Ketan Agarwal: आखिर सिया को शादी से पहले क्यों चाहिए थे 3 साल? पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुणे में हुई एक युवक की मौत का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और रहस्यमय होता जा रहा है। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। जांच एजेंसियां अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और आरोपियों की गतिविधियों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही हैं। इस केस में सामने आई नई जानकारियों ने लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

शादी टालने की थी कथित योजना

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस मामले का मकसद आर्थिक लाभ या पारिवारिक विवाद नहीं था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया गोयल कथित तौर पर यह शादी नहीं करना चाहती थीं। पुलिस का आरोप है कि उन्हें लगता था कि केतन की मौत के बाद परिवार उन पर दोबारा शादी का दबाव कई साल तक नहीं डालेगा।

पुराने रिश्ते की भी हो रही जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल की जान-पहचान सगाई से पहले की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों जनवरी में दोस्तों के साथ उदयपुर घूमने गए थे और करीब पांच दिन साथ रहे। इसके कुछ सप्ताह बाद फरवरी में सिया की केतन से सगाई हुई थी।

भाई के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस का कहना है कि चेतन पहले से सिया के परिवार को जानता था। उसकी पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से क्रिकेट के जरिए हुई थी। बाद में सिया और चेतन के बीच फिर से संपर्क बढ़ा।

2,004 फोन कॉल्स ने बढ़ाया शक

जांच अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से अब तक सिया और चेतन के बीच 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों ने कुल 238 घंटे तक एक-दूसरे से बात की। पुलिस इन कॉल रिकॉर्ड्स को कथित साजिश के अहम सबूत के तौर पर जांच रही है।

घटना से एक दिन पहले हुई मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, 17 जून को, यानी घटना से एक दिन पहले, दोनों पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी मुलाकात में कथित योजना पर चर्चा हुई थी।

डिलीट किए गए चैट और मैसेज खंगाल रही पुलिस

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से कथित तौर पर WhatsApp चैट, Instagram मैसेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। पुलिस अब फॉरेंसिक जांच के जरिए हटाए गए डेटा को रिकवर कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच

फिलहाल पुलिस की जांच डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज हादसा थी या इसके पीछे पहले से कोई कथित साजिश रची गई थी।

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राम मंदिर चंदा चोरी केस में बड़ा एक्शन: 8 आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापे, ₹80 लाख कैश बरामद

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि चोरी मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR के तहत पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक ₹79.85 लाख की नकदी बरामद की जा चुकी है और सभी 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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पुलिस का महा-ऐक्शन और छापेमारी

​एक साथ रेड: अयोध्या पुलिस और स्थानीय मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमों ने सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
 

​मुख्य आरोपियों पर शिकंजा: मुख्य आरोपी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा के घरों की सघन तलाशी ली गई है।
 

​भारी कैश बरामद: पुलिस जांच और छापों के दौरान अब तक आरोपियों के पास से ₹79,85,000 (करीब 80 लाख रुपए) कैश बरामद किया जा चुका है।
 

​अन्य जिलों में भी जांच: पुलिस अब आरोपियों के अयोध्या से बाहर स्थित पैतृक गांवों और अन्य शहरों की संपत्तियों पर भी छापेमारी की योजना बना रही है।

 

नामजद आरोपी और उनका प्रोफाइल

 

​इस बड़े घोटाले में शामिल सभी आरोपी मंदिर के आंतरिक कामकाज या दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से सीधे जुड़े हुए थे:

 

आरोपी का नाम

प्रोफाइल / मंदिर में भूमिका

रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव

मुख्य आरोपी (ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर)

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव

बैंक से रिटायर्ड कर्मचारी (दानपात्र खाली करने और गिनती शिफ्ट का प्रभारी)

लवकुश मिश्रा

चढ़ावा और कैश की गिनती करने वाला कर्मचारी

अनुकल्प मिश्रा

दान राशि के प्रबंधन और गिनती से जुड़ा कर्मी

अविनाश शुक्ला
 

कैश हैंडलिंग टीम का मुख्य सदस्य

मनीष कुमार यादव
 

दान राशि की गिनती में तैनात कर्मचारी

करुणेश पांडेय
 

चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में शामिल आरोपी

 

रामशंकर मिश्रा

 

कैश व मूल्यवान वस्तुओं की गिनती करने वाला कर्मी

 

कैसे हुआ इस महा-घोटाले का खुलासा?

