सोना खरीदने वालों के लिए राहत! अब कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी? जानिए 5 बड़े कारण

Gold Price Outlook: सोने में हालिया गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी जरूर आई है। लेकिन 2026 में जनवरी जैसा रिकॉर्ड हाई दोबारा देखने को मिले, इसकी संभावना फिलहाल कम दिख रही है। Fitch Solutions की रिसर्च यूनिट BMI ने 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4026 डॉलर के आसपास है। इस हिसाब से गोल्ड में करीब ज्यादा से ज्यादा 9% उछाल का अनुमान है। रिपोर्ट का कहना है कि मजबूत डॉलर, कम होते वैश्विक तनाव और बेहतर होती अर्थव्यवस्था की वजह से सोने पर दबाव बना रह सकता है।

मजबूत डॉलर से सोना महंगा पड़ता है

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग पर असर पड़ता है।

BMI का अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स 98 से 102 के बीच रह सकता है। अगर यह बढ़कर 105 से 110 तक पहुंचा, तो सोने की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।

ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम

सोना ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर ज्यादा जाते हैं।

BMI का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve 2026 के बाकी समय में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। दरें 3.75% पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में सोने की मांग पर दबाव रह सकता है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था संभल रही है

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक कारोबार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।

जब अर्थव्यवस्था बेहतर होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश छोड़कर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ बढ़ते हैं। BMI ने 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 2.4% रहने का अनुमान लगाया है।

कम होते वैश्विक तनाव का भी असर

पिछले एक साल में सोने की तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहे थे। लेकिन अब हालात पहले से कुछ शांत दिख रहे हैं।

BMI का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से सोने को मिलने वाला ‘सेफ हेवन’ सपोर्ट भी कमजोर पड़ सकता है। अगर हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य रहती है, तो सोने की मांग और घट सकती है।

महंगाई कम रही, तो मांग भी घट सकती है

महंगाई बढ़ने पर लोग अक्सर सोने में पैसा लगाते हैं। लेकिन अगर महंगाई काबू में रहती है, तो सोने की मांग भी कम हो सकती है।

BMI का कहना है कि ऊर्जा की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घट रहा है। अगर आगे भी यही स्थिति रही, तो सोने को मिलने वाला एक और बड़ा सहारा कमजोर पड़ सकता है।

क्या फिर भी सोना टूट जाएगा?

BMI ऐसा नहीं मानता। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

हालांकि, अगर भविष्य में Federal Reserve ब्याज दरें घटाता है या डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सोना फिर 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जा सकता है। वहीं, अगर डॉलर और मजबूत हुआ या बॉन्ड यील्ड बढ़ी, तो कीमतें 3,500 डॉलर प्रति औंस तक भी आ सकती हैं।

Gold Jewellery Price: 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी खरीदने जा रहे? जानिए कितना बनेगा बिल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Jewellery Price: 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी खरीदने जा रहे? जानिए कितना बनेगा बिल

Gold Jewellery Price: सोने की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ गोल्ड का रेट जानना काफी नहीं है। दुकान पर जो बिल बनता है, उसमें सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और GST भी जुड़ता है। यही वजह है कि कई बार ₹1.30 लाख का सोना खरीदने पर बिल ₹1.50 लाख के करीब पहुंच जाता है।

अगर आज आप 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी बनवाने जाते हैं, तो जेब से कुल कितना पैसा निकल सकता है? आइए आसान हिसाब से समझते हैं।

पहले जानिए आज का रेट

दिल्ली में 15 जुलाई को 24 कैरेट सोने का भाव (Gold Price Today) ₹1,42,940 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट का ₹1,31,040 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट का ₹1,07,240 प्रति 10 ग्राम है।

हालांकि, बाजार में बिकने वाले ज्यादातर नेकलेस, अंगूठियां और दूसरी ज्वेलरी 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने से बनाई जाती हैं। इसलिए आगे का पूरा हिसाब 22 कैरेट सोने की कीमत के आधार पर समझते हैं।

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10 ग्राम का नेकलेस का खर्च?

