Chhattisgarh serial killer: ‘साइको क‍िलर’ ने 4 महीने में 8 लोगों को जहर देकर मार डाला! 9वां शिकार बचा तो खुला राज, अंतिम संस्कार में भी जाता था हत्यारा

Chhattisgarh serial killer: छत्तीसगढ़ के रायपुर रेंज के एरिया में आने वाले एक छोटे से गांव कहारवे (Kharve) से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने 46 वर्षीय एक किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पिछले चार महीनों में आठ लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब उसका 9वां कथित शिकार बच गया। फिर से उसने पुलिस को पूरी जानकारी दी।

कुत्ते को जहर देने से पहले किया था ‘ट्रायल रन’

पुलिस जांच के अनुसार, रामसहाय जायसवाल किसी व्यक्ति को निशाना बनाने से पहले अपनी योजना का ट्रायल करता था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि उसने इस साल की शुरुआत में सुहागा (बोरैक्स) नामक रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल कर एक कुत्ते को जहर देकर मार डाला था। ग्रामीण क्षेत्रों में बोरैक्स का उपयोग अक्सर चूहे या कीड़े मारने के लिए किया जाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने चार महीने के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर इस रसायन को खरीदा था।

शिकार को अकेले बुलाता, शराब में मिलाता जहर

‘साइको क‍िलर’ पर आरोप है कि उसने चार महीनों में आठ लोगों को जहरीले केमिकल वाली शराब पिलाकर मार डाला। उसने इन लोगों को शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया था। रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी सोमवार को हुई, जब नौवां पीड़ित बच गया। उसने पुलिस को एक ऐसे पैटर्न के बारे में बताया जिस पर पुलिस को पहले शक नहीं हुआ था।

शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता था

रिपोर्ट के मुताबिक, हर मामले में जान लेने का तरीका एक जैसा था। चार महीनों के दौरान, आठ लोगों को खारवे गांव में जायसवाल के घर शाम को शराब पीने के लिए बुलाया गया और हर कोई एक-दो दिन बाद मर गया। जब नौवां व्यक्ति बच गया और उसने अधिकारियों को जानकारी दी, तब पुलिस को एहसास हुआ कि वे शायद एक सीरियल किलर का सामना कर रहे हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी हर बार लगभग एक जैसा तरीका अपनाता था। वह किसी व्यक्ति को शाम के समय अपने घर शराब पीने के लिए बुलाता। इस दौरान इस बात का ध्यान रखता कि व्यक्ति अकेले आए। शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता। पीड़ित शराब पीने के बाद घर लौट जाता। एक-दो दिन के भीतर उसकी तबीयत बिगड़ती और उसकी मौत हो जाती। पुलिस के अनुसार, सभी आठ मौतों में यही पैटर्न देखने को मिला।

परिवारों का भरोसा जीतता रहा आरोपी

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी को भी शुरुआत में हत्या का शक नहीं हुआ। आरोप है कि कई मामलों में रामसहाय खुद पीड़ित परिवारों की मदद करता था। वह मृतकों को अस्पताल ले जाने में सहयोग करता, अंतिम संस्कार में शामिल होता और शोकाकुल परिवारों के साथ दिखाई देता था। इसी वजह से गांव वालों और परिजनों को उस पर संदेह नहीं हुआ। कुछ मामलों में तो पीड़ितों को अस्पताल तक नहीं ले जाया गया क्योंकि परिवारों ने उनकी हालत को सामान्य बीमारी समझा।

पहला शिकार: 6 फरवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

1. बद्री पटेल (58 वर्ष)- 6 फरवरी

पुलिस के मुताबिक पहला शिकार 58 वर्षीय बद्री पटेल था। आरोप है कि बद्री पटेल अक्सर रामसहाय से शराब की मांग करता था, जिससे दोनों के बीच विवाद रहता था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उसे घर बुलाकर जहरीली शराब पिला दी। जब उसकी मौत के बाद किसी ने कोई शक नहीं जताया। अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से हो गया, तो आरोपी का आत्मविश्वास बढ़ गया।

