GIFT Nifty बाजार के फ्लैट खुलने के दे रहा संकेत, ग्लोबल बाजार में मिला-जुला ट्रेड, क्रूड की कीमतों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को फ्लैट खुल सकते हैं, जिसे GIFT Nifty से पॉजिटिव संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और चल रही US-ईरान शांति बातचीत को लेकर बेहतर सेंटीमेंट से सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी और US फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं के बावजूद भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में बढ़त की संभावना है, जो रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाल रही है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.22 बजे 23,820.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो 1.50 पॉइंट्स या 0.01 परसेंट नीचे था, जो मंगलवार की तेज सेल-ऑफ के बाद घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत है।

यह संकेत 23 जून को भारतीय बाज़ारों में लगभग दो हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद आया है। सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ। कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता ने सेंटिमेंट पर असर डाला, जबकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश कम करना जारी रखा।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले रहे

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के एक और दौर से वॉल स्ट्रीट रात भर तेज़ी से नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.21 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 1.44 प्रतिशत गिरकर एक हफ़्ते से ज़्यादा के निचले स्तर पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज काफ़ी मज़बूत था, जो सिर्फ़ 0.09 प्रतिशत गिरा।

इन्वेस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते डेट-फंडेड खर्च और इस बात की संभावना को लेकर चिंतित थे कि US फेडरल रिजर्व इस साल के आखिर में और सख्त रुख अपना सकता है। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा क्योंकि इन्वेस्टर्स ने महीनों की अच्छी बढ़त के बाद वैल्यूएशन का फिर से आकलन किया।

हालांकि, बुधवार को एशियाई मार्केट्स में स्थिरता के संकेत दिखे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार की 10 परसेंट की तेज गिरावट के बाद 2.2 परसेंट उछला। जापान का निक्केई बढ़त और गिरावट के बीच ऊपर-नीचे होता रहा और आखिरी बार थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात सामने आई। ब्रेंट क्रूड $76.7 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि US क्रूड $73 प्रति बैरल से नीचे था। दोनों बेंचमार्क अब चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि US-ईरान बातचीत में प्रगति और होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए टैंकर ट्रैफिक फिर से शुरू होने से सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ गिरावट भारतीय इक्विटीज़ के लिए सबसे मज़बूत सपोर्ट में से एक बनकर उभरी है।

निफ्टी के लिए 24,000 पर सबसे बड़ी रुकावट 

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, घरेलू मार्केट ग्लोबल इक्विटीज़ में कमज़ोरी के मुकाबले पॉज़िटिव जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को बैलेंस कर रहा है। उन्होंने कहा, “US-ईरान शांति बातचीत में प्रोग्रेस से सुधर रहे सेंटिमेंट को ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमज़ोरी और US फेडरल रिज़र्व के ज़्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं से बैलेंस किया जा रहा है।” US-ईरान शांति बातचीत में लगातार प्रोग्रेस हो रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि जब तक कोई फॉर्मल एग्रीमेंट फाइनल और लागू नहीं हो जाता, तब तक इन्वेस्टर्स के सावधान रहने की संभावना है।

ग्लोबल डेवलपमेंट के अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स मॉनसून की प्रोग्रेस पर भी करीब से नज़र रख रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की कमी ने एग्रीकल्चरल आउटपुट, फ़ूड इन्फ्लेशन और रूरल डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले हफ़्तों में मॉनसून ट्रेंड्स मार्केट के लिए एक ज़रूरी वेरिएबल बन गए हैं।

मंगलवार के तेज़ करेक्शन के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 23 जून को मार्जिनल नेट बायर्स बने, उन्होंने 17 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि 24,000 के निशान से नीचे जाने के बाद निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। अभी सबसे बड़ी रुकावट 24,000 पर है, और इस लेवल से ऊपर लगातार बढ़ने से बुलिश मोमेंटम फिर से आ सकता है और 24,100-24,200 ज़ोन की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 23,800 एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक नया सेलिंग प्रेशर पैदा कर सकता है और इंडेक्स को 23,600 के लेवल पर ले जा सकता है।

