Jet Fuel Price Cut: अब हवाई सफर होगा सस्ता, जेट फ्यूल की कीमतें 5 रुपये हुईं कम

Jet Fuel Price Cut: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार (1 जुलाई) को जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ATF की अब नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई है। वेस्ट एशिया में संकट के कारण ATF की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती है। बल्क में कीमत 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। इससे घरेलू एयरलाइंस को फ्यूल की लागत में कुछ राहत मिलेगी।

यह कटौती हाल के हफ्तों में वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और सप्लाई बेहतर होने की उम्मीदों के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में नरमी आने के बाद की गई है। इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च होता है। इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।

ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। इससे पहले बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। यह इस साल कमर्शियल LPG की कीमतों में पहली कटौती थी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बदलाव वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के बाद ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ सस्ता

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पूरे देश में पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद की गई है। दो साल में यह पहली बार है जब किसी कंपनी ने फ्यूल की रिटेल कीमतों में कमी की है।

वेस्ट एशिया में तनाव कुछ कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद क्रूड ऑयल और LNG की सप्लाई बहाल हो गई है। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नई कीमतें देश भर में नायरा के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य में वैट (VAT) जैसे लोकल टैक्स अलग-अलग होते हैं।

हालांकि, सरकारी फ्यूल रिटेलर कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी कंपनियों -इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया है।

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KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर क्रैश, जेपी मॉर्गन ने घटाया टारगेट प्राइस

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही 1 जुलाई को केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर धड़ाम हो गया। 10 फीसदी गिरने के बाद शेयर में लोअर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का बयान है। ऑटोमोटिव सॉफ्टेवेयर कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में उसकी प्रॉफिट ग्रोथ कमजोर रह सकती है। इसके बाद जेपी मॉर्गन ने इसके शेयर की रेटिंग घटा दी है। इसके शेयर का टारगेट प्राइस भी कम कर दिया है। इसका असर बुधवार को बाजार खुलने पर शेयरों को देखने को मिला। लोअर सर्किट के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर भी शेयर में बिकवाली दबाव जारी रहा।

15 फीसदी तक फिसला शेयर

KPIT Technologies का शेयर 1 जुलाई को 10 बजे 15.83 फीसदी गिरकर 564 रुपये पर चल रहा था। इससे यह BSE Midcap Index का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। बीते एक साल में यह शेयर 51.5 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में सिर्फ 6.4 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका रेवेन्यू पहली तिमाही जितनी रहने का अनुमान है। इससे यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी रह सकती है।

शेयरों में 362 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के करीब 62.61 लाख शेयरों में प्रति शेयर 375 रुपये की औसत कीमत पर ब्लॉक डील हुई। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 362.4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जेपी मॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजी के शेयर को डाउनग्रेड कर ‘अंडरवेट’ कर दिया है। पहले उसने इस शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। उसने शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है।

कंपनी के गाइडेंस पूरा नहीं करने की आशंका

जेपी मॉर्गन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि केपीआईटी टेक्नोलॉजीज पहली तिमाही के रेवेन्यू और मार्जिन के अपने गाइडेंस को पूरा नहीं कर पाएगी। साल दर साल आधार पर कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 1 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी (कॉन्सटेंट करेंसी में) घट सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूरोप में ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट (OEM) कंपनियां खर्च करने में कंजूसी बरत रही हैं।

जेपी मॉर्गन ने रेवेन्यू के अनुमान को घटाया

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के लिए कमजोर रह सकती है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ग्रोथ चौथी तिमाही में दिख सकती है। उसने यह भी कहा है कि FY27 रेवेन्यू में ऑर्गेनिक गिरावट का लगातार दूसरा साल हो सकता है। इसके मद्देनजर ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के अपने रेवेन्यू अनुमान को 5-8 फीसदी तक घटा दिया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Gold price today: सोने-चांदी में गिरावट जारी, एमसीएक्स पर सोना 1% टूटा, चांदी में भी 2% फिसली

Gold Silver Price: बुधवार, 1 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट आई। US डॉलर के मजबूत होने, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86% गिरकर ₹1,41,300 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX चांदी का सितंबर फ्यूचर सुबह 9:10 बजे के आसपास 2.06% गिरकर ₹2,23,850 प्रति किलोग्राम पर था।

