IND vs ENG: रिटायरमेंट की खबरों के बीच कोच गंभीर से हंजी-माजक करते दिखे रोहित शर्मा, वायरल हो रहा ये वीडियो

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 से शुरू होगा। वहीं 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा मुकाबला जो भी जीतेगा सीरीज अपने नाम कर लेगा। वहीं तीसरे मुकाबले से पहले रोहित शर्मा और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर लॉर्ड्स के मैदान पर हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आए। दोनों की बातचीत और मुस्कुराते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

एक साथ नजर आए गंभीर-रोहित

शनिवार 18 जुलाई को लॉर्ड्स में दोनों अलग ही अंदाज में नजर आए। रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को स्टेडियम की बालकनी में साथ बैठकर हंसी-मजाक करते देखा गया। इस दौरान बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक भी उनके साथ मौजूद थे और भारतीय टीम का माहौल काफी सकारात्मक दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं ये वीडियो ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से रोहित शर्मा के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ रोहित का प्रदर्शन

इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 11 और 26 रन बनाए। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भी वह अच्छी लय में नहीं दिखे और 47 गेंदों पर सिर्फ 26 रन ही बना सके। जिसके बाद से उनकी हाल की पारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए अपने पिछले तीन मुकाबलों में दो शतक लगाकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में टीम में रोहित की जगह और उनके भविष्य को लेकर चर्चा और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।

रोहित ने किया था गंभीर का सपोर्ट

रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच PTI की एक रिपोर्ट में उनके और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने ही गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दोनों के रिश्तों में खटास आने की खबरें सामने आईं।

क्या लॉर्ड्स होगा रोहित का आखिरी वनडे?

इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन सेलेक्शन कमेटी की भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं माना जा रहा है। वहीं इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर अब अंतिम दौर में पहुंच सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। वहींBCCI ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

Rohit Sharma Retirement: क्या लॉर्ड्स वनडे होगा हिटमैन का आखिरी मैच? BCCI के फैसले से बढ़ी हलचल

Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।

सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।

PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।

अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”

रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं

वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।

विराट कोहली के बारे में क्या?

यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।

माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।

हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।

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गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस

आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’

अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’

संजू सैमसन की विदाई पर गर्माते विवाद के बीच आया गंभीर का यह बयान

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को टीम में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण दे दिया गया है और उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही T20I श्रृंखला में इस विकेटकीपर-बल्लेबाज की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया।

सैमसन को आगामी जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। गंभीर ने कहा कि यह सीनियर खिलाड़ी पांच मैचों की मौजूदा श्रृंखला में भारत की योजनाओं में शामिल हैं, जिसमें मेहमान टीम दो हार और बारिश के कारण रद्द हुए एक मैच के बाद 0-2 से पीछे है।

गंभीर ने मंगलवार को यहां तीसरे टी20 मैच में भारत की 125 रन से हार के बाद कहा, ‘‘संजू सैमसन को जो स्पष्टता दी जानी चाहिए थी, वह उन्हें मुझसे मिल गई है। यह बातचीत मुख्य कोच और खिलाड़ी के बीच होती है। इसे मैं आपके साथ साझा नहीं कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ संजू ने विशेष कर विश्व कप में जिस तरह का प्रदर्शन किया वह असाधारण था लेकिन कभी-कभी आपको खिलाड़ी की फॉर्म पर भी गौर करना पड़ता है। ऐसा कोई अटल नियम नहीं है कि वह इस श्रृंखला में वापसी नहीं कर सकता।’’

सैमसन को इस साल के शुरू में खेले गए विश्व कप में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दो मैच और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में कुल मिलाकर वह केवल छह रन ही बना पाए इसके बाद उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया।

इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम से भी बाहर कर दिया गया था, क्योंकि चयनकर्ताओं ने पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रभसिमरन सिंह को प्राथमिकता दी थी।