2. बुथालू साहू (60 वर्ष)- 20 फरवरी

पुलिस के अनुसार, रामसहाय को लगता था कि बुथालू साहू ने उसकी कलार समुदाय का अपमान किया था। इसी नाराजगी में उसने उसे निशाना बनाया।

3. बुधराम जायसवाल (60 वर्ष) – 12 मार्च

बुधराम जायसवाल की हत्या कथित तौर पर जमीन विवाद के कारण की गई।

4. छत्तूराम साहू – 20 मार्च

पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि छत्तूराम साहू की नजर उसकी पत्नी पर है। इसी शक के चलते उसने उसे मारने की योजना बनाई।

5. विनोद कुमार साहू (38 वर्ष)- 31 मार्च

आरोपी का आरोप था कि विनोद कुमार साहू अक्सर उसे गाली-गलौज और अपमानित करता था। इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया।

6. गजानंद मांझी (55 वर्ष)- 28 अप्रैल

जांच में सामने आया कि रामसहाय को विश्वास था कि गजानंद मांझी उसके खिलाफ टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाएं कर रहा है।

7. चैतराम साहू (58 वर्ष) – 29 अप्रैल

पुलिस के मुताबिक रामसहाय ने चैतराम साहू से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इस आर्थिक विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है।

8. महेतरू राम साहू (41 वर्ष) – 14 मई

आठवां और अंतिम कथित शिकार महेतरू राम साहू था। पुलिस के अनुसार वह अक्सर रामसहाय का मजाक उड़ाता था और ताने देता था।

नौवां शिकार बचा, तभी खुला पूरा राज

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब रामसहाय ने कार्तिक कुम्हार को भी शराब पीने के लिए बुलाया। कार्तिक शराब पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के दौरान उसने अपने परिवार को बताया कि वह बीमार होने से पहले रामसहाय के घर पर शराब पीकर आया था। इसके बाद परिवार और गांव के अन्य लोगों को शक हुआ। फिर उन्होंने 6 जून को पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की जांच जारी है।

कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

DDA Housing Scheme 2026: दिल्‍ली की सस्ता फ्लैट लेने का सुनहरा मौका! पाएं 25% का विशेष डिस्काउंट, आज ही अपना ड्रीम होम बुक करें!

DDA Housing Scheme 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नागरिक आवास योजना 2026 के तहत रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक का स्पेशल डिस्काउंट देने की घोषणा की है। इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में किफायती और तैयार आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नागरिक आवास योजना 2026 को आकर्षक ऑफर के साथ पेश किया है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को चयनित रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदने की लागत में बड़ी कमी आएगी।

DDA के अनुसार, योजना में शामिल सभी आवास तत्काल रहने योग्य हैं और खरीदारों को निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन अप्लाई और बुकिंग की सुविधा के कारण लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के फ्लैट का चयन कर सकते हैं। यह योजना दिल्ली में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

तुरंत करें अप्लाई

योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो आवेदक पहले आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। DDA का कहना है कि सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। विशेष छूट का लाभ भी निर्धारित अवधि तक ही मिलेगा। नरेला और सिरसपुर में स्थित इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा।

मीडियम क्लास के लोगों को लिए शानदार मौका

DDA की यह योजना खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे रियायती दरों पर अपना घर खरीदने के अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। अपने सपनों का घर पाने का यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें।

हाउसिंग स्कीम की बड़ी बातें

फ्लैट पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट

रेडी-टू-मूव फ्लैट्स उपलब्ध

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

FCFS आधार पर आवंटन

सीमित संख्या में आवास

आवेदन की आखिरी तारीख: 30 जून 2026

कितने फ्लैट्स हैं?

