Weather Update 17 July : यूपी-बिहार में आंधी-पानी का तांडव, दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट; IMD की बड़ी चेतावनी

Heavy rain alert for 12 states including UP, Bihar and Delhi

सावधान! मौसम विभाग ने यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी अगले 48 घंटों में घर से बाहर निकलने या किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण देश के एक बड़े हिस्से में अगले दो दिन आफत भरे साबित हो सकते हैं।
 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित 12 से 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी और बिहार में बारिश कब होगी? (17 July Update)

उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले कुछ दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद आज यानी 17 जुलाई से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।

 

उत्तर प्रदेश : लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज सहित पूर्वी व पश्चिमी यूपी के 40 से अधिक जिलों में आज रात से तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना है। IMD ने कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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बिहार : बिहार में मानसून की ट्रफ लाइन सक्रिय होने से पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में 'आंधी-पानी का तांडव' देखने को मिल सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

 

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम? (Delhi NCR Weather Forecast)

राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। वीकेंड पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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भारी बारिश वाले राज्यों की पूरी सूची (Heavy Rainfall States List)

मौसम विभाग ने जिन राज्यों में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनकी सूची इस प्रकार है :

राज्य अलर्ट का प्रकार (Alert Type) मुख्य प्रभाव (Key Impact)

उत्तर प्रदेश और बिहार ऑरेंज अलर्ट 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और मूसलाधार बारिश

दिल्ली-NCR और हरियाणा यलो से ऑरेंज अलर्ट गरज-चमक के साथ तेज बौछारें, जलभराव की आशंका

झारखंड और पश्चिम बंगाल रेड अलर्ट अत्यंत भारी बारिश और बिजली गिरने (व्रजपात) की चेतावनी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ऑरेंज अलर्ट पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ यलो अलर्ट मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा

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IMD की विशेष सुरक्षा गाइडलाइंस (व्रजपात/बिजली गिरने पर क्या करें) :

1. भारी बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।

2. यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो अपने वाहन के अंदर ही रहें; कार या बस की धातु की बॉडी सुरक्षा कवच का काम करती है।

3. घरों के अंदर रहते समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
 

नदियों के तटीय इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने के लिए कहा गया है।

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धुंध में लिपटे पहाड़ और झरनों की गर्जना, मॉनसून 2026 में एशिया की 10 सबसे खूबसूरत जगहें!

बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी हवाएं और सुकून ही नहीं लाता, बल्कि कई जगहों की खूबसूरती भी कई गुना बढ़ा देता है। एशिया में ऐसे कई ट्रैवल डेस्टिनेशन (travel destination) हैं, जो मानसून (monsoon)के दौरान धुंध से ढकी पहाड़ियों, झरनों, हरियाली और खूबसूरत नजारों से किसी फिल्मी सीन जैसे लगते हैं। अगर आपको बारिश में घूमना पसंद है, तो ये जगहें आपकी अगली ट्रिप (trip) के लिए बेहतरीन साबित हो सकती हैं:

Udaipur, India (उदयपुर, भारत)

Udaipur in Monsoon: Best Places to Visit, Things to Do & Stays

राजस्थान का उदयपुर बारिश के मौसम में और भी खूबसूरत दिखने लगता है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों से यहां ट्रेन, फ्लाइट और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मानसून में पिछोला झील (Lake Pichola) पानी से भर जाती है और सिटी पैलेस का नजारा देखने लायक होता है। आप मानसून पैलेस (Monsoon Palace) , फतेह सागर झील (Fateh Sagar Lake)और बोट राइड का भी आनंद ले सकते हैं।

Munnar, India (मुन्नार, भारत)

10 Places In India That Feel Like Europe During Monsoon

केरल का मुन्नार मानसून में किसी हरे स्वर्ग जैसा नजर आता है। कोच्चि एयरपोर्ट से लगभग 4 घंटे की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के दौरान चाय के बागान, अट्टुकल वॉटरफॉल (Attukal Waterfalls) और धुंध से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों (tourists) को खूब आकर्षित करती हैं। यहां बैठकर गर्म चाय के साथ बारिश का आनंद लेना एक अलग ही एक्सपीरियंस है।

Baguio, Philippines (बगियो, फ़िलीपींस)

