Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।

सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।

दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।”

क्या हुआ था?

लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट ‘हॉन मे रुट आइलैंड’ से ‘एन थोई पोर्ट’ जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।

वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।

बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, ‘हा लॉन्ग बे’ में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।

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Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत

Indian tourists capsizes in Vietnam: वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार (11 जुलाई) को कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। भारतीय दूतावास ने कहा कि तलाश और बचाव अभियान जारी है। उसने इस घटना के सिलसिले में कंट्रोल रूम बनाए किए हैं। दूतावास ने कहा कि स्थानीय अधिकारी घटना की पूरी जानकारी का पता लगा रहे हैं। इस हादसे में कुछ लोगों के मारे जाने की आशंका है। फिलहाल, सर्च ऑपरेशन जारी है।

भारतीय दूतावास ने X पर पोस्ट किया, “एक दुखद घटना में वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई।” उन्होंने कहा कि जानकारी और मदद मुहैया कराने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। भारतीय दूतावास भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, नाव पर कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे।

15 लोगों की मौत

न्यूज 18 के मुताबिक, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया है। इस बोट में 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू मेंबर सवार थे। नाव फू क्वोक के पास होन मे रुट न्गोई द्वीप के पास उथल-पुथल भरे पानी में यह पलट गई। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया।

भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह हादसा शनिवार को कुछ घंटे पहले हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नाव में 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। हालांकि, अभी तक सभी यात्रियों की स्थिति और हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है और घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। दूतावास ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिया है।

दो कंट्रोल रूम बनाए गए

परिजनों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। दोनों शहरों से अधिकारी लगातार राहत और समन्वय का काम कर रहे हैं।

मौके पर पहुंच रही भारतीय टीम

भारतीय दूतावास की दो टीमें हादसे वाली जगह के लिए रवाना कर दी गई हैं। पहली टीम शनिवार शाम तक और दूसरी टीम देर रात तक मौके पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत के राजदूत भी वियतनाम सरकार के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और स्वयं भी घटनास्थल का दौरा करेंगे।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

फिलहाल वियतनाम की बचाव एजेंसियां सभी यात्रियों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन नाव पलटने के कारणों की भी जांच कर रहा है। हादसे से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है। दूतावास ने कहा कि वह सवालों के जवाब देने और घटना से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध है।

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हेल्पलाइन नंबर जारी

प्रभावित परिवारों की मदद के लिए वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में खास कंट्रोल रूम बनाए हैं। जानकारी या मदद चाहने वाले परिवार के सदस्य हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास से +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14, या +84 33 452 0414 पर संपर्क कर सकते हैं। हनोई कंट्रोल रूम से +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।

32 भारतीयों की लिस्ट आई सामने

भारतीय दूतावास ने बताया कि आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास कुछ घंटे पहले पलटी नाव पर ये 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। दूतावास ने कहा कि हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। जल्द ही अपडेट देंगे।

Mercedes-AMG E 53 PHEV to launch on July 23

Mercedes-AMG E 53

Mercedes-Benz will launch the new AMG E 53 HYBRID 4MATIC+ in India on July 23. The performance sedan returns to India with a plug-in hybrid powertrain that combines a 3.0-litre six-cylinder petrol engine with an electric motor. It will join Mercedes-AMG’s India line-up as its latest electrified performance model.

  1. Plug-in hybrid system uses a 21.2kWh battery
  2. 0-100kph takes as little as 3.8 seconds
  3. India-bound E 53 will get 4Matic+ all-wheel drive

Mercedes-AMG E 53 powertrain and performance

The E 53 uses a 3.0-litre turbo-petrol straight-six engine producing 449hp, paired with an electric motor integrated into the 9-speed automatic gearbox. The motor develops up to 163hp, taking combined output to 585hp and 750Nm in standard form.

With the optional AMG Dynamic Plus package, output rises to 612hp when Race Start is activated. In this configuration, the sedan can accelerate from 0-100kph in 3.8 seconds and reach a top speed of 280kph. A 21.2kWh usable battery gives the E 53 a claimed electric-only range of over 100km. The PHEV can run on electric power at speeds of up to 140kph and supports 11kW AC charging. In international markets, optional 60kW DC charging can take the battery from 10-80 percent in around 20 minutes.

The E 53 gets AMG-specific chassis changes, including additional bracing at the front and rear axles, an 11mm wider front track and adaptive suspension with Comfort, Sport and Sport+ settings. The braking system has also been adapted to work with the hybrid system’s energy recuperation.

