शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में 8 जुलाई को बीते तीन महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर से सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ। निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक फिसलकर 23,882 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि 9 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल?

निफ्टी 24000-24150 के सपोर्ट जोन से नीचे

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 24000-24,150 के अपने सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है। यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेज से भी नीचे हैं। इससे शॉर्ट टर्म में इसका टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर लगता है। उन्होंने कहा, “अगला सपोर्ट 23,650-23,800 जोन में है। तेजी की स्थिति में निफ्टी को 24,150-24,300 जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।”

इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल

उन्होंने कहा कि इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल आया है। यह इस बात का संकेत है कि आगे मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। उधर, एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,780-23,750 जोन में है। इस लेवल से गिरने के बाद निफ्टी 23,600 के लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में इसके लिए 24.020-24,050 पर रेसिस्टेंस है।

23800 के सपोर्ट लेवल पर होंगी नजरें

एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है या नहीं। अगर यह इस लेवल को निर्णायक रूप से तोड़ देता है तो करेक्शन का फेज जारी रह सकता है। इस लेवल से ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 9 जुलाई को निफ्टी के लेवल पर होंगी। इस बीच, गिफ्टी निफ्टी में रिकवरी दिखी है। इसका मतलब है कि 9 जुलाई को बाजार में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव रह सकती है।

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बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर

बुधवार को बाजार के करीब सभी सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी, फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों पर दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई। इससे यह संकेत मिलता है कि अचानक बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है।

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 6700 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में 8 जुलाई को बड़ी गिरावट आई। देश और विदेश में बुलियन में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.1 फीसदी गिरकर 4,061.32 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी 2 फीसदी की गिरावट आई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमएसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। गोल्ड फ्यूचर्स 1.16 फीसदी यानी 1,692 रुपये गिरकर 1,43,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.93 फीसदी यानी 6,763 रुपये गिरकर 2,24,201 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। ट्रेडर्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है।

बुलियन पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम को लेकर बातचीत की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है। इस खबर से क्रूड ऑयल की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गईं। इससे महंगाई बढ़ेंगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। फेड की मीटिंग के मिनट्स आज देर रात जारी होंगे। इससे पता चलेगा कि महंगाई को लेकर फेड की क्या सोच है।

फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का खतरा बढ़ा

लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में नरमी आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन का बढ़ना है। फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल और गैस सहित दूसरी चीजों का आवागमन बाधित होगा। इस वजह से ऑयल की कीमतों में उछाल आया।” आज लगातार तीसरा दिन है जब सोने में गिरावट आई है।

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गोल्ड की कीमतों में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर आगे दबाव दिख सकता है। हालांकि, दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। कुछ समय तक इसकी कीमतें सीमित दायरे में ऊपर-नीचे जा सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड में निवेश बढ़ाया। खबर है कि तंजानिया के केंद्रीय बैंक ने बीते 18 महीनों में करीब 28 टन सोना खरीदा है।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से

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Market Outlook : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण 8 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL शामिल रहे।, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ONGC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, सभी अहम इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि वोलैटिलिटी इंडिया VIX में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे-मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और इसके चलते ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 76 डॉलर तक पहुंचने से मार्केट एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में आ गया है। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और इसके क्या नतीजे होंगे, यह अभी अनिश्चित है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफ़ायर खत्म होने के बयान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बयान के बाद डेली चार्ट पर, निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और इसमें 30 मार्च, 2026 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की। ADX इंडिकेटर में, DI- ने DI+ को पार कर लिया है, जिससे पता चलता है कि बेचने वालों ने खरीदने वालों पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, RSI में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो मंदी के रुझान के बढ़ने का संकेत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप सीज़फायर खत्म होने के बयान के बाद इन्वेस्टर्स ने जोखिम से दूर रहने की नजरिया अपना लिया, जिससे निफ्टी इंडेक्स 500 अंक से ज्यादा गिर गया। ऊपर की ओर कंसोलिडेशन के बाद इंडेक्स में गिरावट आई, जिससे हालिया उत्साह कम हो गया। हालांकि, इसे 23,070 से 24,348 तक की पिछली रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,800 के आसपास है) के पास सपोर्ट मिला।