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अगर आप बारिश के मौसम में ठंडी हवा और पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, तो फिलीपींस का बगियो शहर बेहतरीन जगह है। मनीला (Manila) से करीब 4 से 6 घंटे की सड़क यात्रा (road trip) करके यहां पहुंचा जा सकता है। में यहां की पहाड़ियां धुंध से ढक जाती हैं और मौसम काफी ठंडा हो जाता है। बरनहम पार्क (Burnham Park) में घूमना, लोकल कैफे में गर्म कॉफी पीना और आसपास के व्यू पॉइंट्स से नजारे देखना यहां का खास एक्सपीरियंस है।

Ubud, Indonesia (उबुद, इंडोनेशिया)

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उबुद बाली द्वीप ( island ) पर है। भारत से पहले बाली (Denpasar) की फ्लाइट लें और वहां से करीब डेढ़ घंटे की टैक्सी राइड करके उबुद पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में यहां के धान के खेत, झरने और जंगल बेहद हरे-भरे हो जाते हैं। सुबह की सैर, योग सेशन और तेगालालंग राइस टैरेस (Tegalallang Rice Terrace) की खूबसूरती इस मौसम में और बढ़ जाती है।

Chiang Mai, Thailand (चियांग माई, थाईलैंड)

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थाईलैंड (Thailand )का चियांग माई मानसून में हरियाली से भर जाता है। बैंकॉक (Bangkok) से फ्लाइट या ट्रेन के जरिए यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां, धान के खेत और दोई इनथानोन नेशनल पार्क (Doi Inthanon National Park) बेहद खूबसूरत दिखते हैं। सुबह मंदिर घूमने और शाम को नाइट मार्केट का मजा लेने का यह अच्छा समय माना जाता है।

 

Hoi An, Vietnam (होई आन, वियतनाम)

24,900+ Hoi An Vietnam Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

होई आन अपने पुराने शहर और रंग-बिरंगी लालटेनों के लिए मशहूर है। दा नांग एयरपोर्ट से करीब 45 मिनट की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के मौसम में यहां की गलियां और नदी किनारा और भी अट्रेक्टिव दिखते हैं। आप लालटेन बनाने की वर्कशॉप, लोकल फूड और नदी किनारे शाम बिताने का आनंद ले सकते हैं।

Luang Prabang, Laos (लुआंग प्रबांग, लाओस)

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लाओस का यह शांत शहर मानसून में हरियाली से भर जाता है। यहां फ्लाइट से पहुंचना सबसे आसान तरीका है। बारिश के दौरान कुआंग सी वॉटरफॉल (Kuang Si Waterfall) पूरे वेग से बहता है और देखने लायक नजारा पेश करता है। मंदिरों की सैर, मेकांग नदी में बोट राइड और नाइट मार्केट घूमना यहां की खास एक्टिविटी हैं।

Kyoto, Japan (क्योटो, जापान)

Tsuyu Rainy Days In Kyoto, Japan | Outlook Traveller

जापान का क्योटो बारिश के मौसम में बेहद शांत और खूबसूरत लगता है। टोक्यो या ओसाका से बुलेट ट्रेन के जरिए आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून में यहां के मंदिर, मॉस गार्डन (moss garden) और हाइड्रेंजिया (hydrangea) के फूल बेहद सुंदर नजर आते हैं। इस मौसम में टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है, जिससे आराम से घूमने का मौका मिलता है।

George Town, Malaysia (जॉर्ज टाउन, मलेशिया)

 Kek Lok Si Temple complex George Town Malaysia aerial drone Southeast Asia Penang island

मलेशिया के पेनांग द्वीप (Penang Island) पर जॉर्ज टाउन अपने हेरिटेज (street food) और स्ट्रीट फूड (street food) के लिए जाना जाता है। पेनांग एयरपोर्ट (Penang Airport) से कुछ ही देर में यहां पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में पुरानी इमारतें और सड़कें अलग ही खूबसूरती बिखेरती हैं। यहां का लोकल खाना, कैफे और स्ट्रीट आर्ट टूरिस्ट को खूब पसंद आते हैं।

Arugam Bay, Sri Lanka (अरुगम बे, श्रीलंका)

Sri Lanka with arugam bay coastline wild tropical plants southwest monsoon season 78542208 Stock Photo at Vecteezy

अगर आपको सर्फिंग पसंद है, तो श्रीलंका का अरुगम बे (Arugam Bay) बारिश के मौसम में शानदार जगह है। कोलंबो (Colombo) से डोमेस्टिक फ्लाइट या रोड के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून के दौरान यहां समुद्र की ऊंची लहरें सर्फिंग के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं। इसके अलावा शांत बीच, ताजा सी-फूड और खूबसूरत सूर्योदय भी यहां की खास पहचान हैं।