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Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों और US मार्केट में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की वजह से हुई बिकवाली को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को फ्लैट खुलने की संभावना है।

गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे jरहा है।गिफ्ट निफ्टी 23,871.00 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 60.50 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

मंगलवार को, भारतीय स्टॉक मार्केट में अलग-अलग सेगमेंट में बिकवाली की नई लहर के बीच गिरावट आई, जिसमें दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज़्यादा गिर गए।सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 278.80 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Asian Market Today: गिफ्ट निफ्टी में फ्लैट कारोबार कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। एशिया में KOSPI में कल की तेज गिरावट के बाद आज रिकवरी का मूड देखने को मिला। वहीं अमेरिका में डाओ जोंस में भी निचले स्तरों से 350 प्वाइंट की रिकवरी आई। लेकिन चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। नैस्डैक कल भी 2% से ज्यादा फिसला है।

एशियाई बाज़ार

टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के बीच बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.52% और टॉपिक्स 0.41% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक दिन पहले 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा, जबकि कोसडैक 1.49% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी 23,874 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 21 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट और US फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये को लेकर चिंताओं के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 47.22 पॉइंट्स या 0.09% गिरकर 51,665.49 पर आ गया, जबकि S&P 500 107.32 पॉइंट्स या 1.44% गिरकर 7,365.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 579.56 पॉइंट्स या 2.21% गिरकर 25,587.04 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 4.15% गिरी, AMD के शेयर 5.76% फिसले, इंटेल के शेयर 6.14% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 13.18% टूटे, मार्वेल टेक्नोलॉजी 9.36% गिरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.80% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.91% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 5.79% गिरी और स्पेसएक्स के शेयर 0.98% बढ़े।

बैंक ऑफ जापान

जून में हुई पॉलिसी मीटिंग में हुई राय की समरी से पता चला कि बैंक ऑफ़ जापान के कुछ बोर्ड मेंबर्स ने सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रेट को इकॉनमी के लिए न्यूट्रल माने जाने वाले लेवल के करीब लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और बढ़ोतरी की मांग की।

जापान का सर्विसेज़ PPI

जापान का सर्विसेज़ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स मई में एक साल पहले के मुकाबले 3.3% बढ़ा। इंडेक्स में सालाना बढ़ोतरी, जो कंपनियों द्वारा सर्विसेज़ के लिए एक-दूसरे से ली जाने वाली कीमत को ट्रैक करता है, अप्रैल में रिवाइज्ड 3.3% बढ़त के बाद हुई।

क्रूड ऑयल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही क्योंकि ज़्यादा टैंकर खुलेआम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99% गिरकर $76.32 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.05% गिरकर $72.44 पर आ गया।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.8% गिरकर $4,083.77 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर $60.86 पर आ गईं।

डॉलर

US डॉलर एक साल से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स, जो कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, मई 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल 101.42 पर पहुंचने के बाद 0.38% बढ़कर 101.39 पर पहुंच गया। यूरो 0.41% गिरकर $1.138 पर आ गया, जबकि स्टर्लिंग 0.45% कमजोर होकर $1.3187 पर आ गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.01% मजबूत होकर 161.55 पर पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का छापा, SEBI के आरोपों के बाद लिया है एक्शन

देश की प्रमुख गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्टर कंपनी Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई सुबह शुरू हुई और रिपोर्ट लिखे जाने तक जारी थी। ED की टीमें कंपनी और उससे जुड़े कई परिसरों में दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही थीं।

SEBI की रिपोर्ट के बाद बढ़ी जांच

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स, इसके चेयरमैन राजेश मेहता और कुछ संबंधित संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था।

SEBI ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने फंड के लेन-देन को छिपाने के लिए कई संबंधित संस्थाओं के बीच जटिल ट्रांजैक्शन किए। रेगुलेटर का कहना है कि इन लेन-देन को इस तरह अंजाम दिया गया कि पैसों के असली शुरुआत और अंत को पहचानना मुश्किल हो जाए।

