Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

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Reliance Retail का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंचा

रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 84,171 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से एबिड्टा 1.8 फीसदी गिरककर 5,935 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,044 करोड़ रुपये था।

टैक्स बाद प्रॉफिट 2806 करोड़ रुपये

रिलायंस रिटेल का टैक्स बाद प्रॉफिट जून तिमाही में 2,806 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 7.9 फीसदी रहा। कंपनी ने 17 जुलाई को यह जानकारी दी। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल इकाई है।

सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल का अच्छा प्रदर्शन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। हमारा ओमिनी-चैनल करोड़ों भारतीय कंज्यूमर्स को सेवाएं दे रहा है। मुझे भरोसा है कि इसे लंबी अवधि में भारत में कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा।”

जून तिमाही में कंपनी ने 252 नए स्टोर ओपन किए

रिलायंस रिटेल ने जून तिमाही में 252 नए स्टोर ओपन किए। इससे कंपनी के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,169 पहुंच गई। रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 10 फीसदी बढ़कर 39.6 करोड़ हो गई। कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट का प्रदर्शन भी स्ट्रॉन्ग रहा। ग्रॉसरी ऑर्डर की संख्या साल दर साल आधार पर 116 फीदी बढ़ी।

सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ

आरआरवीएल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “रिलायंस रिटेल ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। डिजिटल कॉमर्स में हमारे लगातार निवेश से हमारे डिजिटल प्लेफॉर्म्स में आ रहे बदलाव का पता चलता है।”

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कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का भी अच्छा प्रदर्शन

कंपनी के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इसमें एयर कंडिशनर्स, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्मॉल अप्लायंसेज की अच्छी सेल्स का हाथ रहा। फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही। इसकी लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4 फीसदी रही। इसमें Shein और Ajio Luxe का हाथ रहा।

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जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा, एआरपीयू 215 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा। इसमें मोबिलिटी और होम सर्विसेज सब्सक्राइबर्स की अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7,108 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 17 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11.8 फीसदी बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 35,032 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान कुल रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 45,961 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 15.1 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 18,135 करोड़ रुपये था। जियो ने कहा है कि ग्रोथ पर हायर फाइनेंस कॉस्ट और 5जी एसेट कैपिटलाइजेशन की वजह से डेप्रिसिएशन का असर पड़ा।

जियो का एआरपीयू साल दर साल आधार पर 3.3 फीसदी बढ़कर 215.6 करोड़ रुपये रहा। प्रति व्यक्ति डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी प्रति माह रहा। जून तिमाही में टोटल डेटा ट्रैफिक साल दर साल आधार पर 26.9 फीसदी बढ़ा। जियो के कुल सब्सक्राइबर की संख्या बढ़कर 53.3 करोड़ हो गई। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ सब्सक्राइबर शामिल हैं।

कंपनी ने बताया कि डिजिटल सर्विसेज का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 20 फीसदी बढ़ा। इसमें कंटेंट, क्लाउंड कंप्यूटिंग, IoT और मैनेज्ड सर्विसेज का हाथ रहा। कनेक्टिविटी की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11 फीसदी रही।

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम अंबानी ने कहा, “जियो ने खुद को एक डीप-टेक कंपनी के रूप में स्थापित किया है। इसने कई एडवान्स्ड टेक्नोलॉजीज में इनोवेशन की रफ्तार दिखाई है। इसका पता हमारे स्ट्रॉन्ग पेटेंट पोर्टफोलियो से मिलता है, जिसे दुनियाभर में पहचान मिली है।”

Reliance Industries Q1 Results: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रहा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। सभी प्रमुख सेगमेंट यानी ऑयल-टू-केमिकल (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल की ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इससे आरआईएल को बीते कुछ सालों में एनर्जी मार्केट में आए सबसे बड़े संकट का सामना करने में मदद मिली।

RIL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सभी बिजनेस सेगमेंट के अच्छे प्रदर्शन का हाथ रहा। रेकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 8.5 फीसदी बढ़कर 30,630 करोड़ रुपये रहा।

आरआईएल का टैक्स बाद रेकरिंग प्रॉफिट (मॉइनरिटी इंटरेस्ट से पहले) जून तिमाही में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम गेन हुआ था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 38,682 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो से कंपनी को पूंजीगत खर्च करने में मदद मिली। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर शुद्ध कर्ज (Net Debt) 1.23 लाख करोड़ रुपये पर बना रहा। आरआईएल ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

