, HRA, स्पेशल अलाउंस, बोनस और दूसरी भुगतान संबंधी जानकारी होती है।

अगर आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों कंपनियों की सैलरी स्लिप साथ रखें। इससे कुल आय निकालना आसान हो जाएगा।

AIS और TIS जरूर चेक करें

इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) डाउनलोड करें।

AIS में आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयरों से हुई कमाई, TDS और कई दूसरे वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिल जाती है। इससे आपको अपनी कुल आय का सही हिसाब लगाने में मदद मिलेगी।

Form 26AS को नजरअंदाज न करें

ITR भरने से पहले Form 26AS जरूर देखें। इसमें आपके PAN पर कटे TDS और जमा किए गए टैक्स का पूरा रिकॉर्ड होता है।

अगर आपकी कंपनी या बैंक ने TDS काटा है, तो वह यहां दिखाई देगा। इससे यह भी पता चल जाएगा कि आपके नाम पर कितना टैक्स जमा किया गया है।

सिर्फ सैलरी नहीं, दूसरी आय भी जोड़ें

कई लोग ITR भरते समय सिर्फ सैलरी की जानकारी भरते हैं और बैंक ब्याज, FD का ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय को भूल जाते हैं।

ऐसी गलती बाद में नोटिस की वजह बन सकती है। इसलिए AIS, बैंक स्टेटमेंट और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड देखकर सभी आय को जोड़ना जरूरी है।

टैक्स छूट का फायदा लेना न भूलें

अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुन रहे हैं, तो 80C, 80D, NPS, होम लोन और दूसरी उपलब्ध कटौतियों को जरूर शामिल करें।

अपने निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें दिखाया जा सके।

नौकरी बदली है तो ये गलती न करें

अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान एक से ज्यादा कंपनियों में काम किया है, तो सभी कंपनियों से मिली सैलरी को जोड़कर कुल आय निकालें।

कई बार नया नियोक्ता पुरानी नौकरी की आय को अपने टैक्स कैलकुलेशन में शामिल नहीं करता। ऐसे में ITR भरते समय सही आंकड़ा खुद जोड़ना जरूरी होता है। वरना बाद में अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

ITR भरने से पहले एक बार सब मिलान कर लें

रिटर्न फाइल करने से पहले AIS, Form 26AS, बैंक स्टेटमेंट और सैलरी रिकॉर्ड का मिलान जरूर करें। यह भी सुनिश्चित करें कि आपकी हर आय उसमें शामिल हो।

अगर आपकी कमाई के कई स्रोत हैं या मामला थोड़ा जटिल है, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

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फूड डिलीवरी मार्केट में छिड़ी नई जंग, जानिए रैपिडो की एंट्री से स्विगी और जोमैटो में किसको होगा ज्यादा नुकसान

फूड डिलीवरी सेगमेंट में नई जंग छिड़ गई है। स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चैलेंज करने के लिए इस सेक्टर में एक नया खिलाड़ी उतर गया है। रैपिडो ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में एंट्री मारी है। रैपिडो का राइडर्स नेटवर्क और जीरो कमीशन मॉडल इस स्पेस के मैट्रिक्स को बदलने की क्षमता रखते हैं। “Ownly” नाम से फूड डिलीवरी में रैपिडो की एंट्री हुई है। इससे स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चुनौती मिलने की उम्मीद है। Ownly का फोकस कम बजट वाले कस्टमर पर है।

स्विगी ने किया अंडरपरफॉर्म

इटरनल और स्विगी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्विगी ने अंडरपरफॉर्म किया है। इटरनल ने इस साल अब तक 9 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 2 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, स्विगी ने इस साल अब तक 37 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 38 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

रैपिडो के मॉडल में क्या है अंतर?

