India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।

फ्रांस में गर्मी से 1000 लोगों की मौत:जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन समेत 16 देशों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी; सड़कें पिघलीं, स्कूल बंद, जंगलों में आग

यूरोप इन दिनों रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस में भीषण गर्मी से करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है। हेल्थ एजेंसी ने रविवार को बताया कि ये मौतें 24 जून से 27 जून के बीच हुईं। अतिरिक्त मौतों का मतलब है कि पिछले कुछ साल में हुई औसत मौतों की तुलना में इस बार करीब 1000 लोग ज्यादा मरे हैं। हालांकि सरकार ने न ही पिछली बार और न ही इस बार का कोई सटीक आंकड़ा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में 85% बुजुर्ग हैं। सबसे अधिक मौतें घरों में हुईं। खासकर राजधानी पेरिस और उसके आसपास के इलाकों वाले इलाके में ऐसे मामले ज्यादा सामने आए। वहीं, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, डेनमार्क, इटली और स्विट्जरलैंड समेत 16 देशों में तापमान ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। न्यूज एजेंसी AFP के अनुमान के मुताबिक, रविवार को यूरोप के करीब 19.1 करोड़ लोगों को 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान का सामना करना पड़ा। कहीं सड़कें पिघल रही हैं, कहीं स्कूल बंद करने पड़े हैं, तो कहीं जंगलों में भीषण आग भड़क उठी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप का तापमान दुनिया के औसत तापमान की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। भविष्य में ऐसी गर्मी की लहरें और अधिक बार आएंगी, ज्यादा समय तक रहेंगी। यूरोपीय देशों में गर्मी की हालत ब्रिटेन: जून में गर्मी का 50 साल पुराना रिकॉर्ड 3 बार टूटा ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार लगातार तीन दिनों तक ‘रेड वार्निंग’ जारी करनी पड़ी है। ब्रिटेन में जून के महीने का 50 साल पुराना पिछला रिकॉर्ड (35.6°C) इस हफ्ते लगातार तीन दिन टूटा है। दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस जून का नया रिकॉर्ड है। ब्रिटेन के इतिहास का सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस है, जो जुलाई 2022 में दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि यह इस साल टूट सकता है। गर्मी के कारण बिजली की मांग 45 साल में सबसे ज्यादा हो गई है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या अचानक बहुत बढ़ गई है। इसके कारण कई बड़े अस्पतालों को इमरजेंसी घोषित करना पड़ा है। पूरे ब्रिटेन में 1,000 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है। कंक्रीट और पुरानी तकनीक से बनी क्लासरूम की इमारतें इतनी गर्म हो गई हैं कि बच्चों और शिक्षकों का वहां बैठना असंभव हो गया है। अत्यधिक तापमान के कारण लोहे की रेलवे पटरियां फैल रही हैं और उनके मुड़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके कारण ट्रेनों की रफ्तार पर सख्त स्पीड लिमिट (60 मील प्रति घंटा) लगा दी गई है। ब्रिटेन के कई इलाके में पाइप के जरिए बगीचों और कारों पर पानी डालने (होजपाइप) पर रोक लगा दी गई है। स्पेन: यूरोप में सबसे ज्यादा गर्मी, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा स्पेन इस समय पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा तप रहा है। स्पेन के एंडुजार में तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। वहीं उत्तरी शहर बिलबाओ में जून का सर्वकालिक रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 42.7°C दर्ज किया गया। पिछले 4 दिनों में गर्मी के कारण देश में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अत्यधिक सूखे और भीषण गर्मी के कारण स्पेन के जंगलों में भयंकर आग भड़क उठी है। दमकल विभाग चौबीसों घंटे आग बुझाने में जुटा है, और कई कस्बों को खाली कराना पड़ा है। जर्मनी: 41.5 डिग्री तापमान- इतिहास में सबसे ज्यादा गर्मी पूर्वी जर्मनी के ड्रैविट्ज में शनिवार को तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह जर्मनी के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं, कुबशुट्स शहर में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। करीब 150 साल पहले रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह देश की सबसे गर्म रात रही। गर्मी इतनी भीषण है कि जर्मनी में कई हाइवे की सड़कें पिघलने और टूटने लगी हैं, जिससे उन्हें बंद करना पड़ा है। जर्मनी में कई स्पोर्ट्स इवेंट्स, म्यूजिक फेस्टिवल्स और कॉन्सर्ट्स को सुरक्षा के लिहाज से रद्द या स्थगित करना पड़ा है। डेनमार्क: ठंडे देश में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंचा जर्मनी का पड़ोसी डेनमार्क ठंडे देश के रूप में जाना जाता है। वहां भी इस बार ऐसी गर्मी पड़ी है जो इतिहास में कभी नहीं देखी गई। शनिवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। डेनमार्क में 1874 से रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ था। इसके बाद से यह सबसे अधिकतम तापमान है। इससे पहले अगस्त 1975 में सबसे ज्यादा 36.4°C गर्मी पड़ी थी। डेनमार्क की सड़कें पिघलने लगी हैं। इस वजह से वहां भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि सड़कों को उखड़ने से बचाया जा सके। गर्मी से बचने के लिए कोपेनहेगन के मशहूर अमागर बीच और देश के दूसरे तटीय इलाकों में लाखों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक उमड़ पड़े। लेकिन स्थिति यह थी कि ठंडे पानी में नहाने और गर्मी से बचने के लिए बीच पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। फ्रांस: इतिहास का सबसे गर्म दिन, तापमान 44.3 डिग्री पहुंचा फ्रांस के पिसोस शहर में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर औसत तापमान 30°C को पार कर गया, जो रिकॉर्ड में फ्रांस का सबसे गर्म दिन रहा। यहां रात का तापमान भी औसतन 22°C से नीचे नहीं गया। गर्मी से पटरियों के फैलने के कारण ट्रेनें रोकनी पड़ी हैं और बिजली ग्रिड ठप होने से 50,000 घर बिना बिजली के रह रहे हैं। फ्रांस में सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया। इटली: 18 शहरों में रेड अलर्ट, पो नदी में सूखे का खतरा इटली में गर्मी लगातार बढ़ रही है। सरकार ने रोम, मिलान, वेनिस, फ्लोरेंस और ट्यूरिन समेत 18 शहरों में सबसे ऊंचा रेड हीट अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी के कारण देश की सबसे लंबी पो नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। इस वजह से समुद्र का खारा पानी नदी में घुसने लगा है, जिससे खेती और पेयजल पर खतरा बढ़ गया है। सरकार ने कई इलाकों में लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने की सलाह दी गई है और कामकाज के समय में भी बदलाव किए गए हैं। चेक रिपब्लिक: 40 डिग्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हीटवेव ने चेक रिपब्लिक को भी नहीं बख्शा है। शनिवार को देश के डोक्सानी शहर में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले देश का राष्ट्रीय ऑल-टाइम रिकॉर्ड 40.4°C था, जो लगभग 14 साल पहले 20 अगस्त 2012 को डोब्रिचोवाइस शहर में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने पूरे देश के लिए उच्चतम स्तर का रेड अलर्ट जारी कर रखा है और लोगों को दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

