महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे

Raigad : 3000 Gas Cylinders Washed Away

महाराष्‍ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है।

रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की।

 

गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

10 जुलाई को BSE, नेस्ले समेत 14 कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट, एलिजिबिल बनने ​के लिए 9 जुलाई आखिरी मौका

10 जुलाई को 14 कंपनियों के शेयर एक्स-​डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। लिस्ट में नेस्ले, BSE, हिंडाल्को, एक्सिस बैंक, जेके सीमेंट जैसे नाम शामिल हैं। 10 जुलाई से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो जाएंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप इन 14 कंपनियों में से किसी के डिविडेंड का फायदा पाना चाहते हैं लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं हैं तो आज, 9 जुलाई को ट्रेडिंग बंद होने से पहले शेयर खरीद करनी होगी। आइए जानते हैं इन कंपनियों और डिविडेंड की डिटेल…

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने वाली है। इस पर 24 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 22 अगस्त को या उससे पहले किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 19 रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत गिरा है।

JSW Cement

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 50 पैसे या 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। डिविडेंड पर 31 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 6 महीनों में 15 प्रतिशत चढ़ी है।

Nestle India

नेस्ले इंडिया अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये का फाइनल और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देने वाली है। पेमेंट 30 जुलाई को या 30 जुलाई से किया जाएगा। इस तरह शेयरहोल्डर्स को स्पेशल और फाइनल डिविडेंड मिलाकर कुल 7 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलने वाला है। कंपनी इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में लगभग 20 प्रतिशत उछली है।

Axis Bank

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा अप्रैल महीने में हुई थी। 31 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है।

Computer Age Management Services

CAMS वित्त वर्ष 2026 के लिए 4 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। इससे पहले कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में 9 प्रतिशत मजबूत हुई है।

JK Cement

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 17 जुलाई को सालाना आम बैठक में इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। जेके सीमेंट ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 15 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। एक महीने में कीमत 13 प्रतिशत उछली है।

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Hindalco Industries

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। डिविडेंड पर 23 जुलाई को कंपनी की सालना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। हिंडाल्को के शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। शेयर एक साल में 42 प्रतिशत चढ़ा है।

Grindwell Norton

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 19 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 24 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 17 रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में 35 प्रतिशत से ज्यादा उछली है।

Apollo Tyres

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले अपोलो टायर्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 3.50 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 5 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। एक महीने में भाव 13 प्रतिशत चढ़ा है।

New India Assurance Company

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 1.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 27 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.80 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। 3 महीनों में भाव 40 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।

Aegis Vopak Terminals

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 20 पैसे या 0.20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 7 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 4 सितंबर को या उससे पहले कर दिया जाएगा। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। एक महीने में भाव 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है।

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Aegis Logistics

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.70 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 7 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 4 सितंबर को या उससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 6 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। यह शेयर 3 महीनों में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है।

Dr Reddys Laboratories

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 8 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 23 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। डॉ. रेड्डीज लैब्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है।

BSE Limited

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 18 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की:भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे

अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। अगले दिन उसके शव की फोटो भारत में रहने वाली गर्लफ्रेंड को भेजी। करीब 9 महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल वह हिरासत में है। उसे जमानत के लिए 50 लाख डॉलर यानी करीब 48 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। दोषी साबित होने पर उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। आरोपी की पहचान 30 साल के अविनाश नार्ने के रूप में हुई है। वह तेलंगाना का रहने वाला है। वह अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसकी शादी 5 जून 2025 को 27 साल की राजिता सब्बिनेनी से हुई थी। शादी के 5 महीने बाद पत्नी का शव मिला 27 अक्टूबर 2025 को अविनाश ने पुलिस को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी बाथरूम में बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो राजिता का शव अंदर मिला। उसने दावा किया कि वह करीब 40 मिनट के लिए घर से बाहर गया था और लौटने पर पत्नी बाथरूम में बंद मिली। जांच के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट के स्मार्ट लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम का डेटा खंगाला। इससे पता चला कि अविनाश के बाहर रहने के दौरान फ्लैट में कोई दूसरा व्यक्ति घर में नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने किसी बाहरी व्यक्ति के हत्या करने की आशंका खारिज कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि राजिता की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई थी। इसके बाद मामले को हत्या मानकर जांच आगे बढ़ाई गई। शादी के बाद भी गर्लफ्रेंड से रिश्ता रखा जांच में पता चला कि अविनाश का भारत में रहने वाली एक महिला से कई साल से प्रेम संबंध था। इसी दौरान उसने राजिता से अरेंज मैरिज की। पुलिस के मुताबिक उसकी गर्लफ्रेंड शादी में भी शामिल हुई थी। शादी के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। हत्या वाले दिन अविनाश ने गर्लफ्रेंड से कम से कम चार बार बात की थी। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि पत्नी की मौत के अगले दिन उसने राजिता के शव की तस्वीर उसे भेजी थी। पत्नी ने कई बार कड़वे ड्रिंक की शिकायत की थी पुलिस को जांच में राजिता और अविनाश के बीच हुई चैट भी मिली। इनमें राजिता ने कई बार पति के बनाए ड्रिंक का स्वाद कड़वा होने की शिकायत की थी। मौत वाले दिन उसने मैसेज कर कहा था कि पति की बनाई स्मूदी का स्वाद दवा और कफ सिरप जैसा लग रहा है। पुलिस के घर पहुंचने पर अविनाश ने कहा था कि उसकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी, हो सकता है कि कफ सिरप पीने के बाद वह बाथरूम में गिर गई हो। राजिता की मौत के बाद पुलिस कई महीनों तक डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और दूसरे सबूत जुटाती रही। इसके बाद जुलाई 2026 में अविनाश से दोबारा पूछताछ की गई और उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 साल की निकिता का शव अर्जुन के अपार्टमेंट से मिला था। जब उसका शव को मिला तो उस पर चाकू से वार के कई निशान थे। पूरी खबर पढ़ें…