Weather Update : फिर बदलेगा मौसम, यहां उमस से मिलेगी राहत, इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

Weather to change again, rain alert for these states

Weather Update News : एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

 

कुछ राज्यों में ओले गिरने की आशंका

एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

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तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट

एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

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इन राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुलगाम, कठुआ, मुजफ्फराबाद, किश्तवाड़, अनंतनाग और उधमपुर में आज और कल भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, दुमका, देवघर, हजारीबाग, धनबाद और पलामू में आज भारी बारिश की चेतावनी है।

 

बिहार के गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, पटना, कैमूर, बक्सर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली में आज और कल भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। 

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मध्य प्रदेश के 31 जिलों में बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में करीब 9 दिन से थमा तेज बारिश का दौर अब फिर लौटने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने आज बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 31 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

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पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश से नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका है। महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है, वहीं पुणे और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी है।

Rain Alert: 4 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! यूपी से लेकर बिहार और बंगाल तक आज भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Today 17 July: देश भर में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 जुलाई उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations / चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया है।

इसके साथ ही तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ मैदानी इलाकों में अत्यधिक उमस व गर्मी का भी पूर्वानुमान है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 4 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसी सिस्टम से लेकर छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात राज्य होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

4 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम: पहला सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है। दूसरा सिस्टम उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है। चौथा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्र में बना हुआ है। इन प्रणालियों के बीच 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने के लिए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ भी तैयार हो रहा है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तीन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तरी ओडिशा और झारखंड से सटे इलाकों में बने सिस्टम के कारण यहाँ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहांआज बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज कुछ जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के 11 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी यूपी और बिहार से सटे इलाकों में चक्रवाती सिस्टम की मौजूदगी के चलते आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज झमाझम भारी बारिश का दौर चलेगा। गांगेय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में आज भारी बारिश आफत बन सकती है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (पूर्वी) में आज कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का खतरा

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-बवंडर और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आज बिजली कड़कने और गरज-चमक का अलर्ट है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज काफी तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

KJHGF

कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच कुछ राज्यों के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहने वाला है।

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बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें…

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें…

Income Tax Bill: विदेशी निवेशकों को टैक्स छूट देने वाला बिल संसद में आएगा, जानिए क्या बदलेगा

Income Tax Bill: केंद्र सरकार मानसून सत्र में Income-tax (Amendment) Bill, 2026 पेश करने की तैयारी में है। यह बिल पिछले महीने लाए गए अध्यादेश (Ordinance) की जगह लेगा। इस अध्यादेश के तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर आयकर से छूट दी गई थी।

इस बिल का मकसद क्या है?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा था। ऐसे में सरकार ज्यादा विदेशी निवेश लाना चाहती है। इसी मकसद से यह टैक्स छूट दी गई थी। सरकार चाहती है कि भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार में ज्यादा विदेशी निवेश आए। इससे बाजार में नकदी बढ़ेगी। सरकारी बॉन्ड बाजार भी मजबूत होगा।

सरकार का मानना है कि दुनिया में इस समय काफी अनिश्चितता है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। सप्लाई चेन भी कई जगह प्रभावित है। ऐसे माहौल में विदेशी पूंजी आकर्षित करना जरूरी है।

विदेशी निवेशकों को क्या फायदा होगा?

सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को ब्याज से होने वाली कमाई और कैपिटल गेन पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी गई है।

पहले विदेशी निवेशकों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखे गए शेयर और बॉन्ड पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता था। सरकारी बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर 20% विदहोल्डिंग टैक्स भी लगता था।

अध्यादेश क्यों लाना पड़ा?

जब यह फैसला लिया गया, तब संसद का सत्र नहीं चल रहा था। इसलिए सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी किया। बाद में इसे कानून बनाने के लिए अब संसद में बिल लाया जाएगा।

मानसून सत्र में और क्या होगा?

