योगी सरकार, बुलेट की रफ्तार

  • बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
  • मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
  • उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
  • तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान

 

लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।

 

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति

26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।

 

मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

Ather का पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर इस दिन होगा लॉन्च, जानें कीमत

Ather Energy: अगर आप किफायती कीमत में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy 29 अगस्त को ‘Ather Community Day 2026’ पर अपना पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने जा रही है। खास बात यह है कि यह नया मॉडल कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। इस नए मॉडल के आने से Ather की इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज और मजबूत होगी। अभी कंपनी के पोर्टफोलियो में 450 और Rizta सीरीज के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं।

आने वाला यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर ₹1 लाख से ₹1.25 लाख की कीमत वाले सेगमेंट को टारगेट करेगा, जिससे कंपनी मास-मार्केट स्कूटर के क्षेत्र में अपना विस्तार करेगी।

बता दें कि EL प्लेटफॉर्म, 450 प्लेटफॉर्म के बाद एथर एनर्जी का पहला पूरी तरह से नया व्हीकल आर्किटेक्चर है। ज्यादा वर्सटैलिटी, स्केलेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए बनाया गया यह प्लेटफॉर्म, अलग-अलग सेगमेंट में कंपनी के भविष्य के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सपोर्ट करेगा। एथर एनर्जी के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म इसके मार्केट को बढ़ाने और ग्रोथ के अगले चरण की शुरुआत करने में मदद करेगा।

एथर एनर्जी के CEO ने सोशल मीडिया पर  क्या कहा?

X पर लॉन्च की घोषणा करते हुए, एथर एनर्जी के CEO और को-फाउंडर तरुण मेहता ने कहा कि नया एथर इलेक्ट्रिक स्कूटर टेक्नोलॉजी और व्हीकल आर्किटेक्चर में सालों के निवेश का नतीजा है।

मेहता ने कहा, “इस 29 अगस्त को, Ather Community Day पर, हम अपने बिल्कुल नए स्कूटर प्लेटफॉर्म पर बना मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सालों से उन चीजों को बनाने में धैर्यपूर्वक निवेश कर रहे हैं जो एक अच्छा स्कूटर बनाती हैं। हमने कई आर्किटेक्चर और टेक्नोलॉजी में नई शुरुआत की है। कभी-कभी समय से आगे, तो कभी-कभी शुरुआती इस्तेमाल करने वालों के लिए खास चीज के तौर पर।”

मेहता ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर इंडस्ट्री अब शुरुआती ग्राहकों से आगे बढ़कर आम खरीदारों तक पहुंचने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “एक दशक बीतने के बाद, EV टू-व्हीलर अब उस शुरुआती दौर से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। टेक्नोलॉजी सबके लिए तैयार है और फीचर्स सभी के लिए काम के होते जा रहे हैं। ये सिर्फ शुरुआती ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि असल में आम ग्राहकों के लिए हैं।”

मेहता के मुताबिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर को अपनाने का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि गाड़ी की ओनरशिप (मालिकाना हक) के पूरे अनुभव को कैसे बेहतर बनाया जाए।

उन्होंने कहा, अब EV को ग्राहकों की हर जरूरत को पूरा करना होगा। इसमें रीसेल वैल्यू (बिक्री के बाद मिलने वाली कीमत) से लेकर सर्विस में लगने वाला समय, खराब सड़कों पर आरामदायक सफर, गड्ढों से बचने की सुविधा, आसान चार्जिंग से लेकर फास्ट चार्जिंग तक की सभी चीजें शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “ग्राहकों को ऐसी सुरक्षा चाहिए जिसे वे देख और महसूस कर सकें, जिसे उनके माता-पिता भी समझ सकें और भरोसा कर सकें। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर पर सालों की मेहनत से तैयार की गई अंदरूनी सुरक्षा भी जरूरी है।”

मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करने के अलावा, Ather Community Day 2026 में टेक्नोलॉजी, चार्जिंग और ओनरशिप इकोसिस्टम से जुड़े नए इनोवेशन भी दिखाए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, EL प्लेटफॉर्म को सबसे पहले Ather Community Day 2025 के दौरान दिखाया गया था। इस इवेंट में कंपनी ने ‘रिडक्स’ (Redux) कॉन्सेप्ट व्हीकल, अपनी अगली पीढ़ी की फास्ट-चार्जिंग टेक्नोलॉजी और AtherStack 7.0 को भी पेश किया था।

