Varun Beverages का शेयर 23% चढ़ सकता है, सीएलएसए ने दिया 654 रुपये का टारगेट प्राइस

वरुण बेवरेजेज का शेयर 23 फीसदी चढ़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है। कंपनी के शेयर में 19 जून को तेजी दिखी। 12 बजे यह 0.22 फीसदी उछाल के साथ 532.70 रुपये पर चल रहा था।

654 रुपये तक जा सकता है शेयर

CLSA का कहना है कि वरुण बेवरेजेज के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। उसने शेयर के लिए 654 रुपये का प्राइस टारगेट दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि वरुण बेवरेजेज ने कैलपिस ब्रांड के लिए जापान के असाही ग्रुप होल्डिंग्स के साथ समझौता किया है। इससे वरुण बेवरेजेज के पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी।

असाही ग्रुप से समझौते का होगा फायदा

वरुण बेवरेजेज ने 18 जून को बताया था कि उसने कैलपिस ब्रांड की मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और बिक्री के लिए असाही ग्रुप के साथ समझौता किया है। कैलपिस फर्मेंटेड मिल्क-बेस्ड बेवरेजेज है, जो जापान में 100 साल से ज्यादा समय से मौजूद है। असाही पर प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जिम्मेदारी होगी। वह वरुण को टेक्निकल सपोर्ट भी उपलब्ध कराएगी। वरुण पर मार्केटिंग और ब्रांड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी।

मार्च तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

सीएलएसए ने कहा है कि इस पार्टनरशिप से वरुण बेवरेजेज को अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी अपने कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार करेगी। कंपनी का प्रदर्शन मार्च तिमाही में बेहतर रहा है। इस दौरान इसका नेट प्रॉफिट 20 फीसदी बढ़कर 872 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू में भी 18.3 फीसदी इजाफा हुआ।

24 एनालिस्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

वरुण बेवरेजेज को कवर करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से 24 ने इसके शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। 4 एनालिस्ट्स ने शेयरों को होल्ड करने की सलाह दी है। बीते एक महीने में यह शेयर 8.7 फीसदी चढ़ा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। बीते पांच दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया।

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शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक

19 जून को 12 बजे निफ्टी 0.89 फीसदी यानी 216 अंक गिरकर 23,951 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.03 फीसदी यानी 792 अंक की कमजोरी के साथ 76,626 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.68 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से लगातार पांच सत्रों में बाजार में तेजी दिखी थी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

Rajesh Exports Share Price: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 19 जून को बड़ी तेजी आई। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में यह शेयर करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी और इसके फाउंडर राजेश मेहता के खिलाफ सेबी के अंतरिम आदेश के बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, अब शेयर तब के क्लोजिंग लेवल से करीब 11 फीसदी नीचे रह गया है।

सेबी ने 3 जून को दिया था अंतरिम आदेश

सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स उसके फाउंडर चेयरमैन के खिलाफ अंतरिम आदेश दिया था। उसके बाद लगातार 7 सत्रों में शेयर गिरा था। इससे पिछले महीने इसका भाव गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 77.05 रुपये पर आ गया था। रेगुलेटर ने मामले की जांच पूरी होने तक राजेश एक्सपोर्ट्स और मेहता पर सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर FY21 और FY25 के बीच करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप है।

राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को गलत बताया

सेबी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की विदेश में स्थित सब्सिडियरीज के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बढ़ाकर दिखाया गया। रेगुलेटर के मुताबिक, FY21 और FY25 के बीच राजेश एक्सपोर्ट्स के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में उसकी सब्सिडियरीज कंपनियों की हिस्सेदारी 97-99 फीसदी थी। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को गलत बताया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने इस बारे में सफाई पेश की थी। उसने कहा था कि सेबी के आदेश में सिर्फ प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन शामिल है। उसने यह भी कहा था कि उसका रेवेन्यू और फाइनेंशियल डिसक्लोजर्स सही हैं।

राजेश एक्सपोर्ट्स आरोपों का जवाब तैयार कर रही

राजेश एक्सपोर्ट्स ने यह भी कहा था कि वह सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के साथ सेबी के आरोपों का जवाब तैयार कर रही है। उसने मनीकंट्रोल को बताया कि अलग-अलग एक्सचेंज के डिसक्लोजर्स में डेटा में जो फर्क है, उसकी वजह रिपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके हैं। इनसे डेटा में किसी तरह की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता है।

