सऊदी अरब में भयावह हेलीकॉप्टर हादसा, 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत

Helicopter crash in Saudi Arabia,14 passengers death

Saudi Arabia Helicopter Crash : सऊदी अरब में रविवार को तेल कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर है। सऊदी अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हेलीकॉप्टर किस कारण से हादसे का शिकार हुआ है। हादसे में मारे गए सभी लोग सऊदी नागरिक थे। यह हेलीकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था। इस कंपनी में अधिकांश हिस्सेदारी सऊदी अरब की है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

 

सऊदी अरब में रविवार को तेल कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर है। सऊदी अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हेलीकॉप्टर किस कारण से हादसे का शिकार हुआ है।

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हादसे में मारे गए सभी लोग सऊदी नागरिक थे। यह हेलीकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था। इस कंपनी में अधिकांश हिस्सेदारी सऊदी अरब की है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

यह दुर्घटना रास तनुरा क्षेत्र में हुई, जो फारस की खाड़ी के तट पर स्थित सऊदी अरामको का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल और औद्योगिक हब माना जाता है। ऊर्जा मंत्रालय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्‍त किया है। सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक है।

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यह सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व में है। इसकी स्थापना 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ समझौते के तहत हुई थी। 1980 में यह पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आ गई। यह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है।
Edited By : Chetan Gour

भारत का ‘साइलेंट विलेज’ जहां के ज्यादातर लोग न बोल सकते न सुन सकते!

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले का ‘धदकई’ गांव भारत के साइलेंट विलेज के नाम से मशहूर है। यहां की कुल आबादी में से 90 से ज्यादा लोग मूक-बधिर (गूंगे-बहरे) हैं। जेनेटिक म्यूटेशन के कारण यहां ऐसे बच्चे पैदा होते हैं।

Semiconductor Stocks: सरकार का ₹1.64 लाख करोड़ का सेमीकंडक्टर दांव! इन 6 कंपनियों के शेयरों पर रखें नजर

Semiconductor Stocks: भारत अब सिर्फ मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबल करने वाला देश नहीं रहना चाहता। सरकार अब देश में सेमीकंडक्टर यानी चिप मैन्युफैक्चरिंग का पूरा इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में सरकार ने हाल ही में करीब 1.64 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। India Semiconductor Mission 2.0 और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है।

इसका असर सिर्फ चिप बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, PCB, EMS और चिप डिजाइन से जुड़ी कई कंपनियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 6 कंपनियों के बारे में।

Dixon Technologies

Dixon Technologies देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनियों में शामिल है। कंपनी मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाती है।

अगर भारत में चिप और PCB का प्रोडक्शन बढ़ता है, तो Dixon की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी। साथ ही, लागत घटाने में भी मदद मिलेगी।

Amber Enterprises

Amber Enterprises इस सरकारी पहल का सीधा फायदा उठाने वाली कंपनियों में मानी जा रही है। कंपनी उत्तर प्रदेश के जेवर में करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्लांट लगा रही है। यहां HVAC कंपोनेंट्स और PCB Assemblies की मैन्युफैक्चरिंग होगी। देश में PCB का उत्पादन बढ़ने से कंपनी के कारोबार को नई रफ्तार मिल सकती है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB Assembly कारोबार में दमदार मौजूदगी है। कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत होने से कंपनी को नए ऑर्डर मिलने और कारोबार बढ़ने की संभावना है।

CG Power

CG Power अब सिर्फ इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी सेमीकंडक्टर कारोबार में भी कदम रख चुकी है। ये गुजरात में रेनेसास और Stars Microelectronics के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर प्लांट बना रही है। सरकार के बढ़ते फोकस से इस प्रोजेक्ट को भी रफ्तार मिल सकती है।

