Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 21 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी करीब 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क गिरावट के साथ बंद हुए। जून तिमाही के नतीजों के बाद प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली और मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार का मूड खराब कर दिया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 442.93 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 77,708.52 पर और निफ्टी 95.80 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,238.50 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाज़ारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। गिफ्ट निफ्टी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, जापान के निक्केई में 2.28 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.53 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.39 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है। वहीं, ताइवानी बाजार में 3.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी करीब 3.73 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.34 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 307.16 अंक या 0.59% गिरकर 51,839.26 पर आ गया, S&P 500 में 14.41 अंक या 0.19% की गिरावट हुई और यह 7,443.28 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 12.17 अंक या 0.05% गिरकर 25,508.07 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर एक हफ्ते के उच्चतम स्तर के आस-पास आ गया है। बाजार मध्य पूर्व से मिल रहे विरोधाभासी संकेतों के बीच उलझन में है। एक तरफ इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं,तो दूसरी तरफ़ युद्धविराम की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिल रही है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.96 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है और यह क्रमशः 4.58% और 4.20% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है, जिसमें 0.108% की बढ़त हुई है। इसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.087% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर में 0.023% की मामूली बढ़त दिख रही है। जबकि फिलीपीन पेसो में 0.006% की मामूली बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जापानी येन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन सबसे कमजोर करेंसी है। इसमें 0.264% की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया का नंबर रहा, जो 0.15% गिरा है। ताइवान डॉलर में 0.081% की गिरावट आई है,जबकि थाई बहत 0.056% कमजोर हुआ है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

20 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,121 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,312 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

 

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चीन में फूड डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान:खाना पहुंचाते समय लिखी कई कविताएं; 14 साल में पढ़ाई छूट गई थी

चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। उनकी कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ को यह सम्मान दिया गया है। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं। वांग 2019 के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने थे। उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनकी नई किताब ‘लो फ्लाइट’ डिलीवरी राइडर्स की रोजमर्रा की परेशानियों, संघर्ष और जीवन पर आधारित है। यह किताब उन्होंने 2024 में प्रकाशित की थी। इसके लिए उन्होंने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में दर्ज किया। उनकी एक कविता की पंक्ति है, “किसने कहा कि पंख फैलाने का मतलब सिर्फ ऊंची उड़ान भरना है? नीचे उड़ना भी उड़ान ही है।” वांग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 14 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने निर्माण मजदूर, कबाड़ बीनने वाले और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए। बाद में वे फूड डिलीवरी राइडर बन गए। हालांकि, पढ़ने-लिखने का उनका शौक कभी खत्म नहीं हुआ। एक कविता से मिली पहचान 2022 में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। यह कविता 2019 की एक घटना से प्रेरित थी। उस समय वह जियांगसू के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। एक ग्राहक ने गलत पता दर्ज कर दिया था। सही घर ढूंढने के लिए वांग को तीन रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18 मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह आखिरकार खाना लेकर पहुंचे तो ग्राहक ने देर होने पर उन्हें डांट दिया। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी और दर्द को शब्दों में ढाल दिया। इसी से उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ जन्मी। यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। पुरस्कार मिलने के बाद भी नौकरी नहीं छोड़ेंगे पुरस्कार जीतने के बाद वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि पुरस्कार मिलने की खबर आने तक वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने बताया कि मीडिया का बढ़ता ध्यान उनके लिए मानसिक दबाव भी लेकर आया। उन्होंने साफ किया कि पुरस्कार मिलने के बावजूद वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे 60 साल की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। वांग ने कहा, अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है। इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं। मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा। चीन में बढ़ रही है मजदूर लेखकों की पहचान वांग जिबिंग उन ब्लू-कॉलर कामगारों की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिन्हें हाल के कुछ साल में उनके साहित्यिक लेखन के लिए पहचान मिली है। उनकी रचनाएं चीन की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, दबाव और जीवन की सच्चाई को सामने लाती हैं। साल 2023 में पूर्व डिलीवरी कर्मी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ प्रकाशित हुई थी। यह किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और विदेशों में भी चर्चा का विषय रही। पिछले साल इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ। इसी तरह 2017 में प्रवासी मजदूर फान यूसु का आत्मकथात्मक लेख ‘आई एम फान यूसु’ चीन में इंटरनेट पर जबरदस्त वायरल हुआ था। इसे इतनी बड़ी प्रतिक्रिया मिली कि लगातार मीडिया की भीड़ से बचने के लिए फान को कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। लू शुन पुरस्कार चीन का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान वांग जिबिंग को जिस लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उसका नाम चीन के महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 20वीं सदी के चीन का सबसे प्रभावशाली लेखक माना जाता है। उन्होंने अपने व्यंग्यात्मक उपन्यासों और कहानियों के जरिए पारंपरिक चीनी समाज की कमियों और सामाजिक बुराइयों पर हमला बोला। लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन करता है। यह पुरस्कार हर चार साल में दिया जाता है और इसे चीन के सबसे बड़े साहित्यिक सम्मानों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत समकालीन चीनी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह पुरस्कार लंबे समय से चीन के मुख्यधारा के साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है और साहित्य जगत में इसका खास महत्व है।