स्विट्जरलैंड: जून का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड के बासेल शहर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह देश के इतिहास में जून महीने का सबसे अधिक तापमान है। भीषण गर्मी की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल ग्लेशियरों का बर्फ नुकसान रिकॉर्ड समय से पहले शुरू हो गया है। पोलैंड: 100 साल पुराना तापमान रिकॉर्ड टूटने की आशंका पोलैंड में भी रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान जताया है। अगर ऐसा हुआ तो 1921 में बना 40.2°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा। सरकार ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है और लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। कई शहरों में कूलिंग सेंटर खोले गए हैं। पुर्तगाल: 40 डिग्री के पार तापमान, जंगलों में आग का खतरा पुर्तगाल में भी तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। देश के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी है। भीषण गर्मी और सूखे के कारण जंगलों में आग का खतरा काफी बढ़ गया है। दमकल विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से जंगलों में आग जलाने या बारबेक्यू करने से बचने को कहा गया है। 40°C भारत में सामान्य क्यों है? यूरोप में आपदा कैसे बन जाता है? जब भारत में तापमान 43°C पहुंचता है, तो लोग इसे मई-जून की आम गर्मी मानकर सिर पर गमछा ओढ़ते हैं और आम पना पीते हुए काम पर निकल जाते हैं। लेकिन जब यही तापमान यूरोप में 40°C पार करता है, तो वहां रेड अलर्ट जारी हो जाता है, ट्रेनें रुक जाती हैं और इसे एक ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित कर दिया जाता है। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि ज्योग्राफी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंसानी शरीर की आदत का एक पूरा विज्ञान है। i. इन्फ्रास्ट्रक्चर का फर्क यूरोप: घर और इमारतें गर्मी को अंदर रोकने के लिए बनाए जाते हैं, ताकि सर्दियों में कम हीटिंग की जरूरत पड़े। जब वहां गर्मी पड़ती है, तो ये घर ‘ओवन’ (तंदूर) की तरह काम करने लगते हैं। गर्मी अंदर तो आ जाती है, पर बाहर नहीं निकल पाती। भारत: घर इस तरह बनाए जाते हैं कि हवा का क्रॉस-वेंटिलेशन हो सके। ऊंची छतें, संगमरमर या टाइल्स के फर्श और खुली खिड़कियां गर्मी को रोकने के बजाय उसे बाहर निकालने में मदद करती हैं। ii. इंसानी शरीर की आदत भारत: हमारे शरीर को बचपन से ही हाई टेम्परेचर झेलने की आदत होती है। भारत के लोगों का ‘थर्मोरेगुलेशन सिस्टम’ (शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता) अच्छा है। भारत के लोगों का शरीर ज्यादा गर्मी में पसीना बहाने लगता है जिससे शरीर को तुरंत ठंडा हो जाता है। यूरोप: यूरोप के लोगों का शरीर कम तापमान का आदी होता है। जब अचानक तापमान 40°C पहुंचता है, तो उनका शरीर इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर पाता। इससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और ऑर्गन फेलियर का खतरा बहुत तेजी से बढ़ता है। iii. ह्यूमिडिटी का फर्क गर्मी सिर्फ तापमान से नहीं, बल्कि हवा में मौजूद नमी से तय होती है। भारत में मई और जून की सूखी गर्मी में पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे शरीर का तापमान कम होने में मदद मिलती है। यूरोप में जब गर्मी पड़ती है, तो हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है। उमस के कारण शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। 40°C तापमान वहां महसूस 45°C या उससे ज्यादा जैसा होता है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में गर्मी से 58 लोगों की मौत:न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद करना पड़ा; हीटवेव की चपेट में 26 यूरोपीय देश, इटली-ब्रिटेन में रेड अलर्ट
फ्रांस में गर्मी के कारण 58 लोगों की मौत हो गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में नहाने जा रहे हैं। इसके चलते पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

