Silver Gold Price Today : सोना दो हफ्तों के हाई के आसपास, चांदी 1.7% भागी, जानिए कमोडिटी में आज कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : बुधवार,22 जुलाई को सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ग्लोबल मार्केट में गोल्ड लगभग दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुच गया है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा ब्याज दरों से जुड़े नए संकेतों के लिए अगले हफ्ते होने वाली US फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी मीटिंग पर भी बाजार की नजर है। ऐसे में सोने के सपोर्ट मिल रहा है।

COMEX पर गोल्ड फ़्यूचर्स 1.17% बढ़कर 4,124 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि, इंट्राडे में इसने $4,128.40 प्रति औंस का उच्चतम स्तर छुआ था। चांदी का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा। COMEX सिल्वर 1.70% बढ़कर 60.115 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।

घरेलू बाजार में प्रेशियस मेटल्स की कीमतों में तेजी आने के एक दिन बाद विदेशी बाजारो में भी इनमें तेजी आई है। दिल्ली में सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई है।

लोकल सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक मंगलवार, 21 जुलाई को ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और फिजिकल डिमांड के कारण चांदी की कीमत ₹2.21 लाख प्रति किलोग्राम पर सपाट रही।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें ?

इसकी सबसे बड़ी वजह’सेफ़-हेवन'(सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने की मांग है। पश्चिम एशिया को लेकर तब नई चिंताएं पैदा हो गईं, जब ऐसी खबरें आईं कि सऊदी अरब से एशिया जा रहे दो तेल टैंकरों को यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों की धमकियों के बाद लाल सागर में अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं और निवेशकों का रुझान सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर बढ़ा।

हालांकि, इस तनाव को कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी हैं और ईरान बातचीत को आसान बनाने के लिए पाकिस्तान से मदद मांग रहा है। फिर भी मार्केट आगे तनाव बढ़ने की संभावना को लेकर सतर्क हैं।

सोने को आमतौर पर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के समय में फायदा होता है क्योंकि जब ग्लोबल ग्रोथ या फाइनेंशियल मार्केट के लिए रिस्क बढ़ता है तो इसमें इन्वेस्टर्स की रुचि बढ़ जाती है।

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फेड की पॉलिसी पर नजर

भू-राजनीतिक घटनाओं के अलावा,निवेशक अगले हफ्ते होने वाली US फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग से पहले भी अपनी पोजीशन बना रहे हैं। बाजार में आम धारणा है कि फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि,ट्रेडर मॉनेटरी पॉलिसी की भविष्य की दिशा के संकेत पाने के लिए सेंट्रल बैंक की टिप्पणी और आगे के आर्थिक अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे।

सोने की कीमतों पर असर डालने वाले सबसे बड़े फैक्टर्स में से एक ब्याज दरें भी हैं। चूंकि सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती,इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर फिक्स्ड-इनकम एसेट्स (जैसे बॉन्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट) से मिलने वाला रिटर्न बढ़ जाता है,जिससे सोने का आकर्षण आम तौर पर कम हो जाता है। इसके उलट,ब्याज दरें घटने की उम्मीद या नरम नीतिगत रुख से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलता है।

फिजिकल डिमांड बढ़ने से भी मिल रहा सपोर्ट

जानकारों का कहना है कि ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों के अलावा फिजिकल गोल्ड की खरीदारी में हुई बढ़त से भी सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है।

सोने की कीमतों में बढ़त के बावजूद इसके बड़े कंज्यूमर देशों, खासकर चीन से मज़बूत मांग बनी हुई है। साथ ही,पिछले कुछ महीनों में सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी ने बुलियन की कीमतों एडिशनल सपोर्ट दिया है।

इसके अलावा चांदी को भी इंडस्ट्रियल मेटल्स के लिए बेहतर होते सेंटीमेंट का फायदा मिला है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स,सोलर पैनल और क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी में बड़े पैमाने पर होता है।

जानकारों की राय

LKP सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) और वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि सोने की कीमतों में हालिया गिरावट से बिकवाली का दबाव कम हुआ,जिससे कीमतें तेजी से वापस ऊपर आईं। अमेरिका-ईरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर सोने की नई खरीदारी से कीमतों में यह उछाल आया।

