CM मोहन यादव ने कुकरू में किया योगाभ्यास, रुद्राक्ष का रोपा पौधा, बोले- योग को बनाएं दैनिक दिनचर्या का हिस्सा

Chief Minister Dr Mohan Yadav's visit to Kukru

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुकरू प्रवास का दूसरा दिन

– मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ किए योग के कई कठिन आसन

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया कॉफी बागान का निरीक्षण 

Chief Minister Dr Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल के हिल स्टेशन कुकरू में 28 जून की शुरुआत योगाभ्यास से की। उन्होंने सभी को अपनी जीवनशैली में योग को शामिल करने का सन्देश भी दिया। इससे साथ-साथ उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष पौधा भी रोपा। उनकी योग और पौधरोपण करती तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने यहां के कॉफी बगान का निरीक्षण भी किया। 

ALSO READ: CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे हिल स्टेशन कुकरू, ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद कर जाना विकास का हाल

बता दें, मुख्यमंत्री. मोहन यादव ने यहां मयूर आसन,शीर्षासन सहित अन्य कठिन आसनों को भी करके दिखाया। इस दौरान प्रमुख रूप से ताड़ासन,वृक्षासन, त्रिकोणासान, भद्रासन  वक्रासन,भुजंगासन ,शलभासन आदि आसनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया गया। योगाभ्यास में नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम भी किया गया। इस दौरान अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे भी मौजूद थे। 

 

ऊर्जा प्रदान करता है योग

योगाभ्यास के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, आज बैतूल जिले के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्रदान करता है। स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
Edited By : Chetan Gour 

Kawasaki KLX230R S image gallery

Kawasaki KLX230R S image gallery

The Kawasaki KLX230R S is a dedicated off-road motorcycle (not road-legal) built around the same 233cc air-cooled, fuel-injected single-cylinder engine shared across the KLX230 range, producing 19hp at 7,800rpm and 19.1Nm at 6,200rpm, paired with a 6-speed gearbox. At 129kg, it is the lightest of the three KLX230 models and gets the most committed off-road setup – a 37mm telescopic front fork with 220mm of wheel travel and a rear monoshock with adjustable preload and 223mm of travel. Seat height is 900mm, and the bike runs on 21-inch front and 18-inch rear knobby tyres suited to trail use.

Design cues are drawn from Kawasaki’s championship-winning KX motocross series, with a flat seat profile for unrestricted rider movement, a race-style number plate, minimalist bodywork with flush seams between panels, and an electric starter as standard. Unlike the road-legal KLX230 and KLX230 S, the R S does not get a headlamp, road-going instrumentation or ABS – it is built purely for off-road use on private trails, motocross tracks and riding schools. 

Video: 35°C में फ्रांस बेहाल, AC-कूलर की लूट, 51°C में भारत वाले चाय पीकर भी चिल!

ये लो भाई, फ्रांस में जरा सी गर्मी क्या बढ़ी, लोगों ने AC-कूलर की दुकान ही लूट डाली। भारत वाले चिलचिलाती धूप और 51 डिग्री तापमान में भी गरमा गर्म चाय पीकर चिल कर रहे हैं, फिर भले ही वे पसीने में तरबतर क्यों न हो 

Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

Nifty Outlook for June 29: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 25 जून को लगातार दूसरे दिन कारोबारी दिन ग्रीन जोन में बंद हुआ। हालांकि खास बात ये रही कि दिन के दूसरे हाफ में इसने काफी बढ़त गंवा दी। शुक्रवार को मोहर्रम के चलते मार्केट बंद था तो तीन दिनों की लगातार छुट्टियों से पहले और जून तिमाही के आखिरी कारोबारी हफ्ते से पहले मार्केट पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा। इसके बावजूद निफ्टी दिन के आखिरी में हल्की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा और साथ ही यह लगातार तीसरे हफ्ते भी हरा रहा। गुरुवार को इंट्रा-डे में निफ्टी 239.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,261.60 तक पहुंचा था जिससे यह 222.60 प्वाइंट्स फिसलकर 24,039.00 तक आ गया था और दिन के आखिरी में यह महज 34.35 प्वाइंट्स यानी 0.14% की तेजी के साथ 24,056.00 पर बंद हुआ था।