El Nino Effect on Monsoon Rain: किसानों पर अल नीनो का प्रहार! इन इलाकों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात का खतरा

El-Nino Effect on Monsoon Rain: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के कारण बारिश का संकट गहराता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार तक देश में सामान्य से 43 से 50 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अगले महीने तक मानसून के पूरे देश में फैलने के बाद यह कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मानसून सीजन के अंत तक 10 फीसदी से अधिक बारिश की कमी रहने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अल नीनो (El Nino) का प्रभाव मानसून पर साफ दिखाई दे रहा है। आमतौर पर इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की सकारात्मक स्थिति अल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर देती है। लेकिन इस साल ऐसी स्थिति बनने की संभावना कम है। ऐसे में मानसून के कमजोर रहने का खतरा बढ़ गया है।

अल नीनो बढ़ा रहा किसानों की चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक, सकारात्मक IOD अच्छी बारिश की गारंटी नहीं देता। लेकिन यह अल नीनो से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। अतीत में कई अल नीनो वाले वर्षों में सकारात्मक IOD की वजह से सामान्य के करीब बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस बार ऐसी राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। यदि बारिश में कमी बनी रहती है तो इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। इसके अलावा कई राज्यों में गर्मी और उमस का दौर भी लंबा खिंच सकता है।