Tata Group

Tata Group भी भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का बड़ा हिस्सा है। Tata Electronics असम में चिप पैकेजिंग (OSAT) प्लांट और गुजरात में सेमीकंडक्टर फैब प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। सरकार की नई योजनाओं और निवेश का फायदा टाटा ग्रुप को भी मिल सकता है। हालांकि, Tata Electronics अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।

MosChip Technologies

MosChip Technologies चिप डिजाइन और एम्बेडेड इंजीनियरिंग सेवाएं देने वाली कंपनी है। अगर भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ती है, तो डिजाइन और रिसर्च से जुड़ी कंपनियों की मांग भी बढ़ सकती है। इसका फायदा MosChip को मिल सकता है।

क्यों अहम है सरकार का यह कदम?

सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। कोशिश यह है कि भारत पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करे। इसमें फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, PCB और डिजाइन जैसे सभी हिस्से शामिल हैं।

अगर यह योजना सफल रहती है, तो भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी। साथ ही हजारों नई नौकरियां भी पैदा होंगी। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब इस सेक्टर और इससे जुड़ी कंपनियों पर बनी हुई है।

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Vaibhav Sooryavanshi: आयरलैंड के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिला मौका? सामने आई ये बड़ी वजह

IND vs IRE: आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। वहीं इस मुकाबले में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को डेब्यू करने का मौका मिला है। 15 वर्षीय वैभव पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कोई चोट भी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा कि टीम मैनेजमेंट ने रणनीति के तहत उन्हें इस मैच में मौका नहीं दिया।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें आयरलैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलेगा। आमतौर पर भारतीय टीम आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसे दौरों पर युवा खिलाड़ियों को आजमाती है। इसी वजह से वैभव के खेलने की चर्चा भी काफी तेज थी।

वैभव का प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए और इस टूर्नामेंट के सबसे कम उम्र के एमवीपी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसके बावजूद उन्हें आयरलैंड के खिलाफ पहले दो टी20 मैचों में मौका नहीं मिला। मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर और बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा था कि, टीम में ऐसे कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीता है। इसी वजह से फिलहाल टीम संयोजन में बदलाव करना आसान नहीं है, भले ही वैभव ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया हो।

क्यों नहीं किया डेब्यू

हाल ही में NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम गंभीर चाहते हैं कि सूर्यवंशी फिलहाल जमीन से जुड़े रहें और इसी वजह से उन्हें जल्दबाजी में मौका नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब एक मैच के बाद वाशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा की जगह सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है, तो फिर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में क्यों नहीं शामिल किया गया। टीम मैनेजमेंट वैभव को डेब्यू देने से पहले कुछ समय तक टीम के साथ माहौल समझने का मौका देना चाहता है। अगर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत शुरुआती बढ़त बना लेता है, तो उन्हें वहां डेब्यू का मौका मिल सकता है।

भविष्य का शहर होगा ‘हाथरस अर्बन सेंटर’, यीडा ने शुरू किया ‘मास्टर प्लान 2041’ पर काम

Hathras Urban Center is being designed as high tech industrial and residential satellite town

– 50 से अधिक गांवों को जोड़कर 10 हजार एकड़ में बसेगा हाईटेक शहर, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से भी होगा कनेक्ट

– हींग और गुलाल' समेत स्थानीय एमएसएमई उद्योगों को मिलेगा वैश्विक मंच, रोजगार के लाखों अवसर

– यीडा द्वारा विकसित हो रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स में हाथरस बनेगा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब

Uttar Pradesh News : योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के एक और जिले व उसके कई गांवों को हाईटेक शहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह जल्द ही इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ लाखों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत 'महायोजना/मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत 'हाथरस अर्बन सेंटर' को एक हाई-टेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। 
 

यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष तौर पर एक प्रमुख इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुना गया है।

 

10 हजार एकड़ में बसेगा नया शहर

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 4 हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा। इस अत्याधुनिक शहर के नियोजन के लिए कंसल्टेंट कंपनी 'आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड' को नियुक्त किया गया है, जो जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक पर आधारित नक्शे से इसका सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है।