मान लीजिए आपने 10 ग्राम का सिंपल नेकलेस पसंद किया। सिर्फ सोने की कीमत ₹1,31,040 होगी। अब इसमें मेकिंग चार्ज जुड़ता है। अगर ज्वेलर 10% मेकिंग चार्ज लेता है, तो यह करीब ₹13,100 बैठेगा। इसके बाद कुल रकम पर 3% GST लगेगा, जो करीब ₹4,300 होगा।

यानी 10 ग्राम का नेकलेस बनवाने पर आपका कुल बिल करीब ₹1.48 लाख बन सकता है। अगर आपने भारी डिजाइन वाला नेकलेस चुना और मेकिंग चार्ज 20% हुआ, तो यही बिल ₹1.60 लाख के आसपास पहुंच सकता है।

5 ग्राम की अंगूठी का बिल?

अब मान लीजिए आप 5 ग्राम की सोने की अंगूठी बनवा रहे हैं। 5 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹65,520 होगी। अगर मेकिंग चार्ज 10% है, तो इसमें करीब ₹6,550 जुड़ जाएंगे। इसके बाद GST जोड़ने पर कुल बिल करीब ₹74,200 तक पहुंच सकता है।

अगर अंगूठी का डिजाइन ज्यादा बारीक या स्टोन वाला है, तो मेकिंग चार्ज बढ़ सकता है। ऐसे में कीमत ₹78,000 से ₹80,000 तक भी जा सकती है।

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आखिर बिल इतना ज्यादा क्यों बनता है?

बहुत से लोगों को लगता है कि दुकान पर वही कीमत देनी होगी, जो अखबार या वेबसाइट पर सोने के भाव में दिखाई जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं होता। गोल्ड रेट सिर्फ धातु की कीमत होती है।

ज्वेलरी बनाने की मजदूरी यानी मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है। इसके बाद पूरे बिल पर 3% GST भी लगता है। कुछ ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं। इसलिए अंतिम बिल हमेशा गोल्ड रेट से ज्यादा होता है।

  • खरीदने से पहले ये सवाल जरूर पूछें
  • मेकिंग चार्ज कितने प्रतिशत है?
  • क्या वेस्टेज अलग से लगेगा?
  • GST किस रकम पर लगेगा?
  • क्या ज्वेलरी BIS हॉलमार्क है?
  • पुराना सोना एक्सचेंज करने पर क्या रेट मिलेगा?

पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के वक्त किसका इस्तेमाल करें? समझिए पूरा हिसाब

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: तीन दिनों से टूट रहा सोना, दिल्ली से पटना तक 24 से 18 कैरट बिक रहा इस भाव पर

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमलों ने पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। जियो-पॉलिटकल टेंशन में उछाल पर कच्चा तेल उबला तो इसने गोल्ड पर दबाव डाला और आज लगातार तीसरे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन गोल्ड सस्ता हुआ है। इन तीन दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1540 और 22 कैरट वाला ₹1410 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 सस्ता हुआ है। चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है और इसकी चमक फीकी की है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 
दिल्ली₹1,42,940₹1,31,040₹1,07,240
मुंबई₹1,42,790₹1,30,890₹1,07,090
कोलकाता₹1,42,790₹1,30,890₹1,07,090
चेन्नई₹1,43,450₹1,31,490₹1,09,690
बेंगलुरू₹1,42,790₹1,30,890₹1,07,090
हैदराबाद₹1,42,790₹1,30,890₹1,07,090
लखनऊ₹1,42,940₹1,31,040₹1,07,240
पटना₹1,42,840₹1,30,940₹1,07,140
जयपुर₹1,42,940₹1,31,040₹1,07,240
अहमदाबाद₹1,42,840₹1,30,940₹1,07,140

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। तीन दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 11 जुलाई को ₹5 हजार सस्ती हुई थी तो 10 जुलाई को ₹5 हजार महंगी और ₹9 जुलाई को ₹10 हजार सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी यह इसी भाव पर बिक रही है यानी देश के चारों बड़े महानगरों में चांदी समान भाव पर बिक रही है।

