गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो के मैच से पहले संजू सैमसन को फिट करने जुटा टीम मैनेजमेंट

ENGvsIND इंग्लैंड दौरे से पहले, भारत एक ऐसी टीम लग रही थी जो अपनी टी 20 वर्ल्ड कप जीत के बाद और बेहतर करने को तैयार थी। पांच मैच बाद, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से टी 20 सीरीज़ हार भी शामिल है, श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज़ में 0-2 से पीछे है (पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था) और अब एक और सीरीज़ हारने के कगार पर है।

भारतीय टीम अब गुरुवार को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टी20 खेलने जा रही है। वे जानते हैं कि सिर्फ़ जीत ही मेज़बान टीम को साउथम्प्टन में एक मैच बाकी रहते हुए पांच मैचों की सीरीज़ जीतने से रोक सकती है।

ट्रेंट ब्रिज में 125 रन की बड़ी हार ने कई कमियों को उजागर किया, जिससे हेड कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन को इस अहम मुकाबले से पहले काफी कुछ सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हार के अंतर से ज़्यादा, पूरे दौरे के दौरान भारतीय टीम का इंग्लिश हालात के हिसाब से खुद को न ढाल पाना चिंता का विषय बना हुआ है।

सबसे बड़ी चर्चा टीम संयोजन को लेकर है, जिसमें संजू सैमसन को बाहर रखने का मुद्दा छाया हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी, उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 से बाहर रखा गया क्योंकि टीम प्रबंधन ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका देने का फैसला किया।इस युवा खिलाड़ी ने कुछ अच्छी झलकियां दिखाई हैं लेकिन भारत के बाकी बल्लेबाज़ों की तरह वह भी कोई बड़ा असर नहीं डाल पाए हैं। सीरीज़ दांव पर लगी होने के कारण, गंभीर ने सैमसन की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे अंतिम XI में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।

इंग्लैंड के बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ी अटैक के खिलाफ पूरी सीरीज़ में भारत की बल्लेबाज़ी संघर्ष करती रही है। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग ने अपनी गति, उछाल और मूवमेंट से लगातार मेहमान टीम को परेशान किया है, जबकि भारत का अनुभवी मिडिल ऑर्डर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रहा है।

अगर सैमसन की वापसी होती है, तो टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि शीर्ष पर सूर्यवंशी की भूमिका को प्रभावित किए बिना उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में कैसे फिट किया जाए। ईशान किशन की विकेटकीपिंग की वजह से उनकी जगह बनी रहने की उम्मीद है, जबकि बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बाद उप-कप्तान तिलक वर्मा पर दबाव बढ़ सकता है।

ENGvsIND

 टीम इस प्रकार है :

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।

समय: रात 10:00 बजे शुरू होगा। 
 

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

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इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार में कितने अनचाहे रिकॉर्ड बना गई टीम इंडिया

दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार के बाद भारतीय टीम ने बहुत सारे अनचाहे रिकॉर्ड बना लिए हैं। यह पहली बार है जब भारतीय टीम इस प्रारुप में 100 से ज्यादा रनों से हारी हो। भारतीय टीम 76 रनों पर सिमट गई और जैसे तैसे इस प्रारुप में अपने न्यूनतम स्कोर से एक कदम आगे आ पाई।

202 रनों का पीछा करते हुए भारत के पांच विकेट पांच ओवर में 52 रन पर गिर गए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और जीत के लिये कोई प्रयास भी नहीं किया। यह पहली बार है जब एक पॉवरप्ले में भारत ने 5 विकेट गंवाए हों। श्रेयस अय्यर का बतौर कप्तान हार का सिलसिला अब पांच मैचों का हो गया है ।यह पहली बार है जब भारत लगातार 5  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में से एक भी जीतने में नाकामयाब रहा।

भारतीय बल्लेबाजी पर नाराज हुए श्रेयस अय्यर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड से 125 रन की करारी हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन को ‘‘बेहद खराब’’ करार दिया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।अय्यर की कप्तानी में भारत ने अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। मंगलवार को खेले गए मैच में तो उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जब टीम 202 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर आउट हो गई और उसे रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक था, इतने बड़े अंतर से हारना स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें हार को स्वीकार करना होगा और नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।’’इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथा टी20 मैच और शनिवार को साउथेम्प्टन में अंतिम मैच खेला जाएगा। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