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इस साल 45 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर 

राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर इस साल अब तक 45 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। 11:20 बजे निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 212 अंक गिरकर 23956 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1 फीसदी की कमजोरी यानी 783 अंक गिरकर 76,624 पर चल रहा था। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली थी।

Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

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दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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19 जून को SME सेक्टर की कंपनी होराइजन रीक्लेम (इंडिया) की शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। लेकिन तुरंत ही थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी। शेयर BSE SME पर 46.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 151 रुपये पर लिस्ट हुआ। लेकिन फिर तुरंत ही 5 प्रतिशत लुढ़का और 143.45 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया। IPO प्राइस 103 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी रीक्लेम्ड रबर बनाती है। यह रबर पुराने टायरों, रबर ट्यूब्स, ट्रेड पीलिंग और इंडस्ट्रियल स्क्रैप जैसे इस्तेमाल किए गए रबर मैटेरियल्स से रीसाइकिल करके बनाया जाता है।

54.27 करोड़ रुपये का IPO 12 जून को खुला था ओर 16 जून को बंद हुआ। इसमें 53 लाख नए शेयर जारी हुए। पब्लिक इश्यू कुल 304.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 186.72 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 450.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 308.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

Horizon Reclaim (India) का मार्केट कैप लगभग 280 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के प्रमोटर मोहित बजाज और ​मल्लिका बजाज हैं।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

Horizon Reclaim (India) का वित्त वर्ष 2026 के दौरान शुद्ध मुनाफा 10.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 7 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 36.39 करोड़ रुपये थी। EBITDA 16.32 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10.46 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 35.76 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

5 दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 19 जून को गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के चंद पलों के अंदर ही लगभग 832 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से लगभग 832 अंक तक फिसलकर 76,578.08 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,75,69,044.59 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,34,971.443 करोड़ रुपये की कमी।

कच्चे तेल और रुपये की चाल

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। रुपया 19 जून को शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर है। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गिफ्ट निफ्टी दे रहा भारतीय बाजार के कमजोर खुलने के संकेत, 24000 पर कर रहा ट्रेड, जानें आज बाजार पर किन खबरों का दिखेगा असर

ग्लोबल मार्केट के पॉजिटिव संकेतों के बावजूद, शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी से नीचे खुलने की संभावना है, क्योंकि निवेशक पांच सेशन की मजबूत रैली के बाद प्रॉफिट लॉक करने के लिए तैयार दिख रहे हैं, जिसने निफ्टी को 24,150 से ऊपर और सेंसेक्स को 77,400 के पार पहुंचा दिया है। विदेशी फंड की लगातार बिकवाली और ज़रूरी टेक्निकल लेवल के पास रुकावट से भी सेंटिमेंट सतर्क रह सकता है।

GIFT निफ्टी सुबह करीब 8 बजे 24,000 पर ट्रेड कर रहा था, जो 192 पॉइंट यानी 0.8 प्रतिशत नीचे था, जो घरेलू इक्विटी के लिए गैप-डाउन शुरुआत का संकेत देता है। यह संकेत एशियाई मार्केट और वॉल स्ट्रीट में मोटे तौर पर पॉजिटिव ट्रेंड के उलट है, जिससे पता चलता है कि घरेलू ट्रेडर हालिया रैली के बाद प्रॉफिट बुक कर सकते हैं।

सतर्क शुरुआत का संकेत गुरुवार को भारतीय इक्विटी के लगातार पांचवें सेशन में ऊपर बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 254.36 पॉइंट्स या 0.33 परसेंट बढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 82.30 पॉइंट्स या 0.34 परसेंट बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

ग्लोबल संकेत सपोर्टिव बने हुए हैं। होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने और महंगाई की चिंताओं में कमी से रिस्क लेने की क्षमता बढ़ने से शुक्रवार को एशियाई इक्विटीज नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स लगातार छठे दिन 0.1 परसेंट बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 2.5 परसेंट से ज़्यादा चढ़ा। जापान का निक्केई फ्यूचर्स भी ऊपर गया।