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फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्ती पर बॉलीवुड के 25 सदाबहार गाने, हर दोस्त को आएंगे पसंद

friendship day 2026 25 best songs

बॉलीवुड में दोस्ती के रिश्ते को गानों के ज़रिए बेहद खूबसूरती से बयां किया गया है। पुराने दौर के सदाबहार नग़मों से लेकर आज के यूथफुल ट्रैक्स तक, यहाँ दोस्ती पर बॉलीवुड के 25 बेस्ट गाने दिए गए हैं जिन्हें आप अपनी फ्रेंडशिप डे प्लेलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

 

Evergreen Classics (सदाबहार गाने)

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे– शोले (किशोर कुमार, मन्ना डे)

तेरे जैसा यार कहाँ– याराना (किशोर कुमार)

बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा – दोस्ताना (मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार)

यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी – ज़ंजीर (मन्ना डे)

दीवानों से ये मत पूछो– उपकार (मुकेश)

दोस्त दोस्त ना रहा– संगम (मुकेश)

दोस्ती इम्तिहान लेती है- नसीब

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90s & Nostalgic Hits (90 के दशक की यादें)

यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन है – के.के. (KK – Album: Pal)

प्यार के पल (हम रहें या न रहें कल) – के.के. (KK)

अतरंगी यारी – वज़ीर (अमिताभ बच्चन, फरहान अख्तर)

हे श्योना / जाने क्यों दिल जानता है – दोस्ताना (2008) (विशाल-शेखर)

दिल चाहता है – दिल चाहता है (शंकर महादेवन)

 

Modern & Youth Favorites (आज के दौर के पसंदीदा)

तेरा यार हूँ मैं – सोनू के टीटू की स्विटी (अरिजीत सिंह)

नाच मेरी जान – ट्यूबलाइट (नकाश अज़ीज़)

हौले हौले से हवा चलती है / यारी – कॉकटेल (आतिफ असलम / शल्मली)

तुझको ही दुल्हन बनाऊंगा / बेपरवाह – फुकरे (विशाल डडलानी)

वेली की यारी / इश्क कुत्ता – देव डी

ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा (सूरज की बाहों में) – ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा

आओ मीलें शीलेन / तुझसे ही शुरू – जब वी मेट / अनजाना अनजानी

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Emotional & Meaningful (दिल को छू लेने वाले)

जाने नहीं देंगे तुझे– 3 इडियट्स (सोनू निगम)

गैंग्स ऑफ वासेपुर (इक्का दुख्का) / दुआ – 3 इडियट्स

कबीर सिंह (तेरा बन जाऊंगा का फ्रेंडशिप वर्जन) / तुझे कितना चाहने लगे

यार बिना चैन कहाँ रे – साहब (बप्पी लाहिड़ी)

दारू देसी – कॉकटेल (बेनी दयाल, शाल्मली खोलगड़े)

बदतमीज़ दिल (दोस्तों की मस्ती) – ये जवानी है दीवानी (बनी दयाल)

वीरे – वीरे दी वेडिंग (विशाल मिश्रा, अदिति सिंह शर्मा)

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इस फ्रेंडशिप डे पर अपने दोस्तों के साथ एक रोड ट्रिप या गेट-टुगेदर का प्लान बनाएं और बैकग्राउंड में यह प्लेलिस्ट चलाकर पुरानी यादें ताज़ा करें!

Who is Yash Vir Singh: बांस के भाले से शुरू की थी प्रैक्टिस…आज CWG 2026 जीता ब्रॉन्ज मेडल, जानें कौन है यश वीर सिंह

Who is Yash Vir Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। जैवलिन थ्रो के फाइनल में भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता तो वहीं यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। शुक्रवार को यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) थ्रो करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं, स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ 85.83 मीटर थ्रो किया और सिल्वर मेडल जीता। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज दोनों पदक जीता है। श्रीलंका के रुमेश थरंगा (89.75 मीटर) ने गोल्ड मेडल जीता है। यश वीर सिंह के यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। आइए जानते हैं कौन है यश वीर सिंह

पहली बार लिया हिस्सा

कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लेने वाले 24 वर्षीय यश वीर सिंह ने अपने आखिरी और छठे प्रयास में पर्सनल बेस्ट 85.41 मीटर का शानदार थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 83.72 मीटर था। इस जीत के साथ यश वीर उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष जैवलिन थ्रो में पदक जीता है। उनसे पहले नीरज चोपड़ा ने 2018 में गोल्ड और 2026 में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि काशीनाथ नाइक ने 2010 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

