The Odyssey first reviews: नोलन की ‘द ओडिसी’ को ‘रॉटन टोमैटोज’ पर 99 परसेंट मिला स्कोर, क्रिटिक्स ने इसे ‘साल की बेस्ट फिल्म’ कहा

The Odyssey first reviews: महीनों के जबरदस्त इंतजार, फैंस थ्योरीज और बहुत ज़्यादा उम्मीदों के बाद, क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ सिनेमाघरों में आने के लिए तैयार है। शुरुआती रिव्यूज बेहद शानदार हैं। मैट डेमन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में टॉम हॉलैंड और जंडाया भी अहम किरदारों में हैं। इस शानदार फिल्म को देखने में बहुत ही आकर्षक और भावनाओं को छू लेने वाला अनुभव बताया जा रहा है, और कई क्रिटिक्स इसे नोलन की एक और सिनेमाई कामयाबी मान रहे हैं।

‘द ओडिसी’ के रिव्यूज

क्रिस्टोफर नोलन की लिखी और डायरेक्ट की गई ‘द ओडिसी’ एक शानदार फैंटेसी एक्शन फिल्म है, जो होमर की क्लासिक ग्रीक कविता पर आधारित है। ‘द ओडिसी’ में कई बड़े स्टार्स हैं, जिनमें मैट डेमन मशहूर ओडिसियस का रोल निभा रहे हैं। टॉम हॉलैंड उनके बेटे टेलीमैकस का रोल कर रहे हैं, जबकि रॉबर्ट पैटिनसन एंटिनोस के रोल में हैं। ऐनी हैथवे पेनेलोप का रोल निभा रही हैं और चार्लीज थेरॉन आकर्षक कैलिप्सो के रोल में हैं। फिल्म में लुपिता न्योंगो, ज़ेंडया, जॉन बर्नथल, हिमेश पटेल, जॉन लेगुइजामो और मिया गोथ भी हैं।

क्रिटिक्स ने नोलन की इस शानदार फिल्म पर अपनी राय देनी शुरू कर दी है। तो, क्या ‘द ओडिसी’ लोगों की बहुत ज्यादा उम्मीदों पर खरी उतरती है? शुरुआती रिएक्शन को देखें तो जवाब ‘हां’ है। फिलहाल, Rotten Tomatoes पर फिल्म का क्रिटिक्स स्कोर 99% है। Tomatometer पर फिल्म की रेटिंग 96% है।

‘वैरायटी’ ने रिव्यू देते हुए कहा कि एक सचमुच शानदार और हिम्मत वाली सोच के साथ बनी ‘द ओडिसी’ अपने लगभग तीन घंटे के समय में दर्शकों को भरपूर रोमांच देती है। ऐसा लगता है कि हर कुछ मिनटों में यह दर्शकों के सामने एक और ज़बरदस्त सीन पेश करती है, जो किसी भी दूसरी समर स्टूडियो फिल्म में एक यादगार और मुख्य सीन बन सकता था।”

‘द टेलीग्राफ’ ने ‘द ओडिसी’ को साल की बेस्ट फिल्म बताया, जबकि ‘मेट्रो’ ने कहा कि यह फिल्म “सिनेमा को हमेशा के लिए बदल देगी”। ‘द टाइम्स’ के अनुसार, ‘द ओडिसी’ “हर तरह से एक मास्टरपीस” है। ‘द स्टैंडर्ड’ ने फिल्म की तारीफ करते हुए इसे “सिनेमा का एक विशाल नमूना” कहा।

‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ के डेविड रूनी ने कहा कि फिल्म थोड़ी “अनईवन” थी, लेकिन उन्होंने फिल्म की पूरी कास्ट की तारीफ की। वहीं ‘एलए टाइम्स’ की एमी निकोलसन ने कहा कि फिल्म “संतोषजनक” थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह मूल कहानी से थोड़ी अलग है और इसमें “किरदार के ईगो और लस्ट को ठीक से नहीं दिखाया गया है”।

गार्जियन के पीटर ब्रैडशॉ ने लिखा कि ‘द ओडिसी’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें “रोमांचक महत्वाकांक्षा, निडरता, गंभीरता, उदारता और खास अंदाज” है। एम्पायर ने इसे पांच-स्टार रेटिंग दी और लिखा, “द ओडिसी एपिक (महाकाव्य) की सही परिभाषा है”।

बीबीसी के अनुसार, “ओपेनहाइमर, अपने खास फोकस के साथ, नोलन की सबसे बेहतरीन ढंग से बनाई गई फिल्म है। लेकिन कमियों के बावजूद, ‘द ओडिसी’ इतनी समृद्ध और जादू व इंसानियत से भरी है कि मैं इस एपिक को दोबारा देखने के लिए उत्सुक हूं”।

