मस्क ने रिपब्लिकन्स के समर्थन वाले पोस्ट डिलीट किए:ट्रम्प की पार्टी के प्रचार में ₹4,400 करोड़ खर्चे, हार के बाद एलन की नेट-वर्थ ₹2.8 लाख करोड़ घटी

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी हार के अरबपति एलन मस्क ने रिपब्लिकन समर्थन वाले सोशल मीडिया पोस्ट डिलिट किए। मस्क ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन पर कम से कम 458 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,400 करोड़ रुपए खर्च किए थे। चुनावी के बाद मस्क की संपत्ति को भी नुकसान हुआ। फाइनेंशियल टाइम्स ने अनुमान लगाया कि उनकी संपत्ति अब करीब ₹2.8 लाख करोड़ कम हो गई है। रिपब्लिकन हार पर मस्क की प्रतिक्रिया मस्क ने मंगलवार को मिडटर्म चुनाव पर सीधे तौर पर बहुत कम बातें की थीं। हालांकि, बुधवार सुबह उन्होंने चुनाव नतीजों का विश्लेषण करने वाले कई पोस्ट शेयर किए। उनका बड़ा योगदान टेक्सास सीनेट चुनाव, रिपब्लिकन के बड़े सुपर PAC सीनेट लीडरशिप फंड और न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी व आयोवा के अहम हाउस चुनावों में गया। ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की हार की 5 बड़ी वजहें यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स की प्रोफेसर नताशा लिंडस्टेड के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे कई वजहें थीं। इनमें शामिल है: ईंधन की कीमत: ईरान जंग के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं। आम अमेरिकी नाराज थे। टैरिफ: ट्रम्प के लगाए टैक्स से किसान, ग्रामीण इलाकों के लोग और कई कारोबार प्रभावित हुए। ICE की छापेमारी: इमिग्रेशन एजेंसी की छापेमारी से भी बड़ी संख्या में अमेरिकी नाराज थे। एपस्टीन फाइल्स: एपस्टीन से जुड़ी फाइलों का मुद्दा भी चुनाव में रिपब्लिकन के खिलाफ गया। ट्रम्प का रवैया: लिंडस्टेड के मुताबिक, ट्रम्प अपनी गलतियां नहीं मानते। वे अपने गलत फैसलों के लिए माफी भी नहीं मांगते। इस चुनाव में बने 4 नए रिकॉर्ड —————————————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने हार से पल्ला झाड़ा:पहले खुद को चेहरा बता रहे थे, चुनाव प्रचार में 47 बार अपने नाम पर वोट मांगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार से पल्ला झाड़ लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

मस्क ने रिपब्लिकन्स के समर्थन वाले पोस्ट डिलीट किए:ट्रम्प की पार्टी के प्रचार में ₹4,400 करोड़ खर्चे, हार के बाद एलन की नेट-वर्थ ₹2.8 लाख करोड़ घटी

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी हार के अरबपति एलन मस्क ने रिपब्लिकन समर्थन वाले सोशल मीडिया पोस्ट डिलिट किए। मस्क ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन पर कम से कम 458 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,400 करोड़ रुपए खर्च किए थे। चुनावी के बाद मस्क की संपत्ति को भी नुकसान हुआ। फाइनेंशियल टाइम्स ने अनुमान लगाया कि उनकी संपत्ति अब करीब ₹2.8 लाख करोड़ कम हो गई है। रिपब्लिकन हार पर मस्क की प्रतिक्रिया मस्क ने मंगलवार को मिडटर्म चुनाव पर सीधे तौर पर बहुत कम बातें की थीं। हालांकि, बुधवार सुबह उन्होंने चुनाव नतीजों का विश्लेषण करने वाले कई पोस्ट शेयर किए। उनका बड़ा योगदान टेक्सास सीनेट चुनाव, रिपब्लिकन के बड़े सुपर PAC सीनेट लीडरशिप फंड और न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी व आयोवा के अहम हाउस चुनावों में गया। ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की हार की 5 बड़ी वजहें यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स की प्रोफेसर नताशा लिंडस्टेड के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे कई वजहें थीं। इनमें शामिल है: ईंधन की कीमत: ईरान जंग के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं। आम अमेरिकी नाराज थे। टैरिफ: ट्रम्प के लगाए टैक्स से किसान, ग्रामीण इलाकों के लोग और कई कारोबार प्रभावित हुए। ICE की छापेमारी: इमिग्रेशन एजेंसी की छापेमारी से भी बड़ी संख्या में अमेरिकी नाराज थे। एपस्टीन फाइल्स: एपस्टीन से जुड़ी फाइलों का मुद्दा भी चुनाव में रिपब्लिकन के खिलाफ गया। ट्रम्प का रवैया: लिंडस्टेड के मुताबिक, ट्रम्प अपनी गलतियां नहीं मानते। वे अपने गलत फैसलों के लिए माफी भी नहीं मांगते। इस चुनाव में बने 4 नए रिकॉर्ड —————————————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने हार से पल्ला झाड़ा:पहले खुद को चेहरा बता रहे थे, चुनाव प्रचार में 47 बार अपने नाम पर वोट मांगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार से पल्ला झाड़ लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

US Stock Futures: ट्रंप की हार से खुश अमेरिकी बाजार? शुरुआती गिरावट के बाद तगड़ा उछाल; GIFT Nifty भी 190 अंक चढ़ा

US Stock Futures: अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में बुधवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। डेमोक्रेट्स की अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में बड़ी जीत के बाद बाजार में शुरुआत में भारी गिरावट आई थी।

हालांकि, बाद में निवेशकों का रुख बदल गया। Nasdaq 100 Futures अपने दिन के निचले स्तर से करीब 950 अंक संभले। Dow और S&P 500 Futures भी गिरावट से निकलकर तेजी में आ गए। GIFT Nifty में भी 190 अंक की बढ़त दर्ज हुई।