अय्यर का मानना ​​था कि ट्रेंट ब्रिज की इस पिच पर गेंदबाजों को 200 रन नहीं देने चाहिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह 200 विकेट वाली पिच थी। हमने पावरप्ले में चार विकेट गंवा दिए और इसी वजह से हम पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मुझे लगा कि हार्ड लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल था और हम उसे ठीक से अंजाम नहीं दे पाए।’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें अब अतीत के बारे में नहीं सोचना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी। हमारे प्रत्येक खिलाड़ी को इस पर विचार करना होगा कि वह किस तरह से योगदान दे सकता है।’’

गौतम ने कहा गंभीरता से खेले टीम इंडिया

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’

गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’

दूसरे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजी का सरेंडर, इंग्लैंड के खिलाफ मिली 125 रनों की शर्मनाक हार

ENGvsIND

ENGvsIND जॉश टंग (28 रन पर चार विकेट) और जोफ्रा आर्चर (29 रन पर तीन विकेट) ने घातक गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया और इंग्लैंड ने तीसरा टी 20 मंगलवार को 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।फिल साल्ट (70) के शानदार अर्धशतक से इंग्लैंड ने सात विकेट पर 201 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

भारत को 114 ओवर में मात्र 76 रन पर ढेर कर दिया। भारत को 202 का लक्ष्य मिला था और एक धीमी पिच पर भारत के लिए यह लक्ष्य आसान नहीं रहने वाला था और इसकी झलक पावरप्ले में ही मिल गई जहां भारत ने इस प्रारूप में पहली बार पांच विकेट गंवा दिए।

 भारत ने इस प्रारूप का अपना दूसरा न्यूनतम स्कोर भी बनाया और भारत की ओर से सर्वाधिक स्कोर 13 रन का रहा जो वैभव सूर्यवंशी और इशान किशन ने बनाया। इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक चार विकेट जॉश टंग ने लिए और आर्चर को तीन विकेट मिले। स्पिनर जैक्स को एक और आदिल राशिद को दो विकेट हासिल हुए।

जोफ्रा आर्चर को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।अभिषेक शर्मा 10, कप्तान श्रेयस अय्यर पांच, अक्षर पटेल 10 और तिलक वर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। भारत की तरफ से सिर्फ चार बल्लेबाज ही दहाई की संख्या में पहुंच सके।

इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे इंग्लैंड को जोस बटलर (36) ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई थी लेकिन प्रिंस यादव ने आते ही बटलर को अपना शिकार बनाया और कुछ आक्रामक शॉट्स खेलने के बाद हैरी ब्रूक (16) भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद फ़िल सॉल्ट ने ज़िम्मेदारी संभाली और जैकब बेथेल (13) ने उनका साथ भी दिया। हालांकि हर्षित राणा ने वापसी करते हुए लगातार दो गेंदों पर बेथेल और टॉम बेंटन को अपना शिकार बनाया।

इसके बाद सैम करन (नाबाद 41) ने आने के बाद आक्रमण शुरू किया। सॉल्ट 44 गेंदों में सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 70 रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार बने लेकिन करन ने प्रहार जारी रखा। हालांकि अंतिम दो ओवर में भारत ने मात्र 14 रन दिए। करन 24 गेंदों में चार चौकों की मदद से 41 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लिए।

विश्वकप जिताने वाले संजू सैमसन के साथ हुआ अन्याय, जिम्बाब्वे सीरीज से हुए ड्रॉप

भारत के शानदार वर्ल्ड कप अभियान में अहम भूमिका निभाने और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खूब तारीफें बटोरने के बावजूद, संजू सैमसन को सोमवार को राष्ट्रीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। ऐसा उनकी फ़ॉर्म में अचानक आई गिरावट के कारण हुआ। साथ ही, बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के लिए युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बनाए रखा।

