NSE के आईपीओ के बारे में बड़ा अपडेट, अगले महीने मिल सकती है सेबी की मंजूरी

सेबी अगले महीने एनएसई के आईपीओ को मंजूरी दे सकता है। मर्चेंट बैंकिंग के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इसके बाद एनएसई के लिए विदेश में रोड शो करने का रास्ता साफ हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ इस साल सितंबर में आ सकता है। यह देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इनवेस्टर्स काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं।

अगले महीने मिल सकता है ग्रीन सिग्नल

मर्चेंट बैंकिंग के सूत्रों के मुताबिक, “मौजूदा रफ्तार से इस आईपीओ को अगले महीने ग्रीन सिग्नल मिल जाने की संभावना है। इश्यू से जुड़े सभी सवालों के जवाब दे दिए गए हैं।” सूत्र ने यह नहीं बताया कि किस तरह के सवालों के जवाब दिए गए हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि ज्यादातर समय इसका संबंध डिसक्लोजर के लैंग्वेज से होता है।

17 जुलाई से विदेश में रोड शो का प्लान

एक दूसरे सूत्र ने कहा, “चूंकि को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे बड़े मसलों को पहले से ही आईपीओ से डीलिंक्ड कर दिया गया है और ये सेटलमेंट प्रोसेस में हैं, जिससे अब बड़ा मसला नहीं रह गया है। इसलिए अब सेबी और एक्सचेंज को बाकी चीजों पर फोकस करना है।” सूत्र ने बताया कि घरेलू निवेशकों के लिए रोड शो का प्लान बन चुका है। मर्चेंट बैंकर्स ने विदेशी निवेशकों के लिए 17 जुलाई से रोड शो का प्लान बनाया है। ये रोड शो अमेरिका, यूनाइटेड किंग्डम, हांगकांग और सिंगापुर में होंगे।

सितंबर में आ सकता है आईपीओ

अगर सबकुछ प्लान के हिसाब से चलता है तो एनएसई का आईपीओ सितंबर में आ सकता है। हालांकि, सबकुछ सेबी के ऑब्जर्वेशन लेटर पर निर्भर करता है। NSE ने आईपीओ के एप्रूवल के समय और रोड शो के बारे में कुछ बताने से इनकार कर दिया। मनीकंट्रोल के सवाल के जवाब में एनएसई के प्रवक्ता ने कहा, “कंपनी (NSE) ने सेबी के पास डीआरएचपी फाइल कर दिया है। इस वक्त हम इससे ज्यादा कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं।”

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एक्सचेंज को भी डिसक्लोजर नियमों का पालन करना है जरूरी

सूत्र ने बताया, “एक्सचेंज और सभी मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस सेबी के नियम के तहत उन सभी नियमों का पालन करते हैं, जिनका पालन दूसरी कंपनियों को करना पड़ता है।” मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) सेबी के सभी डिसक्लोजर नियमों का पालन करते हैं। इसके बाद भी बीएसई और एमसीएक्स के आईपीओ के रिव्यू में लगा समय एक समान नहीं था। बीएसई ने सेबी के पाश 12 सितंबर, 2016 को डीआरएचपी फाइल किया था। उसे सेबी का ऑब्जर्वेशन 30 दिसंबर, 2016 को मिला था। इसके मुकाबले एमसीएक्स का आईपीओ करीब 7 महीने में एप्रूव्ड हो गया था।

जेफरीज ने बताई NSE की एक खास खूबी, 4% टूट गए BSE और MCX के शेयर

BSE-MCX Shares vs NSE IPO: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आईपीओ की तैयारियों में जुटी एनएसई को अधिक डाईवर्सिफाइड कह दिया तो बीएसई और एमसीएक्स के शेयर 4% तक टूट गए। तेज गिरावट के साथ ये निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स के टॉप लूजर बन गए जो खुद 2% कमजोर हुआ है। बता दें कि एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास ₹30 हजार करोड़ के रिकॉर्डतोड़ आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल किया है। इस ड्राफ्ट ने लिस्टेड मार्केट में हलचल बढ़ा दी है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा। अभी देश में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया का है जिसने ₹27858 करोड़ का आईपीओ सालव 2024 में पेश किया था।

