अब पैसे लगाने लायक हो गया शेयर बाजार? JPMorgan ने कहा- टैक्स और नीतिगत बदलावों से सुधरा माहौल

भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक JPMorgan का मानना है कि सरकार के टैक्स और नीतिगत बदलावों की वजह से अब इक्विटी में निवेश पहले से ज्यादा आकर्षक हो गया है। यही कारण है कि पिछले दो साल में बाजार की रिटर्न ज्यादा दमदार नहीं रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों का पैसा लगातार शेयर बाजार में आ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG), डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स से जुड़े टैक्स नियमों में हुए बदलावों से इक्विटी की स्थिति मजबूत हुई है। इससे लोगों का रुझान धीरे-धीरे पारंपरिक बचत की जगह वित्तीय निवेश की ओर बढ़ रहा है।

टैक्स नियमों से इक्विटी को फायदा कैसे?

JPMorgan के मुताबिक, फिलहाल इक्विटी पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, डेट म्यूचुअल फंड पर इंडेक्सेशन का फायदा खत्म हो चुका है। कुछ इंश्योरेंस पॉलिसियों की मैच्योरिटी रकम पर भी टैक्स लागू हो गया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि इन बदलावों से दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले इक्विटी ज्यादा आकर्षक बन गई है।

SIP से लगातार आ रहा पैसा

रिपोर्ट का कहना है कि घरेलू निवेशकों की सबसे बड़ी ताकत अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बन गया है। पिछले दो साल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी घटाई। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों ने SIP के जरिए लगातार निवेश जारी रखा। इससे बाजार को मजबूत सहारा मिला।

JPMorgan का मानना है कि यह सिर्फ बाजार की चाल से जुड़ा निवेश नहीं है, बल्कि लोगों की बचत की आदत में स्थायी बदलाव का संकेत है। मतलब कि अब लोग तेजी की गिरावट की परवाह किए बगैर निवेश जारी रख रहे हैं।

घरेलू निवेशक सबसे बड़ा सहारा

ब्रोकरेज का कहना है कि घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा सहारा बन गया है। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर काफी हद तक संतुलित हो जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भी घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा वित्तीय निवेश और इक्विटी की ओर जा सकता है।

किन बातों का है जोखिम?

JPMorgan ने यह भी कहा कि उसकी यह उम्मीद घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी पर टिकी है। अगर लंबे समय तक हर महीने SIP निवेश 250 अरब रुपये (25,000 करोड़ रुपये) से नीचे रहता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा, अगर किसी नियामकीय बदलाव की वजह से डेरिवेटिव कारोबार में 20% से ज्यादा गिरावट आती है, तो इसका असर पूरे शेयर बाजार की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

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रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर चोरों का धावा, जेवर और दस्तावेज लेकर भागे चोर, पुलिस से हाथापाई

ट्विशा शर्मा हत्या मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर में चोरी हो गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस ने चोरी की भी गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, रात करीब 2 बजे तीन नकाबपोश लोग घर की पहली मंजिल पर बने पिछले दरवाजे से अंदर घुसे। ट्विशा शर्मा हत्याकांड सामने आने के बाद से यह घर पहले से ही जांच के दायरे में था। घटना के समय घर में सिर्फ गिरिबाला सिंह का बड़ा बेटा मौजूद था। वहीं, गिरिबाला सिंह और उनका छोटा बेटा समर्थ सिंह हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।

घर में हुई  चोरी

शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर घर से सोने के गहने और कई जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। रात में नियमित गश्त के दौरान पुलिस की चार्ली टीम को इलाके में तीन संदिग्ध लोग दिखाई दिए। जब पुलिस उनसे पूछताछ करने पहुंची तो तीनों ने विरोध किया, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और मौके से भाग निकले। भागते समय आरोपी एक बैग वहीं छोड़ गए। बैग में चांदी के कुछ कटोरे और कई दस्तावेज मिले हैं। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि बरामद सामान गिरिबाला सिंह के घर का है या फिर किसी दूसरी जगह से चोरी किया गया है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप ने बताया कि घटना की पुष्टि हो गई है। आरोपियों की पहचान करने और पूरी घटना का पता लगाने के लिए घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घर से आखिर कितना सामान चोरी हुआ है। परिवार अभी तक चोरी हुए गहनों, कीमती सामान और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी जुटा रहा है।

