Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

यह भी पढ़ें: जेवर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई धड़ाधड़ बसें! सुबह 6 बजे से ही पहली सर्विस, देखें 3 बड़े रूट-स्टॉपेज संग टाइमिंग और लास्ट डिपार्चर

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग प्रभावित

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं हुईं, जिससे ट्रैफिक तो बाधित हुआ ही साथ ही देहरादून सहित कई जिलों में मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। बता दें कि लगातार बारिश और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिनमें चमोली जिले का बद्रीनाथ नेशनल हाईवे और रुद्रप्रयाग जिले का केदारनाथ यात्रा मार्ग शामिल है।

इस भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिससे अधिकारियों को कुछ समय के लिए आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ा। मलबे को हटाने और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता बहाल करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों और स्थानीय अधिकारियों को तैनात किया गया।

इसके अलावा, चमोली जिले में भी बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जब अस्थिर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिर गया। इसके बाद सड़क साफ करने वाली टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रास्ता खोलने का काम शुरू किया, ताकि राज्य के इस महत्वपूर्ण धार्मिक और परिवहन मार्ग पर आवागमन फिर से सुचारू हो सके।

बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन प्रभावित

बारिश की इस नई शुरुआत ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रशासन ने नदियों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील बस्तियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।

मानसून से जुड़ी आपदाओं की आशंका के बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में राज्य-स्तरीय प्री-मानसून मॉक ड्रिल का जायजा लिया और अधिकारियों को आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए तेज प्रतिक्रिया प्रणाली, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान धामी ने कहा, “आपदा प्रबंधन सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।” उन्होंने अधिकारियों से तैयारी, जोखिम कम करने और बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है।

जिसको देखते हुए अधिकारियों ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और चार धाम के अन्य तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले लोगों और तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी और सड़कों की स्थिति के बारे में पता कर लें।

यह भी पढ़ें: कल का मौसम 3 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 15+ राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, थंडरस्टॉर्म का अलर्ट, मानसून दिखाएगा ये असर

कल का मौसम 3 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 15+ राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, थंडरस्टॉर्म का अलर्ट, मानसून दिखाएगा ये असर

Weather Update July 3: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। 2 जुलाई को मानसून ने पूरी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, अधिकांश मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए मौसम का लेटेस्ट बुलेटिन भी जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में सक्रिय है और अगले 2-3 दिनों में यह और मजबूत होने वाला है।

इसके प्रभाव से 3 जुलाई को दिल्ली, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत 15 से अधिक राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 3 जुलाई को देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है:-

गुजरात

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

ओडिशा

पश्चिम मध्य प्रदेश

(इन सभी क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

3 जुलाई को मध्य भारत, पहाड़ी राज्यों और दक्षिण तट पर मौसम काफी खराब रहेगा। आईएमडी ने नीचे दिए गए राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

छत्तीसगढ़ और विदर्भ

पूर्वी मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

तटीय कर्नाटक

केरल और माहे

दिल्ली, यूपी और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

3 जुलाई को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश होगी जिसके बाद 5 से 8 जुलाई के बीच दोबारा व्यापक भारी बारिश शुरू होगी।

पूर्वी और पश्चिम भारत: गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और मराठवाड़ा में भारी बारिश की उम्मीद है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

थंडरस्टॉर्म अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

आईएमडी ने भारी बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में बिजली चमकने और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है:-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी हिस्सों (J&K, लद्दाख), गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और थंडरस्टॉर्म की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, तेलंगाना, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में 3 जुलाई को तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 जुलाई को मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी है:-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल तटों के साथ-साथ लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों के पास हवा की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है। मछुआरों को 5 से 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में जाने से मना किया गया है।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों, अंडमान सागर और मध्य व दक्षिण बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब) रहेगा। यहां हवा की गति 40 से 55 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के ऊपर कई चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है और दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक एक चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

ये भी पढ़ें- UP Monsoon update: 2 जुलाई को पूरे यूपी पर छा गया मानसून लेकिन इन 30 जिलों में बारिश का हाल असली चिंता वाली बात!