प्रमोटर के खाते से पैसे घुमाने का आरोप

SEBI का आरोप है कि Rajesh Exports ने कंपनी का पैसा प्रमोटर राजेश मेहता के निजी बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किया। लेकिन कंपनी यह नहीं बता पाई कि ऐसा क्यों किया गया। नियामक के मुताबिक, कंपनी कोई लोन एग्रीमेंट, बोर्ड की मंजूरी या अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जो इस काम को सही ठहरा सकें।

SEBI ने कहा कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि फंड को उसके मूल स्रोत का खुलासा किए बिना आगे भेजा गया था। रेगुलेटर के मुताबिक, यह पहली नजर में फंड ट्रेल छिपाने और लेयरिंग करने की कोशिश लगती है। आदेश के मुताबिक, अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने राजेश मेहता को ₹338.90 करोड़ ट्रांसफर किए। इसी अवधि में कंपनी को उनके खाते से ₹232.44 करोड़ वापस मिले।

₹15.15 लाख करोड़ की गलत रिपोर्टिंग

SEBI की अंतरिम रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप कंपनी के वित्तीय बयानों से जुड़ा है। रेगुलेटर का आरोप है कि कंपनी ने बार-बार एक जैसे सर्कुलर ट्रांजैक्शन दर्ज करके अपने खातों में करीब ₹15.15 लाख करोड़ की कथित गलत रिपोर्टिंग की।

SEBI के मुताबिक, एक ही लेन-देन को कई संस्थाओं के जरिए बार-बार घुमाया गया। इससे खरीद और बिक्री के आंकड़े वास्तविकता से कहीं ज्यादा बड़े दिखाई दिए। हालांकि, रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹15.15 लाख करोड़ असल धनराशि नहीं है। यह उन अकाउंटिंग एंट्रीज का कुल मूल्य है, जिन्हें SEBI ने कथित तौर पर गलत बताया है।

निवेशकों को लेकर भी चिंता

SEBI का मानना है कि इन कथित गड़बड़ियों की वजह से निवेशकों को कंपनी के कारोबार और वित्तीय स्थिति के बारे में गलत जानकारी मिल सकती थी। इसी कारण जांच पूरी होने तक कंपनी, उसके प्रमोटर्स और कुछ संबंधित संस्थाओं पर अंतरिम प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अब ED क्या तलाश रही है?

सूत्रों के मुताबिक, ED की छापेमारी SEBI की रिपोर्ट में सामने आए आरोपों से जुड़ी हो सकती है। आमतौर पर जब किसी दूसरी जांच एजेंसी या नियामक को वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं, तो ED यह पता लगाने की कोशिश करती है कि कहीं पैसों की हेराफेरी या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस विशेष कानूनी प्रावधान के तहत की जा रही है।

दूसरी ओर Rajesh Exports ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। माना जा रहा है कि कंपनी प्रतिभूति कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल ED की कार्रवाई ने कंपनी पर नियामकीय दबाव और बढ़ा दिया है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में भी फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आई बहार, मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट ने भरा दम

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आज जोरदार खरीदारी का मूड देखने को मिला। इसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 0.62 प्रतिशत बढ़ा। चुनिंदा हेल्थकेयर शेयरों में डिफेंसिव बाइंग देखने को मिली। सिप्ला में 1.5 प्रतिशत,डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज में 1.05 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.98 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं, ग्लैंड फार्मा के शेयरों में 4.79 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह BSE मिडकैप गेनर्स में सबसे आगे रहा। लॉरस लैब्स में 3.12 प्रतिशत और ऑरोबिंदो फार्मा में 2.99 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस बीच मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थकेयर स्पेस में ग्रोथ के काफी मौके हैं। इसके चलते भी इस सेक्टर को शेयरों में तेजी रही।

हेल्थकेयर पर MOFSL की राय

हेल्थकेयर पर MOFSL की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा सैटेलाइट टाउन से अर्बन हब बन गया है। ग्रेटर नोएडा की जनसंख्या सालाना 5.4% बढ़कर 1.3 करोड़ पर पहुंच गई है। ग्रेटर नोएडा में जनसंख्या राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ी है। ग्रेटर नोएडा में सिर्फ 4500 सुपर स्पेशलिटी बेड मौजूद हैं जो जरुरत से काफी कम हैं। वेस्टर्न यूपी और पश्चिमी दिल्ली से भी डिमांड को सपोर्ट मिल रहा है। यहां ऑर्गन ट्रांसप्लांट,रोबोटिक सर्जरी और क्रिटिकल केयर में बडे़ मौके हैं।