परिवार की ओर से शिकायत दी जा रही है, जिसके बाद पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से जांच आगे बढ़ा रही है। यह चोरी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह घर ट्विशा शर्मा हत्या मामले की जांच से जुड़ा हुआ है और इस केस में महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ चोरी हुए सामान और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी सामने लाई जाएगी।

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : योगी आदित्यनाथ

– फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहीत, मुख्यमंत्री बोले- सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें

– मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए

– लाइन लॉस पर फीडरवार तय होगी जवाबदेही, बिजली चोरी के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान- ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन

– जनहित की प्रत्येक परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो

Chief Minister Yogi Adityanath issued directives regarding Fire NOC

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित प्रदेश की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

 

बैठक में गत मुख्यमंत्री-समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर अर्थात 84.80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 643.60 हेक्टेयर के सापेक्ष 315.73 हेक्टेयर अर्थात 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1539.19 हेक्टेयर के सापेक्ष 654.77 हेक्टेयर तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 895.34 हेक्टेयर के सापेक्ष 266.82 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी एवं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति एवं भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

 

बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण एवं विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जनपद एवं विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर चयन एवं तैनाती की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा निजी क्षेत्र निवेश के लिए इच्छुक है। आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

 

बैठक में डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने एवं पृथक्करण की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

 

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ, आगरा एवं सहारनपुर को लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
Edited By : Chetan Gour

IND W vs AUS W: भारत के लिए करो या मरो का मुकाबला, टीम इंडिया को सपोर्ट करने लॉर्ड्स पहुंचे विराट-अनुष्का

महिला टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए में आज का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच लॉर्ड्स में खेला जा रहा है। ये मैच भारतीय महिला टीम के लिए करो या मरो जैसा है। इस मुकाबले में जीत मिलने पर भारत सेमीफाइनल में जगह बना लेगा, जबकि हार के साथ टीम का टूर्नामेंट में सफर खत्म हो जाएगा। वहीं इस अहम मैच में भारतीय महिला टीम को सपोर्ट करने विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मैच देखने पहुंचे। वहीं शिखर धवन और रवि शास्त्री भी टीम को सपोर्ट करने स्टेडियम में पहुंचे। सोशल मीडिया पर इनकी फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

टीम को सपोर्ट करने पहुंचे विराट-अनुष्का

पहली पारी के दौरान विराट कोहली दर्शक दीर्घा में बैठकर मैच का आनंद लेते नजर आए। उनके साथ उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा और भारत के पूर्व कप्तान व पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री भी मौजूद थे। स्टैंड में बैठकर मैच देखते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। विराट के अलावा पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अपनी पत्नी सोफी शाइन के साथ भारतीय महिला टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए स्टेडियम में मौजूद दिखाई दिए।

हरमनप्रीत कौर की फिप्टी

वहीं मुकाबसले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल रहे। हरमनप्रीत ने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा लगाया गया सबसे तेज अर्धशतक बन गया। उनकी दमदार पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 170 रन बनाए।

कैसी थी भारत की पारी

भारत की पारी में हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 45 गेंदों में 64 रन जोड़े, जिसमें जेमिमा ने 28 गेंदों पर 34 रन बनाए। इससे पहले सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना(38) और शेफाली वर्मा (34) ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़कर भारत को तेज़ और मजबूत शुरुआत दिलाई, जिससे टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकी।

Ketan Murder Case: 640 मिनट तक इंटरनेट बंद! केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी की ‘ऑफलाइन’ चाल ने खोले कई राज

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी चेतन चौधरी का करीब 10 घंटे तक इंटरनेट बंद रखना पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस का मानना है कि 18 जून को चेतन ने जानबूझकर लगभग 640 मिनट तक अपना मोबाइल इंटरनेट बंद रखा, ताकि उसकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड सामने न आए। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी असामान्य हरकत से उन्हें पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद मिली।

