Commercial LPG Price Cut: अगस्त के पहले दिन सस्ता हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, दिल्ली से लखनऊ तक कहां कितने घटे दाम?

Commercial LPG Price Cut

Commercial Gas Cylinder Price : 1 अगस्त से 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 202 से 209 रुपए तक की कटौती की गई है। दिल्ली, कोलकाता, पटना और लखनऊ के नए रेट जानें। घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। ALSO READ: August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर
 

दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 202 रुपए सस्ता हुआ। अब यह 2,728 रुपए में उपलब्ध होगा, इसकी कीमत पहले 2,930 रुपए थी। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 209 रुपए सस्ता हुआ है। यहां सिलेंडर के 2,872.50 रुपए चुकाने होंगे। 

 

पटना में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 209 रुपए कम होकर 3,018 रुपए रह गए। लखनऊ में यह अब 2,860.50 रुपए का मिलेगा, जो पहले 3,052.50 रुपए था।

 

किसे मिलेगा फायदा?

इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और चाय की दुकान चलाने वाले उन तमाम कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने व्यावसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं।

 

क्या है घरेलू गैस सिलेंडर के दाम

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी। दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू सिलिंडर 942 रुपए, कोलकाता में 968 रुपए, मुंबई में 941.50 रुपए और चेन्नई में 957.50 रुपए में उपलब्ध है।

PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

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भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'निर्दय बल' का इस्तेमाल किया गया।

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PoJK में 40 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा

 

जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।

 

भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।

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भारत ने 'मुजाहिदीन' को लेकर पाकिस्तान पर साधा निशाना

जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक के कथित बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिष्ठान ने जिन 'मुजाहिदीन' को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित, हथियारबंद और वित्त पोषित किया, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में 'पूर्ण उदासीनता' दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' बताया गया था।

 

'पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा'

 

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।

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New York Times की रिपोर्ट पर भी भारत ने जताई आपत्ति

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए 'Pakistani Kashmir' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को 'भ्रामक और गलत' बताते हुए कहा था कि 'Pakistani Kashmir' नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।

August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

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1 August Rules Changes: हर महीने की शुरुआत के साथ कई ऐसे नियम और शुल्क बदलते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामों पर पड़ सकता है। 1 अगस्त से भी LPG Cylinder Prices, Railway Tatkal Booking, Credit Card Rewards, Banking Charges और Digital KYC से जुड़े कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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हालांकि, इनमें से हर बदलाव का असर सभी लोगों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन पहले से जानकारी होने पर आप अनावश्यक खर्च और किसी तरह की परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं 1 अगस्त से किन चीजों पर नजर रखना जरूरी है।

 

1 अगस्त को बदल सकते हैं LPG Cylinder के दाम

 

हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अगस्त को Indane, Bharat Gas और HP Gas Cylinder की नई कीमतें जारी हो सकती हैं।

 

LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, LPG के बेंचमार्क रेट और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कारकों पर निर्भर करता है।

 

अगर घरेलू LPG सिलेंडर महंगा होता है तो इसका सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ सकता है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस की लागत प्रभावित हो सकती है।

 

ध्यान रखें कि LPG की कीमतें शहर के हिसाब से अलग हो सकती हैं। इसका कारण परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स हैं। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर की लागू कीमत जरूर जांच लें।

 

LPG Subsidy लेने वाले भी करें ये काम

 

अगर आपको LPG सब्सिडी मिलती है तो सिलेंडर खरीदने के बाद अपने बैंक खाते में सब्सिडी की रकम क्रेडिट हुई है या नहीं, यह भी जरूर जांच लें। इसके लिए अपने बैंक खाते की एंट्री या संबंधित डिजिटल बैंकिंग सुविधा के जरिए भुगतान की जानकारी देखी जा सकती है।

 

2. Tatkal Ticket Booking के नियमों में बदलाव

 

रेल यात्रियों के लिए भी 1 अगस्त से Tatkal Ticket Booking से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से Tatkal टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए टोकन वितरण और Tatkal बुकिंग विंडो के खुलने के समय को सिंक्रोनाइज करने की नई प्रक्रिया लागू कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को लंबी कतारों से राहत देना है। नई व्यवस्था में यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए दो बार इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।

