LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

सितंबर के पहले दिन तगड़ा झटका मिला है। 1 सितंबर से देश में LPG सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि कीमत में बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर तक ही सीमित है। दाम 10.50 रुपये तक बढ़ा है। इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2747.50 रुपये हो गई है। मुंबई में इस सिलेंडर की कीमत अब 2701 रुपये, चेन्नई में 2916.50 रुपये हो गई है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में होता है। इसके अलावा बाजार मूल्य वाले 5 किलो के नॉन डोमेस्टिक LPG सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है।

अगस्त और जुलाई में सस्ता हुआ था कमर्शियल सिलेंडर

इससे पहले अगस्त और जुलाई में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटे थे। अगस्त में कटौती 209 रुपये तक और जुलाई में 183.5 रुपये तक की रही थी। उससे पहले इस साल जनवरी से लेकर जून तक कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम लगातार 7 बार बढ़े थे। मार्च महीने में 2 बार बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल LPG मार्केट में सप्लाई में आई रुकावट और चिंताएं थीं।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

14.2 kg के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी कीमत में आखिरी बार बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था। दाम 29 रुपये बढ़ा था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, बिना सब्सिडी वाले 14.2 kg के घरेलू इंडेन LPG सिलेंडर की कीमत वर्तमान में दिल्ली में 942 रुपये है। मुंबई में कीमत 941 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। लोकल सेल्स टैक्स या VAT के आधार पर रेट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं। सामान्य 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर आौर XTRALITE का रेट भी स्थिर है।

Gold Price Today: 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन गिरा भाव, 18 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी इस शहर में बनवाना अब भी महंगा

Gold Price Today: 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन गिरा भाव, 18 कैरट का गोल्ड ज्वैलरी इस शहर में बनवाना अब भी महंगा

Gold Rate Today in India: हालिया तेजी के बाद अब मुनाफावसूली ने गोल्ड पर दबाव बनाया है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1480 और 22 कैरट वाला ₹1360 सस्ता हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 कम हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
मुंबई₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
कोलकाता₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
चेन्नई₹1,56,760₹1,43,690₹1,21,390
बेंगलुरू₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
हैदराबाद₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
लखनऊ₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
पटना₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620
जयपुर₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
अहमदाबाद₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले 28 अगस्त को लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,59,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इसने सोने-चांदी जैसे प्रेशस मेटल्स पर दबाव बनाया। गौरव के मुताबिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया। इसके अलावा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर कच्चा तेल उबला तो इसने भी दबाव बनाया।

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए कितने की करनी होगी मंथली SIP? जानिए 15, 20 और 25 साल का पूरा कैलकुलेशन

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

यह भी पढ़ें: NCR के बाहर ‘रियल एस्टेट बूम’: मेरठ से नौगांव तक क्यों आसमान छू रही हैं जमीन-मकान की कीमतें?  

क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

Silver Price 31 August: चांदी हुई महंगी या सस्ती? जानें आज का ताजा भाव और शहरवार रेट

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे Bullion.co.in के अनुसार चांदी की कीमत ₹2,42,190 प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 925 स्टर्लिंग सिल्वर का भाव ₹2,24,026 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। निवेशकों और चांदी खरीदने वालों के लिए आज के रेट खास हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कीमती धातु की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

एक महीने में चांदी करीब 11% चढ़ी

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत में पिछले एक महीने के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल की अवधि में चांदी का भाव करीब 100 फीसदी तक बढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।

बड़े शहरों में चांदी के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 999 फाइन चांदी के रेट इस प्रकार हैं:

मुंबई: ₹2,41,760 प्रति किलो

दिल्ली: ₹2,41,340 प्रति किलो

चेन्नई: ₹2,42,460 प्रति किलो

कोलकाता: ₹2,41,440 प्रति किलो

बेंगलुरु: ₹2,41,950 प्रति किलो

हैदराबाद: ₹2,42,140 प्रति किलो

इन आंकड़ों के अनुसार, दिए गए प्रमुख शहरों में चेन्नई में चांदी सबसे महंगी और दिल्ली में सबसे सस्ती रही।