CBSE re-evaluation 2026: जिस विषय का नहीं कराया री-इवैल्युएशन उसमें घटा दिए नंबर और ‘रिपीट थ्योरी’ कर दिया स्टेटस, फरीदाबाद के दो छात्रों ने लगाया आरोप

CBSE re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड से शैक्षिक सत्र 2026-27 में 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद से उठा बवाल अभी तक थमता नहीं दिख रहा है। सीबीएसई बोर्ड के सिर्फ रिजल्ट ने ही छात्रों को परेशान नहीं किया है, बल्कि री-इवैल्युएशन प्रक्रिया ने भी छात्रों के छक्के छुड़ा दिए हैं। अब फरीदाबाद के एक स्कूल के 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने आरोप लगाया है कि जिन विषयों के लिए उन्होंने कभी अप्लाई नहीं किया था, उनके री-इवैल्यूएशन में उनके अंक कम कर दिए गए, जबकि जिन पेपर्स के लिए उन्होंने रिव्यू के लिए रिक्वेस्ट की थी, उनके स्कोर बढ़ गए।

इस खबर ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, बोर्ड ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को भी एक बार फिर पुख्ता कर दिया है। बता दें, इन दोनों मामलों का खुलासा द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अचानक हुए बदलावों ने दोनों छात्रों के फाइनल रिजल्ट स्टेटस को ‘पास’ से बदलकर ‘रिपीट इन थ्योरी’ (RT) कर दिया, जिससे उनकी आगे की योजनाओं पर संकट खड़ा हो गया है। खासतौर, से तब जब कि यूनिवर्सिटी लगातार अपने एडमिशन विंडो बंद कर रही हैं।

री-इवैल्यूएशन के बाद दो विषयों में नंबर बढ़े, एक में घट गया 

पहले मामले में, एक छात्रा ने 12वीं कक्षा के रिजल्ट आने के बाद केमिस्ट्री और होम साइंस के लिए री-इवैल्यूएशन की मांग की थी। पुनर्मूल्यांकन के बाद केमिस्ट्री में अंक बढ़कर 42 से 52 और होम साइंस में 70 से 79 हो गए। लेकिन, रिवाइज़्ड मार्कशीट में कथित तौर पर छात्र का ओवरऑल रिजल्ट RT हो गया। इसमें उसका मैथ्स में स्कोर 46 से घटकर 40 हो गया था, जबकि उस सब्जेक्ट के लिए कोई रिव्यू रिक्वेस्ट नहीं की गई थी।

ऐसा ही मामला, दूसरे छात्र के साथ भी हुआ। इस छात्र ने सिर्फ फिजिक्स और कंप्यूटर साइंस में री-इवैल्यूएशन का आवेदन करने के बाद, दोनों विषयों में मार्क्स बढ़ गए। फिर भी, रिवाइज्ड मार्कशीट में कथित तौर पर केमिस्ट्री के मार्क्स 52 से घटकर 43 दिखाए गए, वह भी उस पेपर में जो री-इवैल्यूएशन के लिए सबमिट नहीं किया गया था।