न्यूयॉर्क टाइम्स के रिव्यू में लिखा था, “यह बड़े स्टूडियो की एक अनोखी एंटरटेनमेंट फिल्म है, जिसे नोलन ने सितारों से सजाया और बेहतरीन ढंग से तराशा है। उन्होंने 3,000 साल पुरानी कविता को पुराने हॉलीवुड के आकर्षण वाली एक स्मार्ट और विचारशील फिल्म में बदल दिया है।”

यूएसए टुडे के अनुसार, “‘द ओडिसी’ के हर पहलू में – प्रोडक्शन डिजाइन से लेकर कॉस्ट्यूम तक – सब शानदार है”। लॉस एंजिल्स टाइम्स की एमी निकोलसन ने कहा, “नोलन स्थापित परंपराओं के सामने झुकने से इनकार करते हैं। बड़ी कैंची उठाकर, वे होमर और कुछ हद तक वर्जिल की रचनाओं को काटकर और बदलकर उन्हें अपनी तरह की कहानी में ढालते हैं। एक ऐसी कहानी जो यादों, अपनी पहचान, विनाशकारी प्रतिभा और समय के बीतने पर केंद्रित है।”

क्रिस्टोफर नोलन ने इस फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है और एम्मा थॉमस के साथ मिलकर इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को यूनिवर्सल का सपोर्ट मिला है। ‘द ओडिसी’ की शूटिंग नई IMAX टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके की गई है और यह पूरी तरह से IMAX के सबसे बड़े फिल्म फॉर्मेट का इस्तेमाल करके बनाई गई पहली फीचर फिल्म है। फिल्म में मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, ज़ेंडया, ऐनी हैथवे, लुपिता न्योंगो और अन्य कलाकार शामिल हैं।

ब्रह्मोस से आकाश तक भारत के हथियारों का जलवा! समझिए कैसे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम बना रहे हैं डिफेंस एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड

India Defence Sector: दशकों तक दुनिया के सबसे बड़े रक्षा उपकरण आयातकों में शुमार रहने वाला भारत अब ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर एक बड़े डिफेंस एक्सपोर्टर के रूप में मजबूती से उभर चुका है। विदेशी सप्लायरों पर निर्भरता धीरे-धीरे घट रही है और अब भारत की स्वदेशी डिफेंस सिस्टम की डिमांड दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन 1।78 लाख करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान देश के रक्षा निर्यात में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह रिकॉर्ड 38424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। ये इससे पिछले वित्त वर्ष में 23622 करोड़ रुपये था।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात लगभग 50 गुना बढ़ा है। ये वित्त वर्ष 2014 में सिर्फ 700 करोड़ रुपये हुआ करता था। जियो पॉलिटिकल टेंशन और बढ़ते सैन्य खर्चों के बीच स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की मजबूत वैश्विक स्वीकार्यता की वजह से कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2029 तक भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 50000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बना भारतीय हथियारों का मुख्य ठिकाना

भारत के रक्षा निर्यात के लिए इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र सबसे प्रमुख ठिकाना बनकर उभरा है। इसमें मुख्य रूप से म्यांमार, फिलीपींस और वियतनाम से आने वाली भारी मांग का बड़ा योगदान है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2020-2025 के दौरान भारत के कुल रक्षा निर्यात में इन तीनों दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की हिस्सेदारी 70.1 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले वर्ष 2014-2019 में यह हिस्सेदारी 16.5 प्रतिशत और 2008-2013 में सिर्फ 14.7 प्रतिशत थी। ये आंकड़े भारत के बदलते एक्सपोर्ट प्रोफाइल को साफ दिखाते हैं।

सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल की बढ़ती ग्लोबल डिमांड

भारत के रक्षा क्षेत्र को इस महीने की शुरुआत में एक और बड़ी कामयाबी तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने के समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए। फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया इस मिसाइल का तीसरा अंतरराष्ट्रीय खरीदार बन गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस मल्टि लेयर रणनीतिक रक्षा समझौते की कीमत 200 मिलियन डॉलर से 630 मिलियन डॉलर के बीच है। इसमें मिसाइल बैटरी, तटीय रक्षा प्रणाली और ऑपरेटरों की ट्रेनिंग शामिल है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी युद्ध प्रभावशीलता साबित करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल शक्तिशाली तटीय रक्षा और एंटी-शिप क्षमताएं प्रदान करती है। इसकी बेहद तेज गति होने की वजह से दुश्मन के लिए इसे इंटरसेप्ट करना बहुत कठिन होता है। ऐसे में ये दक्षिण चीन सागर जैसे रणनीतिक जलमार्गों में शत्रु नौसैनिक बलों के खिलाफ एक मजबूत डिटरेंट का काम करती है।

