LTCG टैक्स में बदलाव की चर्चा के बीच FII का बड़ा दांव, एक ही दिन में खरीद डाले ₹6837 करोड़ के शेयर

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार, 3 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी की। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, FII ने एक दिन में नेट ₹6,836.81 करोड़ के शेयर खरीदे। यह 2026 में उनकी अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारी है। इससे पहले 2 सितंबर को ₹6,688.37 करोड़ का रिकॉर्ड नेट निवेश हुआ था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ही दिन पहले बयान दिया था कि वह इक्विटी टैक्स के बारे में निवेशकों की चिंता के बारे में विचार करेंगी। इससे पहले भी वित्त मंत्री ने संकेत दिया था कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स से जुड़ी चिंताओं को लेकर गंभीर है।

मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने ₹20,970.51 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि ₹14,133.70 करोड़ की बिकवाली की। इससे पहले सोमवार को भी ₹3,114.68 करोड़ का नेट निवेश आया था। इस तरह सप्ताह के शुरुआती दो कारोबारी सत्रों में FII का कुल नेट निवेश करीब ₹9,952 करोड़ पहुंच गया।

DII ने की ₹3,679 करोड़ की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की खरीदारी के उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने मंगलवार को नेट ₹3,678.85 करोड़ के शेयर बेचे। उन्होंने ₹20,402.76 करोड़ के शेयर बेचे और ₹16,723.91 करोड़ की खरीदारी की। सोमवार को भी DII ने ₹392.20 करोड़ की नेट बिकवाली की थी।

सेंसेक्स 1,225 अंक उछला, निफ्टी 23,800 के पार

FII की खरीदारी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,225 अंक चढ़कर 76,918 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 370 अंक बढ़कर 23,811 पर बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी ने 23,800 का स्तर भी पार किया।

पिछले चार सत्रों में निफ्टी करीब 5% चढ़ा है। यह सात महीने में उसकी सबसे बड़ी चार दिन की तेजी है। FMCG सेक्टर में 3% की बढ़त रही। दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों और FY27 गाइडेंस बढ़ाने के बाद मैरिको के शेयर 9% उछले। BSE में 5% की तेजी आई। MCX 8% और लोढ़ा डेवलपर्स 6% चढ़े।

विदेशी निवेशक लौट सकते हैं: रामदेव अग्रवाल

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल के मुताबिक, घरेलू निवेश और रिटेल निवेशकों का फ्लो मजबूत बना रह सकता है। कॉरपोरेट कमाई में सुधार और आकर्षक वैल्यूएशन से विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजार में लौट सकते हैं।

उनके मुताबिक, बैंक, कैपिटल मार्केट, कैपिटल गुड्स, डिफेंस और एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़ी कंपनियों में मौके हैं।

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वित्त मंत्री इक्विटी टैक्स की चिंताओं पर विचार करेंगी, टाटा ग्रुप विवाद जल्द सुलझाने की अपील भी की

Nirmala Sitharaman on Equity Tax: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिर कहा है कि सरकार इक्विटी पर टैक्स से जुड़ी चिंताओं पर विचार करेगी। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। ऐसे में टैक्स को लेकर बाजार में उठ रही चिंताओं पर सरकार ध्यान देगी। सीतारमण ने यह बात Financial Express Leadership Awards के दौरान कही।

इक्विटी टैक्स पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण?

सीतारमण ने कहा कि 2023 में विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर था। उस समय भी टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है और टैक्स को लेकर चिंताएं भी तेज हुई हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर विचार करेंगी।

उन्होंने इक्विटी निवेश को भी डेट मार्केट की तरह समर्थन देने की मांग को स्वीकार किया। सीतारमण ने कहा कि भारत को 7% से ज्यादा की ग्रोथ बनाए रखने के लिए पूंजी की जरूरत है। खासकर इक्विटी निवेश जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘जब आर्थिक विकास बहुत जरूरी है और हमें 7% से ज्यादा की ग्रोथ बनाए रखनी है, तो हमें पूंजी चाहिए। खासकर इक्विटी की जरूरत है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि इक्विटी को भी डेट मार्केट की तरह समर्थन देने की मांग उठ रही है। वह इस मांग को समझती हैं।

टाटा ग्रुप का विवाद जल्द सुलझाने की अपील

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के भीतर चल रहे विवाद को जल्द सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसे आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए।

राहुल गांधी के आरोपों और सरकार के हस्तक्षेप से जुड़े सवाल पर सीतारमण ने कहा कि इस मामले में कारोबारी समझ और आपसी सौहार्द जरूरी है। उन्होंने टाटा ब्रांड की अहमियत का भी जिक्र किया। सीतारमण ने कहा कि पारसी समुदाय ने टाटा को एक बड़ा वैश्विक ब्रांड बनाने में योगदान दिया है।

क्या वित्त मंत्री टाटा मामले में दखल देंगी?

वित्त मंत्री ने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसका कारोबार कई क्षेत्रों में फैला है। इसलिए विवाद को ग्रुप के भीतर ही सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उन्हें आपस में बातचीत करनी चाहिए, ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके। यह मामला इस तरह सार्वजनिक रूप से नहीं फैलना चाहिए।’

सीतारमण ने कहा कि टाटा ग्रुप के नेतृत्व से उम्मीद है कि वह विवाद को जल्द सुलझाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एक साथ लाएंगी, तो उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है। वह इस पर जल्दबाजी में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगी।

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