रैपिडो रेस्टोरेंट्स के लिए 0% कमीशन मॉडल पर काम करेगा। वहीं, स्विगी और जोमैटो रेस्टोरेंट्स से 16 से 30 फीसदी तक कमीशन वसूलतें हैं। इसको ध्यान में रखते हुए रैपिडो का दांव मजबूत दिख रहा है। इसके पास राइडर्स का एक बड़ा नेटवर्क है। कंपनी को पहले से मौजूद बाइक-टैक्सी ड्राइवर्स का सीधा फायदा मिलेगा। इससे लागत कम करने में मदद मिलेगी

रैपिडो को दमदार रिस्पॉन्स!

रैपिडो को रेस्टोरेंट्स का अच्छा साथ मिला है। शुरुआती 3 महीनों में ही रैपिडो से 15% पार्टनर रेस्टोरेंट्स जुड़े हैं। Ownly के 3 महीने में 10 लाख डाउनलोड्स हुए हैं। स्विगी के ऐप Toing के करीब 60 लाख डाउनलोड्स हैं।

स्विगी के लिए क्यों निगेटिव?

ब्रोकरेज हाउस स्विगी के’Instamart’को 0 वैल्यूएशन दे रहे हैं। रैपिडो की एंट्री से जोमैटो से ज्यादा स्विगी को नुकसान हो सकता है। स्विगी ने भी बजट कस्टमर के लिए ही Toing ऐप उतारा है।

इटरनल और स्विगी के शेयरों पर एक नजर

इटरनल के शेयर पर नजर डालें तो एनएसई पर यह शेयर 1.15 बजे के आसपास 3.90 रुपए यानी 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ 255 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 260.95 रुपए और दिन का लो 253.80 रुपए है। इस शेयर ने 1 हफ्ते में 0.95 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 5.81 फीसदी और 3 महीने में 7.61 फीसदी की तेजी दिखाई है। 1 साल में इसने 0.44 फीसदी रिटर्न दिया है।

स्विगी की बात करें तो यह शेयर 6.70 रुपए यानी 2.68 फीसदी की गिरावट के साथ 243 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। 1 हफ्ते में इसमें 6.19 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 2.64 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 3 महीने में यह शेयर 11.73 फीसदी टूटा है। इस साल अब तक इसमें 37.02 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, 1 साल में यह शेयर 37.96 फीसदी टूटा है।

 

Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

Adani Enterprises Share Price : 24 जून को इंट्राडे ट्रेडिंग में अदाणी एंटरप्राइजेजके शेयर 2.4 प्रतिशत तक चढ़े। मॉर्गन स्टेनली द्वारा इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करने के बाद,सुबह के कारोबार में ये शेयर 1.66 प्रतिशत बढ़कर 3,012 रुपये पर पहुंच गए। ब्रोकरेज ने ग्रुप के इनक्यूबेशन बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं का हवाला देते हुए यह रेटिंग दी है।

मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एंटरप्राइजेज के लिए प्रति शेयर 3,638 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है,जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से इसमें लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। पिछले एक साल में इस शेयर में करीब 24 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जो निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है। इसी दौरान निफ्टी 50 में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ब्रोकरेज ने कंपनी को एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर इनक्यूबेटर बताया है,जिसकी एयरपोर्ट,डेटा सेंटर,न्यू एनर्जी और माइनिंग जैसे तेज ग्रोथ वाले बिजनेस में अच्छी पैठ है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी का EBITDA तीन गुना हो जाएगा,क्योंकि इसके कई नए बिजनेस और बड़े होंगे और कंपनी की कमाई में ज्यादा बड़ा योगदान करना शुरू करेंगे।

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने,गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में हुई प्रगति,कॉपर बिजनेस के विस्तार और नए एनर्जी वेंचर्स में लगातार विस्तार से वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की ग्रोथ में इजाफा होगा।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि ग्रुप का एयरपोर्ट पोर्टफोलियो वित्त वर्ष 2030 तक हर साल 145 मिलियन यात्रियों को संभालेगा,जबकि इसी दौरान इसकी डेटा सेंटर क्षमता 2 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

