Delhi Weather Today: दिल्ली में आज मौसम रहेगा सुहाना, शाम को आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार, 40°C से नीचे जाएगा पारा

Delhi Weather Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार, 25 जून को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय आंधी-तूफान आने की संभावना है। बता दें कि यह स्थिति बुधवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने के बाद बनी है, जिसके कारण IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में आंधी-तूफान व बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

हालांकि इस क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है, लेकिन शहर अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार कर रहा है, जिसके आने में सामान्य समय से देरी हुई है। वहीं, जून महीने में अब तक दिल्ली में 39.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 48.3 मिमी बारिश होती है। है। यानी इस बार अब तक लगभग 18% कम बारिश हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि मानसून में देरी की वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर अनुकूल कम दबाव वाले सिस्टम का न बनना है, जो आमतौर पर नमी वाली हवाओं को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर धकेलने में मदद करता है।

हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित हो सकता है। इसके बनने से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और जुलाई के पहले सप्ताह में इसके दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

गरज वाले बादल, तापमान सामान्य

गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है, जिससे हाल के दिनों की तुलना में सुबह का मौसम काफी सुहावना रहेगा।

IMD ने दिन में बाद में गरज के साथ बादल बनने की संभावना जताई है, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर हवाओं की रफ्तार सामान्य रूप से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

बुधवार की गर्मी और हवा की गुणवत्ता

यह अनुमान बुधवार के बाद आया है, जब दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा था। वहीं, ज्यादा नमी के कारण हीट इंडेक्स यानी “महसूस होने वाला तापमान” 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था।

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ (संतोषजनक) श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया।

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कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का तांडव, 24 घंटे में 340 मिमी बारिश, सड़कें डूबीं, ट्रेनें प्रभावित, IMD ने जारी की चेतावनी

मुंबई में मानसून के आगमन के एक दिन बाद हुई भारी बारिश ने बुधवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 300 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।

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बारिश के बीच किंग्स सर्कल स्थित गांधी मार्केट के जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचीं मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के सामने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का एक सुपरवाइजर खुले नाले में गिर गया। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में जलनिकासी के लिए लगाए गए डी-वॉटरिंग पंप, स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन और बाढ़ नियंत्रण प्रणालियां लगातार काम कर रही हैं, जिससे कई इलाकों में पानी तेजी से निकाला जा सका। 

 

हालांकि कुछ एक्सपर्ट्‍स और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि कई नालों की सफाई पर्याप्त रूप से नहीं की गई, जिसके कारण कई क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। उन्होंने नालों की नियमित सफाई और ठोस कचरे को हटाने पर जोर दिया।

 

बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोलाबा में 24 घंटे में हुई 248 मिमी बारिश जून महीने की कुल औसत मौसमी वर्षा (542 मिमी) का करीब 45 प्रतिशत है।  सांताक्रूज में दर्ज 225 मिमी बारिश जून की औसत मौसमी वर्षा (537 मिमी) का लगभग 42 प्रतिशत रही। हालांकि उसे तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई गंभीर चोट नहीं आई।

 

बीएमसी के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में कोलाबा मौसम केंद्र में 248 मिमी और सांताक्रूज केंद्र में 225 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी उपनगर मालवणी में 340 मिमी और मध्य मुंबई के परेल में 334 मिमी बारिश हुई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही।

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दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार को मुंबई पहुंचा, जो सामान्य तिथि से 13 दिन देरी से आया है। मानसून के पहुंचते ही तेज बारिश ने शहर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। अंधेरी सबवे, हिंदमाता और किंग्स सर्कल जैसे इलाकों में जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई प्रमुख सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

 

उपनगरीय रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर ट्रेन सेवाएं रोकने की निर्धारित सीमा से नीचे रहा।

 

सुबह के व्यस्त समय में यात्रियों को लोकल ट्रेनों में देरी और भारी भीड़ का सामना करना पड़ा। खासकर सेंट्रल रेलवे के मार्गों पर परेशानी अधिक देखने को मिली।

 

अत्यधिक जलप्रवाह के कारण तुर्भे और कोपरखैराणे स्टेशनों के बीच ट्रैक धंसने से सेंट्रल रेलवे की ट्रांस-हार्बर लाइन पर ठाणे-वाशी/पनवेल मार्ग की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुबह 5.06 बजे अप लाइन और 5.50 बजे डाउन लाइन को असुरक्षित घोषित किया गया था। बाद में मरम्मत के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं।  बीईएसटी (BEST) के प्रवक्ता के मुताबिक भारी बारिश और जलभराव के कारण 24 से अधिक बस मार्गों को डायवर्ट करना पड़ा।