Mercedes-AMG E 53 exterior and interior

The E 53 is based on the current E-Class but gets several AMG-specific design changes. These include an illuminated AMG grille, larger front air intakes, wider front wheel arches and a boot-lid spoiler. At the rear, it gets a diffuser and four round exhaust outlets.

Inside, the E 53 gets AMG sports seats, an AMG steering wheel and model-specific trim. The dashboard houses a 12.3-inch digital instrument display and 14.4-inch central touchscreen, while the MBUX Superscreen, which adds a separate display for the front passenger, is available in international markets.

Mercedes-AMG E 53 India launch and expected price

Mercedes-Benz will announce prices for the E 53 HYBRID 4MATIC+ on July 23. The previous-generation E 53 sedan was launched in India in 2021, while the E 53 Cabriolet was subsequently introduced here. The new model will return the E 53 sedan to Mercedes-AMG’s India range.

Lego Ducati Desmo 450MX image gallery

Lego Ducati Desmo 450MX image gallery

The Lego Technic Ducati Desmo 450MX Factory Motorcycle is a 457-piece assembly kit based on Ducati’s real-world 449.6cc single-cylinder motocross machine. Aimed at children aged 10 and above, the completed model measures 19cm tall, 31cm long and 11cm wide. Despite its relatively modest part countroughly a third of the existing Lego Ducati Panigale V4 S kit — it still features functional steering, working suspension at both ends and a moving chain that actuates the single piston within the engine. A three-speed transmission, as found on the Panigale kit, is not included.

The kit is priced at USD 50 (approximately Rs 4,768)significantly more affordable than the Panigale V4 S kit at USD 200. It goes on sale in the US on August 1, 2026, and is already listed on Lego’s India website, with availability expected to follow shortly after the US launch.

Used car study 2026: Maruti Ertiga holds its value best among MPVs

Maruti Ertiga resale value

Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.

In this part of the resale value study series, we take a look at the MPV segment:

MPVs resale value 

The MPV segment spans a broad price spectrum, starting with the affordable Maruti Eeco and extending up to premium offerings such as the Kia Carens. Dominating the segment in terms of resale value retention, however, is the Maruti Ertiga, which continues to exhibit the flattest depreciation trend over a five-year period.

Meanwhile, the Renault Triber showed the highest depreciation, more so for the AMT variants. Due to limited used market transaction data, the Toyota Innova Crysta and Hycross have been excluded from this study. 

As per the study, the average selling price of a five-year-old MPV retailed through Spinny was Rs 7.47 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old MPVs were Rs 10.50 lakh and Rs 11.16 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 38.5 percent, 33.10 percent and 18.15 percent, respectively.

Autocar-Spinny resale value study methodology 

The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.

For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.

Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.

Zerodha के नितिन कामत ने Groww पर कसा तंज, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गई डायरेक्ट वर्सेज रेगुलर फंड पर बहस

इनवेस्टर्स के निवेश के तरीके को लेकर अगर देश के दो सबसे बड़े इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के बीच बहस छिड़ जाए तो क्या होगा? हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसा ही हुआ। डायरेक्ट और रेगुलेटर फंड्स से जुड़ी यह बहस काफी दिलचस्प हो गई। इसमें इनवेस्टर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

नितिन कामत ने एक्स पर 9 जुलाई को पोस्ट शेयर किया

Zerodha के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने अपने ग्राहकों को फ्री-ऑफ कॉस्ट डायरेक्ट फंड ऑफर करने की पॉलिसी के बारे में बताया। उनके इस पोस्ट ने कई इनवेस्टर्स का ध्यान खींचा। कई इनवेस्टर्स और यूजर्स ने इसे Groww की हाल में लॉन्च प्राइम सर्विस पर तंज के रूप में लिया।

ग्रो के जवाब देते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई

Groww ने बाद में इसका जवाब दिया। उसने साफ किया कि उसकी नई सर्विस के बारे में गलतफहमी है। हालांकि, इससे डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के फायदे और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। पहले यह जान लेना जरूरी है कि डायरेक्ट फंड और रेगुलर फंड में क्या फर्क है। म्यूचुअल फंड की स्कीम में इनवेस्टर्स दो तरह से निवेश कर सकते हैं-डायरेक्ट और रेगुलर। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस के जरिए उसकी स्कीम में निवेश करते हैं। इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रिब्यूटर शामिल नहीं होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के बीच के फर्क को समझें