त्रिवेदी ने आगे कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख की उम्मीदों के बावजूद,जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने निवेशकों की सोने में दिलचस्पी फिर से बढ़ा दी है। टेक्निकल नज़रिए से,उन्हें उम्मीद है कि MCX गोल्ड अगले कुछ सेशन में ₹1.41 प्रति 10 ग्राम से ₹1.45 प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड करेगा।

वहीं,HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि हालिया बढ़त को मजबूत फिजिकल डिमांड और सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी का भी सपोर्ट मिला है।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के अजय केडिया। इनकी आज एमसीएक्स गोल्ड में 142500 रुपए के आसपास, 141500 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 144000 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर में इनकी 223000 रुपए के आसपास, 221000 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ,228000 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price:चढ़ गया सोने-चांदी का भाव, क्या अब भी कर रहे है सही मौके की तलाश, जानें क्या है एक्सपर्ट की राय की राय

Silver Gold Price: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 21 जुलाई को सुबह के कारोबार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। दरअसल, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता से सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। हालांकि भले ही US में ज़्यादा ब्याज दरों की उम्मीदों ने बढ़त को सीमित रखा। COMEX सोना $4,041 प्रति औंस के इंट्राडे हाई को छूने के बाद 0.34% बढ़कर $4,029.60 प्रति औंस हो गया, जबकि COMEX चांदी 0.13% बढ़कर $57.145 प्रति औंस हो गई।

कीमती धातुओं का बाजार 2 अलग-अलग वजहों को बैलेंस कर रहा है। एक तरफ, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग को सपोर्ट मिल रहा है। दूसरी तरफ, कच्चे तेल की ज़्यादा कीमतें महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रही हैं, जिससे यह उम्मीद मज़बूत हो रही है कि US फ़ेडरल रिज़र्व इस साल के आखिर में फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

सोने के लिए तेल क्यों ज़रूरी है

US और ईरान के बीच बीच-बचाव की कोशिशों की खबरों से कुछ समय के लिए सीज़फ़ायर की उम्मीद बढ़ने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को तेल की कीमतों में थोड़ी कमी आई। ब्रेंट क्रूड 0.4% गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US WTI क्रूड $82.47 के करीब ट्रेड कर रहा था।

हालांकि, यमन के ईरान-समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी देने के बाद जियोपॉलिटिकल रिस्क अभी भी बढ़े हुए हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों की चिंता बढ़ गई है। US और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों ने भी बाज़ारों को किनारे पर रखा है।

कच्चे तेल की ज़्यादा कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। अगर महंगाई ज़्यादा बनी रहती है, तो फ़ेडरल रिज़र्व ब्याज़ दरों को ज़्यादा समय तक बनाए रख सकता है या फिर से दरें बढ़ा सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसका असर आमतौर पर सोने जैसे बिना ब्याज़ वाले एसेट्स पर पड़ता है।

फेड की उम्मीदों ने बुलियन की बढ़त को रोका

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP, कायनात चैनवाला के अनुसार, स्पॉट गोल्ड $4,020 प्रति औंस के करीब है, जबकि सिल्वर $57 प्रति औंस से ऊपर रिकवर हो गया है, लेकिन बढ़त सीमित है क्योंकि मार्केट ने साल के आखिर तक कम से कम एक और फेडरल रिजर्व रेट हाइक को काफी हद तक तय कर लिया है।

उन्होंने कहा कि US पॉलिसीमेकर्स के सख्त कमेंट्स और तेल की कीमतों में हालिया तेजी ने सितंबर में रेट हाइक की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है, जिससे जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स से बीच-बीच में मिल रहे सपोर्ट के बावजूद बुलियन की अपील कम हो गई है।

आखिर कहां तक जाएगी कीमतें

LKP सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के VP रिसर्च एनालिस्ट, जतीन त्रिवेदी ने कहा कि US में नरम महंगाई के आंकड़ों से गोल्ड में रिकवरी हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मजबूत US डॉलर और फेड रेट में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदों को लेकर चिंताएं बढ़त को रोक रही हैं। घरेलू बाज़ार में, उन्हें MCX गोल्ड के लिए तुरंत सपोर्ट के तौर पर ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम दिख रहा है, जबकि आने वाले सेशन में ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम एक अहम रेजिस्टेंस लेवल हो सकता है।

