Gold Price Today: सोने में गिरावट लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक फिसला; ये है नया भाव

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 29 जून की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव लुढ़का है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 144090 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक सप्ताह में देश में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 2510 रुपये तक ​फिसली है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 2300 रुपये तक नीचे आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर है।

इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अपील के बाद देश में 10 मई से अब तक सोना 13267 रुपये तक सस्ता हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत के बढ़ते आयात बिल का जिक्र करते हुए 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की थी कि एक साल तक सोने की गैर-जरूरी खरीद करने से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144090 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131940 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132090144090
मुंबई131940143940
अहमदाबाद131990143990
चेन्नई133690145850
कोलकाता131940143940
हैदराबाद131940143940
जयपुर132090144090
भोपाल131990143990
लखनऊ132090144090
चंडीगढ़132090144090

SSY vs PPF: सुकन्या समृद्धि या PPF… हर महीने ₹5000 जमा करें तो कहां बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा हिसाब

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 29 जून की सुबह कीमत फिसलकर 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये नीचे आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस पर है।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 1% से ज्यादा गिरा, निक्केई में भी दबाव

Asian Market Today: मिडिल ईस्ट में हुए नए डेवलपमेंट के बाद सोमवार सुबह एशिया-पैसिफिक मार्केट में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.98% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.21% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.23% फिसला, जबकि कोसडैक 0.97% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए। होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग जहाजों पर ईरान के हमलों के बदले में US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमला करने के बाद वीकेंड में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया।

गिफ्ट निफ्टी 24,087 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 15 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट शुक्रवार को AI से जुड़े चिप स्टॉक्स में भारी गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.09% गिरकर 51,876.11 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.05% गिरकर 7,353.95 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.24% गिरकर 25,297.62 पॉइंट्स पर बंद हुआ। इस हफ़्ते, S&P 500 2.05% और नैस्डैक 4.7% गिरा।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 1.64% गिरी, AMD के शेयर 2.06% गिरे, ब्रॉडकॉम 3.67% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 5.71% उछले, एप्पल के स्टॉक की कीमत 3.14% बढ़ी, अमेज़न के शेयर 2.50% बढ़े, मेटा 1.36% बढ़ा, जबकि अल्फाबेट के शेयर 2.19% फिसले।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 6.69% गिरे, टेस्ला के शेयर की कीमत 1.22% बढ़ी, जबकि स्पेसएक्स के शेयर 0.15% और मॉडर्ना के शेयर की कीमत 12.59% बढ़ी।

US-ईरान युद्ध

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, US और ईरान इस हफ़्ते होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध खत्म करने के लिए दूसरे मुद्दों पर शांति वार्ता खत्म होने से पहले एक-दूसरे पर हमला करना बंद करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने वीकेंड में एक-दूसरे पर नए हमले किए और एक-दूसरे पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाया।

हालांकि खबर आई है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

US कंज्यूमर सेंटिमेंट

US कंज्यूमर सेंटिमेंट जून में रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस उछला। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के कंज्यूमर सर्वे ने कहा कि उसका कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स मई में 44.8 से बढ़कर इस महीने 49.5 की फ़ाइनल रीडिंग पर पहुंच गया। यह इस महीने की शुरुआत में 48.9 से थोड़ा बेहतर था। रॉयटर्स के पोल में शामिल अर्थशास्त्रियों ने इंडेक्स के 50.0 की फ़ाइनल रीडिंग तक बढ़ने का अनुमान लगाया था।

 

आज का गोल्ड रेट

US-ईरान के नए हमलों और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.5% गिरकर $4,067.99 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,081.20 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर 1.1% गिरकर $58.49 प्रति औंस पर आ गया।

क्रूड ऑयल की कीमतें

मिडिल ईस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के कई दिनों तक एक-दूसरे पर हमला करने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.67% बढ़कर $72.51 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.03% बढ़कर $69.94 प्रति बैरल पर था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Iran-US War: गुड न्यूज! अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर हुए सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक गुड न्यूज आई है। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद दोनों देशों की तरफ से किए गए हमले के बाद यह सहमति बनी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

कतर में होर्मुज पर होगी चर्चा

कतर की राजधानी दोहा में होने वाली बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक है, जहां हालिया हमलों ने शिपिंग को बाधित किया है।