DDA की हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत राजधानी में विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 1,712 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें नरेला में 1,301 और सिरसपुर में 411 फ्लैट्स शामिल हैं। फ्लैट्स की कैटेगरी संख्या देखें तो हाई इनकम ग्रुप (HIG) के 298, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 459, लो इनकम ग्रुप (LIG) के 892 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 63 फ्लैट्स उपलब्ध हैं।

कीमत

कीमतों की बात करें तो EWS कैटेगरी के फ्लैट 9.60 लाख रुपये से शुरू होते हैं। LIG फ्लैट्स की कीमत 11.5 लाख से 15.3 लाख रुपये के बीच है। वहीं, MIG फ्लैट्स 66 लाख से 82 लाख रुपये और HIG फ्लैट्स 95 लाख रुपये से 1.13 करोड़ रुपये तक उपलब्ध हैं। बुकिंग के लिए आवेदकों को कैटेगरी के अनुसार एडवांस राशि जमा करनी होगी।

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HIG फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये और EWS कैटेगरी के लिए 50 हजार रुपये बुकिंग अमाउंट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी आवेदकों को DDA आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य (नॉन-रिफंडेबल) फीस भी जमा करनी होगी। इच्छुक खरीदारों को लास्ट डेट से पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है।

Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lucknow fire update: हाथ से उतर गई चमड़ी… लखनऊ में आग लगी तो दूसरी मंजिल से कूदने वाले मोहम्मद आसिफ ने उस खौफनाक मंजर को किया बयान

Lucknow fire tragedy update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार 22 जून को एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने सिर्फ 15 लोगों की जान ही नहीं ली। बल्कि उनके साथ जुड़े अनगिनत सपनों, उम्मीदों को भी हमेशा के लिए राख कर दिया। कोई अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था, तो कोई बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने का सपना देख रहा था। कोई अपने करियर की शुरुआत कर रहा था, तो कोई छुट्टियां बिताने की तैयारी में जुटा था। लेकिन इस भीषण अग्निकांड ने उनके जीवन के साथ-साथ उनके सपनों को भी निगल लिया।

लखनऊ के आशियाना निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद आसिफ उस भयावह अग्निकांड के चश्मदीद और पीड़ित हैं, जो अलीगंज स्थित बिल्डिंग में हुआ। आसिफ दूसरी मंजिल पर मौजूद गेमिंग स्टूडियो में काम करते थे। उन्होंने News18 को बताया बताया कि हादसे के वक्त सब कुछ सामान्य था। लेकिन कुछ ही पलों में माहौल मौत के मंजर में बदल गया। आसिफ के बताया, “हम लोग बैठे हुए थे और मस्ती कर रहे थे। अचानक सब कुछ एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। धुआं इतना ज्यादा था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।”

उन्होंने आशंका जताई कि बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मौजूद पेट स्टोर में बड़ी मात्रा में रखा सामान आग को तेजी से फैलाने का कारण बना। जान बचाने के लिए आसिफ को दूसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी। उन्होंने बताया, “मैं हाईटेंशन वायर के सहारे नीचे कूदा। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि तार भी पिघल चुका था। उसे पकड़ने के दौरान मेरे हाथों की चमड़ी तक उधड़ गई। अगर मैं 10-15 सेकंड और देर करता तो शायद मेरी भी मौत हो जाती।”

आसिफ ने राहत और उचित इलाज व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी देर तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त ने भी जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। लेकिन उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। आसिफ ने कहा, “वह काफी देर तक सड़क पर ही पड़ा रहा, मदद समय पर नहीं पहुंची।”

आसिफ के अनुसार हादसे के दौरान इमारत में सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नाकाम साबित हुईं। उन्होंने आगे कहा, “टेरेस का दरवाजा बंद था, वाटर स्प्रिंकलर काम नहीं कर रहे थे और बायोमेट्रिक दरवाजे लॉक थे। इसी वजह से कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।” इस हादसे ने इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

