तूफानी बारिश की चेतावनी: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 7 दिन ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम बुलेटिन जारी कर ओडिशा और गुजरात में आफत की बारिश की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात क्षेत्र में अत्यंत भीषण बारिश (≥30 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा सौराष्ट्र व कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और झारखंड में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) और गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण व गोवा, ओडिशा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आने वाले सात दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

2 राज्यों के लिए अत्यंत भारी बारिश की वॉर्निंग

गुजरात: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 25 जुलाई 2026 को गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी 25 और 26 जुलाई को ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

ओडिशा: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में 25 और 26 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। राज्य में 25 से 28 जुलाई के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 25 से 31 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश और भारी वर्षा की संभावना है। 25 से 31 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 25-27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिशॉ हो सकती है। उत्तराखंड में 25-26 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश तथा 27 से 29 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: पंजाब में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को तथा हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 28-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। पंजाब में 25, 27 और 30-31 जुलाई को तथा दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में 27 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 28-31 जुलाई और पूर्वी यूपी में 27-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी में 29-31 जुलाई को भारी बारिश और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में 25 जुलाई को तथा पूर्वी राजस्थान में 30-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 जुलाई को पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान दोनों हिस्सों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain) हो सकती है।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश: पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-30 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 25-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-31 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 26-31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 25 से 31 जुलाई तक गरज-चमक का अलर्ट जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 25 और 28-31 जुलाई तथा विदर्भ में 29-31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 26 और 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गांगेय पश्चिम बंगाल में 25 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 26-27 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27-31 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 25-27 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलेंगी।

झारखंड और बिहार: झारखंड में 25 से 28 जुलाई तक तथा बिहार में 27 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार में 27 से 31 जुलाई के बीच मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा के साथ 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 26 से 31 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।

असम और मेघालय: 27 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी, जबकि 30 और 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 25 से 31 जुलाई के दौरान पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी। 25 और 26 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य महाराष्ट्र: 25 और 26 जुलाई को घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के अलावा 27 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

गुजरात क्षेत्र व सौराष्ट्र-कच्छ: 25 जुलाई को गुजरात राज्य में अत्यंत भारी बारिश के बाद 26 जुलाई को गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ दोनों जगह बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 27 व 31 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

तटीय व आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। तटीय और दक्षिण व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

केरल और माहे: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होगी। 27 से 29 जुलाई के दौरान 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा: 25 से 27 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में 25 से 29 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर आंधी-तूफान, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही 13 जुलाई को मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

अभी कहां कितनी हुई बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (7-11 सेमी) देखी गई।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज/झंझावाती हवाएं चलीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात राज्य, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।

क्षेत्रीय मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ ऐसा रहेगा-

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 18-19 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड में 13-19 जुलाई तक व्यापक बारिश और 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश में 18-19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13-19 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-19 जुलाई के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 13-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16-19 जुलाई को छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 13-14 जुलाई को बिहार में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश और 14, 15, 18 व 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 13-17 जुलाई के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

झारखंड में 13, 18 और 19 जुलाई को छिटपुट बारिश और 14-17 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 13 व 16 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

मेघालय में 13 जुलाई को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 13-15 जुलाई और 17-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-19 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 17 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 14-16 और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 13-16 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 17-19 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)

तटीय कर्नाटक में 17-19 जुलाई और केरल व माहे, लक्षद्वीप में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-17 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

हीटवेव और उमस भरी गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। ओडिशा में 13-14 जुलाई और रायलसीमा व तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 13-15 जुलाई के दौरान मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी तक भारी बारिश, IMD ने इन 20+ राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, 7 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई को जारी अपने ताजा बुलेटिन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मुंबई (कोंकण) सहित देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अधिकांश हिस्सों में आगामी 7 जुलाई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

तेजी से आगे बढ़ा मानसून, दिल्ली-राजस्थान में अगले 2 दिन अनुकूल

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख के बचे हुए हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। 1 जुलाई को मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के दौरान मानसून के दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-यूपी में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए 1 से 7 जुलाई तक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों में 2 से 7 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को छिटपुट बारिश का अनुमान है। 2 से 4 जुलाई और 6 से 7 जुलाई को पंजाब में जबकि 2 से 7 जुलाई के दौरान दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में 1 से 7 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 और 2 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 3 से 7 जुलाई तक छिटपुट से लेकर सामान्य बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 6 व 7 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी यूपी में 1 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है जबकि दोनों क्षेत्रों में 1 से 3 जुलाई और 6-7 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 1 और 2 जुलाई को यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 1 से 3 जुलाई के दौरान और हिमाचल में 2-3 जुलाई व 5-6 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: यहां 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश और 3-4 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 1 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश के साथ ही 3 से 5 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने और ‘थंडरस्क्वाल’ की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। 1 जुलाई को पूरे मध्य प्रदेश में मध्यम से तीव्र गति से बिजली कड़कने की गतिविधि देखी जाएगी। इसके साथ ही 1 जुलाई को दोनों हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (भीषण आंधी) आने की चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 1 से 7 जुलाई तक और विदर्भ में 1 से 5 जुलाई व 7 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में 1 से 3 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 1-2 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिम भारत: मुंबई, कोंकण और गुजरात में आफत की बारिश का अनुमान

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जैसा अनुमान है:

कोंकण, गोवा और गुजरात: गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 1 से 7 जुलाई तक मूसलाधार और व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र और कोंकण व गोवा में 1 से 5 जुलाई के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की बड़ी चेतावनी दी गई है।

सौराष्ट्र और कच्छ: यहां 4 से 6 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 1 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

बिहार और झारखंड: बिहार में 1 जुलाई को व्यापक बारिश और 2 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। वहीं झारखंड में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बिहार में 1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 1 से 6 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में तीव्र बिजली कड़कने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में जुलाई के शुरुआती दिनों में व्यापक बारिश होगी जो बाद के दिनों में छिटपुट हो जाएगी। असम, मेघालय और अरुणाचल में 2 से 5 जुलाई के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहने की भी संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने 1 व 2 जुलाई और फिर 5 से 7 जुलाई के दौरान तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ ही कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: केरल और लक्षद्वीप में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जहां केरल में 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना में 1-2 जुलाई को व्यापक बारिश और 4 से 7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी: समुद्र में न जाने की सलाह

खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को 1 से 6 जुलाई 2026 के बीच समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है:

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों, उससे सटे मध्य-पूर्वी व उत्तर-पूर्वी अरब सागर, सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 1 से 5/6 जुलाई तक मछुआरों को न जाने के लिए कहा गया है।

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, ओडिशा तट, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के साथ-साथ पूरे अंडमान सागर में 6 जुलाई तक मछुआरों के जाने पर पाबंदी रहेगी।

कल का मौसम 27 जून: IMD ने बिहार समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंका

मौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

  • आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल का अलर्ट: दिल्ली-NCR से राजस्थान तक

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में 27 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल और बिजली गिरने की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने का अलर्ट है।

WhatsApp Image 2026-06-26 at 17.59.19

इसी तरह पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

यूपी में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादल बरस रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी लू का प्रकोप देखा जा सकता है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।