ब्रोकरेज की यह बुलिश रिपोर्ट तब आई है जब अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी 34वीं सालाना एजीएम आयोजित की है जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर,एनर्जी और डिजिटल बिजनेस में अदाणी ग्रुप की लंबी अवधि की ग्रोथ योजनाओं की रूपरेखा पेश की है।

गौतम अदाणी ने इस एजीएम में कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया है कि उनका ग्रुप पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम लागू कर रहा है और अगले पांच सालों में 45 GW की पावर जेनरेशन क्षमता बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने 2035 तक 10 GW की न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने के लक्ष्य की भी बात कही।

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के पोर्ट्स बिजनेस का लक्ष्य 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम हासिल करना है। अदाणी ग्रुप क्लीन एनर्जी की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए PNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ला रहा है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप 2030 तक 3 GW का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इससे भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की पैठ को और मजबूती मिलेगी।

 

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

 

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Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold price today: MCX पर सोने का भाव 1% से ज्यादा टूटा, अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold price today: बुधवार, 24 जून को MCX पर सोने का रेट 1% से ज़्यादा गिर गया, जिसकी वजह मज़बूत US डॉलर था। US फ़ेडरल रिज़र्व के मॉनेटरी सख्ती की उम्मीदों से डॉलर इंडेक्स 1 साल से ज़्यादा के हाई पर पहुंच गया।

MCX गोल्ड अगस्त फ़्यूचर्स सुबह 10.40 बजे के आस-पास 1.39% गिरकर ₹1, 44,499 प्रति 10 ग्राम पर थे, जबकि MCX सिल्वर जुलाई फ़्यूचर्स 0.71% गिरकर ₹2,24,227 प्रति kg पर थे।

डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.52 पर पहुंच गया, जो एक साल से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा लेवल है, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए डॉलर वाला सोना महंगा हो गया। डॉलर इंडेक्स 17 जून से 100 के निशान से ऊपर है क्योंकि बाज़ार को उम्मीद है कि US फ़ेडरल रिज़र्व इस साल के आखिर तक महंगाई की वजह से रेट बढ़ाएगा।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, CME FedWatch Tool इस साल US Fed के रेट बढ़ने की उम्मीदें बढ़ा रहा है। ट्रेडर्स को अब इस साल तीन बार इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद दिख रही है।अब, Fed का पसंदीदा इन्फ्लेशन गेज, U.S. पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा, जो गुरुवार को आने वाला है, US Fed मॉनेटरी पॉलिसी पर आगे के संकेतों के लिए फोकस में है।

US-ईरान शांति बातचीत में प्रगति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बीच, इन्फ्लेशन का खतरा कम होने के बावजूद मार्केट US Fed रेट बढ़ोतरी को डिस्काउंट कर रहा है।

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि अभी, पीली धातु एक टेंशन वाले माहौल में ट्रेड कर रही है, और लगभग पूरे H1 में आर्थिक उथल-पुथल और USD टर्म्स में ~15% के करेक्शन के बाद, सोने का परफॉर्मेंस H2 में धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद है, बशर्ते कोई पक्का शांति समझौता हो।

पारंपरिक रूप से, अगस्त से अक्टूबर के दौरान सोने की कीमतों में बढ़त देखी जाती है, क्योंकि त्योहारों का मौसम होता है, साथ ही पश्चिम में छुट्टियों का मौसम भी होता है। हालांकि, इस उम्मीद के बीच, यह देखना और इंतज़ार करना ज़रूरी है कि स्थिति कैसे बदलती है।