15 लोगों की गई जान

अलीगंज स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में सोमवार दोपहर लगी आग में 15 लोगों की झुलसकर मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है और पीछे छूट गए हैं बूढ़े माता-पिता, भाई-बहन और वे अधूरे सपने, जो अब कभी पूरे नहीं हो सकेंगे।

मृतकों में 22 वर्षीय आईटी तकनीशियन अब्दुल रहमान भी शामिल हैं। वह पिछले एक वर्ष से ‘एरिया स्टूडियो’ में कार्यरत थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता अफजल कई वर्षों से लकवाग्रस्त हैं। रहमान की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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इस भीषण अग्निकांड में मोहम्मद इमरान के इकलौते बेटे शाहजान (18) की भी मौत हो गई। जानकीपुरम निवासी शाहजान एक छोटे कारोबारी परिवार से थे। पिछले कुछ समय से कंप्यूटर की ट्रेनिंग ले रहे थे। परिजनों के अनुसार, वह बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाने की योजना बना रहे थे। सुखमनी सिंह (22) भी इस हादसे का शिकार हो गईं। उनके परिवार में पिता प्रभजोत सिंह, मां और एक छोटा भाई हैं। प्रभजोत सिंह सिविल डिफेंस में कार्यरत हैं।

Monsoon Breaking: डाल्टेनगंज, मोतिहारी से गुजर रहा मानसून, अब IMD ने बताई यूपी में इसकी एंट्री की तारीख

Monsoon Entry in UP Forecast: उत्तर प्रदेश समेत देश के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। दो हफ्तों तक पश्चिमी भारत में सुस्त पड़े रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब झारखंड के डाल्टेनगंज और बिहार के मोतिहारी से गुजर रहा है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री की तारीख भी साफ कर दी है। केंद्रीय और पश्चिमी क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही लोगों को भीषण लू से भी बड़ी राहत मिलेगी।

डाल्टेनगंज और मोतिहारी पहुंची मानसून की सीमा

IMD के मुताबिक 23 जून को मानसून की उत्तरी सीमा अब देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को पार कर चुकी है। आज की तारीख में मानसून की यह रेखा दहानू, वर्धा, रायपुर, डाल्टेनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मानसून ने मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए क्षेत्रों को पूरी तरह कवर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में इस दिन होगी मानसून की एंट्री

IMD ने अपने लेटेस्ट वेदर बुलेटिन में देश के विभिन्न राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने का एक अनुमानित टाइमफ्रेम जारी किया है। अगले 2-3 दिनों में उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे देगा।

मध्य प्रदेश में एंट्री के बाद मानसून अगले 3-5 दिनों में आगे बढ़ेगा और झारखंड व बिहार के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। यानी अगले एक हफ्ते के भीतर यूपी में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

दो हफ्ते तक क्यों अटका रहा मानसून?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसून ने 8 जून को ही दक्षिणी महाराष्ट्र में दस्तक दे दी थी लेकिन इसके बाद करीब दो हफ्तों तक इसकी रफ्तार थम गई थी। मौसम अधिकारियों के मुताबिक भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून की प्रगति रुक गई थी। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाते हैं लेकिन कभी-कभी ये मानसूनी हवाओं के मार्ग में रुकावट भी पैदा कर देते हैं। अब यह बाधा दूर हो चुकी है और मानसून दोबारा मोमेंटम पकड़ रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और खेती के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

भारत की लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यह चार महीने का मानसून देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा देता है। इससे जल स्रोतों की रीफिलिंग भी होती है।

जून में अब तक सामान्य से कम रही है बारिश

मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस साल जून के पहले 21 दिनों में भारत में औसत से 42.2% कम बारिश दर्ज की गई है। इस पूरे हफ्ते भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि चार महीने के इस मानसूनी सीजन में देश में दीर्घावधि औसत (LPA) की 90% बारिश होने की संभावना है जबकि अकेले जून महीने में एल नीनो के कारण एलपीए (LPA) की 92% बारिश होने का अनुमान जताया गया था।

