Market Outlook: अच्छी बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 30 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 29 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए हैं। IT,मेटल,बैंकिंग और FMCG शेयरों की अगुवाई में बाजार में व्यापक स्तर की तेजी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी 24,200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है।

ट्रडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर और निफ्टी 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। आज लगभग 2460 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 1597 शेयर लाल निशान में बंद हुए। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो जियो फाइनेंशियल सर्विसेज,हिंदुस्तान यूनिलीवर,इंफोसिस,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो(L&T)सबसे ज़्यादा बढ़त लेकर बंद होने वाले शेयरों में रहे। जबकि, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ,महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M),पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो रियल्टी को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT,मीडिया,मेटल,फार्मा,टेलीकॉम,प्राइवेट बैंक,FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखने को मिली।

छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त लेकर बंद हुए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारत में AI से जुड़े ट्रेड के कम होने से FII के आने की संभावना मजबूत हो रही है। ग्लोबल निवेशकों का चिप शेयरों से मोह भंग हो रहा है। इस बीच,पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान थोड़ी बढ़त के बावजूद,पूरे हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही ग्रोथ और ऑपरेशनल लागत के आउटलुक में सुधार हुआ है।

घरेलू मार्केट की बात करें उम्मीद से बेहतर IIP डेटा ने बाज़ार को राहत दी है। इससे निवेशकों में जोश देखने को मिला है।आज की तेजी में IT और मेटल स्टॉक का अहम योगदान रहा। अब बाजार की नजरें आज रात आने वाले US फेड पॉलिसी पर है। बाजार की आम धारणा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके भारतीय बाज़ारों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है,क्योंकि इसको ज़्यादातर असर को पहले ही पचा लिया है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि डेली टाइमफ्रेम पर कुछ समय तक एक ही रेंज में रहने के बाद इंडेक्स में आज बढ़त देखने को मिली। RSI में बुलिश क्रॉसओवर हुआ है। इसके अलावा,निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। ऑवरली चार्ट पर,इंडेक्स ने 200 DMA का स्तर भी फिर से हासिल कर लिया है। यह शॉर्ट में मजबूती आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के मजबूत बने रहने और इसके 24,450–24,500 के स्तर तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ इसके लिए 24,100 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है तो सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है,जिससे यह 23,950 के स्तर तक गिर सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि अब निफ्टी के लिए 20 डे SMA या 24,100 और उसके 24,150 का स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहेगा, तब तक तेजी जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ निफ्टी 24,400-24,500 तक जा सकता है। हालांकि,24,100 के नीचे आने अपट्रेंड कमज़ोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे आने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 27 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook :24 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। लगभग 2050 शेयरों में बढ़त हुई,1961 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,एटरनल, M&M, श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो,सिप्ला,ITC और HDFC लाइफ शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी IT (0.8% ऊपर),निफ्टी PSU बैंक (0.5% ऊपर)और निफ्टी बैंक (0.18% ऊपर)रहे।

दूसरी ओर निफ्टी ऑटो सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.10% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल (0.55% नीचे),निफ्टी एनर्जी (0.57% नीचे),निफ्टी रियल्टी (0.55% नीचे),निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.46% नीचे),निफ्टी फार्मा (0.4% नीचे) और निफ्टी इंफ्रा (0.4% नीचे) रहे।

ब्रॉडर मार्केट भी अपने इंट्राडे निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी मिडकैप 100 बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट खराब रह सकता है। तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मेन मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें संकट के समय के अपने पीक से काफी नीचे होने के बावजूद US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए हैं। यह बॉन्ड मार्केट की उन चिंताओं को दिखाता है जो एनर्जी से जुड़ी महंगाई के जोखिम,मजबूत लेबर मार्केट की स्थिति और फेड के लगातार सख़्त रुख (hawkish stance) से जुड़ी हैं।

इन वजहों से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इंपोर्ट पर वॉशिंगटन के नए टैरिफ ने एक्सपोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्नोलॉजी इंटेसिव मार्केट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है,क्योंकि ग्रोथ पर ऊंची दरों का दबाव है और निवेशक दूसरे उभरते हुए मार्केट की ओर रुख करके जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अच्छे वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों के चलते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

निफ्टी का आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23650-23600 के जोन में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23450 और फिर 23300 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तकाल रेजिस्टेंस 23950-24000 के जोन में है,जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।

