Trading Plan: F&O एक्सपायरी के दिन सीमित दायरे में कारोबार होने की उम्मीद, बाजार में देखने को मिल सकती है रिकवरी की कोशिश

Trading Plan : एक दिन की गिरावट के बाद मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो सकती है,लेकिन कुल मिलाकर रेंजबाउंड ट्रेडिंग की ही उम्मीद है। निफ्टी को 24,000-24,100 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि,मंथली F&O एक्सपायरी सेशन के दौरान 23,900-23,800 के जोन में सपोर्ट बना हुआ है। वहीं, पिछले सेशन में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,बैंक निफ्टी का ट्रेंड मज़बूत बना हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक निफ्टी 58,000-58,300 के रेजिस्टेंस जोन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है,जबकि 57,400-57,300 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आनंद राठी में सीनियर मैनेजर इक्विटी रिसर्च जिगर एस पटेल का कहना है कि निफ्टी अपने 50 डे सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करता रहा,जिससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,डेली चार्ट पर इंडेक्स इचिमोकू क्लाउड(Ichimoku Cloud)से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बुलिश ट्रेंड को और मज़बूत करता है। डेली RSI 53 पर है,जो स्थिर मोमेंटम और आगे और बढ़त की गुंजाइश का संकेत देता है।

हालांकि,अगली दिशा तय करने वाली चाल से पहले कुछ कंसोलिडेशन की संभावना है। आने वाले सेशन में इंडेक्स के 23,800–24,200 की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है। जब तक निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक कुल मिलाकर आउटलुक अच्छा रहेगा और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,300

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,600

स्ट्रैटेजी: 23,900 के आस-पास पुलबैक पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 23,700 और टारगेट 24,300 रखें।

मिरे एसेट शेयरखान के हेड ऑफ रिटेल रिसर्च सोमिल मेहता का कहना है कि निफ़्टी को 24,100–24,200 के जोन में लगातार रुकावट का सामना करना पड़ रहा है और चार्ट पर इसके आसपास कई बार रिजेक्शन देखने है। इंडेक्स एक ही दायरे (साइडवेज़ रेंज)में घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें कोई साफ तेजी या मंदी (डिसाइसिव मोमेंटम) का संकेत नहीं है।

नीचे की तरफ,23,800–23,650 का लेवल एक अहम सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है और यह हाल के गैप जोन से मेल खाता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहता है,तब तक बुल्स का कंट्रोल रहेगा। 24,200 के ऊपर ब्रेकआउट होने पर तेजी आ सकती है। जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर टिका नहीं रहता,तब तक 23,800-23,650 तक शॉर्ट-टर्म करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,600

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,650

स्ट्रैटेजी: मौजूदा मार्केट प्राइस पर या 23,800 के लेवल पर गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसमें क्लोजिंग बेसिस पर 23,650 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,500-24,600 का टारगेट सेट करें।

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बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जिगर एस पटेल का कहना है कि बैंक निफ्टी 57,456 के अहम ब्रेकआउट लेवल से ऊपर बना हुआ है,जो दिखाता है कि मौजूदा अपट्रेंड जारी है। यह इंडेक्स डेली चार्ट पर अपने 20-दिन और 50-दिन के DEMA से ऊपर भी ट्रेड कर रहा है,जो लगातार तेजी का मोमेंटम दिखाता है। इसके अलावा,डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर RSI 50 से ऊपर है,जो मज़बूती और पॉजिटिव मार्केट सेंटीमेंट की पुष्टि करता है।

57,000 के आस-पास एक अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट है,जो गिरावट की स्थिति में एक मजबूत सहारे का काम करेगा। जब तक बैंक निफ्टी इस सपोर्ट के ऊपर बना रहता है,तब तक ओवरऑल रुख पॉजिटिव रहेगा और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।

अहम रेजिस्टेंस: 58,300, 58,700

अहम सपोर्ट: 57,500, 57,000

स्ट्रैटेजी: 57,800-57,500 के आस-पास पुलबैक पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,000 और टारगेट 59,000 रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें, डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का अच्छा मौका