Explosion in Qatar: कतर की LNG फैक्ट्री में बड़ा धमाक! 54 लोग घायल, 18 लापता

Explosion in Qatar: कतर के मुख्य नैचुरल गैस एक्सपोर्ट हब में एक जबरदस्त धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 54 लोग घायल हो गए और 18 लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के दौरान हुई है। तब हुई जब हालिया संघर्ष के दौरान ईरान के हमले के बाद कर्मचारी वहां काम फिर से शुरू कर रहे थे। सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के मुताबिक, धमाका रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ, जब एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। धमाके के बाद आग लग गई। हालांकि नुकसान का सही अंदाजा अभी नहीं लग पाया है।

अधिकारियों ने बताया है कि कतर की मुख्य लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी में हुए धमाके में 54 लोग घायल हो गए हैं और 18 लोग लापता हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए अंदरूनी धमाके के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए कतरी इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया गया था।

वायरल वीडियो में क्या है?

ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में अंधेरे आसमान के सामने दूर तक तेज़ लपटें उठती दिख रही हैं। आसमान में धुआं फैलता हुआ दिख रहा है और ऊपर एक छोटी सी चमकदार चीज भी दिखाई दे रही है। युद्ध के दौरान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना कंट्रोल मजबूत करने के बाद कतर ने गैस का उत्पादन रोक दिया था। इससे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को होने वाली सप्लाई में रुकावट आई थी।

जब संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत जारी रही और रणनीतिक जलमार्ग पर पाबंदियां कम हुईं, तो अधिकारियों ने एक्सपोर्ट टर्मिनल पर गतिविधियां फिर से शुरू करने का फैसला किया। हालांकि, रविवार रात काम फिर से शुरू करने की कोशिश एक हादसे में बदल गई, जब फैसिलिटी में धमाका हुआ और आग लग गई।

अधिकारियों ने शुरू में बताया था कि बहुत कम लोग घायल हुए हैं। लेकिन कई घंटों बाद, कतर के गृह मंत्रालय ने आंकड़ों में बदलाव करते हुए कहा कि कम से कम 54 लोग घायल हुए हैं और 18 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। इस घटना से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ सकती है, क्योंकि कतर नैचुरल गैस के दुनिया के प्रमुख एक्सपोर्टर्स में से एक है।

अधिकारियों ने पहले कहा था कि मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस टीमों ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी है। मिनिस्ट्री ने कहा कि फैसिलिटी से कोई लीकेज नहीं हुआ जिससे पब्लिक सेफ्टी को खतरा हो।

इंडस्ट्रियल हब को मैनेज करने वाली कतरएनर्जी ने कहा कि बरजान फैक्ट्री में धमाके के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया और फैसिलिटी में लगी आग पर काबू पा लिया गया। रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी दोहा से लगभग 80km (50 मील) उत्तर में है।  यह दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी का घर है, जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा बनाती है।

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मार्च में कतर सरकार ने घोषणा की थी कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनने के बाद इंडस्ट्रियल हब को काफी नुकसान हुआ है। कतरएनर्जी ने हमलों के बाद अपनी सप्लाई की जिम्मेदारियों से खुद को आजाद करने के लिए अपने कुछ कॉन्ट्रैक्ट में फोर्स मेज्योर क्लॉज का इस्तेमाल किया। इससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के कस्टमर प्रभावित हुए।

कल का मौसम 19 June: IMD ने बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 23 राज्यों में आएगा आंधी-तूफान, देखें Weather Alert

Kal ka Mausam 19 जून: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जून के लिए देश का विशेष डेली वेदर बुलेटिन और चेतावनी जारी कर दी है। कल देश के कई राज्यों में मौसम के दो बेहद अलग रूप देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां मौसम विभाग ने बिहार और असम समेत देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट दिया है। वहीं 23 राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का संकट मंडरा रहा है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का कहर भी जारी रहेगा।