म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में अगर आप डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए निवेश करते हैं तो उसे रेगुलर फंड कहा जाता है। चूंकि रेगुलर फंड में निवेश डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए होता है, जिससे इसमें उसका कमीशन शामिल होता है। आपके निवेश का कुछ हिस्सा उसके कमीशन पर खर्च होता है। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस की स्कीम में निवेश करते हैं, जिससे इसमें किसी तरह का कमीशन नहीं होता है। आपके निवेश का पूरा पैसा फंड हाउस के पास जाता है, जिसे वह निवेश करता है।

कामत ने कस्टमर्स को किफायती सर्विस देने की पॉलिसी पर दिया जोर

कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है। उन्होंने बताया कि 2010 में जब हमने डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था तब हमने छोटे-बड़े सभी ट्रेड के लिए एक समान फीस रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि जीरोधा अपने इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Coin के जरिए म्यूचुअल फंड के मामले में भी यही पॉलिसी अपनाती है।

जीरोधा के कामत ने लो-कॉस्ट सर्विसेज पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म निवेश के अमाउंट पर कोई फीस चार्ज करता है तो उसे खुद की सर्विस को लो-कॉस्ट या डिस्काउंट सर्विसेज नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरहाल CoinByZerodha इंडिया में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.6 लाख करोड़ रुपये है। हमारे सभी कस्टमर्स ने कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की सेविंग्स की है।

कामत ने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में बताया

कामत ने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तो शुरुआत डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स के साथ की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पॉलिसी बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीरोधा ऐसा नहीं करेगी। हम कस्टमर्स को डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स फ्री ऑफर करते रहेंगे। उन्होंने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाने की कोशिश की।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड के रिटर्न में आता है फर्क

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में कॉस्ट काफी मायने रखता है। उन्होंने डीएसपी लार्जकैप फंड में मंथली 5000 रुपये के सिप का उदाहरण दिया। इस स्कीम में एक समान अवधि में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में एक समान अमाउंट निवेश करने पर रिटर्न अलग-अलग आता है। डायरेक्ट प्लान में पैसा बढ़कर करीब 19.5 लाख रुपये हो जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में यह 18.3 लाख रुपये रहता है। इस फर्क की वजह कमीशन है।

ग्रो ने कहा कि डायरेक्ट फंड में निवेश की फ्री सर्विस जारी रहेगी

ग्रो ने उनके इस पोस्ट पर अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर उसकी पॉलिसी नहीं बदली है। कंपनी ने कहा कि डायरेक्ट फंड अभी ग्रो के लिए सबसे अहम है और आगे भी रहेगा। 1 करोड़ से ज्यादा इनवेस्टर्स ने हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड्स में किए हैं। इससे ग्रो देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है। उसने साफ किया कि उसका MF Prime एक ऑप्शनल सर्विस है। इसे उन निवेशकों के लिए शुरू किया गया है जो अपने निवेश के प्रबंधन में अतिरिक्त सहायता चाहते हैं। इसका मतलब है कि उसकी बेसिक सर्विस फ्री बनी रहेगी।

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80 साल का आयरिश व्यक्ति जोधपुर की बावड़ियों की सालों से कर रहा सफाई, आनंद महिंद्रा ने स्पेशल पोस्ट शेयर कर किया सलाम

अपने आस-पास, शहरों और देश को साफ-सुथरा रखना हर नागरिक का फर्ज है, लेकिन कभी-कभी किसी एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प हमें उन चीजों की अहमियत याद दिलाता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जोधपुर के ऐतिहासिक शहर में, आयरलैंड के रहने वाले एक 80 वर्षीय बुज़ुर्ग ने एक दशक से ज्यादा समय तक भुला दी गई बावड़ियों की सफाई की है और पानी के इन पारंपरिक ढांचों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा है।

‘द बेटर इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कैरॉन रॉन्सली – जिन्हें स्थानीय लोग “पागल साहब” के नाम से जानते हैं – जोधपुर एक पर्यटक के तौर पर आए थे, लेकिन धीरे-धीरे वे शहर की धरोहर की देखभाल करने वाले बन गए। उपेक्षित बावड़ियों और झालरों (सीढ़ीदार जल-कुंडों) को अपने हाथों से ठीक करने की उनकी कोशिशों की अब बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने भी तारीफ की है।