जून में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आई, क्योंकि महंगाई और उसके चलते US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता थी, जबकि US और ईरान के बीच अपने झगड़े को सुलझाने के लिए बातचीत करने पर सहमति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

MCX के अनुसार, जून में घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतें ₹15,100 या लगभग 10% गिरकर ₹1,40,864 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि सिल्वर की कीमतें जून में ₹38,250 या लगभग 15% गिरकर 30 जून को ₹2,25,125 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। US गोल्ड की कीमतों में जून में 2013 के बाद से सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखी गई, जो लगातार चौथे महीने गिर रही है, इस चिंता के बीच कि महंगाई फेड को रेट बढ़ाने के लिए मजबूर करेगी।

US फेडरल रिजर्व इस साल रेट 3 गुना बढ़ा सकता है, इस अंदाज़े के बीच डॉलर में लगातार बढ़ोतरी ने गोल्ड की कीमतों पर असर डाला है।

लगातार दूसरे महीने बढ़ते हुए, डॉलर इंडेक्स जून में 2% से ज़्यादा उछला, और अब 101.35 के करीब है, जिससे दूसरी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया है और डिमांड में कमी आई है।

ज़्यादातर ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेड इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में रेट बढ़ाएगा। US फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली मीटिंग 28-29 जुलाई को होनी है।

मार्केट अब नई पॉलिसी गाइडेंस के लिए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के कमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं। फोकस जून के ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा पर भी है, जो आज बाद में आएगा, और नॉन-फार्म पेरोल प्रिंट्स पर भी है, जो गुरुवार को आने वाले हैं, ताकि फेड के इंटरेस्ट रेट ट्रैजेक्टरी पर नए सुराग मिल सकें।

जियोपॉलिटिकल फ्रंट पर, US और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरानी रिप्रेजेंटेटिव अपने US काउंटरपार्ट्स से नहीं मिलेंगे।

अब किन लेवल्स पर रखें नजर

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोने को $3,994 और $3,955 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,074 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर है। आज के सेशन में चांदी को $57.70 और $56 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.20 और $62.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX गोल्ड को ₹1,41,100 और ₹1,40,000 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,43,350 और ₹1,44,200 पर है, जबकि चांदी को ₹2,25,500 और ₹2,22,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,31,000 और ₹2,34,400 पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 5 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Kotak Bank, Advit Jewels और RailTel समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 19.50 प्वाइंट्स यानी 0.08% की मामूली गिरावट के साथ 23,985.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को निफ्टी-बैंक निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 249.70 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 76,478.67 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.50 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

KPIT Technologies

पिछले कुछ हफ्ते में रेवेन्यू में एकाएक गिरावट के चलते केपीआईटी टेक ने जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू के उम्मीद से कमजोर होने के आसार जताए हैं और सालाना आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 1% की गिरावट आ सकती है। कंपनी ने तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन में भी गिरावट की आशंका जताई है। हालांकि कंपनी को इस वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में प्रॉफिटेबल ग्रोथ का भरोसा है और मार्च 2027 तिमाही में तिमाही आधार पर अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।

Cupid

जून 2026 तिमाही में क्यूपिड को ₹150 करोड़ से अधिक रेवेन्यू की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने इस वित्त वर्ष 2027 के रेवेन्यू आउटलुक में कम से कम 10% बढ़ा दिया है।

Hexagon Nutrition Q4 (Consolidated YoY)

मार्च 2026 तिमाही में हेग्जागन न्यूट्रिशन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6% बढ़कर ₹10.9 करोड़ और रेवेन्यू 8% उछलकर ₹115 करोड़ पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत में ड्यूश बैंक के रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इस बिजनेस में लगभग ₹29,000 करोड़ के लोन, ₹16,000 करोड़ की डिपॉजिट्स और ₹10,500 करोड़ का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) शामिल हैं। इसमें 1,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे हैं और इसके करीब 1.5 लाख ग्राहक हैं।

RailTel Corporation of India

रेलटेल को महानदी कोलफील्ड्स से 60 महीनों के लिए रेंटल बेसिस पर MPLS VPN नेटवर्क सेटअप करने के लिए ₹107.6 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।

