Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Crude Oil Price: US-ईरान शांति बातचीत के बीच ट्रंप की नई धमकी से डरा क्रूड बाजार, कीमतों में आया 2% का उछाल, ब्रेंट $82 के निकला पार

Crude Oil Price: सोमवार, 22 जून को तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर हमले जारी रखता है तो ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन हो सकता है। इससे यह चिंता बढ़ गई कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति बातचीत में रुकावट आ सकती है।

सोमवार को मार्केट खुलने पर ब्रेंट क्रूड 2.2% तक बढ़कर $82.30 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $78 के निशान से ऊपर चढ़ गया।

आज कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

रविवार को बातचीत की शुरुआत अनिश्चित थी, जब ईरानी मीडिया ने बताया कि ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान ने स्विट्जरलैंड में बातचीत रोक दी है। हालांकि, बातचीत से जुड़े सूत्रों ने कहा कि बातचीत जारी है। ईरान ने इज़राइल पर लेबनान में सीज़फ़ायर तोड़ने का भी आरोप लगाया।

स्विस रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई हाई-लेवल बातचीत 60 दिन के बातचीत के समय की शुरुआत है, जो पिछले हफ़्ते ट्रंप के तनाव कम करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन करने के बाद शुरू हुई थी। हालांकि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, लेकिन वीकेंड में इस ज़रूरी पानी के रास्ते से तेल की सप्लाई ज़्यादातर बिना रुके जारी रही।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत सोमवार सुबह तक चली और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन को सुरक्षित रखने और दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीज़फ़ायर का पालन पक्का करने जैसे मुद्दों पर फोकस रही।

फॉक्स न्यूज़ ने ट्रंप के हवाले से कहा कि उन्होंने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी थी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे, और कहा कि वे ईरान वापस नहीं जाएंगे।

इस बीच, हाल के हफ़्तों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, हालांकि वे अभी भी लड़ाई से पहले के लेवल से ऊपर हैं। यह गिरावट रिफाइनरियों द्वारा कुछ समय के लिए विकल्प ढूंढने और इस उम्मीद को बढ़ाने की वजह से हुई है कि लड़ाई का आखिरकार हल ग्लोबल एनर्जी मार्केट के तेज़ी से नॉर्मल होने का रास्ता बना सकता है।

नई अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को थोड़ा बढ़ा दिया है, यह एक ऐसा डेवलपमेंट है जो जल्द ही सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। इन्वेस्टर्स बातचीत से आगे की हेडलाइंस पर फोकस कर सकते हैं, क्योंकि प्रोग्रेस या बढ़ोतरी के किसी भी संकेत का एनर्जी की कीमतों और बड़े मार्केट सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और अभी $77–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रही हैं, जबकि हाल ही में यह लगभग $73 प्रति बैरल तक गिर गई थी।”

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ईरान बोला-लेबनान में हमला रुका तभी अमेरिका से बातचीत करेंगे:स्विट्जरलैंड में पहले दौर की मीटिंग खत्म, 3 मुद्दों पर अभी भी पेंच फंसा

ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहली ही बैठक में दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद सामने आ गए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने कहा कि आगे की बातचीत तभी संभव है जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष पूरी तरह खत्म हो। फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों पक्षों की अगली बैठक कब होगी। बातचीत में पाकिस्तान और कतर के अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। बीबीसी ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि, बातचीत में 3 अहम मुद्दों पर पेंच फंसा रहा। इनमें होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलने को लेकर ईरान के अलग-अलग बयानों को स्पष्ट करना, दक्षिणी लेबनान में सीजफायर लागू कराना और परमाणु समझौते से जुड़ी बातें शामिल थीं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उसने लेबनान में हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका फिर से उस पर हमला कर सकता है। ईरान ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले हिजबुल्लाह को रोको, वरना फिर हमला करेंगे: ट्रम्प ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्लाह को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगा। 2. वेंस बोले- अमेरिका और ईरान मिलकर शांति के लिए काम करेंगे: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। 3. होर्मुज स्ट्रेट पर सस्पेंस के बीच अमेरिका बोला- 24 घंटे में 67 जहाज गुजरे: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के दावे के बावजूद अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि समुद्री यातायात जारी है। अमेरिका ने वैकल्पिक मार्ग भी खोला है और जहाजों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। 4. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4,100 के पार: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत और 12,153 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। 5. ईरान का दावा- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

‘एक मेरी पत्नी, दूसरे….’, जेडी वेंस ने बताए अपने दो पसंदीदा लोग, एक भारतीय तो दूसरा निकला पाकिस्तानी