स्कूल, परिवार मांग रहे जवाब

दोनों छात्र डीएवी पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद के हैं। उनके परिवारों ने सीबीएसई रीजनल ऑफिस में जाकर कहा है कि री-इवैल्यूएशन रिक्वेस्ट के अलावा दूसरे विषयों के नंबरों में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि अचानक हुए बदलावों से हायर एजुकेशन में प्रवेश खतरे में पड़ गया है। इससे छात्रों का साल बर्बाद हो सकता है। स्कूल ने भी सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक को लिखा है, जिसमें मामले की तुरंत समीक्षा करने की अपील की गई है।

बोर्ड ने मामले को ‘पॉलिसी मैटर’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि अधिकारियों ने इनफॉर्मल तौर पर इस मामले को “पॉलिसी मैटर” बताया था। उन्होंने दावा किया था कि पहले दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए गए थे। हालांकि, प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल को ऐसी किसी पॉलिसी के बारे में पता नहीं था और बोर्ड ने कोई फॉर्मल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था।

कोई पॉलिसी नहीं, कोई जवाब नहीं?

इस विवाद ने इस बात पर भी ध्यान खींचा है कि क्या CBSE के पास कोई औपचारिक नियम है जिससे री-इवैल्यूएशन के लिए नहीं चुने गए विषयों के नंबर कम किए जा सकें या पहले दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस लिए जा सकें।

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8th Pay Commission: क्या सच में ₹18000 से बढ़कर ₹69000 हो जाएगी मिनिमम बेसिक सैलरी? एक्सपर्ट से जानें इस वायरल दावे का पूरा सच

8th Pay Commission Minimum Basic Pay: इन दिनों सरकारी दफ्तरों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह एक ही चर्चा सबसे है क्या आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो जाएगी? इस दावे को लेकर हर कर्मचारी के मन में उत्सुकता और असमंजस दोनों है।

मार्केट एक्सपर्ट और फाइनेंशियल एनालिस्ट संजय कथूरिया ने इस पूरे गणित का गहराई से विश्लेषण किया है। उनके इस एनालिसिस के आधार पर आइए समझते हैं कि इस वायरल दावे के पीछे की सच्चाई क्या है और असल में आपकी सैलरी कितनी बढ़ सकती है।

समझें सैलरी का गणित: बेसिक पे क्यों है सबसे जरूरी?

हर 10 साल में सरकार महंगाई, आर्थिक बदलावों और रहन-सहन के खर्च को देखते हुए वेतन आयोग का गठन करती है। लेकिन सैलरी का बढ़ना सिर्फ आपके टेक-होम पे यानी हाथ में आने वाले पैसे से नहीं जुड़ा होता, बल्कि इसकी शुरुआत बेसिक पे से होती है।

आपकी ग्रॉस सैलरी का ढांचा कुछ ऐसा होता है:

ग्रॉस सैलरी = बेसिक पे + महंगाई भत्ता (DA) + हाउस रेंट अलाउंस (HRA) + अन्य भत्ते

इसी ग्रॉस सैलरी में से एनपीएस (NPS) और इनकम टैक्स जैसी कटौतियों के बाद आपके बैंक खाते में नेट सैलरी आती है। जब भी नया वेतन आयोग आता है, तो मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को शून्य करके उसे नई बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है। यही वजह है कि सिर्फ पुरानी और नई बेसिक पे की तुलना करने से अक्सर भ्रामक खबरें बनने लगती हैं। 8वें वेतन आयोग में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

क्या है ‘फिटमेंट फैक्टर’ का पूरा खेल?

सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह फिटमेंट फैक्टर तय करता है। यह वह नंबर होता है जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक पे निकाली जाती है। इसे लेकर संजय कथूरिया, CFA ने दो बड़े पहलू सामने रखे हैं:

पहला पहलू: ₹69,000 की उम्मीद कितनी सच?

कर्मचारी यूनियनों ने 5 सदस्यों वाले परिवार के उपभोग मॉडल के आधार पर 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तब गणित कुछ ऐसा होगा:

₹18,000 (मौजूदा न्यूनतम बेसिक) × 3.83 = ₹68,940 (लगभग ₹69,000)

यही वो नंबर है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लेकिन क्या आर्थिक मोर्चे पर यह व्यावहारिक है?