इस रिकवरी के पीछे अमेरिकी राजनीति को लेकर अनिश्चितता में कमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट अहम वजह रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के नतीजे स्वीकार करने की बात कही। इससे बाजार को राहत मिली।

Nasdaq Futures में जोरदार रिकवरी

E-mini Nasdaq 100 Futures 28,555 पर कारोबार कर रहे थे। इसमें 250 अंक यानी 0.88% की तेजी आई। इससे पहले ये फ्यूचर्स 2.4% तक गिर गए थे।

E-mini Dow Futures 676 अंक यानी 1.3% बढ़कर 52,571 पर पहुंच गए। वहीं, E-mini S&P 500 Futures 67 अंक यानी 0.89% की बढ़त के साथ 7,664 पर कारोबार कर रहे थे। S&P 500 Futures पहले 1.4% तक गिर गए थे।

अमेरिकी चुनाव के नतीजों से क्यों घबराया बाजार?

डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इससे राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। निवेशकों को चिंता थी कि डेमोक्रेट्स के नियंत्रण में टेक कंपनियों पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश करने वाली कंपनियों पर असर पड़ने की आशंका थी।

हालांकि, बाद में निवेशकों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में गिरावट को ध्यान में रखा। इससे बाजार में रिकवरी आई।

GIFT Nifty 190 अंक उछला

अमेरिकी फ्यूचर्स में रिकवरी के साथ भारतीय बाजारों में भी तेजी जारी रही। GIFT Nifty 23,950 पर पहुंच गया। इसमें 190 अंक यानी 0.8% की बढ़त रही।

बुधवार को Sensex 383 अंक चढ़कर 77,301 पर बंद हुआ। Nifty 150 अंक बढ़कर 23,961 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 में 1.55% और Nifty Smallcap 100 में 2% की तेजी आई।

US Midterm Elections : डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत, औंधे मुंह गिरे एलन मस्क के टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

US Midterm Elections : डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत, औंधे मुंह गिरे एलन मस्क के टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयर

US Midterm Elections : 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत होने के बाद,आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग में एलन मस्क की कंपनियों टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयरों में 1.8% की गिरावट आई है। इससे निवेशकों के बीच AI रेगुलेशन और संभावित विलय को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों से डेमोक्रेट्स की निर्णायक जीत के संकेत मिलने लगे हैं। जिसके बाद रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख समर्थक एलन मस्क की कंपनियों टेस्ला इंक और स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्प के शेयरों में ‘आफ्टर-आवर्स’ट्रेडिंग के दौरान गिरावट आई।

मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद शुरुआती रुझानों में जॉर्जिया से सीनेटर जॉन ओसॉफ के फिर से जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके बाद, पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में दोनों कंपनियों के शेयरों में लगभग 1.8% की गिरावट आई। तब से,अलग-अलग शेयरों में ट्रेडिंग तो बंद हो गई है,लेकिन डेमोक्रेट्स की स्थिति और मजबूत हो गई है। ‘डिसीजन डेस्क एचक्यू’ (Decision Desk HQ) का अनुमान है कि डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी हाउस और सीनेट, दोनों पर अपना नियंत्रण बना सकती है।

जिन निवेशकों के पास इन दोनों में से किसी एक या दोनों कंपनियों के शेयर हैं, उनके लिए मध्यावधि चुनावों में ‘ब्लू वेव’ (डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत) एक दोहरा झटका साबित होगी। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कड़े नियमों को लेकर चिंताएं बढ़ेंगी और साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी तथा रॉकेट, AI और सैटेलाइट सेक्टर की दिग्गज कंपनी के बीच संभावित विलय पर भी सवालिया निशान लग जाएगा।

फर्स्ट न्यूयॉर्क के विक्रम राय का कहना है कि भले ही कांग्रेस अकेले दम पर किसी समझौते को पूरी तरह रोक न सके, लेकिन मजबूत स्थिति वाले डेमोक्रेट्स इसे धीमा जरूर कर सकते हैं।

राय ने पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “अगर ‘ब्लू स्वीप’ (डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत) होती है, तो इन दोनों शेयरों पर जोखिम (हेडलाइन रिस्क) बढ़ सकता है।

जुलाई के आखिर में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद से टेस्ला के शेयरों में 34% की तेजी आई है। इसके पीछे निवेशकों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्ट्स को लेकर बना उत्साह और स्पेसएक्स के साथ संभावित विलय की संभावना है।

स्पेसएक्स इस साल की शुरुआत में लिस्ट होने के बाद दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है। यह अमेरिकी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के ज़रिए अरबों डॉलर कमाती है। जून में अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के बाद से कंपनी के शेयरों के भाव में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और इसका मार्केट वैल्यूएशन 1.9 ट्रिलियन डॉलर के आसपास बना हुआ है।

अमेरिकी मिडटर्म में डेमोक्रेट्स का बड़ा उलटफेर! डॉलर-ट्रेजरी यील्ड धड़ाम, जानें भारतीय बाजार पर इसका क्या होगा असर

मिडटर्म चुनावों के करीब आते ही इन कंपनियों के कई विवादित मुद्दे सुर्खियों में आ गए। टेस्ला और स्पेसएक्स, AI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनके मेगा मर्जर प्लान को लेकर रेगुलेटरी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस के मिलिट्री वर्जन तक पहुंच, अमेरिका-यूक्रेन और रूस के बीच तनाव का कारण बन गई है।

वोटिंग से पहले ही बाजार पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी थी कि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी का दबदबा मस्क के आचरण की जांच करने की उनकी क्षमता को मजबूत कर सकता है और संभावित समझौते में बाधा डाल सकता है।