आगे यह देखना अहम होगा कि क्या निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर यह 23,800 के नीचे टूटता है, तो जारी करेक्शन का दौर और लंबा खिंच सकता है। वहीं, अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो निकट भविष्य में अच्छी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज सेशन में घरेलू शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव हो गया, जिससे हालिया बढ़त खत्म हो गई। इसकी वजह वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना रहा। महंगाई की चिंताएं भी फिर से बढ़ गईं हैं। इससे भारत और अमेरिका, दोनों जगह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा और इंडिया VIX में जबरदस्त उछाल आया। हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। यह मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों से रिस्क लेने से बचने के ट्रेंड का संकेत है। साथ ही, पहली तिमाही के कमजोर अनुमानों के कारण नतीजों से पहले की घबराहट ने भी बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आने वाले नतीजे शायद अकेले दम बाजार में बड़ी उठापटक न कर पाएं, लेकिन निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या दूसरी तिमाही में भी कमजोर नतीजे जारी रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो FY27 में घरेलू नतीजों और बाजार के प्रदर्शन में सुधार में देरी हो सकती है।

आगे चलकर बाजार की दिशा तय करने में फेड की जुलाई पॉलिसी मीटिंग के नतीजों, अमेरिका के मौजूदा आपसी टैरिफ समझौते की समय-सीमा खत्म होने के असर और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के स्तर की अहम भूमिका होगी।

 

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

 

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₹7 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 1677 अंकों की गिरावट, Nifty भी 23900 के नीचे बंद

Sensex-Nifty closes deep red: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने का ऐलान किया तो घरेलू मार्केट में कोहराम मच गया। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 1900 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24800 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल रहे। हालांकि सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और एफएमसीजी स्टॉक्स ने डाला। पीएसयू और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक टूट गए तो निफ्टी एफएमसीजी भी करीब ढाई फीसदी नीचे आ गया। ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा तो निफ्टी आईटी भी 1% से अधिक कमजोर हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹7 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1921.69 प्वाइंट्स टूटकर 76,259.03 तक और निफ्टी 593.55 प्वाइंट्स गिरकर 23,805.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹7.89 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 07 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,67,747.45 करोड़ था। आज यानी 08 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,71,78,619.13 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹7,89,128.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सभी शेयर लाल

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज कोई भी ग्रीन जोन में नहीं बंद हुआ है। सबसे अधिक गिरावट इंडिगो,मारुति और एचयूएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex a1

116 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4454 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1093 शेयर आज मजबूत हुए तो 3186 में गिरावट रही जबकि 175 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 116 शेयर एक साल के हाई और 104 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Bank Nifty View : बुधवार दोपहर को बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त बिकवाली आई। इसके चलते बैंक निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों के बाद बाजार का मूड खराब हो गया, जिससे इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑफ बिकवाली (जोखिम से बचने के लिए बिकवाली) शुरू हो गई। फिलहाल, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.10 प्रतिशत गिरकर 56,977 के आसपास आ गया है जो 57,000 के स्तर से काफी नीचे है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.08 प्रतिशत गिरा है। पूरे मार्केट पर भी भारी दबाव दिख रहा है। सेंसेक्स 1,514.13 अंक या 1.94 प्रतिशत गिरकर 76,666.59 पर और निफ्टी 462.40 अंक या 1.90 प्रतिशत गिरकर 23,936.30 पर आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 25 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, जो मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है।

ट्रंप के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, बिकवाली (selloff) और तेज़ हो गई। ट्रंप के इस बयान से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

बैंकिंग शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई है। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इसके शेयर लगभग 3.4 प्रतिशत गिरे हैं। इसके बाद बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। ICICI बैंक, केनरा बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, यस बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडसइंड बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा। इनमें 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

बुधवार को आई इस भारी गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट बैंक निफ्टी के बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर को अभी भी पॉजिटिव मान रहे हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है और 58,600-58,700 का जोन अभी भी अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। अगर यह इंडेक्स लगातार इस रेंज से ऊपर बना रहता है, तो इसके लिए 59,000 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

दूसरी ओर एनालिस्ट 57,800-57,500 के दायरे को निकट भविष्य के लिए एक अहम सपोर्ट जोन मान रहे हैं। बजाज ब्रोकिंग ने 57,000-56,800 के दायरे को एक अहम डिमांड एरिया बताया है, जहां पिछले तीन हफ्तों में खरीदारी देखी गई है। उनका कहना है कि अगर यह सपोर्ट जोन बना रहता है, तो मौजूदा कंसोलिडेशन को अच्छे बैंकिंग शेयरों को धीरे-धीरे जमा करने के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।

Trading Strategy : अभी फिलहाल कोई नया ट्रेड नहीं है, पश्चिम एशिया में होने वाले एक्शन पर बनी रहे नजर