Tata Communications

जीनियस वोंग ने टाटा कॉम के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ( कोर और नेक्स्ट-जेन कनेक्टिविटी सर्विसे) और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी इस्तीफा 31 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। रूपेश चोकशी को 1 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल बिज़नेस हेड (नेटवर्क सर्विसेज) नियुक्त किया गया है, जबकि विवेक श्रीवास्तव को 17 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी सर्विसेज) नियुक्त किया गया है।

Rane (Madras)

हिंदुस्तान कम्पोजिट्स के फ्रिक्शन बिजनेस को राणे (मद्रास) खरीद रही है। दोनों के बीच गोइंग कंसर्न के तौर पर स्लम्प सेल के आधार पर ₹370 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर इस लेन-देन के लिए एक एग्रीमेंट हुआ है।

RHI Magnesita India

आरएचआई मैग्नेसाइटा इंडिया के बोर्ड ने पंकज मल्हान को 1 जुलाई, 2026 से कंपनी का एमडी और सीईओ बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि कंपनी के चेयरमैन, एमडी और सीईओ प्रमोद सागर चेयरमैन बने रहेंगे।

SRF

एसआरएफ के शेयरहोल्डर्स ने सालाना आम बैठक में कार्तिक भरत राम को 1 जून, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक के अगले कार्यकाल के लिए जॉइंट एमडी के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दी।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Genus Power Infrastructures

जीआईसी ग्रुप की सहयोगी कंपनी चिस्विक इन्वेस्टमेंट ने तीन ट्रांजैक्शन के जरिए जीनस पावर के कुल 3.35 करोड़ इक्विटी शेयर (11.03% हिस्सेदारी) बेचे। इनमें से 89.28 लाख शेयर ₹282.15 के भाव, 1.42 करोड़ शेयर ₹282.58 के भाव और 1.03 करोड़ शेयर ₹290 के भाव पर बिके। मार्च 2026 तक इसकी कंपनी में 15.11% हिस्सेदारी थी।

इनमें से बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और आकाश माणिक भंसाली की कंपनी प्रॉफिटेक्स शेयर्स एंड सिक्योरिटीज ने लगभग ₹130 करोड़ में 44.82-44.82 लाख शेयर खरीदे, जो जीनस पावर में 1.47% हिस्सेदारी के बराबर हैं। जाने-माने निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला ने ₹40 करोड़ में 13.79 लाख शेयर (0.45% हिस्सेदारी खरीदे। इन तीनों ने शेयर प्रति शेयर ₹290 के भाव पर खरीदारी की। इनके अलावा मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने प्रति शेयर ₹283.68 के औसत भाव पर ₹40.76 करोड़ में 14.37 लाख शेयर, इरेज ब्रोकिंग सर्विसेज ने ₹286.83 के भाव पर ₹91.48 करोड़ में 31.89 लाख शेयर, D3 स्टॉक विजन ने ₹281.66 के भाव पर ₹44.5 करोड़ में 15.8 लाख शेयर खरीदे।

Indo Tech Transformers

प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के प्रति शेयर ₹3,231.23 के भाव पर 68,048 शेयर और ₹3,215.39 के भाव पर 1.31 लाख शेयर बेचे। कुल मिलाकर 1.88% हिस्सेदारी के बराबर शेयरों ₹66.41 करोड़ में बिक्री हुई। सोमवार को भी प्रमोटर ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स में 1.88% हिस्सेदारी बेची थी।

Ivalue Infosolutions

360 वन पाइप फंड ने आईवैल्यू इन्फोसोल्यूशन्स के 19.23 लाख शेयर (3.52% हिस्सेदारी) ₹260 प्रति शेयर के भाव पर ₹50 करोड़ में खरीदे। इसके अलावा जाने-माने इन्वेस्टर आशीष कचोलिया की इन्वेस्टमेंट फर्म बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने प्रति शेयर ₹262.13 के भाव पर आईवैल्यू के 3 लाख शेयर ₹7.86 करोड़ में और खरीदे। वहीं साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया पर फोकस करने वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रीडोर की सहयोगी कंपनी सुंडरा (मॉरिशस) ने मंगलवार को आईवैल्यू से एग्जिट किया। उसने अपने सभी 56.98 लाख शेयर (10.43% हिस्सेदारी) ₹260.2 के भाव पर ₹148.27 करोड़ में बेच दिए।

