सिया गोयल को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सिलसिला जारी रहा। कुछ लोगों ने दावा किया कि वह पुलिस हिरासत में भी तनावमुक्त दिखाई दे रही थी। कुछ यूजर्स ने वीडियो में हथकड़ी न दिखने पर भी सवाल उठाए हैं।
दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत में खेत में काम कर रहे एक किसान को अचानक कोबरा ने काट लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सांप के काटते ही किसान की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे चक्कर, कमजोरी और शरीर में सुन्नपन महसूस होने लगा। घटना के बाद परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत मदद की कोशिश करने लगे। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आ गया क्योंकि इसके बाद जो हुआ उसने सबको चौंका दिया। सांप के जहर से बचाव को लेकर अक्सर लोग गलत जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं, और यही इस घटना में भी देखने को मिला। डॉक्टरों ने बाद में साफ किया कि ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका होता है, वरना जहर तेजी से शरीर में फैल सकता है।
पत्नी ने टीवी देखकर किया “खतरनाक इलाज”
घबराई हुई पत्नी ने तुरंत वही किया जो उसने टीवी पर देखा था उसने अपने पति के घाव से जहर चूसने की कोशिश की। उसे लगा कि इससे जान बच जाएगी, लेकिन यही फैसला उसके लिए भी भारी पड़ गया।
दोनों को अस्पताल ले जाना पड़ा
कुछ ही घंटों बाद पत्नी के मुंह, जीभ और चेहरे में सुन्नपन शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिवार ने उसे भी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों को कोबरा के जहर से हल्का जहर चढ़ गया था और एंटी-वेनम देकर इलाज किया गया।
ये गलती कभी न करें
डॉक्टरों ने साफ कहा कि सांप के जहर को मुंह से चूसना बेहद खतरनाक है। मुंह की नसों के जरिए जहर सीधे शरीर में पहुंच सकता है। साथ ही घाव को काटना, जलाना या बर्फ लगाना भी नुकसानदायक हो सकता है।
सांप काटने पर क्या करें?
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे समय में तुरंत अस्पताल जाएं और मरीज को कम से कम हिलाएं। सांप का रंग, आकार और निशान याद रखना या फोटो लेना इलाज में मदद कर सकता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा में मामला
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग इसे “टीवी ड्रामा वाली गलती” बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने पत्नी की चिंता और प्यार की भी तारीफ की है।
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस के कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर आरोपी सिया गोयल के ड्रेस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कस्टडी के दौरान सिया ने 30,000 रुपये कीमत वाली स्वेटशर्ट पहनी थी। एक यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह “जेल में भी आलीशान जिंदगी जी रही हैं।”
वहीं, कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि वह केतन अग्रवाल से लिए गए ₹1 करोड़ का इस्तेमाल कर रही हैं। एक वायरल पोस्ट में लिखा था, “कस्टडी में भी वह फैशन कर रही हैं।”
Darkreality of Our System:
Siya Goyal is rocking a ₹30,000 dress in custody. Clearly, she’s still living the high life on that ₹1 crore she allegedly took from Ketan. Unbelievable that even behind bars, she’s treating it like a fashion show.”#siyagoyal #mumbairains pic.twitter.com/fkxzOV00vx
— Amardeep Prajapati (@KuldipAmardeep) July 4, 2026
हालांकि, सोशल मीडिया पर हर कोई इन दावों से सहमत नहीं था। एक यूजर ने बताया कि जिस स्वेटशर्ट को 30,000 रुपये का बताया जा रहा है, वह कथित तौर पर Ajio पर करीब 1,600 रुपये में उपलब्ध है। उसने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया पेज सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रहे हैं।
एक व्यक्ति ने लिखा, “इतने बुरे भी मत बनो। अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन कपड़ों और फैशन पर ध्यान देना बेतुका है।”
एक और यूजर ने कहा, “बिल्कुल, पैसे के लिए इतनी जहर उगलना बंद करो।”

इन सबके बावजूद, सिया के खिलाफ लोगों का गुस्सा जबरदस्त बना रहा। कई यूजर्स का कहना था कि पुलिस कस्टडी में वह “तनाव-मुक्त” दिख रही थी, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि ऑनलाइन वायरल हो रहे कुछ वीडियो में उनके हाथों में हथकड़ी क्यों नहीं थी। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, “उन्हें पता है कि सिस्टम कैसे काम करता है।”
वहीं, मामला तब और चर्चा में आ गया जब कोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों की ओर सिया ने कथित तौर पर अश्लील इशारा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे ऑनलाइन गुस्सा और बढ़ गया।