चीन में डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:खाना पहुंचाते हुए लिखी कई कविताएं, ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने

चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। उनकी कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ को यह सम्मान दिया गया है। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं। वांग 2019 के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने थे। उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनकी नई किताब ‘लो फ्लाइट’ डिलीवरी राइडर्स की रोजमर्रा की परेशानियों, संघर्ष और जीवन पर आधारित है। यह किताब उन्होंने 2024 में प्रकाशित की थी। इसके लिए उन्होंने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में दर्ज किया। उनकी एक कविता की पंक्ति है- किसने कहा कि पंख फैलाने का मतलब सिर्फ ऊंची उड़ान भरना है? नीचे उड़ना भी उड़ान ही है। कस्टमर से मिली फटकार के बाद लिखी कविता- वायरल हुई वांग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 14 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने निर्माण मजदूर, कबाड़ बीनने वाले और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए। बाद में वे फूड डिलीवरी राइडर बन गए। हालांकि, पढ़ने-लिखने का उनका शौक कभी खत्म नहीं हुआ। 2022 में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। यह कविता 2019 की एक घटना से प्रेरित थी। उस समय वह जियांगसू के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। एक ग्राहक ने गलत पता दर्ज कर दिया था। सही घर ढूंढने के लिए वांग को तीन रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18 मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह आखिरकार खाना लेकर पहुंचे तो ग्राहक ने देर होने पर उन्हें डांट दिया। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी और दर्द को शब्दों में ढाल दिया। इसी से उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ जन्मी। यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस किताब की एक कविता की एक पंक्ति है- सड़क पर दौड़ता हर आम इंसान अपने हाथ में एक छोटी-सी रोशनी लिए चलता है। यही रोशनी पहले हमें रास्ता दिखाती है और फिर धीरे-धीरे पूरी दुनिया को रोशन कर देती है। 6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके वांग अब तक वह 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वांग कहते हैं, “लोग शायद मुझे याद न रखें, लेकिन उन्हें तेज रफ्तार से गुजरता एक फूड डिलीवरी राइडर जरूर याद रहता है।” यही सोच उन्हें लाखों डिलीवरी कर्मियों की जिंदगी पर किताब लिखने की प्रेरणा बनी। वांग का कहना है, मैं चाहता हूं कि इस किताब को पढ़ने के बाद लोग डिलीवरी राइडर्स के प्रति ज्यादा समझदारी और धैर्य दिखाएं, ताकि उनके साथ होने वाले विवाद कम हों। पुरस्कार मिलने के बाद भी नौकरी नहीं छोड़ेंगे पुरस्कार जीतने के बाद वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि पुरस्कार मिलने की खबर आने तक वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने बताया कि मीडिया का बढ़ता ध्यान उनके लिए मानसिक दबाव भी लेकर आया। उन्होंने साफ किया कि पुरस्कार मिलने के बावजूद वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे 60 साल की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। वांग ने कहा, अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है। इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं। मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा। चीन में बढ़ रही है मजदूर लेखकों की पहचान वांग जिबिंग उन ब्लू-कॉलर कामगारों की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिन्हें हाल के कुछ साल में उनके साहित्यिक लेखन के लिए पहचान मिली है। उनकी रचनाएं चीन की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, दबाव और जीवन की सच्चाई को सामने लाती हैं। साल 2023 में पूर्व डिलीवरी कर्मी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ प्रकाशित हुई थी। यह किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और विदेशों में भी चर्चा का विषय रही। पिछले साल इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ। इसी तरह 2017 में प्रवासी मजदूर फान यूसु का आत्मकथात्मक लेख ‘आई एम फान यूसु’ चीन में इंटरनेट पर जबरदस्त वायरल हुआ था। इसे इतनी बड़ी प्रतिक्रिया मिली कि लगातार मीडिया की भीड़ से बचने के लिए फान को कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। लू शुन चीन का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान वांग जिबिंग को जिस लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उसका नाम चीन के महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 20वीं सदी के चीन का सबसे प्रभावशाली लेखक माना जाता है। उन्होंने अपने व्यंग्यात्मक उपन्यासों और कहानियों के जरिए पारंपरिक चीनी समाज की कमियों और सामाजिक बुराइयों पर हमला बोला। लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन करता है। यह पुरस्कार हर चार साल में दिया जाता है और इसे चीन के सबसे बड़े साहित्यिक सम्मानों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत समकालीन चीनी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह पुरस्कार लंबे समय से चीन के मुख्यधारा के साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है और साहित्य जगत में इसका खास महत्व है।