MOFSL के पसंदीदा शेयर

MOFSL ने मेदांता को BUY रेटिंग देते हुए 1490 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसके 382 बेड्स ऑपरेशनल हैं। इनकी रेवेन्यू 200-250 करोड़ करोड़ रुपए महीना है। कंपनी के EBITDA घाटे में तेजी से कमी आई है। मजबूत ब्रांड से मरीज बढ़े हैं। FY26-28 में रेवेन्यू 11%, EBITDA 24% और मुनाफा 31% CAGR संभव है।

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मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL

मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1260 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Jaypee के अधिग्रहण के बाद ऑक्यूपेंसी 64% से बढ़कर 72% हो गई है। इसकी रेवेन्यू 36-37 करोड़ रुपए प्रति महीना से बढ़कर 57 करोड़ रुपए प्रति महीना हो गई है। कंपनी की 100 बेड और 5 OT जोड़ने की तैयारी है। इसका कार्डियोलॉजी,ऑन्कोलॉजी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर फोकस है। FY26-28 में रेवेन्यू 14%,EBITDA 15% और मुनाफा 20% CAGR संभव है।

फोर्टिस पर MOFSL

फोर्टिस पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1140 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी 22 साल पुरानी है। बेड फैसिलिटी अच्छी है। इसकी ऑक्यूपेंसी 77-78% है। 22% EBITDA मार्जिन और 15% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी को नोएडा में दूसरे साइट की तलाश है। FY26-28 में रेवेन्यू 13%, EBITDA 17% और मुनाफा 21% CAGR संभव है।

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Holiday: 26 जून को शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, बंद रहेंगे BSE और NSE

Stock Market Holiday: यह हफ्ते शेयर बाजारों में कारोबार के लिहाज से छोटा है। 26 जून को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। दोबारा बाजार 29 जून यानी सोमवार को खुलेंगे।

26 जून को मुहर्रम की छुट्टी

बीएसई और एनएसई के हॉलिडे कैलेंडर में मुहर्रम की छुट्टी है। हालांकि, जुलाई में शेयर बाजारों में कोई छुट्टी नहीं होगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहती है। बीएसई और एनएसई बंद रहते हैं। लेकिन, इस बार 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है।

लगातार तीन दिन बंद रहेंगे BSE-NSE

एक हफ्ते में पांच दिन ही शेयर बाजारों में ट्रेडिंग होती है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। इस बार शुक्रवार को अवकाश है। इस वजह से बीएसई और एनएसई लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स को 26 जून की छुट्टी को ध्यान में रख अपनी स्ट्रेटेजी बनानी चाहिए।

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को भी रहेगी छुट्टी

मुहर्रम के बाद शेयर बाजार में अगली छुट्टी गणेश चतुर्थी को होगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। उस दिन बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। उसके बात महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहेंगे। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी शेयर बाजारों में होगी।

एमसीएक्स में 26 जून को सुबह के सत्र में नहीं होगा कोराबार

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी मुहर्रम की छुट्टी होगी। यह छुट्टी 26 जून को सिर्फ सुबह के सत्र में होगी। इसका मतलब है कि सुबह के सत्र का कारोबार एमसीएक्स में 26 जून को नहीं होगा। लेकिन, 26 जून को शाम के सत्र का कारोबार होगा।

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देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंकों में भी रहेगी छुट्टी

देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक भी 26 जून को बंद रहेंगे। हालांकि, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, जयपुर, कोहिमा, शिमला, शिलंग और तिरुवंतपुरम में बैंक खुले रहेंगे। हालांकि, 27 जून को बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 27 जून को महीने का चौथा शनिवार है। हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है।

यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

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भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

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टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया का स्टॉक मार्केट क्रैश, Kospi 9 फीसदी से ज्यादा फिसला