NSE को लेकर क्या कहना है Jefferies का

जेफरीज का कहना है कि एनएसई का प्रोडक्ट मिक्स बीएसई और एमसीएक्स की तुलना में अधिक डाईवर्सिफाईड है जिसमें से इंडेक्स ऑप्शंस और कमोडिटी एफएंडओ को छोड़ अधिकतर सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 90% से अधिक है। जेफरीज ने जिक्र किया है कि एनएसई ने वैश्विक पियर्स की तुलना में अपना एक टेक प्रोडक्ट सुईट बनाया है और यह कमोडिटीज बिजनेस में विस्तार कर रही है। एनएसई के क्लियरिंग कॉरपोरेशन की कैश मार्केट में 88% और एफएंडओ मार्केट में 91% हिस्सेदारी है। एनएसई के पास टेक्नोलॉजी और डेटा ऑफरिंग्स का एक सुईट है जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 13% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक ओवरऑल इंडियन एक्सचेंज का 70% रेवेवन्यू एनएसई का है। इसके पोर्टफोलियो में इक्विटी कैश, इंडेक्स ऑप्शंस, सिंगल स्टॉक ऑप्शंस, इक्विटी फ्यूचर्स, कमोडिटी एफएंडओ, बॉन्ड्स और करेंसी डेरिवेटिव्स हैं।

कंपनी के सेहत की बात करें तो जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि कोलोकेशन और डार्क फाइबर केस से जुड़े प्रोविजंस में ₹1390 करोड़ और टीएपी मामले में ₹670 करोड़ के पेमेंट्स ने मिलकर एनएसई के वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के ऑपरेशनल ईबीआईटीडीए पर दबाव डाला। जेफरीज के मुताबिक सेबी सेटलमेंट फीस एक बार का होता है तो इसे निकालने पर देखें तो एनएसई का नॉर्मलाइज्ड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए मार्जिन 76-77% पर काफी हद तक स्थिर है।

Options कितनी कमाऊ है एक्सचेंजेज के लिए?

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2020-26 के बीच इक्विटी ऑप्शंस सालाना 56% की रफ्तार से बढ़ा जबकि कैश मार्केट टर्नओवर इस दौरन 19% की ही रफ्तार से बढ़ा। ऑप्शंस प्रीमियम का एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) वित्त वर्ष 2026 में डेली कैश मार्केट मार्केट टर्नओवर का 70% रहा। इस प्रकार इंडियन एक्सचेंजेज पर ऑपरेटिंग रेवेन्यू की 70% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक यह एक्सचेंजों के रेवेन्यू को मार्केट परफॉरमेंस साइकिल से जोड़ता है क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग प्राइस की बजाय वोलेटिलिटी से अधिक जुड़ी है। अमेरिका से तुलना करें तो भारत में ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के ट्रेड्स अधिक हैं लेकिन प्रीमियम पांचवा हिस्सा।

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Stocks to Watch: 6 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Titan-Trent समेत इन शेयरों पर आज Nifty की एक्सपायरी को रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में हल्की बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 9.50 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,501.50 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 06 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 521.16 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 78,285.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.50 प्वाइंट्स यानी 0.66% के उछाल के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज आएंगे रिजल्ट

चंबल ब्रूअरीज एंड डिस्टिलरीज आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

तिमाही कारोबारी अपडेट

Titan Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस 37%, इंटरनेशनल बिजनेस 128%, कंज्यूमर बिजनेस 41%, घड़ियों का बिजनेस 23% और आईकेयर बिजनेस 23% की रफ्तार से बढ़ा। इसके अलावा कंपनी का एमर्जिंग बिजनेस 19% और ज्वैलरी बिजनेस भी जून तिमाही में सालाना आधार पर 39% की रफ्तार से बढ़ा। जून तिमाही में कंपनी ने देश में 76 और देश के बाहर 1 स्टोर खुला और अब इसके कुल 3680 स्टोर्स हो गए हैं।

Trent Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ट्रेंट का स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹5,666 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 1 वेस्टसाइज स्टोर और 19 जूडियो स्टोर खोला और अब इसके पास कुल 1312 स्टोर्स हैं।

Jubilant FoodWorks Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 14.1% की रफ्तार से बढ़कर ₹2,569.3 करोड़, स्टैंडएलोन रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹1,848.5 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 2.5% रही और कंपनी ने जून तिमाही में 76 स्टोर्स जोड़े जिसके बाद इसके 3712 स्टोर्स हो गए।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Hexaware Technologies

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने अमेरिकी मार्केट में लिस्टेड स्मार्टरेंट के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