वर्ल्ड अपडेट्स:UNGA से पहले बयान: नेतन्याहू की संभावित यात्रा पर न्यूयॉर्क मेयर और इजराइल आमने-सामने

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी की कानूनी संभावना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के विधि विभाग के साथ बातचीत चल रही है। ममदानी ने कहा कि वे वही करेंगे, जिसकी कानून इजाजत देगा। उन्होंने दोहराया कि उनके मुताबिक नेतन्याहू का स्थान द हेग में है, जहां अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपियों पर मुकदमा चलता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ममदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट द इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के आरोपी हैं और कई लोग यही मानते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममदानी बढ़ते यहूदी विरोध का सामना करने के बजाय इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। डैनन ने पुष्टि की कि नेतन्याहू 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में संबोधन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर का रुख इससे कोई फर्क नहीं डालेगा। उन्होंने X पर लिखा कि अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए तो वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं। हाल ही में एक रेडियो इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि उन्हें ममदानी की गिरफ्तारी संबंधी धमकियों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क के मेयर हमास का समर्थन करते हैं और अमेरिका से नफरत करते हैं। अमेरिका और इजराइल, दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी संघीय कानून राज्य और स्थानीय प्रशासन को ICC के अनुरोधों पर सहयोग करने से रोकता है। पिछले साल न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल भी कह चुकी हैं कि मेयर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है।

72nd National Film Awards Winners: यामी गौतम, कार्तिक आर्यन और ममूटी ने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड, ‘आर्टिकल 370’ बनीं बेस्ट फिल्म, यहां देखें पूरी लिस्ट

72nd National Film Awards Winners: शनिवार शाम को 72वें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा की गई, जिसमें 2024 के लिए भारतीय सिनेमा के बेहतरीन काम को सम्मानित किया गया। बॉलीवुड स्टार्स से लेकर क्षेत्रीय कलाकारों तक, विजेता अलग-अलग भाषाओं और जॉनर में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हैं।