इस बीच, चांदी ने हाल के निचले स्तरों से उबरने के बाद ज़्यादा मज़बूती दिखाई है, हालांकि दोनों कीमती धातुएं ग्लोबल तेल बाज़ारों में हो रहे बदलावों, पश्चिम एशिया संघर्ष और US मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर उम्मीदों के प्रति सेंसिटिव बनी हुई हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गोल्ड पर ईरान युद्ध का कितना असर पड़ा? अब खरीदें या बेचने में भलाई, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: जुलाई की शुरुआत में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव था। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली एसेट की ओर रुख करते हैं। हालांकि, यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। मुनाफावसूली बढ़ने के साथ सोने की कीमतों में फिर गिरावट आ गई।

युद्ध के तनाव के अलावा अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों ने भी सोने के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव पैदा किया।

जुलाई में सोने की चाल कैसी रही?

MCX पर 1 जुलाई को सोने का भाव करीब ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम था। सिर्फ दो कारोबारी सत्र में यह बढ़कर ₹1,47,650 पर पहुंच गया। यानी करीब 4.1% की तेजी आई।

लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और बाजार ने युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का नए सिरे से आकलन किया। इसका असर यह हुआ कि 17 जुलाई तक सोना गिरकर ₹1,40,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 20 जुलाई को सोने में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली। इसका भाव फिर ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

अगर लंबी अवधि की बात करें, तो 29 जनवरी को सोने ने ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम (करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस) से ऊपर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद 30 जून तक इसमें करीब 30% की गिरावट आ चुकी थी और भाव करीब ₹1.40 लाख (करीब 3,960 डॉलर प्रति औंस) तक आ गया।

युद्ध के बावजूद सोना क्यों कमजोर पड़ा?

Augmont की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चैनानी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद इस महीने सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो जून के आखिर के बाद का सबसे निचला स्तर है।

उनके मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे बाजार को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से ज्यादा असर ब्याज दरों की चिंता का पड़ा।

अभी खरीदें, होल्ड करें या बेच दें?

Geojit Investments के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च हरीश वी का कहना है कि युद्ध से जुड़े जोखिम का बड़ा हिस्सा पहले ही सोने की कीमतों में शामिल हो चुका है। अब निवेशकों का फोकस सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि ब्याज दरों, महंगाई और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद पर ज्यादा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, वे फिलहाल होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को तेजी के दौरान खरीदारी करने के बजाय कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

‘घबराकर बेचने की जरूरत नहीं’

रेनिशा चैनानी का कहना है कि अभी होल्ड की रणनीति बेहतर रहेगी। जिन लोगों ने पहले से निवेश किया हुआ है, वे बाजार की मौजूदा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति का इंतजार कर सकते हैं। वहीं, लंबे समय के निवेशक 3,950 से 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि फिलहाल घबराकर बेचने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ाता है या कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल आता है, तो सोने की कीमतें 3,900 डॉलर प्रति औंस तक भी फिसल सकती हैं।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold-Silver Price : MCX पर सोने-चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Gold-Silver Price : सोमवार,20 जुलाई को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी वजह हाजिर बाजार में मजबूत मांग और चांदी के लिए ग्लोबल स्तर पर पॉजिटिव रुझान के बीच ट्रेडर्स का नई पोजीशन बनाना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर,अगस्त डिलीवरी वाले फ्यूचर्स में ₹294 या 0.21% की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 720 लॉट का कारोबार हुआ। एनालिस्ट्स ने इस बढ़ोतरी की वजह मार्केट में नई खरीदारी को बताया है।

सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी आई है। MCX पर सितंबर का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,618 या 0.75% बढ़कर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जिसमें 1,371 लॉट का कारोबार हुआ।

ग्लोबल स्तर पर चांदी की कीमतें मजबूत बनी रहीं। Comex सिल्वर फ्यूचर्स 1.21% बढ़कर $56.59 प्रति औंस पर आ गया है। हालांकि,न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट देखी गई और ये 0.17% गिरकर $4,011 प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की क्या है वजह ?

