भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

MDR charge on UPI payment

मंगलवार को संसद में देश के भुगतान कानूनों में प्रस्तावित संशोधन पेश किए जाने के साथ ही भारत अपने लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से किए गए लेन-देन पर मर्चेंट शुल्क को फिर से लागू करने के एक कदम और करीब पहुंच गया है। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क में से एक यूपीआई ने जुलाई में 29.9 ट्रिलियन रुपये ($313.5 बिलियन) मूल्य के 23.6 बिलियन लेन-देन संसाधित किए। वॉलमार्ट का फोनपे और अल्फाबेट का गूगल पे यूपीआई के माध्यम से होने वाले भुगतान में अपना दबदबा बनाए हुए हैं।

उद्योग जगत के अधिकारियों ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि डिजिटल भुगतान में वृद्धि को बनाए रखना कठिन हो गया है क्योंकि भुगतान कंपनियों को यूपीआई लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं मिलता है, जिससे इस पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में निवेश करने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है।

 

उद्योग और नियामक स्रोतों के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए भारत के भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन से डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुरू करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों ने कहा कि यह बदलाव एमडीआर वसूलने का एक कानूनी आधार तैयार करता है, लेकिन शुल्क के स्तर या वे कहाँ लागू होंगे, इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

 

एमडीआर वह शुल्क है जो व्यापारियों द्वारा डिजिटल लेन-देन को संसाधित करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को दिया जाता है। हालांकि भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर लगभग 1.5% और डेबिट कार्ड पर 0.9% तक का एमडीआर लगता है, लेकिन वर्तमान में व्यापारियों के लिए यूपीआई लेन-देन मुफ़्त है।

 

दो दृष्टिकोणों पर विचार किया जा रहा है

नीति निर्माता दो व्यापक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं: एक निश्चित सीमा (थ्रेसहोल्ड) से ऊपर के लेन-देन पर एमडीआर लगाना या व्यापारी के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर शुल्क वसूलना। एक प्रस्ताव में केवल बड़े व्यापारियों पर शुल्क लागू करने की बात कही गई है, जबकि उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ़्त रहेगा।

 

सरकार 1.5 करोड़ रुपये (15 मिलियन रुपये) से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये ($20.97) से अधिक के लेन-देन पर 0.3% से 0.5% का एमडीआर लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। मंगलवार को जेफरीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन व्यापारी भुगतान मात्रा (वॉल्यूम) का केवल 4% हिस्सा हैं, लेकिन कुल लेन-देन मूल्य (वैल्यू) का लगभग 67% हिस्सा हैं।

UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

MDR Charges on UPI payment

सरकार ने संसद में ऐसा बिल पेश किया है जिससे 2000 रुपए से ऊपर के UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR चार्ज लगाने का रास्ता खुल सकता है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

 

निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

 

क्या है MDR? 

एमडीआर वह फीस है जो मर्चेंट यानी दुकानदार डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक एमडीआर फ्रेमवर्क को रेगुलेट करता है। जनवरी 2020 से सरकार ने डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने के लिए यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो एमडीआर जरूरी कर दिया है। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

 

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR?

दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। कहा जा रहा है कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

LIVE: पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए सांसदों की बैठक

PM Modi in NDA MP meeting

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद में एनडीए सांसदों की बैठक हुई। पल पल की जानकारी…

-उत्तर प्रदेश के मथुरा में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हुआ।

-हरियाणा के अंबाला शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई।

-राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ हिस्सों में बरसा पानी।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में NDA पार्लियामेंट्री पार्टी की हर हफ़्ते होने वाली मीटिंग 'मंगल मिलन' के लिए पहुंचे।

-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में पास करने और विचार के लिए बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026, टैक्सेशन और अन्य कानून (संशोधन) बिल, 2026 पेश करेंगी।

-कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

UP Heavy Rain: बिगड़ने वाला यूपी का मौसम! 7 अगस्त तक कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश के लोगों को उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत की मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार (IMD), प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक मानसून और ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इसके कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 7 अगस्त तक अच्छी बारिश होगी, वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के किन शहरों में होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। अगले चार से पांच दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

आईएमडी के अनुसार, 3 से 7 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 3 से 6 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