 

​CCTV फुटेज से खुली पोल: एसआईटी (SIT) की जांच के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से पड़ताल की गई, जिसमें आरोपी दान की रकम में हेरफेर करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। ​ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: इस गंभीर वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भी छुट्टी कर दी गई है।

 

​लगीं कड़े कानून की धाराएं : सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और साजिश रचने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। ​आगे की कार्रवाई: सभी आरोपियों को कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब इन आरोपियों को अपनी कस्टडी (पुलिस रिमांड) में लेने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल करने जा रही है, ताकि चोरी के इस पूरे नेटवर्क और छिपाई गई बाकी रकम का पता लगाया जा सके। Edited by : Sudhir Sharma

PTC Industries जुटाएगी ₹1800 करोड़, उधार लेने की सीमा बढ़ाई; सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

PTC इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार, 29 जून को फोकस में रहने वाले हैं। कंपनी के बोर्ड ने 1800 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। साथ ही उधार लेने की सीमा को भी बढ़ाया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि वह 1800 करोड़ रुपये तक का फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और/या प्रिफरेंशियल इश्यू और/या शेयरों में कनवर्ट हो सकने वाले वॉरंट्स को प्रेफरेंशियल बेसिस पर जारी करके जुटाएगी।

फंड को एक या एक से ज्यादा राउंड में जुटाया जाएगा। इसके लिए कंपनी के सदस्यों की मंजूरी और अन्य जरूरी रेगुलेटरी या कानूनी मंजूरियां लिया जाना बाकी है। इश्यू की खास शर्तें, जैसे- इश्यू का मकसद, नेट कमाई का इस्तेमाल, इश्यू का साइज, प्राइसिंग और टाइमिंग, इश्यू लॉन्च करने से पहले बोर्ड और ऑडिट कमिटी के सामने मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।

इसके अलावा पीटीसी इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव पर भी अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

क्या करती है PTC Industries

कंपनी क्रिटिकल और सुपर क्रिटिकल एप्लीकेशंस के लिए हाई क्वालिटी इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। यह एयरोस्पेस, LNG प्रोसेसिंग, ऑयल एंड गैस मरीन, एनर्जी, पल्प एंड पेपर, पेट्रोकेमिकल, सस्टेनेबिलिटी और अन्य तरह की इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को सर्विसेज देती है। इसके 75% से ज्यादा प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होते हैं। कंपनी के कस्टमर्स में रॉल्स रॉयस, Siemens, GE, Alstom, मेटसो, एमर्सन जैसे नाम शामिल हैं।

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शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत चढ़ा

PTC Industries के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 17432.10 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 26100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 59.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत और 5 साल में 2000 प्रतिशत चढ़ा है। 10 साल में यह 21600 प्रतिशत मजबूत हुआ है। गोल्डमैन सैक्स ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ 25,770 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।

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Ketan Agarwal Murder Case: लोहागढ़ किले में 18 जून को क्या हुआ था? केतन मर्डर केस में सिया गोयल को लेकर पहुंची पुलिस, देखें वीडियो

Ketan Agarwal Murder Case: पुलिस ने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार 28 जून को लोहागढ़ किले ले जाकर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य 18 जून के सटीक घटनाक्रम का पता लगाना है। आरोप है कि 20 वर्षीय सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट करने के लिए लोहागढ़ किले में ले गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को कथित रूप से धक्का दिया था। चेतन को अलग से किले में ले जाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घटनाक्रम दोहराए जाने के दौरान इस संबंध में आरोपी के दावों की पुष्टि की जाएगी कि अग्रवाल को किस तरह और किस स्थान से धक्का दिया गया था। गोयल और चौधरी को अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सिया ने पुलिस को क्या बताया

सिया ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें कथित अपराध की साजिश, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके डिजिटल रिकॉर्ड और हत्या का मकसद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

‘चेतन ने ही सिया को मंगेतर की हत्या के लिए उकसाया था’

केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस मांग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।” उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।

केतन के पिता ने क्या कहा?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था। सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था। उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?”

जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।”

वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था। साथ ही मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

केतन के पिता से मिले सीएम फडणवीस

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।

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पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है।

Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम

Daily Voice : INVasset PMS के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नैस्डैक कंपोजिट में हालिया गिरावट महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन में आया बदलाव है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। वह इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव हैं,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधान हैं। उनका मानना ​​है कि पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इनका रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

उनके मानना है कि बाजार के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग का स्तर वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस दौरान इनमें से किसी की भी गारंटी नहीं है। इसलिए,अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर अर्निंग अच्छी रहती है,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है।

क्या आपको लगता है कि ग्लोबल AI स्टॉक्स में अभी भी काफी बढ़त की गुंजाइश है,या आप टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में हालिया गिरावट को लेकर चिंतित हैं?

ग्लोबल AI में आसानी से मिलने वाले फायदे का ज्यादातर हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है। हाल की गिरावट (जिसमें सेमीकंडक्टर सेक्टर की वैल्यूएशन में एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कमी आई और नैस्डैक में एक ही सेशन में जबरदस्त गिरावट देखी गई) असल में महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन का रीसेट है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव नजरिया है,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की जरूरत है। पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इस सेक्टर का रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

क्या निवेशकों को IT सर्विस कंपनियों और AI इकोसिस्टम में निवेश करने में जल्दबाजी से बचना चाहिए?

हैं, धैर्य रखना सही रहेगा,लेकिन यह धैर्य भी हकीकत पर आधारित होना चाहिए। भारतीय IT सर्विस कंपनियां AI साइकिल के एक मुश्किल दौर में हैं। AI से जुड़ी मांग बढ़ने और उसकी जगह लेने से पहले ही ऑटोमेशन की वजह से हर प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई कम हो जाती है। बड़ी कंपनियों के लिए FY27 का कमजोर गाइडेंस (यानी ‘कांस्टेंट-करेंसी’के आधार पर कम सिंगल-डिजिट ग्रोथ) इसी बात को दिखाता है।

टेक्नोलॉजी कंपनियों को डील मिलने की रफ़्तार अच्छी बनी हुई है,लेकिन कीमतों का दबाव और प्रोडक्टिविटी में कमी की वजह से निकट भविष्य में अर्निंग्स की रफ़्तार सीमित रह सकती है। ऐसे में मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखेंगे,लेकिन रिटर्न की उम्मीदों को कम रखने की सलाह होगी। यह सेक्टर ऐसा है जिसका साइकल बदल रहा है। ऐसे में अभी इसमें सोच समझकर निवेश बनाए रखना चाहिए और बहुत ज्यादा निवेश करने से बचाना चाहिए।

क्या आपको उम्मीद है कि अगले 6-9 महीनों में भारतीय इक्विटी मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे?

ऐसा हो सकता है,लेकिन हमें इसे ‘बेस केस'(सबसे ज्यादा संभावित स्थिति) नहीं मानना चाहिए। निफ्टी अभी भी अपने पीक (उच्चतम स्तर)से काफी नीचे 24,000 के आसपास है और मोमेंटम इंडिकेटर पक्के भरोसे के बजाय दुविधा की ओर इशारा कर रहे हैं। नई ऊंचाई तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग,वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस समय इसकी कोई गारंटी नहीं है।

अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास स्टॉक्स पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर कंपनियों की अर्निंग अच्छी रही,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है। हम रिकॉर्ड स्तर तक तेजी से पहुँचने की उम्मीद करने के बजाय,इस धीरे-धीरे होने वाले सुधार के हिसाब से अपनी रणनीति बनाएंगे।

US-Iran के बीच संभावित डील से जुड़ी गतिविधियों के अलावा,आपको आगे चलकर मार्केट के लिए कौन सी बड़ी चुनौतियां दिखती हैं?