इसके अलावा, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया, “MoU के सभी क्षेत्रों पर तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।” यह उस समझौते का जिक्र है जिसके तहत होर्मुज को समुद्री ट्रैफिक के लिए फिर से खोला जाएगा।

ईरान के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध

गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) के हमले के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक संघर्ष खत्म करने के समझौते का सम्मान करने में विफल रहता है, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

ट्रंप ने दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले भी किए थे। यह एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा शिपिंग रूट्स है जिसे तेहरान ने संघर्ष के दौरान काफी हद तक बंद कर दिया था। ‘Axios’ की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है।

ट्रंप ने लिखा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम अब समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!

राजनयिक कोशिशों को झटका लगा

17 जून के अंतरिम शांति समझौते का मकसद लड़ाई रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत बड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता बनाना था। स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता वाली बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका था, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने की थी।

वाशिंगटन ने तेहरान पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए थे। लेकिन इन राजनयिक कोशिशों के बावजूद सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है।

IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के कारण सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी। जबकि उसके नौसैनिक कमांड ने कहा कि इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों को आने वाले दिनों में नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। लेकिन कहा कि किसी अमेरिकी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

इलाके में तनाव बरकरार

इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एक और हमला किया। इससे पहले शनिवार को भी लेबनान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद एक अलग हमला किया गया था। ईरान का कहना है कि अगर व्यापक क्षेत्रीय समझौते को बनाए रखना है, तो लेबनान में लड़ाई खत्म होनी चाहिए।

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वहीं, दूसरी ओर बहरीन ने कहा कि ईरान के हमले से मुहर्रक प्रांत में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।

3 reasons to buy the Triumph Tracker 400 and 2 reasons to skip it

Tracker 400 static

The Triumph Tracker 400 is the newest addition to the Indian-made Triumph lineup and, on paper at least, the most distinctive of the lot. It draws its design inspiration from flat-track racing, with a wider fuel tank, chunky dual-purpose tyres, number board-style panels and a flyscreen. Here’s what works in its favour and a couple of reasons it might not be for you.

Reasons to buy the Triumph Tracker 400

Eye-catching, distinctive design

The Tracker 400 is the most visually striking motorcycle in the Indian Triumph range. The wider tank, cast aluminium headlamp mount, flyscreen and number board panels give it a strong, individual character that you won’t find anywhere else at this price. During our time with the bike, it attracted more attention than any of the other single-cylinder Triumphs – and for riders who want something that stands apart from the crowd of retro-styled commuters in this segment, that matters. The tail section, shared with the Thruxton, is the one visual weak point, but it doesn’t significantly detract from the overall look.

Handling and comfort

Despite the off-road-styled MRF Revz AT-03 tyres, the Tracker 400 is a genuinely capable and entertaining handler. The sharper 24.5-degree steering rake angle that it shares with the Thruxton 400 makes itself felt in the corners, and there is good lean-angle clearance available. More impressive is how well the suspension balances firmness with compliance – it inspires confidence at higher speeds while still absorbing rough roads without fuss. The sporty, leaned-forward riding position created by the lower and wider handlebar and repositioned footpegs adds to the sense of connection without crossing into discomfort over longer rides.

Price

At Rs 2.46 lakh (ex-showroom, Delhi), the Tracker 400 is priced Rs 14,000 more than the Speed 400 and Rs 24,000 less than the Thruxton 400 – a sensible position in the range given it shares the latter’s engine tune and suspension character. It comes with the same full feature set as the rest of the Indian Triumph lineup, including switchable traction control, a semi-digital display and a bi-directional quickshifter, making it good value for what you get.

Reasons to skip the Triumph Tracker 400

It’s a tracker only in name

The Tracker 400’s flat-track styling is exactly that – styling. Look beneath the chunky tyres and number boards, and you’re riding a bike based on the Thruxton 400 with a sporty steering geometry and a more aggressive riding position. There is no off-road capability to speak of, and the dual-purpose tyres, while they look the part, would have been better replaced with road-biased rubber that lets the chassis show what it can actually do. If you’re buying this expecting anything beyond a road-focused sporty roadster, you’ll be disappointed.