जांच के अनुसार, चेतन ने सुबह करीब 7 बजे अपना मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसने अपनी लोकेशन और ऑनलाइन गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, दिन में लोहगढ़ किले की ओर जाते समय उसने बातचीत करने के लिए बीच-बीच में अपने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी इस्तेमाल किया।

पहचान छिपाने के लिए पहनी मोटी हुडी

पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भीषण गर्मी के बावजूद मोटी हुडी पहन रखी थी। पुलिस का दावा है कि उस समय तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, फिर भी वह ट्रेकिंग रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे सिया गोयल ने पहले से तय योजना के तहत विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर इशारा किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद चेतन चौधरी अपनी छिपी हुई जगह से बाहर आया और उसने केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

चेतन की ‘ऑफलाइन’ चाल नहीं आई काम

पुलिस जांच के मुताबिक, कई घंटे तक इंटरनेट बंद रखने के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने शाम करीब 5:40 बजे दोबारा अपना मोबाइल इंटरनेट चालू किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जांच के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी में आया यह अचानक बदलाव उनके लिए एक अहम सुराग बना। इससे पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा समझने में काफी मदद मिली।

मामले की जांच के तहत रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में लोहगढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और पूरी घटना को दोहराकर देखा। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने का रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई हरकतों और पूरी घटना के क्रम को फिर से तैयार कर उसकी जांच की।

बेन स्टोक्स ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा, मौजूदा टेस्ट होगा अंतिम

Ben Stokes

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे ।इंग्लैंड टीम ने टेस्ट के चौथे दिन के खेल के बीच में यह जानकारी दी ।इसके साथ ही स्टोक्स के 15 साल के कैरियर पर विराम लग जायेगा

जिसमें वह 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड की न्यूजीलैंड पर जीत के नायक रहे ।वह टी20 विश्व कप 2022 जीतने वाली इंग्लैंड टीम के भी अहम सदस्य थे और उसी साल टेस्ट कप्तान बने थे ।वह टी20 विश्व कप 2022 जीतने वाली इंग्लैंड टीम के भी अहम सदस्य थे और उसी साल टेस्ट कप्तान बने थे।


रेलवे गेटमैन से बने DSP! दिन में नौकरी रात में पढ़ाई…पहले ही प्रयास में पास ऐसे पास की BPSC की परीक्षा

बड़ी सफलता पाने के लिए सिर्फ अच्छे हालात नहीं, बल्कि मेहनत और मजबूत इरादों की भी जरूरत होती है। बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले राजू कुमार ने यह बात सच साबित कर दिखाई। वह रेलवे क्रॉसिंग पर गेटमैन की नौकरी करते थे। दिनभर ड्यूटी करने के बाद वह घर जाकर पढ़ाई में जुट जाते थे। उनका सपना था कि वह सरकारी अधिकारी बनें, और उन्होंने इस सपने को कभी नहीं छोड़ा। राजू कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा पास कर ली।

दिन में रेलवे गेटमैन, रात में पढ़ाई

बिहार तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में राजू कुमार पूरे राज्य में 72वीं रैंक हासिल की है। उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर हुआ। उनकी यह सफलता मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की एक शानदार मिसाल बन गई है। डीएसपी बनने से पहले राजू कुमार बिहार के रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा के पास रेलवे गेट नंबर 33 पर गेटमैन की नौकरी करते थे। उनकी ड्यूटी रेलवे फाटक की देखभाल करना और हर मौसम में लंबे समय तक काम करना था। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और बीपीएससी परीक्षा की तैयारी लगातार जारी रखी।

राजू कुमार की सफलता की कहानी

राजू का जीवन आसान नहीं रहा। जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी महज 12 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। पिता के जाने के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा। मुश्किल हालात के बावजूद राजू ने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई व सपनों को आगे बढ़ाते रहे। मुश्किल समय में राजू कुमार को उनके चचेरे भाई राजेश कुमार सुमन का पूरा साथ मिला। राजेश रोसड़ा में बीएसएस क्लब नाम से एक मुफ्त संस्थान चलाते थे, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मार्गदर्शन दिया जाता था। उनके सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत राजू ने पढ़ाई जारी रखी और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान बनाए रखा।