इस बीच, मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुणे की एक अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि यह मौत कोई दुर्घटना नहीं थी और उन्हें शक है कि इन दोनों ने ही उन्हें पहाड़ी से धक्का दिया था।
जांचकर्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपियों के फोन से मिली बातचीत में कथित तौर पर “कोड नेम” और एन्क्रिप्टेड-स्टाइल में बातचीत शामिल थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि घटना से पहले हत्या की रिहर्सल की गई हो सकती है।
वो शादी जो कभी नहीं हुई
रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए चैट्स रिकवर किए हैं, जिनकी अब गहराई से जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद चैट्स में से एक में सिया कथित तौर पर एक दोस्त से शादी के टिकट बुक करने के लिए अपने आधार कार्ड के दोनों तरफ की तस्वीरें भेजने के लिए कह रही है। चैट्स में लिखा था: “आधार कार्ड के आगे पीछे का फोटो भेज दे। शादी के टिकट लिए जो होने वाली नहीं है, फिर भी भेज दे।”
इस मैसेज का का सीधा-सीधा अनुवाद यह है: “मुझे अपने आधार कार्ड के आगे और पीछे की तस्वीरें भेजो। ये शादी के टिकट बुक करने के लिए हैं, जो कभी होने वाली नहीं थी, लेकिन फिर भी भेज दो।”
यह भी पढ़ें: Ketan Agarwal Murder Case: ‘वो शादी जो होनी नहीं है…’ केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल और उसकी दोस्त की चैट आई सामने
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इन वीडियो क्लिप्स में विशाल जनसैलाब नजर आ रहा है, जहां हजारों-लाखों लोग काले कपड़ों में अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे हैं। भीड़ में कई लोग भावनात्मक रूप से टूटते हुए रोते-बिलखते, छाती पीटते और शोक में डूबे दिखाई दे रहे हैं। ईरान के विभिन्न शहरों में चल रहे इस छह दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार को लेकर माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इन दृश्यों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं
जनसैलाब में बदली अंतिम विदाई
तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। लोग ईरानी झंडे के साथ शामिल हो रहे हैं, जबकि कई भावुक होकर रोते दिखाई दे रहे हैं। पूरे आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
छह दिनों का लंबा शोक कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को ग्रैंड इमाम मुसल्ला में पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके बाद 6 जुलाई से अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो कई शहरों से गुजरते हुए 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में समाप्त होगी। यह पूरा आयोजन एक राजकीय और बहु-दिवसीय शोक समारोह है।
भारत से भी पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
इस अंतिम संस्कार में भारत सरकार की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है। इसमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हैं। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती भी इस आयोजन में मौजूद रहीं।
ईरान: सुप्रीम लीडर खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए उमड़ रहा जनसैलाब
4 जुलाई को अयातुल्लाह अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार किया जाना है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अंतिम विदाई में 2 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
भारत भी इस शोक… pic.twitter.com/SBhMY8fHfx
— nowuttarpradesh (@nowuttarpradesh) July 3, 2026
सोशल मीडिया पर बंटे रिएक्शन
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे जनता का गहरा समर्थन बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स भीड़ की वास्तविकता और राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं। कई तरह की चर्चाएं और दावे लगातार सामने आ रहे हैं।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और हाई-प्रोफाइल आयोजन
इस आयोजन की जिम्मेदारी IRGC की प्रमुख इकाई “मोहम्मद रसुलोल्लाह कोर” के पास है। पूरे ईरान में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह आयोजन अब केवल धार्मिक नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी बन गया है।
E-Rickshaw Shutdown App: ई-रिक्शा को बंद करने वाली दो ऐप्स के खिलाफ एक्शन लिया गया है। सरकार ने गूगल एंड्रॉयड और ऐपल से BAT BMS जैसे लगभग 7 ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा है। आरोप है कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल करके ई-रिक्शा और दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी को बंद किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल एंड्रॉयड और एप्पल आईओएस को नोटिस भेजा है। मंत्रालय ने दोनों कंपनियों से कहा है कि वे अपने ऐप स्टोर से ऐसे सात ऐप हटा दें, जिनका गलत तरीके से ई-रिक्शा और दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