Nifty को लेकर क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24 हजार के ऊपर टिका रहता है, मार्केट में रौनक बनी रहेगी। जियो-पॉलिटिकल सेंटिंमेंट में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और रुपये की मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही मार्केट की नजर यूरोजोन के महंगाई के आंकड़े, चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हो रही हलचल पर नजर रहेगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी को क्लोजिंग के आधार पर पिछले स्विंग हाई 24,190 के पास कड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ रहा है। पिछले कारोबारी दिन का इंट्रा-डे हाई 24,261 अब तात्कालिक रेजिस्टेंस बन गया है, और अगर इस लेवल के पार जाकर निफ्टी

टिका रहता है तो यह 24,440 के पास 200-दिन के DEMA की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ 23,789 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एंजल वन के ओशो कृष्णन के मुताबिक निफ्टी अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है, जिसमें 24,140-24,170 जोन में 100-DEMA तात्कालिक बैरियर का काम कर रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर यह निफ्टी इस रेंज के ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है, तो यह 24,500-24,600 जोन की तरफ बढ़ सकता है, जबकि 23,800 के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, और उसके बाद 23,645 तक बुलिश गैप एरिया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का मानना ​​है कि अगर निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर नहीं टिक पाता है तो इसमें कंसोलिडेशन जारी रह सकता है या मामूली गिरावट आ सकती है। नागराज शेट्टी को 23,800 पर तात्कालिक सपोर्ट की उम्मीद है, जबकि 24,200 के ऊपर टिकाऊ बढ़त से और तेजी आ सकती है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि गुरुवार को बीएसई के F&O एक्सपायरी के दिन मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इसने 50-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर बने रहकर अपना पॉजिटिव स्ट्रक्चर बनाए रखा। रूपक को उम्मीद है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहेगा, तब तक तेजी का रुझान बना रहेगा और इसके 24,500 की तरफ बढ़ने की संभावना है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 24,200-24,250 के दायरे में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकरता है। इस दायरे के ऊपर लगातार बने रहने यानी ब्रेकआउट से इंडेक्स पहले 24,400 और फिर 24,600 की तरफ बढ़ सकता है। सुदीप के मुताबिक नीचे की तरफ निफ्टी को 23,900-23,850 के दायरे में सपोर्ट मिलता दिख रहा है।

KEC International के शेयर 29 जून को बनेंगे रॉकेट! Power Grid ने हटाया बड़ा बैन

Stock in Focus: ₹10000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मांस का टुकड़ा खाने को…कलमा पढ़ाया, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, रूह कंपा देगी किशोरी के दर्द की कहानी

कानपुर : एक पिता के लिए इससे बड़ा डर क्या हो सकता है कि उसकी बेटी घर से निकले और फिर सात दिनों तक उसका कोई पता न चले। रावतपुर इलाके में रहने वाले एक परिवार ने यही दर्द झेला। 21 जून को घर से निकली 17 वर्षीय किशोरी जब शनिवार को बदहवास हालत में वापस लौटी, तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और आंखों में सात दिनों की दहशत साफ दिखाई दे रही थी।

यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब: ₹15,000 करोड़ के निवेश से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

yogi new

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। यहां अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, ओडीओपी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

 

बनेगा 206 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क) को 24 जून 2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए यीडा ने 28 मार्च 2024 को परियोजना प्रबंधन एजेंसी एसटीपीआई लिमिटेड के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद 3 जुलाई 2025 को यीडा और एसटीपीआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के अनुसार ईएमसी पार्क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए अवसंरचना निर्माण हेतु ईपीसी मोड पर टेंडर जारी किया गया, जिसके बाद मैसर्स जेएसपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। समस्त आधारभूत संरचना का कार्य सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

ईएमसी पार्क पर 417 करोड़ का निवेश, विकसित होगा विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम

206.40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस ईएमसी पार्क पर लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें केंद्र सरकार लगभग 144.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 272.52 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पार्क उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

 

सोलर उद्योग में 8,253 करोड़ का बड़ा निवेश, 5,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्रा. लि. की अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल का निर्माण होगा। इस परियोजना में 8,253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना का भूमिपूजन 14 नवंबर 2025 को किया गया था और वर्तमान में निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

 

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 3,250 करोड़ का निवेश

यीडा के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में एसेंड सर्किट्स प्रा. लि. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) पीसीबी तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया तथा 28 अप्रैल 2026 को लीज डीड निष्पादित की गई।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण में 3,532 करोड़ का निवेश

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लि. को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां कंपनी कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (सीसीएल), असेम्बली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एप्लायंसेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके माध्यम से लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया।

 

क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास से बदल रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, ओडीओपी पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, आधुनिक तकनीक, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।

 

योगी सरकार की औद्योगिक नीति का दिख रहा असर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेशक-हितैषी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का परिणाम है कि देश और विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर ऊर्जा और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हो रहे निवेश उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलेगा। Edited by : Sudhir Sharma

अगर आप निकालना चाहते हैं अपना पूरा PF बैलेंस, तो जानिए इस बारे में क्या कहते हैं EPFO ​​के नियम

EPF मुख्य रूप से बुढ़ापे के लिए पैसे बचाने के मकसद से बनाया गया है। हालांकि,समय के साथ EPFO ​​ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं,जिनसे सदस्य अपनी बचत कभी भी निकाल सकते हैं। EPFO 3.0 और सेवाओं के डिजिटाइजेशन को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच,कई सदस्य यह सोच सकते हैं कि क्या वे जब चाहें तब अपने प्रोविडेंट फंड बैलेंस का 100 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं।

इसका छोटा सा जवाब है,नहीं। हालांकि कुछ खास स्थितियों में पूरा पैसा निकालने की इजाज़त है,लेकिन EPFO ​​के नियम नौकरी के दौरान पूरा पैसा निकालने पर रोक लगाते हैं।

आप अपना 100 प्रतिशत PF बैलेंस कब निकाल सकते हैं?

सबसे आम स्थिति जिसमें कोई सदस्य अपना पूरा EPF फंड निकाल सकता है,वह है रिटायरमेंट। मौजूदा EPFO ​​नियमों के तहत,सदस्य 58 साल की उम्र पूरी होने पर फ़ाइनल सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस स्टेज पर,वे आम तौर पर अपने अकाउंट में जमा पूरा EPF बैलेंस निकाल सकते हैं।

अगर कोई सदस्य नौकरी छोड़ने के बाद एक तय समय तक बेरोजगार रहता है,तो वह अपना पूरा बैलेंस निकाल सकता है। अभी,EPFO ​​एक महीने की बेरोजगारी के बाद EPF बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकालने की इजाजत देता है। अगर बेरोजगारी दो महीने या उससे ज्यादा समय तक बनी रहती है,तो सदस्य बाकी बचा हुआ बैलेंस निकालने के लिए भी आवेदन कर सकता है। इस प्रावधान का उद्देश्य बेरोजगारी की अवधि के दौरान वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

अगर आप नौकरी बदलते हैं तो क्या होगा?

कई कर्मचारियों को लगता है कि नौकरी बदलने पर उन्हें अपना PF फंड निकाल लेना चाहिए। लेकिन EPFO ​​सलाह देता है कि अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) का इस्तेमाल करके EPF अकाउंट का पैसा नए एम्प्लॉयर के पास ट्रांसफर कर लिया जाए। इससे फंड पर ब्याज मिलता रहता है और सदस्य का सर्विस रिकॉर्ड भी बिना किसी रुकावट के चलता रहता है।

बार-बार नौकरी बदलने पर पूरी रकम निकाल लेने से भविष्य में आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग पर बुरा असर पड़ सकता है। हालात के आधार पर,इस पर टैक्स भी लग सकता है।