Torrent Pharmaceuticals

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद ने जेबी केमिकल्स एंड फार्मा के टोरेंट फार्मा के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। अब विलय की यह योजना RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा करने के बाद लागू होगी।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज की सब्सिडियरी VBL इंडस्ट्रीज (केन्या) ने देवयानी फूड इंडस्ट्रीज (केन्या) के वैल्यू-एडेड डेयरी बेवरेजेज, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बिजनेस को $3.2 करोड़ (₹305 करोड़) में खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया है।

Blue Jet Healthcare

ब्लू जेट हेल्थकेयर ने 6 जुलाई को अपना QIP इश्यू प्रति शेयर ₹531.7 के भाव पर लॉन्च किया। कंपनी फ्लोर प्राइस पर 5% का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Concord Enviro Systems

अनीश गोएल ने कॉनकार्ड एंवायरो सिस्टम्स के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है जो 21 जुलाई को प्रभावी होगा।

RITES

राइट्स को दक्षिण अफ्रीका की वोलांटिस एसेट फाइनेंस से 4,000 HP के केप गेज डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग के लिए $3.58 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

TANFAC Industries

टैनफैक इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2,341 के भाव पर 7.41 लाख इक्विटी शेयरों के ₹173.5 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर अनुपम रसायन इंडिया का ₹135 करोड़ का निवेश शामिल है, और बाकी हिस्सा एलरॉक्स एंटरप्राइजेज, विवेक जैन (एक्शन ग्रुप) और तत्वम ट्रेड (निवेशाय इन्वेस्टमेंट्स)जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सब्सक्राइब करेंगे।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल विंडो आज खुल रहा जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,400 तय किया गया है। सरकार इस इश्यू के जरिए कंपनी में 5.04% हिस्सेदारी बेचेगी।

बल्क डील्स

Karnika Industries

सेजवन (SageOne) ने अपने फ्लैगशिप और कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ग्रोथ ओई फंड के जरिए कोलकाता की कर्णिका इंडस्ट्रीज के 19.91 लाख शेयर (3.2% हिस्सेदारी) ₹18.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹91.33 के भाव पर खरीदे हैं।

Agarwal Toughened Glass India

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ग्रीन पोर्टफोलियो ने प्रति शेयर ₹137.74 के भाव पर अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया के 92,400 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹1.27 करोड़ तो द गोल्डन बर्ड इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट-I ने प्रति शेयर ₹138.61 के भाव पर ₹2.86 करोड़ में 2.06 लाख शेयर (1.16% हिस्सेदारी) खरीदे। वहीं दूसरी तरफ वीपीके ग्लोबल वेंचर्स फंड-स्कीम 1 ने प्रति शेयर ₹139.52 के भाव पर ₹2.09 करोड़ में 1.5 लाख शेयर (0.84% हिस्सेदारी) बेचे। मार्च 2026 तक इस फंड के पास अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया में 3.18% होल्डिंग थी।

लिस्टिंग

आज तेजा इंजीनियरिंग और विनीत मोबाइल के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स, सीमैक्स रिसोर्सेज, अथर्व पॉलीप्लास्ट, और तेजा इंजीनयरिंग इंडस्ट्रीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज सन फार्मा, जेएसडब्ल्यू स्टील, सेरा सैनिटीवेयर, डोडला डेयरी और एलकेपी सिक्योरिटीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Happy Steels IPO: 9 जुलाई को खुलेगा हैपी स्टील्स का आईपीओ, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

Happy Steels IPO: हैपी स्टील्स का आईपीओ 9 जुलाई को खुल जाएगा। यह पंजाब की कंपनी है, जो प्रिसिजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी आईपीओ में 37.88 लाख नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। अगले हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्तता वाला होगा। अगले हफ्ते 3 आईपीओ आने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ होगा।

Happy Steels ने 62-66 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 94 करोड़ रुपये होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी इस इश्यू से 25 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू 11 जुलाई को बंद होगा।

कंपनी एक्सल्स, लॉन्ग स्पिलिन शॉफ्ट्स और स्पिंडल्स की सप्लाई ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को करती है। यह घरेलू कंपनियों के साथ ही विदेश कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी से आईपीओ से आए पैसे में से 13.15 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। इसके लिए वह नई मशीनें खरीदने वाली है।