High-rpm vibrations

The Tracker shares the Thruxton 400’s higher state of tune – 40hp versus 37hp on the Speed 400 – but that extra performance comes with a noticeable increase in vibration above 8,000rpm. During our time with the bike, the buzz through the handlebars, footpegs and tank became more intrusive than on the Speed 400 once the revs climbed, and sustained highway cruising above 110kph required more mental effort to manage. For a bike that is otherwise well-suited to longer rides, this is a genuine drawback.

अब सेशेल्स में भी UPI से पेमेंट होगा:भारत के साथ 19 बड़े समझौते पर मुहर, 1250 करोड़ का लोन भी मिलेगा

भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में हुए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब सेशेल्स में भी भारत की UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू होगी। भारत ने अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को लेकर समझौते किए हैं। फिलहाल 9 देशों में UPI से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत, सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) देगा, जिससे वहां की विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ये घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… मोदी गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। मोदी आज सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नेवल बैंड भी परेड में शामिल होंगे। PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें 1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। 2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। 3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे। 4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ईरान का कुवैत-बहरीन में 8 अमेरिकी ठिकानों पर हमला:खामेनेई बोले- दुश्मन देशों के बयान ही अपराध का सबूत, हर मौत का हिसाब लेंगे

ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि यह हमला ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देशों के नेताओं ने हालिया हमलों को लेकर जिस तरह बयान दिए हैं और उन पर गर्व जताया है, वह अपने आप में अपराध स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हर हमले, हर मौत और हर नुकसान के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… ईरान-अमेरिकी पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

SSY vs PPF: सुकन्या समृद्धि या PPF… हर महीने ₹5000 जमा करें तो कहां बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा हिसाब

Sukanya Samriddhi Yojana vs PPF: अगर आप हर महीने बचत करके भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दोनों अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ये दोनों ही सरकार की गारंटी वाली योजनाएं हैं। इसलिए पैसा डूबने का जोखिम भी नहीं रहता। लेकिन सवाल यह है कि अगर हर महीने ₹5,000 जमा किए जाएं, तो आखिर किस योजना में ज्यादा पैसा मिलेगा? आइए पूरा हिसाब समझते हैं।

PPF और सुकन्या योजना में क्या अंतर है?

PPF में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है। चाहे नौकरीपेशा हो, किसान हो, दुकानदार हो या छोटा कारोबारी। फिलहाल इस योजना पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है।

वहीं सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ बेटियों के लिए बनाई गई है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। इस समय इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है।

हर महीने ₹5,000 जमा करने पर कितना निवेश होगा?

अगर आप हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं, तो सालभर में कुल ₹60,000 निवेश होगा। 15 साल तक ऐसा करने पर आपका कुल निवेश ₹9 लाख होगा। अब देखते हैं कि यह ₹9 लाख आगे चलकर कितना बन सकता है।

PPF में कितना पैसा बन सकता है?

अगर PPF पर पूरे 15 साल तक 7.1% सालाना ब्याज मिलता है और आप हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो इस दौरान आपका कुल निवेश 9 लाख रुपये होगा। इस पर आपको करीब 7.27 लाख रुपये ब्याज मिलेगा। मैच्योरिटी पर आपके हाथ में करीब 16.27 लाख रुपये होंगे। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 15 साल में 16 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगा।

सुकन्या योजना में कितना पैसा बन सकता है?

अगर आपकी बेटी छोटी है और उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। अगर आप 15 साल तक हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो आपका कुल निवेश यहां भी 9 लाख रुपये ही रहेगा।

लेकिन 15 साल बाद जमा बंद होने के बावजूद खाते में ब्याज मिलता रहता है और यह 21 साल में मैच्योर होता है। मौजूदा 8.2% ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर आपको करीब 30.7 लाख रुपये मिल सकते हैं। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 30 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या में ज्यादा पैसा क्यों बनता है?

इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह है ज्यादा ब्याज दर। फिलहाल सुकन्या योजना पर PPF से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। दूसरी वजह है लंबी कंपाउंडिंग। आप 15 साल तक पैसा जमा करते हैं, लेकिन उसके बाद भी 6 साल तक पैसा ब्याज कमाता रहता है। यही कारण है कि अंतिम रकम में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

टैक्स में भी मिलता है फायदा

PPF और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों में टैक्स का फायदा मिलता है। इन योजनाओं में जमा रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की छूट ली जा सकती है।

सिर्फ निवेश पर ही नहीं, बल्कि मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं लगता। यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी… तीनों स्तर पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

किसके लिए कौन-सी योजना बेहतर?