मानसून की स्थिति: इन राज्यों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बिहार और असम समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

19 जून को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। असम व मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और राजस्थान में 80 Kmph का भीषण महातूफान

19 जून को कुछ राज्यों में हवाओं की रफ्तार बेहद विनाशकारी हो सकती है। बिहार और पूर्वी राजस्थान दोनों ही इलाकों में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र झंझावाती तूफान चलने की आशंका है, जिसकी अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटे (Gusting to 80 kmph) तक जा सकती है। झारखंड, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान इन चार क्षेत्रों में कल 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाले थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कल पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है।

दिल्ली-यूपी समेत देश के 23 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

19 जून को देश के कुल 23 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का तांडव देखने को मिलेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

इन सभी क्षेत्रों में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं और आंधी चलने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कल हल्की से मध्यम आंधी के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़ और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कल आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक का अलर्ट है।

हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में ओले गिरने की चेतावनी

पहाड़ी राज्यों में कल आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की दोहरी मार पड़ने वाली है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की गंभीर आशंका जताई गई है।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी चलेगी भीषण हीट वेव

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा आंधी और बारिश की चपेट में रहेगा, वहीं कुछ राज्यों में सूरज की तपिश और लू का कहर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ) और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भीषण लू चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में यह स्थिति 24 जून तक लगातार बनी रह सकती है। आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अत्यधिक उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।

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Delhi: दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में ₹1,260 करोड़ में बिका बंगला! दिग्गज कारोबारी को 4 गुना हुआ फायदा

Delhi Subhash Chandra News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश लुटियंस जोन इलाके में ₹1,260 करोड़ में एक बंगला बिका है। एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने लुटियंस एरिया में स्थित अपना बंगला 1,260 करोड़ रुपये में एक अज्ञात कारोबारी को बेच दिया है। इसे हाल के सबसे महंगे रियल एस्टेट डील में से एक माना जा रहा है। करीब तीन एकड़ में फैला यह बंगला कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास भगवान दास रोड पर स्थित है।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ को बताया कि इस प्रॉपर्टी को दिल्ली स्थित एक कारोबारी परिवार ने खरीदा है। हालांकि, इस खरीदार की पहचान उजागर नहीं की गई है। यह बंगला उसी सड़क पर स्थित है जहां अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी की अगुवाई वाले ग्रुप ने साल 2020 में लगभग 400 करोड़ रुपये में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी।

चार गुना बढ़ी बंगले की कीमत

सूत्रों ने कहा कि 1,260 करोड़ रुपये का यह सौदा दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस बीच, चंद्रा की अगुवाई वाले जी ग्रुप के प्रवक्ता ने इस लेन-देन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने यह प्रॉपर्टी साल 2015 में 304 करोड़ रुपये में खरीदी थी।

इसका मतलब है कि इस प्रॉपर्टी कीमत पिछले एक दशक में चार गुना से अधिक हो गया है। लुटियंस एरिया भारत के सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है। यहां करीब 3,000 हाई प्रोफाइल बंगले हैं। इनमें से लगभग 600 संपत्तियां निजी स्वामित्व में हैं, जो देश के सबसे अमीर लोगों के पास हैं।

लुटियंस जोन क्यों है खास?

दिल्ली का Lutyens Zone देश के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे आवासीय इलाकों में गिना जाता है। यह एरिया लंबे समय से सत्ता, प्रतिष्ठा और ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है। इस इलाके में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जज, राजनयिक और चुनिंदा कारोबारी रहते हैं। सख्त निर्माण नियमों और सीमित भूमि उपलब्धता के कारण यहां संपत्तियों की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं।

लग्जरी रियल एस्टेट में तेजी

कोरोना वायरल (कोविड-19) महामारी के बाद दिल्ली के लुटियंस जोन और हरियाणा के गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) पर कई बड़े रियल एस्टेट सौदे देखने को मिले हैं। विशेष रूप से गुरुग्राम में लग्जरी हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ी है। DLF की अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट्स The Camellias और The Dahlias में अपार्टमेंट्स की कीमतें रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच चुकी हैं। इससे यह इलाका देश के सबसे महंगे आवासीय बाजारों में शामिल हो गया है।

कौन हैं सुभाष चंद्रा?