हैपी स्टील्स आईपीओ से आए पैसे में से 4.98 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस साल मार्च के अंत में कटिंग प्रोसेस के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता सालाना 8,640 मीट्रिक टन की थी। फोर्जिंग प्रोसेस की इसकी क्षमता 7,776 मीट्रिक टन थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में हैपी स्टील्स ने 7.1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह एक साल पहले के 2.3 करोड़ रुपये के उसके मुनाफे के तीन गुना से ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.1 करोड़ रुपये था।

हैपी स्टील्स के शेयर 16 जुलाई को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज और मास्टर कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। इस हफ्ते शेयर बाजारों में लगातार तीन दिन तेजी दिखी। इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।

Vedanta Oil and Gas share: वेदांता ऑयल के शेयरों की बुलेट जैसी रफ्तार, जानिए क्या है एनालिस्ट्स की राय

Vedanta Oil and Gas share: वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में 2 जुलाई को 17 फीसदी उछाल आया। शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। एक दिन पहले शेयर का भाव 20 फीसदी चढ़ा था, जिसके बाद अपर सर्किट लग गया था। बीते दो दिनों में यह शेयर करीब 37 फीसदी चढ़ चुका है।

15 जून को लिस्ट हुआ था शेयर

गुरुवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर एनएसई पर 45.69 रुपये पर पहुंच गया। 15 जून को यह शेयर एनएसई पर 38 रुपये और बीएसई पर 39 रुपये पर लिस्ट हुआ था। गुरुवार को 45 रुपये की कीमत का मतलब है कि यह शेयर एनएसई में अपने लिस्टिंग प्राइस से 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है।

ग्रोथ के लिए कंपनी का बड़ा प्लान

ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी ने एनालिस्ट मीट में प्रोडक्शन बढ़ाने, रिजर्व को बढ़ाने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ाने के बारे में विस्तार से बताया। कंपनी का मानना है कि पूरे राजस्थान, कोस्टल एसेट्स, उत्तरपूर्व भारत और डीपवाटर में कंपनी के लिए ग्रोथ की काभी संभावनाएं हैं। इसे ऑयल रिकवरी प्रोग्राम पर सरकार के बढ़ते फोकस का भी फायदा मिलेगा।

ऑपरेटिंग खर्च बढ़ाने पर फोकस

पीएल कैपिटल के एनालिस्ट्स का कहना है कि वेदांता् ऑयल FY29 तक उत्पादन बढ़ाकर दोगुना करना चाहती है। कंपनी का फोकस ऑपरेटिंग खर्च घटाने पर भी है। FY26 में यह 16.5 डॉलर प्रति बैरल था। कंपनी इसे घटाकर 10-13 डॉलर प्रति बैरल तक लाना चाहती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी ने एसेट-लेवल रोडमैप के बारे में बताया है। शॉर्ट टर्म में कई फैक्टर्स कंपनी को प्रोडक्शन बढ़ाने में हेल्पफुल हो सकते हैं।

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1 जुलाई को T2T से बाहर आया शेयर

वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर के शेयर 15 जून को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था। T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है। 1 जुलाई को ये शेयर टी2टी से बाहर आ गए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

LIC सहित इन 8 कंपनियों और बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, IDBI Bank का शेयर 2.46% उछला

सरकार एलआईसी सहित 8 बड़ी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने सरकार की वित्तीय सेहत पर दवाब बढ़ा दिया था। वित्तीय सेहत ठीक करने के लिए सरकार विनिवेश पर फोकस बढ़ाना चाहती है। इसके लिए एलआईसी, हिंदुस्तान जिंक सहित 8 कंपनियों में अगले कुछ महीनों में विनिवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इनमें कुछ सरकारी बैंक भी शामिल हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

LIC में हिस्सा बेचने से 10000 करोड़ मिल सकते हैं

Life Insurance Corporation (LIC) देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। ब्लूमबर्ग ने पहले खबर दी थी कि इस कंपनी में हिस्सेदारी बेच सरकार 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। Hindustan Zinc के शेयरों में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को 5,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी हर हफ्ते इस बारे में मीटिंग कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट बैंकर्स इनवेस्टर्स डिमांड का पता लगा रहे हैं। वे शेयरों की कीमत और बिक्री के समय के बारे में भी विचार कर रहे हैं। मामले से जुड़े लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