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बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी निफ्टी जैसी ही शुरुआती कमजोरी दिखी। यह निचले स्तर पर खुला और नीचे की ओर गया,लेकिन फिर इंट्राडे के निचले स्तरों से तेज रिकवरी हुई जिससे नुकसान की भरपाई हो गई। इस रिकवरी की वजह से डेली चार्ट पर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी और इंडेक्स ने अपना 200-डे का EMA फिर से हासिल कर लिया,जो ट्रेडर्स के लिए एक अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57100-57200 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56300-56200 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

June 2026 EV sales: total monthly sales cross 30,000 units for the first time

June 2026 EV sales

June 2026 has set the new retail benchmark for monthly EV sales. With 31,253 units delivered to buyers last month, June 2026 marks the first time that the EV segment in India has surpassed 30,000 monthly sales. While year-on-year retails have more than doubled to 106 percent (June 2025: 15,203 units), the month-on-month growth of 12 percent beats the previous best of May 2026 (27,977 units).

Tata Motors and Mahindra continue to power the Indian EV growth story. While Tata Motors sold over 10,000 units for the second month in a row and scaled a new high in June, Mahindra has registered 7,000 EV sales for the first time and crossed 6,000 units for two straight months. Maruti Suzuki, Vinfast India and BYD India also registered their highest monthly retails since their market entry. Let’s take a close look at the top players’ market performance in June 2026. 

Tata Motors

June 2026: 12,023 units, up 125 percent YoY

Tata Motors maintains number one position in the market. In June 2026, Tata sold 12,023 EVs, up 125 percent YoY (June 2025: 5,355 units), marking the first time that it has surpassed 12,000 units and the second straight month of over 10,000 sales after the 10,865 units in May. This gives the company a 38 percent EV share, up three percentage points year on year. While the Nexon EV continues to be Tata Motors’ volume driver, the updated Tiago EV has helped accelerate the momentum generated by the rollout of the new Punch EV in February this year. Both models draw a large percentage of first-time EV buyers. 

Nexon EV continues to be Tata’s volume driver. 

Mahindra 

June 2026: 7,645 units, up 118 percent

Mahindra registered its highest monthly sales in June when it surpassed 7,000 units for the first time. The 7,645 units are a 17 percent month-on-month increase (May 2026: 6,530 units) and give Mahindra a market share of 24 percent. Year-on-year growth is 118 percent (June 2025: 3,513 units). While the BE 6 and XEV 9e continue to see demand, the XEV 9S has given Mahindra a new charge. 

JSW MG Motor India

June 2026: 5,785 units, up 23 percent 

Third-ranked JSW MG Motor India sold 5,785 units last month, up 23 percent YoY (June 2025: 4,691 units). This gives it an 18.51 percent EV market share in June 2026, substantially down from the 31 percent it had in June 2025. The Windsor EV remains its best-selling product from a portfolio which includes the M9 MPV, Cyberster roadster, ZS EV and Comet EV.

Maruti Suzuki 

June 2026: 1,896 units

India’s passenger vehicle market leader continues to see MoM growth for its sole EV – the e-Vitara. Maruti Suzuki delivered 1,896 e-Vitaras to buyers in June, its highest monthly score since its launch in January this year. With this, retail sales have crossed the 6,000 mark. It is understood that due to production constraints, the company has allocated between 2,000-2,500 units for the domestic with far more for exports where the e-Vitara is the third most-exported SUV in the current fiscal. It is understood that the company plans to increase the e-Vitara’s production capacity from August or September this year.

e-Vitara achieved its highest monthly sales yet in June

Vinfast India

June 2026: 1,394 units

The local arm of Vietnamese EV major Vinfast also registered its highest-ever monthly sales in June – 1,394 units. This gives it a 4 percent EV market share. Of the four models in its portfolio, two (VF6 and VF7) are SUVs and two (VF MPV 7 and VF Limo Green taxi) are MPVs. On the wholesales front (April-May 2026), the VF7 is outselling the VF6. For the two MPVs, the Limo Green e-taxi is witnessing far more demand than the VF MPV 7. Vinfast will be looking to achieve higher sales traction when it launches the VF5 hatchback, which is likely to go head-to-head against the Tata Tiago EV or Punch EV, depending upon its specifications.

BYD India

June 2026: 860 units, up 69 percent YoY

BYD India also scaled a new monthly high in June with 860 units, up 69 percent YoY (June 2025: 508 units). Its previous best was in October 2025 (615 units). One of the fillips for higher sales last month could be the fact that BYD is raising its EV prices by 1-2 percent from July 1, which is the second time this year. Meanwhile, the Chinese EV maker has confirmed plans to introduce the Seal U PHEV later this year, which will be its first PHEV. 