दिल्ली में गर्मी का रिकॉर्ड, ‘फील्स लाइक’ तापमान 51.3 डिग्री

बारिश की कमी का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिल्ली में अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण ‘फील्स लाइक’ (हीट इंडेक्स) तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक था। वहीं, दोपहर 2:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) 45 फीसदी दर्ज की गई। अधिक नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई।

मानसून की रफ्तार पर टिकी उम्मीदें

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो मौजूदा बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, फिलहाल मौसम के संकेत बताते हैं कि पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 27 जून के बीच देशभर में सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई में मानसून पूरे देश में सक्रिय होने के बाद यह कमी कुछ कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) के अंत तक 10 प्रतिशत से अधिक वर्षा घाटा रह सकता है।

क्या है इंडियन ओशन डाइपोल (IOD)?

इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ (Neutral) रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

अल नीनो क्यों बढ़ा रहा चिंता?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे भारतीय मानसून कमजोर पड़ता है। पिछले कई सालों में जब भी अल नीनो सक्रिय रहा और IOD सकारात्मक नहीं रहा, तब देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। IMD ने भी कहा है कि इस बार अल नीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका अधिक है।

कई राज्यों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी

बारिश के आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में हालात चिंताजनक हैं।

  • बिहार में करीब 82% बारिश की कमी दर्ज की गई।
  • गुजरात में लगभग 68% वर्षा घाटा रहा।
  • छत्तीसगढ़ में 68% कम बारिश हुई।
  • झारखंड में 66% कम बारिश हुई।
  • उत्तर प्रदेश में 65% कम बारिश हुई है।
  • ओडिशा में 63% और मध्य प्रदेश में भी सामान्य से काफी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
  • इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी 30 प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी दर्ज हुई है।

कृषि और जल संकट बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। जलाशयों का जलस्तर घटने, पेयजल संकट बढ़ने और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न उत्पादन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

आगे क्या कहता है मौसम विभाग?

IMD का कहना है कि जुलाई में मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने के बाद बारिश की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम के वैश्विक संकेत बताते हैं कि इस बार अल नीनो का असर पूरे मानसून सीजन पर बना रह सकता है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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India Weather Today: IMD ने बिहार समेत इन 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज बिहार, झारखंड, केरल और असम समेत देश के करीब 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और यूपी-उत्तराखंड में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है। वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में आज भी भीषण गर्मी और लू का कहर देखने को मिलेगा।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अनुमान जताया है। असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और कुछ अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के मुताबिक, कुछ राज्यों में आज मानसून की सक्रियता बहुत अधिक रहेगी, जिससे वहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

टदेश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले राज्य निम्नलिखित हैं:-

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, ओड़िशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश हो सकती है। मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली से यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र, ओड़िशा, कोंकण व गोवा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है।

30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी बिजली चमकने के साथ आंधी आ सकती है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में लू का प्रकोप

बारिश के इस मौसम के बीच उत्तर भारत के कुछ राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। यूपी में आज मौसम का सबसे कड़ा रूप दिखेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ पॉकेट्स में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली) और बिहार के अलग-अलग इलाकों में आज लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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Pakistan: कराची में बड़ा हमला, PAK रेंजर्स हेडक्वार्टर के पास ब्लास्ट, धमाकों के बाद हुई फायरिंग

पाकिस्तान के कराची में आत्मघाती हमले की खबर सामने आई है। कराची शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित रेंजर्स कराची के ऑफिस पर फिदायनी हमला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले ऑफिस के गेट पर धमाका किया, जिसके बाद पूरे इलाके में गोलीबारी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया।

अधिकारियों ने घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कराची के पूर्वी हिस्से की एक प्रमुख सड़क पर धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई थीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