दूसरा पहलू: आर्थिक हकीकत और असली अनुमान

संजय कथूरिया के मुताबिक, सरकारें सैलरी को अकेले में नहीं बढ़ातीं। उन्हें देश का राजकोषीय घाटा, डिफेंस का खर्च, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वेलफेयर स्कीम्स और केंद्रीय दायित्वों के साथ राज्यों के वित्तीय संतुलन को भी देखना होता है।

इन कड़वी आर्थिक हकीकतों को देखते हुए कई पॉलिसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.6 के बीच रहना ही सबसे ज्यादा संभावित है। इस आधार पर नई न्यूनतम बेसिक सैलरी का दायरा इस प्रकार हो सकता है:

₹36,000 से ₹47,000 के बीच (अगर सीधे ₹18,000 से गणना की जाए)

अंतिम सिफारिशों और ढांचे के आधार पर यह दायरा ₹40,000 से ₹52,000 के आसपास भी बैठ सकता है।

यानी, हकीकत का यह आंकड़ा हेडलाइंस में चल रहे ₹69,000 के दावे से काफी कम है।

पैसा हाथ में आने में कितना लगेगा समय?

भले ही इन सिफारिशों को जनवरी 2026 से लागू करने की बात कही जा रही हो, लेकिन इतिहास गवाह है कि असल में पैसा जेब तक पहुंचने में लंबा वक्त लगता है। पिछले वेतन आयोगों के ट्रेंड को देखें, तो कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन और उसका पूरा एरियर साल 2027 के आखिर या फिर 2028 की शुरुआत में ही मिलने की उम्मीद है।

Trading Plan: कल की बड़ी गिरावट के बाद आज निफ्टी में दिख रही रिकवरी, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : कल के सेशन में जबरदस्त बिकवाली के बाद,निफ्टी के 24,000-24,100 के जोन की तरफ वापसी करने की कोशिश करने की उम्मीद है,लेकिन यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, इस पर नजर रखनी होगी। नीचे की तरफ 23800 का लेवल (बुधवार का निचला स्तर और हालिया तेजी का 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल से नीचे जाता है,तो गिरावट 23,600-23,500 की तरफ बढ़ सकती है। वहीं,जून के हाई लेवल तक वापस पहुंचने के लिए बैंक निफ्टी को 57,300 के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,इंडेक्स के कंसोलिडेशन फेज में रहने की संभावना है, जिसमें 56,300 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। जानकारों के मुताबिक,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 55,700 तक गिर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज के हेड -टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार के ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निफ्टी बड़ी बिकवाली देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बढ़ गया है। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बिकवाली के भारी दबाव और कमजोर मार्केट सेंटीमेंट का संकेत है।

कल पूरे मार्केट में कमजोरी दिखी और सभी सेक्टर के इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि निवेशकों के बीच जोखिम से बचने का माहौल है। खास बात यह है कि इंडिया VIX में 26 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई,जो हाल के महीनों में एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त है। यह मार्केट में अनिश्चितता और डर के तेज से बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो भारी गिरावट ने निफ्टी को उसके सभी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे धकेल दिया है। यह मौजूदा ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के एवरेज से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे मोमेंटम में कमजोरी का पता चलता है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक अभी भी स्लो स्टोकेस्टिक लाइन से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो नेगेटिव ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे चलकर,23,800-23,750 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि इस रेंज में पहले के कई स्विंग लो (swing lows) बने हैं। अगर इंडेक्स लगातार 23,750 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 और उसके बाद 23,450 के लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ,24,000-24,050 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन के ऊपर की चाल,मौजूदा मंदी के दबाव को कम करने और शॉर्ट-टर्म मार्केट सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी होगी। तब तक,ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है,क्योंकि उतार-चढ़ाव के ज्यादा बने रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,000, 24,050

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750, 23,600

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,900 के नीचे बेचें,स्टॉप-लॉस 24,090 और टारगेट 23,600 रखें।

Market cues : 23800 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट, ऊपर की तरफ 24000 पर होगा पहला रेजिस्टेंस

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग और मार्केट सेंटीमेंट में तेजी से आई गिरावट को दिखाती है।

तकनीकी तौर पर देखें तो तेजी से आई गिरावट ने इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। बैंक निफ्टी 8 जून,2026 के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA से नीचे आ गया है,जो शॉर्ट-टर्म में तेजी के मोमेंटम के कम होने का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के औसत से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मोमेंटम नेगेटिव हो गया है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंसोलिडेशन या गिरावट हो सकती है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56,400-56,300 का 200-डे EMA जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर यह 56,300 के नीचे टूटता है,तो नई बिकवाली का दबाव बन सकता है,जिससे 55,700 तक और गिरावट आ सकती है और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 55,000 का साइकोलॉजिकल लेवल भी देखने को मिल सकता है।