इन अवॉर्ड्स की घोषणा नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला, जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में शानदार परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया। उन्होंने यह अवॉर्ड ‘ब्रमायुगम’ (मलयालम) के लिए ममूटी के साथ शेयर किया। ‘आर्टिकल 370’ ने बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म का अवॉर्ड भी जीता, जबकि ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फ़िल्म का अवॉर्ड मिला। राजकुमार पेरियासामी को ‘अमरन’ (तमिल) के लिए बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिला।

‘आर्टिकल 370’ ने कुल तीन अवॉर्ड जीते, जिसमें शाश्वत सचदेव को बैकग्राउंड म्यूज़िक के लिए अवॉर्ड मिला। ‘पुष्पा: द रूल 2’ ने दो अवॉर्ड जीते – बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन-दीपावली नूर और शीतल शर्मा और बेस्ट स्क्रीनप्ले- योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के – मराठी), बांद्रेड्डी सुकुमार (पुष्पा: द रूल 2 – तेलुगु)। ‘कल्कि 2898 AD’ ने दो अवॉर्ड जीते – बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन (कल्कि 2898 AD – तेलुगु) और भरपूर मनोरंजन देने वाली बेस्ट पॉपुलर फिल्म।

आइए, साल 2024 के विजेताओं की पूरी लिस्ट देखते हैं-

फीचर फिल्म्स

सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म- आईएमबीयू

सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म- ढोली

सर्वश्रेष्ठ गारो फिल्म- रिमडोटियांगा

सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म- कमेटी कुरोलू (द कार्निवल कमेटी)

सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म- रायन

सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म- गॉडडे गॉडडे चा

सर्वश्रेष्ठ उड़िया फिल्म- लहरी (टाइड ऑफ टाइम्स)

सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म- मुक्कम पोस्ट बोम्बिलवाड़ी

सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म- सुनीता

सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म- फेमिनिची फातिमा (फेमिनिस्ट फातिमा)

सर्वश्रेष्ठ कोंकणी फिल्म- मोग आसुम (लेट देयर बी लव)

सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म- मिथ्या (इल्यूजन)

सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म- श्रीकांत

सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म- मारन (द हंट)

सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म- चल्वहित्रा एखोन (कैलिडोस्कोप नाउ)

सर्वश्रेष्ठ असमिया फिल्म- जुईफूल (नारंगी और बैंगनी)

सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन- महाराजा (तमिल)

सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी- विजय गांगुली (आज की रात – स्त्री 2)

सर्वश्रेष्ठ गीत- मनोज मुंतशिर (मैदान – “जाने दो”) – हिंदी

सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन- जी. वी. प्रकाश कुमार (अमरन – तमिल) – सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत, शाश्वत सचदेव (अनुच्छेद 370) – हिंदी

सर्वश्रेष्ठ मेकअप- पी. रवि कुमार (समिति कुरोलू)

सर्वश्रेष्ठ पोशाक डिजाइन- दीपाली नूर और शीतल शर्मा (पुष्पा: द रूल पार्ट 02)

सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिज़ाइन- कल्कि 2898 ई. (तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ संपादन- आर. कलाईवन्नन (अमरन – तमिल)

सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिज़ाइन: मानस चौधरी (भूल भुलैया 3)

सर्वश्रेष्ठ पटकथा- योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के – मराठी), बंदरेड्डी सुकुमार (पुष्पा: द रूल 2 – तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ संवाद- वेंकी एटलुरी (लकी भास्कर – तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ छायांकन- शहनाद जलाल (ब्रमयुगम – मलयालम)

सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका (महिला)- वैकोम विजयलक्ष्मी (ए.आर.एम. – “अंगु वाना कोनिलु” – मलयालम)

श्रेष्ठ पार्श्व गायक (पुरुष)- अभय जोधपुरकर (घराट गणपति – “नवसाची गौरी माज़ी” – मराठी)

सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार- रिद्धिमान बनर्जी, तपोमोय देब, गीताश्री चक्रवर्ती (ओंको की कोथिन – बंगाली); अरुणदेव पाथुला (चिन्ना कथा काडु – तेलुगु); आतिश एस शेट्टी (मिथ्या – कन्नड़)

Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर ‘फौजी’ के सेट पर बीमार पड़े राजेश शर्मा अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, सामने आया हेल्थ अपडेट

Rajesh Sharma: प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने की घटना के कुछ दिनों बाद, अस्पताल से छुट्टी मिलने पर एक्टर राजेश शर्मा मुंबई स्थित अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। हालांकि अनुभवी एक्टर की हालत ठीक बताई जा रही है और उम्मीद है कि वे जल्द ही काम पर लौटेंगे, लेकिन इस घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।

फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इलाज के बाद शर्मा घर लौट आए हैं और अभी ठीक हो रहे हैं। इस बात की पुष्टि करते हुए FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, “राजेश शर्मा जी को हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिली है। वे अभी मुंबई में अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। वे आने वाले दिनों में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश भी जाने वाले हैं।”

हाल ही में, उनके पारिवारिक दोस्त और एक्टर सुदीपा चटर्जी ने बताया कि शर्मा की हालत ‘काफी बेहतर’ है और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। चटर्जी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “अब वे थोड़े बेहतर हैं। किसी अनजान कीड़े के काटने की वजह से यह हुआ है; टेस्ट किए जा रहे हैं और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। इलाज चल रहा है और पिछले दो दिनों में वे काफी बेहतर हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “राजेश जी की मां बहुत बुज़ुर्ग हैं और उनकी बहन विदेश में थीं, इसलिए वे हमारे पारिवारिक दोस्त हैं। जब हमें इस बारे में पता चला, तो हम तुरंत अस्पताल पहुंचे और तभी मैंने अपना पहला बयान भी दिया।”

सुदीपा ने आगे बताया, “हैदराबाद से लौटने के बाद जब वे घर पर थे, तो उन्हें बुखार था। उन्हें लगा कि यह बुखार है या शायद मच्छर के काटने की वजह से हो सकता है, इसलिए वे घर आ गए। घर पर बेचैनी महसूस होने के बाद वे पास के अस्पताल गए, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया।”

शर्मा की सेहत से जुड़ी खबरें इस महीने की शुरुआत में तब सामने आईं, जब एक्ट्रेस और उनकी पारिवारिक दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक बयान शेयर किया; हालांकि, बाद में उस बयान को हटा दिया गया। बयान में कहा गया था कि हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर को किसी कीड़े ने काट लिया था। इसमें आगे बताया गया कि इस घटना के बाद उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद वे कोलकाता गए और इलाज के लिए ढाकुरिया के मणिपाल अस्पताल में भर्ती हुए।

हालांकि, ‘फौजी’ के मेकर्स ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। ‘गुल्टे’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की टीम के सदस्यों ने बताया कि राजेश ने अपनी तय शूटिंग लगभग एक हफ़्ते पहले ही पूरी कर ली थी और वे सेट से जा चुके थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कीड़े के काटने की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

एक्टर अक्षय कुमार, जिन्होंने ‘भूत बंगला’ में शर्मा के साथ काम किया है, ने भी इस खबर पर प्रतिक्रिया दी और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की सेहत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह से ठीक कर देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है।”

राजेश शर्मा या उनके प्रतिनिधियों ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। शर्मा ने कई सालों में बेहतरीन काम किया है। उन्होंने ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘स्पेशल 26’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया है।

Ram Mandir Chanda Chori Update: राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा! वॉशरूम में मिले ₹40,000 कैश से खुली करोड़ों की चोरी की परतें

Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी का मामला उस समय सामने आया, जब मंदिर परिसर के एक शौचालय में 40 हजार रुपये कैश छिपे मिले। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से हुई इस बरामदगी ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया, जो पिछले कई महीनों से दान की रकम में कथित तौर पर सेंध लगा रहा था।