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में रैली की वजह से वॉल स्ट्रीट रात भर मजबूती के साथ ऊपर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 1.91 परसेंट, S&P 500 1.08 परसेंट और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.14 परसेंट बढ़ा। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि Apple, Intel के साथ मिलकर यूनाइटेड स्टेट्स में चिप्स डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर करेगा, सेमीकंडक्टर स्टॉक्स ने तेज़ी से अच्छा परफॉर्म किया, जिससे फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 6.4 परसेंट बढ़ गया।

इस बीच, US-ईरान अंतरिम शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग एक्टिविटी धीरे-धीरे फिर से शुरू होने पर क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड $79 प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि US क्रूड $76 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि तेल का फ्लो ठीक होने से महंगाई और एनर्जी सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम होगी। क्रूड की कीमतों में तेज़ गिरावट दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल इंपोर्टर भारत के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात बनी हुई है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग की संभावना के बावजूद, बड़ा बैकग्राउंड कंस्ट्रक्टिव बना हुआ है। उन्होंने कहा, “अमेरिका के होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा के बाद निवेशकों का रुझान मजबूत हुआ है। इन घटनाओं ने अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया को लेकर उम्मीद को और मजबूत किया है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हुई है और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में ज़्यादा स्थिरता की उम्मीदों को सहारा मिला है।”

संस्थागत निवेश मिला-जुला रहा। 18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक नेट सेलर थे, उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली के दबाव को झेलते हुए 3,516 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

तकनीकी मोर्चे पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी की तुरंत की रुकावट 24,200 का स्तर बनी हुई है। उस ज़ोन से ऊपर लगातार ब्रेकआउट 24,400 की ओर बढ़ने का रास्ता खोल सकता है। नीचे की ओर, 24,000 का निशान एक ज़रूरी सपोर्ट एरिया बना हुआ है, जिसके टूटने पर 23,900-23,800 ज़ोन की ओर प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो सकती है।

बैंक निफ्टी के लिए 58,000 का लेवल मुख्य रेजिस्टेंस बना हुआ है, जबकि तुरंत सपोर्ट 57,800 पर है। सपोर्ट लेवल से ऊपर लगातार मजबूती से बड़े पैमाने पर रिकवरी का ट्रेंड बना रहने की उम्मीद है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

लगातार पांचवे दिन Sensex मजबूत, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी दौलत, Indigo-Trent रहे टॉप गेनर

Share Market Rally: कच्चे तेल की फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के एकदम करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर हुआ। हालांकि फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर ने इसे संभाल लिया जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे-आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक भी आधा फीसदी मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 254.36 प्वाइंट्स यानी 0.33% के उछाल के साथ 77,409.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 82.30 प्वाइंट्स यानी 0.34% की बढ़त के साथ 24,168.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 336.71 प्वाइंट्स उछलकर 77,492.33 और निफ्टी 103.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,189.25 तक पहुंच गया।

₹3.10 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,58,056.752 करोड़ था। आज यानी 18 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,77,68,135.83 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,10,079.078 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और बीईएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टेक महिंद्रा और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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162 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4419 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2419 शेयर मजबूत हुए तो 1814 में गिरावट रही जबकि 186 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 162 शेयर एक साल के हाई और 46 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 7 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 7 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : बाजार अब नई तेजी के लिए तैयार, PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट और NBFCs अभी भी सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पिछले सोमवार के निचले स्तर से हम निफ्टी में 1000 अंक ऊपर हैं। बैंक निफ्टी में करीब 3500-4000 अंक की रैली आ चुकी है। बैंक निफ्टी पर 52,800 से हमारा लॉन्ग नजरिया रहा है। पिछले सोमवार भी पैनिक ना करने की सलाह थी। अब यहां से 2 बड़े सवाल हैं। पहला– अगर लॉन्ग पोजिशन है तो क्या करें? दूसरा– अगर मैंने रैली मिस कर दी तो क्या करूं?