भू-राजनीतिक तनाव,महंगाई की चिंता और अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों से जुड़ी उम्मीदे जैसे ग्लोबल संकेतों के कारण हाल के दिनों में प्रेशियस मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर,इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि पिछले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। इसमें भी चांदी में ज्यादा गिरावट आई।

उन्होंने आगे कहा कि एक अजीब ट्रेंड देखने को मिल रहा है,जिसमें वेस्ट एशिया में तनाव ने कीमती धातुओं को पुश करने के बजाय उन पर दबाव बनाया है। US-ईरान के बीच टकराव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर बन चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं हैं,जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं और सितंबर में US फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना और मजबूत हो गई है।

आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल

पृथ्वीराज कोठारी की राय है कि सेंट्रल बैंक की खरीदारी(खासकर चीन की तरफ से) सोने की कीमतों को सपोर्ट देती रही है,जबकि वेस्टर्न एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और भारतीय रिटेल निवेशकों की तरफ से मांग में कमी के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है। इस समय सोने की फेयर वैल्यू 4,100 डॉलर प्रति औंस के आस-पास है। अगर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके भाव 3,900 डॉलर प्रति औंस की ओर गिर सकते हैं। वहीं,अगर यह 4,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बना रहता है,तो इसके 4,500 डॉलर तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

Gold Price : सोमवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है। निवेशकों की नजरें मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर लगी है। मिडिल ईस्ट का संकट गहराने से तेल की कीमतें बढ़ गईं हैं। साथ ही,अमेरिकी फेडरल रिजर्व के एक और पॉलिसी मेकर ने संकेत दिया है कि बढ़ती महंगाई के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल हाजिर बाजार में सोने का भाव 0.3% गिरकर 4,004.63 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है। अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% गिरकर 4,008.70 डॉलर पर आ गया है।

सोमवार को लगातार नौवें दिन अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर हमले के बाद तेल की कीमतों में 3% से अधिक की तेजी आई है। फिर से शुरू हुई लड़ाई में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों संख्या बढ़कर तीन हो गई है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली शिपिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं।

गोल्डसिल्वर सेंट्रल के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रायन लैन का कहना है कि युद्ध अभी भी जारी है। ऐसे में बाजार की फोकस तेल की बढ़ती कीमतों पर बना हुआ है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है और सोने पर दबाव बना हुआ है। हालांकि,गोल्ड के लिए 4,000 डॉलर का स्तर काफी अहम रहा है और यह दिखाता है कि जब भी गोल्ड स्तर से नीचे गिरता है तो उसे सपोर्ट मिलता है।

तेल की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ने के डर और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहने की आशंका को मजबूत कर रही हैं। हालांकि सोने को आमतौर पर महंगाई से बचाव (हेज) के रूप में देखा जाता है,लेकिन ऊंची ब्याज दरें बिना रिटर्न देने वाली संपत्ति (non-yielding asset) में बने रहने की अवसर लागत (opportunity cost) को बढ़ा देती हैं।

क्लीवलैंड फेड की प्रेसिडेंट बेथ हैमैक ने उन पॉलिसी मेकर्स का सपोर्ट किया है जिनका तर्क है कि महंगाई में बढ़त को रोकने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने की जरूरत हो सकती है। ऐसे में 29 जुलाई को फेड की अगली बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना दिख रही है।

CME फेडवॉच टूल के मुताबिक ट्रेडर्स अब दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 82% संभावना देख रहे हैं, जबकि पिछले सप्ताह यह 73% थी। OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग की राय है कि लंबे समय के नजरिए से वे सोने को लेकर अधिक सतर्क है और 3,886 डॉलर के अहम लेवल पर नजर रखे हुए हैं। अगर यह स्तर नीचे की ओर टूटता है,तो सोने में और कमजोरी आ सकती है और यह 3,500 डॉलर की गिर सकता है।

वहीं दूसरी ओर,स्पॉट सिल्वर की प्राइस 1.3% बढ़कर 56.61 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। जबकि प्लेटिनम 0.3% गिरकर 1,587.20 डॉलर पर आ गया गया है। पैलेडियम 0.3% घटकर 1,243.99 डॉलर पर पहुंच गया है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए 3,989 डॉलर और 3,945 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 4,040 डॉलर और 4,074 डॉलरप्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं,चांदी के लिए 55.50 डॉलर और 54.40 डॉलर पर सपोर्ट है और 57.50 डॉलर और 58.80 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है।

मनोज कुमार जैन का सुझाव है कि लॉन्ग-टर्म निवेशक बाजार में इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी जमा कर सकते हैं,लेकिन ट्रेडर्स को लॉन्ग पोजीशन में क्लोजिंग के आधार पर सोने के लिए 1,39,650 रुपए और चांदी के लिए 2,14,000 रुपए पर स्टॉप लॉस का पालन करना चाहिए और हर बढ़त पर मुनाफा बुक करना चाहिए।