Market View : गुरुवार को पिछले कारोबारी सत्र में आखिरी घंटे में बाजार में ऊपरी स्तर से मुनाफावसूली आई थी। सेंसेक्स-निफ्टी ऊपरी स्तर से फिसलकर बंद हुए थे। हालांकि सेंसेक्स 109 प्वाइंट चढ़कर 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 34 प्वाइंट चढ़कर 24,056 पर बंद हुआ था। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और FMCG शेयरों में खरीदारी आई थी। मेटल,PSE और तेल-गैस इंडेक्स गिरावट पर बंद हुए थे। IT और एनर्जी शेयरों में दबाव देखने को मिला था। बैंक निफ्टी 27 प्वाइंट चढ़कर 58,177 पर बंद हुआ था। मिडकैप 400 प्वाइंट गिरकर 61,796 पर बंद हुआ था।

निफ्टी के 50 में से 26 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में बिकवाली रही थी। बैंक निफ्टी के 14 में से 8 शेयरों में गिरावट आई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे मजबूत होकर 94.40/$ पर बंद हुआ था।

बंधन AMC में VP-इक्विटीज,प्रतीक पोद्दार ने बाजार पर बात करते हुए कहा कि गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें। यह डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का मौका है। गिरावट में अच्छे स्टॉक्स सस्ते दाम पर मिलते हैं। मिड और स्मॉलकैप में भी अवसर मिलने पर एग्रेसिव खरीदारी की जा सकती है। ऑटोमैटिक रीबैलेंसिंग से रिस्क कंट्रोल में रहता है। इस समय पैनिक सेलिंग नहीं,डिसिप्लिन्ड एलोकेशन पर जोर होना चाहिए।

डेट पोर्टफोलियो की रणनीति

प्रतीक पोद्दार ने बताया कि उनके फंड का डेट हिस्से का लगभग पूरा पैसा निवेशित है। कैश होल्डिंग बहुत सीमित। सिर्फ हाई क्वालिटी डेट इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस है। AAA रेटेड बॉन्ड्स में बड़ा एक्सपोजर है। इसका ड्यूरेशन करीब 4 साल के आसपास है। बाजार गिरने पर डेट से पैसा निकालकर इक्विटी में शिफ्ट करने पर फोकस है।

रीबैलेंसिंग की स्ट्रैटेजी

रीबैलेंसिंग का सबसे बड़ा आधार है वैल्यूएशन। जहां रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर दिखता है,वहां निवेश बढ़ाते हैं। सेक्टर और स्टॉक दोनों का लगातार रिव्यू करते रहना चाहिए। महंगे पॉकेट्स से निकलकर सस्ते अवसरों की तलाश की सलाह होगी।

बाजार की गिरावट में डेट का रोल?

डेट का अहम काम वोलैटिलिटी कम करना है। डेट रिटर्न्स को ज्यादा स्थिर बनाए रखता है। यह पश्चिम एशिया संकट और टैरिफ वॉर जैसे इवेंट्स में सुरक्षा कवच का काम करता है। बाजार गिरते ही इक्विटी वेट घटता है और डेट वेट बढ़ता है।

Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम

बंधन एग्रेसिव हाइब्रिड फंड

बंधन एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Bandhan Aggressive Hybrid Fund) के बारे में बताते हुए प्रतीक पोद्दार ने कहा कि यह फंड सिर्फ हाई-रिस्क निवेशकों के लिए नहीं है। मॉडरेट रिस्क प्रोफाइल वाले भी इसे चुन सकते हैं। इसमें इक्विटी-डेट का बैलेंस कॉम्बिनेशन है। इसमें सिर्फ रिटर्न नहीं,रिस्क मैनेजमेंट पर भी फोकस है। निवेशकों को बार-बार रीबैलेंसिंग की जरूरत नहीं होती। यह 3-5 साल के नजरिया के लिए बेहतर है।

