Gold Outlook: सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4600 डॉलर के पार, लेकिन क्या यह तेजी जारी रहेगी?

Gold Outlook: गोल्ड की कीमत 4,600 डॉलर के पार हो गई है। मई के बाद पहली बार सोने का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। इसमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का बड़ा हाथ है। अनुमान है कि लंबी अवधि में कर्ज की कॉस्ट कम करने के लिए अमेरिकी सरकार बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप बढ़ा सकती है। इसका असर सोने की कीमतों पर दिखा है।

25 अगस्त यानी मंगलवार को स्पॉट 4,668 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। भारतीय समय के मुताबिक, 4:15 बजे सोने का भाव 4,637 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार ने बॉन्ड यील्ड को बढ़ने से रोकने के लिए बड़ा एलान किया था। उसने कहा था कि सरकार लंबी अवधि के ज्यादा बॉन्ड बायबैक करेगी।

सरकार के इस कदम का मतलब है कि वह लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड को नियंत्रण में रखेगी। इससे इनवेस्टर्स के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या बॉन्ड मार्केट हाई यील्ड के साथ पूरी तरह से एडजस्ट नहीं होगा और इस एडजस्टमेंट का कुछ असर आखिर में डॉलर पर पड़ेगा? चूंकि गोल्ड के लिए सरकार या करेंसी से जुड़ा कोई रिस्क नहीं है, जिससे आखिर में इससे फायदा होगा।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अगस्त को अमेरिकी बाजार के ओपन होने के 20 मिनट के अंदर एक इनवेस्टर ने ऑप्शंस में एक बड़ा सौदा (Trade) किया। इसमें एसपीडीआर गोल्ड शेयर्स ईटीएफ या जीएलडी के 1,16,000 कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल थे। ट्रेडर ने 18 सितंबर के 420 डॉलर के कॉल के करीब 1,16,000 कॉन्ट्रैक्ट्स बेचे। इससे 20.2 करोड़ डॉलर का प्रीमियम कलेक्ट हुआ। उसने इस पैसा का इस्तेमाल 430 डॉलर के कॉल के उतने ही कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदने के लिए किया।

इस ट्रांजेक्शन में 5.8 करोड़ डॉलर का नेट क्रेडिट बना। यह दरअसल GLD के शॉर्ट टर्म आउटलुक पर आधारित एक बेयरिश कॉल स्प्रेड था। इसमें ट्रेडर ने 420 डॉलर का कॉल बेचा, जो ट्रेड एग्जिक्यूट होने के समय पहले से मार्केट में थे। इससे इफेक्टिव ब्रेक इवन करीब 425 डॉलर आता है।

इस बड़े पोजीशन से जो संकेत निकलता है उसका मतलब यह नहीं है कि सोना पक्के तौर पर क्रैश की तरफ बढ़ रहा है। इसका मतलब यह है कि लगातार तेजी के बाद ट्रेडर को जीएलडी में गिरावट आने का अनुमान है या कम से कम सितंबर एक्सपायरी तक इसके करीब 425 डॉलर के नीचे जाने का अनुमान है। सीएनबीसी ने अपनी रिपोर्ट में यह मतलब निकाला है।

बाजार तब कंट्रेरियन दांव ऐसे वक्त लगा रहा है, जब गोल्ड में तेजी दिख रही है। गोल्ड में तेजी के लिए अनुकूल स्थिति अभी खत्म नहीं हुई है। बॉन्ड बाजार में जो उथल-पुथल दिख रही है, उससे यील्ड को काबू में रखने और डॉलर पर दबाव के बगैर अपने कर्ज को संभालने की अमेरिकी सरकार की क्षमता पर नए सवाल उठे हैं। इससे एक बार फिर सुरक्षित निवेश के गोल्ड में दिलचस्पी बढ़ी है।

कई एनालिस्ट्स का मानना है कि गोल्ड में आई हालिया तेजी का संबंध डिबेसमेंट ट्रेड (debasement trade) की वापसी से है। इसका मतलब है कि डॉलर से जुड़ी चिंता के चलते गोल्ड को सपोर्ट मिलता रहेगा। लेकिन, इसमें एक बाधा है। इंटरेस्ट रेट्स ज्यादा होने पर सोने जैसा नॉन-यील्डिंग एसेट रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि छोटी अवधि में सोने के आउटलुक के बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल है।

