HDFC Bank ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को बनाया नया पार्ट-टाइम चेयरमैन, 3 साल रहेगा कार्यकाल

HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी।

बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा।

स्वतंत्र निदेशक भी बनाए गए

बोर्ड ने राजीव कुमार को 30 जून 2026 से चार साल के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

HDFC Bank ने बताया कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है।

AGM के नोटिस में किया बदलाव

राजीव कुमार की नियुक्ति के बाद HDFC Bank ने अपनी 32वीं AGM के नोटिस में संशोधन किया है। इसमें उनकी नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं।

बैंक ने यह भी कहा कि SEBI या किसी अन्य नियामक संस्था ने राजीव कुमार पर किसी कंपनी में निदेशक बनने पर कोई रोक नहीं लगाई है।

चार दशक का प्रशासनिक अनुभव

राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी हैं। उनके पास 40 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने सार्वजनिक नीति, वित्तीय क्षेत्र में सुधार और संस्थागत विकास से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है।

बैंकिंग सुधारों में निभाई बड़ी भूमिका

HDFC Bank के मुताबिक, राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग के सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों में पूंजी डालकर उन्हें मजबूत करने (रीकैपिटलाइजेशन), बैंकों के मर्जर, बैंकिंग गवर्नेंस में सुधार और नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने जैसे बड़े सुधारों में अहम भूमिका निभाई।

विजया बैंक और देना बैंक का मर्जर

विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कराने में राजीव कुमार की अहम भूमिका रही। उन्होंने बैंकिंग टेक्नोलॉजी में भी कई सुधार किए। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने पर काम किया। डिपॉजिट प्रोटेक्शन को मजबूत बनाया। साथ ही वित्तीय स्थिरता से जुड़े कई अहम सुधारों की अगुआई की।

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

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Gold Price: पुराने गहनों की बिक्री 43% बढ़ी, कीमत गिरने के डर से मुनाफा वसूल रहे लोग

Gold Price: भारतीय परिवारों में पुराने गहने बेचने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह सोने का भाव है। दरअसल, लोगों को डर है कि इस साल की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने के दाम और नीचे आ सकते हैं। ऐसे में कई लोग अभी मुनाफा वसूलना बेहतर समझ रहे हैं।

43% बढ़ी पुराने सोने की बिक्री

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में करीब 50 टन पुराने सोने की बिक्री हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43% ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई है। इसके बाद भी लोगों को आशंका है कि भाव 1.20 लाख रुपये तक गिर सकते हैं। इसी वजह से कई लोग पुराने गहनों को बदलने की बजाय सीधे बेचकर नकद ले रहे हैं।

क्यों बेच रहे हैं लोग?

IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, लोग ऊंची कीमत का फायदा उठाकर नकदी जुटाना चाहते हैं।

उनका कहना है कि साल की शुरुआत में सोना करीब 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। अब कीमत घटकर करीब 1.40 लाख रुपये रह गई है। ऐसे में लोगों को डर है कि आगे और गिरावट आ सकती है, इसलिए वे अभी सोना बेच रहे हैं।

गोल्ड रीसाइक्लिंग को मिल रही रफ्तार

पुराने सोने की बढ़ती बिक्री से देश के संगठित गोल्ड रीसाइक्लिंग कारोबार को भी फायदा हो रहा है। अब लोग घर में पड़ा बेकार सोना बेचकर उसे फिर से बाजार में ला रहे हैं।

इंडस्ट्री के मुताबिक, 2025 में भारत में 125 से 150 टन रीसाइकल्ड गोल्ड बाजार में आया था। अगर मौजूदा रुझान जारी रहा, तो 2026 में यह आंकड़ा 200 से 250 टन तक पहुंच सकता है।

आयात पर निर्भरता घटाने में मिलेगी मदद

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है। FY26 में देश ने करीब 72.4 अरब डॉलर का सोना आयात किया। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर पुराने सोने की रीसाइक्लिंग बढ़ती है, तो आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, घरेलू बाजार में सोने की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

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Stocks to Watch: 30 जून को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में मंगलवार, 30 जून को कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, तो कुछ ने फंड जुटाने, डिविडेंड, अधिग्रहण और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। इससे इन 10 शेयरों में हलचल दिख सकती है।

HDFC Bank और Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पुनीत HDFC Bank अपने अगले CFO बन सकते हैं। वह मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं।