 

अर्बन सेंटर की चार प्रमुख श्रेणियां

मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अर्बन सेंटर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला औद्योगिक जोन, इस विशाल भूभाग का मुख्य ध्यान फैक्ट्रियों और भारी विनिर्माण इकाइयों पर केंद्रित होगा। दूसरा आवासीय क्षेत्र, यहां काम करने वाले लोगों के लिए आधुनिक सोसाइटी, फ्लैट्स और किफायती आवास  विकसित किए जाएंगे।
 

तीसरा कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब जो व्यापारिक गतिविधियों के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल्स और विशाल वेयरहाउस के लिए विशेष स्थान आरक्षित हैं। चौथा ग्रीन बेल्ट, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तहत हरित और खुले क्षेत्र के रूप में संरक्षित रहेगा।

 

शानदार कनेक्टिविटी और रणनीतिक लाभ

प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नया शहर सीधे नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके साथ ही यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के काफी करीब है और नेशनल हाईवे-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे तथा स्टेट हाईवे-33 से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ताजनगरी का औद्योगिक दबाव भी कम होगा।

 

स्थानीय उद्योगों को मिलेगी ग्लोबल पहचान

हाथरस में वर्तमान में सक्रिय 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को इस सेंटर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओडी) के तहत हाथरस की विश्वप्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी फायदा होगा, जिसके तहत ब्रज क्षेत्र की कृषि प्रधानता को देखते हुए यहां बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी प्लांट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
 

साथ ही रेडीमेड गारमेंट्स (होजरी), ग्लास बीड्स (कांच के मोती), पीतल के आभूषण (पायल), मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जाएंगे। अगले चरण में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे मेडिकल-सर्जिकल उपकरण और पावर ग्रिड मशीनरी बनाने वाली वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

 

लाखों की संख्या में रोजगार की संभावनाएं

प्राधिकरण के अनुसार इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।
Edited By : Chetan Gour

Women World Cup में भारत ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी

AUSvsIND भारत ने एक अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। दोनों ही टीम में एक बदलाव है। भारत ने क्रांति गौड़ को मौका दिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर से फीबी लिचफील़्ड की वापसी हुई है।

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी,श्री चरणी।

ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।

India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।

फ्रांस में पैराशूट स्कूल का प्लेन क्रैश:5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट की मौत, ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते ही संतुलन बिगड़ा

पूर्वी फ्रांस के टॉम्बलाइन में रविवार सुबह एक पैराशूटिस्ट स्कूल का सिविलियन एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, म्यूर्थ-ए-मोजेल इलाके के प्रशासनिक अधिकारी (प्रीफेक्ट) यवेस सेगुई ने बताया कि विमान ने नैन्सी-एस्से एयरोड्रोम से उड़ान भरी थी, जिसके बाद स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे यह नैन्सी शहर के पास क्रैश हो गया। 3 पॉइंट्स में समझिए कैसे हुआ हादसा? इमरजेंसी सर्विसेज ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू हादसे की खबर मिलते ही इमरजेंसी सर्विसेज और राहत-बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है। अधिकारी मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि गृह मंत्री खुद हालात का जायजा लेने घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ब्लास्ट के खतरे के कारण पुलिस ने इलाका सील किया पुलिस की अपील- घटनास्थल की तरफ न जाएं लोग स्थानीय पुलिस ने आम जनता से साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट इलाके से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने X पर पोस्ट कर कहा, “राहत और बचाव काम में लगी टीमों और पुलिस के लिए रास्ता साफ रखें। घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।” रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ऑपरेशनल सेंटर एक्टिव स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि घटना की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विभागीय परिचालन केंद्र (COD) को एक्टिव कर दिया गया है। सभी ऑपरेशनल टीमें काम पर लगा दी गई हैं और प्रीफेक्ट खुद मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं… ये भी पढ़ें… सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत: मरने वाले सभी सऊदी के नागरिक, हेलिकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