Gold Price Today: विदेश में 3 महीने के हाई के करीब पहुंचा सोना, जैक्सन होल से पहले फेड के कदम पर बाजार की नजर

Gold Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 3 महीने के उच्चतम स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। ट्रेडर्स बॉन्ड मार्केट में US ट्रेजरी के आने वाले कदमों का आकलन कर रहे हैं। यह आकलन एक अप्रत्याशित दखल के बाद हो रहा है जिसने फिस्कल पॉलिसी (राजकोषीय नीति) को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।

COMEX गोल्ड में 1% यानी 46.90 की बड़ी बढ़त हुई और यह पिछले क्लोज 4,710.10 से बढ़कर 4,744.70 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, COMEX सिल्वर 1.26% या 0.861 बढ़कर 69.455 पर पहुंच गई, जबकि पिछला क्लोज 68.96 था।

ट्रेजरी द्वारा लॉन्ग-टर्म सरकारी कर्ज की बायबैक (वापसी खरीद) बढ़ाने के बाद लगातार चार सेशन में 7% से अधिक की बढ़त के साथ बुलियन की कीमत $4,680 प्रति औंस के करीब पहुंच गई है।

इस अप्रत्याशित कदम ने कर्ज लेने की बढ़ती लागत को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं और डॉलर पर दबाव डाला है। जिससे सोना (जिसकी कीमत डॉलर में तय होती है) कई खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है।

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने महंगे कर्ज की बायबैक को और बढ़ाने की अपनी तैयारी का संकेत दिया है, हालांकि सोमवार को उन्होंने कोई अतिरिक्त संकेत नहीं दिया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेस्टर्स को उम्मीद है कि केविन वॉर्श शुक्रवार को सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में सेंट्रल बैंक के चेयरमैन के तौर पर लगातार बनी हुई महंगाई पर फेडरल रिजर्व को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इस पर अपना नजरिया स्पष्ट करेंगे।

US कर्ज की लागत को मैनेज करने के हालिया कदमों ने महंगाई और डॉलर की कमजोरी को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। इससे उस ‘डीबेसमेंट नैरेटिव’ (मुद्रा के मूल्य में गिरावट की धारणा) की वापसी का संकेत मिलता है, जिसने 2025 में सोने की जबरदस्त तेजी में योगदान दिया था।

सोने की इस उल्लेखनीय रिकवरी ने धातु को महत्वपूर्ण 200-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर पहुंचा दिया है, जिसे अक्सर तेजी का संकेत (बुलिश टेक्निकल इंडिकेटर) माना जाता है।

बढ़ते ग्लोबल ट्रेड टेंशन (व्यापारिक तनाव) से इस धातु की ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) वाली खासियत को भी चुनौती मिल रही है। US ने ईरान को अलग-थलग करने की रणनीति के तहत उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई की धमकी दी है। इसके अलावा, पिछले हफ्ते बातचीत विफल होने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कनाडा के साथ व्यापारिक संघर्ष की ओर बढ़ रही है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: चारों महानगरों में सबसे महंगा गोल्ड दिल्ली में, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट सोना कहां सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹890 और 22 कैरट वाला ₹810 महंगा हुआ है। 23 अगस्त की स्थिरता से पहले लगातार तीन दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट की शुद्धता वाला गोल्ड ₹8120 और 22 कैरट वाला ₹7450 महंगा हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 मजबूत हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
मुंबई₹1,63,980 ं₹1,50,310₹1,22,940
कोलकाता₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
चेन्नई₹1,63,980₹1,50,310₹1,28,010
बेंगलुरू₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
हैदराबाद₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
लखनऊ₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
पटना₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990
जयपुर₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
अहमदाबाद₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,75,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते घरेलू बाजार में सोना तेजी से ऊपर चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड $42.45 यानी करीब 1% बढ़कर प्रति औंस $4,646.54 पर पहुंच गया। वहीं चांदी प्रति औंस करीब $69 पर स्थिर रही।

एनालिस्ट्स के मुताबिक अब गोल्ड की चाल सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन से नहीं तय होगी बल्कि महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) कायनात चेनवाला का कहना है कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा होता है।