इन जगहों पर गिर सकती है बिजली

4 अगस्त को प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की भी आशंका है।

वाराणसी सहित इन शहरों में होगी तेज बारिश

4 और 5 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, संत रविदास नगर, गोरखपुर मंडल के कई जिले, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से और तराई क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। 6 अगस्त को बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD ने लोगों को दी ये सलाह

IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की वजह से कई जगहों पर पानी भर सकता है। कच्चे मकानों और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज बारिश की वजह से छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों, बिना जरूरत यात्रा से बचें और जलभराव व तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतें।

प्रधानी के चुनाव में कौन किसे वोट देगा? युवक को माता-पिता से हुआ झगड़ा, टॉवर पर चढ़कर किया हंगामा

सीतापुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक वोट देने को लेकर माता-पिता से झगड़ा किया और गुस्सा होकर टॉवर पर चढ़ गया। इसके बाद तीन घंटे तक पुलिस को छकाया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 

रूफटॉप सोलर ऊर्जा : देश में लखनऊ का पहला स्थान, शीर्ष 100 में उत्तर प्रदेश के 17 जनपद

Lucknow Rooftop Solar: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक ओर उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान में प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष 100 जनपदों की सूची में अपने 17 जनपदों को शामिल कराया है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश में सौर ऊर्जा के तेजी से बढ़ते विस्तार को दर्शाती है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश की मजबूत प्रगति का भी प्रमाण है।

 

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि इस सूची में राजधानी लखनऊ में 1,24,167 रूफटॉप सोलर संयंत्रों के स्थापना के साथ-साथ देश का नंबर-1 जनपद बनने का गौरव बरकरार रखा है। लखनऊ में बड़ी संख्या में घरों,  द्वारा रूफटॉप सोलर अपनाए जाने से यह उपलब्धि संभव हुई है। वहीं, वाराणसी ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सौर ऊर्जा को लेकर चल रहे अभियान का सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके अलावा कानपुर नगर 14वें स्थान पर पहुंचकर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में हरित ऊर्जा अपनाने की दिशा में नई मिसाल पेश कर रहा है।

17 जनपद देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल

प्रदेश के 17 जनपदों का देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर को लेकर जागरूकता, सरकारी प्रोत्साहन और योजनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, के प्रभावी क्रियान्वयन से लाखों उपभोक्ता सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं। रूफटॉप सोलर संयंत्रों के विस्तार से लोगों को बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत हो रही है, साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।

जनजागरूकता अभियान

उत्तर प्रदेश लगातार देश में रूफटॉप सोलर स्थापना की रफ्तार बढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जनजागरूकता अभियान, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, समयबद्ध स्वीकृति, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के बेहतर समन्वय तथा सब्सिडी वितरण की प्रभावी व्यवस्था ने इस अभियान को नई गति दी है। जिस गति से उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो रहे हैं, उससे आने वाले समय में प्रदेश देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। देश के शीर्ष 100 जनपदों में 17 जिलों की मौजूदगी और लखनऊ का लगातार नंबर-1 स्थान, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के प्रमुख जनपद

रैंक जनपद संयंत्र स्थापना
1  लखनऊ  1,24,167
10  वाराणसी  48,829
14  कानपुर नगर  43,289
24  बरेली  28,315
29  आगरा  26,375
37  प्रयागराज  23,773
51  झांसी  18,354
56  रायबरेली  17,532
70  गोरखपुर  14,498
73  सहारनपुर  13,821
75  मुजफ्फरनगर  13,464
78  मेरठ  13,137
79  बाराबंकी  13,126
81  अलीगढ़  12,925
86  शाहजहांपुर  12,158
88  सीतापुर  12,008
90  उन्नाव  11,779

 

Ramayana Trailer: नमिता मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के ट्रेलर ने रिलीज होते ही जीता लोगों का दिल, पार किया 50 लाख व्यूज का आंकड़ा

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। इसे भारतीय फिल्म इतिहास के सबसे बड़े और इंतजार किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। दो भागों में बनने वाली इस भव्य फिल्म का दुनियाभर के दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों को साथ लेकर बनाई गई इस फिल्म का ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय पर रिलीज किया गया, जो इस महाकाव्य की आध्यात्मिक भावना के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गया और कुछ ही घंटों में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। रामायणम् के ट्रेलर ने सिर्फ 6 घंटे में 50 लाख व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया। यह फिल्म को लेकर लोगों के जबरदस्त उत्साह और इंतजार को साफ दिखाता है। ट्रेलर को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया है कि इस भव्य फिल्म का इंतजार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हो रहा है।