रविवार को नहीं हुआ था कारोबार

30 अगस्त, रविवार को घरेलू बुलियन मार्केट में नियमित कारोबार नहीं हुआ था। इसलिए उस दिन चांदी के कोई नए क्लोजिंग रेट जारी नहीं किए गए। इससे पहले 28 अगस्त को आखिरी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹5,000 की गिरावट के साथ ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलो था।

खरीदारी से पहले चेक करें ताजा रेट

चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-सप्लाई और बाजार की स्थिति के आधार पर लगातार बदल सकती है। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और अन्य लागत के कारण कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

सप्ताह के पहले दिन सोमवार को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। 31 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 158380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भाव 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते सप्ताह 24 कैरेट गोल्ड 4850 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 4450 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,599.70 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163890 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली145190158380
मुंबई145040158230
अहमदाबाद145090158280
चेन्नई145040158230
कोलकाता145040158230
हैदराबाद145040158230
जयपुर145190158380
भोपाल145090158280
लखनऊ145190158380
चंडीगढ़145190158380

SIP Calculator: ₹500 की SIP से ₹2 लाख का फंड कैसे बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 31 अगस्त की सुबह चांदी 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 70.31 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

PPF Calculator: PPF में मंथली निवेश करें या साल में एकमुश्त, किसमें ज्यादा फायदा है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

PPF Calculator: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करने वालों के सामने अक्सर यह सवाल आता है कि हर महीने पैसा जमा करना बेहतर है या पूरे साल का पैसा एक साथ जमा कर देना चाहिए। दोनों तरीकों में निवेश की रकम समान हो सकती है, लेकिन ब्याज में बड़ा अंतर आ सकता है।

मान लीजिए आप हर वित्त वर्ष PPF में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। आप चाहें तो ₹12,500 हर महीने जमा करें। दूसरा तरीका है कि पूरे ₹1.5 लाख साल की शुरुआत में ही PPF में डाल दें। लेकिन, दोनों का कैलकुलेशन आखिर में दिलचस्प तस्वीर दिखाता है।

₹1.5 लाख एकमुश्त या ₹12,500 मंथली?

यहां 15 साल का एक उदाहरण देखते हैं। कैलकुलेशन 7.1% सालाना ब्याज दर के आधार पर किया गया है। माना गया है कि PPF की ब्याज दर पूरे 15 साल इसी स्तर पर रहती है। साथ ही मंथली निवेश हर महीने की 5 तारीख से पहले किया गया है।

सालाना अनुमानित रिटर्न

₹2 लाख तक पहुंचने में समयकुल SIP निवेशअनुमानित फंड
12.00%13 साल 5 महीने₹80,500₹2,00,130
15.00%12 साल₹72,000₹2,01,792
18.00%10 साल 10 महीने₹65,000₹2,00,552

इस हिसाब से दोनों तरीकों में कुल निवेश ₹22.50 लाख ही है। लेकिन साल की शुरुआत में एकमुश्त ₹1.5 लाख जमा करने पर मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख ज्यादा मिल सकते हैं।

एकमुश्त निवेश पर ज्यादा फायदा क्यों?

PPF में ब्याज का हिसाब हर महीने किया जाता है। किसी महीने में 5 तारीख के बाद से लेकर महीने के आखिर तक खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस को ब्याज के लिए माना जाता है।

अगर आप 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पूरे ₹1.5 लाख जमा कर देते हैं, तो पूरी रकम को उस वित्त वर्ष के सभी 12 महीनों का ब्याज मिल सकता है। वहीं मंथली निवेश में पैसा धीरे-धीरे खाते में आता है।

इसका सीधा असर ब्याज पर पड़ता है। ₹1.5 लाख को अप्रैल की शुरुआत में जमा करने पर पहले साल करीब ₹10,650 का ब्याज मिल सकता है। वहीं हर महीने ₹12,500 जमा करने पर पहले साल ब्याज करीब ₹5,769 होगा। यानी सिर्फ पहले साल में ही करीब ₹4,881 का अंतर आ सकता है।

15 साल में कैसे बढ़ता जाता है अंतर?