स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में जहां एक ओर पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के एक बयान सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोर रहा है। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को अपनी जिंदगी के दो सबसे पसंदीदा लोगों के नाम बताए। इसमें एक भारतीय तो दूसरा पाकिस्तानी निकला। वेंस ने जिन दो लोगों को अपना सबसे पसंदीदा बताया, उसमें उनकी भारतीय पत्नी ऊषा वेंस और दूसरे पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।

जेडी वेंस ने कही ये बात

वेंस ने अपनी जिंदगी के दो सबसे महत्वपूर्ण लोगों का जिक्र करते हुए अपनी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम लिया। उच्चस्तरीय वार्ता की शुरुआत में जेडी वेंस ने बातचीत को संभव बनाने में पाकिस्तान के नेताओं की भूमिका के लिए उनका धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में एक मजाक भी किया। वेंस ने कहा, “मैं अक्सर मजाक में कहता हूं कि मेरी जिंदगी में दो बेहद अहम लोग हैं। एक भारतीय हैं और एक पाकिस्तानी। भारतीय मेरी पत्नी उषा वेंस हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।”

मुनीर को लेकर कही ये बात

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राजनयिक प्रयासों में सहयोग देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सराहना की। उन्होंने दोनों नेताओं को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए उनकी भूमिका की प्रशंसा की। वेंस ने कहा, “पिछले तीन महीनों में मैंने शायद किसी और व्यक्ति की तुलना में फील्ड मार्शल मुनीर से सबसे ज्यादा बातचीत की है। उनकी समझ और दूरदर्शिता के बिना मैं आज यहां मौजूद नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा कि आसिम मुनीर न सिर्फ एक कुशल सैन्य नेता हैं, बल्कि उन्होंने खुद को एक प्रभावी और सक्षम राजनयिक के रूप में भी साबित किया है।

जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को इस स्तर तक पहुंचाने में आसिम मुनीर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शुरुआती सहमति को आगे बढ़ाना और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव को कम करना है। वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। इनमें होर्मुज को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मामलों पर बातचीत को आगे बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते पर काम करना जारी रखेगा।

‘हिजबुल्लाह को गड़बड़ी करने से तुरंत रोकना, नहीं तो ईरान में तबाही मचा देंगे’, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपने प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह को लेबनान में परेशानी पैदा करने से नहीं रोकता, तो अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान को तुरंत अपने महंगे प्रॉक्सी को ले

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Alia Bhatt: ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में ‘एपस्टीन आइलैंड’ के जोक पर न हंसने के लिए आलिया भट्ट की लोगों ने का तारीफ, समय रैना हुए ट्रोल

Alia Bhatt: समय रैना के शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के नए सीज़न के प्रीमियर पर आलिया भट्ट और शरवरी पहली सेलिब्रिटी गेस्ट थीं। सीज़न 2 के प्रीमियर में कुछ स्टैंड-अप परफॉर्मेंस हुईं, जिनमें से एक में एक कॉमेडियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नकल की। ​​अमेरिका-ईरान के झगड़े से लेकर बॉलीवुड गाना गाने तक, पूरी परफॉर्मेंस में बहुत मज़ेदार पल थे।

हालांकि, एपस्टीन आइलैंड को लेकर की गई एक खास टिप्पणी ने अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोगों को लगा कि जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मज़ाक करने की ज़रूरत नहीं थी, जिसका इस्तेमाल दशकों तक ‘यौन शोषण के अड्डे’ के तौर पर किया गया था। एपिसोड के दौरान आलिया उस मज़ाक पर नहीं हंसीं। उनके इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर तारीफ़ हो रही है।

कंटेस्टेंट अविनाश अग्रवाल, जिन्होंने ट्रंप के अंदाज़ और बोलने के लहज़े की हूबहू नकल की थी, उन्हें एपिसोड का विजेता घोषित किया गया। एक मौके पर उन्होंने कहा, “आपको तेल चाहिए? मेरे दोस्त, आइलैंड पर आ जाओ। वहां बहुत तेल है।” जब दर्शक उत्साह दिखा रहे थे और समय रैना ताली बजा रहे थे, तब आलिया ने दूसरी तरफ़ देखा और हंसी नहीं।

इस पल पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने कहा, “मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी कि आलिया एपस्टीन आइलैंड पर बने मज़ाक पर नहीं हंसीं।” एक और यूज़र ने कहा, “किसी व्यक्ति की जागरूकता और नैतिक मूल्यों का पता एक छोटे से हाव-भाव से ही चल जाता है। पैनल में मौजूद लोगों में से सिर्फ़ आलिया भट्ट ही थीं, जिन्होंने एपस्टीन आइलैंड से जुड़े मज़ाक पर हंसने से इनकार किया। उस पल में उन्होंने बाकी सभी लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा ईमानदारी और नैतिकता दिखाई।”