रामायणम् का ट्रेलर भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बनने की एक दमदार झलक दिखाता है। इसमें भगवान विष्णु के श्रीराम (रणबीर कपूर) के रूप में अवतार लेने और धर्म की स्थापना करने की कहानी दिखाई गई है। वहीं यश रावण के शक्तिशाली और अमर राक्षस राजा के किरदार में नजर आते हैं, जो अपने घमंड और बदले की भावना से भरा हुआ है। ट्रेलर में माता सीता (साई पल्लवी) और लक्ष्मण (रवि दुबे) को भी श्रीराम के सबसे मजबूत साथियों के रूप में दिखाया गया है। शानदार वीएफएक्स, भव्य विजुअल्स, पूरी स्टारकास्ट की दमदार परफॉर्मेंस और शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक ट्रेलर के हर सीन को और भी खास बना देते हैं। श्रीधर राघवन द्वारा रूपांतरित इस फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हांस जिमर और ए. आर. रहमान ने मिलकर संभाली है, जो पूर्व और पश्चिम के संगीत का एक खास संगम है।

दुनिया की सबसे महान कहानियों में से एक रामायण की कहानी को नए और भव्य अंदाज में बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी निर्देशक नितेश तिवारी ने की है। रामायणम् का मकसद इस महाकाव्य की भावनाओं और भव्यता को पहले कभी न देखे गए स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाना है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। वहीं यश रावण के दमदार किरदार में दिखाई देंगे और सनी देओल हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और 8 बार अकादमी अवॉर्ड जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो DNEG ने यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। रामायणम्: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सोनी पिक्चर्स करेगी, जबकि उत्तर भारत में इसे धर्मा प्रोडक्शंस रिलीज करेगा।

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ ट्रेलर में शूर्पणखा बन छाईं रकुल प्रीत सिंह, फैंस बोले- इस किरदार के लिए राइट चॉइस

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ का ट्रेलर सोशल मीडिया पर छा गया है, दर्शक इसके शानदार विज़ुअल्स से लेकर शानदार कास्ट तक हर चीज पर चर्चा कर रहे हैं। सबसे बड़े सरप्राइज में से एक शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह का पहला लुक रहा है। जबकि इस किरदार को पारंपरिक रूप से उनकी जबरदस्त मौजूदगी के लिए याद किया जाता है, फैन्स इस बारे में बात करना बंद नहीं कर पा रहे हैं कि रकुल कितनी शानदार लग रही हैं, कई लोगों ने उन्हें स्क्रीन पर अब तक देखी गई “सबसे सुंदर शूर्पणखा” कहा है।

X और सोशल मीडिया पर, यूज़र्स कास्टिंग चॉइस की बहुत तारीफ कर रहे थे। एक फैन ने लिखा, “शूर्पणखा के लिए कास्टिंग तो एकदम ब्यूटी क्वीन लेवल की है,” जबकि दूसरे ने बस यह कहा, “रकुल सबसे सुंदर शूर्पणखा है।” कई लोगों को लगा कि एक्ट्रेस इस रोल के लिए एकदम सही हैं, और “वाकई शूर्पणखा के लिए सबसे अच्छी चॉइस रकुल हैं,” और “शूर्पणखा की कास्टिंग के लिए रकुल एकदम सही चॉइस हैं” जैसे कमेंट्स ने तेजी से ध्यान खींचा।

कई यूजर्स ट्रेलर में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। “उन्होंने शूर्पणखा का रोल करने के लिए सबसे सुंदर को चुना,” “शूर्पणखा सुंदर थी लेकिन रकुल सबसे सुंदर है,” और “रकुल से आंखें नहीं हट रही हैं” जैसे कमेंट्स सोशल मीडिया टाइमलाइन पर छा गए। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शूर्पणखा अपनी सुंदरता के लिए जानी जाती थीं, और इसीलिए रकुल प्रीत सिंह इस आइकॉनिक कैरेक्टर को जिंदा करने के लिए एकदम सही चॉइस थीं।