सैमसन को टीम से बाहर करने का फ़ैसला उनके प्रदर्शन में आए अचानक बदलाव के बाद लिया गया। केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़  वर्ल्ड कप के दौरान 3 मैच में 89, नाबाद 97 और 89 रन की पारी खेल कर भारत को फाइनल में जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तीन लगातार मैच जिताऊ पारियों के साथ भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, विश्वकप के बाद के बाद अपनी तीन टी20 पारियों में केवल 5, 0 और 1 रन ही बना पाए। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे सीरीज़ के लिए उनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों पर विचार किया।

पुरुष चयन समिति ने तिलक वर्मा को उप-कप्तान नियुक्त किया, जबकि दौरे के लिए ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह को दो विकेटकीपर के तौर पर चुना। अय्यर के अलावा, टीम में अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। भारत हरारे में 23, 25 और 26 जुलाई को तीनों T20I इंटरनेशनल मैच खेलेगा।

एक अलग घोषणा में, BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया। अपडेट की गई वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

IND vs ZIM: लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सैमसन और अर्शदीप बाहर, इन नए चेहरों की हुई एंट्री

जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 टीम में संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला है। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू को ड्रॉप किया गया था। संजू की जगह सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था। लगातार तीन मैचों से फ्लॉप होने के बाद संजू को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ा। वहीं अब जिम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं हैं। वहीं हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौर पर भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

इन खिलाड़ियों को मिला मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। वहीं, विदर्भ के ही तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है।

रिंकू सिंह की हुई वापसी

पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन तब उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम में रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी वापसी हुई है। केकेआर के बल्लेबाज रिंकू को एक बार फिर मौका मिला है, जबकि मयंक यादव लंबे समय बाद टीम में लौटे हैं। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था और इसके बाद वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे। अब चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी टीम में यह साफ नहीं किया गया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर जिम्बाब्वे दौरे का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता रहा है। इस बार भी कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे के लिए भारत की पूरी टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर)

3 नो बॉल और 60 रन देने वाले रवि विश्नोई का तीसरे T-20I से बाहर होना लगभग तय

भले ही श्रेयस अय्यर ने लेग स्पिनर रवि विश्नोई का बचाव किया हो लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से उनका अंतिम ग्यारह से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की चार विकेट से हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वें ओवर में 29 रन लुटाने वाले स्पिनर रवि बिश्नोई का बचाव किया।

इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी लेकिन बिश्नोई ने 17वें ओवर में दो नॉ बॉल के साथ 29 रन लुटा दिये और मैच पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया।इससे पहले विश्नोई ने अपने स्पैल की पहली ही गेंद नो बॉल की थी।चार ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने के बाद उनकी टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं।

ट्रेंट ब्रिज की परिस्थितियों को देखते हुए बिश्नोई का अंतिम एकादश में शामिल होना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है। स्विंग और पिच से अतिरिक्त हरकत हासिल करने की उनकी क्षमता उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प बनाती है, जिनकी ‘बैक-ऑफ-द-लेंथ’ गेंदें टी20 क्रिकेट में अपेक्षाकृत आसान साबित होती हैं।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में शुरुआती ओवर में दो विकेट समेत कुल तीन विकेट झटके थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक द्वारा उनके एक ओवर में बनाए गए 27 रन भी भारत की हार का बड़ा कारण बने। इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था।

टीम के मुख्य गेंदबाज को मैच के अंतिम लम्हों पर कंधो पर चोट लगी थी लेकिन फिर भी अर्शदीप ने 19वां  ओवर पूरा किया। टीम प्रबंधन की निगाह उनकी चोट पर भी होगी अगर ऐअर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं तो प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिल सकता है।

Vaibhav Sooryavanshi: संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को चुने जाने पर भड़के संजय मांजरेकर, फैसले पर उठाए सवाल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत ने 4 विकेट से मात दी है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम था। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू देखना खुशी की बात है, लेकिन अगर संजू पूरी तरह फिट थे तो उन्हें बाहर बैठाने का फैसला समझ से परे है।