 

बीएमसी ने बताया कि सुबह 8.28 बजे 3.41 मीटर की ऊंची ज्वार (हाई टाइड) दर्ज की गई, जबकि शाम 7.41 बजे 3.35 मीटर की एक और हाई टाइड आने की संभावना है। आमतौर पर भारी बारिश और हाई टाइड का संयोजन मुंबई में जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना देता है।  Edited by : Sudhir Sharma

Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में भारी बारिश, कई राज्यों में अलर्ट, जानें देशभर का मौसम

Meteorological Department has issued warning for heavy rain and strong winds in several states

Weather Update News : देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है। मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है।

 

19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी

देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है।

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मुंबई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

यहां एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश

महाराष्ट्र का 'चेरापूंजी' कहे जाने वाले सतारा के पाथरपुंज में एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सबसे अधिक है। इस भारी बारिश के बाद पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र “Ozarde Waterfall” भी अपनी पूरी रौनक के साथ बहने लगा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पूर्वी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ व झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

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आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, असम, मेघालय और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

 

कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन, कांगड़ा, मंडी, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, हमीरपुर और बिलासपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। मध्य प्रदेश के भोपाल, धार, विदिशा, कटनी, होशंगाबाद, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, मंदसौर, अशोक नगर, होशंगाबाद, आगर-मालवा और विदिशा में बारिश और तूफान का यलो अलर्ट है। दिल्ली में आज भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। 

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भारी बारिश और तूफान की चेतावनी 

झारखंड के रांची, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, दुमका, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पलामू और सरायकेला में आज भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बीकानेर, अजमेर, सीकर, पाली और उदयपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु में अगले 2 दिनों के दौरान कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।
Edited By : Chetan Gour

El Nino update: 40% कम बारिश और अल नीनो का डबल अटैक! 11 साल पुराना रिकॉर्ड टूटेगा क्या? समझिए खेती पर असर कितना

भारत इस साल मौसम की बड़ी चुनौती का सामना करने जा रहा है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और यह साल के अंत तक बनी रह सकती है। इस बार अलनीनो के प्रभाव के चलते सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में इस बार ज्यादा पानी चाहने वाली फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है. पानी की कमी से उत्पादन पर भी काफी असर पड़ सकता है। ऐसे में देश में सूखे जैसे हालात भी बन सकते हैं। वहीं मंगलवार को कृषि आयुक्त पी.के. सिंह ने कहा कि भारत ने मानसून में देरी या संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली है। इसके तहत जिला स्तर पर विशेष आपातकालीन योजनाएं बनाई गई हैं और देश में पर्याप्त मात्रा में अनाज का भंडार भी मौजूद है।

फलसों पर क्या पड़ेगा असर?

फसलों पर मानसून के असर को लेकर पी.के. सिंह ने बताया कि मौसम विभाग से मिले आंकड़ों और पूर्वानुमानों के आधार पर हर जिले के लिए अलग-अलग आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य कम बारिश या सूखे जैसी परिस्थितियों में किसानों और खेती को नुकसान से बचाना है। उन्होंने कहा कि जहां और जब बारिश की स्थिति के अनुसार जरूरत महसूस होगी, वहां इन योजनाओं को तुरंत लागू किया जाएगा। सरकार लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर समय रहते जरूरी कदम उठाएगी।

कृषि आयुक्त पी.के. सिंह ने बताया कि मौजूदा मौसम की स्थिति काफी हद तक वर्ष 2015 के अल नीनो जैसी दिखाई दे रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश के सिंचाई ढांचे में काफी सुधार हुआ है, जिससे अब हालात पहले की तुलना में बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी कर रखी है। देश में अनाज का भंडार सुरक्षित और मजबूत स्थिति में है। खासकर चावल और गेहूं का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है।

पी.के. सिंह ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी कारण से किसी खाद्यान्न की कमी होती है, तो सरकार उसे पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। जरूरत पड़ने पर विदेशों से आयात भी किया जाएगा, ताकि आम लोगों पर किसी तरह का असर न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसानों के हितों के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

40% कम बारिश और अल नीनो का डबल अटैक!