जहां बहुत से लोग जोधपुर की पुरानी बावड़ियों की सुंदरता की तारीफ करते थे, वहीं रॉन्सली ने कुछ ऐसा देखा जिस पर अक्सर दूसरों का ध्यान नहीं जाता था। बारीक कारीगरी और ऐतिहासिक महत्व के पीछे ऐसी संरचनाएं थीं, जो कचरे से भरी हुई थीं और धीरे-धीरे भुला दी जा रही थीं। वहां से चले जाने के बजाय, उन्होंने इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया।

महिंद्रा ने हाल ही में अपने X हैंडल पर एक प्रेरणादायक वीडियो शेयर किया, जिसमें जोधपुर में पुरानी और उपेक्षित बावड़ियों की सफाई करने के रॉन्सली के सफर को दिखाया गया है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए महिंद्रा ने लिखा, “जोधपुर की बावड़ियों और झालरों की सफाई के प्रति अपने जुनून के कारण 80 वर्षीय आयरिश व्यक्ति कैरन रॉन्सले को ‘पागल साहब’ का उपनाम दिया गया था। सौभाग्य से, आज भारत की बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के लिए खुद को समर्पित करने के लिए आपको ‘पागल’ या ‘फिरंगी’ होने की आवश्यकता नहीं है।”

महिंद्रा ने कहा कि विरासत को बचाने के लिए लोगों का एक्सपर्ट होना या किसी खास जगह का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगन रखने वाला कोई भी व्यक्ति भारत की ऐतिहासिक इमारतों को बचाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने चांद बावड़ी के बारे में अपनी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को भी याद किया, जिसमें उन्होंने मशहूर सीढ़ीदार कुएं (stepwell) को बनाए रखने के लिए की जा रही कोशिशों की तारीफ़ की थी। महिंद्रा ने बताया कि पूरे भारत में संरक्षणवादी, स्थानीय वॉलंटियर और ग्रामीण समुदाय इन शानदार इमारतों को फिर से ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।

ये बावड़ियां सिर्फ पत्थर से बनी पुरानी संरचनाएं नहीं हैं। सदियों से, इन्होंने समुदायों को पानी इकट्ठा करने और उसे जमा करने में मदद करने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर राजस्थान जैसे इलाकों में जहां पानी की कमी हमेशा से एक चुनौती रही है। पानी के स्रोत होने के अलावा, बावड़ियां ऐसी जगहें भी बन गईं जहां लोग इकट्ठा होते थे, आराम करते थे और एक-दूसरे से जुड़ते थे। इनके डिज़ाइन पुरानी पीढ़ियों की इंजीनियरिंग कुशलता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते थे।

हालांकि, बदलती जीवनशैली और पानी की आधुनिक सप्लाई प्रणालियों के आने से, कई बावड़ियों का महत्व धीरे-धीरे खत्म हो गया। कई बावड़ियों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और कुछ तो कचरा फेंकने की जगह बन गईं। रॉन्सली के लिए इन ऐतिहासिक ढांचों को ऐसी हालत में देखना मुश्किल था। उन्होंने अपना समय इन्हें साफ़ करने और एक-एक करके इनकी मरम्मत करने में लगाने का फैसला किया।

‘द बेटर इंडिया’ से बात करते हुए रॉन्सली ने कहा, “जब मैं 2014 के आखिर में जोधपुर आया, तो मैंने ये खूबसूरत बावड़ियां देखीं। लेकिन मैं यह देखकर हैरान रह गया कि पानी जमा करने के ये पुराने और अनोखे सिस्टम खराब हालत में थे। इसलिए, मैंने अपना समय इन जगहों की सफाई करने और उन्हें फिर से अच्छी हालत में लाने की कोशिश में लगाने का फैसला किया।”

तब से, रॉन्सली ने जोधपुर में कई बावड़ियों पर काम किया है, जिनमें रामबाउरी और गुलाब सागर शामिल हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से वहां से कचरा हटाया और शहर के इन भुला दिए गए हिस्सों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा। महिंद्रा ने भारतीय विरासत के प्रति रॉन्सली के समर्पण के लिए उनके प्रति सम्मान भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं जोधपुर के प्रति उनके प्यार और हमारी विरासत के लिए उनकी निस्वार्थ भावना और जुनून के लिए ‘पागल साहब कैरॉन’ को सलाम करना चाहता हूं। उनका काम कभी न रुके…”