पहले सवाल का जवाब आसान है, अपने SL को ट्रेल कर लीजिए। अगर आप शुरू से लॉन्ग हैं तो पिछले सोमवार के निचले स्तर का ही SL रखें। लेकिन अगर आप स्विंग लॉन्ग में हैं तो 23,950 और 57,200 का SL रखें। बाजार में शायद एक नई और बड़ी वाली तेजी की शुरुआत हुई है। बाजार ने बहुत कुछ झेला और काफी मजबूती दिखाई है। सिर्फ मानसून का एक निगेटिव फैक्टर बचा है,शायद उसे भी हम पचा लें।

US-ईरान डील साइन

US और ईरान ने अलग-अलग जगह से डील पर साइन कर दिए हैं। डॉनल्ड ट्रंप ने साइन करके कहा, ये आसान नहीं था। US अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि MoU अब प्रभावी हो गया है। मीडिया के पास मौजूद MoU ड्राफ्ट के मुताबिक होर्मूज ‘तेजी से’फिर से खुलेगा। ईरान के न्यूक्लियर मुद्दे और आगे के फाइनेंशियल फायदे की आगे बातचीत होगी। अभी ये साफ नहीं है कि होर्मूज पूरी तरह खुल गया है या नहीं। JD वेंस और ईरान संसद स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार को औपचारिक रूप से डील पर साइन करेंगे।

फेड का फैसला

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। US फेड ने दर 3.50%-3.75% की रेंज में बरकरार रखी है। फेड ने लगातार चौथी बार दरों को स्थिर रखा है। केविन वार्श की पहली फेड बैठक मीटिंग में साफ हॉकिश बदलाव दिखा है। फेड ने महंगाई का अनुमान बढ़ाया और ईजिंग बॉयस को हटा दिया है। फेड का डॉट प्लॉट सीमित हुआ है। अब 9 सदस्यों ने 2026 में रेट हाइक का अनुमान लगाया है।

बाजार ने दिया जोरदार रिएक्शन

2 साल की US बॉन्ड यील्ड्स 13 Bps उछली है। मनी मार्केट अब अक्टूबर तक रेट हाइक को पूरी तरह से पचा चुके हैं। फेड के बाद US डॉलर में उछाल आया, यह 100.40 पर पहुंच गया। US बाजारों में गिरावट आई,नैस्डेक 1.3% और S&P 1.2% गिरा। मगर US फ्यूचर्स में वापस रैली हुई है। सोने-चांदी में दबाव दिखा है। सोना $4250 और सिल्वर $68 के नीचे फिसली है। कच्चे तेल में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। ब्रेंट $78 पर है।

आज के संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। बाजार में मोमेंटम काफी मजबूत है। कल हम दिन के हाई पर बंद हुए और बैंक निफ्टी ने लीड किया।

बाजार: क्या ये नई तेजी की शुरुआत है?

निफ्टी ने 26,300 पर डबल टॉप बनाया था। सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में हम करीब 26,300 तक गए थे। मगर मजे की बात ये कि दोनों बार करेक्शन में बॉटम एक ही रहा। मार्च 2025 में भी और मार्च 2026 में भी बॉटम बना। यहां से वापस 26,300 का रास्ता खुला है। बाजार ने इतनी बड़ी FII बिकवाली के बावजूद अपने लो नहीं तोड़े हैं। अब यहां से बाजार को अर्निंग्स में फेवरेबल बेस इफेक्ट मिलेगा। हो सकता है Q1 में कुछ दिक्कत आए क्योंकि ब्रेंट $100 के ऊपर रहा। मगर बाजार अब इस फैक्टर को पचा चुका है।

Q2 से नतीजों में तेज रिकवरी की उम्मीद रहेगी, क्योंकि बेस इफेक्ट अब हमारे फेवर में काम करेगा। FIIs की बिकवाली भी काफी हद तक हो चुकी है। अगर बाजार में मोमेंटम आया तो खरीदारी भी आ सकती है। ऐसा नहीं है कि इन 2 सालों में बाजार पूरा निगेटिव रहा। इन 2 सालों में भी चुनिंदा शेयरों में 50-200% रिटर्न मिले हैं। यहां से शायद वापस एक ब्रॉड बेस्ड रैली की भी शुरुआत हो सकती है।

निफ्टी में जल्द हासिल हो सकते हैं 24250-24400 के टारगेट, इस शेयर में दिख रहा दमदार कमाई का मौका

बाजार: क्या हो रणनीति?