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम

Daily Voice : INVasset PMS के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नैस्डैक कंपोजिट में हालिया गिरावट महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन में आया बदलाव है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। वह इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव हैं,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधान हैं। उनका मानना ​​है कि पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इनका रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

उनके मानना है कि बाजार के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग का स्तर वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस दौरान इनमें से किसी की भी गारंटी नहीं है। इसलिए,अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर अर्निंग अच्छी रहती है,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है।

क्या आपको लगता है कि ग्लोबल AI स्टॉक्स में अभी भी काफी बढ़त की गुंजाइश है,या आप टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में हालिया गिरावट को लेकर चिंतित हैं?

ग्लोबल AI में आसानी से मिलने वाले फायदे का ज्यादातर हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है। हाल की गिरावट (जिसमें सेमीकंडक्टर सेक्टर की वैल्यूएशन में एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कमी आई और नैस्डैक में एक ही सेशन में जबरदस्त गिरावट देखी गई) असल में महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन का रीसेट है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव नजरिया है,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की जरूरत है। पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इस सेक्टर का रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

क्या निवेशकों को IT सर्विस कंपनियों और AI इकोसिस्टम में निवेश करने में जल्दबाजी से बचना चाहिए?

हैं, धैर्य रखना सही रहेगा,लेकिन यह धैर्य भी हकीकत पर आधारित होना चाहिए। भारतीय IT सर्विस कंपनियां AI साइकिल के एक मुश्किल दौर में हैं। AI से जुड़ी मांग बढ़ने और उसकी जगह लेने से पहले ही ऑटोमेशन की वजह से हर प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई कम हो जाती है। बड़ी कंपनियों के लिए FY27 का कमजोर गाइडेंस (यानी ‘कांस्टेंट-करेंसी’के आधार पर कम सिंगल-डिजिट ग्रोथ) इसी बात को दिखाता है।

टेक्नोलॉजी कंपनियों को डील मिलने की रफ़्तार अच्छी बनी हुई है,लेकिन कीमतों का दबाव और प्रोडक्टिविटी में कमी की वजह से निकट भविष्य में अर्निंग्स की रफ़्तार सीमित रह सकती है। ऐसे में मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखेंगे,लेकिन रिटर्न की उम्मीदों को कम रखने की सलाह होगी। यह सेक्टर ऐसा है जिसका साइकल बदल रहा है। ऐसे में अभी इसमें सोच समझकर निवेश बनाए रखना चाहिए और बहुत ज्यादा निवेश करने से बचाना चाहिए।

क्या आपको उम्मीद है कि अगले 6-9 महीनों में भारतीय इक्विटी मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे?

ऐसा हो सकता है,लेकिन हमें इसे ‘बेस केस'(सबसे ज्यादा संभावित स्थिति) नहीं मानना चाहिए। निफ्टी अभी भी अपने पीक (उच्चतम स्तर)से काफी नीचे 24,000 के आसपास है और मोमेंटम इंडिकेटर पक्के भरोसे के बजाय दुविधा की ओर इशारा कर रहे हैं। नई ऊंचाई तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग,वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस समय इसकी कोई गारंटी नहीं है।

अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास स्टॉक्स पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर कंपनियों की अर्निंग अच्छी रही,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है। हम रिकॉर्ड स्तर तक तेजी से पहुँचने की उम्मीद करने के बजाय,इस धीरे-धीरे होने वाले सुधार के हिसाब से अपनी रणनीति बनाएंगे।

US-Iran के बीच संभावित डील से जुड़ी गतिविधियों के अलावा,आपको आगे चलकर मार्केट के लिए कौन सी बड़ी चुनौतियां दिखती हैं?