गंभीर ने कहा कि टीम का चयन मौजूदा फॉर्म और उस संयोजन के आधार पर किया जाएगा जो भारत को जीतने का सबसे अच्छा मौका देता है।उन्होंने कहा, ‘‘आखिर में जीत महत्वपूर्ण होती है और हम उस संयोजन के साथ उतरेंगे जिसको लेकर हमें लगता है कि वह हमें जीत दिला सकता है। मेरा शुरू से मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी को टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है।’’

IND vs ENG: ‘दो मैच हारने से टीम खराब नहीं हो जाती’ टी20 मुकाबले में लगातार हार के बाद टीम इंडिया की आलोचना पर भड़के कोच

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज में अबतक कुल 2 मुकाबले खेला जा चुके हैं। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया वहीं दूसरे मैच में भारत को 4 विकेट से मात मिली है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में भारतीय टीम इंग्लैंड से तीसरे मुकाबले में भिड़ेगी। वहीं इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से हार गई थी। इसके बाद भारतीय टीम की काफी आलोचना हो रही थी। वहीं इस पर अब भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने रिएक्शन दिया है।

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा कि, कुछ हार के बाद टीम की आलोचना करना सही नहीं है, क्योंकि लोग 2024 से 2026 के बीच टीम के शानदार प्रदर्शन को भूल रहे हैं।

कोच ने क्या कहा

कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “देखिए, हमारा टारगेट बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में लगातार सुधार करना है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद हम टीम को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं, क्योंकि दूसरी टीमें भी लगातार बेहतर हो रही हैं। हम सिर्फ एक मैच को देखकर फैसले नहीं लेते। कई बार आप एक मैच जीतते हैं तो लोग तारीफ करते हैं, लेकिन अगले ही मैच में हार जाएं या दो कैच छूट जाएं तो वही लोग कहते हैं कि टीम की फील्डिंग खराब है।”

2 साल से लगातार जीत रहे सीरीज

कोच ने आगे कहा, “पिछले दो साल में हमने एक भी सीरीज नहीं गंवाई, वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता और तब सभी ने हमारी तारीफ की। अब दो मैच हारने के बाद लोग कह रहे हैं कि टीम लगातार हार रही है। आखिर यह भी खेल का ही हिस्सा है। हमारी टीम में कई बदलाव हुए हैं। कप्तान बदला है, हार्दिक यहां नहीं हैं और हम अगले दो साल को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। ऐसा होना आदर्श नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां खेल का हिस्सा होती हैं। कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन हमें पता है कि अगर अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।” गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को तेज और उछाल वाली पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करने में दिक्कत हुई है।

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IND vs ENG: ‘अगला नंबर हमारा हो सकता है’ गौतम गंभीर और टीम के माहौल पर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से निकाले जाने के बाद नाराज सैमसन को मनाते दिखे गौतम गंभीर? वीडियो हो रहा वायरल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतयी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाई। वहीं इ्ंग्लैंड की टीम अभी बैटिंग कर रही है। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए डेब्यू किया है। वैभव को संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया है। वहीं इसी बीच टीम से बाहर किए जाने के बाद संजू सैमसन और हेड कोच गौतम गंभीर के बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गौतम ने संजू से की बातचीत

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को टीम से बाहर बैठना पड़ा। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला। इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन मैदान पर बातचीत करते नजर आए। जब टीम मैनेजमेंट ने वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया, तभी मैदान पर हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन आपस में बातचीत करते नजर आए। कैमरे में कैद हुई इस बातचीत को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, क्योंकि सैमसन इस मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे।

बड़ी पारी नहीं खेल पाए वैभव

इस बातचीत की कोई ऑडियो सुनाई नहीं दिया, इसलिए ये कहना संभव नहीं है कि दोनों के बीच क्या बात हुई। लेकिन उस समय की स्थिति को देखते हुए यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। संजू सैमसन सिर्फ खराब फॉर्म की वजह से बाहर किए गए एक आम खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वह लंबे समय से टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेल रहे युवा वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने तेज शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए और यादगार डेब्यू का मौका हाथ से निकल गया।