इस कारण है दबाव

एलकेपी सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी & करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद सोने पर दबाव बढ़ गया है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और सोने जैसे ऐसे एसेट्स की चमक कुछ कम हुई है, जो कोई ब्याज नहीं देतीं। फेड के सख्त रुख के बाद बुलियन बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: कच्चे तेल के उबाल में फिसला गोल्ड, चांदी हुई सस्ती, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार सैन्य हमलों ने पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। जियो-पॉलिटकल टेंशन में उछाल पर कच्चा तेल उबला तो इसने गोल्ड पर दबाव डाला और आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गोल्ड सस्ता हुआ है। इन दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1430 और 22 कैरट वाला ₹1310 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 सस्ता हुआ है।

चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है और इसकी चमक फीकी की है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
मुंबई₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
कोलकाता₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
चेन्नई₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,190
बेंगलुरू₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
हैदराबाद₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
लखनऊ₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
पटना₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220
जयपुर₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
अहमदाबाद₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 11 जून को ₹5 हजार सस्ती हुई थी तो 10 जून को ₹5 हजाप महंगी और ₹9 जुलाई को ₹10 हजार सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,39,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Gold Price Today: सोना फिर लुढ़का, मुंबई में ₹144320 पर आया 24 कैरेट; 10 बड़े शहरों में ये है नया रेट

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 13 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई में भाव 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 4370 रुपये तक ​टूटी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 4000 रुपये तक फिसला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,106.25 डॉलर प्रति औंस है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144470 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132440 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132290 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145080 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132450144470
मुंबई132290144320
अहमदाबाद132340144370
चेन्नई132990145080
कोलकाता132290144320
हैदराबाद132290144320
जयपुर132440144470
भोपाल132340144370
लखनऊ132440144470
चंडीगढ़132440144470

एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है। सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए। HSBC ने कहा है कि 2026 में गोल्ड की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। 2027 में गोल्ड की औसत कीमत 4,925 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। इस साल के अंत में कीमत 4,750 डॉलर तक जा सकती है। अगले साल के अंत तक कीमत 5,025 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।

चांदी की कीमत

सोने की ही तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 13 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में चांदी का भाव 15000 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.54 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Personal Loan Prepayment: पर्सनल लोन समय से पहले चुकाना सही है या नहीं? समझिए कब होगा फायदा

Personal Loan Prepayment: पर्सनल लोन लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ EMI देखते हैं। लेकिन कुछ महीने बाद जब बोनस मिलता है या बचत बढ़ती है, तो मन में सवाल आता है कि क्या लोन समय से पहले चुका देना चाहिए?

इसका जवाब हर किसी के लिए एक जैसा नहीं है। कई बार प्रीपेमेंट से लाखों रुपये का ब्याज बच जाता है। लेकिन कई बार फायदा बहुत कम होता है। इसलिए फैसला लेने से पहले कुछ बातें समझना जरूरी है।

सबसे ज्यादा फायदा कब होता है?

पर्सनल लोन की EMI में शुरुआत में ब्याज का हिस्सा ज्यादा होता है। धीरे-धीरे ब्याज कम होता जाता है और मूलधन (Principal) का हिस्सा बढ़ता जाता है।

यानी अगर आप लोन की शुरुआत में प्रीपेमेंट करते हैं, तो ज्यादा ब्याज बचा सकते हैं। अगर आखिरी साल में लोन चुकाते हैं, तो बचत बहुत कम होती है।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल के लिए 15% सालाना ब्याज पर लिया है। इस पर EMI करीब ₹11,895 बनेगी। पूरे 5 साल में कुल भुगतान करीब ₹7.14 लाख होगा यानी सिर्फ ब्याज के तौर पर करीब ₹2.14 लाख चुकाने होंगे।

अब मान लीजिए आपने 12 महीने बाद ₹2 लाख का प्रीपेमेंट कर दिया। ऐसी स्थिति में आपकी बची हुई ब्याज की रकम में हजारों रुपये की कमी आ सकती है। अगर बैंक प्रीपेमेंट चार्ज कम लेता है, तो यह फैसला काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