सरकार MSME Development (Amendment) Bill, 2026 भी पेश करेगी। इसका मकसद छोटे कारोबारियों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है। साथ ही भुगतान में देरी से जुड़े विवादों का समाधान भी मजबूत किया जाएगा।

इसके अलावा सरकार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए Demands for Excess Grants भी संसद में पेश करेगी।

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बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं,500 मौतों की आशंका:ज्यादातर रोहिंग्या सवार थे, खराब मौसम की वजह से हादसा

म्यांमार में हिंसा से बचकर भाग रहे 500 से ज्यादा लोगों के समुद्र में लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों के मुताबिक, म्यांमार के तट के पास खराब मौसम में दो नावें गायब हो गईं। इनमें सवार ज्यादातर लोग रोहिंग्या समुदाय के थे। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने संयुक्त बयान में बताया कि दोनों नावें जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं। पहली नाव में करीब 250 लोग सवार थे। रवाना होने के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया। दूसरी नाव में करीब 280 यात्री सवार थे और माना जा रहा है कि वह 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूब गई। रोहिंग्या लोगों के पास किसी देश की नागरिकता नहीं रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य का एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है। दशकों से यह समुदाय सरकारी उत्पीड़न, हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहा है। म्यांमार की बौद्ध बहुसंख्यक सरकार और वहां के स्थानीय लोग रोहिंग्याओं को म्यांमार का मूल निवासी नहीं मानते। उनका दावा है कि ये लोग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बांग्लादेश (तत्कालीन बंगाल) से आए अवैध अप्रवासी हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘बंगाली’ कहकर पुकारा जाता है। रोहिंग्या समुदाय का कहना है कि वे रखाइन क्षेत्र में आठवीं सदी या उससे भी पहले से रह रहे हैं और वे वहीं के मूल निवासी हैं। साल 1982 में रोहिंग्याओं को नागरिकता देने से इनकार कर दिया गया। इसके कारण वे बिना किसी देश के नागरिक बन गए। उन्हें बुनियादी अधिकार जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा और शादी करने तक की आजादी नहीं है। करीब 12 लाख रोहिंग्या फिलहाल बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। ये लोग म्यांमार की सेना की हिंसा से बचकर वहां पहुंचे थे। हाल के वर्षों में अमेरिका और अन्य देशों की विदेशी सहायता में कटौती के कारण इन शिविरों में खाद्य राशन भी कम कर दिया गया है। रोहिंग्या शरणार्थियों के पास सुरक्षित तरीके से म्यांमार लौटने का कोई रास्ता नहीं है। 2017 में म्यांमार की सेना पर रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने के आरोप लगे थे, जिसे कई देशों ने नरसंहार (जेनोसाइड) माना है। जो रोहिंग्या अब भी म्यांमार में रह रहे हैं, उन्हें कड़ी पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कई लोग नजरबंदी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। मलेशिया पहुंचने के लिए उठा रहे जानलेवा जोखिम आमतौर पर रोहिंग्या इस मौसम में समुद्र के रास्ते यात्रा करने से बचते हैं, क्योंकि मानसून के दौरान समुद्र बेहद खतरनाक हो जाता है। हालांकि म्यांमार में हिंसा और बांग्लादेश के भीड़भाड़ वाले शरणार्थी शिविरों में खराब हालात के कारण रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से जर्जर लकड़ी की नावों में बैठकर मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं। खराब परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग जर्जर नावों के जरिए मलेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस दौरान हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें नवजात बच्चे, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कई बार स्थानीय समुद्री एजेंसियां संकट में फंसी नावों की मदद भी नहीं करतीं। दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में एक संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में करीब 900 रोहिंग्या शरणार्थी मारे गए या लापता हो गए थे। यह दुनिया में शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक समुद्री मार्ग माना जाता है। IOM और UNHCR ने कहा कि यह संभावित हादसा दिखाता है कि रोहिंग्या संकट का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों की मदद बढ़ाने की अपील की। एजेंसियों ने कहा कि दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक पर और लोगों की जान जाने से रोकने के लिए खोज एवं बचाव अभियान मजबूत करना, शरण देने की व्यवस्था बेहतर करना और मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। UNHCR के अनुसार, 2025 में 6,500 से ज्यादा रोहिंग्या समुद्र के रास्ते भागने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से करीब 900 लोग मारे गए या लापता हो गए। यह रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अब तक का सबसे घातक साल था और दुनिया के किसी भी प्रमुख शरणार्थी समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई।

बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं,500 मौतों की आशंका:ज्यादातर रोहिंग्या सवार थे, खराब मौसम की वजह से हादसा