कराची में धमाके और गोलीबारी की आवाज से मचा हड़कंप

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में यूनिवर्सिटी रोड स्थित मेटियोरोलॉजिकल चौराहे के पास लोगों ने पहले तेज धमाके की आवाज सुनी, जिसके बाद लगातार गोलीबारी होने की सूचना मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना ऐसे इलाके में हुई, जहां कई विश्वविद्यालय, पाकिस्तान मौसम विभाग का कार्यालय और पाकिस्तान रेंजर्स के दफ्तर मौजूद हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बचाव दल और सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। वहीं, स्थानीय मीडिया के अनुसार, इलाके में बीच-बीच में गोलीबारी की आवाजें भी सुनाई देती रहीं। फिलहाल धमाके की वजह, किसी के हताहत होने या इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इमरजेंसी सेवा रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को गुलिस्तान-ए-जौहर के ब्लॉक-5 के पास धमाके की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ने तुरंत बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया।

कल का मौसम 28 जून: IMD ने इन 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी बिहार तक ऐसा मौसम

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए देश के करीब 25 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का बड़ा अलर्ट जारी किया है. एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है, वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का प्रकोप बना रहेगा.

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं.

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग ने 28 जून को देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:

  • * असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है.
  • * उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इस क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अलग-अलग पॉकेट्स में अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है.
  • * अरुणाचल प्रदेश और केरल-माहे: इन क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है.

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:

  • * पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट है.
  • * मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और कोंकण व गोवा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
  • * दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.

आंधी-तूफान और थंडरस्कॉल: दिल्ली-NCR से राजस्थान-यूपी तक अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है:

* अंडमान और निकोबार में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है.

* 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली कड़कने की संभावना है.

* 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है.

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में लू का कहर

जहां एक तरफ मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को अभी भीषण गर्मी झेलनी होगी:

* उत्तर प्रदेश: यूपी में अभी राहत नहीं है. पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बने रहने की गंभीर चेतावनी दी गई है.

* दिल्ली और बिहार: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग पॉकेट्स में 28 जून को लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है.

हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून के बाद पूर्वी भारत में तापमान में 2-4°C की गिरावट आएगी, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 30 जून के बाद तापमान 4-6°C तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.

समुद्र में जाने से बचें: मछुआरों के लिए रेड वार्निंग

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति रहने वाली है, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है:

* अरब सागर: सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके अलावा दक्षिण कोंकण, गोवा, कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

* बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.

Monsoon 2026: मानसून आ गया फिर भी दिल्ली-NCR में क्यों नहीं रही बारिश? मौसम विभाग ने बताई वजह

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के उत्तर और मध्य भारत के कई अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो आमतौर पर जून के आखिर में देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मानसून पहुंच चुका है, तो फिर बारिश क्यों नहीं हो रही?

दरअसल, मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना और वहां लगातार बारिश होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अच्छी बारिश तभी होती है, जब बारिश कराने वाली मौसम प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। फिलहाल यही सिस्टम कई इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, इसलिए मानसून आने के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है।

मानसून के किसी इलाके में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां तुरंत तेज बारिश शुरू हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कई मौसम संबंधी कारणों पर निर्भर करती है। इनमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी और बड़े इलाके में लगातार बारिश जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि किसी राज्य के हर जिले में एक साथ बारिश हो। कई बार मानसून राज्य में पहुंच जाता है, लेकिन कई शहरों में कुछ दिनों तक गर्मी, उमस और सूखा मौसम बना रहता है।

हाल ही में जारी INSAT-3DS उपग्रह की तस्वीरों में भी यही स्थिति दिखाई दी है। मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल नजर आ रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी आसमान काफी हद तक साफ दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में अभी तक अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में व्यापक बारिश नहीं होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) नहीं बनना है। यही सिस्टम मानसून को मजबूत करता है और समुद्र से नमी लेकर देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाता है। इसके कारण मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश होती है।

जब ऐसा सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने की बजाय केवल कुछ जगहों पर आंधी, गरज-चमक और हल्की या छिटपुट बारिश होती है। यानी, मानसून उत्तर भारत तक पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी और व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