Kia India

June 2026: 446 units, up 792 percent YoY

Ranked above Hyundai in June and below seventh-ranked BMW India (486 units), Kia India sold 446 EV, up 792 percent YoY on a low year-ago base (June 2025: 50 units). Following the launch of the Carens Clavis EV MPV, which joined the far more expensive EV6 and EV9 imported as CBUs, Kia has seen its monthly numbers improve compared to last year. 

Hyundai Motor India

June 2026: 347 units, down 42 percent YoY

Creta Electric still lags behind its competitors in the midsize SUV segment. 

Hyundai delivered 347 EVs last month, down 42 percent YoY (June 2025: 596 units). The company, which has only two models in its EV portfolio (Creta Electric and Ioniq 5), continues to feel the heat of the intense competition in the EV market where market leaders Tata Motors, M&M and JSW MG Motor have fast expanded their portfolios at multiple price-points to draw more buyers. As a result, Hyundai’s EV share is down to less than 1 percent from 4 percent a year ago.

Toyota Kirloskar Motor

June 2026: 32 units

Toyota Kirloskar Motor, the latest mainstream manufacturer to plug into the EV industry in India, delivered 32 units of the Urban Cruiser Ebella in June. The Toyota Ebella is the badge-engineered version of the Maruti e-Vitara. The Ebella is currently sold in three variants (E1, E2 and E3) albeit priced at a considerable premium over its Maruti cousin.

Carmaker June 2026June 2025YoY Change 
Tata Motors 12,0235,355125%
Mahindra 7,6453,513118%
JSW MG Motor 5,7854,69123%
Maruti Suzuki 1,896
Vinfast 1,394
BYD 86050869%
BMW 486242101%
Kia 44650792%
Hyundai 347596-42%
Mercedes-Benz 234113107%
Volvo362638%
Tesla35
Toyota 32
Citroen 24100-76%
Porsche 83167%
Audi 12-50%
Rolls Royce 14-75%
Jaguar Land Rover 00
Total 31,25315,203106%

Luxury Electric Carmakers Sell Record 801 Units in June

In tandem with the mass-market EV segment, demand for luxury EVs also called a new monthly high in June. Retail sales of the eight OEMs in this sub-segment more than doubled YoY to 801 units (June 2025: 390 units). Month-on-month growth was 20 percent and beat the previous best of 665 units in May 2026. This strong performance continues to be driven by the top two OEMs – BMW and Mercedes-Benz. 

BMW India 

BMW, which topped the luxury EV category in FY2026 with a record 3,898 EVs and is ranked number 7 in the entire EV segment, maintained its number 1 status with a 486 units, up 101 percent YoY (June 2025: 2421 units). That gives it a 61 percent share for last month.

Mercedes-Benz

With 234 EVs sold last month, Mercedes more than doubled its sales as demand rose 107 percent YoY (June 2025: 113 units). The luxury carmaker registered strong growth on the back of the launch of the CLA electric sedan in end-April. The CLA EV replaced the combustion-powered A Class sedan, plus the EQA and EQB electric SUVs in India.

CLA Electric is contributing meaningfully to Merc’s EV sales. 

Volvo

Volvo sold 36 EVs in June 2026, up 38 percent YoY (June 2025: 26 units). This gives it a 4 percent share of the luxury EV market, down from the 7 percent it had a year ago.

Tesla

Tesla, which has expanded its portfolio in India with the extended-wheelbase six-seater Model Y L, sold 35 units last month. This takes its cumulative sales in January-June period to 234 units. Tesla India’s highest monthly sales to date were 69 units in September and December 2025. 

Porsche, Audi and Rolls Royce 

While German sports car maker Porsche sold 8 units last month, Audi and Rolls-Royce sold one each while JLR did not sell a single EV last month, as per Vahan. 

In terms of EV market penetration, these eight luxury EV OEMs had a 2.56 percent share of the record 31,253 e-PVs sold in June 2026.

Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: इस हफ्ते 40 से ज्यादा कंपनियां देंगी डिविडेंड का तोहफा, बजाज और M&M जैसे नाम शामिल

Dividend Stocks: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नया हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। 29 जून से 3 जुलाई के बीच 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें Bajaj Holdings & Investment के स्पेशल डिविडेंड और Mahindra & Mahindra (M&M) के अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

इसके अलावा Shriram Finance, Bharat Forge, Union Bank of India, Bajaj Finserv, Bajaj Finance समेत कई कंपनियां भी इस हफ्ते डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगी। आइए जानते हैं किस दिन कौन-कौन से शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

29 जून: Raymond और Kalpataru समेत ये कंपनियां 

29 जून को Raymond Lifestyle का शेयर एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 1 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

Kalpataru Projects भी 29 जून को एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। 13 अगस्त या उससे पहले डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा Jyothy Labs भी 3.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगा। वहीं, Kansai Nerolac Paints ने 2.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

30 जून: Bajaj Group के तीन शेयरों पर रहेगी नजर

30 जून को Bajaj Group की तीन बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। इनमें Bajaj Finserv, Bajaj Holdings & Investment और Bajaj Finance शामिल हैं। इसी दिन Maharashtra Scooters भी 60 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

Bajaj Finserv ने 1.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। Bajaj Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

Bajaj Holdings & Investment ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 80 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। यानी कुल 130 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।

1 जुलाई: DCM Shriram और Grovy India

1 जुलाई को DCM Shriram Fine Chemicals का शेयर 0.40 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

वहीं, रियल एस्टेट कंपनी Grovy India भी 0.10 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

2 जुलाई: Chembond Material और Lloyds Enterprises

2 जुलाई को Chembond Material Technologies का शेयर 2 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

इसके अलावा Lloyds Enterprises भी 0.05 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर रहेगा।

3 जुलाई: M&M, Bharat Forge, Shriram Finance समेत 33 कंपनियां

3 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहने वाला है। इस दिन 33 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

  • Mahindra & Mahindra ने 33 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है।
  • Bharat Forge निवेशकों को 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड देगी।
  • Shriram Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।
  • Union Bank of India ने 5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड तय किया है।
  • Thermax ने 14 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 6 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Akums Drugs & Pharmaceuticals ने 1 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Biocon अपने निवेशकों को 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

इन सभी कंपनियों ने 3 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होगा, वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

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Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

Auto Stocks : 4% तक भागे ऑटो शेयर, क्रूड की नरमी ने दिया बूस्टर डोज, मारुति और ऊनो मिंडा ने किया लीड

 

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Trading Strategy: अब अगली तेजी 24250 के ऊपर निकलने पर आएगी, जब तक निफ्टी 24100 के ऊपर है ट्रेंड रहेगा मजबूत

Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।

रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: लार्ज कैप में रैली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।

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बाजार: अब क्या?

अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।

निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

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Market Trend : आज के सेशन में निफ्टी के लिए 24200 के ऊपर टिकना बहुत जरूरी, इन दो शेयरों में देखने को मिल सकती है रैली

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज बढ़त साथ खुले और निफ्टी 24250 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में ईरान-संघर्ष से पहले के स्तर तक आई भारी गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2% ऊपर है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,श्रीराम फाइनेंस,M&M,मारुति सुजुकी और आयशर मोटर्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,एटरनल,ONGC, टाइटन कंपनी और JSW स्टील शामिल हैं। एनर्जी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं,जिसमें ऑटो इंडेक्स 2% से ज्यादा ऊपर है।

ऐसे में बाजार के आगे के ट्रेंड पर बात करते हुए ग्लोबल कैपिटल (Globe Capital) के गौरव शर्मा ने कहा कि कल का कारोबारी सत्र काफी इंटरेस्टिंग था। बाजार के अंदर परसों जियोपॉलिटिकल टेंशन और साउथ कोरिया से जुड़े इश्यूज की वजह से जितनी गिरावट देखने को मिली थी उसकी कल के सेशन में लगभग पूरा भरपाई हो गई। बाजार एक क्लियर यूटर्न लेकर पीक पर जाकर बंद हुआ है। यह एक बहुत अच्छा संकेत है। एक और अच्छी बात यह हुई कि कल के सेशन में आई तेजी को बैंक निफ्टी ने लीड जो वास्तव में कल के मूव के लिए एक बड़ कैटलिस्ट रहा। जिस प्रकार से बैंक निफ्टी की फॉर्मेशन बनी हुई है उसे देखते हुए लगता है कि आगे और तेजी आ सकती है।