बाजार के लिए कई चुनौतियां हैं। इनमें से पहली है, वैल्यूएशन। मार्केट में अभी भी अभी भी कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं सब कुछ एकदम सही तरीके से होगा। ऐसे में अगर अर्निंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही,तो नुकसान से बचने की गुंजाइश बहुत कम होगी। दूसरी,चुनौती बड़ी ग्लोबल टेक और AI सेक्टर में करेक्शन है। अगर विदेशी बाजारों में वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आती है,तो विदेशी पैसा इमर्जिंग मार्केट (जिनमें भारत भी शामिल है) से बाहर निकल जाएगा। तीसरी चुनौती US में ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार और डॉलर की मजबूती को लेकर अभी भी बनी अनिश्चितता है,जिसका सीधा असर FIIs पर पड़ता है।

चौथी चुनौती घरेलू अर्निंग की मजबूती है जहां मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा ट्रेड पॉलिसी को लेकर भी चिंता बनी हुई है। भारत और अमेरिका के बीच कैसा समझौता होगा,इसको लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार में सावधानी बरतने की सलाह होगी।

क्या आपको लगता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में लंबे समय के लिए स्ट्रक्चरल निवेश के अच्छे मौके हैं?

ये स्ट्रक्चरल मौके तो हैं,लेकिन मैं इन्हें’सबसे अच्छे’कहने से बचने की जरूरत है। कई भारतीय प्लेटफॉर्म्स में मज़बूत नेटवर्क इफेक्ट और आगे बढ़ने की अच्छी गुंजाइश है,फिर भी कई प्लेटफॉर्म बहुत ज्यादा वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। इस वैल्यूएशन में यह मान लिया जाता है कि इनका काम बिना किसी गलती के होगा,जबकि इनके लिए मुनाफा,रेगुलेशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा असल जोखिम बने हुए हैं।

हम उन्हें एक बड़े स्ट्रक्चरल बास्केट के हिस्से के तौर पर देखते हैं,जिसमें मैन्युफैक्चरिंग,बचत का फाइनेंशियलाइज़ेशन और प्रीमियम कंजम्पशन भी शामिल हैं । ये ऐसे थीम हैं जिनकी कमाई की संभावना आज ज्यादा साफ है। लेबल से ज्यादा जरूरी है सही चुनाव करना। हम उन कुछ ऐसे प्लेटफ़ॉर्म में निवेश करेंगे जो साफ तौर पर मुनाफ़ा कमा रहे हैं और ग्रोथ के लिए किसी भी कीमत पर निवेश करने से बच रहे हैं।

 

Market trend : निफ्टी जल्द ही हासिल कर सकता है 24728 के टारगेट, आगे हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: अब अगली तेजी 24250 के ऊपर निकलने पर आएगी, जब तक निफ्टी 24100 के ऊपर है ट्रेंड रहेगा मजबूत

Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।

रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: लार्ज कैप में रैली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।

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बाजार: अब क्या?

अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।

निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : कच्चे तेल में नरमी और रुपये की मजबूती ने बाजार में भरा जोश, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market View : कच्चे तेल में तेज गिरावट और रुपये की मजबूती से बाजार में जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी 150 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24150 के ऊपर कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी 350 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। मिडकैप में भी रौनक है। INDIA VIX 4% फिसलकर 13 के नीचे आय गया है। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए अच्छे संकेत हैं। कच्चे तेल का भाव 73 डॉलर के नीचे फिसल गया है। इसका भाव US-ईरान वॉर से पहले वाले स्तर पर लौट आया है। इधर गिफ्ट-निफ्टी में हल्की बढ़त है। एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्कई में 2.5 तो कॉस्पी में 5 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में आइए देखते है आज निफ्टी-बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति और किन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने इंडेक्स पर आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24123-24167 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24223-24289/24364 पर है। इसके लिए पहला बेस 23909-23961 पर और बड़ा बेस 23789/23817-23851 पर है। जैसा कल कहा था,23755 बचते ही बाजार में रिकवरी आई। फिर रिवर्सल में ऊपर की ओर 23968-24041 हासिल हुआ। FII की कैश में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी फ्यूचर्स में हल्के शॉर्ट्स बनें। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर अब 2.29 लाख हो गया है। कच्चा तेल 73-74 डॉलर पर आ गया है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इससे रेट सेंसिटिव शेयरों को सहारा मिल सकता है।