पहले मैच में वैभव ने बनाए 14 रन

संजू सैमसन के बाहर होने की वजह चोट नहीं थी। मैच के बाद जब कप्तान श्रेयस अय्यर से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि टीम में जगह के लिए कड़ा मुकाबला है। संजू की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ओल्ड ट्रैफर्ड की उछाल भरी पिच पर उन्हें बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संजय मांजरेकर ने फैसले पर उठाया सवाल

संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को भारत की जर्सी में खेलते देखना बेहद खुशी की बात है। लेकिन संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह हैरान करने वाला फैसला है। मुझे उम्मीद है कि वह चोटिल होंगे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो ये काफी अजीब चयन है। अगर टीम वैभव को मौका देना चाहती थी, तो उन्हें तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कराई जा सकती थी।”

कैसा था भारत-इंग्लैंड का मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

IND vs ENG: रवि बिश्नोई की वजह से भारत हारा मैच? इंग्लैंड से हार के बाद ईशान किशन ने बताई हार की असली वजह

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हाल मिली है। जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से मुकाबला जीत जाएगा। इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी, लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर ने मैच का रुख बदल दिया। रवि बिश्नोई के एक ओवर में 29 रन बने, जिसमें दो फ्री-हिट पर जैकब बेथेल ने शानदार छक्के लगाए। इसी ओवर ने इंग्लैंड की जीत की राह आसान कर दी। इंग्लैंड ये मैच 19 ओवर में ही जीत गया।

मैच के बाद क्या कहा

मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि, एक ओवर में ज्यादा रन बनने के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। लेकिन उन्होंने किसी भी खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया और कहा कि जीत-हार पूरी टीम की जिम्मेदारी होती है। ईशान किशन ने भी माना कि मैच कुछ अहम गेंदों में भारत के हाथ से निकल गया। लेकिन उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया। ईशान ने कहा कि टी20 क्रिकेट में कुछ गेंदें ही पूरे मैच का रुख बदल देती हैं और इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला।

जैकब बेथेल की तारीफ की

मैच के बाद ईशान किशन ने रिपोर्टर्स से कहा, “हमें पूरे मैच के दौरान लग रहा था कि मुकाबला हमारे कंट्रोल में है। लेकिन फ्री-हिट पर मिले रन से बल्लेबाज का दबाव कम हो गया और मैच का रुख बदलने लगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाजी काफी अच्छी रही। हमने अपनी योजनाओं के मुताबिक गेंदबाजी की, लेकिन जैकब बेथेल को भी पूरा श्रेय देना होगा। उसने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की, लंबे समय तक क्रीज पर टिका रहा और सही समय पर सही गेंदबाजों पर आक्रमण किया।”

फ्री-हिट नहीं देना था

उन्होंने आगे कहा, “हम और बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। शायद हमें वे फ्री-हिट वाली गेंदें नहीं देनी चाहिए थीं, जिन पर दो छक्के लगे। बिना किसी अतिरिक्त मेहनत के विपक्षी टीम को 12 रन और दो अतिरिक्त मौके मिल गए। टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में ऐसे छोटे-छोटे पल ही मैच का नतीजा बदल देते हैं। उम्मीद है कि अगले मैच में हम ऐसी गलतियों से बचेंगे।”

हम यह मैच नहीं जीत सके

हाल के टी20 मैचों में भारत को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले हैं। लेकिन ईशान किशन ने कहा कि, टीम अच्छा क्रिकेट खेल रही है और गलतियों से सीखकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। ईशान किशन ने कहा, “हम यह मैच नहीं जीत सके, लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि हर मुकाबले के बाद हम यह समझें कि किन क्षेत्रों में हमें और सुधार करने की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सबसे बड़ी ताकत ये है कि पूरी टीम एकजुट है और हर खिलाड़ी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। लगातार जीत न मिलना टीम के आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है, लेकिन हमारी टीम में अनुभवी और समझदार खिलाड़ी हैं। हम जानते हैं कि कहां सुधार करना है और एक टीम के रूप में आगे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।”

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