अब निफ्टी को अपनी तेजी जारी रखने के लिए 24200 के ऊपर जाकर मजबूती दिखानी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसको इन स्तरों के आसपास फिर से रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। आज के सेशन के लिए 24200 का लेवल बहुत अहम बन गया है। ऐसा लगता है कि आज यह लेवल पार हो सकता है क्योंकि बाजार को बैंक निफ्टी से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। बैंक्स की पोजीशन काफी ज्यादा स्ट्रांग नजर आ रही है। ब्रेकउ बहुत मजबूत है। कल इसने आउटपरफॉर्म भी किया है। बैंक निफ्टी में 58168 के लेवल के ऊपर की क्लोजिंग आई है। अब बैंक निफ्टी में 58,800 और उसके हायर लेवल्स की उम्मीद दिख रही है।

Market View : कच्चे तेल में नरमी और रुपये की मजबूती ने बाजार में भरा जोश, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

गौरव शर्मा की टॉप पिक्स

गौरव शर्मा ने कहा कि उनको आज के लिए दो शेयर बहुत पसंद आ रहे है। इनमें दोनों लॉन्ग साइड से है। पहला शेयर है LTF (एल एंड टी फाइनेंस)। इसमें 297 रुपए के आसपास, 290 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 310/315 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनका दूसरा शेयर है सीमेंट सेक्टर से श्री सीमेंट। इसमें 26105 रुपए के आसपास, 25200 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 27000/27500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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Maruti, M&M और Tata Motors तैयार; भारत और यूके के कारोबारी समझौते से बन रहे तगड़े मौके

देश में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की यूनाइटेड किंगडम (यूके) में चरणबद्ध तरीके से ड्यूटी-फ्री एंट्री के लिए सौदा हुआ है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश की दिग्गज कंपनियां मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra-M&M) और टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स (Tata Motors PV) इस मुक्त व्यापार समझौते यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से मौकों का कैलकुलेशन कर रही हैं। भारत और यूकेके बीच CETA (कंप्रहेंसिव इकनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) 15 जुलाई से लागू होगा। इसके तहत भारत में बनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलते वाली पैसेंजर वेईकल्स को छठे वर्ष से कोटा-बेस्ड सिस्टम के तहत बिना किसी कस्टम ड्यूटी के यूके में एंट्री की मंजूरी मिलेगी।

निर्यात को लेकर क्या हुआ है एग्रीमेंट

एग्रीमेंट के तहत भारत में बनी ईवी को यूके में एंट्री पर ड्यूटी में राहत 20 हजार पाउंड से कम, 20-40 हजार पाउंड (करीब ₹25-और 40-80 हजार पाउंड (करीब ₹50 लाख-₹1 करोड़) वाली गाड़ियों को मिलेगी। 80 हजार पाउंड (करीब ₹1 करोड़) से महंगी गाड़ियों को यूके में बिना ड्यूटी एंट्री नहीं मिलेगी। गाड़ियों के निर्यात का यह कोटा छठे वर्ष में 17,600 गाड़ियों से शुरू होगा और धीरे-धीरे बढ़कर 15वें वर्ष में सालाना 88 हजार गाड़ियों तक पहुंच जाएगा।

छठे साल में भारत से 20,000 पाउंड से कम कीमत वाली 6,800 गाड़ियां और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी की 6,800 गाड़ियां निर्यात हो सकेगी। वहीं 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी की 4,000 गाड़ियों का कोटा तय किया गया है। इस प्रकार कुल कोटा 17,600 गाड़ियों का होगा। 15वें वर्ष से यह कोटा बढ़कर 20,000 पाउंड से कम और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी में 34,000-34,000 गाड़ियों तक पहुंच जाएगा, जबकि 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी के लिए 20,000 गाड़ियों का कोटा होगा।

क्या कहना है Maruti Suzuki, M&M और Tata Motors PV का

महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि इस समझौते से भारत में बनी ईवी के लिए नए मौके पैदा हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यूके राइट-हैंड-ड्राइव मार्केट है तो इलेक्ट्रिक एसयूवी के लिए वैश्विक विस्तार रणनीति के तहत इसका वैल्यूएशन किया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारतीय कंपनियों को निर्यात के मौकों का फायदा उठाने में मदद मिल सकती है। राहुल का कहना है कि मारुति सुजुकी ने पहले ही ईविटारा का यूरोप में निर्यात करना शुरू कर दिया है और लॉन्च के नौ महीनों के भीतर लगभग 36 हजार कारों का निर्यात किया जा चुका है और इस दौरान यूके इसका सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर्स वेईकल्स ने भारत और यूके के बीच एग्रीमेंट को सस्टेनेबल मोबिलिटी के निर्यात को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारत में बनी ईवी के लिए निर्यात के नए मौके खोलते हुए घरेलू मार्केट में कॉम्पटीशन को भी सपोर्ट मिलेगा।

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