लॉन्ग पोजिशन में बने रहें,बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी करें पहली रुकावट रजिस्टेंस-1 (100 DEMA)पर होगी। 100 DEMA पार होते ही 24400-24500 तक रुकावट नहीं है। इसके बाद 24400-24500 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। 24000-24200 पर ज्यादातर कॉल राइटर्स निकले हैं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58478-58641 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58888-59032/59241 पर है। इसके लिए पहला बेस 57641-57810 पर और बड़ा बेस 57317-57410 पर है। कल जैसा कहा था,10 DEMA तक गिरावट आई। 57100-57000 पर शानदार खरीदारी का मौका मिला। 58000 की बड़ी बाधा पार हुई। वीकली और डेली दोनों स्तरों पर ब्रेकआउट देखने को मिला। कॉल राइटर्स अब 59000 पर शिफ्ट हो गए हैं।

क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए बड़ा पॉजिटिव है। पहली रुकावट 58478-58641 पर है। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा। बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी कारगर रहेगी।

Trading Plan : टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे तेजी जारी रहने के संकेत, निफ्टी में जल्द ही छू सकता है 24500 का लेवल

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors)के पंकज रांदड़। इनकी एयू बैंक के फ्यूचर्स में 1067-1068 रुपए के आसपास,1055 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 1099 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वही,अंबुजा सीमेंट फ्यूचर्स में इनकी 428.10 रुपए के आसपास,423.40 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 436.80 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे तेजी जारी रहने के संकेत, निफ्टी में जल्द ही छू सकता है 24500 का लेवल

Trading Plan : मजबूत होते टेक्निकल इंडिकेटर्स,इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में नरमी और इंडिया VIX में गिरावट को देखते हुए लगता है कि मार्केट की बढ़त जारी रह सकती है और निफ्टी 24,100-24,200 के लेवल तक जाता दिख सकता है। अगर इंडेक्स इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है, तो यह 24,500 के लेवल की ओर बढ़ सकता है। तब तक,23,800-23,750 का जोन एक अहम और तत्काल सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो ज्यादातर टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे मजबूत सपोर्ट के कारण बैंक निफ्टी का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है और यह शुरुआती दौर में 58,500 के स्तर तक जा सकता है,जिसके बाद यह 58,800-59,000 के जोन तक पहुंच सकता है,जबकि 57,500-57,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बेंचमार्क निफ्टी को अपने 20-डे EMA के पास मजबूत सपोर्ट मिला और इसके बाद इसमें जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। अहम बात यह है कि यह अपने 50-डे EMA के ऊपर वापस आने और उसके ऊपर बंद होने में भी कामयाब रहा,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिली है।

मोमेंटम के नजरिए से देखें तो डेली RSI अभी 56.24 पर है और ऊपर की ओर बढ़ रहा है,जो प्राइस एक्शन में मजबूती का संकेत देता है। इसके अलावा, डेली MACD भी बुलिश जोन में बना हुआ है क्योंकि यह अपनी ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है।

आगे 23,800-23,750 का जोन इंडेक्स के लिए एक मजबूत सपोर्ट बेस का काम कर सकता है। यह रेंज इसलिए अहम है क्योंकि यहां 20 डे EMA, 50-डे EMA और पिछले अपट्रेंड का 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक बड़ा डिमांड जोन बन गया है।

ऊपर की तरफ,तत्काल रेजिस्टेंस 24,170-24,200 की रेंज में है। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें ऊपर की ओर नई तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 24,350 और उसके बाद जल्द ही 24,500 के लेवल तक जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,350, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750

स्ट्रेटेजी: 24,000 और 24,060 के बीच गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,900 और टारगेट 24,350 रखें।