एक फैन ने इसे “शूर्पणखा के रूप में रकुलप्रीत = रामायण का सबसे सुंदर फ़ैसला” कहा, जबकि दूसरे ने लिखा, “हां, रकुल के अलावा किसी और को शूर्पणखा के रूप में मारधाड़ करते हुए सोच भी नहीं सकता।” इसी तरह के रिएक्शन में शामिल थे, “रकुल का शूर्पणखा के रूप में सबसे, सबसे अच्छी चॉइस,” “इस सुंदर पौराणिक सुंदरता के रूप में रकुल बहुत पसंद आ रही हैं,” और “जिसने भी रकुल को शूर्पणखा के रूप में कास्ट करने का फैसला किया, वह सीरियस सैलरी बढ़ाने का हकदार है!”

कई दर्शकों ने यह भी बताया कि ट्रेलर में उनका छोटा सा अपीयरेंस कितना यादगार लगा। “रकुल शूर्पणखा के रूप में,” दिल-आंख और तारीफ वाले इमोजी के साथ, फैन पेजों पर बार-बार आने वाला सेंटीमेंट बन गया, जबकि एक और यूज़र ने यह लिखकर चर्चा को और बढ़ा दिया, “रकुल का सूर्पणखा का रोल करना रामायण में सबसे अच्छा विज़ुअल ट्रीट है और आप मुझे इसके अलावा कुछ नहीं बता सकते।”

एक यूज़र ने पोस्ट किया, “अभी रामायण का ट्रेलर देखा और जिसने भी #RakulPreet को शूर्पणखा के रूप में कास्ट करने के बारे में सोचा, वह सीरियस सैलरी बढ़ाने का हकदार है। वह ट्रेलर में बिल्कुल असली नहीं लग रही है।” एक और ने लिखा, “रकुल से नज़रें नहीं हटा पा रहा हूँ यार, वह ट्रेलर में बहुत खूबसूरत लग रही है!! प्लीज़ रामायण का ट्रेलर देखो दोस्तों।”

फैंस ने यह भी शेयर किया, “रामायण का ट्रेलर देखा दोस्तों??? शूर्पणखा को हमेशा एक मनमोहक सुंदरता के रूप में बताया गया था और रकुल ने असाइनमेंट को पूरी तरह से समझा,” और “अभी रामायण का ट्रेलर देखा और वाह!! शूर्पणखा के रूप में रकुल??!! बिल्कुल स्टनिंग।” दूसरों ने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते हुए लिखा, “जिस पल #RakulPreetSingh दिखाई दीं, मैं सचमुच बाकी सब कुछ भूल गया,” “क्या कास्टिंग है भाई रामायण की!

ट्रेलर ने जबरदस्त उत्साह पैदा करने के साथ, शूर्पणखा का रकुल प्रीत सिंह का चित्रण सबसे चर्चित हाइलाइट्स में से एक बन गया है। अगर ऑनलाइन ज़बरदस्त रिस्पॉन्स को कोई इशारा माना जाए, तो फैंस उन्हें माइथोलॉजी के सबसे आइकॉनिक कैरेक्टर्स में से एक को फ्रेश, ग्रेसफुल और विज़ुअली शानदार तरीके से पेश करते हुए देखने के लिए बेताब हैं।

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, राम-सीता को देख इमोशनल हुए लोग, रावण ने जीता फैंस का दिल

Ramayana Trailer: महाकाव्य पर आधारित नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम्’ का ऑफिशियल ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के मौके पर जारी किया गया। ट्रेलर में इस महाकाव्य की दुनिया की झलक दिखाई गई है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में स्क्रीन पर छाए हुए हैं। इसमें पहली बार साई पल्लवी के सीता वाले किरदार को भी दिखाया गया है। ट्रेलर में रणबीर के भगवान राम और यश के रावण के बीच होने वाली टक्कर पर भी फोकस किया गया है।

ट्रेलर में भगवान हनुमान का कोई जिक्र या सीन नहीं है, शायद उन्हें दूसरे भाग के लिए बचाकर रखा गया है। इस फिल्म के म्यूजिक के लिए ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान और हैंस जिमर पहली बार साथ आए हैं, जबकि विज़ुअल इफ़ेक्ट्स का काम DNEG संभाल रही है। एक और बड़ी उपलब्धि के तौर पर, T-सीरीज़ ने प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फ़ोकस स्टूडियोज़ के साथ ₹75 करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ डील करके फ़िल्म के दोनों हिस्सों के म्यूज़िक राइट्स खरीद लिए हैं।

