इन राज्यों में 5-8 नवंबर तक होगी भारी बारिश, 10 नवंबर से बदलेगा उत्तर भारत का मौसम! IMD ने जारी की ये चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 से 11 नवंबर 2026 के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी अगले सप्ताह बारिश का दौर रह सकता है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। दूसरी ओर पश्चिम और मध्य भारत में इस सप्ताह किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं जताई गई है।

दक्षिण भारत में 5 से 11 नवंबर तक बारिश का दौर

IMD के मुताबिक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले कई दिनों तक अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 और 6 नवंबर के बाद 9 से 11 नवंबर के बीच भी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 7 और 8 नवंबर को बारिश का दायरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने इन दो दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 11 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 5 से 7 नवंबर तक बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 5 नवंबर को बारिश हो सकती है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 5 से 11 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। केरल और माहे में 5 से 8 नवंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 5 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इससे पहले भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई है। IMD के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश यानी 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं तमिलनाडु में भारी बारिश हुई, जहां वर्षा 7 से 11 सेंटीमीटर के बीच रही।

गरज-चमक के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

दक्षिण भारत में बारिश के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं की भी आशंका है। IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 9 नवंबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है जबकि झोंकों में यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेलंगाना में 5 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल और माहे में 5 से 9 नवंबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 5 और 6 नवंबर को, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 नवंबर के दौरान ऐसा मौसम रह सकता है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 9 नवंबर के बीच तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

10 नवंबर से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर भारत के मौसम को लेकर भी IMD ने अपने बुलेटिन में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ 10 नवंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 5 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 10 नवंबर को भी यहां बारिश की संभावना है। इसी दिन इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 नवंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 8 और 9 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का पूर्वानुमान है, लेकिन IMD के इस बुलेटिन में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, जैसे दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए बारिश की कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल इस पूर्वानुमान को पूरे उत्तर भारत में बारिश या ठंड बढ़ने की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पूर्वोत्तर भारत में 9 से 11 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी अगले सप्ताह बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। IMD के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 5 नवंबर को और फिर 9 से 11 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 8 से 11 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 11 नवंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है।

अंडमान-निकोबार में 8 से 11 नवंबर तक बढ़ेगी बारिश

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है। यहां 5 से 7 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। इसके बाद 8 से 11 नवंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। IMD ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 9 से 11 नवंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जारी किया है। ओडिशा में 5 और 6 नवंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 5 से 7 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में 9 से 11 नवंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है।

Cyclone Murasu: डिप्रेशन में बदल जाएगा चक्रवात मुरासू! IMD ने इन राज्यों में 3 से 8 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया

Cyclone Murasu: चक्रवात मुरासू का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार 3 नवंबर को दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। हालांकि इसके असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासू, 110 किमी प्रति घंटे तक चली हवा

IMD के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यह ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से गुजरा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही जबकि कुछ समय के लिए हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। मौसम विभाग का अनुमान है कि मुरासू उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होगी। 3 नवंबर को दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

इसके बाद 3 नवंबर की आधी रात तक इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश का अलर्ट

मुरासू के असर से दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और उससे सटे तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 3 नवंबर को रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश के कृष्णा, बापटला, प्रकाशम, SPSR नेल्लोर, गुंटूर, एलुरु, NTR, पलनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक हवा की रफ्तार 85 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। झोंकों की रफ्तार 105 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आधी रात तक हवा की रफ्तार घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। तेलंगाना के खम्मम, सूर्यापेट, नलगोंडा, नागरकुरनूल, वनापर्थी, महबूबाबाद, वारंगल, जंगांव, करीमनगर और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 8 नवंबर तक बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 8 नवंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 4 से 8 नवंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 से 7 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल और माहे में 3 और 4 नवंबर के साथ 6 से 8 नवंबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 3 से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट

मुरासू के असर और दूसरे मौसमी सिस्टम की वजह से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। छत्तीसगढ़ में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 3 से 5 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार में भी बदलेगा मौसम

मौसम विभाग ने लक्षद्वीप में 3 नवंबर और फिर 7 से 9 नवंबर के बीच बारिश का अनुमान जताया है। यहां 3 और 5 नवंबर को कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। झारखंड में 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

समुद्र में ऊंची लहरें, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

चक्रवात मुरासू के असर से बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तट के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत ऊंची से ऊंची बनी रह सकती है। इसके बाद 4 नवंबर की सुबह तक इसमें सुधार होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत खराब से खराब रह सकती है। दक्षिण ओडिशा के तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास भी 3 नवंबर की शाम तक समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

कुल मिलाकर चक्रवात मुरासू के कमजोर होने के बावजूद दक्षिण भारत में अगले कई दिनों तक बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का असर बना रह सकता है। IMD ने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक बारिश का अनुमान जताया है।