म्यांमार में हिंसा से बचकर भाग रहे 500 से ज्यादा लोगों के समुद्र में लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों के मुताबिक, म्यांमार के तट के पास खराब मौसम में दो नावें गायब हो गईं। इनमें सवार ज्यादातर लोग रोहिंग्या समुदाय के थे। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने संयुक्त बयान में बताया कि दोनों नावें जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं। पहली नाव में करीब 250 लोग सवार थे। रवाना होने के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया। दूसरी नाव में करीब 280 यात्री सवार थे और माना जा रहा है कि वह 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूब गई। रोहिंग्या लोगों के पास किसी देश की नागरिकता नहीं रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य का एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है। दशकों से यह समुदाय सरकारी उत्पीड़न, हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहा है। म्यांमार की बौद्ध बहुसंख्यक सरकार और वहां के स्थानीय लोग रोहिंग्याओं को म्यांमार का मूल निवासी नहीं मानते। उनका दावा है कि ये लोग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बांग्लादेश (तत्कालीन बंगाल) से आए अवैध अप्रवासी हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘बंगाली’ कहकर पुकारा जाता है। रोहिंग्या समुदाय का कहना है कि वे रखाइन क्षेत्र में आठवीं सदी या उससे भी पहले से रह रहे हैं और वे वहीं के मूल निवासी हैं। साल 1982 में रोहिंग्याओं को नागरिकता देने से इनकार कर दिया गया। इसके कारण वे बिना किसी देश के नागरिक बन गए। उन्हें बुनियादी अधिकार जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा और शादी करने तक की आजादी नहीं है। करीब 12 लाख रोहिंग्या फिलहाल बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। ये लोग म्यांमार की सेना की हिंसा से बचकर वहां पहुंचे थे। हाल के वर्षों में अमेरिका और अन्य देशों की विदेशी सहायता में कटौती के कारण इन शिविरों में खाद्य राशन भी कम कर दिया गया है। रोहिंग्या शरणार्थियों के पास सुरक्षित तरीके से म्यांमार लौटने का कोई रास्ता नहीं है। 2017 में म्यांमार की सेना पर रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने के आरोप लगे थे, जिसे कई देशों ने नरसंहार (जेनोसाइड) माना है। जो रोहिंग्या अब भी म्यांमार में रह रहे हैं, उन्हें कड़ी पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कई लोग नजरबंदी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। मलेशिया पहुंचने के लिए उठा रहे जानलेवा जोखिम आमतौर पर रोहिंग्या इस मौसम में समुद्र के रास्ते यात्रा करने से बचते हैं, क्योंकि मानसून के दौरान समुद्र बेहद खतरनाक हो जाता है। हालांकि म्यांमार में हिंसा और बांग्लादेश के भीड़भाड़ वाले शरणार्थी शिविरों में खराब हालात के कारण रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से जर्जर लकड़ी की नावों में बैठकर मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं। खराब परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग जर्जर नावों के जरिए मलेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस दौरान हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें नवजात बच्चे, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कई बार स्थानीय समुद्री एजेंसियां संकट में फंसी नावों की मदद भी नहीं करतीं। दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में एक संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में करीब 900 रोहिंग्या शरणार्थी मारे गए या लापता हो गए थे। यह दुनिया में शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक समुद्री मार्ग माना जाता है। IOM और UNHCR ने कहा कि यह संभावित हादसा दिखाता है कि रोहिंग्या संकट का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों की मदद बढ़ाने की अपील की। एजेंसियों ने कहा कि दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक पर और लोगों की जान जाने से रोकने के लिए खोज एवं बचाव अभियान मजबूत करना, शरण देने की व्यवस्था बेहतर करना और मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। UNHCR के अनुसार, 2025 में 6,500 से ज्यादा रोहिंग्या समुद्र के रास्ते भागने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से करीब 900 लोग मारे गए या लापता हो गए। यह रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अब तक का सबसे घातक साल था और दुनिया के किसी भी प्रमुख शरणार्थी समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई। भारत में कितने रोहिंग्या हैं? नोट: रोहिंग्याओं की संख्या को लेकर भारत सरकार और UNHCR के आंकड़े अलग-अलग हैं। UNHCR केवल अपने यहां पंजीकृत शरणार्थियों और शरण मांगने वालों की संख्या बताता है, जबकि भारत सरकार का अनुमान देश में मौजूद कुल रोहिंग्या आबादी पर आधारित है।

Onam Bumper Lottery: सिर्फ 500 का टिकट और लॉटरी जीतने पर अब मिलेंगे 30 करोड़ रुपये! CM सतीशन ने कर दिया बड़ा ऐलान