खास जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति

हालांकि, पूरी निकासी पर रोक है,लेकिन EPFO ​​कुछ मंजूरी प्राप्त कामों के लिए आंशिक निकासी (जिसे एडवांस भी कहा जाता है)की अनुमति देता है। इनमें हायर एजुकेशन,शादी,घर खरीदना,घर बनाना,होम लोन चुकाना,मेडिकल ट्रीटमेंट और कुछ दूसरी स्थितियां शामिल हैं। एलिजिबिलिटी की शर्तें मकसद और सर्विस के समय के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। निकाली जा सकने वाली रकम भी एक कैटेगरी से दूसरी कैटेगरी में अलग-अलग होती है। इसलिए,मेंबर्स को अक्सर नौकरी करते हुए भी अपनी सेविंग्स का कुछ हिस्सा मिल जाता है।

June 30 Deadline: 3 काम, 30 जून तक आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक को पूरा कर लेने हैं ये अहम काम

PF फंड निकालने से पहले ध्यान रखने वाली बातें

पूरा पैसा निकालने का फ़ैसला करने से पहले,यह याद रखना जरूरी है कि EPF उन कुछ रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स में से एक है जिसमें अनिवार्य बचत, एम्प्लॉयर का योगदान और सालाना ब्याज जमा होने का फायदा मिलता है। पूरा फंड निकाल लेने से हाथ में कैश तो बढ़ सकता है,लेकिन लंबे समय में इस तरीके से आपकी रिटायरमेंट की बचत खतरे में पड़ सकती है। अगर रिटायरमेंट प्लान से पैसे निकालने की जरूरत न हो,तो उस फंड को निवेश करने या नौकरी बदलने पर भी बनाए रखना फायदेमंद होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नौकरी करते हुए मैं अपने PF बैलेंस का 100% हिस्सा निकाल सकता हूं?

आमतौर पर,नहीं। पूरा पैसा निकालने की इजाजत या तो रिटायरमेंट पर या फिर बेरोजगारी की स्थिति में जरूरी शर्तें पूरी होने पर ही मिलती है। कुछ खास वजहों से ही PF का कुछ हिस्सा निकालने की इजाजत दी जाती है।

नौकरी छूटने के बाद मैं कितना PF निकाल सकता हूं?

बेरोजगारी के एक महीने बाद EPF की 75 प्रतिशत रकम निकाली जा सकती है। नियमों के अनुसार,बेरोजगारी के एक और महीने बाद बाकी रकम निकाली जा सकती है।

क्या मुझे नौकरी बदलते समय अपना PF निकाल लेना चाहिए?

ज्यादातर मामलों में सबसे अच्छा तरीका यह है कि UAN-बेस्ड ट्रांसफर सुविधा का इस्तेमाल करके EPF की रकम को नए एम्प्लॉयर को ट्रांसफर कर दिया जाए।

 

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Lock Upp 2: ‘लॉक अप 2’ में सुनीता आहूजा की एंट्री को लेकर गोविंदा का बढ़ा BP, हीरो नंबर वन को सता रही ये चिंता

Lock Upp 2: सुनीता आहूजा ने हाल ही में बताया कि कई दूसरे रियलिटी शो के ऑफर मिलने के बावजूद उन्होंने रियलिटी शो ‘लॉक अप सीज़न 2’ में हिस्सा लेने का फ़ैसला क्यों किया। उन्होंने शो में हिस्सा लेने के उनके फ़ैसले पर गोविंदा की प्रतिक्रिया के बारे में भी बात की।

SCREEN से बात करते हुए सुनीता ने बताया कि उन्हें ‘राइज एंड फॉल’, ‘द 50’, ‘ट्रेटर्स’ और ‘अलायंस’ जैसे रियलिटी शो के लिए अप्रोच किया गया था, लेकिन उन्होंने ‘लॉक अप’ को इसलिए चुना क्योंकि शो की प्रमोटर एकता कपूर के साथ उनके करीबी रिश्ते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे सच में कई रियलिटी शो – ‘राइज़ एंड फ़ॉल’, ‘द 50’, ‘ट्रेटर्स’, ‘अलायंस’ – के ऑफ़र मिले थे, लेकिन मैंने ‘लॉक अप’ चुना। मुझे किसी दूसरे शो से कोई शिकायत नहीं है। मुझे लगा कि अगर मैं ‘लॉक अप’ करती हूं, तो मेरा अच्छे से ध्यान रखा जाएगा। मुझे इस बात से डर नहीं लगता कि कोई मुझे 24/7 देख रहा है। मैं जैसी हूं, वैसी ही हूं।