अगर आपकी बेटी है और आप उसकी पढ़ाई, शादी या भविष्य के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें लंबी अवधि तक निवेश बढ़ने का फायदा मिलता है।

वहीं, अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना है, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। इसकी एक और खासियत यह है कि इसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है।

किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा?

अगर सिर्फ रिटर्न की बात करें, तो मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से सुकन्या समृद्धि योजना PPF से आगे नजर आती है। हर महीने ₹5,000 जमा करने पर जहां PPF में करीब ₹16.27 लाख का फंड बन सकता है, वहीं सुकन्या योजना में यह रकम करीब ₹30.7 लाख तक पहुंच सकती है।

हालांकि निवेश का फैसला सिर्फ रिटर्न देखकर नहीं करना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि आपका पैसा किस लक्ष्य के लिए जमा किया जा रहा है। बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना बेहतर हो सकती है। वहीं, लंबी अवधि की बचत के लिए PPF एक मजबूत विकल्प माना जाता है।

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Rashifal Today: आज किस मूलांक के लोगों को रखना होगा बजट पर कंट्रोल, जानें कैसा होगा आपका आज का दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक के लिए आर्थिक अनुशासन, बचत और भविष्य की योजना बनाने का संकेत देता है। सोच-समझकर खर्च करना और जल्दबाजी से बचना ही सफलता की कुंजी रहेगा।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो मूलांक आज पैसों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें। बजट बनाकर चलेंगे तो भविष्य में फायदा मिलेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अच्छा समय है। अपने खर्चों की समीक्षा करें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। निवेश या भविष्य की योजनाओं पर सोच-विचार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी फैसला पूरी जानकारी के बाद ही लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े मामलों में अच्छी योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। बाजार और निवेश से जुड़ी नई जानकारी पर नजर रखें। अगर अचानक कोई खर्च सामने आए तो घबराने के बजाय समझदारी से स्थिति संभालें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। जरूरी चीजों पर ही पैसा लगाएं और बजट को संतुलित रखें ताकि भविष्य में परेशानी न हो।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आपकी समझ अच्छी रहेगी। खर्चों को व्यवस्थित करें और नए आय के अवसरों पर नजर रखें। जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें और हर फैसला सोच-समझकर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों का सही प्रबंधन करना जरूरी रहेगा। अपनी बचत, बिल और निवेश की समीक्षा करें। छोटी-छोटी आर्थिक गलतियों से बचेंगे तो आगे चलकर बड़ा फायदा मिल सकता है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। फिजूल खर्च से बचें और बचत पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आने वाले समय में लाभ दे सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाने के लिए दिन अनुकूल है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने खर्चों और बचत का आकलन करें। धैर्य और समझदारी के साथ लिया गया निर्णय आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर अटैक करने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। इन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के हेडकॉर्टर पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इसमें चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। वहीं, छह हमलावर मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर बाजौर जिले में ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा का बाजौर, अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है ये हमले TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने किए गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के पिछले दो बड़े हमले…. 10 जून: पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत, इनमें 11 बच्चे थे पाकिस्तान ने 10 जून को अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे थे। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी की। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में 400 की मौत, 250 घायल
पाकिस्तान ने 16 मार्च की रात को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 250 से ज्यादा घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। पूरी खबर पढ़ें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला:4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; तालिबान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर अटैक करने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। इन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के हेडकॉर्टर पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इसमें चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। वहीं, छह हमलावर मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर बाजौर जिले में ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा का बाजौर, अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है ये हमले TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने किए गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के पिछले दो बड़े हमले…. 10 जून: पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत, इनमें 11 बच्चे थे पाकिस्तान ने 10 जून को अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे थे। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी की। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में 400 की मौत, 250 घायल
पाकिस्तान ने 16 मार्च की रात को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 250 से ज्यादा घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। पूरी खबर पढ़ें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला:4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; तालिबान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…