ब्याज दर ज्यादा है तो सोचिए जरूर

पर्सनल लोन की ब्याज दर आमतौर पर 10% से 24% तक हो सकती है। यह होम लोन से काफी ज्यादा होती है। अगर आपका लोन 14%, 15% या 16% पर चल रहा है, तो जल्दी चुकाने से अच्छी बचत हो सकती है। लेकिन अगर किसी कंपनी स्कीम या ऑफर के तहत आपको कम ब्याज पर लोन मिला है, तो पहले हिसाब जरूर लगाएं।

प्रीपेमेंट चार्ज जरूर देखें

ज्यादातर बैंक और NBFC लोन समय से पहले बंद करने पर 2% से 5% तक फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं। कई बैंक पहले 6 या 12 महीने तक प्रीपेमेंट की अनुमति भी नहीं देते। इसलिए पहले यह देखें कि ब्याज में जितनी बचत होगी, वह चार्ज से ज्यादा है या नहीं।

पूरी बचत लोन में मत लगा दीजिए

मान लीजिए आपके पास ₹3 लाख की बचत है और आपने पूरी रकम लोन चुकाने में लगा दी। एक महीने बाद अगर मेडिकल इमरजेंसी में ₹2 लाख की जरूरत पड़ जाए, तो फिर आपको नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेना पड़ सकता है। इसलिए लोन चुकाने के बाद भी कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च जितनी रकम इमरजेंसी फंड के रूप में जरूर बचाकर रखें।

होम लोन लेना है तो पहले पर्सनल लोन खत्म करें

अगर आने वाले समय में आप होम लोन लेने वाले हैं, तो पर्सनल लोन पहले बंद करना फायदेमंद हो सकता है। इससे आपकी Debt-to-Income (DTI) Ratio बेहतर होती है। बैंक आपकी कुल EMI देखते हैं। EMI कम होगी तो नए लोन की मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

कब प्रीपेमेंट करने की जरूरत नहीं?

अगर आपका लोन आखिरी साल में पहुंच चुका है, तो जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। तब तक ज्यादातर ब्याज चुकाया जा चुका होता है। इसी तरह अगर आपके पास ऐसा निवेश का मौका है, जहां 15% रिटर्न मिलने की संभावना है और आपका लोन 11% पर है, तो पहले निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। हालांकि, इसमें जोखिम का भी ध्यान रखें।

आपका फैसला क्या होना चाहिए?

पर्सनल लोन का प्रीपेमेंट तब सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, जब लोन शुरुआती दौर में हो, ब्याज दर ज्यादा हो और प्रीपेमेंट चार्ज कम हो। लेकिन सिर्फ कर्ज खत्म करने के लिए अपनी पूरी बचत खर्च करना सही नहीं है। पहले हिसाब लगाइए, फिर फैसला लीजिए। कई बार थोड़ा इंतजार करना भी आपके लिए ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

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Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

Silver Rate Today: भारत में रविवार, 12 जुलाई को चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वायदा बाजार (एमसीएक्स) में जुलाई चांदी फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जबकि आखिरी बंद भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य कारकों के कारण चांदी के खुदरा भाव में अंतर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

जहां एक ओर वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बेहद मामूली तेजी आई है। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में इसके दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शहरों में अहमदाबाद में चांदी सबसे महंगी रही, जहां इसकी कीमत ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, कर्नाटक के यादगिर में चांदी का भाव सबसे कम ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम रहा। यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में एक किलो चांदी ₹11,800 सस्ती बिक रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन या बाजार में दिखाई देने वाला चांदी का भाव केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। यदि चांदी के आभूषण में पत्थर लगे हों, तो उनकी कीमत और वजन अलग से जोड़ा या घटाया जाता है।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

निवेशकों को सलाह

जो निवेशक बिना भौतिक चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सिल्वर ETF, सिल्वर फंड ऑफ फंड्स और डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर में निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि यह फिलहाल SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

चांदी का भाव

अहमदाबाद: ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम (सबसे अधिक)

यादगिर: ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम (सबसे कम)

(यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में 1 किलो चांदी ₹11,800 सस्ती है।)

क्या सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है?

फिलहाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और भारत में त्योहारों व शादी के मौसम की मांग जैसे कारक आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

भारत में सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
  • भारत में त्योहारों और शादी के मौसम की मांग
  • आयात शुल्क और अन्य सरकारी नीतियां

यदि आप बिना चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो:-

डिजिटल सिल्वर

सिल्वर ETF

सिल्वर फंड ऑफ फंड्स

में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है।

एमसीएक्स (MCX) वायदा बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के जुलाई वायदा में हल्की हलचल देखी गई। न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) के मुताबिक, चांदी का जुलाई वायदा 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के बंद होने तक चांदी वायदा का भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

शहरों के अनुसार चांदी के दाम: कहां महंगी, कहां सस्ती?

देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में चांदी की कीमतों में ₹11,000 से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है:-

सबसे महंगी चांदी (अहमदाबाद): देश के प्रमुख शहरों में गुजरात के अहमदाबाद में चांदी की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है, जहां यह ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

सबसे सस्ती चांदी (यादगीर): कर्नाटक के यादगीर में चांदी के दाम सबसे कम रहे, जहां इसका भाव ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों में अंतर: अहमदाबाद के मुकाबले यादगीर में चांदी प्रति 10 ग्राम के अनुपात में ₹11,800 सस्ती मिल रही है।

निवेशकों को सलाह

ऑनलाइन दिखने वाला चांदी का यह रेट एक बेंचमार्क (आधार मूल्य) होता है। जब आप शोरूम से चांदी या ज्वेलरी खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत में बेस सिल्वर प्राइस+ मेकिंग चार्जेस+ 3% जीएसटी (GST) जोड़ा जाता है। इसके अलावा, जो लोग बिना किसी मेकिंग चार्ज या स्टोरेज के झंझट के निवेश करना चाहते हैं, वे पेपर या डिजिटल विकल्पों जैसे सिल्वर ETFs (Exchange Traded Funds) का रुख कर रहे हैं।

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Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

Investment Mantra: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों के बीच लड़ाई जैसे ही बढ़ती है सोने की कीमतों में तेज गिरावट आती है। ऐसे में सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 25% टूट चुका है। ऐसे में इतनी भारी गिरावट के बाद क्या सोने में निवेश का सही समय आ गया है? क्या आगे गोल्ड में फिर चमक लौटेगी? सिर्फ इतना ही नहीं पोर्टफोलियो की चमक बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी है। 2 साल की लगातार रैली के बाद क्या अब भी एक आम निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टिंग की तरफ फोकस कर सकता है? इस सब सवालों के जबाव देनें के लिए हमारे साथ हैं ट्रुवांटा वेल्थ (Truvanta Wealth) के फाउंडर और CEO कीर्तन शाह

सोने में गिरावट के कारण

मार्च में कई सेंट्रल बैंकों ने करीब $30 bn का सोना बेचा है। तुर्की और रूस ने आगे बढ़कर सोना बेचा है। तुर्की ने अपनी गिरती करेंसी लीरा को संभालने के लिए सोना बेचा है। रूस ने यूक्रेन युद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेचा है। मार्च में कच्चा तेल महंगा होने से बॉन्ड यील्ड बढ़ीं हैं। यील्ड बढ़ने से फिक्स्ड इनकम निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया है। सोने की कीमत डॉलर में तय होती है,मजबूत डॉलर से इसकी मांग घटती है।

अब सोने पर नजरिया?