कौन है यश वीर सिंह

राजस्थान के जयपुर के रहने वाले यश वीर सिंह ने अपने खेल करियर की शुरुआत बास्केटबॉल से की थी। लेकिन बाद में उन्होंने भाला फेंक को अपना करियर बना लिया। शुरुआती दिनों में उन्होंने बांस से बने भाले से प्रैक्टिस किया और धीरे-धीरे प्रोफेशनल इक्विपमेंट के साथ ट्रेनिंग शुरू की। यश वीर सिंह के पिता राय सिंह से जैवलिन थ्रो से बारीकियां सिखी। यश के पिता खुद राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं। मेहनत और लगातार प्रैक्टिस का नतीजा यह रहा कि 2022 में यश ने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में 80 मीटर से ज्यादा भाला फेंककर नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

यश वीर ने किया शानदार प्रदर्शन

यश वीर सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सीनियर स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। साल 2025 में उन्होंने दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां 82.57 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पांचवें स्थान पर रहे। इसी बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें विश्व रैंकिंग के आधार पर 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी चुना गया, जहां उन्होंने जापान की राजधानी टोक्यो में भारत की ओर से हिस्सा लिया। वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा ले रहे यश ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्ती कब बदल जाती है प्यार में? जानिए 7 बड़े संकेत

friendship day type of friends

दोस्ती और प्यार के बीच की लकीर बहुत बारीक होती है। अक्सर जिन्हें हम अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हैं, धीरे-धीरे वही हमारे दिल के सबसे करीब आ जाते हैं। फ्रेंडशिप डे के इस खास मौके पर आइए समझते हैं उन साइकोलॉजिकल संकेतों को, जो यह बताते हैं कि आपकी बेफिक्र दोस्ती अब खूबसूरत प्यार का रूप ले रही है।

 

1. 'प्रायोरिटी' का अचानक बदल जाना

जब दोस्ती में सामने वाला व्यक्ति आपकी प्राथमिकता (Priority) की लिस्ट में सबसे ऊपर आ जाए- चाहे वो देर रात कोई काम हो या दिन की कोई छोटी-सी खुशखबरी- अगर सबसे पहला ख्याल उसी इंसान का आता है, तो समझ लीजिए कि भावनाओं का रंग बदल रहा है।

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2. बातों में 'मैं' और 'तुम' की जगह 'हम' का आना

जब आप अपने भविष्य, वीकेंड प्लान्स या किसी भी फैसले के बारे में सोचते हैं और उसमें अनायासी सामने वाले को शामिल करने लगते हैं, तो यह दोस्ती से एक कदम आगे बढ़कर एक साझे जीवन की ओर संकेत करता है।

 

3. जलन या असुरक्षा की हल्की सी भावना (Jealousy Factor)

दोस्ती में एक-दूसरे के क्रश या किसी तीसरे इंसान की बातें सुनकर हँसी-मज़ाक होता है। लेकिन जब वही बातें आपको थोड़ी असहज करने लगें, दिल में थोड़ी जलन या उसे खो देने का डर महसूस होने लगे, तो यह आकर्षण और पज़ेसिवनेस प्यार की निशानी है।

 

4. 'बॉडी लैंग्वेज' और 'आई कॉन्टैक्ट' में बदलाव

दोस्ती में आप बेपरवाह होते हैं, लेकिन जब दोस्ती प्यार में बदलने लगती है तो हिचकिचाहट और नज़ाकत आ जाती है।

 

  • एक-दूसरे से नज़रें चुराना या देर तक आँखें मिलाए रखना।
  • एक-दूसरे के करीब होने पर दिल की धड़कनों का बढ़ जाना।
  • अचानक अपनी एपीरियंस (Look) को लेकर कॉन्शियस हो जाना।

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5. गहरी भावनात्मक निर्भरता (Emotional Connect)

दोस्त से आप सुख-दुख साझा करते हैं, लेकिन प्यार में आप सामने वाले के मूड से खुद प्रभावित होने लगते हैं। अगर वह उदास है तो आपकी हँसी गायब हो जाती है, और उसकी एक मुस्कान आपका पूरा दिन बना देती है।

 

6. कमियों के साथ स्वीकार कर लेना

जब आप उसकी हर गलती, कमी और सनक (Flaws) को बिना किसी जजमेंट के स्वीकार करने लगते हैं और उसकी सुरक्षा (Care & Concern) की चिंता खुद से ज्यादा होने लगती है, तो यह दोस्ती का सबसे परिपक्व और पवित्र प्यार वाला रूप है।

 

एक्सपर्ट टिप:

यदि आपको अपने किसी खास दोस्त में ये बदलाव नज़र आ रहे हैं, तो जल्दबाज़ी न करें। दोस्ती के इस रिश्ते में मिलने वाला आराम (Comfort Zone) ही सबसे मजबूत रिलेशनशिप की नींव बनता है। सही समय देखकर अपने दिल की बात बयाँ करें!