RIL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन मजबूत रहा। हमारे विविध बिजनेस पोर्टफोलियो ने एक बार ऐसी तिमाही में अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बना रहा और कमोडिटी मार्केट्स में उतार-चढ़ाव रहा।”

Polycab India Share Price: अपने हाई से 12% से ज्यादा टूटा शेयर, Q1 नतीजों के बाद आज 4% गिरा, क्या निवेश का है ये सही मौका

Polycab India Share Price: वायर्स एंड केबल्स कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) के शेयर शुक्रवार को लगभग 4 फीसदी गिरा है, जिससे लगातार तीसरे सेशन में नुकसान बढ़ा। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर फाइनेंशियल पहली तिमाही की कमाई बताई। ब्रोकरेज जेफरीज और HSBC ने स्टॉक पर अपनी बुलिश रेटिंग बनाए रखी।

दोपहर के ट्रेड में पॉलीकैब के शेयर 3.96 परसेंट गिरकर 8,850 रुपये पर आ गए, जिससे यह स्टॉक NSE मिडकैप 50 पर टॉप लूजर बन गया। गुरुवार को 1.2 फीसदी गिरने के बाद, स्टॉक अब शुक्रवार समेत तीन सेशन में 7.2 फीसदी गिर चुका है।

हालिया करेक्शन के बावजूद, पॉलीकैब के शेयर 2026 में अब तक 15.5 फीसदी ऊपर हैं । कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.33 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।

यह गिरावट तब आई जब पॉलीकैब ने जून तिमाही के नतीजे बताए जो सभी ज़रूरी पैरामीटर पर स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर थे। रेवेन्यू साल-दर-साल 39 फीसदी बढ़कर 8,209 करोड़ रुपये हो गया, जो CNBC-TV18 पोल के 7,902 करोड़ रुपये के अनुमान से ज़्यादा है। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 5,906 करोड़ रुपये था।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

कमाई के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में, मैनेजमेंट ने कहा कि उसका घरेलू वायर्स और केबल्स (W&C) बिज़नेस साल-दर-साल 43% बढ़ा, जबकि कुल W&C रेवेन्यू 38% बढ़ा, जो स्ट्रीट की लगभग 35% की उम्मीदों से ज़्यादा है। कंपनी ने कहा कि वॉल्यूम ग्रोथ हाई बेस पर लो-टू-मिड सिंगल डिजिट में रही, जिसमें वायर्स ने केबल्स से बेहतर परफॉर्म किया।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट में साल-दर-साल 12% की गिरावट आई, जिससे सेल्स में उनका योगदान एक साल पहले के 5.2% से घटकर 3.3% हो गया।

पॉलीकैब ने अपने मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस 11-13% को दोहराया और कहा कि उसका फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) बिज़नेस FY30 तक 8-10% मार्जिन हासिल करने के लिए ट्रैक पर है। उसे यह भी उम्मीद है कि भारतनेट प्रोजेक्ट का काम तेज़ी से पूरा होगा, और FY27 में ₹800-1,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की संभावना है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

नतीजों के बाद, जेफरीज ने अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई और अपना टारगेट प्राइस ₹10,920 से बढ़ाकर ₹11,100 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से लगभग 25% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अपने कमाई के अनुमान 2-3% बढ़ा दिए हैं और FY26-FY29 के दौरान 22% EPS CAGR की उम्मीद है, पॉलीकैब को भारत के पावर और कैपिटल खर्च साइकिल पर एक दांव के तौर पर बताया है।

वहीं HSBC ने भी ₹10,160 के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 14% की बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वायर और केबल बिज़नेस में मजबूत रियलाइज़ेशन और FMEG के मज़बूत परफॉर्मेंस की वजह से कमाई में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई, जबकि डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाने और FMEG स्केल-अप से FY26-FY29 के दौरान 21% EPS CAGR की उम्मीद है। इसने कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य रिस्क बताया।

पॉलीकैब पर कवरेज करने वाले 34 एनालिस्ट में से 23 ने “Buy” रेटिंग दी है, 9 ने “Hold” रेटिंग दी है और दो ने “Sell” रेटिंग दी है।