कीर्तन शाह ने कहा कि अब धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने का समय है। ग्लोबल स्तर पर युद्धों में कमी आई है। करेंसी मैनेजमेंट और फंडिंग की जरूरतें घटेंगी। सेंट्रल बैंक फिर से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर ध्यान देंगे। डी-डॉलराइजेशन का ट्रेंड भी सोने के पक्ष में है। सेंट्रल बैंकों की बैलेंस शीट में सोने की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है। डॉलर रिजर्व की हिस्सेदारी 25% से घटकर 23% हो गई है। अप्रैल से सेंट्रल बैंकों ने फिर से सोने की खरीद शुरू की है। चीन ने पिछले महीने 19 महीनों में सबसे ज्यादा सोना खरीदा है। वह लगातार 19 महीनों से सोने की खरीद कर रहा है। US में दरें उतनी नहीं बढ़ेंगी,जितनी बाजार को आशंका थी। जिन कारणों से सोना गिरा था वही अब आगे सोने की कीमतों को सहारा देंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी है, क्या पोर्टफोलियो में हिस्सा होना चाहिए?

इस पर बात करते हुए कीर्तन शाह ने कहा कि पिछले दो सालों ने साफ किया है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग बहुत जरूरी है। कई ऐसे निवेश थीम और अवसर हैं जो भारत में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी हो जाती है। रुपये की सालाना लगभग 4% गिरावट भी इसका एक बड़ा कारण है।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी, क्या इस समय करें निवेश?

कीर्तन शाह ने कहा कि फिलहाल अभी हम ऐसा नहीं करेंगे। ग्लोबल बाजारों में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है,सब भाव में है। ग्लोबल स्तर पर AI थीम की तेजी अब चुनिंदा शेयरों में ही है। अगर LLMs ( Large Language Models) शेयर देखें तो उनके सामने अब प्राइसिंग का दबाव है। टोकन प्राइस इंडेक्स 2.5 डॉलर प्रति मिलियम टोकन से घटकर 1.8 डॉलर पर आ गया है। चीन के ओपन-सोर्स मॉडल US कंपनियों पर भी दबाव बना रहे हैं।

तो अभी कहां करें निवेश?

कीर्तन शाह की राय है कि AI थीम में करेक्शन आया तो निवेशकों का रुख फिर से भारत की ओर होगा। भारतीय बाजारों में 2 साल से टाइम और वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिल रहा है। कई सेक्टर अब आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: आज चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! खरीदारी से पहले जानें 10 जुलाई का रेट

Silver Price Today: देशभर में आज 10 जुलाई 2026 को चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹234.90 से ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,34,900 से ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में आई गिरावट के बाद आज बाजार में कीमतें लगभग स्थिर रहीं। स्पॉट चांदी 0.8% बढ़कर $60.46 प्रति औंस हो गई है।

रिकवरी के बावजूद, मेटल हफ्ते में गिरावट के रास्ते पर बना रहा क्योंकि निवेशक बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के असर का अंदाजा लगाते रहे। चांदी खरीदने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर या बुलियन डीलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

आज के राष्ट्रीय चांदी के रेट

1 ग्राम: ₹234.90–₹235

10 ग्राम: ₹2,349–₹2,350

100 ग्राम: ₹23,490–₹23,500

1 किलोग्राम: ₹2,34,900–₹2,35,000

बाजार का रुख

बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में मुनाफावसूली (Profit Booking) और घरेलू बाजार में मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, आज कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के संकेत और एमसीएक्स (MCX) में होने वाली गतिविधियां आगे कीमतों की दिशा तय करेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग में बदलाव और भारतीय रुपये की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से कीमतों को कुछ समर्थन मिला है। थोक बाजार और वायदा कारोबार (MCX) में चांदी की कीमतों पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के आभूषण, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें। स्थानीय टैक्स, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, इसलिए सोने की ट्रेडिंग सावधानी के साथ हो रही है।

ये भी पढ़ें- LPG Price Today: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ग्राहकों को राहत! जानिए आपके शहर में आज क्या है कीमत

हालांकि, इंटरनेशनल राजनीतिक तनाव आमतौर पर सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) को बढ़ावा देते हैं। लेकिन सख्त मौद्रिक नीति और मजबूत अमेरिकी डॉलर की संभावनाओं ने सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखा है।