ऊपर की तरफ,57,200-57,300 का 20-डे EMA जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा कमजोरी को खत्म करने और शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए इंडेक्स को इस रुकावट को पार करना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,कुल मिलाकर बाजार का रुख सतर्क रहने की संभावना है और जारी ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव के भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,200, 57,300

अहम सपोर्ट: 56,400, 56,300, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,900 के नीचे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,57,400 पर स्टॉप-लॉस और 55,700 का टारगेट रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर ग्रीन शुरुआत! Vedanta, Infosys और Indigo समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिक एशियाई बाजारों में रौनक के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 23.977.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 08 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Infosys

इन्फोसिस ने नॉर्वे के सबसे बड़े बैंक डीएनबी बैंक एएसए के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके तहत यह नाइस एक्टिमाइज एक्स-साइट एंटरप्राइज (NICE Actimize X-Sight Enterprise) प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक के फाइनेंशियल क्राइम (FinCrime) ऑपरेशन्स को नए जमाने के हिसाब से बनाएगी।

Vedanta

ईडी ने ने वेदांता और इसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक के कुछ ऑफिसों का दौरा किया।

Bliss GVS Pharma

महाराष्ट्र के पालघर में स्थित ब्लिस जीवीएस फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को डब्ल्यूएचओ से इंस्पेक्शन क्लोजर रिपोर्ट मिला है। इस यूनिट को डब्ल्यूएचओ ने GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) स्टैंडर्ड्स के पैमाने पर खरा पाया।

Dhanuka Agritech

धनुका एग्रीटेक का ₹70 करोड़ तक का शेयर बायबैक ऑफर 4 जून को खुलेगा। इस बायबैक ऑफर के तहत कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,400 के भाव पर 5 लाख तक शेयर खरीदने का लक्ष्य रखा है।

Advait Energy Transitions

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स की सब्सिडियरी अद्वैत बीईएसएस भेसान ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (BESPA) किया है। यह एग्रीमेंट 150 MW/300 MWh की कुल क्षमता वाले स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए है।

John Cockerill India

जॉन कॉकरिल इंडिया को जेएसडब्ल्यू विजयनगर मेटालिक्स से एक सीआरएनओ प्रोजेक्ट के लिए ₹1,250-₹1,300 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Canara Bank

केनरा बैंक के बोर्ड ने अगले वित्त वर्ष 2027 के लिए बैंक को डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक की योजना बेसल III-कम्प्लायंट एडिशनल टियर-I बॉन्ड्स के जरिए ₹4,500 करोड़ और बेसल III-कम्प्लायंट टियर-II बॉन्ड्स के जरिए ₹4,000 करोड़ जुटाने की है।

Adani Ports and Special Economic Zone

अडानी पोर्ट्स ने मई 2026 में 48.3 MMT कार्गो वॉल्यूम हैंडल किया जो सालाना आधार पर 16% अधिक रहा इसे लिक्विड और कंटेनर्स से सपोर्ट मिला। मई 2026 में लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 48,170 TEUs रहा, जो सालाना आधार पर 19% कम रहा।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंटरनेशनल एयरस्पेस में लगातार रुकावटों और लागत से जुड़ी चुनौतियों के चलते इंडिगो ने 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर आने-जाने वाली अपनी फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद इंडिगो ने डैम्प/वेट लीज पर लिए गए छह बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर जहाजों में से एक नोर्स अटलांटिक एयरवेज को वापस करने की योजना बना रही है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Alkem Laboratories

प्रमोटर ग्रुप की जयंती सिन्हा ने अल्केम लैबोरेटरीज में अपनी पूरी 1.04% हिस्सेदारी (12.38 लाख शेयर) ₹643.87 करोड़ में बेच दी। इसके अलावा संप्रदा एंड ननहमती सिंह फैमिली ट्रस्ट ने 5.5 लाख शेयर ₹286 करोड़ में बेचे। ये लेन-देन प्रति शेयर ₹5,200 के भाव पर हुए। दूसरी तरफ प्रमोटर्स की बेची हुई हिस्सेदारी को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, BNP पारिबा आर्बिट्राज, सोसिएट जेनरल, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने खरीदा।

Neogen Chemicals

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने नियोजेन केमिकल्स के 2.66 लाख शेयर ₹47.56 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,788.01 के भाव पर बेचे।एक्सिस म्यूचुअल फंड ट्रस्टी के पास एक्सिस स्मॉल कैप फंड के ज़रिए 18 अप्रैल 2026 तक नियोजेन केमिकल्स में पहले से ही 5.59% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आज अशोक लेलैंड, फोसेको इंडिया, मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स, नवनीत एजुकेशन और रेम्सन्स इंडस्ट्रीज के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो आनंद राठी वेल्थ के बोनस और सर शादी लाल एंटरप्राइजेज के विलय की आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया और कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Used car study 2026: Mahindra XUV700 holds its value best among executive SUVs

Mahindra XUV700 resale value

Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.