जुलाई में फिर जोर पकड़ सकता है मानसून

मौसम के अनुमान बताते हैं कि जुलाई की शुरुआत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सूखा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। उम्मीद है कि यह अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद मानसून को मजबूती मिलेगी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।

इसके अलावा, मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी भारत के ऊपर बनने वाले एक विशेष मौसम तंत्र पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सक्रिय होता है, तो महाराष्ट्र, गुजरात और आसपास के राज्यों में अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, लेकिन IMD का बड़ा अपडेट- अगले 5 दिनों में बारिश और आंधी का दौर तेज

Delhi Weather Today: दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 27 जून है, लेकिन इसके इस तारीख तक न पहुंचने की संभावना है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि बारिश आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में कब दस्तक देगी। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, शुक्रवार को दिल्ली में गर्मी और उमस भरा मौसम बना रहा। दोपहर 2:30 बजे शहर का हीट इंडेक्स, या “महसूस होने वाला” तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया। वहीं, अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बता दें कि पिछले साल दिल्ली में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी, जबकि साल 2024 में यह 28 जून को पहुंचा था।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। यह मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा। इस दौरान दिल्ली में भी बारिश होने की उम्मीद है।

अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली का मौसम का पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों में दिल्ली में रुक-रुक कर आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना जताई है:

27 जून को शहर में अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने की उम्मीद है। वहीं, बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है, लेकिन मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

28 जून को अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान लगभग 27°C रहने की उम्मीद है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और आंधी-तूफान व बिजली कड़कने की संभावना है।

29 जून को तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है; दिन का तापमान 38°C और रात का तापमान 26°C रहने की संभावना है। बारिश के साथ आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

30 जून को भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है, जिसमें अधिकतम तापमान 38°C, न्यूनतम तापमान 26°C और बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।

1 जुलाई तक अधिकतम तापमान और गिरकर 36°C तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रह सकता है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा।

इस बीच, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में इस जून में अब तक 41.8mm बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस महीने में सामान्य बारिश 74.1mm होती है।

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Monsoon Tracker: दिल्ली में फिर लेट होगा मानसून, IMD ने बताया कब होगी बारिश की एंट्री

देशभर में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली में भी तय समय पर नहीं पहुंच पाएगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री अगले हफ्ते होने की संभावना है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून के आसपास पहुंच जाता है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हाल ही में 1961 से 2019 के औसत आंकड़ों के आधार पर मानसून के पहुंचने की तारीखों में बदलाव किया है।

मौसम विभाग का कहना है कि भले ही मानसून केरल में समय पर पहुंच जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों तक पहुंचने में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है। इसी वजह से दिल्ली समेत कई इलाकों में मानसून की दस्तक देर से होने की संभावना जताई गई है।

अभी कई राज्यों को करना होगा इंतजार

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून 26 जून तक चंडीगढ़, 27 जून तक दिल्ली, 28 जून तक जम्मू, 1 जुलाई तक जयपुर और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन इस साल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में यह अभी भी सामान्य समय से पीछे चल रहा है। शुक्रवार तक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंची थी। अभी यह उत्तर प्रदेश में नहीं पहुंचा है, जहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कमजोर मानसून के कारण जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने दिया नया अपडेट

आईएमडी के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं 2 जुलाई के बाद इसके धीरे-धीरे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मानसून में देरी के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में लू चल रही है। प्रयागराज में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।

दिल्ली में भी दिन और रात दोनों समय गर्मी बनी हुई है। दिन का तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाओं और हल्की आंधी से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अल नीनो का असर बढ़ा

मौसम वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति बन चुकी है। इसका असर इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है। आईएमडी के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से मौसम में बदलाव हो रहा है। अनुमान है कि जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून के दौरान अल नीनो का प्रभाव और मजबूत हो सकता है। आईएमडी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। ऐसे में कई राज्यों में मानसून कमजोर रहने की आशंका बनी हुई है।