गंभीर ने हमेशा किया सपोर्ट

संजू सैमसन लंबे समय से टीम प्रबंधन के भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। जब उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे, तब भी हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ नहीं छोड़ा। टी20 विश्व कप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी शानदार नाबाद 97 रन की पारी के बाद गंभीर ने खुलकर उनकी तारीफ की थी और कहा था कि सैमसन बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका मानना था कि टीम ने उन पर जो भरोसा दिखाया, सैमसन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से उसे सही साबित किया। नए खिलाड़ी को मौका मिलने के बाद भी गौतम गंभीर का संजू सैमसन से बात करना चर्चा का विषय बन गया। इसने दिखाया कि टीम में बदलाव के बावजूद खिलाड़ियों का सम्मान बना रहता है।

‘कोच नहीं सेलेक्टर्स लें विराट-रोहित पर फैसला…’ वर्ल्ड कप 2027 को लेकर कपिल देव का बड़ा बयान

भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुट गई है। भारत का वनडे में अगला मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच 14 जुलाई से खेला जाएगा। वहीं 2027 वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि, 2027 वनडे विश्व कप के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा के चयन का फैसला पूरी तरह सेलेक्टर्स को करना चाहिए। उनके मुताबिक, टीम में किस खिलाड़ी को जगह मिलेगी, इसका अंतिम अधिकार सेलेक्टर्स के पास होना चाहिए।

2027 वनडे विश्व कप तक विराट कोहली और रोहित शर्मा की उम्र काफी बढ़ जाएगी। ऐसे में लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या दोनों उस टूर्नामेंट में खेलेंगे। वहीं दोनों ही खिलाड़ी अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रखने की चुनौती होगी।

कपिल देव ने क्या कहा

हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं भी सामने आई हैं कि गौतम गंभीर की अगुवाई वाला टीम मैनेजमेंट शायद विराट कोहली और रोहित शर्मा को 2027 वनडे विश्व कप की टीम में नहीं देखना चाहता। इस पर कपिल देव ने इंडिया टुडे से कहा, “देखिए, सबसे अहम भूमिका टीम मैनेजमेंट की नहीं, बल्कि चयन समिति की होती है। पांचों चयनकर्ता अगर किसी खिलाड़ी को टीम के लिए योग्य मानते हैं, तो वही फैसला सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। इसके बाद ही कप्तान और टीम मैनेजमेंट की राय ली जानी चाहिए। अगर चयनकर्ता अपना काम सही तरीके से कर रहे हैं, तो वही प्रक्रिया सही है।”

रोहित को लेकर क्या कहा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट वनडे में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों की ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देना चाहता है। इसी वजह से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कपिल देव ने ये साफ नहीं किया कि वह 2027 वनडे विश्व कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा को खेलते देखना चाहते हैं या नहीं। कपिल देव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि चयनकर्ताओं की सोच क्या है। कई बार लोग कहते हैं कि 25 साल का खिलाड़ी कैसे संन्यास ले सकता है, लेकिन ऐसा होता है। वहीं अगर कोई खिलाड़ी 39 या 40 साल की उम्र में भी पूरी तरह फिट है, उसमें काबिलियत है और वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे खेलने से क्यों रोका जाए?”

उन्होंने आगे कहा, “उम्र को नहीं, बल्कि प्रदर्शन को महत्व देना चाहिए। हां, उम्र बढ़ने के साथ एक मुश्किल ये होती है कि अगर अनुभवी खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है तो लोग तुरंत कहने लगते हैं कि उसका समय खत्म हो गया। जबकि यही स्थिति किसी युवा खिलाड़ी के साथ हो, तो लोग उसे वापसी का मौका देने की बात करते हैं।”