शौचालय में कैश मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनने वाले रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दान की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी नोटों को अपने कपड़ों और शरीर में छिपा रहे थे। इसके बाद पूरे दान प्रबंधन तंत्र की जांच शुरू की गई।

ऐसे की जाती थी दान की रकम की चोरी

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की गिनती के दौरान कैश निकालकर पहले उसे मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपा देते थे। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की नजर से बचते हुए उस रकम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया जाता रहा।

SIT जांच में बड़ा खुलासा

शुरुआती जांच में मंदिर ट्रस्ट ने लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी दर्ज की। मामला तूल पकड़ने के बाद जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी गई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक गाड़ी भी बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर धन के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।

कई महीनों से चल रही थी कथित हेराफेरी

जांच अधिकारियों का मानना है कि दान की रकम में यह कथित चोरी कई महीनों से जारी थी। हालांकि, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दान और रिकॉर्ड की सीमाओं के कारण यह तय कर पाना मुश्किल है कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अहम खुलासा तब हुआ जब एक सिक्योरिटी गार्ड को मंदिर परिसर के अंदर एक वॉशरूम में छिपे हुए ₹40,000 मिले। इस खोज से तुरंत शक पैदा हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने डोनेशन गिनने वाली जगह के CCTV फुटेज की जांच की। उन्हें जो मिला, वह छिपे हुए कैश के एक बंडल से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला था।

दान व्यवस्था में मिलीं खामियां, ट्रस्ट ने बदली पूरी सिस्टम

SIT की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक के पास दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। इससे मंदिर की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस कथित गड़बड़ी से अनजान थे या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।

मामले के सामने आने के बाद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने दान संग्रह और गिनती की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब दान की गिनती के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है, सख्त मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और नकदी प्रबंधन प्रणाली में बदलाव कर मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की कोशिश की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।

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No Job No Problem: नौकरी नहीं है तो भी खुलेगा PF खाता! फ्रीलांसरों, गिग वर्कर्स और दुकानदारों के लिए EPFO ला रहा ये स्कीम

EPFO Social Security Scheme: अगर आप किसी कंपनी में परमानेंट नौकरी नहीं करते, फ्रीलांसिंग करते हैं, अपना कोई बिजनेस चलाते हैं या फिर ओला-उबर और जोमैटो जैसी कंपनियों में गिग वर्कर के तौर पर काम करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार खबर है। अब आपको अपने रिटायरमेंट फंड या पीएफ (PF) की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर्स के श्रमिकों, फ्रीलांसरों, गिग वर्कर्स और सेल्फ-एंप्लॉयड यानी खुद का काम करने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा का एक बड़ा कवच देने के लिए एक स्पेशल ‘यूनिवर्सल पीएफ स्कीम’ का फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। आइए आपको बताते हैं कि यह नई योजना क्या है और इससे आपको कैसे फायदा मिलेगा।

क्या है यह नई योजना और कैसे करेगी काम?

अभी तक पीएफ कटौती का नियम केवल उन कंपनियों पर लागू होता था जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन नई योजना के तहत इस दायरे से बाहर के लोग भी पीएफ का हिस्सा बन सकेंगे:

यह योजना पूरी तरह से ‘सेल्फ-फाइनेंसिंग’ मॉडल पर आधारित होगी। यानी इसमें किसी कंपनी या नियोक्ता के योगदान की जरूरत नहीं होगी, बल्कि लोग खुद अपनी कमाई का एक हिस्सा पीएफ खाते में जमा करेंगे।

इस योजना में पैसा जमा करने के लिए कोई कड़ा नियम नहीं होगा। नए खाताधारकों को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपनी सुविधा के अनुसार रोजाना या सालाना आधार पर पैसे का योगदान कर सकें।