IDBI Bank के लिए भी नई बोलियां आमंत्रित की जा सकती हैं

इस मामले के बारे में जानकारी देने वाले लोगों ने यह भी बताया कि भविष्य में कुछ और सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए अतिरिक्त बैंकर्स की नियुक्ति की जा रही है। अथॉरिटीज IDBI Bank में ब़ड़ी हिस्सेदारी बेचने के लिए नई बोलियां (bids) आमंत्रित करने के बारे में भी सोच रही है। इसके लिए सरकार रिजर्व प्राइस में कमी कर सकती है। इससे पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया इसलिए रोक दी गई थी, क्योंकि खरीदारों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। 2 जुलाई को IDBI Bank के शेयर में तेजी दिखी। यह 2.46 फीसदी चढ़कर 84.30 रुपये पर चल रहा था।

विदेशी निवेशकों ने इस साल 29 अरब डॉलर की बिकवाली की

इस बारे में पूछने पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सरकार ऐसे वक्त अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इस दौरान निफ्टी में करीब 9 फीसदी की गिरावट में इसका बड़ा हाथ है।

इस साल जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के मेगा आईपीओ भी आएंगे

इस साल Jio Platforms और NSE के आईपीओ भी आने वाले हैं। सरकार के अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के प्लान पर इन आईपीओ का असर पड़ सकता है, क्योंकि ये दोनों ही आईपीओ काफी ज्यादा अमाउंट के होंगे। इस मामले की जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सरकार पहले Coal India और NHPC में हिस्सेदारी बेचकर निवेशकों के रिस्पॉन्स का पता लगाना चाहती है।

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सरकार का विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

सरकार ने इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अप्रैल से जून के दौरान सरकार ने विनिवेश से करीब 2 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) जुटाए  हैं। यह बीते तीन सालों में हर साल विनिवेश से आए कुल अमाउंट से ज्यादा है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.50 फीसदी से ज्यादा मजबूती थी।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stocks to Watch: 24100 के पार Gift Nifty, आज Sensex की एक्सपायरी को V-Mart और Airtel समेत इन पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 142.00 प्वाइंट्स यानी 0.59% की बढ़त के साथ 24,186.00 पर है। चूंकि आज जुलाई सीरीज में सेंसेक्स की पहली वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 01 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

तिमाही बिजनेस अपडेट

Punjab & Sind Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब एंड सिंध बैंक का टोटस बिजनेस 15.33% बढ़कर ₹2.67 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 12.16% बढ़कर ₹1.47 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 19.5% बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए रेश्यो भी 76.19% से सुधरकर 81.18% पर पहुंच गया।

Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 13.6% बढ़कर ₹15.28 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 13.3% बढ़कर ₹8.43 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 13.9% बढ़कर ₹6.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का घरेलू सीएएसए रेश्यो भी 38.97% से सुधरकर 39.64% पर पहुंच गया।

South Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साउथ इंडियन बैंक का टोटल डिपॉजिट्स 11.39% बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 17.01% बढ़कर ₹1.04 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 14.61% बढ़कर ₹41,493 करोड़ और सीएएसए रेश्यो 32.06% से सुधरकर 32.99% पर पहुंच गया।

Tamilnad Mercantile Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 23.04% बढ़कर ₹1.21 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 19.7% बढ़कर ₹64,409 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 27.01% बढ़कर ₹57,306 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 16.94% बढ़कर ₹16,852 करोड़ पर पहुंच गया।

Dhanlaxmi Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर धनलक्ष्मी बैंक का टोटस बिजनेस 21.12% बढ़कर ₹35,188 करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 17.1% बढ़कर ₹19,403 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 26.5% बढ़कर ₹15,785 करोड़ पर पहुंच गया।

Ashiana Housing Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आशियाना हाउसिंग का एरिया बुकिंग सालाना आधार पर गिरकर 5.05 लाख स्क्वेयर फीट से 3.61 लाख स्क्वेयर फीट पर आ गया तो बिके एरिया की वैल्यू भी फिसलकर ₹430.97 करोड़ से ₹357.8 करोड़ पर आ गई।

V-Mart Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी-मार्ट रिटेल का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹1,089 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 1% से 9% पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 15 स्टोर खोले तो 1 बंद किया।

Sai Silks Kalamandir Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में साई सिल्क्स कलामंदिर का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1% गिरकर ₹375 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने कर्नाटक में दो नए स्टोर के जरिए 30 हजार स्क्वेयर फीट का रिटेल स्पेस जोड़ा।

V2 Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी2 रिटेल का स्टैंडएलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 58.25% बढ़कर ₹997 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 5% से 7.5% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 57 नए स्टोर खोले और 1 बंद किया।