पढ़ाई के साथ ही राजू ने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। इसके बाद उनकी नियुक्ति रक्सौल में रेलवे गेटमैन के पद पर हुई। इस नौकरी से उन्हें आर्थिक सहारा मिला, जिससे वह अपनी मां और पूरे परिवार की जिम्मेदारियां भी बेहतर तरीके से निभा सके। रेलवे में नौकरी मिलने के बाद भी राजू कुमार ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा। उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। उनकी मेहनत और सीखने की लगन को देखकर दोस्तों ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने की सलाह दी। दोस्तों की बात मानकर राजू ने ग्रेजुएशन में दाखिला लिया और रेलवे की नौकरी के साथ-साथ बीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

BPSC में हासिल की 72वीं रैंक

12 घंटे की ड्यूटी के बाद भी वह देर रात तक पढ़ाई करते थे। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समय का सही इस्तेमाल किया। उनकी कई वर्षों की मेहनत आखिरकार सफल हुई। पहले ही प्रयास में उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा पास की और बिहार पुलिस सेवा में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर चयनित हो गए।

लैंडिंग के दौरान हादसा: इंजन बंद होने से पहले ही एयरक्राफ्ट से उतरीं ट्रेनी पायलट, पंखे से कटी पीठ

कानपुर कैंट स्थित गर्ग एविएशन की ट्रेनी पायलट रिया बत्रा शुक्रवार को नाइट लैंडिंग के बाद हादसे का शिकार हो गईं। एयरक्राफ्ट ने सुरक्षित रनवे पर नाइट लैंडिंग तो कर ली पर ट्रेनी पायलट इंजन बंद होने के पहले ही केबिन खोलकर उतर गईं।

गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

Amarnath Ice Lingam melting rapidly in heat

Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, धार्मिक संगठनों और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यात्रा और दर्शन की व्यवस्थाओं पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
 

अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां हर वर्ष गुफा की छत से टपकने वाले जल के जमने से प्राकृतिक हिमलिंग का निर्माण होता है। इसका आकार मौसम, तापमान और नमी की स्थिति पर निर्भर करता है। इस वर्ष कश्मीर घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून माह में कई दिनों तक तापमान औसत से ऊपर रहा, जिससे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फ तेजी से पिघली।

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विशेषज्ञों का कहना है कि हिमलिंग के तेजी से पिघलने के पीछे कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण बढ़ता तापमान और कम बर्फबारी है। पिछले शीतकाल में कई क्षेत्रों में सामान्य से कम हिमपात दर्ज किया गया, जिसके चलते गुफा के आसपास का प्राकृतिक शीत वातावरण अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इसके अलावा मई और जून में पड़ने वाली गर्म हवाओं तथा तेज धूप का भी प्रभाव पड़ा है।
 

पर्यावरणविदों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन का असर हिमालयी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्लेशियरों के सिकुड़ने, बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव और बढ़ते तापमान का प्रभाव अमरनाथ हिमलिंग के निर्माण और उसके आकार पर भी पड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भी कई बार हिमलिंग के समय से पहले छोटा होने या पिघलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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इस बीच, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। गुफा क्षेत्र और दोनों यात्रा मार्गोंकृपहल्गाम तथा बालटालकृपर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, हिमलिंग का आकार धार्मिक आस्था का विषय है, लेकिन यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
 

धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और यात्रा को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि हिमलिंग का आकार प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है और यह कोई असामान्य घटना नहीं है।

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मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य से कुछ अधिक रहने की संभावना जताई है। ऐसे में हिमलिंग के आकार में और कमी आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। फिर भी प्रशासन का दावा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुचारु दर्शन और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अमरनाथ यात्रा से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की नजरें अब गुफा में बनने वाली प्राकृतिक बर्फ संरचना और मौसम की आगामी परिस्थितियों पर टिकी हुई हैं।
Edited By : Chetan Gour