Krishna Defence and Allied Industries

प्रमोटर्स पल्लवी अश्विन शाह, अंकुर अश्विन शाह और प्रेयल अंकुर शाह ने कृष्णा डिफेंस के 7 लाख शेयर (4.68% हिस्सेदारी) ₹84.21 करोड़ में बेच दिए। वहीं 360 वन पाइप फंड ने 4.41 लाख शेयर (2.95% हिस्सेदारी) ₹1,203.47 के भाव पर ₹53.15 करोड़ में खरीदे हैं।

Filatex Fashions

प्रमोटर प्रभात सेठिया ने फिलाटेक्स फैशन्स के 7.2 करोड़ शेयर (0.86% हिस्सेदारी) 1.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹0.18 के भाव पर बेच दिए। 21 मई, 2026 तक कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 4.85% थी।

Shankara Building Products

प्रमोटर एंटिटी द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट ने शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स में 4.13% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 10.02 लाख शेयर ₹12.75 करोड़ रुपये में प्रति शेयर ₹127.25 के भाव पर खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

प्रमोटर जुपिटर कैपिटल ने एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज के 10 लाख शेयर (2.35% हिस्सेदारी) ₹166.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,667.76 के भाव पर बेचे।

Prozone Realty

प्रमोटर एंटिटी एपैक्स ट्रस्ट ने प्रोजोन रियल्टी के 13.02 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹5.8 करोड़ में प्रति शेयर ₹44.67 के भाव पर और खरीदा है।

Energy Infrastructure Trust

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन की सब्सिडियरी रैपिड होल्डिंग्स 2 ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की 3.97 करोड़ यूनिट ₹302.13 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76.01 के भाव पर बेच दी। इनमें से नियो रियल एसेट यील्ड फंड 39.25 लाख यूनिट ₹29.83 करोड़ में, HDFC सिक्योरिटीज ने 1.31 करोड़ यूनिट ₹99.94 करोड़ में और अरवेस्टा फाइनेंशियल सर्विसेज ने 33 लाख यूनिट ₹25.08 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

अद्वित ज्वेल्स और वाटरवेज लेजर टूरिज्म के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर आज एंट्री होगी। वहीं श्रीधर स्पिनर्स के शेयरों की एनएसई एसएमई तो जिविल इंडस्ट्रीज और रियासत लाइफस्टाइल की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज डीसीएम श्रीराम केमिकल्स और ग्रोवी इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

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Asian Markets Today: एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई 1% से ज्यादा चढ़ा, कोस्पी 2% गिरा, 40 साल के नए निचले स्तर पर येन

 Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान में बढ़त सबसे ज़्यादा रही, जिसमें निक्केई 225 1.79% और टॉपिक्स 1.07% चढ़ा। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी 2.29% गिरा जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 0.42% गिरा।

ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 ज़्यादातर फ्लैट रहा, जो 0.05% नीचे था। इस बीच, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 22,990 पर था, जो 22,881.02 के पिछले क्लोज की तुलना में मज़बूत शुरुआत दिखाता है।

गिफ्ट निफ्टी 23,994 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 16 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट का जून महीना मज़बूती के साथ खत्म हुआ, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक ने 2020 के बाद अपनी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त दर्ज की, क्योंकि आर्थिक मज़बूती और कॉर्पोरेट कमाई को लेकर निवेशकों की उम्मीद मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी चिंताओं से ज़्यादा थी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने भी 2022 के बाद अपना सबसे मज़बूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया।

बड़े इंडेक्स भी दिन में ऊपर बंद हुए, जिसमें डॉव लगातार दूसरे सेशन में रिकॉxर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। S&P 500 सेक्टर में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने रैली को लीड किया, जबकि फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 3.9% बढ़ा।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 136.46 पॉइंट्स या 0.26% बढ़कर 52,319.20 पर बंद हुआ। S&P 500 58.93 पॉइंट्स या 0.79% बढ़कर 7,499.36 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 393.58 पॉइंट्स या 1.52% बढ़कर 26,213.72 पर बंद हुआ।

US-ईरान बातचीत

हाल ही में इन्वेस्टर सेंटिमेंट को इस बढ़ती उम्मीद से सपोर्ट मिला है कि ईरान विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिशें चल रही हैं, भले ही मिलिट्री टेंशन चल रही हो।