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इसका फायदा खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों, कभी-कभार ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों और ऑफलाइन टिकट बुक कराने वालों को मिल सकता है। वहीं, ऑनलाइन Tatkal टिकट बुकिंग मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जारी रहेगी।

 

3. Credit Card Rewards और Banking Charges में बदलाव संभव

 

1 अगस्त से कुछ बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने Credit Card Reward Programs और Fee Structure में बदलाव कर सकती हैं। इन बदलावों में रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक, ट्रांजैक्शन चार्ज, सर्विस फीस या कुछ खास कैटेगरी में मिलने वाले लाभ शामिल हो सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से Credit Card का इस्तेमाल करते हैं तो अपने कार्ड जारी करने वाले बैंक की नई शर्तें और शुल्क जरूर जांच लें। खासकर उन ग्राहकों को सावधान रहना चाहिए जो रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Amazon Great Freedom Sale 2026: 7 अगस्त से शुरू होगी सेल, मिलेंगे बंपर डिस्काउंट और AI शॉपिंग फीचर्स

Amazon Great Freedom Sale 2026: अगर आप इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या फिर ग्रोसरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए ऑफर्स की तलाश में हैं तो, यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, Amazon 7 अगस्त को रात 12:00 बजे से अपना ‘Great Freedom Sale 2026’ शरू करने जा रहा है। इस सेल में खरीदारों को स्मार्टफ़ोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, घरेलू डिवाइस, ग्रोसरी, किचन के सामान और दूसरी कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अच्छा-खासा डिस्काउंट मिलेगा।

बता दें कि यह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलग-अलग कैटेगरी में ऑफर के साथ-साथ, AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स भी ला रहा है, ताकि कस्टमर्स आसानी से प्रोडक्ट्स ढूंढ सकें और बेहतर तरीके से खरीदारी का फैसला ले सकें।

सेल के दौरान, खरीदारों को कई ब्रांड्स पर टॉप 100 डील्स, ब्लॉकबस्टर डील्स, ट्रेंडिंग डील्स और खास ‘8 PM डील्स’ मिलेंगी। इसके अलावा, Amazon ग्राहकों को HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड और EasyEMI ट्रांजैक्शन पर 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। योग्य कस्टमर्स को कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन के साथ-साथ 2,000 रुपये तक का कैशबैक भी मिल सकता है। सेल में ग्राहकों को एक्सचेंज ऑफर, Amazon Pay रिवॉर्ड्स और भारत के सभी उपलब्ध पिन कोड पर डिलीवरी जैसी सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा।

AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स

Amazon इस सेल के दौरान कई AI आधारित फीचर्स पेश कर रहा है, जो ग्राहकों को बेहतर शॉपिंग अनुभव देने में मदद करेंगे। कंपनी का AI शॉपिंग असिस्टेंट Rufus यूजर्स को सामान्य कीवर्ड की जगह अपनी जरूरत के हिसाब से सवाल पूछकर प्रोडक्ट खोजने की सुविधा देता है। ग्राहक अपनी खास जरूरतों या पसंद के आधार पर सुझाव मांग सकते हैं और पर्सनलाइज्ड सुझाव पा सकते हैं।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म का Lens AI फीचर विजुअल प्रोडक्ट सर्च की सुविधा देता है, जिससे यूजर्स मिलती-जुलती चीजें खोजने के लिए फोटो अपलोड या क्लिक कर सकते हैं। Rufus में एक ‘प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर’ भी शामिल है जो 30 से 90 दिनों की अवधि में प्रोडक्ट की कीमतों पर नजर रखता है और जब कोई आइटम ग्राहक की पसंद की कीमत पर पहुंचता है, तो उन्हें सूचित कर सकता है। अन्य AI फीचर्स में ‘रिव्यू हाइलाइट्स’ शामिल हैं, जो ग्राहकों के रिव्यू का सारांश देते हैं, और ‘बाइंग गाइड्स’ हैं जो खरीदारों को प्रोडक्ट्स की तुलना करने में मदद करने के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं।