सुनिता ने आगे कहा कि मैं दुनिया में किसी के लिए भी खुद को कभी नहीं बदलूंगी। इस शो से लोगों को पता चलेगा कि सुनीता आहूजा क्या हैं। मैं मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत फिट हूं। मुझे पता है कि हर स्थिति को कैसे संभालना है। मुझे टास्क से डर नहीं लगता। मैं झूठ नहीं बोलती, इसलिए मैं अच्छा करूंगी। लेकिन यह किस्मत पर भी निर्भर करता है।”

रियलिटी शो में हिस्सा लेने पर गोविंदा की प्रतिक्रिया के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “गोविंदा बहुत परेशान थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी पत्नी को फूल की तरह पाला है, अगर कोई उसे अंदर से दुख पहुंचाएगा तो वो रोने लगेगी।’ उन्हें इस बात की बहुत चिंता थी कि कोई उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार न करे। गोविंदा को इस बात की चिंता है कि कोई मुझे दुख न पहुंचाए या रुलाए नहीं।

उन्हें इस बात की भी बहुत चिंता थी कि मैं यह शो क्यों कर रही हूं। लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनकी पत्नी बहुत मजबूत हैं, सब कुछ सह सकती हैं और सबसे लड़ सकती हैं। यह कोई पारिवारिक शो नहीं है, इसलिए मैं अपने परिवार के बारे में किसी की भी बात बर्दाश्त नहीं करूंगी। गोविंदा बहुत सीनियर और सम्मानजनक हैं, इसलिए कोई उन पर उंगली नहीं उठा सकता। मैं उनकी पत्नी हूं। मैं जो चाहूं कह सकती हूं, लेकिन कोई तीसरा व्यक्ति उनके बारे में बात नहीं कर सकता।”

शो पर जब उनसे उनके इस बयान के बारे में पूछा गया कि “मुझे गोविंदा जैसा बेटा चाहिए, पति नहीं,” तो सुनीता ने फ़ैन्स को हैरान करते हुए हिंदी में कहा, “प्यार में आपको सब कुछ बर्दाश्त करना आना चाहिए। ची-ची के जीवन में कई अफेयर रहे। खैर, हीरो-हीरोइन के साथ ऐसा होता ही है। मुझे लगता है कि इतने सालों तक ची-ची का साथ देने के बाद, मैं उनके जैसा बेटा पाने की हकदार हूं।”

उन्होंने उस घटना के बारे में भी बात की जब गोविंदा के घुटने में गलती से गोली लग गई थी और उन आरोपों का भी जवाब दिया जो ट्रोलर्स ने लगाए थे कि गोली उन्होंने चलाई थी। उन्होंने कहा, “अगर आप सुन रहे हैं, तो ध्यान से सुनिए भाई। किसी के घुटने में गोली तभी लगती है जब उसके पीछे कोई वजह हो। मैंने उस बारे में भी झूठ नहीं बोला था। देखिए, मैं सच हूं। मैं तो मुंबई में भी नहीं थी — फिर भी बहुत से लोगों ने कहा कि मैंने ही गोली चलाई थी। मैं खाटू श्याम में थी…. और मेरा निशाना कभी चूकता नहीं है।”

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Price and specification comparison

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Price and specification comparison

Kawasaki has launched a more road-focused model of its KLX230 with an ‘S’ suffix. The KLX230 S comes with a lower seat height and reduced suspension travel, making it ideal for riders that are intimidated by the tall seat-height of the regular KLX230. Here we pit it against the Hero Xpulse 210, to see how it fairs on paper.