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Gold Price Today: 5 महीने के हाई पर सोना, दिल्ली में ₹1.64 लाख के पार; चांदी ₹3500 उछली

Gold Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार, 24 अगस्त को सोने की कीमत 5 महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹900 बढ़कर ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम हो गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम था।

5 महीने के हाई पर सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना आखिरी बार इस स्तर के आसपास 9 मार्च को था। उस समय इसका भाव ₹1,64,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोने में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में मजबूत संकेत और सुरक्षित निवेश की मांग को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

चांदी भी लगातार तीसरे दिन चढ़ी

चांदी की कीमत में भी सोमवार को तेजी रही। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था, जब चांदी महंगी हुई। इसकी कीमत ₹3,500 बढ़कर ₹2,53,500 प्रति किलो हो गई।

पिछले सत्र में चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यह स्तर आखिरी बार 17 अप्रैल को देखा गया था, जब चांदी ₹2,53,000 प्रति किलो पर थी।

कमजोर डॉलर से मिला सोने को सहारा

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग बड़ी वजह रही। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 42.45 डॉलर यानी करीब 1% बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

अब महंगाई पर होगी नजर

विश्लेषकों के मुताबिक सोने की अगली चाल सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होगी। अब महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Kotak Securities की AVP Commodity Research कायनात चेनवाला के मुताबिक, ईरान तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। बाजार यह देखेगा कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा जोखिम पैदा होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: सा​वन के आखिरी सोमवार को सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव फिसला

देश में सोने की कीमत में गिरावट लौटी है। 24 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड फिसलकर 163230 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भाव 163080 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते सप्ताह 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 7960 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 7300 रुपये तक महंगा हुआ।

दूसरी ओर सोने की वैश्विक कीमत चढ़ी है और 3 महीने से ज्यादा समय के हाई पर पहुंच गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, हाजिर सोना 4,636.34 डॉलर प्रति औंस पर है। बीते सप्ताह सोने की वैश्विक कीमत 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी। निवेशक अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों और इस हफ्ते के आखिर में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण का इंतजार कर रहे हैं। वॉर्श जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) में बोलने वाले हैं। उनके संबोधन से बेंचमार्क ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 149650 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 199490 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 163080 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 163080 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 199490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 163080 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 199490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली149640163230
मुंबई199490163080
अहमदाबाद149540163130
चेन्नई149500163090
कोलकाता199490163080
हैदराबाद199490163080
जयपुर149640163230
भोपाल149540163130
लखनऊ149640163230
चंडीगढ़149640163230

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 24 अगस्त की सुबह चांदी 259900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते सप्ताह भाव 10000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.51 डॉलर प्रति औंस है। प्लेटिनम की कीमत 1,885.38 डॉलर प्रति औंस पर है।

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹7960 तक महंगा, चांदी में ₹10000 का उछाल

देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर शानदार तेजी दर्ज की गई है। अलग-अलग शहरों में एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 7960 रुपये तक ​बढ़ी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 7300 रुपये तक महंगा हुआ है। आज 23 अगस्त को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 163240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 163090 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर है।

इंदौर के सराफा बाजार में एक दिन पहले यानि कि शनिवार को सोने के भाव में 1200 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि देखी गई। औसत भाव 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इसी तरह चांदी का औसत भाव 2,41,500 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 149650 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 149500 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 163090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 163090 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 149500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 163090 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 149500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली149650163240
मुंबई149500163090
अहमदाबाद149550163140
चेन्नई149500163090
कोलकाता149500163090
हैदराबाद149500163090
जयपुर149650163240
भोपाल149550163140
लखनऊ149650163240
चंडीगढ़149650163240

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चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी भी वीकली बेसिस पर महंगी हुई है। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये ​बढ़ा है। 23 अगस्त की सुबह चांदी की कीमत 260000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.87 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें घरेलू फैक्टर्स के साथ-साथ वैश्विक फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, दिल्ली में ₹147260 पर पहुंचा 22 कैरेट; चांदी में भी उछाल