17 जून को, ईरान और U.S. ने चार महीने से चल रहे विवाद को खत्म करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन किए। हालांकि, वीकेंड में फिर से हुई गोलीबारी ने इस समझौते पर शक पैदा कर दिया है। अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए, रॉयटर्स ने एक कतरी अधिकारी के हवाले से कहा कि अभी दोहा में मौजूद US के सीनियर दूतों के ईरानी अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग करने की उम्मीद नहीं है।

जापानी येन में गिरावट

बुधवार को जापानी येन US डॉलर के मुकाबले 40 साल के नए निचले स्तर पर आ गया, जबकि मंगलवार रात को 30-स्टॉक इंडेक्स के पांच साल में पहली छमाही का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस देने के बाद डॉव फ्यूचर्स में गिरावट आई।

LSEG डेटा के मुताबिक, येन कमजोर होकर 162.28 प्रति डॉलर पर आ गया, जिससे पिछले सेशन से हो रही गिरावट और बढ़ गई क्योंकि ट्रेडर्स जापानी अधिकारियों के किसी भी संभावित दखल पर नज़र रखे हुए थे।

आज सोने का रेट

नए इकोनॉमिक डेटा के बाद इन्वेस्टर्स ने US मॉनेटरी पॉलिसी के आउटलुक का अंदाज़ा लगाया, जिससे सोना $4,000 प्रति औंस के लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। फरवरी के आखिर में ईरान में लड़ाई शुरू होने के बाद से यह कीमती मेटल लगभग 24% गिर गया है, और 200-दिन के मूविंग एवरेज सहित ज़रूरी टेक्निकल सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया है, जिसे आमतौर पर लॉन्ग-टर्म मोमेंटम का गेज माना जाता है।

स्पॉट सोना $4,013.75 प्रति औंस पर लगभग बिना बदले रहा, जबकि चांदी 1.2% बढ़कर $58.98 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब ऐसी खबरें आईं कि ईरान अमेरिकी दूतों के साथ बातचीत नहीं करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच चार महीने से चल रहे संघर्ष के बाद नाजुक अंतरिम सीज़फ़ायर को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 50 सेंट, या 0.69% बढ़कर $73.45 प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 63 सेंट, या 0.91% बढ़कर $70.13 प्रति बैरल हो गया।

डॉलर

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे जापानी येन 1986 के बाद अपने सबसे कमज़ोर लेवल पर पहुँच गया और इस बात की अटकलें तेज़ हो गईं कि जापानी अधिकारी सीधे बाज़ार में दखल देने वाले हैं।

सेशन के दौरान ग्रीनबैक 162.66 येन के हाई लेवल पर पहुंच गया और आखिरी बार 0.4% बढ़कर 162.59 येन पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज़ दर में एक और बढ़ोतरी की बढ़ती बाज़ार उम्मीदों से डॉलर को सपोर्ट मिला है। फेड के टारगेट से ऊपर लगातार महंगाई, लगातार आर्थिक मजबूती, और सेंट्रल बैंक के नए तिमाही अनुमान—जिसमें दिखाया गया कि 19 पॉलिसीमेकर्स में से नौ को साल के आखिर से पहले रेट में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है—ने करेंसी की मजबूती को और मजबूत किया है।

 

ईरान बोला- होर्मुज हमारी सबसे बड़ी ताकत, पीछे नहीं हटेंगे:टोल में 60 दिन की छूट अस्थायी, इस पर हमारा अधिकार रहेगा

ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इस पर उसका अधिकार बना रहेगा। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में समुद्री सेवाओं के टोल में 60 दिनों की छूट सिर्फ अस्थायी व्यवस्था है। ईरानी सरकारी मीडिया से बातचीत में गालीबाफ ने कहा कि होर्मुज ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह कहकर विवाद पैदा नहीं कर सकता कि ईरान ने इस स्ट्रेट का सैन्यीकरण कर दिया है। गालीबाफ ने कहा, “ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना अधिकार नहीं छोड़ा है। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हम किसी भी परिस्थिति में अपने इस रुख से पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने होर्मुज को युद्ध के दौरान ईश्वर का दिया उपहार बताया। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में फिर बढ़ी जहाजों की आवाजाही: समुद्री निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को होर्मुज से कुल 40 जहाज गुजरे। इनमें से 16 जहाजों ने ईरान के समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया। 2. ईरान की शर्त- पहले फंसे 6 अरब डॉलर दो: ईरान चाहता है कि विदेशों में फंसी उसकी करीब 6 अरब डॉलर (करीब 57 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति पहले जारी की जाए। इसके बाद ही वह शांति समझौते के अगले चरण पर आगे बढ़ेगा। 3. पजशकियान बोले- समझौता सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ है। 4. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा इंतजाम: ईरान अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रहा है। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