पहले साल एकमुश्त निवेश पर जो अतिरिक्त ब्याज मिलता है, वह अगले साल से खुद भी ब्याज कमाने लगता है। यही कंपाउंडिंग का फायदा है।

हर साल अगर आप शुरुआत में एकमुश्त निवेश करते हैं, तो आपके पैसे को ज्यादा समय तक ब्याज मिलता है। 15 साल तक यही अंतर जुड़ता जाता है। इसलिए मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख का फासला बन सकता है।

अगर एकमुश्त ₹1.5 लाख नहीं है तो?

हर किसी के पास वित्त वर्ष की शुरुआत में ₹1.5 लाख जमा करने के लिए बड़ी रकम नहीं होती। ऐसी स्थिति में मंथली निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है। आप हर महीने ₹12,500 जमा कर सकते हैं और पूरे साल में ₹1.5 लाख का निवेश पूरा कर सकते हैं।

बस कोशिश करें कि PPF में जमा करने वाला पैसा हर महीने की 5 तारीख से पहले खाते में पहुंच जाए। 5 तारीख के बाद जमा करने पर उस महीने का पूरा ब्याज नहीं मिलेगा। इसलिए 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करना बेहतर माना जाता है।

साल में एक बार पैसा कब जमा करें?

अगर आपके पास पूरे साल का निवेश पहले से तैयार है, तो नया वित्त वर्ष शुरू होते ही 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पैसा जमा करना फायदेमंद हो सकता है। इससे रकम को पूरे साल ब्याज कमाने का मौका मिलता है।

लेकिन सिर्फ ज्यादा ब्याज के लिए अपनी इमरजेंसी सेविंग या जरूरी पैसा PPF में नहीं डालना चाहिए। PPF लंबी अवधि का निवेश है और इसमें पैसे निकालने के नियम भी लागू होते हैं।

PPF में कौन सा तरीका चुनें?

अगर आपके पास साल की शुरुआत में पूरी रकम है, तो एकमुश्त निवेश से ज्यादा ब्याज मिलने की संभावना होती है। वहीं सैलरी या नियमित आमदनी से निवेश करने वालों के लिए मंथली निवेश आसान है।

मंथली निवेश में एक और फायदा है। आपको एक बार में ₹1.5 लाख की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा होता रहता है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका वही है, जिसे आप लंबे समय तक आसानी से जारी रख सकें।

Gold Price: 2026 के अंत तक कहां पहुंच सकता है सोना? Goldman Sachs ने $4900 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price: 2026 के अंत तक कहां पहुंच सकता है सोना? Goldman Sachs ने $4900 का टारगेट दिया

Gold Price: सोने की कीमत में हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव आया है। इस हफ्ते की शुरुआत में गोल्ड तीन महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद तेज बिकवाली हुई। शुक्रवार को कीमत 3% से ज्यादा टूट गई।

अब सवाल है कि आगे सोना किस दिशा में जाएगा। Goldman Sachs का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा करीब 4,550 डॉलर के स्तर से लगभग 8% ज्यादा है।

भारत में कितना महंगा हो सकता है सोना

भारत में सोने की मौजूदा कीमत ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय कीमत में Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक करीब 8% बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में घरेलू कीमत भी मोटे तौर पर ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।

हालांकि, भारत में सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय नहीं होती। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, आयात शुल्क और टैक्स भी भाव को प्रभावित करेंगे।

केंद्रीय बैंकों की खरीद बड़ा सपोर्ट

Goldman Sachs को सोने की कीमत में आगे भी मजबूती की उम्मीद है। इसकी सबसे बड़ी वजह केंद्रीय बैंकों की खरीदारी है। कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। Goldman Sachs Research के मुताबिक, केंद्रीय बैंक इस साल हर महीने औसतन 50 टन सोना खरीद सकते हैं। 2022 से पहले यह औसत सिर्फ 17 टन प्रति माह था।