बाजार के लिए कई चुनौतियां हैं। इनमें से पहली है, वैल्यूएशन। मार्केट में अभी भी अभी भी कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं सब कुछ एकदम सही तरीके से होगा। ऐसे में अगर अर्निंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही,तो नुकसान से बचने की गुंजाइश बहुत कम होगी। दूसरी,चुनौती बड़ी ग्लोबल टेक और AI सेक्टर में करेक्शन है। अगर विदेशी बाजारों में वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आती है,तो विदेशी पैसा इमर्जिंग मार्केट (जिनमें भारत भी शामिल है) से बाहर निकल जाएगा। तीसरी चुनौती US में ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार और डॉलर की मजबूती को लेकर अभी भी बनी अनिश्चितता है,जिसका सीधा असर FIIs पर पड़ता है।

चौथी चुनौती घरेलू अर्निंग की मजबूती है जहां मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा ट्रेड पॉलिसी को लेकर भी चिंता बनी हुई है। भारत और अमेरिका के बीच कैसा समझौता होगा,इसको लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार में सावधानी बरतने की सलाह होगी।

क्या आपको लगता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में लंबे समय के लिए स्ट्रक्चरल निवेश के अच्छे मौके हैं?

ये स्ट्रक्चरल मौके तो हैं,लेकिन मैं इन्हें’सबसे अच्छे’कहने से बचने की जरूरत है। कई भारतीय प्लेटफॉर्म्स में मज़बूत नेटवर्क इफेक्ट और आगे बढ़ने की अच्छी गुंजाइश है,फिर भी कई प्लेटफॉर्म बहुत ज्यादा वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। इस वैल्यूएशन में यह मान लिया जाता है कि इनका काम बिना किसी गलती के होगा,जबकि इनके लिए मुनाफा,रेगुलेशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा असल जोखिम बने हुए हैं।

हम उन्हें एक बड़े स्ट्रक्चरल बास्केट के हिस्से के तौर पर देखते हैं,जिसमें मैन्युफैक्चरिंग,बचत का फाइनेंशियलाइज़ेशन और प्रीमियम कंजम्पशन भी शामिल हैं । ये ऐसे थीम हैं जिनकी कमाई की संभावना आज ज्यादा साफ है। लेबल से ज्यादा जरूरी है सही चुनाव करना। हम उन कुछ ऐसे प्लेटफ़ॉर्म में निवेश करेंगे जो साफ तौर पर मुनाफ़ा कमा रहे हैं और ग्रोथ के लिए किसी भी कीमत पर निवेश करने से बच रहे हैं।

 

Market trend : निफ्टी जल्द ही हासिल कर सकता है 24728 के टारगेट, आगे हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Throwback viral video: ‘प्रेम रतन धन पायो’ गाने पर जब करण जौहर का डांस देख रानी मुखर्जी का हंस-हंसकर हुआ बुरा हाल, थ्रोबैक वीडियो हो रहा वायरल

Throwback viral video: करण जौहर और रानी मुखर्जी सालों से अच्छे दोस्त हैं। दोनों एक दूसरे की टांग खींचे अक्सर नजर आ जाते हैं। वहीं एक-दूसरे की तारीफ करते हुए भी नहीं थकते हैं। ऐसे कई मोमेंट अक्सर इवेंट्स में क्रिएट हो जाते हैं जहां दोनों के एक दूसरे को खूब टीज करते वीडियो सामने आते हैं। ऐसा ही एक थ्रोबैक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देख यूजर्स भी खूब मजे रहे हैं।

वायरल वीडियो साल 2018 में हुई सोनम कपूर और आनंद आहूजा की शादी के फंक्शन का है, जहां पर सभी मौजूद लोग इंडियन अटायर में नजर आ रहे हैं। वीडियो में करण जौहर स्टेज पर सोनम कपूर और सलमान खान के पॉपुलर गाने प्रेम रतन धन पायों पर जमकर और खुलकर डांस कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने ग्रीन सिल्क कुर्ता और व्हाइट पजामी कैरी की है।