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बैंकिंग बेंचमार्क ‘बैंक निफ्टी’ने डेली चार्ट पर सात दिनों के कंसोलिडेशन फेज से एक निर्णायक ब्रेकआउट दिखाया, जिससे फिर से ऊपर की ओर मोमेंटम शुरू होने का संकेत मिला। इस ब्रेकआउट को और मजबूती देते हुए,इंडेक्स ने सेशन के दौरान एक मजबूत और बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त खरीदारी और ब्रेकआउट की वैलिडिटी को पुख्ता करती है।

पिछले कुछ हफ्तो में बैंक निफ्टी ने लगातार ब्रॉडर मार्केट और मेन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह मजबूती’बैंक निफ्टी-टू-निफ्टी रेशियो चार्ट’में भी दिखती है,जिसमें’कप पैटर्न’से ब्रेकआउट हुआ है। इसे आम तौर पर तेजी जारी रहने का संकेत माना जाता है। इस टेक्निकल बदलाव से पता चलता है कि बैंक निफ्टी आने वाले समय में भी अपना बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है।

अहम स्तरों की बात करें तो,57,600-57,500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। जब तक बैंक निफ्टी 57,500 के स्तर से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का ट्रेंड बना रहेगा। ऐसे में,इंडेक्स के ऊपर की ओर बढ़ने का सिलसिला जारी रहने और धीरे-धीरे 58,800 और फिर शॉर्ट टर्म में 59,500 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,800, 59,500

अहम सपोर्ट: 57,600, 57,500

स्ट्रेटेजी: 58,180 और 58,250 के बीच बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,800 और टारगेट 58,950 होगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें, चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके

Trading Strategy : बैंकिंग और IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 250 प्वाइंट उछलकर 24050 के पार निकल गया है। ICICI BANK, HDFC BANK, RIL और SBI ने बाजार में जोश भरा है। बैंक निफ्टी में भी 900 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया है। मिडकैप भी हरे निशान में आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसला है। IT और रियल्टी में जोरदार तेजी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़े हैं। टेक महिंद्रा 4% उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही TCS,परसिस्टेंट और कोफोर्ज में भी रौनक है। वहीं NBFCs में भी 1.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। लेकिन डिफेंस और कैपिटल गुड्स इंडेक्स में आज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: शानदार बाउंसबैक

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में कल की गिरावट के बाद शानदार रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में तो आज की बढ़त कल की गिरावट से ज्यादा दिख रही है। निफ्टी ने भी कल की लगभग पूरी गिरावट रिकवर कर ली है। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से सपोर्ट मिला है। सुबह यही नजरिया था कि एक दिन से ट्रेंड नहीं बदलता। सुबह बाजार ने एक गिरावट दी और फिर नहीं रुका। अब आज की क्लोजिंग सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। बैंक निफ्टी में अब वापस बड़ा वाला मूव शुरू हुआ है।

बाजार: अब क्या?

बाजार में बड़ा ट्रेंड नहीं बदला है। कल की गिरावट में भी यही बात हुई थी। अब लग रहा है कल की गिरावट जरुरत से ज्यादा थी। अब बाजार ने फिर से लॉन्ग ट्रेड्स को रिवॉर्ड किया है। 23,800-23,850 अब किसी भी लॉन्ग के लिए SL है। यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें। चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके हैं। अच्छी खबरों पर बाजार शानदार रिस्पॉन्स दे रहा है। कल सुबह हमने 8:30 बजे JSW इंफ्रा पर पॉजिटिव नजरिया लिया था। लॉजिक के साथ बताया था कि JSW इंफ्रा 10-20% रैली के लिए तैयार है और 2 दिनों में करीब 12% की रैली आई और वो भी पूरी स्क्रीन पर।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,100-24,150 और फिर 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-59,000 का रास्ता वापस खुला है।

कल के लिए रणनीति

आज की क्लोजिंग बढ़िया है। बैंक निफ्टी में काफी मजबूती है। लेकिन अगर रिस्क लग रहा है तो पोजीशन हेज करें। बेहतर है चुनिंदा शेयरों में पोजीशन लेकर जाएं।

Stock Market view : आगे बाजार में अच्छी तेजी की उम्मीद, बैंक और फार्मा शेयर दिखाएंगे कमाल