फ्रांस में गर्मी से 1000 लोगों की मौत:जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन समेत 16 देशों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी; सड़कें पिघलीं, स्कूल बंद, जंगलों में आग

यूरोप इन दिनों रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस में भीषण गर्मी से करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है। हेल्थ एजेंसी ने रविवार को बताया कि ये मौतें 24 जून से 27 जून के बीच हुईं। अतिरिक्त मौतों का मतलब है कि पिछले कुछ साल में हुई औसत मौतों की तुलना में इस बार करीब 1000 लोग ज्यादा मरे हैं। हालांकि सरकार ने न ही पिछली बार और न ही इस बार का कोई सटीक आंकड़ा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में 85% बुजुर्ग हैं। सबसे अधिक मौतें घरों में हुईं। खासकर राजधानी पेरिस और उसके आसपास के इलाकों वाले इलाके में ऐसे मामले ज्यादा सामने आए। वहीं, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, डेनमार्क, इटली और स्विट्जरलैंड समेत 16 देशों में तापमान ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। न्यूज एजेंसी AFP के अनुमान के मुताबिक, रविवार को यूरोप के करीब 19.1 करोड़ लोगों को 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान का सामना करना पड़ा। कहीं सड़कें पिघल रही हैं, कहीं स्कूल बंद करने पड़े हैं, तो कहीं जंगलों में भीषण आग भड़क उठी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप का तापमान दुनिया के औसत तापमान की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। भविष्य में ऐसी गर्मी की लहरें और अधिक बार आएंगी, ज्यादा समय तक रहेंगी। यूरोपीय देशों में गर्मी की हालत ब्रिटेन: जून में गर्मी का 50 साल पुराना रिकॉर्ड 3 बार टूटा ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार लगातार तीन दिनों तक ‘रेड वार्निंग’ जारी करनी पड़ी है। ब्रिटेन में जून के महीने का 50 साल पुराना पिछला रिकॉर्ड (35.6°C) इस हफ्ते लगातार तीन दिन टूटा है। दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस जून का नया रिकॉर्ड है। ब्रिटेन के इतिहास का सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस है, जो जुलाई 2022 में दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि यह इस साल टूट सकता है। गर्मी के कारण बिजली की मांग 45 साल में सबसे ज्यादा हो गई है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या अचानक बहुत बढ़ गई है। इसके कारण कई बड़े अस्पतालों को इमरजेंसी घोषित करना पड़ा है। पूरे ब्रिटेन में 1,000 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है। कंक्रीट और पुरानी तकनीक से बनी क्लासरूम की इमारतें इतनी गर्म हो गई हैं कि बच्चों और शिक्षकों का वहां बैठना असंभव हो गया है। अत्यधिक तापमान के कारण लोहे की रेलवे पटरियां फैल रही हैं और उनके मुड़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके कारण ट्रेनों की रफ्तार पर सख्त स्पीड लिमिट (60 मील प्रति घंटा) लगा दी गई है। ब्रिटेन के कई इलाके में पाइप के जरिए बगीचों और कारों पर पानी डालने (होजपाइप) पर रोक लगा दी गई है। स्पेन: यूरोप में सबसे ज्यादा गर्मी, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा स्पेन इस समय पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा तप रहा है। स्पेन के एंडुजार में तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। वहीं उत्तरी शहर बिलबाओ में जून का सर्वकालिक रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 42.7°C दर्ज किया गया। पिछले 4 दिनों में गर्मी के कारण देश में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अत्यधिक