वहीं वीडियो में आप आगे देखेंगी सभी करण के डांस को सीरियस होकर एंजॉय कर रहे हैं, लेकिन तभी रानी मुखर्जी पागलों की तरह हंसी नजर आती हैं। वह करण को देख-देखकर लोटपोट हुईं जा रही हैं। रानी को देख उस दोस्त की याद आती है, जो आपको कभी सीरियस नहीं लेता है….बेस्ट फ्रेंड थिंग्स…..।

सोशल मीडिया पर यूजर्स को ये वीडियो बेहद पसंद आ रहा है। लोग वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं, साथ ही लाइक्स औक कमेंट्स की बारिश भी कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोगों की बातें पढ़कर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। वीडियो को टाइटल दिया गया है ‘वी ऑल हेव वन फ्रेंड लाइक रानी’। कमेंट हर कोई अपने एक ऐसे दोस्त को टैग कर रहा है।

बता दें कि रानी मुखर्जी और करण जौहर ने सबसे पहले ब्लॉकबास्टर फिल्म कुछ कुछ होता है में काम किया था। लव ट्राएंगल पर बेस्ड इस फिल्म में रानी के साथ काजोल और शाहरुख खान लीड रोल में नजर आए थे। वहीं सपोर्टिंग रोल में अनुपम खेर, अर्चना पूरन सिंह, फरीदा जलाल और सना नजर आई थीं।

Tread Smart: Tyres and their types

Tread Smart: Tyres and their types

Tyres are often treated like a wear-and-forget item, but they can play a big role in how your motorcycle behaves. Get it right for the kind of motorcycle and riding style you have, and the bike feels planted, predictable and confident. Get it wrong, and you’re either feeling uncomfortable and insecure, or watching them square off in a few thousand kilometres. Here’s a simple breakdown of the different types of motorcycle tyres, how they’re built, and where each one makes the most sense.

Construction

Before getting into tyre types, it helps to understand how they’re made. Tyres can be generally put into two categories – radial and bias-ply. The difference comes down to how the layers (called plies) are arranged inside the carcass. Bias-ply tyres use criss-crossing layers laid at angles, which gives the sidewall extra stiffness, and is good for load-bearing and rough roads. However, they’re not ideal for high-speed grip or flexibility.

Radial tyres have plies arranged at 90 degrees to the direction of travel, with added belts across the tread area. This allows the sidewall to flex independently of the tread, improving comfort, heat dissipation, and high-speed handling. Generally, you will find bias-ply tyres on commuters, cruisers and old motorcycles. Radials are standard on performance-oriented motorcycles, sport bikes, tourers and some ADVs. Now that you understand the two foundational differences in construction, let us dive into the different types of tyres. Remember, picking the right tyre is more about how and where you ride than what your bike originally came with. A tyre that excels at a 100km commute won’t feel right on a racetrack, and something that grips brilliantly in dirt might be borderline terrifying on the tarmac, especially in the rain.
There’s no single “best tyre” out there to do it all, but if you know what you’re asking of your motorcycle, the right one becomes pretty easy to spot. Just don’t treat tyres like an afterthought, because they’re doing more than you think.

Tread talk

Street Tyres

Cruiser tyres

Touring tyres

Sport tyres

Track tyres

Adventure tyres

Off-road tyres

 

बिल्डिंग में 10वीं मंजिल तक गधों की पीठ पर ढो रहे थे भारी सीमेंट-ईंट, बेजुबानों की हालत थी खराब फिर कोर्ट ने ये किया

देहरादून में एक निर्माण स्थल से सामने आई घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यहां काम कर रहे कुछ जानवरों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। शिकायत मिलने के बाद पशु कल्याण संगठन और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और चार गधों और खच्चरों को रेस्क्यू किया गया। ये सभी जानवर लंबे समय से भारी सामान ढोने के लिए मजबूर किए जा रहे थे और उनकी स्थिति बेहद कमजोर और थकी हुई पाई गई। इस घटना ने एक बार फिर जानवरों के प्रति होने वाले व्यवहार और कामकाजी जगहों पर उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है