BSE

स्टॉक एक्सचेंज BSE 1 जनवरी 2027 से अपने इंटरनेशनल मार्केट डेटा बिजनेस को खुद संभालेगी। अभी यह काम Deutsche Börse AG करती है। इससे विदेशी ग्राहकों को BSE की सेवाएं सीधे मिलेंगी और कंपनी को अपने ग्लोबल मार्केट डेटा कारोबार पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।

Sterling & Wilson Renewable Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Sterling & Wilson Renewable Energy को विदेश में करीब 56 करोड़ डॉलर का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उसकी 50:50 जॉइंट वेंचर कंपनी को मिस्र के West Minya Solar Project के लिए मिला है।

Afcons Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Afcons Infrastructure ने FY26 के लिए प्रस्तावित 2 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी की 50वीं AGM 30 जुलाई को होगी। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का भुगतान 28 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

RITES

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी RITES ने Container Corporation of India (CONCOR) के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इसके तहत दोनों कंपनियां लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं में साथ मिलकर काम करेंगी।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक Bandhan Bank ने बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजेरियल पर्सन राजीव मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक को उनका इस्तीफा 29 जून 2026 को मिला।

Yes Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक Yes Bank के बोर्ड ने 7,500 करोड़ रुपये तक के योग्य सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटाने और 8,500 करोड़ रुपये तक के डेट सिक्योरिटीज जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी की जरूरत होगी।

Jagsonpal Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Jagsonpal Pharmaceuticals ने Aequitas Healthcare Pvt. Ltd. में 85% हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) किया है। इस अधिग्रहण से कंपनी घरेलू दवा बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

Juniper Hotels

होटल कंपनी Juniper Hotels ने बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) तरुण जेटली ने इस्तीफा दे दिया है। वह 15 जुलाई 2026 से अपने पद से हट जाएंगे।

SJVN

सरकारी पावर कंपनी SJVN ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ तीन जलविद्युत परियोजनाओं से ग्रीन पावर सप्लाई के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। हिमाचल प्रदेश की धौलासिद्ध (66 मेगावाट), लुहरी स्टेज-I (210 मेगावाट) और सुन्नी डैम (382 मेगावाट) परियोजनाओं की कुल क्षमता 658 मेगावाट होगी।

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

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Gold-Silver Price Today: तीन दिन गिरने के बाद उछला सोना, पर चांदी ₹2000 टूटी; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: लगातार तीन कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये महंगा हुआ। इसकी कीमत 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण सर्राफा बाजार बंद रहे थे।

चांदी में चौथे दिन भी गिरावट

सोने में तेजी के उलट चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर रही। इसकी कीमत 2,000 रुपये घटकर 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों चढ़ा?

एनालिस्टों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की। इससे सोने की कीमतों को सहारा मिला। वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि वैश्विक बाजार की कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार में चांदी पर दबाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 54.14 डॉलर यानी 1.32% गिरकर 4,035.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई और यह 57.62 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर का असर

Mirae Asset Sharekhan के हेड (कमोडिटीज एंड करेंसी) प्रवीण सिंह के मुताबिक, वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तेजी आई। इसका असर सोने पर पड़ा।

हालांकि बाद में दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से बुलियन बाजार पर दबाव बना हुआ है।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

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Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

Axis Bank ने सोमवार को बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने कहा कि वह अपने प्रोफेशनल करियर के अगले चरण में आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल बैंक ने उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

पुनीत शर्मा ने 28 जून 2026 को इस्तीफा दिया था। वह 31 अगस्त 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद बैंक छोड़ देंगे। पुनीत शर्मा 6 मार्च 2020 से Axis Bank के CFO हैं। उनके पास बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों और कंसल्टिंग सेक्टर में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है।

HDFC Bank जा सकते हैं पुनीत

HDFC Bank अपने अगले चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर पुनीत की नियुक्ति कर सकता है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगर नियुक्ति होती है तो यह इस साल निजी बैंकिंग सेक्टर के बड़े लीडरशिप बदलावों में से एक होगा।

पुनीत शर्मा मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा हो रहा है। CNBC-TV18 के मुताबिक, HDFC Bank की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी सोमवार को बैठक करेगी, जिसमें इस नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है।

HDFC Bank में पहले भी हुआ बड़ा बदलाव

अगर पुनीत शर्मा की नियुक्ति होती है, तो वह ऐसे समय में HDFC Bank की फाइनेंस टीम की कमान संभालेंगे, जब बैंक लीडरशिप बदलाव की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में भाविन लखपतवाला भी HDFC Bank छोड़कर RBL Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO बने हैं। उन्हें HDFC Bank में CFO पद का संभावित आंतरिक दावेदार माना जा रहा था।