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 23 जून को कोहराम मच गया। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 9.99 फीसदी क्रैश कर गया। पहले 8 फीसदी क्रैश करने के बाद ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर गिरावट और बढ़ गई। अचानक आई इस बड़ी गिरावट ने इनवेस्टर्स को हैरान कर दिया है।

सेमीकंडक्टर शेयरों में आया था बड़ा उछाल

दक्षिण कोरिया का बाजार इस साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बाजारों में शामिल था। कोस्पी ने ऊंचाई के कई नए रिकॉर्ड बनाए थे। इसकी बड़ी वजह सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उछाल थी। विदेशी इनवेस्टर्स ने इन शेयरों में खूब पैसे लगाए। इससे इन कंपनियों के शेयरों में अप्रत्याशित तेजी आई थी। लेकिन, 23 जून को आई गिरावट ने इस तेजी पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है।

SK Hynix का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा फिसला

सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix के शेयरों में दिखी। यह 10 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Samsung Electronics का शेयर 7.5 फीसदी क्रैश कर गया। बताया जाता है कि सर्किट ब्रेकर हटने के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर सैमसंग के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इससे यह शेयर 9 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया।

विदेशी निवेशकों ने बेचे 2.6 अरब डॉलर के शेयर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने दोपहर तक 2.6 अरब डॉलर के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, रिटेल ट्रेडर्स ने इस गिरावट में अपनी पोजीशन बढ़ाई। इस महीने कोस्पी 9,000 का लेवल पार कर गया था। इसकी वजह अमेरिका-ईरान में डील की खबर थी। पहले पार कोस्पी इस लेवल पर पहुंचा था।

कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी 

दक्षिण कोरिया के बाजार में लगातार जबर्दस्त तेजी से रिस्क बढ़ गया था। कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी हो गई हैं। SK Hynix का शेयर इस साल 350 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसने प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग के शेयरों को पीछे छोड़ दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी से शेयर की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। इसमें लेवरेज्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का बड़ा हाथ है।

इन शेयरों में भी बड़ी गिरावट 

स्टॉक मार्केट में गिरने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों के मुकाबले काफी ज्यादा थी। LG Energy Solution का शेयर 2.98 फीसदी नीचे चल रहा था। Hyundai Motor का शेयर 8.78 क्रैश कर गया था। Kia Corp के शेयरों में 6.47 फीसदी गिरावट आई।

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इन वजहों से बाजार में गिरावट

एनालिस्ट्स का कहना है कि दक्षिण कोरिया में आज आई गिरावट की कई वजहें हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग है। दूसरा, इस साल आई बड़ी तेजी की वजह से कई शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई थीं। बाजार में एआई शेयरों के दम पर बाजार में आई तेजी के टिकने को लेकर संदेह जताया जा रहा था।

आलिया रियाज को सिर्फ खूबसूरती के कारण मिली पाक टीम में जगह, टीम पर भड़के फैंस

Aliya Riyaz

पाकिस्तान की खिलाड़ी आलिया रियाज अपनी खूबसूरती के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि क्रिकेट कला और ताकत का खेल है और भारी भरकम शरीर की आलिया ना गेंदबाजी में और ना ही बल्लेबाजी में ताकत दिखा पाई है। साथ ही उनकी फील्डिंग भी खासी खराब है। इस कारण पाक क्रिकेट फैंस ही उनकी आलोचना कर रहे हैं। (Pic Courtesy: Facebook Official page of Aliya Riyaz)


भारत, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद पाकिस्तान पहले दौर से ही बाहर हो गया था।पुरूष टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि हर कोई महिला क्रिकेट का समर्थन करना चाहता है और करना भी चाहिये लेकिन पाकिस्तानी महिला क्रिकेट आगे बढ ही नहीं रहा है।उन्होंने  कहा ,‘‘ पाकिस्तान महिला टीम कई साल से खेल रही है और यह हैरानी की बात है कि आईसीसी टूर्नामेंटों में प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं है।’’

पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और महिला टीम के पूर्व कोच कबीर खान ने कहा ,‘‘ इन खिलाड़ियों को किसी सुविधा या अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर की कमी नहीं है ।’’उन्होंने कहा ,‘‘मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ी दबाव को झेलने के लिये मानसिक रूप से मजबूत नहीं है। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ इस विश्व कप में कम स्कोर वाले मैचों को ही देख लो।’’ अगर आप लगातार हारते रहे तो पाकिस्तान में महिला क्रिकेट आगे नहीं बढ सकेगा।’

Market Trend :गैप-डाउन शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी का मूड, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market View : गैप-डाउन शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी का मूड देखने को मिल रहा है। वीकली एक्सपायरी के दिन निफ्टी निचले स्तरों से 90 प्वाइंट सुधरकर 24100 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप हल्की बढ़त के साथ आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। फार्मा के साथ-साथ कैपिटल गुड्स और रियल्टी में भी मजबूती के साथ कारोबार हो रहा है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब 0.50 फीसदी चढ़े हैं। साथ ही केमिकल,तेल-गैस और NBFCs में भी हल्की बढ़त है। लेकिन IT और मेटल शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। दोनों सेक्टर इंडेक्स 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं। IT में इंफोसिस और LTM वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट के ट्रेंड के बारे में बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि निफ्टी अपने 100 डे मूविंग एवरेज पर रेजिस्टेंस फेस कर रहा है। दो दिन पहले भी वहां पर एक प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली थी और कल भी हाई लेवल पे प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। लेकिन ऐसा लगता है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव है और जब तक यह 10 डे और 20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड करता रहेगा, हर गिरावट पे खरीदारी करनी है। फाइनली निफ्टी 24,200 का आंकड़ा पार करके 24,450 पर स्थित 200 डे मूविंग एवरेज की तरफ जाने की कोशिश करेगा। ऐसे में 24,000 के आसपास कोई भी छोटा-मोटा डिप मिल जाए तो वो एक बढ़िया बाइंग अपॉर्चुनिटी रहेगी। इसके लिए 23,800 का स्टॉप लॉस लगा कर 24,450 के टारगेट सेट करें और। वहीं, अगर 24,200 के ऊपर ब्रेकआउट आ जाए तो फिर आपको 24,100 के स्टॉप लॉस से 24,450 के टारगेट के लिए खरीदारी करनी है।

बैंक निफ्टी व्यू

मानस जायसवाल ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी ट्रेंड काफी पॉजिटिव बना हुआ है। यहां पर भी हायर टॉप फायर बॉटम बन रहे हैं। ऐसा लगता है कि बैंक निफ्टी 59,000 की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा है। यहां से इसमें करीब-करीब 1000 पॉइंट की तेजी देखने को मिल सकती है। इसमें भी खरीदारी करने की राय रहेगी। इसके लिए 57,400 पर आपको स्टॉप लॉस लगाना होगा।

मानस जायसवाल के पसंदीदा शेयर

इनकी पहली पसंद है बजाज होल्डिंग्स (BAJAJ HOLDING)। स्टॉक में हायर टॉप,हायर बॉटम बनते दिखे हैं। स्टॉक ने कल अपने 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट किया है। लेकिन जिस तरह के पैटर्न्स बने हैं उसको देख के लग रहा है कि स्टॉक अपने 200 मूविंग एवरेज को भी ब्रेक कर सकता है। ऐसे में यहां पर खरीदारी करने की राय रहेगी। इसमें 10,750 के स्टॉप लॉस से खरीदारी करनी है और आपके टारगेट 11,100 के आसपास के रहेंगे।

मानस जायसवाल का दूसरा रिकमेंडेशन पीएसयू बैंकिंग से है। कल पीएसयू बैंकिंग में लोअर लेवल पे बाइंग इंटरेस्ट देखने को मिला था। दो दिन पहले हमने करेक्शन भी देखा था। लेकिन अब रैली रिज्यूम हो गई है तो बैंक ऑफ बड़ौदा में खरीदारी कर सकते हैं। स्टॉप लॉस आपको 283 का लगाना है और टारगेट आपको 292 का सेट करके चलना है।

 

Market View : निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

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