सुभाष चंद्रा एक प्रसिद्ध उद्योगपति, मीडिया उद्यमी और टेलीविजन क्षेत्र के दिग्गज व्यक्तियों में से एक हैं। उन्हें अक्सर ‘भारतीय निजी सैटेलाइट टेलीविजन के जनक’ कहा जाता है। उन्होंने 1992 में Zee TV की स्थापना की, जो भारत का पहला निजी सैटेलाइट टीवी चैनल था। चंद्रा का जन्म 30 नवंबर 1950 को हरियाणा के आदमपुर (हिसार) में हुआ था।

उन्होंने कम उम्र में पारिवारिक व्यापार से शुरुआत की और बाद में Essel Group की स्थापना की। इस ग्रुप ने पैकेजिंग, मनोरंजन, मीडिया, केबल टीवी और डीटीएच सेवाओं जैसे कई सेक्टर में कारोबार फैलाया।

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इसके अलावा राजनीति में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 2016 से 2022 तक वह हरियाणा से राज्यसभा सांसद रहे। व्यवसाय और मीडिया में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। इनमें 2011 का International Emmy Directorate Award भी शामिल है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP से राजस्थान तक 30 इलाकों में आंधी-तूफान! 24 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून तक के लिए देश का विस्तृत राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत देश के 30 अलग-अलग इलाकों (मौसम उप-मंडलों) में भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगा आगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बिहार, बंगाल, केरल समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (24 जून तक)

मौसम विभाग ने 18 से 24 जून की अवधि के दौरान देश के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जून और 21-23 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं 20 जून को बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 24 जून को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय: यहां 19 से 22 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा 18 जून, 23 जून और 24 जून को भी भारी बारिश की चेतावनी है।

18 जून को केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 जून तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी। बिहार में 18 से 20 जून तक लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 18 जून और 21 से 24 जून तक जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 जून व 21-22 जून और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21-22 जून को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 18 से 23 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18-19 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में 80 Kmph का महातूफान और आंधी

मौसम विभाग ने देश के लगभग 30 मौसम क्षेत्रों (इलाकों) में 40 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा। इसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 19-20 जून को पश्चिमी राजस्थान और 20 जून को पूर्वी राजस्थान में 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार की हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान में 18-20 जून और पूर्वी राजस्थान में 18 जून को धूलभरी आंधी चलेगी।

बिहार में 18-19 जून को 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाला भीषण थंडरस्क्वाल आएगा। इसकी अधिकतम गति 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। इसके बाद 20-24 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20-22 जून तक 50 किमी/घंटे की आंधी का येलो अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 जून तक आंधी-तूफान का असर रहेगा। झारखंड में 18-20 जून और ओडिशा में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा सहित अन्य 30 इलाकों में आंधी-बिजली का हाल

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-22 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18-19 जून को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 जून को (जम्मू-कश्मीर में 20 जून तक) गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम कैसा रहेगा?

कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में 18-19 जून को और कोंकण व मध्य महाराष्ट्र में 22-24 जून को 50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 जून आंधी-बिजली का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 18-22 जून तक आंधी और बिजली कड़कने की घटनाएं होंगी। इसके अलावा अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 22 जून तक तेज हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश में 24 जून तक जारी रहेगा हीट वेव का सितम

मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक लगातार अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 18 जून को लू चलेगी। इसके अलावा महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना में 18 से 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल (18-19 जून), ओडिशा (18-20 जून), कोंकण व गोवा (18-21 जून) और तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा (19-20 जून) में असहनीय उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

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