Axis Bank में 6 साल का अनुभव

पुनीत शर्मा मार्च 2020 से Axis Bank में ग्रुप हेड और CFO हैं। फाइनेंस के अलावा वे लीगल, सेक्रेटेरियल, इन्वेस्टर रिलेशंस और प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। वह Axis Finance और Axis Securities के बोर्ड में भी नॉमिनी डायरेक्टर हैं।

उनके कार्यकाल में Axis Bank ने Citibank India के कंज्यूमर बिजनेस का अधिग्रहण और इंटीग्रेशन पूरा किया। बैंक ने सफलतापूर्वक पूंजी जुटाई और टेक्नोलॉजी-डिजिटल बैंकिंग में निवेश भी बढ़ाया।

Tata Capital में भी अहम भूमिका

Axis Bank से पहले पुनीत शर्मा 12 साल से ज्यादा समय तक Tata Capital में रहे। वहां वह ग्रुप CFO बने और फाइनेंस, ट्रेजरी, टैक्सेशन, इन्वेस्टर रिलेशंस और कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली।

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने Citibank, Boston Consulting Group और Lovelock & Lewes (अब PwC India का हिस्सा) में भी काम किया। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं।

इस मामले पर पूछे गए सवालों पर पुनीत शर्मा ने कोई टिप्पणी नहीं की है। HDFC Bank और Axis Bank की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Bajaj Auto Share Buyback: ₹5633 करोड़ का ऑफर 1 जुलाई से, ₹12000 के भाव पर खरीद; किस रेशियो में मंजूर होंगे शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SS Rajamouli: पेरिस में एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, ऑस्कर विनर ग्रीक-फ्रेंच फिल्ममेकर कोस्टा-गावरास से की मुलाकात

SS Rajamouli: भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एस.एस. राजामौली ने ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी और ‘आरआरआर’ (RRR) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है।

​अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एस.एस. राजामौली को पेरिस के ‘सिनेमाथेक फ्रैंकेस’ (Cinémathèque Française) में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद प्योर जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है।

​इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है।

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एस.एस. राजामौली ने लिखा, “मुझे यहाँ पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूँगा।

​इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस (The Cinémathèque Française) ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है…

​इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं…

​यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है…” यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।

MYSAA: ‘मैसा’ की शूटिंग से सामने आया दिलचस्प BTS फोटो, मेकर्स ने दिया बड़ा हिंट

MYSAA: साल 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में शामिल मैसा (Mysaa) अपनी हर नई अपडेट के साथ दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ा रही है। पैन इंडिया स्टार रश्मिका मंदाना इस फिल्म की लीड हैं और इसे पहली महिला-केंद्रित पैन इंडिया एक्शन थ्रिलर के तौर पर पेश किया जा रहा है। इस फिल्म में रश्मिका अपने करियर के सबसे दमदार और ट्रांसफॉर्मेटिव किरदारों में से एक निभाती नजर आएंगी। फिल्म के ऐलान के बाद से ही फैंस मेकर्स की ओर से साझा की जा रही हर झलक पर नजर बनाए हुए हैं।

इसी उत्साह को बरकरार रखते हुए मेकर्स ने हाल ही में शूटिंग के दौरान की एक मजेदार बिहाइंड द सीन्स तस्वीर शेयर की। इस फोटो में फिल्म के सिनेमैटोग्राफर की पीठ पर कीचड़ से बने हाथों के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिन पर खुद रश्मिका के साइन भी हैं।

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मेकर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “The blood marks are on their way,” यानी खून के निशान भी जल्द आने वाले हैं, जिससे फिल्म के दमदार एक्शन की झलक मिलती है। इसके साथ ही उन्होंने मजाक में यह भी लिखा, “हमने इस खूबसूरत कलाकारी में थोड़ा-सा खून और अंबर पाउडर भी मिला दिया है!”