ई-रिक्शा को बंद करने वाली ऐप्स के खिलाफ एक्शन
बता दें कि पिछले 2-3 दिन से सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग चाइनीज ऐप की मदद से सड़क चलते ई-रिक्शा को बंद कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया था और अब दो ऐप्स के खिलाफ एक्शन लेने की जानकारी सामने आई है। इसे देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। सूत्रों का कहना है कि जिन ऐप्स की पहचान की गई है, उनमें BAT-BMS, SMART BMS और LOSSIGY जैसे ऐप शामिल हैं।
सरकार ने भेजा नोटिस
हाल के दिनों में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनकी गाड़ियां चलते-चलते अचानक बंद हो रही हैं, जिससे उनके काम पर असर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ ऐप्स का गलत इस्तेमाल करके ई-रिक्शा की बैटरी को बंद किया जा रहा था। इससे न सिर्फ गाड़ियों का संचालन प्रभावित हो रहा था, बल्कि चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। इन शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में ऐप्स के गलत इस्तेमाल की आशंका सामने आने पर अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू की और स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए।
सामने आई ये जानकारी
इस मामले पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ ऐसे ऐप्स सरकार के ध्यान में आए थे, जिनका गलत इस्तेमाल हो रहा था। उन्होंने बताया कि उन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐप स्टोर की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि लोगों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले ऐप किसी भी तरह से सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा न बनें और उनका इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों में न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर ऐप स्टोर चलाने वाली कंपनियों से बात करेगी, ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स लोगों तक न पहुंच सकें।
भारत में इलेक्ट्रिक रिक्शा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कम खर्च और पर्यावरण के लिए बेहतर होने की वजह से ये शहरों और छोटे कस्बों में लोगों के आने-जाने का अहम साधन बन गए हैं। स्मार्टफोन और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऐसे खतरनाक ऐप्स से बचाव की जरूरत भी बढ़ गई है, जो गाड़ियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या धोखाधड़ी का जरिया बन सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि ये ऐप्स तकनीकी रूप से कैसे काम करते थे।
देश में इस समय एथेनॉल और E20 पेट्रोल की काफी चर्चा हो रही है। E20 फ्यूल का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत साधारण पेट्रोल मिला होता है। देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की अफवाहें और भ्रामक दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोई कह रहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है, तो कोई दावा कर रहा है कि इससे गाड़ी का माइलेज बहुत कम हो जाता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि E20 बनाने में हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है।
वहीं इन दावों पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी जारी करते हुए कहा है कि ये बातें पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और वैज्ञानिक तथ्यों से परे हैं। मंत्रालय ने ऑटोमोबाइल अनुसंधान संस्थानों और वाहन उद्योग से जुड़ी कई रिपोर्टों का हवाला देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया है।
- E20 पेट्रोल क्या है और इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। इथेनॉल एक जैव ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे गन्ना, मक्का और अतिरिक्त चावल जैसी कृषि फसलों से तैयार किया जाता है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाना और देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देना है।
भारत ने दिसंबर 2025 तक पूरे देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया, जबकि यह लक्ष्य पहले 2030 तक पूरा करना था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ई20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इसका गाड़ी के इंजन, माइलेज, वारंटी और लंबे समय तक वाहन के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ेगा।
- क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है या माइलेज कम हो जाता है?