कृषि आयुक्त पी.के. सिंह ने कहा कि जब मानसून में देरी होती है या सूखे जैसी स्थिति बनती है, तो किसान आमतौर पर दालों की खेती की ओर रुख करते हैं। इसकी वजह यह है कि दालों की फसलों को कम पानी की जरूरत होती है और ये कम समय में तैयार हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में किसान उन फसलों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी खेती कम लागत और कम पानी में हो सकती है। इससे मौसम की अनिश्चितता का असर खेती पर कुछ हद तक कम हो जाता है। पी.के. सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में बारिश सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद किसानों का दालों जैसी कम पानी वाली फसलों की ओर बढ़ता रुझान एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि फसल उत्पादन पर ज्यादा असर न पड़े।

मुंबई पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि 23 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने और रफ्तार पकड़ी और कई नए इलाकों तक पहुंच गया। इसके तहत मध्य अरब सागर के बाकी हिस्से, महाराष्ट्र के कुछ और क्षेत्र, जिनमें मुंबई भी शामिल है, तेलंगाना और ओडिशा के शेष भाग तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के उत्तर अरब सागर और गुजरात के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और क्षेत्रों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी कहा है कि अगले 3 से 4 दिनों में झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी मानसून पहुंच सकता है।

यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में:फ्रांस में सबसे गर्म रात, न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद करना पड़ा; पब्लिक में शराब पीने पर रोक लगी

यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि प्लांट को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया। फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है। ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा। स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती। जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई। बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं। इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं। क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता। इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं। यूरोप में केवल 20% घरों में AC वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक बार, लंबे समय तक और अधिक तीव्र रूप में देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के अधिकांश घरों में एयर कंडीशनर (AC) नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी से बचने में ज्यादा कठिनाई हो रही है। यूरोप में केवल करीब 20% घरों में AC हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा लगभग 90% है। ऐसे में लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी का असर लोगों की सेहत पर ज्यादा पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है।

Monsoon 2026: मौसम विभाग ने बताया किन 5 बड़े कारण से थमी मानसून की रफ्तार, क्या किसानों के लिए है ये चिंता की बात?

Monsoon 2026: इस साल मानसून की शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 22 जून तक देश में सामान्य से करीब 43% कम बारिश हुई है। मानसून फिलहाल दक्षिण महाराष्ट्र के आसपास अटका हुआ है। इसका असर मध्य भारत, पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में दिख रहा है, जहां बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है।

यह स्थिति किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का यही सबसे अहम समय होता है। अगर बारिश में ज्यादा देरी होती है, तो खेती और पानी की उपलब्धता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

कितनी कम हुई है बारिश?

IMD के मुताबिक, 20 जून तक देश में सिर्फ 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस समय तक सामान्य तौर पर 84.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी बारिश करीब 46% कम रही। 22 जून तक यह कमी थोड़ी घटकर 43% पर पहुंची।

यह तुलना लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) से की जाती है। आसान भाषा में कहें तो यह कई दशकों की औसत बारिश का आंकड़ा होता है।

आखिर मानसून आगे क्यों नहीं बढ़ रहा?

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून के लिए जरूरी सही हालात नहीं बन रहे हैं। इसी वजह से मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। IMD ने इसके पीछे पांच बड़ी वजहें बताई हैं।

1. अरब सागर से नमी कम आ रही है

मानसून को आगे बढ़ाने में अरब सागर की बड़ी भूमिका होती है। यहां से आने वाली नम हवाएं देश के अलग-अलग हिस्सों तक पानी पहुंचाती हैं और बारिश कराती हैं।

लेकिन इस समय अरब सागर से वैसी मजबूत नम हवाएं नहीं आ रही हैं। नतीजा यह है कि बादल कम बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।

2. मानसूनी हवाएं कमजोर हो गई हैं

मौसम विभाग के मुताबिक, अरब सागर के ऊपर चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं की ताकत कम हो गई है।

इसी वजह से महाराष्ट्र और उसके आसपास के अंदरूनी इलाकों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच रही। जब नमी कम पहुंचेगी तो बादल भी कम बनेंगे और बारिश भी कम होगी।

3. हिंद महासागर से भी कम मिल रही मदद

मानसून को नमी पहुंचाने में हिंद महासागर की भी अहम भूमिका होती है। भूमध्य रेखा पार करके आने वाली हवाएं काफी मात्रा में नमी लेकर आती हैं।

लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में ये हवाएं भी कमजोर पड़ गई हैं। इसका असर पूरे देश की मानसूनी गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है।

4. बारिश कराने वाले बड़े सिस्टम नहीं बन रहे

आमतौर पर कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचरण और दूसरे मौसमीय सिस्टम बनते हैं, जो मानसून को आगे बढ़ाने और अच्छी बारिश कराने में मदद करते हैं।

लेकिन फिलहाल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं बना है। यही वजह है कि मानसून की चाल थम सी गई है।