इस खाते में जमा होने वाले पैसे पर भी आम पीएफ खातों की तरह ही सालाना ब्याज मिलेगा। इसके अलावा, सालाना ₹2.5 लाख तक के योगदान पर इनकम टैक्स से पूरी छूट मिलेगी।

रिटायरमेंट पर पैसे निकालने का नया फॉर्मूला: SWP की सुविधा

ईपीएफओ इस योजना के साथ निकासी के नियमों को भी काफी आसान और आकर्षक बनाने की तैयारी कर रहा है:

पेंशन की तरह मिलेगा पैसा: रिटायरमेंट के समय सारा पैसा एक साथ निकालने के बजाय, खाताधारकों को ‘सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान’ (SWP) का विकल्प दिया जा सकता है।

अपनी मर्जी का पे-आउट: इस मॉडल के तहत आप खुद तय कर सकेंगे कि आपको हर महीने या तय अंतराल पर कितना पैसा वापस चाहिए। आप चाहें तो शुरुआत में ज्यादा पैसा ले सकते हैं या बाद के वर्षों के लिए बड़ी रकम बचाकर रख सकते हैं।

EPFO के पास रहेगा पैसा: रिटायरमेंट के बाद भी आप अपना पूरा फंड ईपीएफओ के पास ही सुरक्षित रख सकेंगे ताकि उस पर लगातार ब्याज मिलता रहे। यह सुविधा मौजूदा पीएफ सब्सक्राइबर्स को भी दी जा सकती है।

सिंगापुर के मॉडल पर हो रही है बड़ी तैयारी

इस पूरे फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के लिए ईपीएफओ ने दुनिया के कई देशों के सोशल सिक्योरिटी मॉडल्स का गहराई से अध्ययन किया है, जिसमें सिंगापुर का मॉडल (Singapore Central Provident Fund Model) प्रमुख रूप से शामिल है।

सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code, 2020) के तहत सरकार का मुख्य लक्ष्य देश के हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। इस योजना के लागू होने के बाद, ओला-उबर के ड्राइवर, जोमैटो-स्वीगी के डिलीवरी पार्टनर्स, फ्रीलांस कंसल्टेंट्स, छोटे दुकानदार और ट्यूशन पढ़ाने वाले लोग भी सरकारी सुरक्षा के साथ अपने बुढ़ापे को पूरी तरह सुरक्षित कर सकेंगे।

ट्रम्प का चुनावों पर राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू:दावा- विदेशी दखल पर खुलासा करेंगे, ईरान-इकोनॉमी पर भी बोल सकते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चुनाव सुरक्षा पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, उनके भाषण का मुख्य फोकस अमेरिकी चुनावों में विदेशी दखल की कोशिशों पर है। ट्रम्प ईरान और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी सरकार का पक्ष रख सकते हैं। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने दावा किया है कि ट्रम्प अपने संबोधन में ऐसे दस्तावेज और निष्कर्ष पेश करेंगे, जो “लोगों को चौंका देंगे।” ट्रम्प प्रशासन चीन और अमेरिकी चुनावों से जुड़े कुछ दस्तावेज सार्वजनिक करने पर भी विचार कर रहा है। ट्रम्प लंबे समय से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली और विदेशी दखल के आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों, राज्यों की ऑडिट रिपोर्ट और अदालतों को अब तक वोटिंग या मतगणना में किसी विदेशी छेड़छाड़ का सबूत नहीं मिला है। ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रम्प अपने संबोधन में एक बार फिर इन मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। ट्रम्प के इस संबोधन पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि हाल के दिनों में उन्होंने चुनावी सुरक्षा, ईरान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार आक्रामक रुख अपनाया है। विदेशी दखल की कोशिश, वोटों में छेड़छाड़ का सबूत नहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस, ईरान समेत कई देशों ने सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, साइबर हमलों और हैक-लीक अभियानों के जरिए अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि, किसी भी जांच में यह साबित नहीं हुआ कि इन कोशिशों से वोटिंग, मतगणना या चुनावी नतीजों में कोई छेड़छाड़ हुई। अमेरिकी अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी नेटवर्क लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन इन अभियानों का मतदाताओं के फैसलों पर कितना असर पड़ा, इसका कोई ठोस आकलन अब तक सामने नहीं आया है। ट्रम्प के संबोधन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