सुबह 13.22 बजे तक स्टॉक 3.72% गिरकर ₹8,872 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले साल इसमें लगभग 29% की बढ़त हुई है।  पिछले तीन महीनों में इसमें 48 फीसदी की ज़बरदस्त तेज़ी आई थी। स्टॉक 22 जून, 2026 को ₹10,126 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। अपने हाई से स्टॉक 12.5 परसेंट नीचे आ चुका है। 12 अगस्त, 2025 को यह 52 हफ़्ते के सबसे निचले स्तर ₹6,620 पर पहुंच गया।

Jio Financial share price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 4% दौड़ा, अब खरीदें, बेचें या रहें बने, जानिए क्या कहते है बाजार जानकार

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Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे आज, 17 जुलाई को जारी होने वाले हैं। पहले बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और इन्हें मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। तिमाही परफॉरमेंस की घोषणा से पहले RIL के शेयर में तेजी है। दिन में BSE पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछलकर 1323.80 रुपये के हाई तक गई।

एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का अलग-अलग क्षेत्रों में फैला कारोबार, रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूती और पेट्रोकेमिकल कारोबार से बेहतर मुनाफा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के असर को कम करने में मदद करेगा। CNBC-TV18 के एक पोल के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज जून 2026 तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 3.05 लाख करोड़ रुपये की आय दर्ज कर सकती है। EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो सकता है। मार्जिन 15 प्रतिशत पर स्थिर रह सकता है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है RIL

RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 16 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,611.20 रुपये और एडजस्टेड लो 1,253.65 रुपये है।

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जियो फाइनेंशियल के कैसे रहे नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने जून 2026 तिमाही के नतीजे एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 227.28 प्रतिशत बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 612.46 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 155.7 प्रतिशत बढ़कर 830.25 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में मुनाफा 324.66 करोड़ रुपये रहा था।

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Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार से पहले कुछ कंपनियां खबरों में हैं। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े डील, नई साझेदारी और कारोबारी अपडेट जैसे ट्रिगर शामिल हैं। ऐसे घटनाक्रम का असर आज इन शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 17 जुलाई को किन 9 शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Tech Mahindra

आईटी सर्विसेज कंपनी Tech Mahindra का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.8% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से कम रहा। कंपनी की कुल आय 4.2% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ रही, जो अनुमान से बेहतर है। इसने लगातार तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के नए डील हासिल किए।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro का कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू जून तिमाही में 1.2% घटा। यह प्रदर्शन TCS और HCLTech के मुकाबले कमजोर रहा। TCS ने 0.4% की ग्रोथ दर्ज की, जबकि HCLTech में 0.5% की गिरावट रही।

Jio Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। डिविडेंड आय को छोड़कर कुल आय 141% बढ़कर ₹1,496 करोड़ रही। वहीं, प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 38% बढ़कर ₹505 करोड़ पहुंच गया।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज और सॉफ्टवेयर कंपनी Hexaware Technologies ने Factory के साथ नई साझेदारी की है। इसके तहत कंपनी वैश्विक ग्राहकों को AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट समाधान उपलब्ध कराएगी। इसका फायदा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टरों को मिलेगा।

Borosil Renewables

सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Havells India ने कर्नाटक के तुमकुरु स्थित अपने केबल प्लांट के विस्तार के लिए ₹255 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है। इसके बाद प्लांट की सालाना केबल उत्पादन क्षमता 4,59,600 किमी से बढ़कर 7,34,640 किमी हो जाएगी।

Piramal Finance

NBFC कंपनी Piramal Finance का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 67% बढ़कर ₹461 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹276.3 करोड़ था।

Sky Gold and Diamonds

ज्वेलरी कंपनी Sky Gold and Diamonds ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी Starmangalsutra Private Ltd को करीब ₹10.70 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान साइबर धोखाधड़ी की वजह से हुआ। कंपनी के एक कर्मचारी के ऑफिस मोबाइल और लैपटॉप का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

Hathway Cable and Datacom

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी Hathway Cable and Datacom का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21% घटकर ₹25 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी की आय 6% से ज्यादा बढ़कर ₹565.1 करोड़ हो गई। EBITDA 13.9% घटकर ₹75.4 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 16.5% से घटकर 13.3% पर आ गया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।