देश में सोने की कीमत में तेजी कायम है। 22 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दूसरे शहरों में भी भाव में बढ़ोतरी दिख रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने और चांदी का भाव 3 महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि की सिक्योरिटीज का बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिला। U.S. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वह ट्रेजरी की सरकारी रीपरचेज को और बढ़ा सकते हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147260 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली147260160640
मुंबई147110160490
अहमदाबाद147160160540
चेन्नई147110159280
कोलकाता147110160490
हैदराबाद147110160490
जयपुर147260160640
भोपाल147160160540
लखनऊ147260160640
चंडीगढ़147260160640

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चांदी का भाव

चांदी में भी तेजी बरकरार है। 22 अगस्त की सुबह कीमत बढ़कर 260100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.87 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें घरेलू फैक्टर्स के साथ-साथ वैश्विक फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

MCX पर सोना ₹1.61 लाख के पार, चांदी ₹2.50 लाख के करीब ,जानें आगे तेजी रहेगी जारी या फिर होगा प्रॉफिट-बुकिंग का दौर शुरू

Gold Silver Price: शुक्रवार को घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई। इसकी वजह अंतराष्ट्रीय बाज़ार में बुलियन (सोने-चांदी) की कीमतों में तेज़ उछाल थी, जो कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर इनकी लगातार मांग के कारण हुआ।

एक्सचेंज की वेबसाइट पर मौजूद ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोपहर 4:55 बजे सोना फ्यूचर्स ₹1,61,405 प्रति 10 ग्राम और चांदी फ्यूचर्स ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे थे। ये कीमतें क्रमशः 5 अक्टूबर के सोने और 4 सितंबर के चांदी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हैं।

यह तेज़ी तब आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें लगभग तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे यह धातु लगातार तीसरे हफ़्ते बढ़त की ओर अग्रसर है। इस साल जनवरी में, भारत में सोने की कीमत ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि चांदी की कीमत ₹4.25 लाख प्रति किलोग्राम तक उछल गई थी।

सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव, सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर उम्मीदों ने बुलियन की कीमतों को सहारा दिया है। चॉइस ब्रोकिंग की पिंकी यादव के अनुसार, COMEX पर बढ़त के अनुरूप MCX पर कीमतें ऊंचे स्तर पर खुलीं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज ने अस्थिरता को बढ़ावा दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि तेल की बढ़ती कीमतों (जो ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़ी हैं) ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि डॉलर की कमज़ोरी ने कीमती धातुओं को और सहारा दिया है।

कमज़ोर डॉलर से बुलियन को सहारा

अमेरिकी डॉलर यहां एक अहम कारक रहा है। डॉलर इंडेक्स 98.8 के आसपास बना हुआ था और साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा था।चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के कमज़ोर होने से अन्य करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए ये सस्ती हो जाती हैं, जिससे मांग बढ़ सकती है और कीमतें ऊपर जा सकती हैं।

रॉयटर्स के अनुसार, गोल्डसिल्वर सेंट्रल के ब्रायन लैन ने कहा कि डॉलर की कमज़ोरी ने कीमती धातुओं को व्यापक रूप से सहारा दिया है, साथ ही यील्ड में भी उल्लेखनीय बदलाव आया है।

ट्रेजरी बायबैक से अनिश्चितता

अमेरिकी ट्रेजरी डेट मैनेजमेंट (कर्ज प्रबंधन) एक और कारक है जिस पर बाज़ार की पैनी नज़र है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि सरकार ट्रेजरी सिक्योरिटीज की रीपरचेज (वापसी खरीद) को और बढ़ा सकती है। उन्होंने पहले ही अगले तिमाही में लंबी अवधि के कर्ज की बायबैक को प्रति ऑपरेशन कम से कम $4 बिलियन तक दोगुना करने की योजना का संकेत दिया था।

इस कदम से बाजार में उतार-चढ़ाव आया है और यील्ड, दरों और कर्ज की व्यापक स्थिति पर नया ध्यान केंद्रित हुआ है।

OCBC के क्रिस्टोफर वोंग ने रॉयटर्स को बताया कि अब ध्यान इस बात पर होगा कि क्या यह कदम टिकाऊ है या नहीं। अमेरिकी डेटा और 27-29 अगस्त को होने वाला जैक्सन होल सिम्पोजियम डॉलर और यील्ड की दिशा तय कर सकते हैं।