 

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल अफसर बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा कल, परीक्षा से पहले समझ लें मार्किंग स्कीम

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी सीएमएस परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (CMS) की है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आयोजित करता है। इस साल यह परीक्षा कल यानी 02 अगस्त 2026 को पहले से निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी। इसमें अंतिम रूप से सफल उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के हॉस्पिटल में सीधे क्लास-1 मेडिकल ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया जाता है। इससे रेलवे, एमसीडी और केंद्र सरकार के विभिन्न स्वास्थ्य विभागों में नौकरी का अवसर मिलता है।

यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा परीक्षा 2 चरणों में होती है। कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (500 अंक) और पर्सनालिटी टेस्ट/इंटरव्यू (100 अंक) के होते हैं। इसकी लिखित परीक्षा में 2 पेपर होते हैं जो एक ही दिन आयोजित किए जाते हैं और दोनों की अवधि 2-2 घंटे होती है। फाइनल मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कुल 600 अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा देने जाने से पहले परीक्षार्थियों को परीक्षा का मार्किें पैटर्न और परीक्षा पैटर्न समझ लेना चाहिए, ताकि उन्हें बाद में किसी तरह की दिक्कत न हो।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम

पेपर-1 (250 अंक) में कुल 120 ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रश्न होते हैं, जिनमें 96 सवाल जनरल मेडिसिन और 24 सवाल पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) से पूछे जाते हैं।

पेपर-2 (250 अंक) में भी 120 प्रश्न होते हैं। इन्हें सर्जरी, गायनिकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स और कम्युनिटी मेडिसिन/PSM में बराबर-बराबर (40-40 सवाल) बांटा गया है।

मार्किंग स्कीम : परीक्षार्थियों को हर गलत जवाब पर एक-तिहाई (1/3rd या 0.33) अंक की निगेटिव मार्किंग का सामना करना होगा। वहीं, बिना हल किए छोड़ दिए गए सवालों पर कोई पेनल्टी नहीं लगती।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा आखिरी दिन की तैयारी

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा परीक्षा से एक दिन पहले अब कोई भी नया टॉपिक पढ़ने या समझने का वक्त नहीं है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि

नया कुछ न पढ़ें : आखिरी समय में कोई भी नई थ्योरी या टॉपिक पढ़ने की गलती न करें। इससे कन्फ्यूजन बढ़ेगा।

क्विक रिवीजन : आपने जो शॉर्ट नोट्स या फॉर्मूले बनाए हैं, बस उन्हें ही सरसरी नजर से देखें।

पूरी नींद लें : रात को कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें, जिससे एग्जाम हॉल में दिमाग तेजी से काम करे।

परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी गाइडलाइंस

  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा हॉल में की गई एक छोटी सी गलती भी करियर पर भारी पड़ सकती है। इसलिए परीक्षा केंद्र के सभी नियम-कायदे समझना जरूरी है :
  • अपने e-Admit Card का प्रिंटआउट और एक ओरिजिनल फोटो आईडी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) साथ रखना न भूलें।
  • गेट बंद होने के तय समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले सेंटर पहुंचें। देर से पहुंचने पर किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगी।
  • मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाना सख्त मना है।
  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है। इसलिए जिन सवालों पर भरोसा हो, उन्हें पहले करें। तुक्का मारने से बचें, गलत जवाब से नंबर कट सकते हैं। टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें, हर सेक्शन को तय समय में पूरा करें।

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्ती के ये 6 अवतार जानकर दंग रह जाएंगे आप

frinendship day 2026

दोस्ती का कोई एक रंग नहीं होता- यह तो सतरंगी गुलाल है! कभी बेपरवाह टांग खिंचाई, तो कभी ढाल बनकर साथ खड़े रहने का हौसला। कभी खट्टी-मीठी चटपटी, तो कभी सुकून देने वाली मीठी चाय जैसी। सच कहें तो हर दोस्ती अपने आप में एक अलग ही वाइब (Vibe) लेकर आती है। इस फ्रेंडशिप डे 2026 पर चलिए करते हैं दोस्ती के 6 अनोखे 'अवतारों' की एक मजेदार सैर!