भारतीय ज्वेलरी एक्सपोर्ट के सावधानी से आशावादी रहने की उम्मीद है। हालांकि इस सेक्टर पर सोने की ऊंची कीमतों का दबाव पड़ सकता है, जिससे इंटरनेशनल और घरेलू दोनों मार्केट में डिमांड में कुछ कमी आ सकती है, भारत की ताकत नए FTA के ज़रिए मार्केट के डायवर्सिफिकेशन में दिखेगी जो मेनस्ट्रीम एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में डिमांड रिवाइवल के साथ-साथ रिकवरी मोमेंटम को सपोर्ट करेगी। ग्राहकों के कंजर्वेटिव लेकिन उत्साहित खरीदारी व्यवहार को देखते हुए, हम हल्के स्टडेड ज्वेलरी की डिमांड में बढ़ोतरी देखेंगे।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “सोना सात महीने के निचले स्तर की ओर गिर गया क्योंकि सख्त Fed पॉलिसी की उम्मीदें अंतरिम US-ईरान शांति समझौते से मिले सपोर्ट से ज़्यादा थीं, जिससे इन्फ्लेशन की चिंताओं को कम करने में मदद मिली। US टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में भारी गिरावट के कारण भी पीली धातु पर दबाव पड़ा, जिससे इन्वेस्टर्स ने अपने पोर्टफोलियो में कहीं और हुए नुकसान की भरपाई के लिए बुलियन पोजीशन कम कर दीं।”

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि आज के सेशन में सोने को $4,089 और $4,040 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,185 और $4,220 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $60 और $58.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $63.60 और $65.20 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX पर सोने को ₹1,45,200 और ₹1,44,000 पर सपोर्ट और ₹1,47,200 और ₹1,48,100 पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी को ₹2,21,000 और ₹2,16,600 पर सपोर्ट और ₹2,28,800 और ₹2,31,200 पर रेजिस्टेंस है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

Market Trend : 24 जून को शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23900 के आसपास दिख रहा है। 10.15 बजे के आसपास सेंसेक्स 250.75 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 76,451.43 पर और निफ्टी 46.75 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,870.85 पर दिख रहा था। निफ्टी पर टेक महिंद्रा,अदाणी एंटरप्राइजेज,ट्रेंट,डॉ.रेड्डीज लैब्स और ICICI बैंक में सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। जबकि, बजाज ऑटो,हिंडाल्को,HDFC लाइफ,SBI और मारुति सुजुकी में गिरावट आई है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो पावर,ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर में गिरावट है। जबकि IT,बैंक, FMCG और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहे हैं।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि चार पांच दिनों की एक अच्छी रैली और अच्छे ट्रेंड के बाद कल के सत्र में फाइनली एक गिरावट देखी। यह काफी स्ट्रांग गिरावट थी। निफ्टी कल 278 अंक डाउन था। अब निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल लगभग 23700 के आसपास आता है। यहीं पर हमारा कॉन्फिडेंस और मूविंग एवरेजेज दोनों है। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 24200 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर आज 23750 का लेवल टूटता है तो फिर निफ्टी में शॉर्ट करने की सलाह होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर हम निफ्टी बैंक की बात करें तो यह निफ्टी की तुलना में ज्यादा बेहतर दिख रहा है। चार्ट देखें तो पता चलता है कि निफ्टी बैंक 200 डेमा के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। बैंक निफ्टी में बाय ऑन डिप की रणनीति काफी अच्छी रहेगी। अगर इसमें आज को अच्छी डिप मिले तो 56800 के सपोर्ट के साथ हम लॉन्ग जा सकते हैं। जब तक यह लेवल्स इंटैक्ट है, तब तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति बेहतर रहेगी।

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अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने कहा कि यह स्टॉक स्पेसिफिक मार्केट है। निफ्टी जब अच्छा नहीं कर रहा था, तब भी ब्रॉडर मार्केट अच्छा कर रहे थे। ऐसे बाजार में एवेन्यू सुपरमार्केट (AVENUE SUPERMARTS) का स्ट्रक्चर अच्छा लग रहा है। यह स्टॉक 20 और 200 डेमा के ऊपर अच्छा बेस बना कर इससे बाहर आ रहा है। पिछले तीन चार दिनों में इसने अपने मूविंग एवरेजेस के ऊपर कंसोलिडेशन दिखाया। कल के सत्र में इसमें हमें एक स्विंग ब्रेकआउट दिखा। स्टॉक में काफी अच्छी रिलेटिव स्ट्रेंथ है। इस स्टॉक को 4392 रुपए के आसपास, 4340 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 4500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदने की सलाह होगी।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती, उतार-चढ़ाव के साथ जारी रह सकता है कंसोलिडेशन