फेड की दरे अहम

सोने के आउटलुक के लिए फेड की दरों की उम्मीदें अहम बनी हुई हैं। CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार में इस बात की 67% संभावना है कि फेड अगले महीने दरों को स्थिर रखेगा, जबकि दरों में बढ़ोतरी की संभावना 33% है।

चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता है, इसलिए ऊंची दरों के कारण ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में इसकी अपील आमतौर पर कम हो जाती है। लेकिन पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता, साथ ही यील्ड और डॉलर में बदलाव, सोने की ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) अपील को बढ़ा सकते हैं।

जियोपॉलिटिकल टेंशन से ‘सेफ-हेवन’ की मांग में बढ़त

भू-राजनीतिक जोखिम भी इसे बढ़ावा दे रहे हैं। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाएगा। तेल की आपूर्ति पर इसके असर की चिंता ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे महंगाई की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

ऐसी अनिश्चितता निवेशकों को सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर ले जाती है। यादव ने कहा कि मजबूत निवेश मांग और चीनी केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी के कारण पूंजी सुरक्षित धातुओं की ओर बढ़ी है।

केंद्रीय बैंक की खरीदारी अभी भी एक अहम आधार

केंद्रीय बैंकों की लगातार मांग सोने के लिए एक बड़ा संरचनात्मक आधार बनी हुई है, क्योंकि देश अपने रिजर्व में विविधता ला रहे हैं। यादव ने जुलाई में ग्लोबल गोल्ड ETF में आए निवेश और केंद्रीय बैंकों की जारी खरीदारी की ओर भी इशारा किया, जो ज्वैलरी और रिटेल निवेश के अलावा मांग बढ़ाने वाले अन्य कारक हैं।

चांदी की कीमतों में भी तेजी

चांदी भी इस तेजी में शामिल हो गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमतें 1.8% बढ़कर लगभग $69.31 प्रति औंस हो गई हैं। प्लैटिनम 2.6% बढ़कर $1,875.75 और पैलेडियम 1.7% बढ़कर $1,356.59 हो गया।

चांदी पर भी सोने की तरह ही कई मैक्रो-इकोनॉमिक कारकों का असर पड़ता है – जिसमें डॉलर की कमजोरी और दरों को लेकर बदलती उम्मीदें शामिल हैं – लेकिन इसकी औद्योगिक मांग के कारण इसकी कीमतों में स्वतंत्र रूप से भी बदलाव हो सकता है। हाल की तेज़ी से MCX पर चांदी की कीमत ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई है, जिससे यह ₹2.50 लाख के स्तर के बहुत करीब आ गई है।

सोने और चांदी के लिए आगे क्या होगा?

निकट भविष्य में इनकी चाल डॉलर, ट्रेजरी यील्ड, अमेरिका से आने वाले डेटा और फेड के संकेतों पर निर्भर करेगी, जिसमें जैक्सन होल पर खास नज़र रहेगी।

भारतीय निवेशकों के लिए रुपया-डॉलर का रेट भी मायने रखता है। अगर रुपया कमज़ोर होता है, तो डॉलर में कीमत वाली चीज़ें देश में महंगी हो जाती हैं, भले ही ग्लोबल कीमतें स्थिर रहें। इस तेज़ी की वजह से भारत में फिजिकल डिमांड पर कुछ असर पड़ा है, क्योंकि ऊंची कीमतों के कारण रिटेल खरीदार पीछे हट रहे हैं, जबकि चीन में डिमांड तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई है।

MCX पर सोना ₹1,61,405 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम पर है। अब सवाल यह है कि क्या ये ग्लोबल हालात तेज़ी को बनाए रख पाएंगे या फिर इससे मुनाफावसूली (प्रॉफिट-बुकिंग) का नया दौर शुरू हो जाएगा।

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Gold पहुंचा ₹1.60 लाख के पर, चांदी भी ₹2.50 लाख के करीब, क्या अब निवेश करने का समय आ गया है?