10 मंजिल तक भारी सामान ढोने को मजबूर थे जानवर

पशु कल्याण संगठन PFA की ट्रस्टी गौरी मौलेखी के अनुसार, इन जानवरों को रोजाना निर्माण सामग्री लेकर करीब 10 मंज़िल तक सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यह दर्दनाक दृश्य साफ देखा गया, जिसने लोगों को झकझोर दिया।

रेस्क्यू के बाद सामने आई गंभीर हालत

जानवरों की जांच के बाद पशु चिकित्सकों ने बताया कि उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। वे डिहाइड्रेशन, थकान, जोड़ों की गंभीर समस्या और खुरों की खराब स्थिति से जूझ रहे थे। तुरंत उन्हें “हैप्पी होम सेंचुरी” में इलाज और देखभाल के लिए भेजा गया।

मालिक की याचिका खारिज

जानवरों के मालिक ने अदालत में उनकी वापसी की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक मामला चल रहा है, तब तक किसी भी क्रूरता के शिकार जानवरों को आरोपी को वापस नहीं दिया जा सकता। जानवर फिलहाल पशु कल्याण संगठन की देखरेख में रहेंगे।

सेंचुरी में मिल रहा नया जीवन

इन जानवरों को अब सुरक्षित माहौल में रखा गया है, जहां उन्हें भोजन, इलाज और आराम दिया जा रहा है। इस सेंचुरी में पहले से ही 250 से अधिक बचाए गए जानवर रह रहे हैं।

लोगों में गुस्सा और भावनात्मक प्रतिक्रिया

इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इस क्रूरता की निंदा की और जानवरों को बचाने वालों का धन्यवाद किया। लोगों ने ऐसे मामलों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने की भी मांग की।

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Kriti Sanon- Kabir Bahia: ‘वो मेरी बहन जैसी है बेवकूफों…’, ब्रेकअप रूमर्ड और वायरल फोटो को देख भड़के कृति सेनन के लवर बॉय कबीर

Kriti Sanon- Kabir Bahia: कृति सेनन और बिजनेसमैन कबीर बहिया अपने कथित रिलेशनशिप को लेकर काफी समय से चर्चा में हैं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी कभी डेटिंग की खबरों की पुष्टि या खंडन नहीं किया है, लेकिन उन्हें अक्सर साथ देखा गया है, जिससे फैंस में उत्सुकता बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कबीर की एक दूसरी लड़की के साथ तस्वीर वायरल हो रही है, जिससे कई लोग सोच रहे हैं कि क्या दोनों का ब्रेकअप हो गया है।

यह तस्वीर सबसे पहले रेडिट पर सामने आई और फिर कई अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल गई, जिसके बाद ये अफवाहें और तेज़ हो गईं। जल्द ही, कई यूज़र्स ने दावा किया कि एक्ट्रेस और कबीर का रिश्ता खत्म हो गया है। हालांकि, ब्रेकअप की अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। कबीर के करीबी एक सूत्र ने अब इस मामले पर स्थिति साफ की है और कहा है कि वायरल हो रही तस्वीर का गलत मतलब निकाला गया है।

‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्र ने कहा, “ऑनलाइन वायरल हो रही कबीर और एक लड़की की तस्वीर को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वह उनके परिवार की दोस्त हैं और कबीर उन्हें अपनी बहन मानते हैं। यह दुखद है कि लोग कितनी जल्दी किसी नतीजे पर पहुंच जाते हैं और गलत बातें फैलाते हैं।”