In this part of the resale value study series, we take a look at the executive SUV segment:

Executive SUVs resale value 

The Mahindra XUV700 has emerged as one of the strongest performers in the used car market, with all variants retaining value impressively well. Particularly noteworthy are the petrol variants, which display the flattest depreciation curves over a four-year period. In fact, one-year-old used examples are trading at only 15-16 percent below their average on-road prices, underlining the SUV’s exceptionally strong market demand.

By comparison, five-year-old examples of the Tata Harrier and MG Hector depreciate significantly more, with resale values falling to less than half of their original purchase prices. The Mahindra Scorpio N also holds better value than its rivals, and overall, the Mahindra SUVs display slower depreciation than their Tata counterparts. 

As per the study, the average selling price of a five-year-old executive SUV retailed through Spinny was Rs 12.6 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old executive SUVs were Rs 16.80 lakh and Rs 18.84 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 50 percent, 36.41 percent and 22.90 percent, respectively.

Autocar-Spinny resale value study methodology 

The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.

For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.

Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.

Shukra-Ketu transit in Leo: सिंह राशि में केतु और शुक्र का संयोग बनाएगा 4 राशियों को धनवान, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Shukra-Ketu transit in Leo: सिंह सूर्य देव की राशि है। इसमें वर्तमान में दो काफी पावरफुल ग्रह विराजमान हैं। इनमें से एक हैं छाया ग्रह केतु और दूसरा सुख, सौंदर्य और प्रेम का कारक ग्रह शुक्र। केतु जहां इस राशि में 18 मई 2025 से हैं और 31 अक्टूबर 2026 तक यहीं रहने वाले हैं, वहीं भौतिक सुख और ऐश्वर्य के दाता शुक्र ने 4 जुलाई को इसमें प्रवेश किया है। सिंह राशि में इन दोनों ग्रहों के मिलन से एक दुर्लभ ‘शुक्र-केतु युति’ का निर्माण हुआ है।

ज्योतिष में शुक्र को सांसारिक सुख और केतु को आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि का कारक माना जाता है। सिंह राशि में इनका यह योग जातकों को भौतिक समृद्धि देने के साथ-साथ सही निवेश और सही निर्णय लेने की गहरी समझ भी प्रदान करेगा। इन दोनों ग्रहों की दुर्लभ युति 4 राशियों के लिए शुभ मानी जा रही है। यह अद्भुत संयोग अगले 27 दिनों तक यानी 1 अगस्त 2026 तक बना रहेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्र और केतु की यह जुगलबंदी 4 राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।

मिथुन राशि : यह युति मिथुन राशि के तीसरे भाव में हो रही है। इससे आपके साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी संवाद शैली से लोग प्रभावित होंगे। भाई-बहनों और मित्रों के सहयोग से आपके बिगड़े काम बनेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। किसी धार्मिक यात्रा के योग हैं।

सिंह राशि : सिंह राशि के जातकों के लग्न भाव में यह युति बन रही है। इससे इन्हें सबसे अधिक लाभ मिलेगा। काफी समय से चला आ रहा मानसिक तनाव और भ्रम समाप्त होगा। कला, मीडिया, लेखन या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी प्रसिद्धि, मान-सम्मान और धन लाभ होगा।

तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर ग्यारहवें भाव में हो रहा है। चूंकि शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपकी आमदनी में भारी बढ़ोतरी होगी और अटका हुआ धन वापस मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी और मुनाफे वाली डील फाइनल हो सकती है।

धनु राशि : यह युति इनके नवम भाव में होने जा रही है। अगले 27 दिनों तक भाग्य आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए विदेश जाने का सपना देख रहे जातकों की बाधाएं दूर होंगी। नौकरीपेशा लोगों को बेहतर पैकेज के साथ नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Shani Vakri 2026: इस तारीख से उल्टी होगी शनि की चाल, वृषभ और मिथुन सहित 4 राशियों को कर देगी मालामाल

इन 10 सबसे सस्ते देशों में करें फॉरेन ट्रिप, टिकट से लेकर होटल तक सब मिलेगा बजट में!