जून 2026 में खरीदारी और तेज हुई। तीन महीने के सीजनली एडजस्टेड आधार पर यह आंकड़ा 100 टन प्रति माह तक पहुंच गया। इससे पहले यह 66 टन था। जून में चीन का केंद्रीय बैंक सबसे बड़ा पहचाना जा सकने वाला खरीदार रहा।

2026 में काफी उतार-चढ़ाव आया

इस साल सोने की चाल काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। 29 जनवरी को गोल्ड 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। जुलाई के मध्य में यह 4,000 डॉलर से नीचे फिसल गया।

हालांकि, जुलाई के निचले स्तर से सोना करीब 15% चढ़ चुका है। Goldman Sachs को बाकी बचे साल में भी तेजी की उम्मीद है।

ब्याज दरें तय करेंगी आगे की चाल

सोने की कीमत पर ब्याज दरों का बड़ा असर पड़ता है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने पर दबाव बनता है। यही वजह है कि अमेरिकी फेड प्रमुख केविन वॉर्श के बयान के बाद गोल्ड में तेज गिरावट आई।

Goldman Sachs का मानना है कि आगे फेड से जुड़ा दबाव कम हो सकता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि महंगाई में नरमी आने पर फेड इस साल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। ऐसा हुआ तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है।

Gold Price Today: ₹2890 सस्ता हुआ सात दिनों में गोल्ड; दिल्ली-मुंबई नहीं,10 शहरों में 18 कैरट वाला सबसे महंगा बिक रहा यहां

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: रक्षाबंधन के अगले दिन चमका गोल्ड, चेक करें दिल्ली से पटना तक 24 से 18 कैरट का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने गोल्ड की चमक आज बढ़ाई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी नीचे आई। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹500 और 22 कैरट वाला ₹460 महंगा हुआ है। इससे पहले 27 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3110 और 22 कैरट वाला ₹2850 सस्ता हुआ था। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं और इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
मुंबई₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
कोलकाता₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
चेन्नई₹1,61,470₹1,48,010₹1,25,710
बेंगलुरू₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
हैदराबाद₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
लखनऊ₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
पटना₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910
जयपुर₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
अहमदाबाद₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910

छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन आज इसके भाव कम हुए हैं। दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है और इन छह दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

आगे क्या है रुझान

360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज विरल शाह का कहना है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा लेवल से 10% तक ऊपर चढ़ सकता है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर अमेरिकी रुझान से इन्हें सपोर्ट मिलता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर की कमजोरों बढ़ती है तो इन्हें और फायदा मिल सकता है।

Gold Outlook: क्या सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? जानिए वक्त के साथ तस्वीर कैसे बदली

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर ने पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। तीनों ने अलग-अलग समय में अलग रिटर्न दिया है। कुछ अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं लंबी अवधि में सिल्वर ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

कम अवधि में बिटकॉइन आगे

1 महीने और 6 महीने के रिटर्न में बिटकॉइन सबसे आगे रहा। 1 महीने में इसका रिटर्न 17.23% रहा। 6 महीने में यह बढ़कर 22.26% हो गया। गोल्ड ने भी लगातार बढ़त दिखाई। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बिटकॉइन की तेजी ज्यादा रही।

3 साल में सिल्वर ने मारी बाजी

3 साल की अवधि में तस्वीर बदल जाती है। यहां सिल्वर सबसे आगे रहा। इसका सालाना औसत रिटर्न 48.97% रहा। इसी अवधि में बिटकॉइन ने 47.46% और गोल्ड ने 41.06% का सालाना औसत रिटर्न दिया। यानी लंबी अवधि में सिल्वर ने बिटकॉइन और गोल्ड दोनों को पीछे छोड़ दिया।

₹10,000 की SIP का क्या हुआ?