बाजार में अपनी रणनीति को अब थोड़ा बदलना होगा। यह बाजार डे ट्रेडर से ज्यादा पोजिशनल ट्रेडर को रिवॉर्ड कर रहा है। हर घंटे के हर 100 अंक के मूव पकड़ने का लालच मत रखिए। बड़ा ट्रेंड पकड़िए और उसके साथ बने रहिए। पूरे मार्च में हमने निगेटिव नजरिया रखा और प्ले भी किया। पूरे अप्रैल में पॉजिटिव नजरिया लिया और स्टॉक स्पेसिफिक नजरिया रखा। मई में लगातार दोनों तरफ के मौके ढूंढे गए और जून में लगातार सिर्फ पॉजिटिव नजरिया रहा है। अपने फायदे वाले सौदों को पकड़ के रखिए और SL के साथ कैरी कीजिए। हर 5% के मूव पर अपने ट्रेलिंग SL को ऊपर ले आएं।

PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट,NBFCs अभी भी सबसे मजबूत हैं। इसके अलावा IT में भी अब डबल बॉटम के संकेत मिले हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक अलग ही बुल मार्केट चल रही है। अभी भी काफी अच्छे शेयर 200 DMA के आसपास मिल जाएंगे। पोर्टफोलियो में से अपने बड़े अंडरपरफॉर्मर्स को अब हटाइए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 23,950-24,000 पर और बड़ा सपोर्ट जोन 23,800-23,850 पर है। मौजूदा लॉन्ग सौदों के लिए 23,950 का क्लोजिंग और 23,850 का इंट्राडे SL रखें। नए लॉन्ग सौदों के लिए खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,950-24,050 है। SL 23,850 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। अगर निफ्टी 24,250 पार हो तो SL ट्रेल करके 24,100 पर लाएं। फिलहाल निफ्टी में कोई बिकवाली का ट्रेड नहीं है।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी में हमारा एकतरफा पॉजिटिव नजरिया रहा है। 52,800 से सिर्फ लॉन्ग रहने की सलाह रही है और हर रैली पर स्टॉप लॉस को ऊपर लाया गया है। कल तक ट्रेलिंग स्टॉप लॉस 56,800 पर था। अब क्लोजिंग बेसिस पर 57,200 और इंट्राडे में 57,000 का SL रखें। 57,200-57,400 तक की कोई भी गिरावट में खरीदारी करें,SL 57,000 पर रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Sector का भारी दबाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरा, इन 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Stock Market moving up and down: कच्चे तेल की नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बावजूद घरेलू स्टॉक मार्केट में खास जोश नहीं दिख रहा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ग्रीन और रेड जोन में झूल रहे। ब्रोडर लेवल पर भी मिला-जुला रुझान है और निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल मामूली बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल 10:14 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 120.12 प्वाइंट्स यानी 0.16% की बढ़त के साथ 77,275.74 और और निफ्टी (Nifty) भी 43.20 प्वाइंट्स यानी 0.18% के उछाल के साथ 24,128.90 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 111.23 प्वाइंट्स फिसलकर 77,044.39 और 164.70 की बढ़त के साथ 77,320.32 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 26.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,058.85 और 53.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,085.70 तक पहुंचा।

Stock Market in pressure: ये है वजह

अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर लेकिन आगे बढ़ाने के संकेत

अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने अपनी अगुवाई में पहली बार तय हुई मौद्रिक नीतियों में दरों को स्थिर रखा है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने इस साल दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं। इसके चलते ही मार्केट में उठा-पटक दिख रही है।

IT Sector का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया जिससे दुनिया भर में टेक स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का रुझान फीका पड़ा। भारतीय मार्केट में भी इसने आईटी शेयरों को तोड़ दिया और निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची होने पर आमतौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव आता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घट जाता है और वैश्विक कंपनियों के खर्च में भी कमी आ सकती है और यही वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा कंपनियों की प्रमुख ग्राहक हैं। वहीं दूसरी तरफ मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टर मार्केट को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.66% की गिरावट के साथ 12.97 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है वोलैटिलिटी का कम होना।

एशियाई बाजारों से मिला-जुला रुझान

घरेलू मार्केट पर आज एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझानों का भी असर दिख रहा है। एक तरफ जापान का निक्केई 225 करीब 2% उछल पड़ा तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 2% चढ़कर 9,040.52 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 1% की बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है।

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US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।