मध्य पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन के साथ-साथ दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक फैली अपतटीय ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में शेयर जोन सक्रिय हैं। ये सब मिलकर इस समय देश भर में भारी बारिश को नियंत्रित कर रहे हैं।

Monsoon Heavy Rain Alert: यूपी, बिहार, दिल्ली समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट! 8 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Monsoon Heavy Rain Alert: मौसम विभाग(IMD) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर आज सुबह 08:30 बजे एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अगले 2-3 दिनों में और अधिक मजबूत होने की संभावना है। मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन इस समय उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी में बने इस लो-प्रेशर एरिया के केंद्र तक गुजर रही है। दक्षिण गुजरात से लेकर कर्नाटक तट तक एक अपतटीय ट्रफ भी सक्रिय है। इन मजबूत प्रणालियों के कारण देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।

इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि कुछ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है:-

दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कोंकण: 2 से 5 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा: 3 और 4 जुलाई को मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।

मध्य महाराष्ट्र: 3 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।

क्षेत्रवार मौसम का पूरा पूर्वानुमान और अलर्ट (2 से 8 जुलाई 2026)

1- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: 2 जुलाई को व्यापक बारिश के बाद 3-4 जुलाई को हल्की से छिटपुट बारिश होगी लेकिन 5 से 8 जुलाई के बीच एक बार फिर यहां भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। 2 जुलाई को पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 2 से 7 जुलाई के बीच और पूर्वी यूपी में 2 से 8 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 3-4 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 2-3 जुलाई को बहुत भारी और 4-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल में 2-3 जुलाई और 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 2-3 जुलाई और 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (आंधी) और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है जबकि 5-7 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश हो सकती है।

आंधी-तूफान का अलर्ट: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 2 से 8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

2- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 2 से 8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 2 जुलाई और 5-8 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 3-4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 3-4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई और विदर्भ में 4 व 7-8 जुलाई को भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 2 और 3 जुलाई को इस पूरे क्षेत्र में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

3- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार: बिहार में 2 से 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को छिटपुट से लेकर भारी बारिश होगी जबकि 5 और 6 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 2 जुलाई और 5-6 जुलाई को यहां तेज आंधी चलने की भी संभावना है।

झारखंड: 4 से 8 जुलाई के बीच झारखंड में व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा: लो-प्रेशर एरिया के कारण ओडिशा में 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश तथा 7-8 जुलाई को पुनः भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की उम्मीद है।

4- पश्चिम भारत (गुजरात, कोंकण और गोवा)

गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा: इन क्षेत्रों में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश जारी रहेगी। गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 2 से 5 जुलाई के दौरान कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश होगी, जबकि गुजरात क्षेत्र में 6 से 8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश के बाद 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है।

मराठावाड़ा: 3 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है जिसके बाद 4 से 8 जुलाई के बीच मौसम थोड़ा धीमा रहेगा।

5- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश)

तटीय कर्नाटक: 2 से 8 जुलाई के दौरान लगातार बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: केरल और माहे में 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 4 से 8 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश: तेलंगाना में 2 जुलाई को व्यापक बारिश और 2-4 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 2 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।

तेज हवाओं का अलर्ट: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में 2 से 8 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

6- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

असम और मेघालय में 3 और 4 जुलाई को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

Bhaari Barish Alert: यूपी, बिहार समेत इन राज्यों के लिए अगले 48 घंटे भारी! मानसून यहां पूरा छा गया, हैवी बारिश का ये अलर्ट आया

Bhaari Barish Alert: देश भर में मानसून ने अपनी रफ्तार बेहद तेज कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लिया है। इसके साथ ही 5 दिन देर से ही सही मानसून ने दिल्ली में भी एंट्री कर ली है। यूपी में मानसून के पूरी तरह छा जाने के साथ ही मौसम विभाग ने बिहार समेत देश के कई राज्यों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी बताए हैं।

IMD ने कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 2 दिनों के भीतर मानसून के दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

अगले 2 दिन: इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दो दिनों के दौरान तटीय और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आफत की बारिश हो सकती है। आईएमडी ने अगले 48 घंटों के लिए नीचे दिए गए क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:-

उत्तर प्रदेश: 2 जुलाई को मानसून के पूरे राज्य में छा जाने के बाद यहां बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

तटीय कर्नाटक

गुजरात

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

अगले 3 दिन: मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में रहेगा ऐसा ही मौसम

आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहेगा। इन क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है:-

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ

ओडिशा

सौराष्ट्र और कच्छ

शनिवार तक बिहार और पूर्वोत्तर समेत इन राज्यों में हैवी रैन

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार सहित देश के कई अन्य हिस्सों में शनिवार तक लगातार भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इस दायरे में आने वाले राज्य हैं:-

बिहार और झारखंड

उत्तर प्रदेश (पूरे राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा)

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख

केरल (केरलम) और माहे

आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना

पूर्वोत्तर क्षेत्र के हिस्से

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति दर्ज की गई है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में निम्नलिखित बड़ी बातें सामने आई हैं। अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर सीधे जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी साफ दिखाई दे रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये मानसूनी बादल अलग-अलग या छितराए हुए नहीं हैं, बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए हैं। यह देश में एक बेहद सक्रिय मानसून परिसंचरण शुरू होने का सीधा संकेत है। ये विशालकाय बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं जो एक साथ देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश कराने की क्षमता रखते हैं।