एक कमेंट में लिखा था, “क्या हम आलिया भट्ट की तारीफ़ कर सकते हैं कि उन्होंने अपने आस-पास के दबाव के बावजूद एपस्टीन आइलैंड वाले मज़ाक जैसे गंभीर विषय पर नहीं हंसा?” एक दूसरे यूज़र ने कहा, “पैनल में आलिया ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति थीं जो पूरी तरह से चुप और निराश थीं, क्योंकि वह ट्रंप लगातार वॉर क्राइम, सेक्स ट्रैफ़िकिंग, बच्चों के शोषण, होमोफोबिक और पीडोफिलिक मज़ाक कर रहे थे, जो न तो मज़ेदार थे और न ही दिलचस्प।”

वहीं, शो में ऐसे मज़ाक का मनोरंजन करने के लिए समय रैना की आलोचना हुई। एक कमेंट में लिखा था, “एपस्टीन फ़ाइलें कभी भी कोई मज़ाक का विषय नहीं थीं। उन्हें मज़ाक की तरह लेना उन अनगिनत बच्चों के दुख को कम करके आंकना है, जिनका शोषण और दुर्व्यवहार हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।” एक कमेंट में लिखा था, “तो, क्या उस मसखरे समय रैना के लिए एपस्टीन आइलैंड एक मज़ाक है, जबकि वह जानता है कि उस आइलैंड पर बच्चों और महिलाओं के साथ कितनी क्रूरता हुई है? वे सभी हंसे और मज़ाक का आनंद लिया। बीमार लोग।”

‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीज़न YouTube और Netflix पर एक साथ रिलीज़ किया गया था; दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर एपिसोड एक ही फ़ॉर्मैट और अवधि में दिखाए गए।

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी व्यक्ति थे। उनके आइलैंड पर बच्चों के शोषण से जुड़े कई अपराधों की जांच की गई थी, जिसमें राजनीति, कला और व्यापार की दुनिया के कई बड़े लोगों के उनसे जुड़े होने के सबूत मिले थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन के अपराधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। हालांकि, यह मामला राजनीतिक रूप से उनका पीछा करता रहा है, खासकर तब से जब उन्होंने अपने 2024 के कैंपेन के दौरान एपस्टीन से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का वादा किया था, लेकिन पद संभालने के तुरंत बाद ऐसा नहीं किया।

2019 में एपस्टीन अपनी जेल की कोठरी में मृत पाए गए थे। अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या माना। तब से इस मामले को लेकर कई तरह की साज़िश की थ्योरी (conspiracy theories) सामने आई हैं, जिनमें से कुछ को ट्रंप ने अपने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान और हवा दी।

Gold Price: अपने रिकॉर्ड स्तर से 28% टूटा गोल्ड! खत्म हो गई तेजी या फिर लौट सकती है चमक?

Gold Price: 2025 में 65% की जोरदार तेजी के बाद 2026 अब तक सोने के लिए खास नहीं रहा है। साल की पहली छमाही में सोना करीब 4% टूट चुका है। जनवरी 2026 के आखिर में सोने ने 5,602 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

लेकिन इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और सोने में तेज गिरावट आ गई। जून में इसका भाव करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। यह रिकॉर्ड स्तर से करीब 28% नीचे था। फिलहाल सोना करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

ईरान-अमेरिका समझौते के बाद क्या बदला?

इस समय बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर है। होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल की कीमतों में नरमी आई है। समझौते की खबर के बाद तेल करीब 15% सस्ता हो चुका है। हालांकि निवेशकों के मन में अब भी सवाल है कि यह समझौता कितने समय तक टिकेगा और क्षेत्र में तनाव सचमुच कम होगा या नहीं।

तेल सस्ता होने पर भी क्यों नहीं बढ़ रहा सोना?