केंद्र सरकार ने उन दावों को गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है या गाड़ी का माइलेज बहुत कम हो जाता है। सरकार ने बताया कि इस विषय पर ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), इंडियन ऑयल, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (देहरादून) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने मिलकर अध्ययन किया था। इसमें अलग-अलग तरह के वाहनों पर E20 पेट्रोल की जांच की गई।
स्टडी के अनुसार, कारों पर 40,000 किलोमीटर और दोपहिया वाहनों पर 20,000 किलोमीटर तक किए गए टेस्च में इंजन की एफिशिएंसी, गाड़ी स्टार्ट होने या धातु और प्लास्टिक के पुर्जों पर कोई बड़ी समस्या नहीं मिली। हालांकि, कुछ पुराने मॉडल की गाड़ियों में रबर के कुछ हिस्सों और गैस्केट को पहले बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
केंद्र सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल की तुलना में कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन कम करता है। सरकार के अनुसार, इथेनॉल की ऑक्टेन क्षमता अधिक होने के कारण ई20 के लिए तैयार किए गए वाहनों में इंजन की नॉकिंग कम होती है, गाड़ी की रफ्तार बेहतर होती है और ड्राइविंग का अनुभव भी अच्छा रहता है।
माइलेज को लेकर सरकार ने कहा है कि E20 पेट्रोल से बहुत ज्यादा माइलेज घटने की बातें सही नहीं हैं। मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी गाड़ी का माइलेज सिर्फ ईंधन पर नहीं, बल्कि चलाने के तरीके, टायर में सही हवा, समय पर सर्विस और एयर कंडीशनर के इस्तेमाल जैसी कई बातों पर निर्भर करता है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि रेसिंग कारों में लंबे समय से इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इससे गाड़ी का प्रदर्शन बेहतर होता है और इंजन की नॉकिंग कम होती है। उन्होंने माना कि माइलेज में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन इसके बारे में पहले से ही साफ जानकारी दी गई है।
- क्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी का बीमा या वारंटी खत्म हो जाएगी?
केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी का बीमा या कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बीमा कंपनियों और वाहन बनाने वाली कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि अगर वाहन कंपनी के तय मानकों के अनुसार ई20 पेट्रोल के लिए उपयुक्त है, तो इस ईंधन के इस्तेमाल से बीमा या वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) का भी हवाला दिया है। सियाम के अनुसार, ई20 पेट्रोल के अनुकूल वाहनों पर कंपनी की वारंटी पहले की तरह लागू रहेगी और ग्राहकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
- क्या इथेनॉल बनाने में बहुत ज़्यादा पानी का इस्तेमाल होता है?
सरकार का कहना है कि एक लीटर इथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी लगने का दावा सही नहीं है। सरकार के मुताबिक, धान की खेती में इस्तेमाल होने वाले पूरे पानी को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ना गलत है, क्योंकि धान और गेहूं की खेती सबसे पहले देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए की जाती है। जब जरूरत से ज्यादा चावल बच जाता है, तभी उसका इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जाता है।
सरकार का यही कहना गन्ने के मामले में भी है। उसके अनुसार, पहले देश में चीनी की जरूरत पूरी की जाती है और उसके बाद ही अतिरिक्त गन्ने या उससे बने कच्चे माल का उपयोग इथेनॉल बनाने के लिए किया जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि अब इथेनॉल बनाने में मक्के को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि मक्का उगाने में धान के मुकाबले काफी कम पानी लगता है। फिलहाल इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल में मक्के की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
सरकार के अनुसार, इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया के दौरान एक लीटर इथेनॉल तैयार करने में आमतौर पर केवल 3 से 5 लीटर पानी की जरूरत होती है। इसके अलावा कई आधुनिक कारखानों में पानी को दोबारा इस्तेमाल करने की तकनीक अपनाई जाती है, जिससे पानी की खपत और भी कम हो जाती है।
- EBP प्रोग्राम से क्या फायदे हुए हैं?
सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) योजना से देश को आर्थिक और पर्यावरण दोनों स्तर पर बड़े फायदे हुए हैं। सरकार के मुताबिक, साल 2014-15 के बाद इस योजना की वजह से 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई गई है। साथ ही किसानों को 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
सरकार के अनुसार, इस योजना से करीब 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन कम हुआ है और 310 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चे तेल की जगह इथेनॉल का इस्तेमाल किया गया है। इससे पेट्रोलियम पर देश की निर्भरता घटाने में भी मदद मिली है।
सरकार ने यह भी बताया कि इथेनॉल उत्पादन की सालाना क्षमता 2013-14 में करीब 38 करोड़ लीटर थी, जो अब बढ़कर लगभग 2,000 करोड़ लीटर हो गई है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का फैसला तभी लिया जाएगा, जब वैज्ञानिक जांच, परीक्षण और वाहन कंपनियों से चर्चा के बाद संबंधित विशेषज्ञ संस्था की मंजूरी मिल जाएगी।
अमेरिका महिला ने कहा, ‘यूएस में हमारे साथ लूट हो रही है, जबकि भारत अपने लोगों को किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं देता है।’ उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे 9.40 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था।
बारिश का मौसम जहां एक तरफ गर्मी से राहत और ठंडी हवाओं का एहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ यह त्वचा के लिए कई तरह की परेशानियां भी लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी (humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर ऑयल का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। अतिरिक्त तेल और गंदगी मिलकर स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिसके कारण पिंपल्स, एक्ने, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। कई लोगों को इस मौसम में त्वचा पर खुजली और जलन की शिकायत भी होने लगती है, जिससे स्किन डल और अनइवन दिखने लगती है।
यही वजह है कि मॉनसून में सामान्य स्किन केयर रूटीन को और भी ज्यादा ध्यान से फॉलो करना जरूरी हो जाता है। सही देखभाल और हल्के प्राकृतिक उपाय अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है और त्वचा को हेल्दी रखा जा सकता है।
देसी नुस्खा जो सालों से है फेमस
स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बीच आज भी एक पुराना घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है हल्दी और चंदन का फेस पैक। भारतीय घरों में इसे पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि यह त्वचा को शांत और साफ रखने में मदद कर सकता है।
हल्दी क्यों फायदेमंद मानी जाती है?
हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह स्किन पर:
- पिंपल्स की सूजन कम कर सकता है
- लालपन (redness) को शांत कर सकता है
- त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है
- स्किन टोन को थोड़ा बेहतर दिखा सकता है
चंदन के फायदे क्या हैं?
चंदन को उसकी ठंडक देने वाली प्रकृति और खुशबू के लिए जाना जाता है। यह:
- त्वचा की जलन को शांत कर सकता है
- एक्स्ट्रा ऑयल कम करने में मदद कर सकता है
- स्किन को फ्रेश और रिलैक्स महसूस कराता है
- गर्म और नमी वाले मौसम में राहत देता है
घर पर ऐसे बनाएं फेस पैक
इस फेस पैक को बनाना बेहद आसान है:
सामग्री:
- 1 चम्मच चंदन पाउडर
- हल्दी की एक चुटकी
- गुलाब जल (पेस्ट बनाने के लिए)
कैसे लगाएं:
सभी चीजों को मिलाकर स्मूद पेस्ट बनाएं, चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद धो लें और हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं।
कितनी बार इस्तेमाल करें?
इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 1 बार करना पर्याप्त माना जाता है। साथ ही नियमित सफाई और मॉइश्चराइजिंग भी जरूरी है।
हर किसी के लिए नहीं है यह नुस्खा
हालांकि यह प्राकृतिक उपाय है, लेकिन हर स्किन पर सूट नहीं करता। अगर स्किन सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, लालपन या खुजली होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
क्या यह सच में एक्ने ठीक कर सकता है?
हल्दी और चंदन स्किन को शांत जरूर कर सकते हैं, लेकिन गंभीर एक्ने के लिए वैज्ञानिक रूप से यह पूरा इलाज नहीं माना जाता। लगातार या गंभीर पिंपल्स होने पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही होता है।
अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी? सालों से क्यों नहीं खत्म हो रही यह बहस, जानिए पूरा सच
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्थित सिरोही टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक LPG टैंकर अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से वाराणसी की ओर जा रहा था, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वह सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद कुछ ही सेकंड में टैंकर से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को खतरनाक आग की लपटों में बदल दिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा और आसपास का क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मचा दी और कुछ ही पलों में स्थिति बेहद भयावह हो गई। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और गैस परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV में कैद खौफनाक मंजर
इस दर्दनाक घटना का पूरा दृश्य CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में साफ दिखता है कि टैंकर से पहले सफेद गैस तेजी से बाहर निकलती है और फिर अचानक जोरदार धमाका होता है। कुछ ही पलों में आग इतनी फैल गई कि टोल बूथ और आसपास का क्षेत्र जलने लगा।
16 बाइक और 2 कारें खाक
भीषण आग की चपेट में आकर टोल प्लाजा पर खड़ी 16 बाइक और 2 कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को भागने का भी मौका नहीं मिला।
#WATCH | Horror caught on CCTV: LPG tanker slams into UP toll plaza, triggering massive inferno
Chilling videos shows the moment an LPG tanker crashed into Sihori Toll Plaza in Kokhraj, Kaushambi, before a gas leak sparked a devastating blaze.