दो तरफ की मानसूनी हवाओं का मिलन, उत्तर भारत में रफ्तार तेज

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी साफ हुआ है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ही दिशाओं से आने वाली नमी से लदी हवाएं इस समय उत्तर भारत के आसमान पर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके कारण मानसून की ट्रफ लाइन अब अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है, जिसने मैदानी इलाकों में लगातार और भारी बारिश के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बना दी हैं।

ये भी पढ़ें- Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक का सामना करने के बाद मानसून ने उत्तर भारत में यह जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक रूप से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में प्रवेश कर चुका था, जिसके बाद अब इसने रफ्तार पकड़ ली है।

Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

Monsoon Watch 2nd July: दिल्लीवालों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। झुलसाती गर्मी और शुष्क जून के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 2 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मानसून अपने सामान्य आगमन की तारीख (27 जून) से 5 दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है। इसके आते ही राजधानी के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो गया है। इससे फिलहाल मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है।

पिछले 5 सालों में सबसे देरी से पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में मानसून के दिल्ली पहुंचने का पैटर्न कुछ ऐसा रहा है:-

2026: 2 जुलाई (5 दिन की देरी)

2025: 29 जून

2024: 28 जून

2023: 25 जून

2022: 30 जून

2021: 13 जुलाई

2021 में मानसून काफी देरी से 13 जुलाई को आया था। इसके बाद अब 2026 में इसने जुलाई के महीने में दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आज दिन भर दिल्ली के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है।

दिल्ली के लिए IMD का वेदर अलर्ट: तेज हवाओं के साथ होगी बौछारें

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तात्कालिक अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से बुधवार को जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति देखी गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी दिखाई दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के बादल छितराए हुए नहीं हैं बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सक्रिय मानसून परिसंचरण की शुरुआत का सीधा संकेत है। ये विशाल बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं। ये एक साथ कई राज्यों में भारी बारिश कराने में सक्षम हैं।

Clipboard20DELHI

तस्वीरों से पता चलता है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से आने वाली नमी से लदी हवाएं उत्तर भारत के ऊपर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है। इससे मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार तेज

देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक के बाद मानसून ने उत्तर भारत में जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में आगे बढ़ चुका था।

इसके बाद अगले 24 घंटों के भीतर मानसून ने तेजी से उत्तर की ओर रुख किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार रात से गुरुवार दोपहर के बीच दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और हरियाणा व पंजाब के कई और हिस्सों में मानसूनी हवाएं और शुरुआती गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल रहा है।

मुंबई में आफत की बारिश, हाईटाइड का अलर्ट, पालघर में स्कूल बंद

mumbai rain

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। ट्रेफिक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पालघर में आज स्कूल बंद है वहीं मुंबई में दोपहर 1.45 बजे हाई टाइड की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान समुद्र में 14 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ALSO READ: चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?
 

सड़कों पर पानी, रेलवे ट्रेक जलमग्न

अंधेरी, किंग्स सर्कल, गांधी मार्केट, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, पवई, घाटकोपर और भांडुप जैसे क्षेत्रों में सड़कों पानी भर गया। पानी घुसने से कई गाड़ियां बंद हो गई। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर भी रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए। लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।

मुंबई से पालघर तक रेड अलर्ट

महानगर में 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 2 जुलाई की सुबह 7 बजे के बीच पूर्वी उपनगरों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को कमजोर ढांचों और निचले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और मौसम की नवीनतम जानकारी से अवगत रहने की सलाह दी गई है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पालघर जिले में मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 2 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है।

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और बारिश की बढ़ती कमी को लेकर चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को ‘अल नीनो’ (El Nino) के संभावित असर से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत पर ‘अल नीनो’ के संभावित असर का आकलन करते हुए यूरोप में बढ़ते तापमान जैसी चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों की समीक्षा की। बता दें कि यह समीक्षा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऐसे समय में की गई है, जब देश के कई इलाकों में बारिश में 40% से अधिक की कमी देखी जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे मानसून की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखें और खेती, जल संसाधनों, बिजली आपूर्ति और अन्य अहम क्षेत्रों पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करें।

बारिश के पैटर्न में हो सकते हैं बदलाव

वहीं, सरकार का आकलन है कि अल नीनो के कारण बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और पानी की कमी का खतरा एक साथ बढ़ सकता है।