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 21 अगस्त को जोरदार तेजी दिखी। विदेश में सोने और चांदी में जबर्दस्त तेजी का असर भारत में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर पड़ा। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर बाद 1,771 रुपये चढ़कर 1,61,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सिल्वर फ्यूचर्स भी 3,128 रुपये की तेजी के साथ 2,46,371 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4600 डॉलर के करीब

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.73 फीसदी चढ़कर 4,594 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 2.34 फीसदी के उछाल के साथ 69.67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह सोने में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता है। इस तेजी ने सोने के निवेशकों की चिंता दूर कर दी है।

जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं

इस साल जनवरी में सोने का भाव ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचने के बाद सोने में तेज गिरावट आई थी। सिल्वर भी 4.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पर पहुंच गया था। इसके बाद चांदी में भी तेज गिरावट आई थी। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

इन वजहों से दिख रही सोने और चांदी में फिर से तेजी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं, जिसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

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क्या यह निवेश करने का सही समय है?

निवेशक सोने में हर गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा लेवल पर एकमुश्त खरीदारी करने से बचना ठीक रहेगा। जो लोग पहले से सिप के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं, उन्हें अपना सिप जारी रखने की सलाह है। क्रूड की कीमतें जब तक नीचे नहीं आ जाती हैं, सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। हालांकि, मौजूदा लेवल से कीमतें ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। नए निवेशक गोल्ड ईटीएफ में थोड़ा-थोड़ा निवेश शुरू कर सकते हैं।

Gold Price Today: अमेरिका के एक ऐलान से रॉकेट बना सोना! $4500 के पार पहुंची कीमतें, जानिए क्या अब और बढ़ेगा भाव

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों (Gold Prices) में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। जून की शुरुआत के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के पार बना हुआ है। COMEX गोल्ड 19 अगस्त को $4,571.80 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को इसमें मामूली 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह $4,542.90 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

घरेलू बाजार की बात करें तो शुक्रवार (14:58 IST) को घरेलू MCX पर सोने की हाजिर कीमत करीब 156571 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। वहीं 5 अक्टूबर के कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 158729 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार (19 अगस्त) को पीएम फिक्सिंग (PM Fixing) में LBMA स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,460.70 प्रति औंस दर्ज की गई थी।

अमेरिकी खजाने के एक फैसले से क्यों आई तेजी?

सोने की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे यूएस ट्रेजरी का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिल गया।

अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम से 10-वर्षीय और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड गिरकर क्रमशः 4.64 प्रतिशत और 5.18 प्रतिशत पर आ गई। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में डॉलर में 0.76 फीसदी की गिरावट आई, जिससे सोने जैसे डॉलर डॉमिनेटेड असेट्स की डिमांड को मजबूत समर्थन मिला। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक जैसे ही यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ बिना ब्याज वाले एसेट यानी सोने के लिए माहौल अच्छा हो गया। बाजार ने इसे दीर्घकालिक ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी को रोकने और बॉन्ड मार्केट के लंबे सिरे पर लिक्विडिटी में सुधार के प्रयास के रूप में देखा। इसके बाद यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ, जिसने सोने के लिए एक बहुत ही अनुकूल स्थिति बनाई।

सिर्फ ट्रेजरी का फैसला नहीं, ये फैक्टर भी दे रहे सहारा

हालांकि, सोने में आई इस तेजी के पीछे सिर्फ अमेरिकी ट्रेजरी का ऐलान ही एकमात्र कारण नहीं है। वीटी मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, ट्रेजरी का ऐलान एक दिन की तेजी को एक्सप्लेन तो करता है, लेकिन सिर्फ यही एक फैक्टर नहीं है। रुचित ठाकुर के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी रुख और मौद्रिक नीति को लेकर जताई जा रही उम्मीदें, लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिरल अनिश्चितताएं और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही मांग जैसे फैक्टर भी इसे सपोर्ट कर रहे हैं।

क्या निवेशकों को इस भाव पर खरीदना चाहिए सोना?

सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद नए और पुराने निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। वीटी मार्केट्स के रुचित ठाकुर का सुझाव है कि ऊंचे स्तरों पर तेजी का पीछा करना निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जो लोग पहले से सोने में निवेश कर चुके हैं, वो अपनी होल्डिंग को बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।

नए निवेशकों को एक बार में बड़ा दांव लगाने या तेज उछाल के तुरंत बाद अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट करने की बजाय कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

आगे क्या ट्रैक करें?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की आगे की चाल तय करने के लिए निवेशकों को आने वाले दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व के संकेतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीक नजर रखनी होगी।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।