सूखे और भीषण गर्मी के कारण स्पेन के जंगलों में भयंकर आग भड़क उठी है। दमकल विभाग चौबीसों घंटे आग बुझाने में जुटा है, और कई कस्बों को खाली कराना पड़ा है। जर्मनी: 41.5 डिग्री तापमान- इतिहास में सबसे ज्यादा गर्मी पूर्वी जर्मनी के ड्रैविट्ज में शनिवार को तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह जर्मनी के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं, कुबशुट्स शहर में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। करीब 150 साल पहले रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह देश की सबसे गर्म रात रही। गर्मी इतनी भीषण है कि जर्मनी में कई हाइवे की सड़कें पिघलने और टूटने लगी हैं, जिससे उन्हें बंद करना पड़ा है। जर्मनी में कई स्पोर्ट्स इवेंट्स, म्यूजिक फेस्टिवल्स और कॉन्सर्ट्स को सुरक्षा के लिहाज से रद्द या स्थगित करना पड़ा है। डेनमार्क: ठंडे देश में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंचा जर्मनी का पड़ोसी डेनमार्क ठंडे देश के रूप में जाना जाता है। वहां भी इस बार ऐसी गर्मी पड़ी है जो इतिहास में कभी नहीं देखी गई। शनिवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। डेनमार्क में 1874 से रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ था। इसके बाद से यह सबसे अधिकतम तापमान है। इससे पहले अगस्त 1975 में सबसे ज्यादा 36.4°C गर्मी पड़ी थी। डेनमार्क की सड़कें पिघलने लगी हैं। इस वजह से वहां भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि सड़कों को उखड़ने से बचाया जा सके। गर्मी से बचने के लिए कोपेनहेगन के मशहूर अमागर बीच और देश के दूसरे तटीय इलाकों में लाखों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक उमड़ पड़े। लेकिन स्थिति यह थी कि ठंडे पानी में नहाने और गर्मी से बचने के लिए बीच पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। फ्रांस: इतिहास का सबसे गर्म दिन, तापमान 44.3 डिग्री पहुंचा फ्रांस के पिसोस शहर में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर औसत तापमान 30°C को पार कर गया, जो रिकॉर्ड में फ्रांस का सबसे गर्म दिन रहा। यहां रात का तापमान भी औसतन 22°C से नीचे नहीं गया। गर्मी से पटरियों के फैलने के कारण ट्रेनें रोकनी पड़ी हैं और बिजली ग्रिड ठप होने से 50,000 घर बिना बिजली के रह रहे हैं। फ्रांस में सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया। इटली: 18 शहरों में रेड अलर्ट, पो नदी में सूखे का खतरा इटली में गर्मी लगातार बढ़ रही है। सरकार ने रोम, मिलान, वेनिस, फ्लोरेंस और ट्यूरिन समेत 18 शहरों में सबसे ऊंचा रेड हीट अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी के कारण देश की सबसे लंबी पो नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। इस वजह से समुद्र का खारा पानी नदी में घुसने लगा है, जिससे खेती और पेयजल पर खतरा बढ़ गया है। सरकार ने कई इलाकों में लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने की सलाह दी गई है और कामकाज के समय में भी बदलाव किए गए हैं। चेक रिपब्लिक: 40 डिग्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हीटवेव ने चेक रिपब्लिक को भी नहीं बख्शा है। शनिवार को देश के डोक्सानी शहर में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले देश का राष्ट्रीय ऑल-टाइम रिकॉर्ड 40.4°C था, जो लगभग 14 साल पहले 20 अगस्त 2012 को डोब्रिचोवाइस शहर में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने पूरे देश के लिए उच्चतम स्तर का रेड अलर्ट जारी कर रखा है और लोगों को दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