 

1. 'बिज़नेस पार्टनर' वाली गाढ़ी दोस्ती

यह सिर्फ पैसों या काम का सौदा नहीं, बल्कि अटूट भरोसे पर टिकी एक ऐसी केमिस्ट्री है जहाँ दो दिमाग एक दिशा में सोचते हैं। जब दो दोस्त मिलकर कोई बिज़नेस खड़ा करते हैं, तो वे किसी सगे भाई-बहन से भी बढ़कर हो जाते हैं। अब आप इन्हें 'पार्टनर्स' कहें, 'फाउंडर्स' कहें या फिर 'लंगोटिया यार', इनकी ट्यूनिंग का कोई तोड़ नहीं होता!

 

2. '9-टू-5' का मरहम: लंच ब्रेक वाली दोस्ती

फाइलों के पहाड़, बॉस की डांट, टारगेट का प्रेशर या फिर घर की किचकिच—कॉलेज के बाद अगर कोई चीज़ कॉर्पोरेट लाइफ में बचाती है, तो वो है 'लंच टाइम गैंग'।

लंच के 30 मिनट में यहाँ सिर्फ टिफिन नहीं खुलते, बल्कि दिल के सारे दर्द बंट जाते हैं। यही वो जगह है जहाँ कोई सहयोगी आपके अटके सरकारी काम की जुगाड़ मिनटों में निकाल देता है या आपके पर्सनल संकट का एक्सपर्ट सॉल्यूशन दे देता है।

 

3. 'अरे! तुम्हें भी यह पसंद है?' वाली सिमिलर-वाइब दोस्ती

इस दोस्ती की शुरुआत सिर्फ एक जुमले से होती है—”क्या बात कर रहे हो, तुम्हें भी यह पसंद है?”

चाहे किसी हॉलीवुड मूवी की सनक हो, हैरी पॉटर का जादू, वही पुराना राइटर, या फिर स्ट्रीट फूड का सेम क्रेज़! बस जहाँ आपकी पसंद मैच हुई, वहीं बिना किसी मेहनत के एक नई और दिलचस्प 'हॉबी वाली दोस्ती' की शुरुआत हो जाती है।

 

4. 'डिजिटल दौर' वाली नो-बाउंड्री दोस्ती

टेक्नोलॉजी के पंखों पर सवार यह दोस्ती मीलों की दूरियों को पलक झपकते मिटा देती है। 80 के दशक के बिछड़े क्लासमेट्स हों या सरहद पार बैठा कोई अनजान साथी—इंटरनेट ने सबको एक धागे में पिरो दिया है। आपकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जहाँ एक तरफ 75 साल के दादू की 'फ्रेंड रिक्वेस्ट' होती है, वहीं दूसरी तरफ 7 साल की छोटी भानजी का 'हार्ट इमोजी'!

 

5. नॉस्टैल्जिया का खजाना: स्कूल-कॉलेज वाली दोस्ती

यह दोस्ती का 'गोल्डन एरा' है—सबसे निश्चल, सबसे बेफिक्र!

किताबों में मोर का पंख छुपाने से लेकर, चाय-समोसे की 'कॉन्ट्री', रात-रात भर जागकर नोट्स की जुगाड़ और एक-दूसरे के कपड़े-जूते मांगकर पहनना… यह सब इसी दौर की देन है। इस दोस्ती की पार्टियां भले ही बजट-फ्रेंडली हों, लेकिन इनका 'धूम-धड़ाका' और यादें पूरी ज़िंदगी के लिए अनलिमिटेड होती हैं।

 

6. 'गली-मोहल्ले' वाली साझी दोस्ती

भर दोपहर में छत पर धूप से बचने का जुगाड़ हो, या संकरी गली में साइकिल को स्टंप बनाकर क्रिकेट खेलना—यह दोस्ती भारत के हर मोहल्ले की जान है। कटोरी लेकर पड़ोसी के घर से चीनी या अचार मांग लाना हो, या किसी एक के घर की शादी में पूरे मोहल्ले के अंकल-आंटी का अपना घर समझकर काम में जुट जाना। जैसे छत पर सूखते अमचूर पर पूरे मोहल्ले के बच्चों का हक होता है, ठीक वैसे ही इस दोस्ती पर पूरे इलाके का प्यार होता है!