Onam Bumper Lottery: केरल सरकार ने इस साल की बहुप्रतीक्षित ‘ओणम बंपर लॉटरी 2026’ लॉन्च कर दी है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने गुरुवार 16 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आयोजित एक समारोह में इसका शुभारंभ किया। इस बार लॉटरी का पहला इनाम 30 करोड़ रुपये रखा गया है। यह केरल राज्य लॉटरी विभाग के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा जैकपॉट है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि ओणम बंपर लॉटरी के टिकटों की बिक्री 20 जुलाई से शुरू होगी। पिछले साल इस लॉटरी का पहला इनाम 25 करोड़ रुपये था, जिसे इस बार बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

टिकट की कीमत में कोई बदलाव नहीं

दिलचस्प बात यह है कि पहले इनाम में 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद टिकट की कीमत 500 रुपये ही रखी गई है। यानी लोगों को अधिक इनाम जीतने का मौका मिलेगा। लेकिन टिकट खरीदने के लिए अतिरिक्त राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। हालांकि, सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि पहले इनाम की राशि क्यों बढ़ाई गई। माना जा रहा है कि हर साल ओणम से पहले इस लॉटरी की भारी मांग को देखते हुए इसे और आकर्षक बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

इनामों में किया गया बदलाव

पहले इनाम में बढ़ोतरी के साथ इनामों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। तीसरा इनाम पहले 50 लाख रुपये था, जिसे घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कुल पुरस्कार राशि का पुनर्वितरण किया गया है, न कि केवल उसमें वृद्धि की गई है।

टिकट की बिक्री कब शुरू होगी?

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के.एस. के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन 17 जुलाई को तिरुवोणम बंपर लॉटरी 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे। डायरेक्टरेट ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है। हालांकि छापे जाने वाले टिकटों की अंतिम संख्या बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।

ओणम बंपर 2026 की प्रमुख बातें

पहला इनाम: 30 करोड़ रुपये (1 विजेता)

दूसरा इनाम: 1 करोड़ रुपये (20 विजेता)

तीसरा इनाम: 25 लाख रुपये (20 विजेता)

चौथा इनाम: 5 लाख रुपये (10 विजेता)

पांचवां इनाम: 2 लाख रुपये (10 विजेता)

छठा इनाम: 5,000 रुपये (54,000 विजेता)

सातवां इनाम: 2,000 रुपये (81,000 विजेता)

आठवां इनाम: 1,000 रुपये (1,24,000 विजेता)

नौवां इनाम: 500 रुपये (2,75,400 विजेता)

सांत्वना पुरस्कार: 5 लाख रुपये (9 विजेता)

इस साल ओणम बंपर लॉटरी की कुल पुरस्कार राशि 125.54 करोड़ रुपये होगी।

लॉन्च की तारीख: मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 17 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इस लॉटरी को लॉन्च करेंगे। इसके तुरंत बाद टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी।

टिकटों की संख्या: मांग को देखते हुए सरकार ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है।

आगामी परिणाम: इस लॉन्च के अगले ही दिन, यानी 18 जुलाई को दोपहर 2 बजे, केरल मानसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों की घोषणा की जाएगी।

90 लाख टिकट जारी करने की योजना

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के. एस. के अनुसार, इस बार बाजार की मांग को देखते हुए 90 लाख तक टिकट जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम संख्या बिक्री की मांग पर निर्भर करेगी। ओणम बंपर केरल की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी उत्सवी लॉटरी मानी जाती है। हर साल ओणम से पहले इसकी टिकटों की जबरदस्त बिक्री होती है।

इससे पहले साल 2022 में पहले इनाम को 12 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये किया गया था। अब 2026 में इसे बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो एक नया रिकॉर्ड है। ओणम बंपर लॉटरी के लॉन्च के बाद अब लोगों की नजर केरल मॉनसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों पर रहेगी। इनकी घोषणा 18 जुलाई दोपहर 2 बजे की जाएगी।

केरल लॉटरी के ओणम बंपर 2026 में क्या बदलाव हुए हैं?

पहला इनाम ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹30 करोड़ हो गया है।

टिकट की कीमत ₹500 पर ही बरकरार है।

तीसरा इनाम ₹50 लाख से घटकर ₹25 लाख कर दिया गया है।

कुल इनाम राशि ₹125.54 करोड़ है।

मांग के आधार पर 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना है।