‘रामायणम्’ वाल्मीकि के महाकाव्य का नया रूपांतरण है, जो दुनिया के सबसे पुराने साहित्य में से एक है। यह भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम (रणबीर कपूर) और असुर राजा रावण (यश) के बीच हुई लड़ाई की कहानी है, जो राम की पत्नी सीता (साई पल्लवी) का अपहरण कर लेता है। यह महाकाव्य भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे जानी-मानी कहानियों में से एक है और हिंदू इसे एक पवित्र ग्रंथ मानते हैं।

फिल्म की पहली झलक, जिसे ‘राम झलक’ कहा गया, अप्रैल में दुनिया भर में दिखाई गई थी। जहां कई लोगों ने इसके विज़ुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने की तारीफ़ की, वहीं कुछ लोगों ने किरदारों के डिज़ाइन, खासकर असुरों के डिज़ाइन की आलोचना की, क्योंकि वे बहुत ज़्यादा पश्चिमी शैली से प्रेरित लग रहे थे। ‘रामायण’ का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली में ‘प्रथम संकल्प’ इवेंट में दिखाया गया था, जिसके बाद इसकी कुछ क्लिप्स ऑनलाइन लीक हो गईं। इस बीच, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की: “आज हमारी ‘रामायण’ के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी साझेदारी से रामायण को दुनिया तक पहुँचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, हम अब अपना ट्रेलर बाद की किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

उनके नोट में आगे कहा गया-“भारतीय सिनेमा के 100 से ज़्यादा सालों के इतिहास में यह गर्व का पल होगा, जब रामायण को दुनिया भर में किसी बड़ी हॉलीवुड फ़िल्म की तरह दिखाया जाएगा। यह इसलिए भी खास है क्योंकि इससे दुनिया भर के लोगों के लिए हमारी संस्कृति और हमारी कहानियों की समृद्धि को नए गर्व और उत्साह के साथ जानने का मौका मिलेगा। मैं उन सभी फ़ैन्स और रामायण में विश्वास रखने वालों का शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया। हमारे देश के युवा ही हमारा भविष्य हैं, आइए हम सब मिलकर अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें,”

‘रामायणम् पार्ट वन’ दुनिया भर में 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर रिलीज़ होगी। इसका दूसरा भाग 2027 में आएगा। इन फ़िल्मों में सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नज़र आएंगे।

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन चल रहा था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है। बताया जा रहा है कि सीपीएम ने विधानसभा चुनाव हारने के कारण तलाश लिए हैं। सीपीएम का मानना है कि विजयन के चेहरे पर प्रचार केंद्रित करना चुनाव हारने का एक बड़ा कारण था। इसके अलावा विजयन की सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति भी हार का कारण बनी।

गौरतलब है कि केरल में कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर हमेशा दो सत्ता केंद्र रहे हैं। प्रकाश करात एक स्थायी केंद्र थे, जो अब भी हैं। विजयन को उनका करीबी माना जाता है। केंद्र में सीताराम येचुरी के कमजोर होने और फिर उनके निधन के बाद करात खेमा बहुत मजबूत हुआ। उधर केरल में भी विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से करात खेमे की पकड़ सत्ता और संगठन दोनों पर हो गई। वीएस अच्युतानंदन की उम्र बहुत हो गई थी और केंद्र में येचुरी कमजोर हो गए थे। उसके बाद करात और विजयन के कंट्रोल में ही पार्टी रही। तभी प्रचार के केंद्र में विजयन को रखा गया। यह भी एक तथ्य है कि केरल और पश्चिम बंगाल दोनों जगह लीपीएम को हिंदुओं के वोट मिलते रहे हैं। इसी सोच में विजयन ने केरल में हिंदू वोटों की ज्यादा आस लगा ली। वे केंद्र की नीतियों का समर्थन करने लगे और एझवा नेता नतेशन के साथ घूमने लगे। इससे मुस्लिम और ईसाई दोनों सीपीएम से दूर हुए और दूसरी ओर हिंदू वोटों का बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ चला गया।