 

चलते-चलते:

आपकी लाइफ में इनमें से कौन-कौन से दोस्त मौजूद हैं? इस फ्रेंडशिप डे पर उन्हें यह आलेख टैग करके शुक्रिया कहना मत भूलिएगा!

Honda CB500 price and launch timeline details revealed

Honda CB500 price and launch timeline details revealed

The CB500 was one of the hot-ticket reveals from Honda Motorcycle and Scooter India (HMSI) recently and it enters a segment of the market where it will sit virtually in a class of its own. The CB500 is based on the same platform as the CB350 line of bikes but with nuanced differences. 

  1. Powered by a 501cc, long-stroke thumper
  2. Launch likely to happen around October-November
  3. Likely to slot in between Harley-Davidson X440 and RE Interceptor 650

Powered by a 501cc, air/oil-cooled, single-cylinder engine making 28hp and 43.3Nm of torque, the CB500 sits virtually in a league of its own, occupying the space vacated by the erstwhile Royal Enfield 500cc models. While the CB350 models have competitive pricing, sitting around the Rs 2 lakh ballpark (ex-showroom, Delhi), the CB500 will be considerably more expensive. 

This is partly due to the larger engine and additional features but a large contributing factor is the higher GST rate. The new regime taxes two-wheelers above 350cc at 40 percent, which is more than double the 18 percent tax levied on machines below that mark. 

As a result, it is likely that the CB500 will slot into the market between Rs 2.80 lakh – Rs 3.00 lakh (ex-showroom) upon its launch, which is likely to take place in October-November 2026. While this is sure to relegate it to a niche audience, the CB500 – on paper, at least – promises a unique riding experience in today’s marketplace. 

Upon launch, there will be three variants on offer. The base CB500 will come with simple colours and alloy wheels, the mid-spec variant will have metallic finish solid paint and cross-spoke rims permitting tubeless tyres and the top model will have exclusive colours and graphics as well as those aforementioned laced rims. 

The nearest challengers to the CB500 are the Hero-built Harley-Davidson X440 models (Rs 2.35 lakh – Rs 2.85 lakh), although the X440s use a smaller engine with lesser torque. At its price point, the CB500 will slot in below the Royal Enfield 650s, which start at Rs 3.39 lakh (ex-showroom, Chennai) with the Interceptor 650

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

IBPS Clerk Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) सरकारी नौकरी का अवसर देने जा रहा है। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती परीक्षा का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 01 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज से क्लर्क (CRP CSA-XVI) पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईबीपीएस द्वारा आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंकों में 11,403 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कैंडिडेट के पास आवेदन करने के लिए 21 अगस्त तक का समय है।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट शामिल हैं। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती की प्रीलिम्स परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर, 2026 को होनी है, जबकि मुख्य परीक्षा 27 दिसंबर 2026 को होगी।

अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें

कैंडिडेट वैकेंसी, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दूसरी जरूरी जानकारी आईबीपीएस की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत नोटिफिकेशन देख सकते हैं।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 योग्यता का पैमाना

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के तहत कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • CRP CSA-XVI रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • एक वैलिड ईमेल ID और मोबाइल नंबर डालें।
  • जरूरी डिटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को आखिरी तारीख से पहले आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। फीस ऑनलाइन पे करनी होगी और यह रिफंडेबल नहीं है। नीचे फीस की जानकारी देखें :

जनरल और अन्य : Rs 850

SC, ST, और PwD: Rs 175

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026: भाग लेने वाले बैंक

भर्ती में भाग लेने वाले पब्लिक सेक्टर बैंक हैं, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

Bosch Ltd वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 270 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह में 4 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। इसका मतलब है कि अगर पहले से शेयरहोल्डर नहीं हैं तो पात्र बनने के लिए बॉश के शेयर की खरीद 3 अगस्त को मार्केट क्लोज होने से पहले करनी होगी।

Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।

बॉश के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। फाइनल डिविडेंड पर 11 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 14 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Bosch का शेयर 3 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत

बॉश के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 41088.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से भी ज्यादा हो चुका है। जून महीने में ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया था। रेटिंग ‘सेल’ से बढ़ाकर सीधा ‘बाय’ कर दी। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया।

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मार्च तिमाही में मुनाफा रहा 568 करोड़ रुपये

कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।