आनंद महिंद्रा द्वारा रॉन्सली की कहानी शेयर किए जाने के बाद, कई यूज़र्स ने इस आयरिश व्यक्ति के समर्पण और जोधपुर की विरासत को बचाने की उनकी कोशिशों की तारीफ़ की। एक यूज़र ने कमेंट किया, “किसी जगह के लिए सच्चा प्यार काम से दिखता है, राष्ट्रीयता से नहीं। ‘पागल साहब’ को सम्मान।”

एक और यूजर ने लिखा, “कितनी अजीब बात है कि उन्हें ‘पागल’ कहा गया, जबकि वे सबसे समझदारी भरा काम कर रहे थे।” एक यूजर ने कहा, “कुछ विदेशी सच में भारत में अपने प्रेरणादायक काम के लिए हमारे सम्मान और समर्थन के हकदार हैं!”

एक और यूज़र ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी बात है कि किसी जगह के लिए प्यार इस बात से नहीं मापा जाता कि आप कहां पैदा हुए हैं, बल्कि इस बात से मापा जाता है कि आप उसकी कितनी परवाह करते हैं। कैरॉन रॉन्सली, ‘पागल साहब’ और उन सभी वॉलंटियर्स को सलाम जो चुपचाप हमारी बावड़ियों और विरासत को ठीक करते हैं। उनकी कोशिशें न सिर्फ़ इतिहास को बचाती हैं, बल्कि पानी, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद को भी सुरक्षित रखती हैं। उम्मीद है कि यह भावना और भी लोगों को प्रेरित करेगी।”

एक यूज़र ने लिखा, “मज़ेदार बात है कि कभी-कभी किसी बाहरी व्यक्ति को ही स्थानीय लोगों को यह याद दिलाना पड़ता है कि विरासत सिर्फ पोस्टकार्ड के लिए नहीं, बल्कि एक इंफ्रास्ट्रक्चर है। इतिहास के बारे में सिर्फ बातें करने के बजाय उसे ज़िंदा रखने के लिए सभी का सम्मान।”

Vida VX2 Plus 4.4 kWh launched at Rs 1.44 lakh

Hero Vida VX2 Plus 4.4kWh studio image side profile

Hero Vida has launched the VX2 Plus with a new 4.4kWh battery pack, offering notably more range while retaining the powertrain and performance of the existing 3.4kWh variant. 

  1. Priced at Rs 1.44 lakh (ex-showroom, New Delhi)
  2. Offers a claimed IDC range of 187km
  3. DC fast charging from 0 to 80 percent in 65 minutes

Hero Vida VX2 Plus 4.4kWh details

The scooter uses dual removable 2.2kWh battery packs

The new VX2 Plus variant uses two removable 2.2kWh battery packs for a combined capacity of 4.4kWh, delivering a claimed IDC range of 187km – notably more than the 146km offered by the existing VX2 Plus 3.4kWh. The scooter comes with a new 1kW portable charger, nearly twice as powerful as the unit supplied with the 3.4kWh variant, which claims a 0 to 80 percent charging time of 3 hours and 17 minutes, and a 0 to 100 percent charging time of 5 hours and 8 minutes. DC fast charging cuts those figures down to 65 minutes and 2 hours 30 minutes, respectively. Vida says it now operates a network of over 6,000 fast-charging stations across the country.

The rest of the scooter remains largely identical to the VX2 Plus 3.4kWh. Power continues to come from a 6kW motor producing 26Nm of torque, with a claimed top speed of 90kph. The scooter offers three riding modes – Eco, Ride and Sport – along with a Boost function that provides short bursts of additional performance for overtaking. Other features include a 4.3-inch TFT display with smartphone connectivity and turn-by-turn navigation.

Vida says the VX2 Plus 4.4kWh will be available at authorised dealerships across the country by the end of July 2026. The manufacturer also announced an Asia Book of Records achievement for the “Longest Journey by an Electric Scooter”, after completing a continuous 12,111km ride across India over 52 days using this variant.

 

All you need to know about the Nissan Tekton

Nissan Tekton

After several delays, Nissan has finally launched the Tekton in India. The SUV is the carmaker’s version of the Renault Duster, featuring a few design changes while sharing the same underpinnings. Competing with the likes of the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Grand Vitara and more, here’s everything you should know about Nissan’s new midsize SUV contender.

Is the Nissan Tekton pricier than the Renault Duster?