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ट्रंप के सीजफायर खत्म होने के ऐलान से शेयर बाजार धड़ाम, 1600 फिसला सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाजारों में दोपहर बाद अचानक बड़ी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो चुका है। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश कर गए। 2 बजे निफ्टी 1.84 फीसदी यानी 434 अंक गिरकर 23,971 पर आ गया। सेंसेक्स 1.84 यानी 1500 अंक गिरकर 76,740 पर आ गया। बैंक शेयरों में भी बड़ी गिरावट दिखी, जिससे बैंक निफ्टी 1.96 फीसदी क्रैश कर गया।

US-Iran Tension: ‘ईरान के साथ सीजफायर खत्म…’ ट्रंप का बड़ा ऐलान, मिडिल ईस्ट में फिर से भयंकर तबाही की आहट

Donald Trump on Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब पूरी तरह से कूटनीतिक युद्ध में बदल चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बेहद चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब पूरी तरह से ‘खत्म’ हो चुका है।

अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ मौजूद ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करना सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी है।

‘मेरे लिए अब समझौता खत्म’: डोनाल्ड ट्रंप

मिडिल ईस्ट में दोनों देशों के बीच जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान आग में घी का काम कर रहा है। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा, ‘जहां तक मेरा सवाल है, ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब खत्म हो चुका है।’ ट्रंप ने अपने आक्रामक अंदाज में ईरानी लीडरशिप को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ईरानी नेताओं को ‘झूठा’, ‘नीच’ और ‘सनकी/बीमार लोग’ तक कह डाला।

बातचीत के सारे रास्ते बंद?

डोनाल्ड ट्रंप के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब ईरान के साथ किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इन लोगों (ईरानी नेताओं) के साथ डील करने का अब कोई मतलब नहीं रह गया है, यह सिर्फ वक्त जाया करना है। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ और ज्यादा सख्त और सीधी सैन्य कार्रवाई का रुख अपना सकता है।

क्यों बढ़ा अचानक इतना तनाव?

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इसके पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं से जुड़े 85 ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर घुसकर 80 से ज्यादा ठिकानों को तबाह करने के विरोध में किया गया था।

LPG Price Today: दिल्ली से पटना तक क्या है घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम? चेक करें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: 8 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। इससे करीब एक हफ्ते पहले यानी 1 जुलाई को तेल कंपनियों ने इस साल पहली बार 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 183.50 रुपये कम किए थे। जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,930 रुपये, मुंबई में 2,885.50 रुपये और कोलकाता में 3,081.50 रुपये हो गई थी।

इसके अलावा, सरकारी तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर के दाम में भी 13 रुपये की कमी की है। इसे आमतौर पर मुन्ना या छोटू सिलेंडर भी कहा जाता है। अब इसकी कीमत 808.50 रुपये हो गई है।

वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू कुकिंग गैस की कीमत में 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। उस समय कीमतें ₹29 बढ़ाई गई थीं, जो 28 फरवरी को शुरू हुए US-ईरान संघर्ष के बाद दूसरी बार की गई बढ़ोतरी थी। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट आई, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई में दिक्कतें हुईं।

शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के लेटेस्ट रेट यहां देखें

शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो)
नई दिल्ली₹942.00₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
कोलकाता₹968.00₹3,081.50 (₹174 की कटौती)
मुंबई₹941.50₹2,885.50 (₹182 की कटौती)
चेन्नई₹957.50₹3,106 (₹177 की कटौती)
गुरुग्राम₹950.50₹2,947.50 (₹182.50 की कटौती)
नोएडा₹939.50₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
बेंगलुरु₹944.50₹3,021 (₹177 की कटौती)
भुवनेश्वर₹968₹3,114.50 (₹175.50 की कटौती)
चंडीगढ़₹951.50₹2,954.50 (₹181.50 की कटौती)
हैदराबाद₹994₹3,191 (₹176 की कटौती)
जयपुर₹945.50₹2,957.50 (₹183.50 की कटौती)
लखनऊ₹979.50₹3,052.50 (₹183.50 की कटौती)
पटना₹1,031.50₹3,227 (₹173 की कटौती)
तिरुवनंतपुरम₹951₹2,971.50 (₹180.50 की कटौती)

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं

बुधवार को, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में तेजी देखने को मिली।  होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान पर जवाबी हमले किए जाने के बाद तेल की कीमतें बढ़ गईं। वहीं, वाशिंगटन ने तेहरान पर क्रूड की बिक्री से जुड़े प्रतिबंध भी फिर से लागू कर दिए।

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