स्विट्जरलैंड: जून का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड के बासेल शहर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह देश के इतिहास में जून महीने का सबसे अधिक तापमान है। भीषण गर्मी की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल ग्लेशियरों का बर्फ नुकसान रिकॉर्ड समय से पहले शुरू हो गया है। पोलैंड: 100 साल पुराना तापमान रिकॉर्ड टूटने की आशंका पोलैंड में भी रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान जताया है। अगर ऐसा हुआ तो 1921 में बना 40.2°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा। सरकार ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है और लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। कई शहरों में कूलिंग सेंटर खोले गए हैं। पुर्तगाल: 40 डिग्री के पार तापमान, जंगलों में आग का खतरा पुर्तगाल में भी तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। देश के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी है। भीषण गर्मी और सूखे के कारण जंगलों में आग का खतरा काफी बढ़ गया है। दमकल विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से जंगलों में आग जलाने या बारबेक्यू करने से बचने को कहा गया है। 40°C भारत में सामान्य क्यों है? यूरोप में आपदा कैसे बन जाता है? जब भारत में तापमान 43°C पहुंचता है, तो लोग इसे मई-जून की आम गर्मी मानकर सिर पर गमछा ओढ़ते हैं और आम पना पीते हुए काम पर निकल जाते हैं। लेकिन जब यही तापमान यूरोप में 40°C पार करता है, तो वहां रेड अलर्ट जारी हो जाता है, ट्रेनें रुक जाती हैं और इसे एक ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित कर दिया जाता है। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि ज्योग्राफी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंसानी शरीर की आदत का एक पूरा विज्ञान है। i. इन्फ्रास्ट्रक्चर का फर्क यूरोप: घर और इमारतें गर्मी को अंदर रोकने के लिए बनाए जाते हैं, ताकि सर्दियों में कम हीटिंग की जरूरत पड़े। जब वहां गर्मी पड़ती है, तो ये घर ‘ओवन’ (तंदूर) की तरह काम करने लगते हैं। गर्मी अंदर तो आ जाती है, पर बाहर नहीं निकल पाती। भारत: घर इस तरह बनाए जाते हैं कि हवा का क्रॉस-वेंटिलेशन हो सके। ऊंची छतें, संगमरमर या टाइल्स के फर्श और खुली खिड़कियां गर्मी को रोकने के बजाय उसे बाहर निकालने में मदद करती हैं। ii. इंसानी शरीर की आदत भारत: हमारे शरीर को बचपन से ही हाई टेम्परेचर झेलने की आदत होती है। भारत के लोगों का ‘थर्मोरेगुलेशन सिस्टम’ (शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता) अच्छा है। भारत के लोगों का शरीर ज्यादा गर्मी में पसीना बहाने लगता है जिससे शरीर को तुरंत ठंडा हो जाता है। यूरोप: यूरोप के लोगों का शरीर कम तापमान का आदी होता है। जब अचानक तापमान 40°C पहुंचता है, तो उनका शरीर इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर पाता। इससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और ऑर्गन फेलियर का खतरा बहुत तेजी से बढ़ता है। iii. ह्यूमिडिटी का फर्क गर्मी सिर्फ तापमान से नहीं, बल्कि हवा में मौजूद नमी से तय होती है। भारत में मई और जून की सूखी गर्मी में पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे शरीर का तापमान कम होने में मदद मिलती है। यूरोप में जब गर्मी पड़ती है, तो हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है। उमस के कारण शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। 40°C तापमान वहां महसूस 45°C या उससे ज्यादा जैसा होता है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में गर्मी से 58 लोगों की मौत:न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद करना पड़ा; हीटवेव की चपेट में 26 यूरोपीय देश, इटली-ब्रिटेन में रेड अलर्ट
फ्रांस में गर्मी के कारण 58 लोगों की मौत हो गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में नहाने जा रहे हैं। इसके चलते पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IND vs IRE: दूसरे मैच में भी वैभव को नहीं मिला मौका, इन खिलाड़ियों ने किया डेब्यू

IND vs IRE: भारत और आयरलैंड के बीच 2 मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज खेला जा रहा है। मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला जीतकर आयरलैंड की टीम 1-0 की बढ़त बनाई है। वहीं इस मुकाबले में सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव डेब्यू कर रहे हैं। वहीं दूसरे मैच में वैभल सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है।