इस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPO Mashinostroyenia के जॉइंट वेंटर में तैयार किया गया है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है।

पिनाका रॉकेट सिस्टम की सफलता और फ्रांस की नजर

भारत की रक्षा निर्यात महत्वाकांक्षाओं में महाराष्ट्र के नागपुर प्लांट में तैयार होने वाला पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है। आर्मेनिया ने साल 2022 में चार पिनाका रॉकेट लॉन्चर बैटरियों (अनगाइडेड, एक्सटेंडेड-रेंज और गाइडेड वेरिएंट) के लिए 2000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जुलाई 2023 से शुरू होकर एक साल के भीतर शुरुआती अनगाइडेड सिस्टम की डिलीवरी पूरी कर ली गई थी।

जनवरी 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया के लिए गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछले हफ्ते ही डीआरडीओ (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया। इसने 60 किमी की न्यूनतम दूरी पर अपने लक्ष्य को बेहद सटीकता से भेदा। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आर्मेनिया के बाद अब फ्रांस भी अपने पुराने होते आर्टिलरी बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए इस स्वदेशी रॉकेट सिस्टम को खरीदने पर विचार कर रहा है।

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने रचा इतिहास

भारत का रक्षा निर्यात अब सिर्फ आक्रामक मिसाइल प्रणालियों तक सीमित नहीं है। स्वदेशी रूप से विकसित सतह से हवा में मार करने वाली आकाश वेपन सिस्टम विदेश में बेची जाने वाली पहली स्थानीय एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म बन गई है। साल 2022 में आर्मेनिया ने आकाश मिसाइल सिस्टम के लिए 720 मिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसकी डिलीवरी साल 2024 में शुरू हुई। डीआरडीओ द्वारा विकसित और भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित यह मध्यम दूरी की मोबाइल रक्षा प्रणाली लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों को मार गिराने के लिए डिजाइन की गई है।

आकाश मिसाइल प्रणाली ने पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान द्वारा किए गए लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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Asian Market Today : चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7% गिरा, निक्केई 2% से ज्यादा टूटा, जानें ग्लोबल मार्केट में कहां है हलचल

Asian Market : टेक्नोलॉजी शेयरों के ओवरवैल्यूएशन और मिडिल ईस्ट में चल रहे US-ईरान युद्ध की चिंताओं के बीच गुरुवार को एशियाई मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है । निक्केई करीब 2.69 फीसदी की गिरावट के साथ 66,903.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

ताइवान का बाजार 1.12फीसदी गिरकर 45,160.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 25,116.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 6.14 फीसदी की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 3,936.40 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार को US स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि महंगाई के नरम आंकड़ों ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.83 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,572.42 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 162.22 पॉइंट्स या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 0.33% बढ़ी, AMD के शेयर 3.46% गिरे, इंटेल के शेयर 4.43% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 8.02% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.78% बढ़े, अमेज़न के शेयर 3.02% बढ़े, एप्पल के शेयर 4.01% बढ़े, मेटा के शेयर 3.07% बढ़े, पेपाल के शेयर 16.87% उछले, जबकि टेस्ला के शेयर 0.43% गिरे, और स्पेसएक्स के शेयर 0.60% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US ने हमलों की दो नई लहर शुरू की, जिसमें ईरानी मिलिट्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया गया था। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने “आक्रामक कामों” को खत्म नहीं कर देता, साथ ही चेतावनी दी कि दूसरे क्षेत्रीय तेल एक्सपोर्ट रूट भी निशाना बन सकते हैं।

US प्रोड्यूसर प्राइस

US प्रोड्यूसर प्राइस जून में अचानक गिर गए, जो 14 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। फ़ाइनल डिमांड के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी, मई में 0.6% की कमी के बाद। रॉयटर्स द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने मई में पहले बताई गई 1.1% की बढ़त के बाद PPI में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया था।

बैंक ऑफ़ कोरिया पॉलिसी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने साढ़े तीन साल में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। बैंक ऑफ़ कोरिया के सात सदस्यों वाले मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सात दिन के रीपरचेज रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के लिए वोट किया।

कच्चे तेल की कीमतें

ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर US के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावट की आशंका के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

आज सोने का रेट

हाल के US डेटा से पता चला कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, इसलिए सोने की कीमतें स्थिर रहीं। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,056.59 प्रति औंस पर थोड़ी बदली, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,062.50 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.3% गिरकर $57.61 प्रति औंस हो गई।

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