JTL Industries Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेटीएल इंडस्ट्रीज की सेल्स वॉल्यूम 18% बढ़कर 1.18 लाख टन पर पहुंच गई।

मंथली बिजनेस अपडेट

Force Motors (June YoY)

जून महीने में फोर्स मोटर्स की टोटल सेल्स सालाना आधार पर 23.5% बढ़कर 3,568 यूनिट्स पर पहुं गई। इसमें घरेलू सेल्स सालाना आधार पर 26.63% बढ़कर 3,547 यूनिट्स पर पहुंचा लेकिन निर्यात 76.14% गिरकर 21 यूनिट्स पर आ गया।

NMDC (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर एनएमडीसी के लौह अयस्क का उत्पादन 44.3% बढ़कर 5.15 टन और इसकी सेल्स 11.2% बढ़कर 3.98 टन पर पहुंच गई।

Stocks to Watch : इन पर भी रहेगी नजर

Lupin

13-17 अप्रैल 2026 के बीच जांच के बाद अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से अमेरिका के न्यू जर्सी के सोमरसेट में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए लुपिन को EIR (एस्टैब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट) मिली है, जिसमें वॉलंटरी एक्शन इंडिकेटेड (VAI) क्लासिफिकेशन को संतोषजनक बताया गया है। वहीं यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने पीडियाट्रिक इन्वेस्टिगेशन प्लान (PIP) के आधार पर NaMuscla के मार्केटिंग ऑथराइजेशन की शर्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी में मौजूदा 167 mg स्ट्रेंथ के अलावा दो नई डोज स्ट्रेंथ-62 एमजी और 83 एमजी कैप्सूल भी शामिल हैं।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ₹750 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ अपने दूसरे ग्लोबल पार्ट्स सेंटर (GPC) का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य में उसका कुल निवेश ₹3,200 करोड़ से ज्यादा हो जाएगा।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज और टेनेको एलएलसी ने मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए अपनी ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। टेनेको अगले पांच वर्षों में इस साझेदारी में $10.0 करोड़ से अधिक का निवेश कर सकती है।

Bharti Airtel

भारती एयरटेल की सब्सिडियरी एयरटेल मनी ने टाइप II नॉन-डिपॉजिट-टेकिंग NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के तौर पर कमर्शियल कामकाज शुरू कर दिया है।

Syngene International

सिद्धार्थ मित्तल ने 1 जुलाई से पीटर बेन की जगह सिनजीन इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ का पद संभाल लिया है।

Studds Accessories

भरत गोयल को 1 जुलाई से स्टड्स एक्सेसरीज का सीएफओ नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने मनीष मेहता को 1 जुलाई से सीएफओ के पद से हटाकर सीनियर मैनेजमेंट कैटेगरी में वाइस प्रेसिडेंट–टैक्सेशन एंड कंप्लायंस बनाया है।

Coal India

कोल इंडिया को बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड से 600 MW का सोलर प्लांट लगाने के लिए ₹2,831.11 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है।

Srivasavi Adhesive Tapes

बेंगलुरु रूरल में श्रीवासवी एडहेसिव टेप्स के पॉलिमर डिवीजन (यूनिट 5) ने एक ग्लोबल मल्टीनेशनल कंपनी के साथ पर्चेजिंग एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी PP, HDPE, फैब्रिक और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की सप्लायर बन गई है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नौमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की मल्टी-बिलियन डॉलर की फार्मेसी चेन के साथ अपने लॉन्ग टर्म एक्सक्लूसिव OTC (ओवर-द-काउंटर) दवा सप्लाई एग्रीमेंट को रिन्यू किया है। नए एग्रीमेंट में प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाई गई है, समय-सीमा बढ़ाई गई है और कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू भी काफी ज्यादा है। रिन्यू हुए एग्रीमेंट की वैल्यू साढ़े सात साल की बढ़ी हुई अवधि के लिए AUD 20.2 करोड़ (लगभग ₹1,300 करोड़) यानी सालाना लगभग AUD 2.7 करोड़ है। इस एग्रीमेंट में आपसी सहमति से इसे और तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी शामिल है।

लिस्टिंग

आज सीएसएम टेक के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज लॉयड्स एंटरप्राइजेज और चेमबॉन्ड मैटेरियल टेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात एनर्जी के स्पिन ऑफ की भी आज एक्स-डेट है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।