Ranbir Kapoor: ‘रामायणम्’ के ट्रेलर रिलीज से पहले रणबीर कपूर की बिगड़ी तबियत, इंफेक्शन से जूझ रहे एक्टर

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ‘रामायणम्’ के ट्रेलर लॉन्च के साथ साल के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक की तैयारी कर रहे हैं। इस बड़े इवेंट से कुछ दिन पहले ही एक्टर को कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हो गया है और एहतियात के तौर पर उनके काले चश्मे पहनने की उम्मीद है। इसके बावजूद, रणबीर इस इन्फेक्शन को अपने कमिटमेंट के आड़े नहीं आने दे रहे हैं और तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली में होने वाले इस स्टार-स्टडेड इवेंट में शामिल होंगे।

एक्टर के करीबी एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि यह इन्फेक्शन सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुआ था। बच्चों की देखभाल करने के चलते एक्टर को भी उसी से कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हुआ है। आंखों का यह इन्फेक्शन, जिसे आमतौर पर ‘पिंक आई’ कहा जाता है, करीबी संपर्क से आसानी से फैलता है, इसलिए इसके फैलने पर परिवार के कई सदस्यों के संक्रमित होने की संभावना रहती है। फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “रणबीर कपूर को कंजंक्टिवाइटिस हो गया है। सबसे पहले उनकी बेटी राहा को यह हुआ था।”

तकलीफ होने के बावजूद, रणबीर ने इस अहम इवेंट में शामिल न होने का फैसला नहीं किया है। सूत्र ने आगे कहा, “‘रामायणम्’ की टीम दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले बड़े ‘प्रथम संकल्प’ कार्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार है, इसलिए हमेशा अपने वादे पूरे करने के लिए पहचाने जाने वाले RK शायद सावधानी के तौर पर इस इवेंट के दौरान काले चश्मे पहने हुए दिखाई देंगे।”

साल के सबसे बड़े फ़िल्म इवेंट्स में से एक से कुछ दिन पहले ही, ‘रामायणम् पार्ट 1’ को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। खबरों के मुताबिक, नितेश तिवारी की इस पौराणिक फिल्म का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रिलीज किया जाएगा।

इस शानदार इवेंट में डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​मुख्य भूमिका में होंगे और फिल्म की कास्ट के कई सदस्य भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रावण का किरदार निभाने वाले यश और भगवान हनुमान का रोल करने वाले सनी देओल इस लॉन्च इवेंट में शामिल होंगे या नहीं।

दिल्ली में ट्रेलर लॉन्च, रामायण के दुनिया भर में प्रमोशन के सफर का बस पहला पड़ाव है। भारत में हुए इवेंट के बाद, मेकर्स 23 जुलाई को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक खास शोकेस के लिए जाएंगे। इसके साथ ही, ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद ‘रामायण’ दुनिया भर में मशहूर इस इवेंट में पेश की जाने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बन जाएगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में रणबीर कपूर, यश और नमित मल्होत्रा ​​मौजूद रहेंगे।

₹4,000 करोड़ के अनुमानित बजट पर बन रही यह दो-भागों वाली फिल्म भारतीय सिनेमा के अब तक के सबसे बड़े और मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका म्यूजिक भी दो दिग्गज नामों—एआर रहमान और ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस ज़िमर—को एक साथ लाता है, जो इस महाकाव्य को एक और ग्लोबल आयाम देता है।

नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से बन रही ‘रामायण’ को दो-भागों वाली सिनेमैटिक गाथा के रूप में प्लान किया गया है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित, इसका पहला भाग दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में आएगा, और इसके बाद आखिरी भाग दिवाली 2027 में रिलीज़ होगा।