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Engine and output

 

Kawasaki KLX230 S

Hero Xpulse 210

Engine

233cc, single-cylinder, air-cooled

210cc, single-cylinder, liquid-cooled

Power

19hp at 7,800rpm

24.6hp at 9,250rpm

Torque

19Nm at 6,200rpm

20.7Nm at 7,250rpm

Gearbox

6-speed

6-speed

Power-to-weight ratio

136.6hp/tonne

144.7hp/tonne (Top)  / 146.4hp/tonne (Base)

The Xpulse 210 boasts a better power-to-weight ratio

Despite its larger 233cc displacement, the KLX230 S trails the Xpulse 210 in outright performance. The Hero produces 5.6hp and 1.7Nm more while also boasting a better power-to-weight ratio. The Kawasaki, however, develops its peak power and torque lower down the rev range, suggesting it should feel more relaxed at lower engine speeds.

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Weight and dimensions

 

Kawasaki KLX230 S

Hero Xpulse 210

Kerb weight

139kg 

170kg (168kg Base variant)

Seat height

830mm

830mm

Ground clearance

220mm

220mm

Fuel tank capacity

7.5 litres

13-litres

Wheelbase

1350mm

1446mm

The KLX230 S is 31kg lighter than the Xpulse 210

The KLX230 S’ biggest advantage is its kerb weight. At 139kg, it’s a substantial 31kg lighter than the Xpulse 210, which should make it easier to handle on technical trails and at lower speeds. Both motorcycles have the same 830mm seat height and 220mm ground clearance, but the Hero counters with a much larger 13-litre fuel tank and a longer wheelbase that could lend it greater stability. As opposed to the standard KLX230’s 890mm seat height and 255mm ground-clearance, the KLX230 S gets a more accessible seat height.

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Tyres, brakes and suspension

 

Kawasaki KLX230 S

Hero Xpulse 210

Tyres

2.75-21 45P / 

4.10-18 59P

90/90 – 21 / 120/80 – 18

Suspension

Telescopic fork / monoshock

Telescopic fork / monoshock

Brakes

290mm disc / 230mm disc

276mm disc / 220mm disc

Both motorcycles come with the same off-road biased 21/18-inch setup

On paper, both motorcycles employ a conventional telescopic fork and monoshock setup and ride on a 21-/18-inch wheel combination. The Kawasaki uses slightly larger brake discs at both ends, while the Hero features wider tyres, particularly at the front, although the two use different tyre sizing conventions.

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Features

The Xpulse gets a TFT dash on its top-variant

Here the KLX230 S falls short of offering creature comforts like a TFT dash and Bluetooth connectivity that the Xpulse 210 gets. However, both motorcycles cover the essentials such as LED headlights and dual-channel ABS. Sticking to their off-road intent, both motorcycles get a tubed tyre setup with a 21-inch/18-inch (F/R).

Kawasaki KLX230 S vs Hero Xpulse 210: Price

 

Kawasaki KLX230 S

Hero Xpulse 210

Price

 

Rs 2.19 lakh (ex-showroom, India)

Rs 1.67 lakh – Rs 1.76 lakh (ex-showroom, Delhi)

At Rs 2.19 lakh (ex-showroom), the KLX230 S costs around Rs 43,000 more than the top-spec Xpulse 210. That premium buys you a significantly lighter motorcycle, but on paper the Hero offers stronger performance and a much larger fuel tank for considerably less money. It is also worth bearing in mind that the Kawasaki is a more premium brand whose after sales service ought to cost more

 

फर्जी मैरिज ब्यूरो पर बड़ी कार्रवाई, प्रीति-पूर्वी जैसी फर्जी दुल्हनें बनेंगी आरोपी

कानपुर से चल रहे फर्जी मैरिज ब्यूरो पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। एआई से लोगों को फोटो बनाकर भेज रही लड़कियों को पुलिस ने पकड़कर आरोपी बनाया जा रहा है। प्रीति-पूर्वी जैसी फर्जी दुल्हनें आरोपी बनेंगी।