पिछले कुछ समय से कृति सेनन और कबीर बहिया के साथ दिखने से उनके डेटिंग की अफ़वाहों को और हवा मिली है। उन्हें कृति के जन्मदिन के जश्न के लिए ग्रीस में छुट्टियां मनाते हुए देखा गया था। कबीर ने कृति की बहन नूपुर सेनन की शादी के हर फंक्शन में हिस्सा लिया था। उन्हें डिनर और परिवार के साथ होने वाले कार्यक्रमों में भी साथ देखा गया है।

वहीं, काम की बात करें तो कृति की लेटेस्ट फ़िल्म ‘कॉकटेल 2’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है। होमी अदजानिया की डायरेक्ट की गई इस फ़िल्म में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह प्रोजेक्ट ‘कॉकटेल’ (2012) का स्पिरिचुअल सीक्वल है, जिसमें सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी ने काम किया था।

NDTV के रिव्यू में फ़िल्म क्रिटिक सैबल चटर्जी ने ‘कॉकटेल 2’ को 5 में से 2.5 स्टार दिए। उन्होंने कहा, “कॉकटेल 2 की कहानी का आधार कुछ ऐसा है जिस पर यकीन करना मुश्किल है – एक महिला अपने लिव-इन पार्टनर की वफ़ादारी परखने के लिए अपनी पुरानी हॉस्टल रूममेट से उसे लुभाने के लिए कहती है।” पूरा रिव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Anant Ambani visits Tirupati: अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी मंदिर में कराया मुंडन, TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा

Anant Ambani visits Tirupati: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने रविवार (28 जून) को तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार केश दान (मुंडन) भी कराया। तिरुपति यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने पारंपरिक केश दान कर अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की। साथ ही, टीटीडी को 25 इलेक्ट्रिक बसें, ड्राइवरों की सैलरी और EV चार्जिंग सुविधाओं के लिए सहयोग की घोषणा कर उन्होंने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान का भी ऐलान किया।

सुबह की विशेष पूजा में हुए शामिल

अनंत अंबानी ने रविवार तड़के होने वाली सुप्रभात सेवा में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और मंदिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।

केश दान की सदियों पुरानी परंपरा निभाई

दर्शन के बाद अनंत अंबानी ने अपने बाल भगवान को अर्पित किए। तिरुमला में केश दान की परंपरा कई सौ वर्षों से चली आ रही है। श्रद्धालु इसे अहंकार का त्याग, विनम्रता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक मानते हैं। तिरुमला में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने या श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मुंडन कराकर अपने बाल दान करते हैं। अनंत अंबानी के लंबे बाल पिछले कुछ वर्षों से उनकी पहचान बन चुके थे। ऐसे में उनके केश दान ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर प्रशासन ने किया सम्मान

दर्शन और केश दान के बाद मंदिर के वैदिक विद्वानों ने उन्हें वेद आशीर्वचनम् प्रदान किया। इसके बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों ने उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसाद भेंट किया और पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

रिलायंस की ओर से बड़ा दान

मंदिर यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने घोषणा की कि Reliance Industries टीटीडी को लगभग 27.5 करोड़ रुपये की लागत से 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करेगी। इसके अलावा कंपनी इन बसों को चलाने के लिए 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य लाभों का खर्च भी उठाएगी। तिरुमला में EV (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग देने के लिए तैयार है। इस पहल का उद्देश्य तिरुमला में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

पहले भी कई धार्मिक यात्राएं कर चुके हैं अनंत अंबानी

अनंत अंबानी पहले भी कई प्रमुख हिंदू मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण और श्रीनाथजी के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की है। वर्ष 2024 में अपनी शादी से पहले उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर तक पदयात्रा भी की थी। यह यात्रा उन्होंने अपनी धार्मिक श्रद्धा और संकल्प के रूप में की थी।

पशु संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय

धार्मिक गतिविधियों के अलावा अनंत अंबानी वंतारा परियोजना के माध्यम से पशु संरक्षण और वन्यजीवों के बचाव एवं पुनर्वास के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। वे कई अवसरों पर सभी जीवों के प्रति करुणा और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।  जानवरों के कल्याण के लिए किए गए अपने कामों के जरिए उन्होंने बार-बार सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने की बात कही है।

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