अगर आप 2026 में विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं लेकिन बजट और आसान कनेक्टिविटी दोनों को ध्यान में रखना चाहते हैं, तो कुछ देश आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट हो सकते हैं। ये देश न सिर्फ सस्ते हैं, बल्कि अपनी खूबसूरती और अलग एक्सपीरियंस के लिए भी जाने जाते हैं। यहां आपको नेचर, एडवेंचर, बीच और कल्चर का शानदार कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है। आइए जानते हैं ऐसे देशों और वहां पहुंचने के आसान फ्लाइट रूट्स के बारे में:

1. बोलिविया

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यह साउथ अमेरिका का बहुत ही सस्ता और एडवेंचर से भरा देश है। यहां का Salar de Uyuni (सॉल्ट फ्लैट) दुनिया की सबसे अनोखी जगहों में से एक है। La Paz और Sucre जैसे शहर कल्चर और पहाड़ों के लिए फेमस हैं। बजट ट्रैवलर्स के लिए हॉस्टल और लोकल खाना बहुत सस्ता मिलता है, लेकिन फ्लाइट थोड़ी महंगी हो सकती है। बोलिविया सबसे लंबी दूरी वाला डेस्टिनेशन है और यहां पहुंचने के लिए 2–3 स्टॉप लेने पड़ते हैं, जैसे दोहा, यूरोप या ब्राजील होते हुए। कुल ट्रिप समय 28–40 घंटे तक हो सकता है। लेकिन यहां का सॉल्ट फ्लैट और नेचर इसे बेहद खास बनाते हैं।

2. अल्बानिया

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यूरोप का hidden gem माना जाता है। यहां ग्रीस जैसे खूबसूरत बीच मिलते हैं लेकिन बहुत कम कीमत पर। Tirana और Ksamil Beach बहुत फेमस हैं। यह देश यूरोप में सबसे सस्ता घूमने वाला देश माना जाता है। यहां का शांत माहौल और साफ बीच इसे और भी खास बनाते हैं। अल्बानिया जाने के लिए दिल्ली से सीधी फ्लाइट नहीं है। यहां पहुंचने के लिए आमतौर पर इस्तांबुल, दोहा या दुबई के जरिए 1–2 स्टॉप वाली फ्लाइट लेनी पड़ती है। कुल सफर लगभग 10–14 घंटे का होता है। यह यूरोप का एक सस्ता और खूबसूरत बीच डेस्टिनेशन है।

3. केन्या

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यह अफ्रीका का वाइल्डलाइफ देश है जहां Masai Mara Safari बहुत पॉपुलर है। यहां आप शेर, हाथी और जिराफ़ को नेचुरल एनवायरनमेंट में देख सकते हैं। बजट सफारी पैकेज और लोकल स्टे आसानी से मिल जाते हैं। यहां का नेचर और एडवेंचर दोनों ही बहुत एक्साइटिंग होते हैं। केन्या के नैरोबी के लिए दिल्ली से कभी-कभी सीधी फ्लाइट मिल जाती है, लेकिन आमतौर पर 1 स्टॉप वाली फ्लाइट होती है जो दोहा या दुबई से होकर जाती है। कुल ट्रिप समय लगभग 6–9 घंटे का होता है। यह अफ्रीका का वाइल्डलाइफ एक्सपीरियंस लेने के लिए बेहतरीन जगह है।

4. कजाकिस्तान

Astana: From Humble Origins to National Capital - The Astana Times

यह एक बड़ा और कम भीड़ वाला देश है जहां पहाड़, झीलें और मॉडर्न शहर दोनों मिलते हैं। अल्माटी शहर बहुत सुंदर और बजट फ्रेंडली है। यह एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट जगह है। यहां हर मौसम में अलग ही खूबसूरती देखने को मिलती है। दिल्ली से कजाकिस्तान सबसे आसान इंटरनेशनल डेस्टिनेशन में से एक है। यहां के अल्माटी शहर के लिए सीधी फ्लाइट भी मिल जाती है, जिससे सफर सिर्फ 3–4 घंटे का होता है। यह कम बजट और जल्दी पहुंचने वाला अच्छा ऑप्शन माना जाता है, खासकर पहली बार इंटरनेशनल ट्रिप करने वालों के लिए।

5. मंगोलिया

A look at life as a traditional nomad in Mongolia

यह देश अपनी खुली घास के मैदानों और खानाबदोश संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां का एक्सपीरियंस बहुत अलग और शांत होता है। Ulaanbaatar शहर से बाहर का इलाका बेहद नेचुरल और शांत है। यहां आपको सच्चा “ऑफ बीट ट्रैवल” का एहसास मिलता है। मंगोलिया के लिए दिल्ली से सीधी फ्लाइट नहीं है। यहां पहुंचने के लिए सियोल या बीजिंग के जरिए कनेक्ट करना पड़ता है। कुल ट्रिप समय लगभग 10–14 घंटे का होता है। यह देश बेहद शांत और नेचर-लवर्स के लिए खास है।