फिलहाल, तैयारी को मजबूत करने के लिए, जल शक्ति, कृषि, बिजली, रेलवे और अन्य अहम विभागों सहित कई मंत्रालयों को अपने-अपने सेक्टर के हिसाब से आपातकालीन योजनाएं बनाने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी साल की शुरुआत से ही नियमित बैठकों के जरिए देश की ‘अल नीनो’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

इसके अलावा, बदलते हालात पर लगातार नजर रखने के लिए 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाला एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है। गृह मंत्रालय इस समूह के लिए नोडल मंत्रालय के तौर पर काम करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तैयारी और उससे निपटने के उपायों में तालमेल बिठाएगा।

समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि El Nino से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरी सरकार मिलकर काम करे” और सभी विभाग मिलकर समन्वय में काम करें।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यह अनुमान तब आया है जब जून 2026, 1901 के बाद से भारत का पांचवां सबसे सूखा जून रहा। इस दौरान देश में बारिश लंबे समय के औसत से 39% कम दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 92% से भी कम रह सकती है।

यह भी पढ़ें: Annapurna Yojana: अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने महिलाओं को मिलेंगे ₹3,000! जानें कौन होगा पात्र और कैसे चेक करें स्टेटस

Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

ये भी पढ़ें- India Weather Today 1 July: IMD ने यूपी से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन 25+ राज्यों में आंधी-तूफान संग बिगड़ेगा मौसम

1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।

India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी तक भारी बारिश, IMD ने इन 20+ राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, 7 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई को जारी अपने ताजा बुलेटिन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मुंबई (कोंकण) सहित देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अधिकांश हिस्सों में आगामी 7 जुलाई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

तेजी से आगे बढ़ा मानसून, दिल्ली-राजस्थान में अगले 2 दिन अनुकूल

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख के बचे हुए हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। 1 जुलाई को मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के दौरान मानसून के दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-यूपी में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए 1 से 7 जुलाई तक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों में 2 से 7 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को छिटपुट बारिश का अनुमान है। 2 से 4 जुलाई और 6 से 7 जुलाई को पंजाब में जबकि 2 से 7 जुलाई के दौरान दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में 1 से 7 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 और 2 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 3 से 7 जुलाई तक छिटपुट से लेकर सामान्य बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 6 व 7 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी यूपी में 1 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है जबकि दोनों क्षेत्रों में 1 से 3 जुलाई और 6-7 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 1 और 2 जुलाई को यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 1 से 3 जुलाई के दौरान और हिमाचल में 2-3 जुलाई व 5-6 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: यहां 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश और 3-4 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 1 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश के साथ ही 3 से 5 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने और ‘थंडरस्क्वाल’ की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। 1 जुलाई को पूरे मध्य प्रदेश में मध्यम से तीव्र गति से बिजली कड़कने की गतिविधि देखी जाएगी। इसके साथ ही 1 जुलाई को दोनों हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (भीषण आंधी) आने की चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 1 से 7 जुलाई तक और विदर्भ में 1 से 5 जुलाई व 7 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में 1 से 3 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 1-2 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिम भारत: मुंबई, कोंकण और गुजरात में आफत की बारिश का अनुमान

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जैसा अनुमान है:

कोंकण, गोवा और गुजरात: गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 1 से 7 जुलाई तक मूसलाधार और व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र और कोंकण व गोवा में 1 से 5 जुलाई के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की बड़ी चेतावनी दी गई है।

सौराष्ट्र और कच्छ: यहां 4 से 6 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 1 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

बिहार और झारखंड: बिहार में 1 जुलाई को व्यापक बारिश और 2 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। वहीं झारखंड में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बिहार में 1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 1 से 6 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में तीव्र बिजली कड़कने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में जुलाई के शुरुआती दिनों में व्यापक बारिश होगी जो बाद के दिनों में छिटपुट हो जाएगी। असम, मेघालय और अरुणाचल में 2 से 5 जुलाई के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहने की भी संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने 1 व 2 जुलाई और फिर 5 से 7 जुलाई के दौरान तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ ही कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: केरल और लक्षद्वीप में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जहां केरल में 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना में 1-2 जुलाई को व्यापक बारिश और 4 से 7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी: समुद्र में न जाने की सलाह

खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को 1 से 6 जुलाई 2026 के बीच समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है:

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों, उससे सटे मध्य-पूर्वी व उत्तर-पूर्वी अरब सागर, सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 1 से 5/6 जुलाई तक मछुआरों को न जाने के लिए कहा गया है।

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, ओडिशा तट, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के साथ-साथ पूरे अंडमान सागर में 6 जुलाई तक मछुआरों के जाने पर पाबंदी रहेगी।