Amazon Pay के ऑफर्स

Amazon इस सेल के दौरान Amazon Pay से जुड़े कई पेमेंट बेनिफिट्स भी दे रहा है। Amazon Pay ICICI Bank Credit Card का इस्तेमाल करने वाले Prime मेंबर्स को अनलिमिटेड 5% कैशबैक मिलेगा, जबकि नॉन-Prime कार्डधारकों को 3% कैशबैक का फायदा मिलेगा। वहीं, नए कार्ड यूजर्स को वेलकम रिवॉर्ड के तौर पर 2,500 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।

कस्टमर्स, एलिजिबिलिटी के आधार पर 60,000 रुपये तक के इंस्टेंट क्रेडिट के साथ Amazon Pay Later का फायदा भी उठा सकते हैं। कंपनी एक EMI स्टोर भी ऑफर कर रही है, जिसमें स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और होम अप्लायंसेज जैसी कैटेगरीज में 99 रुपये प्रति दिन से शुरू होने वाले प्लान्स हैं। वहीं, अगर ग्राहक 1,500 रुपये से ज्यादा की खरीदारी करते हैं, तो वे इस रकम को बिना ब्याज वाली 3 मासिक किस्तों में बांट सकते हैं।

Amazon ने बताया कि कस्टमर्स चुनिंदा ब्रांड्स और कैटेगरी में Rewards Gold कैशबैक भी पा सकते हैं, जबकि Prime मेंबर्स 7 अगस्त से शुरू होने वाली ‘ग्रेट फ्रीडम सेल’ के दौरान एलिजिबल ऑर्डर्स पर अतिरिक्त बचत का फायदा उठा सकते हैं।

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महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत! हर महीने ₹1000 की सीधी बचत, जानें RBL, HDFC और Axis के फ्यूल कार्ड्स में कौन है सबसे बेस्ट?

IndianOil Co-branded Credit Cards Comparison: देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच हर कोई अपने फ्यूल खर्च पर कुछ न कुछ बचत करना चाहता है। ऐसे में बैंकों द्वारा जारी ‘फ्यूल को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स’ काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया और विज्ञापनों में दावा किया जा रहा है कि ‘इंडियन ऑयल के फ्यूल स्टेशनों पर ईंधन भराने पर 8.5% तक की एक्स्ट्रा बचत’ मिल सकती है।

क्या यह दावा वाकई सच है? इसका जवाब है- हां, यह पूरी तरह सच है, लेकिन यह लाभ केवल एक खास क्रेडिट कार्ड पर ही उपलब्ध है। मार्केट में इंडियन ऑयल के साथ तीन बड़े बैंकों HDFC Bank, Axis Bank और RBL Bank के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं।

8.5% बचत का पूरा गणित: RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

फ्यूल पर 8.5% की सबसे ज्यादा बचत आपको RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card पर मिलती है। यह पूरे देश में किसी भी फ्यूल क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली सबसे ऊंची सेविंग्स दरों में से एक है। बैंक के नियमों के अनुसार यह बचत दो हिस्सों में बंटी होती है:

7.5% फ्यूल वैल्यू-बैक: इस कार्ड से इंडियन ऑयल के आउटलेट्स पर प्रति ₹100 खर्च करने पर 15 फ्यूल पॉइंट्स मिलते हैं। चूंकि 1 फ्यूल पॉइंट की वैल्यू ₹0.50 (50 पैसे) होती है, इसलिए यह सीधे तौर पर 7.5% का वैल्यू-बैक बन जाता है।

1% फ्यूल सरचार्ज वेवर: ईंधन भराने पर लगने वाले 1% के सरचार्ज पर पूरी छूट मिलती है। जिससे कुल बचत: 7.5%+1%=8.5% हो जाती है।

कैपिंग और लिमिट: इस कार्ड में हर महीने अधिकतम 2,000 फ्यूल पॉइंट्स (यानी ₹1,000 मूल्य का ईंधन) ही कमाए जा सकते हैं। इस बचत का पूरा फायदा उठाने के लिए हर महीने अधिकतम ₹13,400 तक का फ्यूल इस कार्ड से भराना सबसे बेस्ट रहता है।

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

क्रेडिट कार्ड डेटा के आधार पर तीनों प्रमुख बैंकों के इंडियन ऑयल को-ब्रांडेड कार्ड्स की तुलना नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझी जा सकती है:

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

तीनों कार्ड्स की खास बातें और लिमिट

1. HDFC Bank IndianOil Credit Card

यह कार्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनका मासिक फ्यूल खर्च ₹3,000 के आसपास रहता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह RuPay नेटवर्क पर उपलब्ध है, जिससे आप इसे अपने Google Pay, PhonePe या Paytm से लिंक करके किसी भी मर्चेंट को सीधे UPI पेमेंट कर सकते हैं। साथ ही ग्रोसरी और यूटिलिटी बिलों पर मिलने वाला 5% का लाभ इसे एक अच्छा ऑल-राउंडर बजट कार्ड बनाता है।

2. Axis Bank IndianOil Credit Card

इसमें आपको कुल 5% की बचत होती है और महीने में अधिकतम ₹200 तक का फ्यूल रिवॉर्ड मिल सकता है। यह कार्ड भी RuPay नेटवर्क पर आता है, जिससे यूपीआई ट्रांजैक्शन आसान हो जाते हैं। इसके अलावा अगर आप बाहर खाना खाने या मूवी टिकट (BookMyShow) बुक करने के शौकीन हैं, तो वहां मिलने वाला 15% का डिस्काउंट इसकी वैल्यू को काफी बढ़ा देता है।

3. RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

सबसे बड़ी खूबी है 8.5% की रिकॉर्डतोड़ बचत जो भारी फ्यूल खर्च करने वालों के लिए वरदान है। इसकी सालाना फीस ₹1,500 (प्लस जीएसटी) है, जो बाकी दोनों कार्ड्स से ज्यादा है। हालांकि, अगर आप सालभर में ₹2.75 लाख रुपये इस कार्ड से खर्च कर देते हैं, तो यह फीस पूरी तरह माफ हो जाती है।

आपके लिए कौन सा कार्ड रहेगा सबसे बेस्ट?

अगर आपका फ्यूल खर्च बहुत ज्यादा है (महीने का ₹8,000 से ₹13,000) तो बिना सोचे समझे RBL Bank IndianOil XTRA कार्ड चुनें, क्योंकि इसकी 8.5% की बचत आपकी सालाना फीस से कहीं ज्यादा पैसा आपको वापस दिला देगी।

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अगर आपका बजट कम है और UPI पेमेंट की सुविधा चाहिए तो HDFC या Axis के इंडियन ऑयल कार्ड्स आपके लिए ज्यादा मुफीद रहेंगे, क्योंकि इनमें सालाना फीस कम है और यूपीआई पेमेंट का एक्स्ट्रा सपोर्ट मिलता है।

पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के वक्त किसका इस्तेमाल करें? समझिए पूरा हिसाब

Personal Loan vs Credit Card: अगर अचानक अस्पताल का बड़ा बिल आ जाए। घर में कोई इमरजेंसी आ जाए। या नौकरी छूटने की वजह से तुरंत पैसों की जरूरत पड़ जाए। ऐसे समय में ज्यादातर लोगों के सामने दो विकल्प होते हैं- क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर कौन-सा विकल्प कम महंगा पड़ता है? क्या हर इमरजेंसी में क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना सही है? या फिर सीधे पर्सनल लोन लेना बेहतर रहेगा? जवाब आपकी जरूरत, रकम और उसे लौटाने की क्षमता पर निर्भर है।

पहले एक आसान उदाहरण समझिए

अब मान लीजिए आपको अचानक ₹2 लाख की जरूरत पड़ गई। यह पैसा आपको अस्पताल के बिल के लिए चाहिए। अब आपके पास दो रास्ते हैं। बैंक से 3 साल के लिए 12% ब्याज पर पर्सनल लोन लें। या क्रेडिट कार्ड से पूरा भुगतान कर दें। यहीं से दोनों विकल्पों का फर्क शुरू हो जाता है।

अगर पर्सनल लोन लेते हैं

मान लीजिए बैंक ने आपको ₹2 लाख का पर्सनल लोन 12% सालाना ब्याज पर 3 साल के लिए दे दिया।

डिटेलपैसों का हिसाब
लोन अमाउंट₹2,00,000
ब्याज दर12% सालाना
अवधि3 साल
अनुमानित EMIकरीब ₹6,640
कुल भुगतानकरीब ₹2.39 लाख
कुल ब्याजकरीब ₹39,000

EMI तय रहती है। आपको पहले से पता होता है कि हर महीने कितना पैसा देना है।

अगर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं?