6. कंबोडिया

Angkor Wat in India 20M Replica to Rise in Bihar | IBTimes

यह बहुत सस्ता और ऐतिहासिक देश है। Angkor Wat मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक कॉम्प्लेक्स है। यहां खाना, होटल और ट्रांसपोर्ट बहुत बजट में मिल जाता है। यहां का इतिहास और संस्कृति इसे खास बनाते हैं। कंबोडिया जाने के लिए दिल्ली से बैंकॉक या कुआलालंपुर के जरिए फ्लाइट लेनी पड़ती है। इसके बाद फ्नोम पेन्ह या सिएम रीप तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। कुल सफर लगभग 7–10 घंटे का होता है।

7. जॉर्जिया

जॉर्जिया में घूमने के लिए शीर्ष 15 स्थान – उज़बेकिस्तान और मध्य एशिया और काकेशस की यात्राएँ

यह यूरोप और एशिया का खूबसूरत ब्लेंड है। Tbilisi शहर बहुत अट्रैक्टिव और सस्ता है। यहां वाइन, पहाड़ और बर्फीले इलाके बहुत फेमस हैं। इंडियन के लिए यह आसान और सस्ता डेस्टिनेशन है। यहां हर कोना एक पोस्टकार्ड जैसा लगता है। जॉर्जिया के त्बिलिसी के लिए दिल्ली से सीधे फ्लाइट नहीं होती, लेकिन इस्तांबुल या दोहा के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। यात्रा का समय लगभग 7–10 घंटे रहता है। यह देश पहाड़ों, वाइन और खूबसूरत नजारों के लिए फेमस है।

8.आर्मेनिया

आर्मेनिया के लिए एक स्थानीय गाइड | कॉन्डे नास्ट ट्रैवलर इंडिया

यह छोटा लेकिन बहुत खूबसूरत देश है। येरेवन शहर अपनी संस्कृति और पुराने चर्चों के लिए जाना जाता है। यहां का खाना और लोकल ट्रैवल बहुत सस्ता है। यहां इतिहास और शांति दोनों का सुंदर ब्लेंड देखने को मिलता है। आर्मेनिया की राजधानी येरेवन के लिए दिल्ली से आमतौर पर दोहा या दुबई के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट मिलती है। ट्रिप लगभग 8–12 घंटे की होती है। यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत और शांत देश है।

9. लाओस

Laos Tourism High Definition Wallpaper 86456 - Baltana

यह साउथ-ईस्ट एशिया का शांत और कम भीड़ वाला देश है। यहां झरने, पहाड़ और नदी बहुत सुंदर हैं। Luang Prabang एक बहुत ही peaceful शहर है। यह बहुत बजट फ्रेंडली देश है और यहां का माहौल बेहद रिलैक्सिंग होता है। लाओस के लिए दिल्ली से सबसे आसान रूट बैंकॉक के जरिए है। पहले बैंकॉक पहुंचकर फिर विएंतियाने या लुआंग प्राबांग के लिए फ्लाइट मिलती है। कुल यात्रा समय लगभग 7–9 घंटे का रहता है।

10. मोरक्को

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यह अफ्रीका का कलरफुल और कल्चर से भरपूर देश है। Marrakech और Sahara Desert बहुत फेमस हैं। यहां बाजार, रेगिस्तान और ऐतिहासिक शहर बहुत अट्रैक्टिव हैं। यहां का हर एक्सपीरियंस आपको एक अलग दुनिया में ले जाता है। मोरक्को जाने के लिए दिल्ली से दोहा, दुबई या इस्तांबुल के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी होती है। कैसाब्लांका या माराकेश तक पहुंचने में लगभग 12–16 घंटे लगते हैं। यह देश अपने कलरफुल बाजारों और रेगिस्तान के लिए बहुत फेमस है।

ये सभी देश 2026 में इंडियन ट्रैवलर के लिए बजट फ्रेंडली, सेफ और एक्सपीरियंस से भरपूर हैं। हर देश का कल्चर, नेचर और एडवेंचर अलग है, जिससे हर ट्रिप एक नया एक्सपीरियंस बन जाती है। अगर आप कम बजट में इंटरनेशनल ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो ये डेस्टिनेशन आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकते हैं। यहां घूमने से न सिर्फ यादें बनती हैं बल्कि दुनिया को देखने का नजरिया भी बदल जाता है।