HDFC म्यूचुअल फंड के नवनीत मुनोत ने कहा-भारत में अब लोग सेविंग्स की जगह निवेश करने लगे हैं

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सीईओ नवनती मुनोत ने इंडिया में निवेश की बदलती तस्वीर के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि देश में म्यूचुअल फंड स्टोरी अब सिर्फ मार्केट रिटर्न तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। इसमें परिवार फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए लंबी अवधि का निवेश कर रहे हैं। मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड समिट 2026 में मनीकंट्रोल के मैनेजिंग डायरेक्टर नलिन मेहता से बातचीत में उन्होंने इनवेस्टमेंट को लेकर कई अहम बातें बताईं।

भारत में अब लोग सेविंग्स की जगह निवेश कर रहे हैं

मुनोत ने कहा कि भारत अब ‘सेविंग्स करने वाले लोगों की जगह निवेश करने वाला देश बन रहा है।’ यह सोशल और सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, “यह पहली पीढ़ी है जो अनुशासित तरीके से निवेश कर वित्तीय आजादी हासिल करने की कोशिश कर रही है। मैं इसे इंडिया का 401(K) मूवमेंट कहता हूं।” उनका संकेत अमेरिकी रिटायरमेंट सेविंग्स सिस्टम से था। इसमें इनवेस्टर्स मार्केट लिंक्ड कंट्रिब्यूशन के जरिए लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट वेल्थ क्रिएट करते हैं।

लोग अनुशासित निवेश से खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना रहे 

उन्होंने कहा कि इस तरह (अमेरिका जैसा) के बदलाव की शुरुआत इंडिया में हो रही है। बड़ी संख्या में लोग यह सोचने लगे हैं कि वे नियमित रूप से निवेश के जरिए अपनी खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना सकते है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत में म्यूचुअल फंड आम लोगों के सेविंग्स प्लान का प्रमुख हिस्सा बन गया है। इसमें सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और व्यापक वित्तीय जागरूकता का बड़ा हाथ है।

यह भी पढ़ें: Flexicap या Multicap, किस फंड में निवेश से आपको होगा ज्यादा फायदा?

म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन से बढ़ा है लोगों का भरोसा

मुनोत ने कहा कि इंडस्ट्री (म्यूचुअल फंड) की ग्रोथ सिर्फ डिस्ट्रिब्यूशन की जगह परफॉर्मेंस और ट्रस्ट पर आधारित है। उन्होंने कहा, “इंडस्ट्री ने कड़ी मेहनत की है। मेरा मानना है कि यह ट्रैक रिकॉर्ड है, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम हुआ है। इनवेस्टर्स की संख्या 2 करोड़ से 6 करोड़ तक पहुंच गया है। मेरा मानना है कि इस ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से बड़ा फर्क आया है।” उन्होंने कहा कि ग्रोथ की संभावनाएं काफी ज्यादा है। भारत में परिवारों की 14 लाख करोड़ डॉलर की बैलेंसशीट में से सिर्फ 6 फीसदी का निवेश अभी शेयरों में है।

Gold-Silver Price Today: चांदी ने लगाई ₹6000 की छलांग, सोना हुआ सस्ता; जानिए आज का रेट

Gold-Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने की वजह से 24 कैरेट सोना 800 रुपये सस्ता होकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार को सोने का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में जोरदार वापसी

वहीं, चांदी ने लगातार चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों टूटा, चांदी क्यों चमकी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बना रहा। वहीं, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,021.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 1% की तेजी रही और यह 58.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने गोल्ड में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना जताई है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के आर्थिक और रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।

Gold Silver Buy or Sell: सोने-चांदी में रिकॉर्ड गिरावट, क्या यह खरीदारी का सबसे सही मौका है या फटाफट बेचने में ही भलाई? एक्सपर्ट्स से समझें

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