यही सबसे बड़ा सवाल है। आमतौर पर तेल सस्ता होने और तनाव कम होने से सोने को सहारा मिलता है। लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है। फिलहाल सोने की चाल तेल नहीं, बल्कि अमेरिकी ब्याज दरें तय कर रही हैं।

सोने की कीमत पर एक साथ कई चीजें असर डालती हैं। इनमें महंगाई, ब्याज दरें, डॉलर और वैश्विक घटनाक्रम शामिल हैं। इस समय सबसे ज्यादा असर ब्याज दरों का दिख रहा है।

अमेरिकी फेड बना सबसे बड़ी चुनौती

17 जून को हुई अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद संकेत मिले कि 2026 में कम से कम एक बार और ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भी साफ किया कि महंगाई को काबू में रखना उनकी प्राथमिकता है। इससे ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ गई है।

ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जातीं। वजह यह है कि सोना कोई ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशकों का रुझान दूसरे विकल्पों की तरफ बढ़ सकता है।

डॉलर भी डाल रहा दबाव

2026 में डॉलर इंडेक्स करीब 2.6% मजबूत हुआ है। दूसरी तरफ सोना करीब 4% गिरा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इसका असर मांग पर पड़ता है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

एक्सपर्ट्स की गोल्ड पर राय

LKP Securities में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी & करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद सोने पर दबाव बढ़ गया है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और सोने जैसी ऐसी एसेट्स की चमक कुछ कम हुई है, जो कोई ब्याज नहीं देतीं। फेड के सख्त रुख के बाद बुलियन बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर रखनी चाहिए। बातचीत में किसी भी तरह की प्रगति या रुकावट कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।

क्या खत्म हो गई तेजी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई काबू में आती है और फेड ब्याज दरें घटाने की तरफ बढ़ता है, तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है। दूसरी तरफ अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है, तब भी सोना निवेशकों के लिए बचाव का एक अहम विकल्प बना रह सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक पिछले कई सालों से लगातार सोना खरीद रहे हैं। उनका भरोसा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में सही समय पकड़ने की कोशिश करने के बजाय पोर्टफोलियो की 5% से 10% रकम सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में रखना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3000 तक हुआ सस्ता, चांदी ₹10000 लुढ़की

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Toxic Release Date: ‘टॉक्सिक’ की नई रिलीज़ डेट का ऐलान, यश की फिल्म अब अगस्त 2026 में देगी दस्तक

Toxic Release Date: यश की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स’ के मेकर्स ने आखिरकार फ़िल्म की रिलीज़ डेट तय कर ली है। यह फ़िल्म अब इस साल 26 अगस्त को रिलीज़ होगी।इस की आधिकारिक घोषणा 2023 में मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स और वेंकट के. नारायण के KVN प्रोडक्शन्स ने की थी। फ़िल्म की शूटिंग अक्टूबर 2024 में शुरू हुई।

शुरू में इसे 10 अप्रैल 2025 को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन शूटिंग और प्रोडक्शन में देरी के कारण इसे लगभग एक साल आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद फ़िल्म के लिए 19 मार्च 2026 की तारीख तय की गई, जो ईद, गुड़ी पड़वा और उगादि के समय के हिसाब से है।

हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और उसके बाद गल्फ में पैदा हुए संकट की वजह से ‘Toxic’ की रिलीज़ डेट को एक बार फिर 19 मार्च से बदलकर 4 जून कर दिया गया। बयान में कहा गया, “‘Toxic’ बनकर तैयार है और हम अभी ग्लोबल लेवल पर इसके डिस्ट्रीब्यूशन और पार्टनरशिप को व्यवस्थित कर रहे हैं। इसे देखते हुए हमने अपनी रिलीज़ की टाइमलाइन में बदलाव करने का फ़ैसला किया है।

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हालांकि हम पहले घोषित तारीख यानी 4 जून को इसे रिलीज़ नहीं करेंगे, लेकिन हम इसे बाद में किसी ऐसी तारीख पर रिलीज़ करेंगे जो ग्लोबल लेवल पर सही हो। ‘Toxic’ जल्द ही दुनिया भर के सिनेमाघरों में आएगी।” ‘वैरायटी’ को दिए एक पुराने इंटरव्यू में यश ने अपनी फ़िल्म में हुई देरी के बारे में बात करते हुए कहा, “यह ऐसी बात है जो मेरे फ़ैन्स या भारत के लोगों को पसंद नहीं आएगी। वे नाराज़ होंगे क्योंकि सांस्कृतिक रूप से, जब आप फ़िल्म की शूटिंग शुरू करते हैं, तो लोगों के मन में एक टाइमलाइन बन जाती है।”

कन्नड़ और अंग्रेज़ी में लिखी और शूट की गई इस फ़िल्म के हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम डब वर्शन भी होंगे। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे शानदार कलाकार शामिल हैं।

पहले दिया 60 दिनों का अल्‍टीमेटम, फिर दिखाई ईरान को हेकड़ी… ट्रंप ने दी होर्मुज में टोल लगाने की धमकी; क्‍या युद्ध का खर्चा निकालने की है प्‍लानिंग?

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 100 दिनों के युद्ध के बाद समझौता हो गया है। समझौते की बाकी शर्तें किस तरह से पूरी होनी है, इसे लेकर अगले 60 दिनों में बात होगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर

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