4 people killed
— Moneycontrol (@moneycontrolcom) July 3, 2026
ड्राइवर की दर्दनाक मौत, कर्मचारी भी झुलसे
टैंकर चालक, जिसकी पहचान धर्मेंद्र द्विवेदी (मिर्जापुर) के रूप में हुई है, आग में फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा टोल प्लाजा के कई कर्मचारी भी गंभीर रूप से झुलस गए।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
घायलों को तुरंत प्रयागराज के SRN अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दो और कर्मचारियों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। जबकि कुछ लोग अभी भी इलाज में हैं।
कैसे हुआ इतना बड़ा विस्फोट?
जानकारी के अनुसार टैंकर करीब 60–70 kmph की रफ्तार से चल रहा था। टकराने के बाद LPG गैस तेजी से फैल गई और फिर एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे टोल प्लाजा को आग में बदल दिया।
दो किलोमीटर दूर तक दिखी आग की लपटें
हादसे के बाद आसमान में काला धुआं और ऊंची आग की लपटें दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। टोल प्लाजा का एक हिस्सा पूरी तरह जल गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।
जांच जारी, इलाके में दहशत
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह पुलिस जांच नहीं, बल्कि उनका एक वायरल वीडियो है। 17 सेकंड की इस क्लिप में सिया पुलिस के साथ घर से बाहर निकलती दिखाई देती हैं। इसी दौरान वह बाहर मौजूद मीडिया कर्मियों की ओर देखकर कथित तौर पर मिडिल फिंगर दिखाती नजर आती हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस जांच के लिए घर पहुंची थी टीम
यह घटना पुणे के मार्केट यार्ड इलाके की है। पुलिस जांच के सिलसिले में सिया गोयल को उनके घर ले जाया गया था। जांच पूरी होने के बाद जब पुलिस उन्हें वापस लेकर बाहर निकली, तभी कैमरों के सामने उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक इशारा किया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। इस वीडियो को न्यूज एजेंसी IANS ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर शेयर किया है।
Pune, Maharashtra: Siya Goyal, accused in the Ketan Agarwal murder case, was taken by Pune Rural Police to her Market Yard residence for investigation. After the investigation was completed, while leaving the house, Siya Goyal allegedly made obscene gestures and showed the middle… pic.twitter.com/mHnQKlfRrq
— IANS (@ians_india) July 2, 2026
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 18 जून का है, जब केतन अग्रवाल की मौत पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले की खाई में गिरने से हुई थी। शुरुआत में सिया ने पुलिस को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था और यह एक हादसा था। इसी आधार पर पहले दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस को कैसे हुआ शक?
जांच के दौरान पुलिस को सिया के व्यवहार पर शक हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, केतन की मौत के बाद सिया के चेहरे पर दुख के कोई खास भाव नहीं दिखे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिसमें कई नए तथ्य सामने आए और सिया गोयल व चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मंगेतर की हत्या की रची गई थी साजिश?
पुलिस का दावा है कि सिया और केतन की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। लेकिन सिया के कथित प्रेमी चेतन चौधरी को यह रिश्ता पसंद नहीं था। जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पहली कोशिश नाकाम रही
पुलिस के अनुसार, 14 जून को भी केतन को मारने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि सिया ने उन्हें किले के पास धक्का दिया, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गए। इसके बाद सिया ने सांप देखने का बहाना बनाकर पूरा मामला सामान्य दिखाने की कोशिश की और बाद में केतन को भरोसे में लिया।
दूसरी बार बुलाकर खाई में धक्का देने का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ दिनों बाद सिया ने केतन को दोबारा लोहगढ़ किले पर बुलाया, जहां चेतन चौधरी पहले से मौजूद था। पुलिस का कहना है कि दोनों ने पीछे से धक्का देकर केतन को खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
आज कोर्ट में होगी पेशी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे वडगांव कोर्ट में पेश किया जाना है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