 

 

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Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना हुआ और सस्ता, दिल्ली में ₹130790 पर आया 22 कैरेट; चांदी भी टूटी

देश में सोने की कीमत में गिरावट कायम है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को ज्यादातर शहरों में भाव और नीचे आया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 143430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। देश के बाहर भी सोना ​टूटा है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,000.55 डॉलर प्रति औंस पर है। अगस्त में डिलीवरी वाला ​US गोल्ड फ्यूचर्स गिरकर 4,005.9 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता ने फिर जोर पकड़ लिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कई नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया है कि कीमतों के दबाव को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है।

अमेरिका ने ईरान पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं। जॉर्डन पर ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131440 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131340 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131440143430
मुंबई131340143280
अहमदाबाद131390143330
चेन्नई131340143280
कोलकाता131340143280
हैदराबाद131340143280
जयपुर131440143430
भोपाल131390143330
लखनऊ131440143430
चंडीगढ़131440143430

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट बनी हुई है। 20 जुलाई की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

Gold Price Today: सोने-चांदी के भाव स्थिर, 7 दिनों में ₹1040 गिरा गोल्ड, चेक करें 24 से 18 कैरट का लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: करीब छह दिनों तक उठा-पटक के बाद आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने और युद्ध की आंच गहराने पर महंगाई की तेज रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ी तो इससे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के आसार बढ़ा दिए। इससे गोल्ड जैसी ब्याज नहीं देने वाले एसेट्स का आकर्षक कम हुआ तो इस पर दबाव बढ़ा। हालांकि आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन इससे पहले 11 जून को स्थिर रहने के बाद छह दिनों में उठा-पटक के साथ 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1040 और 22 कैरट वाला ₹950 सस्ता हुआ था। चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है। हालांकि आज एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन इसकी चमक स्थिर बनी हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,440₹1,31,450₹1,07,620
मुंबई ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
कोलकाता ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
चेन्नई  ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,09,500
बेंगलुरू ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
हैदराबाद ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
लखनऊ ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
पटना ₹1,43,340 ₹1,31,400 ₹1,07,520
जयपुर  ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
अहमदाबाद ₹1,43,340  ₹1,31,400 ₹1,07,520

एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन स्थिर चांदी

चांदी की बात करें तो 11 जून को एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी और उसके बाद लगातार पांच दिनों तक यह स्थिर रही और फिर 17 जुलाई को ₹5 हजार फिर सस्ती हुई। इसके बाद लगातार दो दिन इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी बिना किसी बदलाव के ₹2,30,000 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,35,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर में बड़ी गिरावट दिखी। सोना 4000 डॉलर से नीचे फिसल गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट दिखी। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। इसकी वजह क्रूड में उछाल से दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का डर है। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 1.74 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। चांदी 3.20 फीसदी गिरकर 55.91 डॉलर प्रति औंस चल रही थी। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 1.78 फीसदी यानी 3,888 रुपये गिरकर 2,16,836 रुपये प्रति किलोग्राम ग्राम था। गोल्ड फ्यूचर्स 0.80 फीसदी यानी 1139 रुपये गिरकर 1,40,691 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

आगे महंगाई में आ सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

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इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

Gold Price Today: सोने में तेजी लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बढ़े दाम; चेक करें 10 बड़े शहरों का रेट

देश में सोने की कीमत में तेजी लौट आई है। ज्यादातर शहरों में दाम चढ़ा है। 16 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 143730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई और कोलकाता में भाव 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम और चेन्नई में 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,029.66 डॉलर प्रति औंस पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार के 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ही बनी रही।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143730 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131610 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131610 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131760143730
मुंबई131610143580
अहमदाबाद131660143630
चेन्नई131810143790
कोलकाता131610143580
हैदराबाद131610143580
जयपुर131760143730
भोपाल131660143630
लखनऊ131760143730
चंडीगढ़131760143730

HSBC ने कहा है कि 2026 में गोल्ड की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। 2027 में गोल्ड की औसत कीमत 4,925 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। इस साल के अंत में कीमत 4,750 डॉलर तक जा सकती है। अगले साल के अंत तक कीमत 5,025 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।

चांदी की कीमत

सोने से उलट दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 16 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.26 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।