तस्वीर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, “MYSAA @rashmika_mandanna की तरफ से Signed! खून के निशान अब रास्ते में हैं। @unformulafilms इस खूबसूरत आर्ट में हमें थोड़ा खून और अंबर पाउडर भी मिला देना चाहिए था! अगली बार ज़रूर! @rawindrapulle @unformulafilms”

अनफॉर्मूला फिल्म्स के बैनर तले बनी और रविंद्र पुल्ले के निर्देशन में तैयार मैसा एक इमोशनल एक्शन थ्रिलर है, जिसकी कहानी आदिवासी इलाकों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म दमदार विजुअल्स, रोमांचक कहानी और रश्मिका मंदाना के अब तक के सबसे यादगार और दमदार परफॉर्मेंस का वादा करती है।

Bajaj Auto Share Buyback: ₹5633 करोड़ का ऑफर 1 जुलाई से, ₹12000 के भाव पर खरीद; किस रेशियो में मंजूर होंगे शेयर

टूव्हीलर और थ्रीव्हीलर मेकर Bajaj Auto Ltd शेयर बायबैक कर रही है। इसके लिए ​विंडो 1 जुलाई 2026 से खुलेगी और 7 जुलाई को बंद होगी। बायबैक का साइज ₹5,632.8 करोड़ है। कंपनी ने एनटाइटलमेंट रेशियो की घोषणा कर दी है। बायबैक में कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10 प्रति शेयर फेस वैल्यू वाले 46.94 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदने वाली है। शेयरों की यह संख्या कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों का 1.68% है। Bajaj Auto के शेयर बायबैक की कीमत ₹12,000 प्रति शेयर तय की गई है।

इस तरह कंपनी इस बायबैक के लिए ₹5,633 करोड़ (₹5,632,80,00,000) खर्च करेगी। इस रकम में अन्य खर्च, ब्रोकरेज फीस और लागू टैक्स शामिल नहीं हैं। इस शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून थी। रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग टाइम तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

Bajaj Auto ने क्या रखा है बायबैक रेशियो?

बायबैक ऑफर के तहत छोटे शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी में आने वाले पात्र शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट (24 जून) पर अपने पास मौजूद हर 61 इक्विटी शेयरों के लिए 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं, यानि कि बेचने के लिए पेश कर सकते हैं। जनरल कैटेगरी में आने वाले शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर 525 इक्विटी शेयरों पर 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं। कंपनी के प्रमोटर्स, प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों और कंपनी का कंट्रोल रखने वाले लोगों ने संकेत दिया है कि वे बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे। स्टॉक एक्सचेंजेस पर बिड्स के सेटलमेंट की लास्ट डेट 14 जुलाई है।

कंपनी ने इस बायबैक की घोषणा 6 मई को तिमाही और सालाना नतीजे जारी करने के साथ की थी। शेयरहोल्डर्स ने प्रपोजल को मंजूरी 14 मई को दी। इससे पहले बजाज ऑटो ने साल 2024 में शेयर बायबैक किया था। उस वक्त कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से कुल इक्विटी शेयरों का 1.41% हिस्सा ₹10,000 प्रति शेयर की कीमत पर वापस खरीदा था।

Omaxe Share Price: गिरते बाजार में रियल्टी स्टॉक को लगे पंख, भरी 20% तक की उड़ान

सोमवार को Bajaj Auto के शेयर में गिरावट

Bajaj Auto के शेयर में 29 जून को 2% की गिरावट रही। BSE पर कीमत ₹9628.15 पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 55.01% हिस्सेदारी थी। बजाज ऑटो के अब लगभग 3 लाख खुदरा शेयरधारक हैं।

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Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

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Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी का स्टॉक 10% टूटा, जानिए किस वजह से आई इतनी बड़ी गिरावट

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies India के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 10% तक टूट गए। इसकी वजह कंपनी का फंड जुटाने की योजना रही।

शेयर कारोबार के दौरान 4,450 रुपये तक गिर गया। आखिर में यह 9.34% की गिरावट के साथ 4,482 रुपये पर बंद हुआ।

1 जुलाई को होगी बोर्ड बैठक

Netweb Technologies ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 1 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी। इस बैठक में एक या एक से ज्यादा फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर बोर्ड इन्हें आगे बढ़ा सकता है।

कैसे जुटाया जा सकता है फंड?

Netweb Technologies इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, कन्वर्टिबल या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर, वारंट या दूसरे इक्विटी लिंक्ड सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटा सकती है। जरूरत के हिसाब से इनमें से एक या एक से ज्यादा विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

कई रास्तों पर विचार

Netweb Technologies ने कहा कि फंड जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), प्राइवेट प्लेसमेंट, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), राइट्स इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी, तो इस प्रस्ताव में ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल किया जा सकता है।

Netweb के शेयरों का हाल

Netweb का शेयर सोमवार 9.34% की गिरकर 4,482 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 45.58% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 142% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.52 हजार करोड़ रुपये है।

Netweb का बिजनेस

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और AI सर्वर बनाने वाली कंपनी है। यह डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस भी देती है। कंपनी सरकारी संस्थानों, रिसर्च संगठनों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए सुपरकंप्यूटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।