5. MJO भी कमजोर पड़ गया है

मेडन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) नाम का एक मौसमीय सिस्टम भी बारिश को प्रभावित करता है। जब यह सक्रिय रहता है तो दक्षिण भारत के ऊपर ज्यादा बादल बनते हैं और बाद में ये बादल मानसूनी हवाओं के साथ उत्तर भारत की तरफ बढ़ते हैं।

लेकिन फिलहाल MJO कमजोर स्थिति में है। इसका असर भी बारिश पर पड़ रहा है।

क्या अल नीनो भी बारिश कम कर रहा है?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका असर भी दिख रहा है। IMD ने कहा है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है।

अल नीनो के दौरान समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इतिहास बताता है कि ऐसे समय भारत में मानसून अक्सर कमजोर पड़ जाता है। इसी वजह से बारिश कम होने की आशंका बढ़ जाती है।

IOD से भी नहीं मिल रही मदद

भारतीय महासागर द्विध्रुव यानी IOD फिलहाल तटस्थ स्थिति में है। इसका मतलब है कि यह न तो मानसून को मजबूत कर रहा है और न ही उसे कमजोर कर रहा है।

कई बार सकारात्मक IOD, अल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार फिलहाल ऐसी कोई मदद नहीं मिल रही है।

किसानों की क्यों बढ़ रही परेशानी?

मानसून का रुकना ऐसे समय हुआ है, जब किसान धान, सोयाबीन, कपास, मक्का जैसी खरीफ फसलों की बुआई कर रहे हैं। इन फसलों को शुरुआती दौर में अच्छी बारिश की जरूरत होती है।

अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं बढ़ती, तो बुआई प्रभावित हो सकती है। जलाशयों में पानी कम जमा होगा और आगे चलकर सिंचाई पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि किसान, मौसम वैज्ञानिक और सरकार सभी आने वाले हफ्तों की बारिश पर नजर बनाए हुए हैं।

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

India Weather Update 24 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा समेत देश के 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसके साथ ही बिहार समेत देश के 16 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वेदर मैप में भी देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम-

इन 9 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने कल 24 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है-

भारी से बहुत भारी बारिश:

तटीय कर्नाटक

कोंकण और गोवा

(इन दोनों क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।)

भारी बारिश: असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, गुजरात और कोंकण से सटे हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार समेत इन 16 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

24 जून को देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने हवा की रफ्तार के आधार पर अलर्ट को दो श्रेणियों में बांटा है-

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं और आंधी

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • कोंकण और गोवा
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल और माहे
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं

राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल तेज आंधी के बिना सिर्फ लाइटनिंग की संभावना जताई गई है।

बिहार, विदर्भ और पूर्वी यूपी में अभी भी लू का प्रकोप

भले ही मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 24 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड के कुछ हिस्सों में कल रात का मौसम काफी गर्म और असहज रहने वाला है।

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समुद्र में मौसम खराब: मछुआरों को न जाने की सलाह

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे से लेकर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कोंकण-गोवा और कर्नाटक तट से सटे समुद्र में 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। मन्नार की खाड़ी, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों पर 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। यहां भी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।

मानसून का अगला पड़ाव: यूपी-गुजरात की तरफ कदम

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के बचे हिस्सों और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ जाएगा। इसके ठीक बाद के 3-4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार-झारखंड के बाकी इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।

Delhi Weather: दिल्ली में अचानक आई धूल भरी आंधी, 40 Kmph की रफ्तार से चली हवा, रेड अलर्ट जारी

Delhi Weather Today: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में मंगलवार (23 जून) की दोपहर में अचनाक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी चली। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए बताया कि दिल्ली में करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

दिन में दिखा रात सा नजारा 

बता दें कि, दिल्ली और आसपास के इलाकों में अचानक आई धूल भरी आंधी के कारण दिन में ही रात सा माहौल हो गया। धूल भरी आंधी से पूरा आसमान ढक गया। तेज हवाओं ने सड़क पर चल रहे राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी। बता दें कि मंगलवार की सुबह IMD ने बताया था कि , दिल्ली में दिन में कहीं-कहीं आंधी-तूफान की गतिविधि हो सकती है। तेज हवाओं से पिछले कुछ दिनों से बनी उमस भरी स्थिति से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि, भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही 23 जून 2026 को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की संभावना जताई थी। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय आंधी-तूफान की स्थिति बनने का अनुमान लगाया था साथ ही 40  किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जो दिन में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

उधर मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली का एक्यूआइ 145 दर्ज किया गया। इसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है। एनसीआर के शहरों में भी हवा संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में चल रही है। वहीं अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रहने की उम्मीद है।

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