Trading Plan : टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से ग्लोबल मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद,आज मार्केट में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है,लेकिन आगे यह देखना अहम होगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है। बाजार जानकारों के मुताबिक, निफ्टी को 24,500 के स्तर तक और ऊपर जाने के लिए 24,200 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट देना होगा। तब तक,इसमें उतार-चढ़ाव के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 23,750 और उसके बाद 23,640 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर की तरह 23,900-24,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं,57,500–58,000 के लेवल तक वापसी के लिए बैंक निफ्टी को पिछले दिन के निचले स्तर (56,078) पर सपोर्ट लेने की जरूरत है। इस लेवल के नीचे,56,500–56,200 सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि निफ्टी के 24,200 के रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। यह लेवल 100-डे EMA के साथ भी मेल खाता है। मेटल और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों में बिकवाली के दबाव और ग्लोबल मार्केट से मिले नेगेटिव संकेतों के कारण इंडेक्स नीचे आ गया।

डेली चार्ट पर निफ्टी अब जून 2026 में शुरू हुई पिछली रैली के 23.6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गई हैं। जब तक इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,760–23,720 ज़ोन के पास है) से ऊपर बना रहता है,तब तक मौजूदा कमजोरी को जारी अपट्रेंड के बीच एक हल्के विराम के तौर पर देखा जा सकता है।

लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती दिख रही है। तेजड़ियों को दोबारा कंट्रोल पाने के लिए ज़रूरी है कि इंडेक्स पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हो। ऐसा होने पर इंडेक्स 24,300 या उससे ऊपर जा सकती हैं। हालांकि,अगर यह 23,720 के नीचे जाता है तो 15 जून को बने गैप को भरने की कोशिश हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस : 24,170

अहम सपोर्ट: 23,720

स्ट्रैटेजी : अगर निफ्टी फ्यूचर्स इंडेक्स 23,920–23,940 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है,तो शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 24,020 और टारगेट 23,720 होगा।

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 57,961 के लेवल से ऊपर नहीं टिक पाया और इसमें 800 पॉइंट से ज़्यादा की तेज इंट्राडे गिरावट देखी गई। यह गिरावट इतनी बड़ी थी कि इसने पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में हुई बढ़त को एक ही दिन में खत्म कर दिया। इस गिरावट में PSU बैंकों की मुख्य भूमिका रही।

8 जून के बाद यह पहला मौका था जब बैंक निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ। इससे पता चलता है कि लंबी और तेज बढ़त के बाद बाज़ार में जारी तेजी के रुख में कुछ समय के लिए ठहराव आया है। मुनाफा वसूली की उम्मीद पहले से ही थी,क्योंकि शॉर्ट-टर्म टाइमफ़्रेम पर कई मोमेंटम इंडिकेटर’ओवरबॉट ज़ोन’में पहुंच गए थे।

इंडेक्स के लिए अगला अहम सपोर्ट 57,050 के लेवल के पास है। अगर यह इस लेवल के नीचे जाता है,तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शॉर्ट-टर्म टॉप बन गया है,जिससे इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।

बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। अगर यह फिर से 57,600 के ऊपर जाता है तो 57,961 के लेवल को छूने की एक और कोशिश हो सकती है। हालांकि, अगर यह 57,050 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग और बढ़ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,961

अहम सपोर्ट: 57,050

स्ट्रैटेजी: अगर इंडेक्स 57,380–57,400 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है तो बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 57,560 और टारगेट 57,160–57,050 रखें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।