Nissan Tekton

The Tekton range starts at Rs 10.49 lakh, ex-showroom, similar to the Duster. At the entry level, the Tekton is priced on par with the Duster and is among the most affordable midsize SUVs, with only the MG Astor and Citroen Aircross costing less. The Maruti Victoris follows with a premium of just Rs 1,000, while the Maruti Grand Vitara, Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Skoda Kushaq, Volkswagen Taigun, Toyota Hyryder and Honda Elevate are all priced higher.

At the top end, the Tekton costs Rs 10,000 more than the Duster at Rs 18.59 lakh. Even then, it’s still cheaper than the Seltos, Creta, Sierra, Hyryder, Victoris, and Grand Vitara. The Aircross remains the most affordable midsize SUV by a wide margin.

When will the Nissan Tekton hybrid launch in India

As we have exclusively reported before, the Tekton will not be adding a hybrid powertrain option. Renault will be keeping the Horse Powertrain-derived strong hybrid system exclusive for the Duster, positioning it as a key competitive advantage in the increasingly crowded midsize SUV space.

The Tekton offers a choice between 100hp 1-litre and 163hp 1.3-litre turbo-petrol engine options. A 6-speed manual gearbox is standard, but an automatic gearbox, a 6-speed dual-clutch unit in this case, is offered with the more powerful mill only.

What is the fuel-efficiency of the Nissan Tekton?

PowertrainClaimed fuel efficiency (kpl)
100hp 1L turbo-petrol 6MT19.41
163hp 1.3L turbo-petrol 6MT17.8
163hp 1.3L turbo-petrol 6DCT18.5

Evidently, the 1.0-litre turbo-petrol paired with a manual gearbox delivers the highest efficiency at 19.41kpl in the line-up. The 1.3-litre turbo-petrol returns 18.5kpl with the dual-clutch automatic and 17.8kpl with the manual gearbox. Since the powertrains are shared between the Nissan and Renault badge-engineered SUVs, their claimed fuel-efficiency figures are similar. 

Is the Nissan Tekton larger in overall size than its rivals?

Nissan Tekton

The Tekton shares its height, wheelbase, ground clearance and wheel size options with the Duster. It is, however, 6mm longer and 2mm wider due to its different styling. Compared to its midsize SUV rivals, the Tekton is longer than the Sierra, Creta, Grand Vitara, Kushaq, Taigun, Elevate, Astor and Aircross. However, it falls short of the Seltos by 111mm, the Hyryder by 16mm and the Victoris by 11mm. When it comes to wheelbase, the Sierra leads the segment, followed by the Seltos, Aircross, and then the Tekton. 

The Nissan SUV’s 212mm ground clearance is the second-highest in the segment after the Elevate. It also shares the largest 518-litre boot capacity in the segment with the Duster.

Does the Nissan Tekton have a spacious interior?

Nissan Tekton

Its front seats are supportive and well-cushioned, and they also feature electric adjustment and ventilation. The rear seat is comfortable for two adults, while a third passenger can fit in. However, the limited shoulder room and the transmission hump make it less comfortable for three occupants over longer journeys.

At the rear, there’s enough kneeroom and plenty of headroom for six-footers. The large panoramic sunroof and windows make the cabin feel airy. Rear passengers also get a centre armrest with cup holders, dedicated AC vents and charging ports.

Which Nissan Tekton variant should you buy?

Nissan Tekton

The N-Connecta trim, priced between Rs 13.69 lakh and Rs 16.49 lakh, ex-showroom, is our pick of the Tekton range. It packs a good mix of features, including a 10.25-inch digital instrument cluster, a panoramic sunroof, dual-zone climate control, 18-inch alloy wheels, wireless charger a six-speaker sound system and more. Buyers also get a choice between the two turbo-petrol engine options, along with their respective manual and automatic gearbox pairings.

Higher Tekton trims add features like Google integration for the touchscreen, ventilated front seats, MyNISSAN connected car tech, powered tailgate, 360-degree camera, Level 2 ADAS and more.

आज का मौसम 11 जुलाई: दिल्ली, यूपी-बिहार संग 15 राज्यों में IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर आएगा बवंडर

India Weather Today: देश भर में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच सक्रिय है।

इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, रोहतक, बरेली, गोरखपुर, पूर्णिया से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर त्रिपुरा तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर से आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:-

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आज देश के कई हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:-

बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में आज भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते नदी जलस्तर बढ़ने और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पश्चिमी उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

पंजाब

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

अरुणाचल प्रदेश

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बवंडर जैसी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की पूरी संभावना है।

इसी तरह बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आज आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।