Trading Plan: क्या प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में फिर आएगी तेजी?

Trading Plan:अच्छे टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के कारण ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,इसलिए प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के एक दिन बाद मार्केट के फिर से ऊपर जाने की उम्मीद है। हालांकि,अपट्रेंड कब तक बना रहता है,यह देखने वाली बड़ी बात होगी। निफ्टी को 24,150–24,200 और उसके बाद 24,500 के लेवल तक संभावित बढ़त के लिए 24,000 के अहम लेवल को बनाए रखना होगा। हालांकि,अगर यह 24,000 से नीचे आता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर गिर सकता है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,000 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यह 58,800 की ओर और ऊपर जाने के लिए एक अहम लेवल है। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 57,200 पर है और उसके बाद 56,800 पर अगला सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एंजेल वन में टेक्निकल एनालिस्ट (इक्विटी और डेरिवेटिव्स) हितेश राठी का कहना है कि आखिरी ट्रेडिंग सेशन में दिखी कमजोरी और वीकली क्लोजिंग के आधार पर 24,100 के ऊपर का लेवल बनाए न रख पाने की वजह से,निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर थोड़ा अनिश्चित सा हो गया है। वीकली चार्ट पर’डोजी कैंडलस्टिक’का बनना बुल्स और बेयर्स के बीच दुविधा को दिखाता है,जिससे पता चलता है कि आक्रामक पोजीशन लेने से पहले दिशा का स्पष्ट संकेत मिलना जरूरी है।

इंडेक्स को अभी भी ऊपर की तरफ मज़बूत रुकावट (रेज़िस्टेंस) का सामना करना पड़ रहा है। पहली रुकावट अप्रैल और मई के’स्विंग हाई’को जोड़ने वाली नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से आ रही है,जो 100 DEMA के साथ भी मेल खाती है। पॉइंट एंड फ़िगर चार्ट पर भी,उसी इलाके में 45-डिग्री की गिरती हुई ट्रेंडलाइन की मौजूदगी 24,050–24,150 के रेज़िस्टेंस जोन की अहमियत को और बढ़ा देती है।

आगे भी सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 24,150 के स्तर के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता,तब तक आक्रामक पोजीशन लेने से बचना और इसके बजाय मजबूत सपोर्ट जोन के पास मौकों की तलाश करना समझदारी होगी। लेवल की बात करें तो,तत्काल सपोर्ट 23,900 के पास है और उसके बाद 23,710–23,620 जोन में एक मज़बूत सपोर्ट बैंड है। ऊपर की तरफ,पिछले सेशन का 24,200 के आस-पास का हाई तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है और इसके बाद 24,450–24,500 के जोन में अगला बड़ा रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,180, 24,450

अहम सपोर्ट: 23,900, 23,650

स्ट्रैटेजी: 23,900 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,23,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,150–24,200 के जोन के पास प्रॉफिट बुक करें।

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बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

हितेश राठी का कहना है कि हालांकि बैंकिंग इंडेक्स में बीते हफ्ते अच्छी बढ़त रही। लेकिन पिछले हफ्ते आई 4 प्रतिशत से ज़्यादा की जबरदस्त तेजी की तुलना में,तेजड़ियों के लिए यह दौर ज्यादातर सुस्ती या ठहराव वाला रहा। ज्यादातर बढ़त हफ्ते की शुरुआत में’गैप-अप ओपनिंग’की वजह से हुई,जिसके बाद डेली चार्ट पर कीमतें छोटी बॉडी वाली कैंडल के साथ ट्रेड करती रहीं। इसका नतीजा वीकली चार्ट पर एक क्लासिकल ‘डोजी'(Doji) फ़ॉर्मेशन के तौर पर सामने आया,जो आम तौर पर अनिर्णय की स्थिति का संकेत देता है।

हालांकि,इस पैटर्न के बावजूद,बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर की मजबूती को देखते हुए हमारा नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। बीते हफ्ते,बैंक निफ्टी अप्रैल के स्विंग हाई 57,456 के ऊपर बंद हुआ,जिससे डेली चार्ट पर एक बड़ा’हायर टॉप-हायर बॉटम’पैटर्न कन्फर्म हुआ। इसके अलावा,कीमतें लॉन्ग-टर्म 200-DSMA के ऊपर भी बनी हुई हैं,जो अप्रैल की रैली के दौरान एक मजबूत रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। यह इवेंट कई टाइमफ्रेम में तेजी के रुझान के मजबूत होने का संकेत देता है।

मूविंग एवरेज का स्ट्रक्चर भी अब फेवरेबल हो गया है। इस हफ्ते इंडेक्स में 20-DEMA और 50-DEMA के बीच बुलिश क्रॉसओवर देखा गया,साथ ही 20-DEMA भी 89-DEMA के ऊपर क्रॉसओवर के करीब पहुंच रहा है। ये बातें पॉजिटिव ट्रेंड को और मज़बूत करती हैं। एक और अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 61,679 के ऑल-टाइम हाई से 49,955 के हालिया निचले स्तर तक आई पूरी गिरावट के 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर आसानी से बना हुआ है,जो यह बताता है कि मेन अपट्रेंड फिर से शुरू हो गया है।

लेवल की बात करें तो इस हफ़्ते 200-DSMA के पास बना बुलिश गैप 57,000–56,700 की रेंज में एक अहम सपोर्ट जोन का काम कर सकता है। ऊपर की तरफ़, रिट्रेसमेंट प्रोजेक्शन और गैप थ्योरी के आधार पर 58,500–59,500 का जोन अगला अहम रेजिस्टेंस एरिया माना जा रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,400, 59,200

अहम सपोर्ट: 57,400, 56,800

स्ट्रैटेजी: 57,400 के आस-पास गिरावट आने पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 57,150 पर स्टॉप-लॉस रखें और 58,000 के स्तर के पास प्रॉफिट बुक करें।

 

 

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Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

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एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,”निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

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