अब मान लीजिए आपने पूरे ₹2 लाख का भुगतान क्रेडिट कार्ड से कर दिया। लेकिन बिल आने पर आप सिर्फ Minimum Due भरते रहे। यहीं सबसे बड़ी गलती होती है। मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल ₹2 लाख आया है। बैंक कहता है कि फिलहाल सिर्फ ₹10,000 का मिनिमम ड्यू भर दीजिए। इससे लेट फीस तो नहीं लगेगी, लेकिन बाकी ₹1,90,000 पर हर महीने ब्याज लगता रहेगा।

ज्यादातर क्रेडिट कार्ड 30% से 48% सालाना तक ब्याज वसूलते हैं। यानी करीब 2.5% से 4% हर महीने। अगर आपने पूरा बिल नहीं चुकाया, तो ब्याज तेजी से बढ़ने लगता है। कई बार उस पर GST और दूसरे चार्ज भी जुड़ जाते हैं। ऐसे में ₹2 लाख का बकाया कुछ ही महीनों में काफी महंगा साबित हो सकता है।

एक नजर में सीधी तुलना

डिटेलपर्सनल लोनक्रेडिट कार्ड
ब्याज10%-18% सालाना
30%-48% सालाना

भुगतानतय EMIMinimum Due का विकल्प
बड़ी रकम के लिएबेहतरमहंगा
छोटी अवधि के लिएठीकअगर पूरा बिल समय पर चुका दें तो बेहतर

तो क्रेडिट कार्ड कब इस्तेमाल करें?

अगर आपको भरोसा है कि 30 से 45 दिन के भीतर पूरा पैसा चुका देंगे, तो क्रेडिट कार्ड अच्छा विकल्प हो सकता है।

मान लीजिए आपने ₹50,000 का अस्पताल का बिल कार्ड से भरा। सैलरी आने में सिर्फ 20 दिन बाकी हैं। अगर बिल की Due Date तक पूरा भुगतान कर दिया, तो आमतौर पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा। यही क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी ताकत है।

और पर्सनल लोन कब लेना चाहिए?

अगर रकम बड़ी है और उसे लौटाने में कई महीने या साल लगेंगे, तो पर्सनल लोन बेहतर रहता है।

मान लीजिए शादी, इलाज या घर की मरम्मत के लिए ₹3 लाख चाहिए। आपको पता है कि इसे एक-दो महीने में नहीं चुका पाएंगे। ऐसे में पर्सनल लोन लेना ज्यादा समझदारी होगी। इसकी EMI तय रहती है और ब्याज भी क्रेडिट कार्ड के मुकाबले काफी कम होता है।

₹1 लाख पर कितना पड़ेगा फर्क?

मान लीजिए आपको ₹1 लाख की जरूरत है। आप यह रकम क्रेडिट कार्ड से खर्च करते हैं और सिर्फ मिनिमम ड्यू भरते रहते हैं। ऐसे में एक साल में ब्याज और दूसरे चार्ज मिलाकर आपको ₹30,000-₹40,000 या उससे भी ज्यादा अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।

वहीं, अगर आप यही ₹1 लाख 12% सालाना ब्याज पर 3 साल के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, तो आपकी EMI करीब ₹3,320 महीने बनेगी। तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹1.20 लाख होगा। यानी कुल ब्याज करीब ₹19,500-₹20,000 पड़ेगा।

सबसे अच्छा विकल्प क्या है?

इमरजेंसी में सबसे बड़ा फैसला पैसा जुटाना नहीं, सही तरीके से पैसा जुटाना होता है। अगर कुछ हफ्तों में पैसा लौटा सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड ठीक है। लेकिन अगर कर्ज लंबे समय तक चलेगा, तो पर्सनल लोन आपकी जेब पर कम बोझ डालेगा।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए सबसे अच्छा विकल्प इमरजेंसी फंड है। अगर आपके पास 6 महीने के खर्च जितनी बचत अलग रखी है, तो ऐसी स्थिति में आपको न महंगा ब्याज देना पड़ेगा और न ही कर्ज लेना पड़ेगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।