एक साल की अवधि में अगर हर महीने ₹10,000 की SIP बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में की जाती, तो तीनों में निवेश का नतीजा अलग होता। इससे पता चलता है कि नियमित निवेश करने पर अलग-अलग एसेट ने कैसा प्रदर्शन किया। यहां SIP का मतलब हर महीने एक तय रकम निवेश करना है। इससे बाजार के अलग-अलग भाव पर निवेश होता रहता है।

बिटकॉइन ने 3 साल में भी शानदार कमाई की

CoinDCX की ग्रोथ और क्रिप्टो बिजनेस हेड मीनल ठुकराल के मुताबिक, बिटकॉइन का लंबी अवधि का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।

उनके मुताबिक, 24 अगस्त 2023 को लगाए गए $26,162 बढ़कर $77,472 हो गए। यानी निवेश पर 244% से ज्यादा रिटर्न मिला। रकम करीब 3.44 गुना हो गई। हालांकि, इस दौरान बिटकॉइन में कई बड़ी गिरावट भी आईं। इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश करना सही नहीं है। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना अहम रहा।

बिटकॉइन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा

बिटकॉइन ने 7 अक्टूबर 2025 को $1,25,752 का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2026 में यह 15 जनवरी को $96,931 तक पहुंचा। इसके बाद कीमत में गिरावट आई। 1 जुलाई को बिटकॉइन $58,562 तक फिसल गया।

अगस्त के पहले हफ्ते में यह करीब $62,000 से $65,000 के स्तर पर था। 26 अगस्त तक बिटकॉइन करीब $80,000 से $80,300 के बीच कारोबार कर रहा था।

गोल्ड में भी तेज उतार-चढ़ाव

गोल्ड जनवरी 2026 में $5,500 प्रति औंस तक पहुंचा था। जुलाई में इसकी कीमत $4,000 प्रति औंस से नीचे आ गई। इसके बाद गोल्ड में फिर तेजी आई। 26 अगस्त तक यह $4,630 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा था। कमजोर डॉलर और अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता ने गोल्ड को सपोर्ट दिया है।

सिल्वर भी तेजी से पलटा

सिल्वर जनवरी में करीब $120 प्रति औंस पर था। जुलाई में यह गिरकर $55 से $60 के दायरे में आ गया। इसके बाद सिल्वर में तेजी लौटी। 26 अगस्त तक इसकी कीमत करीब $63 से $70 प्रति औंस के बीच थी। सिल्वर की तेजी को गोल्ड की मजबूती से भी सपोर्ट मिला।

निवेश से पहले क्या समझें?

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन हर अवधि में अलग रहा है। छोटी अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं 3 साल में सिल्वर ने सबसे ज्यादा सालाना औसत रिटर्न दिया।

इसलिए सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बिटकॉइन और सिल्वर में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश से पहले जोखिम और अपने निवेश के लक्ष्य को जरूर देखना चाहिए।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Gold Price Today: सोने की कीमत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 टूटकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को इसका भाव ₹1,65,700 था।

तीन दिन में सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को इसका भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेजी के बाद अब कारोबारी मुनाफावसूली कर रहे हैं।

चांदी भी ₹5,000 सस्ती

चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट रही। घरेलू बाजार में इसका भाव ₹5,000 गिरकर ₹2,45,500 प्रति किलो हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,500 प्रति किलो थी।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर 99.15 के स्तर से ऊपर चला गया। इसका असर सोने पर पड़ा। हाल की तेजी के बाद कारोबारी लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली कर रहे हैं।

कस्टम ड्यूटी घटने की खबर का भी असर

घरेलू बाजार में कस्टम ड्यूटी घटाने की खबरों से भी सोने पर दबाव आया। बढ़ती तस्करी के बीच सरकार कस्टम ड्यूटी घटा सकती है। ऐसी खबरें बाजार में चल रही हैं।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, इन खबरों से घरेलू सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में अंतर भी बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ $4,599.70 प्रति औंस पर था। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के बयान पर नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख अहम होगा। ऊंची यील्ड के बीच बाजार को उनके भाषण से संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार में फिलहाल सख्त रुख वाले बयान की उम्मीद है। अगर वार्श निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाते हैं, तो डॉलर कमजोर हो सकता है। ऐसे में सोने को फिर तेजी मिल सकती है।

Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।